AskMedha

CBSE Class 10 · Hindi A · board exam 2027

Chapter 1: पद (सूरदास)

This chapter’s questions from CBSE’s real papers of 2023–2026 — the 16 asked most often, 3 with the full model answer, 11 with how the answer begins — and objective questions with the board’s key.

marks a year (about)
3
questions a year (about)
2
rank in Hindi A
#13

From 4 years of papers, 2023–2026 · full chapter-wise marks

Chapter 1 notes (PDF) →

Important questions — the ones the board asked most (16)

  1. Q1Short answer6 marksAsked: 2025

    निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 - 30 शब्दों में लिखिए : (क) सूरदास की गोपियों की वाक्-चातुर्य को किन्हीं दो उदाहरणों से स्पष्ट कीजिए । (ख) कवि निराला बादलों से किन-किन कारणों से गरजने/बरसने का आग्रह कर रहे हैं ? 'उत्साह' कविता के आधार पर कोई दो कारण अवश्य लिखिए । (ग) 'यह दंतुरित मुस्कान' कविता में बच्चे के स्पर्श से 'शेफालिका के फूलों के झरने' से क्या अभिप्राय है ? (घ) 'आत्मकथ्य' कविता के कवि के जीवन का संबल क्या है ? वह उसे सबसे बाँटना क्यों नहीं चाहता ?

    Medha Ma’am

    Medha Ma’am

    AskMedha’s AI teacher

    Model answer · Poetry short answers, Kshitij

    1. 1.(क) सूरदास की गोपियों का वाक्चातुर्य उनके व्यंग्य भरे कथनों में दिखता है। पहला उदाहरण: वे उद्धव को 'अति बड़भागी' (भाग्यवान) कहती हैं, पर असल में उन्हें भाग्यहीन साबित करती हैं, क्योंकि वे प्रेम के धागे से कभी बँधे ही नहीं। दूसरा उदाहरण: वे योग को 'जिनके मन चकरी' उन्हें सौंपने को कहती हैं। इस तरह वे घुमा-फिराकर योग को चकरी के समान अस्थिर चित्तवाले कृष्ण के लिए ही सही ठहराती हैं।2 marks
    2. 2.(ख) कवि निराला 'उत्साह' कविता में बादलों से गरजने और बरसने का आग्रह इन कारणों से करते हैं। पहला कारण: बादल क्रांति लाकर सामाजिक परिवर्तन और बदलाव करें तथा नव-निर्माण करें। दूसरा कारण: बादल बरसकर गर्मी से व्याकुल, शोषित और पीड़ित जनता को गर्मी से मुक्ति दें और उसका कल्याण करें।2 marks
    3. 3.(ग) 'शेफालिका के फूलों के झरने' का अभिप्राय यह है कि बच्चे के कोमल स्पर्श से कवि के मन में स्नेह और वात्सल्य भाव फूट पड़ा। कवि का कठोर और रूखा मन बच्चे को छूते ही पिघल गया और उसमें कोमलता तथा आनंद ऐसे बहने लगे, जैसे शेफालिका के फूल झर रहे हों।2 marks
    • (क) में दो उदाहरण लिखिए: 'अति बड़भागी' कहकर भाग्यहीन साबित करना और योग को 'जिनके मन चकरी' उन्हें सौंपने को कहना।
    • (ख) में दो अलग कारण लिखिए, जैसे 'सामाजिक परिवर्तन और बदलाव' और 'शोषित और पीड़ित जनता' का कल्याण।
    • (ग) में 'स्नेह और वात्सल्य भाव' तथा 'कठोर और रूखा मन' में 'कोमलता तथा आनंद' का बहना ज़रूर लिखिए।

    Marks split as in the board’s published marking scheme

  2. Q2Short answer6 marksAsked: 2023

    पद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 - 30 शब्दों में लिखिए : (क) 'ऊधौ, तुम हो अति बड़भागी' पद में वर्णित गुड़ और चींटी के उदाहरण के माध्यम से गोपियों की किस मनोदशा का वर्णन हुआ है ? (ख) 'इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं' — पंक्ति के द्वारा लक्ष्मण परशुराम से क्या कह रहे हैं ? उन्होंने अपने व्यवहार को उचित ठहराते हुए क्या तर्क दिया ? (ग) 'उत्साह' एवं 'अट नहीं रही' दोनों कविताएँ प्रकृति पर आधारित हैं पर दोनों में बहुत अंतर है । अपनी आलोचनात्मक दृष्टि से उस अंतर को स्पष्ट कीजिए । (घ) 'संगतकार' मुख्य गायक की सहायता किस-किस तरह से करता है ?

    Medha Ma’am

    Medha Ma’am

    AskMedha’s AI teacher

    Model answer · Poetry section short answers

    1. 1.गोपियाँ कहती हैं कि हम भोली अबलाएँ कृष्ण के प्रेम में वैसे ही पगी हुई हैं जैसे चींटी गुड़ से चिपक जाती है और फिर छूट नहीं पाती। इससे उनके अनन्य, गहरे प्रेम और उस प्रेम से अलग न हो पाने की विवशता वाली मनोदशा प्रकट होती है।2 marks
    2. 2.लक्ष्मण कहते हैं कि यहाँ कोई कुम्हड़े की बतिया (छोटा कच्चा फल) नहीं है जो तर्जनी देखते ही मुरझा जाए, अर्थात हम आपकी धमकी और फरसे से डरने वाले नहीं हैं। अपने व्यवहार को उचित ठहराते हुए वे कहते हैं कि आपके हाथ में कुठार और धनुष-बाण देखकर मैंने आपको योद्धा समझा, इसलिए अभिमान से कुछ कहा; अब भृगुवंशी ब्राह्मण जानकर क्रोध रोककर आपकी हर बात सह रहा हूँ।2 marks
    3. 3.दोनों कविताएँ निराला की हैं और प्रकृति पर आधारित हैं, पर 'उत्साह' में बादल क्रांति, नवजीवन और ओज के प्रतीक हैं; कवि उनसे गरजने और तपती धरती व व्याकुल जन को शीतलता देने का आह्वान करता है। 'अट नहीं रही है' में फागुन की ऐसी अपार शोभा और मस्ती का चित्रण है जो कहीं समा नहीं रही। अथवा (घ): संगतकार मुख्य गायक की गरज में अपनी गूँज मिलाता है; जब गायक अंतरे की जटिल तानों में भटक जाता है तब वह स्थायी को सँभाले रहता है; तार सप्तक में गला बैठने पर अपना स्वर मिलाकर ढाँढ़स बँधाता है और अपने स्वर को जान-बूझकर ऊँचा नहीं उठाता।2 marks

    Marks split from a structure derived from past papers (checked twice); not CBSE’s official scheme

  3. Q3Short answer6 marksAsked: 2023

    पद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 - 30 शब्दों में लिखिए : (क) 'ऊधौ, तुम हो अति बड़भागी' पद के आधार पर लिखिए कि गोपियों ने किन उदाहरणों से सिद्ध किया है कि उद्धव कृष्ण के समीप रहकर भी उनके प्रेम से वंचित ही रहे । किन्हीं दो उदाहरणों से अपने उत्तर को स्पष्ट कीजिए । (ख) इस वर्ष पाठ्यक्रम में पढ़ी किस कविता में कवि ने बादलों से अनुरोध किया है ? उसके अनुरोध की मुख्य बातों को अपने शब्दों में लिखिए । (ग) राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद में परशुराम के क्रोध का क्या कारण था ? उन्होंने आते ही क्रोध में क्या माँग की ? क्या आपको उनका क्रोध उचित प्रतीत होता है ? तर्क संगत उत्तर दीजिए । (घ) संगतकार की मनुष्यता को कवि ने किन शब्दों में रेखांकित किया है ? क्या इस विषय में आप उससे सहमत हैं ? तर्क संगत उत्तर दीजिए ।

    Medha Ma’am

    Medha Ma’am

    AskMedha’s AI teacher

    Model answer · Poetry section short answers

    1. 1.(क) गोपियाँ व्यंग्य से उद्धव को 'बड़भागी' कहती हैं, क्योंकि वे कृष्ण के समीप रहकर भी उनके प्रेम से वंचित ही रहे। पहला उदाहरण: उद्धव कमल के पत्ते (पुरइन पात) जैसे हैं। वह जल के भीतर रहता है, फिर भी उस पर जल का दाग नहीं लगता। दूसरा उदाहरण: वे जल में डूबी तेल की गागरि जैसे हैं, जिस पर पानी की एक बूँद भी नहीं ठहरती। इसी प्रकार उद्धव ने प्रीति-नदी में कभी पैर नहीं डुबोया और कृष्ण के रूप पर उनकी दृष्टि नहीं उलझी।2 marks
    2. 2.(ख) 'उत्साह' निराला की कविता है, जिसमें कवि बादलों से अनुरोध करता है। कवि कहता है, 'बादल गरजो', और पूरे आकाश को घेर लो। वह चाहता है कि बादल धरती पर नवजीवन लाएँ और समाज में क्रांति की चेतना जगाएँ। गर्मी से तपते और व्याकुल लोगों पर बरसकर उन्हें शीतलता दें, यह भी उसका अनुरोध है।2 marks
    3. 3.(ग) शिव-धनुष का टूटना परशुराम के क्रोध का कारण था। आते ही उन्होंने क्रोध में माँग की कि धनुष तोड़ने वाला उनके सामने आए और सभा से अलग हो जाए, नहीं तो सब राजा मारे जाएँगे। मेरे विचार से परशुराम का क्रोध उचित नहीं था। वह धनुष बहुत पुराना था और राम के छूते ही टूट गया था। इसके लिए सारी सभा को मार डालने की धमकी देना अन्याय था।2 marks
    • (क) में दो उदाहरण अलग-अलग नाम लेकर लिखिए: 'कमल के पत्ते (पुरइन पात)' और 'तेल की गागरि'।
    • (ख) में कविता का नाम 'उत्साह' और कवि निराला दोनों लिखिए, और 'बादल गरजो' के साथ नवजीवन और शीतलता का अनुरोध भी लिखिए।
    • (ग) में तीनों बातें लिखिए: शिव-धनुष का टूटना, धनुष तोड़ने वाले को सामने लाने की माँग, और क्रोध पर अपना तर्क।

    Marks split from a structure derived from past papers (checked twice); not CBSE’s official scheme

  4. Q4Short answer6 marksAsked: 2024

    11. निर्धारित कविताओं पर आधारित निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 - 30 शब्दों में लिखिए : (क) सूरदास की गोपियों ने उद्धव को 'बड़भागी' किस उद्देश्य से कहा है ? (ख) यदि जयशंकर प्रसाद अपने जीवन का सार सच्चाई, ईमानदारी से लिखते तो क्या परिणाम हो सकता था ? (ग) संगतकार की भूमिका पर कविता के संदर्भ में अपने विचार लिखिए । (घ) 'फसल' कविता सामूहिक कार्य का अच्छा उदाहरण है - इस कथन पर टिप्पणी लिखिए ।

    How the model answer begins

    1. गोपियाँ उद्धव को व्यंग्य में 'बड़भागी' कहती हैं। वास्तव में वे उन्हें भाग्यहीन बताना चाहती हैं, क्योंकि उद्धव कृष्ण के निकट रहकर भी उनके प्रेम से वैसे ही अछूते रहे जैसे जल में कमल का पत्ता और पानी में तेल की गगरी।

    The full answer from Medha Ma’am →
  5. Q5Case-based5 marksAsked: 2026

    निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : ऊधो! तुम हौ अति बड़भागी। अपरस रहत सनेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरागी। पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी। ज्यौं जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौं लागी। प्रीति-नदी मैं पाउँ न बोरयौ, दृष्टि न रूप परागी। 'सूरदास' अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यौं पागी।। (i) 'ज्यौं जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौं लागी।' पंक्ति के द्वारा क्या स्पष्ट होता है? (A) श्रीकृष्ण का मन प्रेम से अछूता रहा। (B) उद्धव का मन प्रेम से अछूता रहा। (C) गोपियाँ प्रेम रूपी रस से अछूती रहीं। (D) तेल से युक्त मटकी पर जल का प्रभाव नहीं होता। (ii) कृष्ण-प्रेम में डूबी गोपियों की तुलना किससे की गई है? उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. कमल के पत्ते से II. जल में पड़े तेल चुपड़े घड़े से III. गुड़ से चिपटी चींटियों से विकल्प : (A) केवल III सही है। (B) केवल I सही है। (C) I और III दोनों सही हैं। (D) II और III दोनों सही हैं। (iii) प्रस्तुत पद के आधार पर सूरदास के काव्य के बारे में कहा जा सकता है। उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. सहज उपमाओं द्वारा गूढ़ भाव व्यक्त किए गए हैं। II. उनके काव्य में केवल दार्शनिक चिंतन है। III. उनका काव्य बहुत अधिक अलंकृत और सजावटी है। IV. योग साधना से अधिक कृष्ण-प्रेम को महत्त्व दिया गया है। विकल्प : (A) I और II सही हैं। (B) III और IV सही हैं। (C) II और III सही हैं। (D) I और IV सही हैं। (iv) निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : कथन : गोपियाँ उद्धव को 'बड़भागी' कहते हुए वास्तव में 'भाग्यहीन' बता रही हैं। कारण : वे योग का संदेश लेकर आए हैं। (A) कथन सही है परंतु कारण गलत है। (B) कथन और कारण दोनों गलत हैं। (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है। (D) कारण और कथन दोनों सही हैं परंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है। (v) गोपियों के अनुसार 'कृष्ण' किसके समान हैं? (A) प्रेम-भाव से भरी नदी के समान (B) स्नेह के स्पर्श से भी दूर (C) कमल के पत्तों सरीखे (D) अनुरागी मन वाले 'बड़भागी'

  6. Q6Case-based5 marksAsked: 2025

    निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : (i) प्रस्तुत पद में 'राजनीति' का प्रयोग हुआ है : (A) चतुराई के अर्थ में (B) अच्छे कर्मों के उदाहरण में (C) कर्तव्यपालन के अर्थ में (D) कृष्ण की प्रशंसा के संदर्भ में (ii) गोपियों के द्वारा 'मधुकर' किसे कहा जा रहा है ? (A) कृष्ण को (B) भ्रमर को (C) उद्धव को (D) हरि को (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : गोपियाँ पहले के लोगों को भला कह रही हैं । कारण : वे लोग इधर-उधर डोलते-दौड़ते रहते थे । विकल्प : (A) कथन गलत है, परंतु कारण सही है । (B) कथन सही है, परंतु कारण गलत है । (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या है । (D) कथन और कारण दोनों ही गलत हैं । (iv) इस पद में गोपियों ने श्रीकृष्ण पर कौन-कौन से आक्षेप लगाए हैं ? I. उन्होंने राजनीति सीख ली है । II. पहले से ही चतुर थे, अब तो बड़े-बड़े ग्रंथ भी पढ़ लिए । III. योग-संदेश भेजने का अर्थ है कि उनकी चालाकी और बढ़ गई है । विकल्प : (A) I और II दोनों (B) I और III दोनों (C) I, II और III तीनों (D) II और III दोनों (v) 'राजधर्म' क्या है ? (A) स्वयं अन्याय करना (B) दूसरों के अन्याय को रोकना (C) प्रजा को न सताना (D) गोपियों को योग-संदेश भिजवाना

    How the model answer begins

    1. प्रश्न (i) का सही उत्तर है — (A) चतुराई के अर्थ में। 'हरि हैं राजनीति पढ़ि आए' कहकर गोपियाँ व्यंग्य करती हैं कि कृष्ण ने अब राजनीति पढ़ ली है। यहाँ 'राजनीति' का अर्थ चाल-भरी चतुराई है, कर्तव्यपालन या कृष्ण की प्रशंसा…

    The full answer from Medha Ma’am →
  7. Q7Case-based5 marksAsked: 2025

    निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए : हमारैं हरि हारिल की लकरी। मन क्रम बचन नंद-नंदन उर, यह दृढ़ करि पकरी। जागत सोवत स्वप्न दिवस-निसि, कान्ह-कान्ह जक री। सुनत जोग लागत है ऐसौ, ज्यौं करुई ककरी सु तौ ब्याधि हमकौं लै आए, देखी सुनी न करी यह तौ 'सूर' तिनहिं लै सौंपौ, जिनके मन चकरी।। (क) गोपियों के अनुसार उद्धव द्वारा किन लोगों को योग की शिक्षा दी जानी चाहिए ? (A) जिनके मन में कृष्ण के प्रति भक्ति हो (B) जो योग के बारे में जानना चाहते हों (C) जो भक्ति मार्ग को हृदय से अपनाना चाहते हों (D) जिनका मन कृष्ण के प्रति स्थिर न हो (ख) 'हारिल' और 'हारिल की लकड़ी' किनके प्रतीक हैं ? (A) कृष्ण – कृष्ण (B) कृष्ण – गोपियाँ (C) गोपियाँ – कृष्ण (D) कृष्ण – उद्धव (ग) पद्यांश में व्याधि किसे बताया गया है ? (A) कृष्ण के मित्र उद्धव को (B) उद्धव के बताए योग को (C) कटुक स्वाद वाली ककड़ी को (D) कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम को (घ) दिए गए कथनों में से काव्यांश के संदर्भ में सही विकल्प का चयन कीजिए : (A) गोपियाँ दिन-रात कृष्ण के नाम का जप करती रहती हैं। (B) गोपियाँ उद्धव को भी योग त्यागने की सलाह देती हैं। (C) गोपियाँ उद्धव को भी भक्ति मार्ग अपनाने को कहती हैं। (D) गोपियाँ कृष्ण से प्रेम करके बहुत पछता रही हैं। (ङ) कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : गोपियाँ कृष्ण के प्रति अपने अगाध प्रेम के कारण भ्रमित थीं। कारण : प्रेम और विश्वास की गहराई से व्यक्ति में सूझ-बूझ की कमी हो जाती है। (A) कथन गलत है किंतु कारण सही है। (B) कथन और कारण दोनों ही गलत हैं। (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है। (D) कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।

    How the model answer begins

    1. (क) (D) जिनका मन कृष्ण के प्रति स्थिर न हो। गोपियाँ कहती हैं कि यह योग उन्हें सौंपो जिनके मन चकरी की तरह चंचल हैं।

    The full answer from Medha Ma’am →
  8. Q8Case-based5 marksAsked: 2025

    निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : मुख्य गायक के चट्टान जैसे भारी स्वर का साथ देती वह आवाज़ सुंदर कमज़ोर काँपती हुई थी वह मुख्य गायक का छोटा भाई है या उसका शिष्य या पैदल चलकर सीखने आने वाला दूर का कोई रिश्तेदार मुख्य गायक की गरज़ में वह अपनी गूँज मिलाता आया है प्राचीन काल से गायक जब अंतरे की जटिल तानों के जंगल में खो चुका होता है या अपने ही सरगम को लाँघकर चला जाता है भटकता हुआ एक अनहद में तब संगतकार ही स्थायी को सँभाले रहता है जैसे समेटता हो मुख्य गायक का पीछे छूटा हुआ सामान जैसे उसे याद दिलाता हो उसका बचपन जब वह नौसिखिया था तारसप्तक में जब बैठने लगता है उसका गला प्रेरणा साथ छोड़ती हुई उत्साह अस्त होता हुआ आवाज़ से राख जैसा कुछ गिरता हुआ तभी मुख्य गायक को ढाँढ़स बँधाता कहीं से चला आता है संगतकार का स्वर कभी-कभी वह यों ही दे देता है उसका साथ यह बताने के लिए कि वह अकेला नहीं है और यह कि फिर से गाया जा सकता है (i) 'संगतकार' कौन हो सकता है ? I. मुख्य गायक का पुत्र II. मुख्य गायक का छोटा भाई III. मुख्य गायक का कोई दूर का रिश्तेदार IV. मुख्य गायक का कोई शिष्य विकल्प : (A) I, II और III (B) I, II और IV (C) I, III और IV (D) II, III और IV (ii) गायक अंतरे की जटिल तानों में खो चुका होता है – का आशय है : (A) गायक गाने की जटिलता में सुर खो देता है। (B) गायक गाने की पंक्ति को बीच में ही भूल जाता है। (C) गायक अंतरे को गाने में सरगम और तानों की जटिलता भूल जाता है। (D) गायक अंतरे की तानों की गहराई और जटिलता में सुध-बुध खो देता है। (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : संगतकार मुख्य गायक को उसका बचपन याद दिलाता है। कारण : मुख्य गायक भी कभी नौसिखिया था। विकल्प : (A) कथन ग़लत है, परंतु कारण सही है। (B) कथन सही है, परंतु कारण ग़लत है। (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या है। (D) कथन और कारण दोनों सही हैं, परन्तु कारण, कथन की उचित व्याख्या नहीं है। (iv) मुख्य गायक के प्रतिभावान होने के बावजूद संगतकार का होना क्यों आवश्यक है ? (A) स्थायी और आनुषंगिक मुश्किलों को सँभालने के लिए (B) उसके बचपन की याद दिलाने के लिए (C) सुरों और सरगम की सीख लेने के लिए (D) पीछे छूटने वाले सामान को समेटने के लिए (v) पद्यांश में वर्णित पंक्तियों के आधार पर मुख्य गायक के बारे में कौन-सा कथन असत्य है ? (A) मुख्य गायक कभी-कभी अपनी सरगम में बेसुध होकर अनहद में खो जाता है। (B) उच्च सुरों में उसका गला थकने लगता है और आवाज़ बुझने भी लगती है। (C) संगतकार मुख्य गायक की गरजती हुई आवाज़ में अपनी गूँज मिलाकर उसे और पुष्ट करता है। (D) मुख्य गायक अपने नौसिखिए होने को याद कर प्रेरणाहीन हो थकने लगता है।

    How the model answer begins

    1. (D) II, III और IV — काव्यांश में संगतकार को मुख्य गायक का छोटा भाई, शिष्य या दूर का रिश्तेदार बताया गया है; पुत्र का उल्लेख नहीं है।

    The full answer from Medha Ma’am →
  9. Q9Short answer2 marksAsked: 2026

    योग-संदेश पाकर गोपियों की क्या मनोदशा हुई ? उनकी भावनाओं को दो बिंदुओं में लिखिए

    How the model answer begins

    1. योग-संदेश पाकर गोपियाँ बहुत दुखी और निराश हो गईं। (i) विरह व्यथा का बढ़ना: गोपियाँ कृष्ण के लौट आने की आशा के सहारे तन-मन की पीड़ा सह रही थीं, पर उद्धव के योग-संदेश सुनकर उनकी विरह की आग और भड़क उठी — 'बिरहिन बिरह दही'।…

    The full answer from Medha Ma’am →
  10. Q10Short answer2 marksAsked: 2026

    सूरदास द्वारा रचित 'पद' में 'गुर चाँटी ज्यों पागी' कहने से गोपियों की किस मनोदशा की अभिव्यक्ति होती है ?

  11. Q11Short answer2 marksAsked: 2026

    गोपियाँ उद्धव की बातें सुनकर निराश क्यों हो गईं ? 'सूरदास के पद' के आधार पर लिखिए

    How the model answer begins

    1. गोपियाँ उद्धव की बातें सुनकर इसलिए निराश हो गईं क्योंकि कृष्ण ने मथुरा जाने के बाद स्वयं न लौटकर उद्धव के द्वारा प्रेम-संदेश के स्थान पर निर्गुण ब्रह्म और योग का शुष्क संदेश भेजा। गोपियाँ ज्ञान मार्ग की बजाय प्रेम मार्ग…

    The full answer from Medha Ma’am →
  12. Q12Short answer2 marksAsked: 2025

    गोपियों के जीवन पर कृष्ण का क्या प्रभाव दिखता है ? 'सूर के पदों' के आधार पर दो बिंदुओं में अपनी बात लिखिए

    How the model answer begins

    1. सूर के पदों में गोपियों का पूरा जीवन कृष्ण के प्रेम से भरा दिखता है। (1) गोपियाँ कृष्ण के एकनिष्ठ प्रेम में डूबी हैं। हारिल की लकड़ी की तरह उन्होंने नंद-नंदन को हृदय में कसकर पकड़ रखा है और दिन-रात 'कान्ह-कान्ह' रटती…

    The full answer from Medha Ma’am →
  13. Q13Short answer2 marksAsked: 2025

    सूरदास ने गोपियों के माध्यम से निर्गुण भक्ति की अपेक्षा सगुण-साकार कृष्ण भक्ति की श्रेष्ठता स्थापित की है । दो उदाहरणों के साथ इस बात को सिद्ध कीजिए

    How the model answer begins

    1. सूरदास ने गोपियों के माध्यम से दिखाया है कि उद्धव के निर्गुण ब्रह्म एवं योग के शुष्क संदेश से श्रेष्ठ कृष्ण के प्रति प्रेम मार्ग है। पहला उदाहरण: 'हमारें हरि हारिल की लकरी' — जैसे हारिल पक्षी लकड़ी को कसकर पकड़े रहता…

    The full answer from Medha Ma’am →
  14. Q14Short answer2 marksAsked: 2024

    सूरदास के 'पद' के अनुसार गोपियों को ऐसा क्यों लगा कि कृष्ण ने राजनीति पढ़ ली है?

    How the model answer begins

    1. गोपियों को कृष्ण के व्यवहार में छल-कपट और चतुरता दिखाई दी, जो राजनीति का मुख्य लक्षण है। मथुरा जाने के बाद कृष्ण स्वयं न लौटकर उद्धव के जरिए संदेश भेजते हैं, जिससे गोपियों को लगा कि वे अपने स्वार्थ के कारण सीधे न आकर…

    The full answer from Medha Ma’am →
  15. Q15Short answer2 marksAsked: 2024

    सूरदास की गोपियों ने उद्धव को ‘बड़भागी’ किस उद्देश्य से कहा है ?

    How the model answer begins

    1. सूरदास की गोपियों ने उद्धव को 'बड़भागी' (भाग्यवान) उन पर व्यंग्य करने के लिए कहा है। ऊपर से यह प्रशंसा लगती है, पर असल में यह ताना है। उद्धव श्रीकृष्ण के निकट रहते हुए भी प्रेम की अनुभूति से वंचित रहे। वे 'सनेह तगा'…

    The full answer from Medha Ma’am →
  16. Q16Short answer2 marksAsked: 2023

    ‘सूरदास’ के पद के आधार पर लिखिए कि ‘हारिल पक्षी’ के उदाहरण से गोपियाँ अपने बारे में क्या बताना चाहती हैं

    How the model answer begins

    1. 'हारिल' के उदाहरण से गोपियाँ बताना चाहती हैं कि कृष्ण के प्रति उनका प्रेम एकनिष्ठ है और कृष्ण ही उनका एकमात्र सहारा हैं। हारिल पक्षी अपने पैरों में हमेशा एक लकड़ी लिए रहता है और उसे कभी नहीं छोड़ता। इसी तरह गोपियों ने…

    The full answer from Medha Ma’am →

Objective questions with the board’s key (10)

  1. 1. CBSE 2026

    ऊधो! तुम हौ अति बड़भागी। अपरस रहत स्नेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरागी। पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी। ज्यों जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौँ लागी। प्रीति-नदी मैं पाऊँ न बोरयौ, दृष्टि न रूप परागी। ‘सूरदास’ अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यों पागी।। ‘ज्यों जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौँ लागी ।’ पंक्ति के द्वारा क्या स्पष्ट होता है?

    • (A) श्रीकृष्ण का मन प्रेम से अछूता रहा ।
    • (B) उद्धव का मन प्रेम से अछूता रहा । ✓
    • (C) गोपियाँ प्रेम रूपी रस से अछूती रहीं ।
    • (D) तेल से युक्त मटकी पर जल का प्रभाव नहीं होता ।

    Answer: (B)

  2. 2. CBSE 2026

    ऊधो! तुम हौ अति बड़भागी। अपरस रहत स्नेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरागी। पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी। ज्यों जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौँ लागी। प्रीति-नदी मैं पाऊँ न बोरयौ, दृष्टि न रूप परागी। ‘सूरदास’ अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यों पागी।। कृष्ण-प्रेम में डूबी गोपियों की तुलना किससे की गई है? उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. कमल के पत्ते से II. जल में पड़े तेल चुपड़े घड़े से III. गुड़ से चिपटी चींटियों से विकल्प :

    • (A) केवल III सही है । ✓
    • (B) केवल I सही है ।
    • (C) I और III दोनों सही हैं ।
    • (D) II और III दोनों सही हैं ।

    Answer: (A)

  3. 3. CBSE 2026

    ऊधो! तुम हौ अति बड़भागी। अपरस रहत स्नेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरागी। पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी। ज्यों जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौँ लागी। प्रीति-नदी मैं पाऊँ न बोरयौ, दृष्टि न रूप परागी। ‘सूरदास’ अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यों पागी।। प्रस्तुत पद के आधार पर सूरदास के काव्य के बारे में कहा जा सकता है। उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. सहज उपमाओं द्वारा गूढ़ भाव व्यक्त किए गए हैं। II. उनके काव्य में केवल दार्शनिक चिंतन है। III. उनका काव्य बहुत अधिक अलंकृत और सजावटी है। IV. योग साधना से अधिक कृष्ण-प्रेम को महत्त्व दिया गया है। विकल्प :

    • (A) I और II सही हैं ।
    • (B) III और IV सही हैं ।
    • (C) II और III सही हैं ।
    • (D) I और IV सही हैं । ✓

    Answer: (D)

  4. 4. CBSE 2026

    ऊधो! तुम हौ अति बड़भागी। अपरस रहत स्नेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरागी। पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी। ज्यों जल माहँ तेल की गागरि, बूँद न ताकौँ लागी। प्रीति-नदी मैं पाऊँ न बोरयौ, दृष्टि न रूप परागी। ‘सूरदास’ अबला हम भोरी, गुर चाँटी ज्यों पागी।। निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : कथन : गोपियाँ उद्धव को ‘बड़भागी’ कहते हुए वास्तव में ‘भाग्यहीन’ बता रही हैं। कारण : वे योग का संदेश लेकर आए हैं।

    • (A) कथन सही है परंतु कारण गलत है ।
    • (B) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
    • (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है ।
    • (D) कारण और कथन दोनों सही हैं परंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है । ✓

    Answer: (D)

  5. 5. CBSE 2026

    मन की मन ही माँझ रही। कहिए जाइ कौन पै ऊधौ, नाहीं परत कही। अवधि अधार आस आवन की, तन मन बिथा सही। अब इन जोग सँदेसनि सुनि-सुनि, बिरहिन बिरह दही। चाहति हुती गुहारि जितहिं तें, उत तैं धार बही। ‘सूरदास’ अब धीर धरहिं क्यों, मरजादा न लहीं।। गोपियों की अभिलाषाएँ मन में ही क्यों रह गईं?

    • (A) सांसारिक लोक-लाज के कारण
    • (B) कृष्ण के मथुरा गमन के कारण
    • (C) कृष्ण के स्थान पर उद्धव के आने के कारण ✓
    • (D) प्रेमाभिव्यक्ति के लिए उचित शब्द न मिलने के कारण

    Answer: (C)

  6. 6. CBSE 2026

    मन की मन ही माँझ रही। कहिए जाइ कौन पै ऊधौ, नाहीं परत कही। अवधि अधार आस आवन की, तन मन बिथा सही। अब इन जोग सँदेसनि सुनि-सुनि, बिरहिन बिरह दही। चाहति हुती गुहारि जितहिं तें, उत तैं धार बही। ‘सूरदास’ अब धीर धरहिं क्यों, मरजादा न लहीं।। निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : गोपियाँ उद्धव के समक्ष अपनी विरह व्यथा कह रही हैं। कारण : उद्धव श्रीकृष्ण द्वारा भेजे गए उनके दूत हैं।

    • (A) कथन सही है, किंतु कारण ग़लत है।
    • (B) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
    • (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है। ✓
    • (D) कथन और कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण, कथन की उचित व्याख्या नहीं करता है।

    Answer: (C)

  7. 7. CBSE 2026

    मन की मन ही माँझ रही। कहिए जाइ कौन पै ऊधौ, नाहीं परत कही। अवधि अधार आस आवन की, तन मन बिथा सही। अब इन जोग सँदेसनि सुनि-सुनि, बिरहिन बिरह दही। चाहति हुती गुहारि जितहिं तें, उत तैं धार बही। ‘सूरदास’ अब धीर धरहिं क्यों, मरजादा न लहीं।। गोपियों ने अब तक धीरज क्यों धारण कर रखा था ? इस प्रश्न के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए : I. प्रेम की मर्यादा का पालन करते हुए II. कृष्ण के लौटकर आने की उम्मीद में III. समाज के नियमों को ध्यान में रखकर

    • (A) केवल I और III सही हैं।
    • (B) केवल II और III सही हैं।
    • (C) केवल I और II सही हैं। ✓
    • (D) I, II और III तीनों सही हैं।

    Answer: (C)

  8. 8. CBSE 2025

    हरि हैं राजनीति पढ़ि आए। समुझी बात कहत मधुकर के, समाचार सब पाए। इक अति चतुर हुते पहिलें ही, अब गुरु ग्रंथ पढ़ाए। बढ़ी बुद्धि जानी जो उनकी, जोग-संदेस पढ़ाए। उधौ भले लोग आगे के, पर हित डोलत धाए। अब अपनै मन फेर पाइ हैं, चलत जो हुते चुराए। ते क्यों अनीति करैं आपुन, जे और अनीति छुड़ाए। राज धरम तौ यहै 'सूर', जो प्रजा न जाहिं सताए। गोपियों द्वारा कृष्ण को राजनीतिज्ञ क्यों कहा गया ?

    • (A) अपनों का अच्छे से ख्याल रखने के कारण
    • (B) प्रेम में छल-कपटपूर्ण व्यवहार करने के कारण ✓
    • (C) कृष्ण के राजनीति संबंधी गहन ज्ञान के कारण
    • (D) कृष्ण के एक आदर्श राजा होने के कारण

    Answer: (B)

  9. 9. CBSE 2025

    हरि हैं राजनीति पढ़ि आए। समुझी बात कहत मधुकर के, समाचार सब पाए। इक अति चतुर हुते पहिलें ही, अब गुरु ग्रंथ पढ़ाए। बढ़ी बुद्धि जानी जो उनकी, जोग-संदेस पढ़ाए। उधौ भले लोग आगे के, पर हित डोलत धाए। अब अपनै मन फेर पाइ हैं, चलत जो हुते चुराए। ते क्यों अनीति करैं आपुन, जे और अनीति छुड़ाए। राज धरम तौ यहै 'सूर', जो प्रजा न जाहिं सताए। 'इक अति चतुर ......' पंक्ति के माध्यम से गोपियों द्वारा श्रीकृष्ण की/पर ________ किया गया है। रिक्त स्थान की पूर्ति उचित विकल्प द्वारा कीजिए :

    • (A) कटाक्ष ✓
    • (B) उपहास
    • (C) प्रशंसा
    • (D) निंदा

    Answer: (A)

  10. 10. CBSE 2025

    हरि हैं राजनीति पढ़ि आए। समुझी बात कहत मधुकर के, समाचार सब पाए। इक अति चतुर हुते पहिलें ही, अब गुरु ग्रंथ पढ़ाए। बढ़ी बुद्धि जानी जो उनकी, जोग-संदेस पढ़ाए। उधौ भले लोग आगे के, पर हित डोलत धाए। अब अपनै मन फेर पाइ हैं, चलत जो हुते चुराए। ते क्यों अनीति करैं आपुन, जे और अनीति छुड़ाए। राज धरम तौ यहै 'सूर', जो प्रजा न जाहिं सताए। काव्यांश में 'मधुकर' के माध्यम से किसकी ओर संकेत किया गया है ?

    • (A) भौंरे की ओर
    • (B) उद्धव की ओर ✓
    • (C) कृष्ण की ओर
    • (D) योग की ओर

    Answer: (B)

Questions parents and students ask

How many marks does "पद (सूरदास)" carry in CBSE Class 10 Hindi A?
In the CBSE papers of 2023–2026, this chapter carried about 3 marks and about 2 questions a year; by marks it ranks 13 in Hindi A.
Which are the most important (VVI) questions of "पद (सूरदास)"?
The 16 questions above are from the board’s real papers, each with the years it was asked; the most-asked come first with their full model answers. All 16 written questions of this chapter, with answers, are in the AskMedha app.
Do the answers follow the board’s marking scheme?
Yes. CBSE publishes its marking schemes; every model answer here is written point by point to the marks the board’s own scheme gives, and checked by a second, independent model.

The same preparation, with Medha Ma’am — on your phone

Every question of every chapter with its model answer, practice questions in the board’s own shapes, 60 minutes of class a day, written answers marked, a test every Sunday and a WhatsApp report to parents.

Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.