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CBSE Class 10 · Hindi A · board exam 2027

CBSE Class 10 Hindi A Question Paper 2026

The board’s 2026 question paper, set 3/1/2 — all 43 questions as printed; 13 objective answers from the board’s own key; full model answers for 3 written questions, how the answer begins for 26 more. Each question names its chapter, where that chapter’s most-asked questions are.

Full marks 80 · Time 3 h

Section A · Objective questions (10)

  1. ऊधो! तुम हौ अति बड़भागी। अपरस रहत स्नेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरागी। पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी। ज्यों जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौँ लागी। प्रीति-नदी मैं पाऊँ न बोरयौ, दृष्टि न रूप परागी। ‘सूरदास’ अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यों पागी।। ‘ज्यों जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौँ लागी ।’ पंक्ति के द्वारा क्या स्पष्ट होता है?

    • (A) श्रीकृष्ण का मन प्रेम से अछूता रहा ।
    • (B) उद्धव का मन प्रेम से अछूता रहा । ✓
    • (C) गोपियाँ प्रेम रूपी रस से अछूती रहीं ।
    • (D) तेल से युक्त मटकी पर जल का प्रभाव नहीं होता ।

    Answer (the board’s key): (B)

  2. ऊधो! तुम हौ अति बड़भागी। अपरस रहत स्नेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरागी। पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी। ज्यों जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौँ लागी। प्रीति-नदी मैं पाऊँ न बोरयौ, दृष्टि न रूप परागी। ‘सूरदास’ अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यों पागी।। कृष्ण-प्रेम में डूबी गोपियों की तुलना किससे की गई है? उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. कमल के पत्ते से II. जल में पड़े तेल चुपड़े घड़े से III. गुड़ से चिपटी चींटियों से विकल्प :

    • (A) केवल III सही है । ✓
    • (B) केवल I सही है ।
    • (C) I और III दोनों सही हैं ।
    • (D) II और III दोनों सही हैं ।

    Answer (the board’s key): (A)

  3. Q 7(iii)Objective1 markCh. 1: पद (सूरदास)

    ऊधो! तुम हौ अति बड़भागी। अपरस रहत स्नेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरागी। पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी। ज्यों जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौँ लागी। प्रीति-नदी मैं पाऊँ न बोरयौ, दृष्टि न रूप परागी। ‘सूरदास’ अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यों पागी।। प्रस्तुत पद के आधार पर सूरदास के काव्य के बारे में कहा जा सकता है। उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. सहज उपमाओं द्वारा गूढ़ भाव व्यक्त किए गए हैं। II. उनके काव्य में केवल दार्शनिक चिंतन है। III. उनका काव्य बहुत अधिक अलंकृत और सजावटी है। IV. योग साधना से अधिक कृष्ण-प्रेम को महत्त्व दिया गया है। विकल्प :

    • (A) I और II सही हैं ।
    • (B) III और IV सही हैं ।
    • (C) II और III सही हैं ।
    • (D) I और IV सही हैं । ✓

    Answer (the board’s key): (D)

  4. ऊधो! तुम हौ अति बड़भागी। अपरस रहत स्नेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरागी। पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी। ज्यों जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौँ लागी। प्रीति-नदी मैं पाऊँ न बोरयौ, दृष्टि न रूप परागी। ‘सूरदास’ अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यों पागी।। निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : कथन : गोपियाँ उद्धव को ‘बड़भागी’ कहते हुए वास्तव में ‘भाग्यहीन’ बता रही हैं। कारण : वे योग का संदेश लेकर आए हैं।

    • (A) कथन सही है परंतु कारण गलत है ।
    • (B) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
    • (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है ।
    • (D) कारण और कथन दोनों सही हैं परंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है । ✓

    Answer (the board’s key): (D)

  5. ऊधो! तुम हौ अति बड़भागी। अपरस रहत स्नेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरागी। पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी। ज्यों जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौँ लागी। प्रीति-नदी मैं पाऊँ न बोरयौ, दृष्टि न रूप परागी। ‘सूरदास’ अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यों पागी।। गोपियों के अनुसार ‘कृष्ण’ किसके समान हैं?

    • (A) प्रेम-भाव से भरी नदी के समान ✓
    • (B) स्नेह के स्पर्श से भी दूर
    • (C) कमल के पत्तों सरीखे
    • (D) अनुरागी मन वाले ‘बड़भागी’

    Answer (the board’s key): (A)

  6. किसी दिन एक शिष्या ने डरते-डरते खाँ साहब को टोका, "बाबा! आप यह क्या करते हैं, इतनी प्रतिष्ठा है आपकी। अब तो आपको भारत रत्न भी मिल चुका है, यह फटी तहमत न पहनें। अच्छा नहीं लगता, जब भी कोई आता है आप इसी फटी तहमत में सबसे मिलते हैं।" खाँ साहब मुस्कराए। लाड़ से भरकर बोले, "धत्! पगली! ई भारत रत्न हमको शहनईया पे मिला है, लुंगिया पे नाहीं। तुम लोगों की तरह बनाव सिंगार देखते रहते, तो उमर ही बीत जाती, हो चुकती शहनई। तब क्या खाक रियाज़ हो पाता। ठीक है बिटिया, आगे से नहीं पहनेंगे, मगर इतना बताई देते हैं कि मालिक से यही दुआ है फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।" शिष्या द्वारा बिस्मिल्ला खाँ को टोकने के पीछे कौन-से कारण थे? उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. शिष्या को फटी तहमत के कारण शर्म आ रही थी। II. शिष्या खाँ साहब की प्रतिष्ठा के लिए चिंतित थी। III. खाँ साहब बनाव-श्रृंगार को विशेष महत्त्व नहीं देते थे। IV. शिष्या खाँ साहब के प्रति आत्मीयता का भाव रखती थी। विकल्प : (A) कथन I और III सही हैं। (B) कथन I और IV सही हैं। (C) कथन II और IV सही हैं। (D) कथन II और III सही हैं।

    • (A) कथन I और III सही हैं।
    • (B) कथन I और IV सही हैं।
    • (C) कथन II और IV सही हैं। ✓
    • (D) कथन II और III सही हैं।

    Answer (the board’s key): (C)

  7. किसी दिन एक शिष्या ने डरते-डरते खाँ साहब को टोका, "बाबा! आप यह क्या करते हैं, इतनी प्रतिष्ठा है आपकी। अब तो आपको भारत रत्न भी मिल चुका है, यह फटी तहमत न पहनें। अच्छा नहीं लगता, जब भी कोई आता है आप इसी फटी तहमत में सबसे मिलते हैं।" खाँ साहब मुस्कराए। लाड़ से भरकर बोले, "धत्! पगली! ई भारत रत्न हमको शहनईया पे मिला है, लुंगिया पे नाहीं। तुम लोगों की तरह बनाव सिंगार देखते रहते, तो उमर ही बीत जाती, हो चुकती शहनई। तब क्या खाक रियाज़ हो पाता। ठीक है बिटिया, आगे से नहीं पहनेंगे, मगर इतना बताई देते हैं कि मालिक से यही दुआ है फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।" बिस्मिल्ला खाँ द्वारा अपनी शिष्या को 'धत्! पगली' कहकर संबोधित करने में कौन-सा भाव प्रकट होता है?

    • (A) हास का
    • (B) स्नेह का ✓
    • (C) क्रोध का
    • (D) उपहास का

    Answer (the board’s key): (B)

  8. किसी दिन एक शिष्या ने डरते-डरते खाँ साहब को टोका, "बाबा! आप यह क्या करते हैं, इतनी प्रतिष्ठा है आपकी। अब तो आपको भारत रत्न भी मिल चुका है, यह फटी तहमत न पहनें। अच्छा नहीं लगता, जब भी कोई आता है आप इसी फटी तहमत में सबसे मिलते हैं।" खाँ साहब मुस्कराए। लाड़ से भरकर बोले, "धत्! पगली! ई भारत रत्न हमको शहनईया पे मिला है, लुंगिया पे नाहीं। तुम लोगों की तरह बनाव सिंगार देखते रहते, तो उमर ही बीत जाती, हो चुकती शहनई। तब क्या खाक रियाज़ हो पाता। ठीक है बिटिया, आगे से नहीं पहनेंगे, मगर इतना बताई देते हैं कि मालिक से यही दुआ है फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।" निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : कथन : बिस्मिल्ला खाँ ईश्वर से सच्चे सुरों की प्रार्थना करते थे। कारण : भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित होने के कारण वे अधिक विनम्र हो गए थे। (A) कथन सही है परंतु कारण गलत है। (B) कथन और कारण दोनों गलत हैं। (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है। (D) कथन और कारण दोनों सही हैं परंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है।

    • (A) कथन सही है परंतु कारण गलत है। ✓
    • (B) कथन और कारण दोनों गलत हैं।
    • (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।
    • (D) कथन और कारण दोनों सही हैं परंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है।

    Answer (the board’s key): (A)

  9. किसी दिन एक शिष्या ने डरते-डरते खाँ साहब को टोका, "बाबा! आप यह क्या करते हैं, इतनी प्रतिष्ठा है आपकी। अब तो आपको भारत रत्न भी मिल चुका है, यह फटी तहमत न पहनें। अच्छा नहीं लगता, जब भी कोई आता है आप इसी फटी तहमत में सबसे मिलते हैं।" खाँ साहब मुस्कराए। लाड़ से भरकर बोले, "धत्! पगली! ई भारत रत्न हमको शहनईया पे मिला है, लुंगिया पे नाहीं। तुम लोगों की तरह बनाव सिंगार देखते रहते, तो उमर ही बीत जाती, हो चुकती शहनई। तब क्या खाक रियाज़ हो पाता। ठीक है बिटिया, आगे से नहीं पहनेंगे, मगर इतना बताई देते हैं कि मालिक से यही दुआ है फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।" इस गद्यांश के आधार पर खाँ साहब की विशेषताएँ हैं। उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. परिश्रमी II. प्रतिभावान III. सरल विकल्प : (A) I, II और III तीनों (B) I और II दोनों (C) II और III दोनों (D) I और III दोनों

    • (A) I, II और III तीनों ✓
    • (B) I और II दोनों
    • (C) II और III दोनों
    • (D) I और III दोनों

    Answer (the board’s key): (A)

  10. किसी दिन एक शिष्या ने डरते-डरते खाँ साहब को टोका, "बाबा! आप यह क्या करते हैं, इतनी प्रतिष्ठा है आपकी। अब तो आपको भारत रत्न भी मिल चुका है, यह फटी तहमत न पहनें। अच्छा नहीं लगता, जब भी कोई आता है आप इसी फटी तहमत में सबसे मिलते हैं।" खाँ साहब मुस्कराए। लाड़ से भरकर बोले, "धत्! पगली! ई भारत रत्न हमको शहनईया पे मिला है, लुंगिया पे नाहीं। तुम लोगों की तरह बनाव सिंगार देखते रहते, तो उमर ही बीत जाती, हो चुकती शहनई। तब क्या खाक रियाज़ हो पाता। ठीक है बिटिया, आगे से नहीं पहनेंगे, मगर इतना बताई देते हैं कि मालिक से यही दुआ है फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।" 'मालिक फटा सुर न बख्शें' का क्या आशय है?

    • (A) ईश्वर उनके वादन में सुरीलापन सदैव बनाए रखे। ✓
    • (B) ईश्वर उनके गायन में सुरीलापन सदैव बनाए रखे।
    • (C) ईश्वर की अनुकंपा सदैव बनी रही।
    • (D) ईश्वर किसी को बेसुरा न बनाए।

    Answer (the board’s key): (A)

Section B · Written questions (33)

  1. गाँव में वो दिन था इतवार। मैं नन्हीं पीढ़ी का हाथ थाम निकल गई बाज़ार। सूखे दरख़्तों के बीच देख एक पतली पगडंडी मैंने नन्हीं पीढ़ी से कहा देखो, यही थी कभी गाँव की नदी। आगे देख ज़मीन पर बड़ी सी दरार मैंने कहा, इसी में समा गए सारे पहाड़। नन्हीं पीढ़ी दौड़ी : हम आ गए बाज़ार ! क्या-क्या लेना है? पूछने लगा दुकानदार। भैया ! थोड़ी बारिश, थोड़ी गीली मिट्टी, एक बोतल नदी, वो डिब्बाबंद पहाड़ उधर दीवार पर टँगी एक प्रकृति भी दे दो, और ये बारिश इतनी महँगी क्यों? दुकानदार बोला : यह नमी यहाँ की नहीं ! दूसरे ग्रह से आई है, मंदी है, छटाँक भर मँगाई है। पैसे निकालने को साड़ी की कोर टटोली चौंकी! देखा आँचल की गाँठ में रुपयों की जगह पूरा वजूद मुड़ा पड़ा था... नदी के बोतल में और पहाड़ के डिब्बाबंद होने का क्या अर्थ है?

    • (A) भविष्य की आशंकाओं के चित्र खींचना
    • (B) पर्यावरण के प्रति मनुष्य की उपेक्षा दिखाना
    • (C) बाज़ारीकरण की भयावहता स्पष्ट करना
    • (D) जीवन से प्रकृति और उसका साहचर्य गायब होना ✓

    Answer (the board’s key): (D)

  2. गाँव में वो दिन था इतवार। मैं नन्हीं पीढ़ी का हाथ थाम निकल गई बाज़ार। सूखे दरख़्तों के बीच देख एक पतली पगडंडी मैंने नन्हीं पीढ़ी से कहा देखो, यही थी कभी गाँव की नदी। आगे देख ज़मीन पर बड़ी सी दरार मैंने कहा, इसी में समा गए सारे पहाड़। नन्हीं पीढ़ी दौड़ी : हम आ गए बाज़ार ! क्या-क्या लेना है? पूछने लगा दुकानदार। भैया ! थोड़ी बारिश, थोड़ी गीली मिट्टी, एक बोतल नदी, वो डिब्बाबंद पहाड़ उधर दीवार पर टँगी एक प्रकृति भी दे दो, और ये बारिश इतनी महँगी क्यों? दुकानदार बोला : यह नमी यहाँ की नहीं ! दूसरे ग्रह से आई है, मंदी है, छटाँक भर मँगाई है। पैसे निकालने को साड़ी की कोर टटोली चौंकी! देखा आँचल की गाँठ में रुपयों की जगह पूरा वजूद मुड़ा पड़ा था... निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए : कथन : कवयित्री अपने वजूद को मुड़ा हुआ पाती हैं। कारण : वह प्रकृति के बिना अपने अस्तित्व को खतरे में पाती हैं।

    • (A) कथन सही है किंतु कारण गलत है।
    • (B) कथन और कारण दोनों गलत हैं।
    • (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है। ✓
    • (D) कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है।

    Answer (the board’s key): (C)

  3. गाँव में वो दिन था इतवार। मैं नन्हीं पीढ़ी का हाथ थाम निकल गई बाज़ार। सूखे दरख़्तों के बीच देख एक पतली पगडंडी मैंने नन्हीं पीढ़ी से कहा देखो, यही थी कभी गाँव की नदी। आगे देख ज़मीन पर बड़ी सी दरार मैंने कहा, इसी में समा गए सारे पहाड़। नन्हीं पीढ़ी दौड़ी : हम आ गए बाज़ार ! क्या-क्या लेना है? पूछने लगा दुकानदार। भैया ! थोड़ी बारिश, थोड़ी गीली मिट्टी, एक बोतल नदी, वो डिब्बाबंद पहाड़ उधर दीवार पर टँगी एक प्रकृति भी दे दो, और ये बारिश इतनी महँगी क्यों? दुकानदार बोला : यह नमी यहाँ की नहीं ! दूसरे ग्रह से आई है, मंदी है, छटाँक भर मँगाई है। पैसे निकालने को साड़ी की कोर टटोली चौंकी! देखा आँचल की गाँठ में रुपयों की जगह पूरा वजूद मुड़ा पड़ा था... कविता के मुख्य भाव को प्रस्तुत करने वाले विकल्प हैं। उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. बाज़ारीकरण का बढ़ता प्रभाव II. प्रकृति की उपेक्षा III. भावी पीढ़ी का भय विकल्प :

    • (A) केवल III सही है।
    • (B) केवल II सही है।
    • (C) I और III सही हैं।
    • (D) I और II सही हैं। ✓

    Answer (the board’s key): (D)

  4. गाँव में वो दिन था इतवार। मैं नन्हीं पीढ़ी का हाथ थाम निकल गई बाज़ार। सूखे दरख़्तों के बीच देख एक पतली पगडंडी मैंने नन्हीं पीढ़ी से कहा देखो, यही थी कभी गाँव की नदी। आगे देख ज़मीन पर बड़ी सी दरार मैंने कहा, इसी में समा गए सारे पहाड़। नन्हीं पीढ़ी दौड़ी : हम आ गए बाज़ार ! क्या-क्या लेना है? पूछने लगा दुकानदार। भैया ! थोड़ी बारिश, थोड़ी गीली मिट्टी, एक बोतल नदी, वो डिब्बाबंद पहाड़ उधर दीवार पर टँगी एक प्रकृति भी दे दो, और ये बारिश इतनी महँगी क्यों? दुकानदार बोला : यह नमी यहाँ की नहीं ! दूसरे ग्रह से आई है, मंदी है, छटाँक भर मँगाई है। पैसे निकालने को साड़ी की कोर टटोली चौंकी! देखा आँचल की गाँठ में रुपयों की जगह पूरा वजूद मुड़ा पड़ा था... ‘नन्हीं पीढ़ी’ का अर्थ स्पष्ट करते हुए लिखिए कि उसे साथ लेकर जाने का क्या कारण था?

    Medha Ma’am

    Medha Ma’am

    AskMedha’s AI teacher

    Model answer · unseen poem, nature destruction

    1. 1.(i) (D) जीवन से प्रकृति और उसका साहचर्य गायब होना1 mark
    2. 2.(ii) (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।1 mark
    3. 3.(iii) (D) I और II सही हैं।1 mark
    4. 4.(iv) 'नन्हीं पीढ़ी' का अर्थ है भावी पीढ़ी, अर्थात् बच्चे। कवयित्री उसे साथ इसलिए ले गई ताकि उसे दिखा सके कि जहाँ आज सूखी पगडंडी और दरार है, वहाँ कभी नदी और पहाड़ थे। इस प्रकार वह भावी पीढ़ी को प्रकृति के विनाश और उसके खतरों से सचेत करना चाहती थी, उसके मन में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और प्रकृति-संरक्षण की भावना जगाना चाहती थी तथा उसे बाज़ारीकरण के खतरों से भी परिचित कराना चाहती थी।2 marks
    5. 5.(v) कविता प्रकृति के विनाश और उसके बाज़ारीकरण के खतरों की ओर इशारा करती है। इनसे बचने के दो प्रभावी उपाय ये हैं— 1. पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने वाले कार्यक्रम, जैसे नुक्कड़ नाटक और जागरूकता रैलियाँ, आयोजित किए जाएँ, ताकि लोग प्रकृति का महत्त्व समझें। 2. बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जाए और नदियों तथा पहाड़ों का अंधाधुंध दोहन रोककर उनका संरक्षण किया जाए।2 marks
    • प्रश्न (iv) के दोनों भाग लिखिए: पहले 'नन्हीं पीढ़ी' का अर्थ (भावी पीढ़ी या बच्चे), फिर उसे साथ ले जाने का कारण।
    • प्रश्न (v) में दो अलग-अलग उपाय क्रम से लिखिए, जैसे जागरूकता कार्यक्रम (नुक्कड़ नाटक) और वृक्षारोपण।
    • बहुविकल्पी प्रश्नों में विकल्प का अक्षर और उसका पूरा उत्तर दोनों लिखिए।

    Marks split as in the board’s published marking scheme

  5. गाँव में वो दिन था इतवार। मैं नन्हीं पीढ़ी का हाथ थाम निकल गई बाज़ार। सूखे दरख़्तों के बीच देख एक पतली पगडंडी मैंने नन्हीं पीढ़ी से कहा देखो, यही थी कभी गाँव की नदी। आगे देख ज़मीन पर बड़ी सी दरार मैंने कहा, इसी में समा गए सारे पहाड़। नन्हीं पीढ़ी दौड़ी : हम आ गए बाज़ार ! क्या-क्या लेना है? पूछने लगा दुकानदार। भैया ! थोड़ी बारिश, थोड़ी गीली मिट्टी, एक बोतल नदी, वो डिब्बाबंद पहाड़ उधर दीवार पर टँगी एक प्रकृति भी दे दो, और ये बारिश इतनी महँगी क्यों? दुकानदार बोला : यह नमी यहाँ की नहीं ! दूसरे ग्रह से आई है, मंदी है, छटाँक भर मँगाई है। पैसे निकालने को साड़ी की कोर टटोली चौंकी! देखा आँचल की गाँठ में रुपयों की जगह पूरा वजूद मुड़ा पड़ा था... कविता जिन खतरों की ओर इशारा कर रही है उनसे बचने के दो प्रभावी उपाय लिखिए।

    Medha Ma’am

    Medha Ma’am

    AskMedha’s AI teacher

    Model answer · unseen poem, nature destruction

    1. 1.(i) (D) जीवन से प्रकृति और उसका साहचर्य गायब होना1 mark
    2. 2.(ii) (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।1 mark
    3. 3.(iii) (D) I और II सही हैं।1 mark
    4. 4.(iv) 'नन्हीं पीढ़ी' का अर्थ है भावी पीढ़ी, अर्थात् बच्चे। कवयित्री उसे साथ इसलिए ले गई ताकि उसे दिखा सके कि जहाँ आज सूखी पगडंडी और दरार है, वहाँ कभी नदी और पहाड़ थे। इस प्रकार वह भावी पीढ़ी को प्रकृति के विनाश और उसके खतरों से सचेत करना चाहती थी, उसके मन में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और प्रकृति-संरक्षण की भावना जगाना चाहती थी तथा उसे बाज़ारीकरण के खतरों से भी परिचित कराना चाहती थी।2 marks
    5. 5.(v) कविता प्रकृति के विनाश और उसके बाज़ारीकरण के खतरों की ओर इशारा करती है। इनसे बचने के दो प्रभावी उपाय ये हैं— 1. पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने वाले कार्यक्रम, जैसे नुक्कड़ नाटक और जागरूकता रैलियाँ, आयोजित किए जाएँ, ताकि लोग प्रकृति का महत्त्व समझें। 2. बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जाए और नदियों तथा पहाड़ों का अंधाधुंध दोहन रोककर उनका संरक्षण किया जाए।2 marks
    • प्रश्न (iv) के दोनों भाग लिखिए: पहले 'नन्हीं पीढ़ी' का अर्थ (भावी पीढ़ी या बच्चे), फिर उसे साथ ले जाने का कारण।
    • प्रश्न (v) में दो अलग-अलग उपाय क्रम से लिखिए, जैसे जागरूकता कार्यक्रम (नुक्कड़ नाटक) और वृक्षारोपण।
    • बहुविकल्पी प्रश्नों में विकल्प का अक्षर और उसका पूरा उत्तर दोनों लिखिए।

    Marks split as in the board’s published marking scheme

  6. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए- जब हम छोटे थे, हमें सिखाया गया कि होशियार बनो। अच्छे नंबर लाओ। जीत कर दिखाओ। धीरे-धीरे ये तमाम सीखें आदत में बदल गईं और पता भी नहीं चला कि कब ये आदत हमारे मन की एक दौड़ में बदल गई। दूसरों से आगे निकलने की दौड़। कभी कक्षा में प्रथम आने की, कभी ऑफिस में पदोन्नति की, कभी समाज में इज्ज़त कमाने की और कभी अपने ही भाई-बहनों, दोस्तों, रिश्तेदारों से बेहतर दिखने की। परंतु इस लगातार चलने वाली दौड़ में हम भूल गए कि जिस आत्मा को लेकर निकले थे, वह कहाँ है? हर सुबह उठते हैं और सोचते हैं कि किसे पछाड़ना है। हर शाम थककर सोते हैं और गिनते हैं कि कितने पीछे रह गए। यह थकान सिर्फ शरीर की नहीं है, आत्मा की थकान भी है क्योंकि हमने अपनी गति किसी और की रफ़्तार से बाँध दी है। हम अपने फैसले किसी और की कामयाबी देखकर लेने लगे हैं। वो किताब क्यों पढ़ रहे हो? क्योंकि सब पढ़ रहे हैं। वो कोर्स क्यों कर रहे हो? क्योंकि उससे नौकरी मिलती है। शहर क्यों जा रहे हो? क्योंकि वहाँ ज़्यादा अवसर हैं। और धीरे-धीरे हमारी ज़िंदगी, हमारी नहीं रह जाती। वह एक नक़ल बन जाती है, दूसरों के रास्तों की, दूसरों के सपनों की। ऐसा नहीं है कि प्रतिस्पर्धा बुरी चीज़ है। आपको अगर किसी से आगे ही निकलना है, तो उस ‘आप’ से निकलिए, जो डरता है, जो टालता है, जो रोज़ कहता है ‘कल से’। आपका अपना असली प्रतिद्वंद्वी कोई और नहीं, हमारा ही कल का, हमारा ही पुराना संस्करण है। आज के इस प्रतिस्पर्धात्मक युग में, जहाँ सोशल मीडिया हर दिन दूसरों की उपलब्धियों को चमका कर पेश करता है, वहाँ अपने ही भीतर स्थिर रहना एक साधना है। खुशी और संतोष हमेशा भीतर से आते हैं और उनका रास्ता आत्म-साक्षात्कार से होकर जाता है, ना कि तुलना और प्रतियोगिता से। (i) गद्यांश के आधार पर लगातार दूसरों से की जा रही प्रतिस्पर्धा की हानि/हानियाँ है/हैं। उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. शारीरिक थकान II. आत्मा की थकान III. सामाजिक प्रतिष्ठा की हानि IV. आर्थिक नुकसान विकल्प : (A) I और II दोनों (B) I, II और III तीनों (C) I, II और IV तीनों (D) II और IV दोनों (ii) सोशल मीडिया के युग में अपने भीतर स्थिर रहना एक साधना क्यों है? (A) यह दूसरों की उपलब्धियों को नज़र-अंदाज़ करना सिखाता है। (B) इससे हम अधिक सफल और प्रसिद्ध हो सकते हैं। (C) हर दिन दूसरों की उपलब्धियों को दिखा ललचाता रहता है। (D) प्रतिस्पर्धात्मक युग में इंद्रियों पर नियंत्रण कठिन है। (iii) निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए : कथन : हमें अपनी ज़िंदगी में दूसरों के सपनों का अनुकरण बंद कर देना चाहिए। कारण : दूसरों की नक़ल से सच्ची खुशी मिल सकती है। (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं। (B) कथन सही है किंतु कारण गलत है। (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है। (D) कथन और कारण दोनों सही हैं किंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है। (iv) हम सभी को बचपन में कौन-सी सीख दी जाती है और उसका क्या प्रभाव हमारे स्वभाव पर पड़ता है? (v) खुशी और संतुष्टि किस प्रकार मिल सकती है? आप उसे पाने के लिए क्या करेंगे?

    Medha Ma’am

    Medha Ma’am

    AskMedha’s AI teacher

    Model answer · unseen passage, competition and contentment

    1. 1.विकल्प (A) I और II दोनों सही है, क्योंकि गद्यांश में शारीरिक थकान और आत्मा की थकान दोनों का उल्लेख है।1 mark
    2. 2.विकल्प (C) सही है, क्योंकि सोशल मीडिया हर दिन दूसरों की उपलब्धियों को दिखाकर ललचाता रहता है, इसलिए भीतर स्थिर रहना साधना है।1 mark
    3. 3.विकल्प (B) सही है—कथन सही है किंतु कारण गलत है, क्योंकि दूसरों की नक़ल से सच्ची खुशी नहीं मिल सकती।1 mark
    4. 4.बचपन में हमें होशियार बनने, अच्छे नंबर लाने और जीतने की सीख दी जाती है, जिसका प्रभाव यह पड़ता है कि यह सीख आदत बनकर मन की एक अंतहीन दौड़ में बदल जाती है।2 marks
    5. 5.खुशी और संतुष्टि तुलना और प्रतियोगिता से नहीं, बल्कि आत्म-साक्षात्कार से मिलती है; इसे पाने के लिए मैं दूसरों की नकल छोड़कर अपने ही भीतर के डर और आलस्य से प्रतिस्पर्धा करूँगा।2 marks
    • प्रत्येक बहुविकल्पीय प्रश्न में सही विकल्प का अक्षर (A/B/C) अवश्य लिखें, केवल उत्तर लिखना पर्याप्त नहीं।
    • प्रश्न (iv) और (v) के उत्तर गद्यांश के शब्दों में ही दें, जैसे 'आत्म-साक्षात्कार', 'दौड़', 'तुलना' आदि।
    • उत्तर पूर्ण वाक्यों में लिखें, न कि केवल एक शब्द में।

    Marks split from a structure derived from past papers (checked twice); not CBSE’s official scheme

  7. मूर्ति की आँखों पर सरकंडे का बना छोटा-सा चश्मा रखा था। (संयुक्त वाक्य में बदलकर लिखिए)

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    1. मूर्ति की आँखों पर छोटा-सा चश्मा रखा था और वह सरकंडे का बना था।

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  8. बालगोबिन भगत मँझोले कद के गोरे-चिट्टे आदमी हैं। (मिश्र वाक्य में बदलकर लिखिए)

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    1. मिश्र वाक्य: जो बालगोबिन भगत हैं, वे मँझोले कद के गोरे-चिट्टे आदमी हैं।

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  9. नवाब साहब ने होंठ पोंछ लिए और गर्व से हमारी ओर देखा। (सरल वाक्य में बदलकर लिखिए)

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    1. सरल वाक्य: नवाब साहब ने होंठ पोंछकर गर्व से हमारी ओर देखा।

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  10. ये नयी कहानी के लेखक हैं। (रचना के अनुसार वाक्य भेद लिखिए)

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    1. सरल वाक्य (इसमें एक ही उद्देश्य 'ये' और एक ही विधेय 'नयी कहानी के लेखक हैं' है।)

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  11. हमारे बीच से वह चला गया जो सबसे अधिक छायादार वृक्ष समान था। (आश्रित उपवाक्य और उसका भेद पहचान कर लिखिए)

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    1. आश्रित उपवाक्य – जो सबसे अधिक छायादार वृक्ष समान था। भेद – विशेषण आश्रित उपवाक्य (यह उपवाक्य प्रधान उपवाक्य के सर्वनाम 'वह' की विशेषता बताता है।)

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  12. Q 4Short answer4 marksCh. 2: वाच्य

    निर्देशानुसार 'वाच्य' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए : (i) राम से गिलास टूट गया। (वाच्य का भेद पहचान कर लिखिए) (ii) मैं उस पवित्र ज्योति की याद में श्रद्धानत हूँ। (वाच्य का भेद पहचान कर लिखिए) (iii) मन्नू भंडारी ने देश की आज़ादी के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। (कर्मवाच्य में बदलकर लिखिए) (iv) उनके द्वारा स्वदेशी चिंतन को व्यापक बनाया गया। (कर्तृवाच्य में बदलकर लिखिए) (v) राजेश बहुत तेज़ दौड़ा। (भाववाच्य में बदलकर लिखिए)

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    1. (i) राम से गिलास टूट गया। — कर्मवाच्य

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  13. Q 5Short answer4 marksCh. 3: पद परिचय

    निर्देशानुसार 'पद-परिचय' पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हीं चार प्रश्नों के रेखांकित पदों का पद-परिचय लिखिए : (i) महावीर प्रसाद द्विवेदी अपनी लेखनी से स्वाधीनता की चेतना जगा रहे थे । (ii) आसमान में बादल घिर गए थे और बिजली चमक रही थी । (iii) छी! ! ऐसा सोचते हुए तुम्हें शर्म नहीं आती । (iv) कुछ लोग चौराहे पर खड़े थे । (v) विद्यार्थी ये काम अपने-आप करें ।

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    1. (i) स्वाधीनता – संज्ञा, भाववाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, संबंध कारक ('चेतना' से संबंध)।

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  14. Q 6(i)Short answer1 markCh. 4: अलंकार

    'मानो हँसी हिमालय की है, फूट चली करती कल गान ।' - काव्य-पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?

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    1. इन काव्य-पंक्तियों में उत्प्रेक्षा अलंकार है, क्योंकि 'मानो' शब्द से उपमेय (नदी की धारा) में उपमान (हिमालय की हँसी) की संभावना की गई है।

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  15. Q 6(ii)Short answer1 markCh. 4: अलंकार

    'मुख बाल-रवि सम लाल हो, ज्वाला-सा बोधित हुआ ।' - काव्य-पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?

    How the model answer begins

    1. इन काव्य-पंक्तियों में उपमा अलंकार है, क्योंकि मुख की तुलना 'सम' और 'सा' वाचक शब्दों के द्वारा बाल-रवि और ज्वाला से की गई है।

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  16. Q 6(iii)Short answer1 markCh. 4: अलंकार

    'बीच में खड़ी अलसी हठिली, देह की पतली कमर की है लचीली ।' - काव्य-पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है, लिखिए

    How the model answer begins

    1. इन काव्य-पंक्तियों में मानवीकरण अलंकार है, क्योंकि अलसी के पौधे को हठीली और पतली, लचीली कमर वाली स्त्री के रूप में दिखाया गया है।

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  17. Q 6(iv)Short answer1 markCh. 4: अलंकार

    'अतिशयोक्ति अलंकार' का एक उपयुक्त उदाहरण काव्य-पंक्ति देकर लिखिए

    How the model answer begins

    1. उपमा अलंकार का उदाहरण – "पीपर पात सरिस मन डोला।"

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  18. Q 6(v)Short answer1 markCh. 4: अलंकार

    'रूपक अलंकार' का एक उपयुक्त उदाहरण काव्य-पंक्ति देकर लिखिए

    How the model answer begins

    1. उपमा अलंकार का उदाहरण – "पीपर पात सरिस मन डोला।"

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  19. परशुराम के आगमन के पश्चात् राजा जनक की सभा का दृश्य 'राम-लक्ष्मण-परशुराम' संवाद के आधार पर अपने शब्दों में वर्णित कीजिए

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    1. परशुराम के आने के बाद राजा जनक की सभा का उल्लासमय वातावरण भय में बदल गया। राम द्वारा शिव-धनुष भंग के बाद सभा में खुशी थी, पर क्रोधित परशुराम को देखकर वहाँ बैठे सभी राजा भयभीत हो गए। राम ने संयम और विनम्रता से उन्हें…

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  20. 'संगतकार' कविता में कवि जिसे संगतकार की मनुष्यता बता रहा है वह वास्तव में उसका कर्तव्य ही है । इस कथन के पक्ष में उचित तर्कों को प्रस्तुत कीजिए

    How the model answer begins

    1. संगतकार की जिस बात को कवि मनुष्यता बता रहा है, वह वास्तव में उसका कर्तव्य ही है, क्योंकि संगतकार मुख्य गायक के साथ गायन करने वाला सहयोगी कलाकार होता है। पहला तर्क: मुख्य गायक का साथ देना और सहयोग करना संगतकार का कर्तव्य…

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  21. 'यह दंतुरित मुस्कान' कविता में बाँस या बबूल की संज्ञा से किसे संबोधित किया गया है और क्यों?

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    1. 'यह दंतुरित मुसकान' कविता में कवि नागार्जुन ने बाँस या बबूल की संज्ञा से स्वयं को, यानी बच्चे के पिता को, संबोधित किया है। 'चिर प्रवासी' होने के कारण वह लंबे समय तक घर से दूर रहा, इसलिए उसका जीवन कठोर, नीरस और रूखा हो…

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  22. 'उत्साह' कविता का केन्द्रीय भाव स्पष्ट करते हुए लिखिए कि उसकी अभिव्यक्ति 'बादल' के सहारे क्यों की गई है?

    How the model answer begins

    1. 'उत्साह' कविता बादल को संबोधित एक आह्वान गीत है। इसका केंद्रीय भाव यह है कि कवि बादल से गरजने को कहता है, ताकि वह गर्मी से विकल सकल जन को राहत दे, तप्त धरा को जल से शीतल करे और समाज में क्रांति लाए। इसकी अभिव्यक्ति बादल…

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  23. 'नेताजी का चश्मा' पाठ में नेताजी की मूर्ति पर पत्थर का चश्मा न होना बड़ी बात नहीं थी, बड़ी बात तो असली चश्मे की मौजूदगी थी। क्यों? उपयुक्त तर्कों के आधार पर उत्तर लिखिए

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    1. मूर्ति पर असली चश्मे की मौजूदगी इसलिए बड़ी बात थी क्योंकि उससे देशभक्तों के प्रति सम्मान की भावना दिखती थी। वह बताती थी कि आज भी लोगों के हृदय में देशभक्ति का भाव विद्यमान है। कैप्टन चश्मेवाले को नेताजी की मूर्ति पर…

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  24. बालगोबिन भगत का बेटा सामान्य बच्चों से अलग कैसा था? वे उसके साथ किस प्रकार का बर्ताव करते थे?

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    1. बालगोबिन भगत का इकलौता बेटा सामान्य बच्चों से अलग था, वह कुछ सुस्त और बोदा-सा था। भगत उसकी उपेक्षा नहीं करते थे। इसके बजाय वे उससे और अधिक प्रेम करते थे और उसकी विशेष देखभाल करते थे। उनका मानना था कि ऐसे लोग निगरानी और…

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  25. किस आधार पर यह कहा जा सकता है कि 'लखनवी अंदाज़' पाठ में नवाब साहब खीरे के साथ देखे जाने पर ही असहज हो गए थे?

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    1. नवाब साहब के दो व्यवहारों से पता चलता है कि वे खीरे के साथ देखे जाने पर असहज हो गए थे। पहला, लेखक के अचानक डिब्बे में आने पर उनकी आँखों में एकांत चिंतन में विघ्न का असंतोष दिखाई दिया और उन्होंने संगति के लिए उत्साह नहीं…

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  26. 'एक कहानी यह भी' पाठ में मन्नू भंडारी ने स्वयं पर अपने पिता के प्रभाव को स्वीकारा है। उनके व्यक्तित्व के किन्हीं दो पहलुओं का उल्लेख कीजिए जो पिता के प्रभाव को दर्शाते हों

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    1. पिता जी के प्रभाव से मन्नू भंडारी के व्यक्तित्व में दो पहलू दिखते हैं। पहला, देश और समाज के प्रति जागरूकता तथा आज़ादी के लिए सजगता। पिता जी कांग्रेस और समाज-सुधार के कामों से जुड़े थे और घर में होने वाली राजनैतिक बहसों…

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  27. 'माता का अंचल' पाठ के आधार पर भोलानाथ और उसके पिता के संबंधों पर प्रकाश डालते हुए लिखिए कि बच्चों के स्वस्थ विकास में पिता की भूमिका कैसी होनी चाहिए

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    1. भोलानाथ का अपने पिता के साथ घनिष्ठ एवं आत्मीय संबंध था। वह अपने पिता के साथ खेती देखने जाता था, पूजा-पाठ में उनके साथ रहता था और मेलों में भी उनके साथ जाता था। पिता उसकी बाल-सुलभ शरारतों और जिज्ञासाओं को बड़ी सहजता से…

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  28. 'साना-साना हाथ जोड़ि' पाठ की लेखिका को 'युमथांग' जाने पर कैसा महसूस हुआ और क्यों? आप अगर उनकी जगह होते तो युमथांग पहुँचकर क्या सोचते?

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    1. युमथांग पहुँचकर लेखिका को लगा कि वह एक अलग ही अद्भुत संसार में आ गई है, मानो सपनों की दुनिया में प्रवेश कर गई हो। वहाँ चारों ओर बर्फ से ढकी पहाड़ियाँ और फूलों से लदी घाटियाँ उसे घेरे हुए थीं, नज़रों के छोर तक खूबसूरती…

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  29. किसी रचनाकार की रचना पर अन्य रचनात्मक/कलात्मक कृतियों का भी प्रभाव पड़ता है। इस कथन के पक्ष या विपक्ष में उपयुक्त तर्कों एवं उदाहरणों के साथ 'मैं क्यों लिखता हूँ' पाठ के संदर्भ में अपनी टिप्पणी लिखिए

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    1. मैं इस कथन के पक्ष में हूँ। कोई भी रचनाकार समाज, साहित्य और कला से अलग नहीं रहता, इसलिए उसकी रचना पर अन्य रचनात्मक कृतियों का प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है।

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  30. (i) आपने अपने पिता के साथ मिलकर दुग्ध उत्पादों (डेयरी प्रोडक्ट्स) की एक कंपनी 'एकम्' शुरू की है। उसके प्रचार-प्रसार हेतु लगभग 40 शब्दों में उसका एक आकर्षक विज्ञापन तैयार कीजिए। अथवा (ii) आपकी बड़ी बहन का लिखा गीत- 'मेरे देश की मिट्टी' प्रसिद्ध हो गया। लगभग 40 शब्दों में उनको एक बधाई संदेश लिखिए।

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    1. शुरू का नारा 'शुद्धता और स्वाद का दूसरा नाम!', अंत का तुकांत नारा 'एकम् अपनाएँ, सेहत बनाएँ!' और दस प्रतिशत छूट विज्ञापन को रचनात्मक बनाते हैं।

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  31. (i) आप जयपुर शहर के निवासी अमन/रोमा हैं। शहर में आए दिन होने वाली बारिश की वजह से उत्पन्न समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए नगर निगम अध्यक्ष को लगभग 80 शब्दों में एक ई-मेल लिखिए, जिसमें शीघ्रातिशीघ्र समस्याओं के समाधान का आग्रह भी किया गया हो । अथवा (ii) आपका नाम हुमा/फरहान है। आप अंग्रेजी विषय में स्नातकोत्तर (एम.ए.) की पढ़ाई एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से कर रहे हैं। इसी दौरान एक प्रमुख प्रकाशन संस्थान में इंटर्नशिप की जानकारी आपको मिली है। इंटर्नशिप के लिए आवेदन हेतु लगभग 80 शब्दों में अपना स्ववृत्त लेख तैयार कीजिए ।

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    1. ई-मेल का प्रारूप सही क्रम में है: प्रेषक (From), प्रति (To), विषय, संबोधन 'माननीय महोदय', मुख्य भाग, 'सधन्यवाद', 'भवदीय' और नाम।

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  32. (i) आप कवीश/काव्या हैं। आपने अपने मुहल्ले में 'कचरा पृथक्करण' (वेस्ट सेग्रीगेशन) के अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया है। इसकी जानकारी देते हुए दैनिक समाचार-पत्र के संपादक को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए । अथवा (ii) आप कवीश/काव्या हैं। एक सप्ताह के लिए आपके माता-पिता को अचानक दूसरे शहर में जाना पड़ा। उनके पीछे से आपने घर का प्रबंधन कैसे सँभाला। इस अनुभव की विस्तृत जानकारी देते हुए अपने प्रिय मित्र को लगभग 100 शब्दों में पत्र लिखिए ।

  33. निम्नलिखित तीन विषयों में से किसी एक विषय पर संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छेद लिखिए : (i) यात्राएँ हमें बेहतर मनुष्य बनाती हैं संकेत बिंदु - • सांस्कृतिक, भौगोलिक जानकारी • भिन्न परिवेश और मान्यताएँ • अनुभव की व्यापकता (ii) उत्तम स्वास्थ्य : सबसे बड़ा धन संकेत बिंदु - • स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन/विचार • स्वस्थ तन-मन से ही सभी कार्य संभव • स्वास्थ्य-रक्षा के लिए आवश्यक कदम (iii) जब मैंने बैंक में बचत खाता खुलवाया संकेत बिंदु - • खाता खुलवाने की प्रक्रिया की जानकारी • आवश्यक दस्तावेजों सहित बैंक जाना • खाता खुलवाना और प्रसन्नता का अनुभव

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    1. भूमिका "पहला सुख निरोगी काया" से शुरू होती है। पहले तीन वाक्य बताते हैं कि स्वस्थ न होने पर धन भी सुख नहीं देता, इसलिए स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है।

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Every question of every chapter with its model answer, practice questions in the board’s own shapes, 60 minutes of class a day, written answers marked, a test every Sunday and a WhatsApp report to parents.

Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.