CBSE Class 10 · Hindi A · board exam 2027
Chapter 4: उत्साह, अट नहीं रही है (सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला')
This chapter’s questions from CBSE’s real papers of 2023–2026 — the 17 asked most often, 3 with the full model answer, 14 with how the answer begins — and objective questions with the board’s key.
- marks a year (about)
- 1
- questions a year (about)
- 1
- rank in Hindi A
- #22
From 4 years of papers, 2023–2026 · full chapter-wise marks
Important questions — the ones the board asked most (17)
- Q1Short answer6 marksAsked: 2024
निर्धारित कविताओं पर आधारित निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 - 30 शब्दों में लिखिए : (क) निराला ने फागुन मास के सौंदर्य का वर्णन किया है । आप फागुन में अपने आस-पास के सौंदर्य का वर्णन कीजिए । (ख) 'मुख्य गायक-गायिकाओं की सफलता उनके संगतकारों पर निर्भर करती है ।' - स्पष्ट कीजिए । (ग) जयशंकर प्रसाद ने अपनी आत्मकथा न लिखने के क्या कारण गिनवाए हैं ? (घ) उद्धव ने गोपियों को समझाने के लिए कौन-सा उपदेश दिया और गोपियों को वह पसंद क्यों नहीं आया ?

Medha Ma’am
AskMedha’s AI teacher
Model answer · Poetry-based short answers
- 1.(क) फागुन में मेरे आस-पास बहुत सुंदरता छा जाती है। पेड़ों की डालें लाल-हरी कोंपलों और नए फूल-पत्तों से लद जाती हैं। आमों में बौर फूट आते हैं। रंग-बिरंगे फूलों की मंद गंध से हवा सुगंधित हो जाती है। होली का उल्लास घर-घर में फैल जाता है और लोगों के माथे अबीर-गुलाल से लाल दिखते हैं।2 marks
- 2.(ख) मुख्य गायक-गायिकाओं की सफलता संगतकारों पर निर्भर करती है, क्योंकि संगतकार मुख्य गायक के सुर को सहारा देते हैं। जब मुख्य गायक का सुर लड़खड़ाता या बिखरता है, तब संगतकार उसे सँभाल लेते हैं। वे अपनी आवाज़ जान-बूझकर धीमी रखते हैं, ताकि मुख्य गायक की आवाज़ ऊपर और प्रभावशाली बनी रहे। इसलिए मुख्य गायक की सफलता संगतकार के सहयोग से ही मिलती है।2 marks
- 3.(घ) उद्धव ने गोपियों को योग-साधना और निर्गुण ब्रह्म का उपदेश दिया। उनका योग संदेश यह था कि गोपियाँ कृष्ण का मोह छोड़ दें और योग से निराकार ब्रह्म की आराधना करें। गोपियों को यह उपदेश कड़वी ककड़ी जैसा अप्रिय लगा। उनका कृष्ण-प्रेम अनन्य था। वे सगुण कृष्ण से प्रेम करती थीं और उनके मन में कृष्ण के सिवा किसी के लिए जगह नहीं थी।2 marks
- फागुन के उत्तर में 'फूल-पत्तों', 'बौर', 'सुगंधित हवा' और 'होली का उल्लास' चारों लिखिए।
- संगतकार वाले उत्तर में 'सुर को सहारा देते हैं' और 'मुख्य गायक की सफलता' दोनों बातें लिखिए।
- उद्धव वाले उत्तर में 'निर्गुण ब्रह्म', 'कड़वी ककड़ी' और 'कृष्ण-प्रेम' तीनों शब्द लिखिए।
Marks split from a structure derived from past papers (checked twice); not CBSE’s official scheme
- Q2Short answer5 marksAsked: 2025
निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : (क) अपने पाठ्यक्रम से पढ़ी एक ऐसी कविता का उल्लेख कीजिए जो पूरी तरह प्रकृति की शोभा पर केन्द्रित है । कविता के केंद्रीय भाव को भी लिखिए । (ख) 'यह दंतुरित मुस्कान' का कवि बालक की माँ को धन्य क्यों कह रहा है ? शिशु के प्रति माता किन कर्तव्यों का निर्वाह करती है ? (ग) 'आत्मकथ्य' का लेखक आत्मकथा नहीं लिखते हुए भी अपने जीवन की झलकियाँ हमारे सामने रख देता है । कविता के आधार पर किन्हीं दो का वर्णन कीजिए । (घ) 'संगतकार' के दो गुणों का उल्लेख करते हुए लिखिए कि इन्हीं दो का चयन आपने क्यों किया है ।

Medha Ma’am
AskMedha’s AI teacher
Model answer · Poetry section short answers
- 1.(ख) 'यह दंतुरित मुस्कान' में कवि बालक की माँ को धन्य कहता है, क्योंकि उसी ने शिशु का पालन-पोषण किया। प्रवासी पिता के आगमन पर उसी ने शिशु से पिता का परिचय कराया। माता अबोध शिशु की देखभाल करती है, उसे मधुपर्क का पान करवाती है, उसके पोषण, स्वास्थ्य और विकास का ध्यान रखती है और उसे स्नेह व अपनापन देती है।2 marks
- 2.(क) प्रकृति की शोभा पर पूरी तरह केन्द्रित कविता सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की 'अट नहीं रही है' है। इसका केंद्रीय भाव फागुन की मादकता और सर्वव्यापक सुंदरता है। पत्तों से लदी डालें कहीं हरी, कहीं लाल हैं और मंद-गंध-पुष्प-माल सजी है। फागुन की आभा इतनी अधिक है कि वह कहीं अट नहीं रही। मन प्रसन्न हो तो हर तरफ़ फागुन का सौंदर्य और उल्लास ही दिखाई पड़ता है।2 marks
- 3.(घ) संगतकार का पहला गुण है कि मुख्य गायक का स्वर बिखरने लगे तो वह अपने स्वर से उसे सहारा देता है। दूसरा गुण है उसकी विनम्रता और त्याग, यानी वह अपनी आवाज़ को मुख्य गायक से ऊँचा नहीं उठने देता। मैंने ये दो गुण इसलिए चुने हैं, क्योंकि इनसे पता चलता है कि उसकी यह हिचक उसकी विफलता नहीं, उसकी मनुष्यता है।1 mark
- (ख) के दोनों हिस्से लिखिए: माँ धन्य क्यों है ('प्रवासी पिता के आगमन पर ... परिचय कराया') और माता के कर्तव्य ('मधुपर्क का पान', 'पोषण, स्वास्थ्य और विकास')।
- (क) में कविता का नाम 'अट नहीं रही है' और कवि 'निराला' लिखकर केंद्रीय भाव 'फागुन की मादकता और सर्वव्यापक सुंदरता' भी लिखिए।
- हर प्रश्न के सभी हिस्सों का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में अलग-अलग लिखिए।
Marks split as in the board’s published marking scheme
- Q3Short answer2 marksAsked: 2026
'उत्साह' कविता का केन्द्रीय भाव स्पष्ट करते हुए लिखिए कि उसकी अभिव्यक्ति 'बादल' के सहारे क्यों की गई है?

Medha Ma’am
AskMedha’s AI teacher
Model answer · Utsah central idea, cloud
- 1.'उत्साह' कविता बादल को संबोधित एक आह्वान गीत है। इसका केंद्रीय भाव यह है कि कवि बादल से गरजने को कहता है, ताकि वह गर्मी से विकल सकल जन को राहत दे, तप्त धरा को जल से शीतल करे और समाज में क्रांति लाए। इसकी अभिव्यक्ति बादल के सहारे इसलिए की गई है, क्योंकि बादल एक ओर पीड़ित-प्यासे जन की आकांक्षा को पूरा करने वाला है, तो दूसरी ओर नए अंकुर के लिए विध्वंस, विप्लव और क्रांति चेतना को संभव करने वाला भी है।2 marks
- केंद्रीय भाव की शुरुआत 'बादल को संबोधित एक आह्वान गीत' से कीजिए।
- बादल के सहारे अभिव्यक्ति का कारण लिखिए: बादल 'पीड़ित-प्यासे जन की आकांक्षा' पूरी करता है और 'विध्वंस, विप्लव और क्रांति चेतना' को संभव करता है।
Marks split as in the board’s published marking scheme
- Q4Short answer2 marksAsked: 2026
'अट नहीं रही है' कविता में वर्णित फागुन मास की मादकता का वर्णन अपने शब्दों में लिखिए
How the model answer begins
1. फागुन की सुंदरता चारों ओर फैली हुई है, जिससे प्रकृति का हर कोना सुगंधित और रंगों से भरा हुआ दिखाई देता है। कवि को फागुन की यह आभा इतनी व्यापक लगती है कि वह न तन से अलग हो रही है, न किसी भी दिशा से हटाई जा सकती है। इस…
The full answer from Medha Ma’am → - Q5Short answer2 marksAsked: 2026
फागुन की मनोहरिता मनुष्य के मन पर क्या प्रभाव डालती है ? 'अट नहीं रही है' कविता के आधार पर लिखिए
How the model answer begins
1. 'अट नहीं रही है' कविता के अनुसार फागुन की मनोहरिता मनुष्य के मन पर ये प्रभाव डालती है— (1) फागुन की आभा इतनी अधिक है कि तन में समा नहीं रही है। यह मन में उत्साह और उमंग का संचार करती है। मन कल्पनाशील होकर नभ में उड़ना…
The full answer from Medha Ma’am → - Q6Short answer2 marksAsked: 2026
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की कविता 'उत्साह' तथा 'अट नहीं रही है' में कौन-कौन सी ऋतुओं का वर्णन हुआ है ? आपको कौन सी ऋतु पसंद है और क्यों ? किसी एक कारण का उल्लेख कीजिए
How the model answer begins
1. कविता 'उत्साह' में ग्रीष्म ऋतु (निदाघ) और वर्षा ऋतु का वर्णन है, जिसमें कवि बादल से तप्त धरा को जल से शीतल करने को कहता है। कविता 'अट नहीं रही है' में फागुन अर्थात वसंत ऋतु की सुंदरता का वर्णन है।
The full answer from Medha Ma’am → - Q7Short answer2 marksAsked: 2026
'उत्साह' कविता में कवि ने बादलों से गरजने का आह्वान क्यों किया है ? स्पष्ट कीजिए
How the model answer begins
1. 'उत्साह' कविता में कवि निराला बादलों से गरजने का आह्वान इसलिए करते हैं क्योंकि वे बादल को क्रांति का प्रतीक मानते हैं। गरजता बादल पुरानी व्यवस्था का विध्वंस करके सामाजिक परिवर्तन और नवनिर्माण कर सकता है। साथ ही, निदाघ…
The full answer from Medha Ma’am → - Q8Short answer2 marksAsked: 2025
'उत्साह' कविता का कवि परिवर्तन की कामना किन कारणों से कर रहा है ? किन्हीं दो कारणों का उल्लेख कीजिए
How the model answer begins
1. 'उत्साह' कविता में कवि निराला बादल को गरजने का आह्वान करके इन दो कारणों से परिवर्तन चाहते हैं। पहला, शोषित-पीड़ित जनता का कल्याण: निदाघ (गर्मी) से विकल और उन्मन सकल जन के लिए कवि चाहता है कि बादल तप्त धरा को जल से शीतल…
The full answer from Medha Ma’am → - Q9Short answer2 marksAsked: 2025
'अट नहीं रही है' कविता का कवि किन भावों में डूबा हुआ है ? उसके भावों के लिए उत्तरदायी कारक कौन-से हैं ?
How the model answer begins
1. 'अट नहीं रही है' कविता में कवि निराला फागुन के सौंदर्य में डूबे हुए हैं। वे प्रसन्नता, उत्साह और उमंग के भावों में भरे हैं और कल्पना में खोए हुए हैं। उनका मन प्रसन्न है, इसलिए उन्हें हर तरफ़ फागुन का ही सौंदर्य और…
The full answer from Medha Ma’am → - Q10Short answer2 marksAsked: 2025
'उत्साह' कविता का कवि बादलों के बहाने किस सामाजिक बदलाव की उम्मीद में है ? उसमें बदलाव की इच्छा क्यों जगती है ?
How the model answer begins
1. 'उत्साह' कविता में कवि निराला बादलों के बहाने शोषित-पीड़ित वर्ग के उद्धार और समाज के नव-निर्माण की उम्मीद करते हैं। वे बादल से गरजने को कहते हैं, ताकि वह विप्लव और क्रांति चेतना जगाकर पुराना अन्याय मिटा दे और…
The full answer from Medha Ma’am → - Q11Short answer2 marksAsked: 2025
अपने पाठ्यक्रम से पढ़ी एक ऐसी कविता का उल्लेख कीजिए जो पूरी तरह प्रकृति की शोभा पर केन्द्रित है । कविता के केंद्रीय भाव को भी लिखिए
How the model answer begins
1. सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की कविता 'अट नहीं रही है' पूरी तरह प्रकृति की शोभा पर केंद्रित है। इसका केंद्रीय भाव है कि यह कविता फागुन की मादकता को प्रकट करती है। कवि फागुन की सर्वव्यापक सुंदरता को अनेक संदर्भों में…
The full answer from Medha Ma’am → - Q12Short answer2 marksAsked: 2025
'उत्साह' कविता में बादलों को किन-किन रूपों में चित्रित किया गया है ? अपने शब्दों में लिखिए
How the model answer begins
1. कवि ने बादलों को आकाश को घेरकर गरजने वाले, सुंदर काले घुँघराले (बालकों की कल्पना जैसे) और हृदय में बिजली की चमक धारण करने वाले रूप में चित्रित किया है।
The full answer from Medha Ma’am → - Q13Short answer2 marksAsked: 2025
"कहीं पड़ी है उर में मंद-गंध-पुष्प-माल" - 'अट नहीं रही हैं' कविता से उद्धृत इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए
How the model answer begins
1. इस पंक्ति का आशय यह है कि फागुन के महीने में वृक्ष रंग-बिरंगे फूलों से लदे हुए हैं। फूलों से लदे इन वृक्षों को देखकर कवि निराला को ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रकृति ने अपने गले (उर) में मंद-मंद सुगंध वाले फूलों की माला…
The full answer from Medha Ma’am → - Q14Short answer2 marksAsked: 2025
"आए अज्ञात दिशा से अनंत के घन" 'उत्साह' कविता से उद्धृत इस पंक्ति में बादलों को 'अनंत के घन' क्यों कहा गया है ?
How the model answer begins
1. 'उत्साह' कविता में बादलों को 'अनंत के घन' इसलिए कहा गया है क्योंकि वे अनंत आकाश के विशाल विस्तार में किसी अज्ञात दिशा से आकर अचानक पूरे गगन में छा जाते हैं।
The full answer from Medha Ma’am → - Q15Short answer2 marksAsked: 2024
'उत्साह' कविता के शीर्षक की सार्थकता पर प्रकाश डालिए
How the model answer begins
1. 'उत्साह' कविता में नागार्जुन के स्थान पर निराला ने बादल को संबोधित करते हुए उसे बार-बार गरजने का आह्वान किया है। कविता में बादल एक तरफ़ पीड़ित-प्यासे जन की आकांक्षा को पूरा करने वाला है, तो दूसरी तरफ़ वही बादल नयी…
The full answer from Medha Ma’am → - Q16Short answer2 marksAsked: 2024
फागुन मास में प्रकृति के सौंदर्य का वर्णन, 'अट नहीं रही है' कविता के आधार पर कीजिए
How the model answer begins
1. 'अट नहीं रही है' कविता में फागुन की मादकता और सुंदरता चारों ओर फैली हुई दिखाई देती है। कवि कहता है कि फागुन की आभा तन में अट नहीं रही है अर्थात उसका सौंदर्य इतना अधिक है कि वह शरीर में समा नहीं पा रहा। यह सुंदरता…
The full answer from Medha Ma’am → - Q17Short answer2 marksAsked: 2023
आपके पाठ्यक्रम में कौन-सी कविता फागुन के सौंदर्य पर केंद्रित है ? उसका नाम लिखते हुए बताइए कि उसमें कवि के किन मनोभावों का उल्लेख हुआ है
How the model answer begins
1. हमारे पाठ्यक्रम में सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की कविता 'अट नहीं रही है' फागुन के सौंदर्य पर केंद्रित है। इसमें कवि के ये मनोभाव मिलते हैं — पहला, कवि फागुन के प्राकृतिक सौंदर्य में खो जाता है; उसे हर ओर पत्तों से लदी…
The full answer from Medha Ma’am →
Objective questions with the board’s key (8)
- 1. CBSE 2024
‘उत्साह’ कविता की विशेषताएँ हैं : I. संबोधन शैली II. खड़ी बोली III. ब्रजभाषा IV. संवाद शैली विकल्प :
- (A) I, II ✓
- (B) III, IV
- (C) II, III
- (D) I, IV
Answer: (A)
- 2. CBSE 2024
‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता में कौन-सा भाव मुखरित होता है ?
- (A) मैत्री
- (B) व्यंग्य
- (C) प्रेम
- (D) वात्सल्य ✓
Answer: (D)
- 3. CBSE 2024
‘उत्साह’ कविता में बादलों की तुलना किससे की गई है ?
- (A) हाथी-दल
- (B) घुँघराले बाल ✓
- (C) भैंसों का झुंड
- (D) विषधर समूह
Answer: (B)
- 4. CBSE 2024
‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता के संदर्भ में लिखिए कि ‘कठोर मन’ कब पिघल जाता है ।
- (A) बिछुड़े मित्र के मिलने से
- (B) प्यार भरा सान्निध्य पाकर
- (C) बगीचे की सुंदरता देखकर
- (D) बालपन के सहज स्पर्श से ✓
Answer: (D)
- 5. CBSE 2024
'उत्साह' कविता में बादलों की तुलना किससे की गई है ?
- (A) हाथी-दल
- (B) घुँघराले बाल ✓
- (C) भैंसों का झुंड
- (D) विषधर समूह
Answer: (B)
- 6. CBSE 2024
'यह दंतुरित मुसकान' कविता के संदर्भ में लिखिए कि 'कठोर मन' कब पिघल जाता है ।
- (A) बिछुड़े मित्र के मिलने से
- (B) प्यार भरा सान्निध्य पाकर
- (C) बगीचे की सुंदरता देखकर
- (D) बालपन के सहज स्पर्श से ✓
Answer: (D)
- 7. CBSE 2024
‘उत्साह’ कविता की विशेषताएँ हैं : I. संबोधन शैली II. खड़ी बोली III. ब्रजभाषा IV. संवाद शैली विकल्प : (A) I, II (B) III, IV (C) II, III (D) I, IV
- (A) I, II ✓
- (B) III, IV
- (C) II, III
- (D) I, IV
Answer: (A)
- 8. CBSE 2024
‘यह दंतुरित मुसकान’ कविता में कौन-सा भाव मुखरित होता है ? (A) मैत्री (B) व्यंग्य (C) प्रेम (D) वात्सल्य
- (A) मैत्री
- (B) व्यंग्य
- (C) प्रेम
- (D) वात्सल्य ✓
Answer: (D)
Questions parents and students ask
- How many marks does "उत्साह, अट नहीं रही है (सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला')" carry in CBSE Class 10 Hindi A?
- In the CBSE papers of 2023–2026, this chapter carried about 1 marks and about 1 questions a year; by marks it ranks 22 in Hindi A.
- Which are the most important (VVI) questions of "उत्साह, अट नहीं रही है (सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला')"?
- The 17 questions above are from the board’s real papers, each with the years it was asked; the most-asked come first with their full model answers. All 17 written questions of this chapter, with answers, are in the AskMedha app.
- Do the answers follow the board’s marking scheme?
- Yes. CBSE publishes its marking schemes; every model answer here is written point by point to the marks the board’s own scheme gives, and checked by a second, independent model.
The same preparation, with Medha Ma’am — on your phone
Every question of every chapter with its model answer, practice questions in the board’s own shapes, 60 minutes of class a day, written answers marked, a test every Sunday and a WhatsApp report to parents.
Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.