CBSE Class 10 · Hindi A · board exam 2027
Chapter 9: लखनवी अंदाज़ (यशपाल)
This chapter’s questions from CBSE’s real papers of 2023–2026 — the 9 asked most often, 3 with the full model answer, 5 with how the answer begins — and objective questions with the board’s key.
- marks a year (about)
- 1
- questions a year (about)
- 0
- rank in Hindi A
- #25
From 4 years of papers, 2023–2026 · full chapter-wise marks
Important questions — the ones the board asked most (9)
- Q1Short answer6 marksAsked: 2025
निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 - 30 शब्दों में लिखिए : (क) 'लखनवी अंदाज़' पाठ के आधार पर लखनऊ की नवाबी संस्कृति की कोई दो विशेषताएँ सोदाहरण लिखिए । (ख) 'एक कहानी यह भी' पाठ के आधार पर लिखिए कि एक अच्छे अध्यापक में क्या गुण होने चाहिए ? पाठ के संदर्भ में दो बिंदु लिखिए । (ग) 'बालगोबिन भगत' को कबीर का 'सच्चा अनुयायी' किन बातों के आधार पर कहा जा सकता है ? पाठ के संदर्भ में सोदाहरण लिखिए । (घ) 'नेताजी का चश्मा' पाठ में 'हालदार साहब' की दिलचस्पी का मूल बिंदु क्या था ? मूर्ति के चश्मे के विषय में गहरी रुचि होने के बावजूद वह स्वयं कोई प्रयास क्यों नहीं करते थे ?

Medha Ma’am
AskMedha’s AI teacher
Model answer · Prose lessons, short answers
- 1.(क) 'लखनवी अंदाज़' पाठ के अनुसार लखनऊ की नवाबी संस्कृति की पहली विशेषता नज़ाकत और नफ़ासत है। उदाहरण के लिए, नवाब साहब ने बहुत करीने से खीरे की फाँकों पर जीरा-मिला नमक और लाल मिर्च की सुर्खी बुरक दी। दूसरी विशेषता तहज़ीब यानी शिष्टाचार है। उदाहरण के लिए, नवाब साहब ने 'वल्लाह, शौक कीजिए' कहकर लेखक से आग्रह किया और लेखक ने भी 'किबला शौक फरमाएँ' कहकर विनम्रता से इनकार किया।2 marks
- 2.(ग) बालगोबिन भगत कबीर के सच्चे अनुयायी थे, क्योंकि वे कबीर को 'साहब' मानते थे, उन्हीं के पद गाते थे और गृहस्थ होते हुए भी साधु जैसा सादा, सच्चा जीवन जीते थे। वे बिना पूछे किसी की चीज़ नहीं छूते थे और खेत की पैदावार पहले कबीरपंथी मठ पर ले जाते थे। कबीर की तरह उन्होंने रूढ़ियों का विरोध भी किया। उदाहरण के लिए, बेटे की मृत्यु पर उन्होंने पुत्रवधू से ही चिता को आग दिलवाई।1 mark
- 3.(ख) 'एक कहानी यह भी' पाठ की प्राध्यापिका शीला अग्रवाल के आधार पर एक अच्छे अध्यापक में ये गुण होने चाहिए: पहला, वह विद्यार्थियों में साहित्य के प्रति रुचि जगाए और उन्हें अच्छी पुस्तकें चुनकर पढ़ने को दे। दूसरा, वह विद्यार्थियों को देश और समाज की समस्याओं के प्रति जागरूक बनाए और उनमें अपनी बात कहने का साहस जगाए।2 marks
- 4.तीसरा, अच्छा अध्यापक केवल कक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि कक्षा के बाहर भी विद्यार्थी का मार्गदर्शन करे और उससे बराबरी से बातचीत करके उसका आत्मविश्वास बढ़ाए।1 mark
- चार में से केवल तीन प्रश्न चुनें और हर उत्तर के आगे उसका क्रम (क), (ख), (ग) एक ही बार लिखें।
- (क) में 'नज़ाकत और नफ़ासत' और 'शिष्टाचार' जैसी दो अलग विशेषताएँ लिखें और हर एक के साथ पाठ से उदाहरण दें।
- (ख) में अध्यापक के गुण 'पहला', 'दूसरा' लिखकर कम से कम दो अलग बिंदुओं में दें।
Marks split as in the board’s published marking scheme
- Q2Case-based5 marksAsked: 2026
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : (i) लेखक के अनुसार नवाब साहब की आँखों में असंतोष का भाव क्यों दिखाई दे रहा था ? इस प्रश्न के उत्तर के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए : I. एकांत चिंतन में विघ्न पड़ने के कारण II. कहानी के लिए उपयुक्त कथानक नहीं मिलने के कारण III. खीर जैसी साधारण वस्तु के साथ देखे जाने के कारण विकल्प : (A) I, II और III तीनों सही हैं । (B) I, II और III तीनों ग़लत हैं । (C) I और II दोनों सही हैं । (D) I और III दोनों सही हैं । (ii) नवाब साहब के व्यवहार से उनकी किस प्रवृत्ति का परिचय मिलता है ? (A) सादगी और सहजता (B) मित्रवत व्यवहार और अपनापन (C) अपरिचितों पर संदेह (D) दिखावा और संकोच (iii) प्रस्तुत गद्यांश में लेखक के व्यक्तित्व की कौन-सी विशेषताएँ दिखाई देती हैं ? (A) आक्रामक और क्रोधी (B) उदासीन और तटस्थ (C) निराश और क्षुब्ध (D) आलोचनात्मक और कल्पनाशील (iv) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : लेखक ने नवाब साहब से अपनी नज़रें चुरा लीं और दूसरी ओर देखने लगा । कारण : नवाब साहब के व्यवहार के कारण अपने आत्मसम्मान को निभाने के लिए उसने ऐसा किया । विकल्प : (A) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं । (B) कथन सही है, किंतु कारण ग़लत है । (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है । (D) कथन और कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण, कथन की उचित व्याख्या नहीं करता है । (v) 'आत्मसम्मान में आँखें चुराना' से क्या अभिप्राय है ? (A) स्वाभिमान का निर्वाह करने के लिए आँखें हटाना (B) स्वयं के संतोष के लिए दृष्टि हटाना (C) आत्मा के सम्मान के लिए आँखें झुकाना (D) सामने वाले के सम्मान के लिए आँखें झुकाना

Medha Ma’am
AskMedha’s AI teacher
Model answer · Lakhnavi Andaz passage MCQs
- 1.(i) उत्तर : (D) I और III दोनों सही हैं। लेखक के सहसा डिब्बे में कूद जाने से नवाब साहब की आँखों में 'एकांत चिंतन में विघ्न का असंतोष' दिखाई दिया। लेखक ने यह भी सोचा कि वे 'खीरे-जैसी अपदार्थ वस्तु का शौक करते देखे जाने के संकोच' में हों। कहानी की सूझ वाली बात केवल लेखक का अनुमान थी, इसलिए कथन II सही नहीं है।1 mark
- 2.(ii) उत्तर : (D) दिखावा और संकोच। नवाब साहब शराफ़त का गुमान बनाए रखना चाहते थे और नहीं चाहते थे कि कोई सफ़ेदपोश उन्हें मँझले दर्जे में सफ़र करते या खीरा खाते देखे। यह उनके दिखावे और संकोच को दिखाता है।1 mark
- 3.(iii) उत्तर : (D) आलोचनात्मक और कल्पनाशील। लेखक कहता है, 'ठाली बैठे, कल्पना करते रहने की पुरानी आदत है' और वह नवाब साहब के संकोच के कारणों का अनुमान लगाता है। साथ ही वह उनके व्यवहार पर व्यंग्य करता है कि 'मियाँ रईस बनते हैं', जो उसकी आलोचनात्मक दृष्टि दिखाता है।1 mark
- 4.(iv) उत्तर : (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है। नवाब साहब ने लेखक की संगति के लिए उत्साह नहीं दिखाया, इसलिए लेखक ने सामने की बर्थ पर बैठकर 'आत्मसम्मान में आँखें चुरा लीं'। अर्थात् नवाब साहब का रूखा व्यवहार ही लेखक के नज़रें चुराने का कारण था।1 mark
- 5.(v) उत्तर : (A) स्वाभिमान का निर्वाह करने के लिए आँखें हटाना। 'आत्मसम्मान में आँखें चुराना' का अर्थ है कि जो व्यक्ति हमारी उपेक्षा करे, उसकी ओर देखकर अपना स्वाभिमान न गिराना और उससे अपनी नज़र हटा लेना।1 mark
- हर प्रश्न में विकल्प का अक्षर और उसका पूरा वाक्य दोनों लिखिए, जैसे '(D) दिखावा और संकोच'।
- प्रश्न (i) के लिए गद्यांश के शब्द 'एकांत चिंतन में विघ्न का असंतोष' लिखिए।
- प्रश्न (iv) में पूरा विकल्प लिखिए : 'कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है'।
Marks split as in the board’s published marking scheme
- Q3Short answer2 marksAsked: 2026
किस आधार पर यह कहा जा सकता है कि 'लखनवी अंदाज़' पाठ में नवाब साहब खीरे के साथ देखे जाने पर ही असहज हो गए थे?

Medha Ma’am
AskMedha’s AI teacher
Model answer · Nawab's discomfort, Lakhnavi Andaz
- 1.नवाब साहब के दो व्यवहारों से पता चलता है कि वे खीरे के साथ देखे जाने पर असहज हो गए थे। पहला, लेखक के अचानक डिब्बे में आने पर उनकी आँखों में एकांत चिंतन में विघ्न का असंतोष दिखाई दिया और उन्होंने संगति के लिए उत्साह नहीं दिखाया। दूसरा, लेखक के इनकार कर देने पर खाने की तीव्र इच्छा होते हुए भी उन्होंने खीरे की फाँकों को सूँघकर खिड़की से बाहर फेंक दिया।2 marks
- दो अलग-अलग बिंदु "पहला" और "दूसरा" लिखकर उत्तर दें।
- पाठ के शब्द "एकांत चिंतन में विघ्न का असंतोष" और "संगति के लिए उत्साह नहीं दिखाया" उत्तर में लिखें।
Marks split as in the board’s published marking scheme
- Q4Short answer2 marksAsked: 2026
'लखनवी अंदाज़' पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक ने यात्रा करने के लिए सेकंड क्लास का टिकट क्यों खरीदा ?
How the model answer begins
1. 'लखनवी अंदाज़' पाठ के अनुसार लेखक ने सेकंड क्लास का टिकट इसलिए खरीदा क्योंकि वह भीड़ से बचकर यात्रा करना चाहता था। वह एकांत में अपनी नयी कहानी के संबंध में सोचना चाहता था और खिड़की से प्राकृतिक दृश्य देखने का आनंद भी…
The full answer from Medha Ma’am → - Q5Short answer2 marksAsked: 2026
'लखनवी अंदाज़' कहानी के पात्र नवाब साहब के व्यवहार पर आप अपने विचार लिखिए
- Q6Short answer2 marksAsked: 2025
‘लखनवी अंदाज़’ के दोनों पात्र - नवाब साहब और लेखक मूलतः एक समान सफ़ेदपोश सज्जन हैं । - इस कथन को उदाहरण सहित सत्य सिद्ध कीजिए
How the model answer begins
1. नवाब साहब और लेखक दोनों ही सफ़ेदपोश सज्जन हैं जो अपनी दिखावटी जीवनशैली और नवाबी ठाठ-बाट के प्रदर्शन के प्रति सदा सचेत रहते हैं। दोनों समाज में अपनी सभ्यता और शराफ़त का आडंबर बनाए रखना चाहते हैं और इसी कारण एक-दूसरे के…
The full answer from Medha Ma’am → - Q7Short answer2 marksAsked: 2025
'लखनवी अंदाज़' पाठ नवाबी संस्कृति की परतों को खोलकर रख देता है, कैसे ? सोदाहरण समझाइए
How the model answer begins
1. 'लखनवी अंदाज़' पाठ नवाबी संस्कृति की बनावटी जीवन शैली और दिखावे को खोलकर रख देता है। लेखक यशपाल उस पतनशील सामंती वर्ग पर कटाक्ष करते हैं जो वास्तविकता से बेखबर है। उदाहरण के लिए, नवाब साहब खीरे को तुच्छ मानते हैं और…
The full answer from Medha Ma’am → - Q8Short answer2 marksAsked: 2025
'लखनवी अंदाज' पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक का नवाब साहब के प्रति आरंभ से अंत तक व्यवहार अकड़ से भरा क्यों रहा?
How the model answer begins
1. लेखक का व्यवहार अकड़ से भरा इसलिए रहा क्योंकि नवाब साहब ने आरंभ से ही उनके प्रति उपेक्षापूर्ण व्यवहार किया। लेखक के डिब्बे में आने पर नवाब साहब की आँखों में एकांत चिंतन में विघ्न का असंतोष दिखा और उन्होंने लेखक को…
The full answer from Medha Ma’am → - Q9Short answer2 marksAsked: 2025
“ताजे खीरे की फाँकों को देखकर लेखक के मुँह में पानी आ रहा था, फिर भी उन्होंने नवाब साहब के खीरा खाने के आग्रह को ठुकरा दिया ।” लेखक के ऐसे व्यवहार का कारण लिखिए
How the model answer begins
1. लेखक ने नवाब साहब का आग्रह इसलिए ठुकराया क्योंकि पहली बार आग्रह किए जाने पर वे 'शुक्रिया, किबला शौक फरमाएँ' कहकर इनकार कर चुके थे। नमक-मिर्च लगी ताज़े खीरे की फाँकें देखकर मुँह में पानी आने पर भी अब खीरा खा लेना अपनी ही…
The full answer from Medha Ma’am →
Objective questions with the board’s key (7)
- 1. CBSE 2026
गाड़ी छूट रही थी। सेकंड क्लास के एक छोटे डिब्बे को खाली समझकर, जरा दौड़कर उसमें चढ़ गए। अनुमान के प्रतिकूल डिब्बा निर्जन नहीं था। एक बर्थ पर लखनऊ की नवाबी नस्ल के एक सफ़ेदपोश सज्जन बहुत सुविधा से पालथी मारे बैठे थे। सामने दो ताजे-चिकने खीरे तौलिये पर रखे थे। डिब्बे में हमारे सहसा कूद जाने से सज्जन की आँखों में एकांत चिंतन में विघ्न का असंतोष दिखाई दिया। सोचा, हो सकता है, यह भी कहानी के लिए सूझ की चिंता में हों या खीरे-जैसी अपदार्थ वस्तु का शौक करते देखे जाने के संकोच में हों। नवाब साहब ने संगति के लिए उत्साह नहीं दिखाया। हमने भी उनके सामने की बर्थ पर बैठकर आत्मसम्मान में आँखें चुरा लीं। थाली बैठे, कल्पना करते रहने की पुरानी आदत है। नवाब साहब की असुविधा और संकोच के कारण का अनुमान करने लगे। संभव है, नवाब साहब ने बिल्कुल अकेले यात्रा कर सकने के अनुमान में किफ़ायत के विचार से सेकंड क्लास का टिकट खरीद लिया हो और अब गवारा न हो कि शहर का कोई सफ़ेदपोश उन्हें मँझले दर्जे में सफ़र करता देखे। लेखक के अनुसार नवाब साहब की आँखों में असंतोष का भाव क्यों दिखाई दे रहा था ? इस प्रश्न के उत्तर के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए : I. एकांत चिंतन में विघ्न पड़ने के कारण II. कहानी के लिए उपयुक्त कथानक नहीं मिलने के कारण III. खीरे जैसी साधारण वस्तु के साथ देखे जाने के कारण विकल्प : (A) I, II और III तीनों सही हैं । (B) I, II और III तीनों ग़लत हैं । (C) I और II दोनों सही हैं । (D) I और III दोनों सही हैं ।
- (A) I, II और III तीनों सही हैं ।
- (B) I, II और III तीनों ग़लत हैं ।
- (C) I और II दोनों सही हैं ।
- (D) I और III दोनों सही हैं । ✓
Answer: (D)
- 2. CBSE 2023
‘लखनवी अंदाज’ पाठ के नवाब साहब द्वारा लेखक की तरफ उत्सुकता नहीं दिखाई जाने के कारणों को पढ़कर सबसे उचित विकल्प चुनकर लिखिए –
- (A) इनमें से कोई भी नहीं।
- (B) केवल (क) और (ख)
- (C) (क), (ख) और (ग) तीनों। ✓
- (D) केवल (ग)
Answer: (C)
- 3. CBSE 2023
अपने पुत्र की मृत्यु पर बालगोबिन भगत ने क्या किया ?
- (A) फूल और तुलसीदल बिखरा दिया, कबीर के पद गाए, सबके गले लगकर रोए।
- (B) फूट-फूट कर रोए, कबीर के पद गाए, दीप जलाया।
- (C) फूल और तुलसीदल नोचकर फेंक दिए, कबीर के पदों को पढ़ना छोड़ दिया, लोगों के साथ गले मिल रोए।
- (D) फूल और तुलसीदल बिखरा दिया, शव के सिरहाने दीप जलाया, कबीर के पद गाए। ✓
Answer: (D)
- 4. CBSE 2023
नवाब साहब ने खीरे का आनंद किस प्रकार उठाया ?
- (A) खूब तैयारी से साफ किया, काटा, नमक-मिर्च बुरक दिया और खा लिया ।
- (B) साबुत खीरा ही धोकर खा लिया ।
- (C) खीरों को धोया, छीलकर काटा, जीरा मिला नमक-मिर्च छिड़का, होठों तक ले गए, सूँघकर फेंक दिया । ✓
- (D) खीरों को धोया, छीला, कड़वाहट निकाली, चखा, कड़वा होने के कारण फेंक दिया ।
Answer: (C)
- 5. CBSE 2023
शहनाई के विषय में ‘नौबत खाने में इबादत’ पाठ के आधार पर निम्नलिखित में कौन-सी बात असत्य है ?
- (A) वैदिक इतिहास में शहनाई का उल्लेख मिलता है । ✓
- (B) शहनाई सुषिर-वाद्यो में शामिल है ।
- (C) अवधी पारंपरिक लोकगीतों में शहनाई का उल्लेख है ।
- (D) शहनाई को मांगलिक विधि-विधानों में शामिल किया जाता है ।
Answer: (A)
- 6. CBSE 2023
नवाब साहब द्वारा बार-बार खीरा खाने का आग्रह किया जा रहा था, इसे लेखक ने कैसे टाला ?
- (A) साफ साफ मना करके
- (B) उपेक्षापूर्वक दूसरी ओर देखकर
- (C) पेट कमज़ोर होने का बहाना बनाकर ✓
- (D) पेट भरे होने का बहाना बनाकर
Answer: (C)
- 7. CBSE 2023
निम्नलिखित में बालगोबिन भगत के विषय में कौन-सी बात सही है ?
- (A) कार्तिक माह में वे अकसर शाम को पद गाते थे ।
- (B) वे दूसरों के काम में दखल देते थे ।
- (C) बारिश की आधी रात में अकसर वे खेतों में चले जाते ।
- (D) अपने खेत की पूरी फसल वे कबीर मठ में चढ़ाने ले जाते थे । ✓
Answer: (D)
Questions parents and students ask
- How many marks does "लखनवी अंदाज़ (यशपाल)" carry in CBSE Class 10 Hindi A?
- In the CBSE papers of 2023–2026, this chapter carried about 1 marks and about 0 questions a year; by marks it ranks 25 in Hindi A.
- Which are the most important (VVI) questions of "लखनवी अंदाज़ (यशपाल)"?
- The 9 questions above are from the board’s real papers, each with the years it was asked; the most-asked come first with their full model answers. All 9 written questions of this chapter, with answers, are in the AskMedha app.
- Do the answers follow the board’s marking scheme?
- Yes. CBSE publishes its marking schemes; every model answer here is written point by point to the marks the board’s own scheme gives, and checked by a second, independent model.
The same preparation, with Medha Ma’am — on your phone
Every question of every chapter with its model answer, practice questions in the board’s own shapes, 60 minutes of class a day, written answers marked, a test every Sunday and a WhatsApp report to parents.
Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.