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CBSE Class 10 · Hindi A · board exam 2027

Chapter 8: बालगोबिन भगत (रामवृक्ष बेनीपुरी)

This chapter’s questions from CBSE’s real papers of 2023–2026 — the 15 asked most often, 3 with the full model answer, 10 with how the answer begins — and objective questions with the board’s key.

marks a year (about)
2
questions a year (about)
1
rank in Hindi A
#16

From 4 years of papers, 2023–2026 · full chapter-wise marks

Chapter 8 notes (PDF) →

Important questions — the ones the board asked most (15)

  1. Q1Short answer6 marksAsked: 2023

    निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 - 30 शब्दों में लिखिए : (क) 'बालगोबिन भगत' शीर्षक पाठ में किन सामाजिक रूढ़ियों पर प्रहार किया गया है ? अपने शब्दों में लिखिए । (ख) 'झूठी शान और दिखावे से अपना व्यक्तित्व ही धूमिल पड़ता है ।' इस कथन को 'लखनवी अंदाज़' कहानी के आधार पर उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए । (ग) 'एक कहानी यह भी' के संदर्भ में लिखिए कि वर्तमान पड़ोस-कल्चर में किन बातों का अभाव दृष्टिगोचर होता है । (घ) बिस्मिल्ला खाँ शहनाई के लिए सर्वोच्च सम्मान पाकर भी नमाज़ के बाद सजदे में गिड़गिड़ाते - 'मेरे मालिक एक सुर बख्श दे ।' - इससे उनकी कौन-सी दो विशेषताएँ उभरकर आती हैं ?

    Medha Ma’am

    Medha Ma’am

    AskMedha’s AI teacher

    Model answer · Prose lessons, short answers

    1. 1.भगत ने बेटे की मृत्यु पर रोने-धोने के बजाय बहू से कहा कि आत्मा परमात्मा से मिल गई है, यह आनंद मनाने का समय है। उन्होंने बहू से ही बेटे की चिता को आग दिलवाई और श्राद्ध के बाद बहू के भाई को बुलाकर उसके पुनर्विवाह का आदेश दिया। गृहस्थ होकर भी वे साधु का जीवन जीते थे। इस प्रकार पाठ में शोक-प्रथा, केवल पुरुष द्वारा मुखाग्नि और विधवा-विवाह निषेध जैसी रूढ़ियों पर प्रहार किया गया है।2 marks
    2. 2.नवाब साहब ने सफ़र में खीरों को धोकर बड़े सलीके से काटा, उन पर नमक-मिर्च बुरका, पर लेखक के सामने खीरे जैसी साधारण चीज़ खाना अपनी नवाबी शान के खिलाफ़ समझा। उन्होंने फाँकें केवल सूँघकर खिड़की से बाहर फेंक दीं और डकार लेकर तृप्त होने का दिखावा किया। इस झूठी शान से उनका व्यक्तित्व हास्यास्पद बन गया।2 marks
    3. 3.(ग) लेखिका के अनुसार आज की 'फ्लैट-कल्चर' में पड़ोसियों के बीच पहले जैसी आत्मीयता, मेल-जोल, आपसी सहयोग और अपनेपन का अभाव दिखता है। लोग अपने-अपने फ्लैट में सिमट गए हैं, जिससे व्यक्ति संकुचित, असहाय और असुरक्षित हो गया है। अथवा (घ) इससे बिस्मिल्ला खाँ की दो विशेषताएँ उभरती हैं—पहली, उनकी विनम्रता, कि भारतरत्न पाकर भी उनमें अहंकार नहीं था और वे स्वयं को अधूरा मानते थे; दूसरी, संगीत के प्रति उनका गहरा समर्पण और ईश्वर में अटूट आस्था, जिससे वे सच्चे सुर के लिए जीवन भर साधना करते रहे।2 marks

    Marks split from a structure derived from past papers (checked twice); not CBSE’s official scheme

  2. Q2Case-based5 marksAsked: 2025

    निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : ऊपर की तसवीर से यह नहीं माना जाए कि बालगोबिन भगत साधु थे । नहीं, बिल्कुल गृहस्थ ! उनकी गृहिणी की तो मुझे याद नहीं, उनके बेटे और पतोहू को तो मैंने देखा था । थोड़ी खेती-बारी भी थी, एक अच्छा साफ़-सुथरा मकान भी था । किंतु, खेती-बारी करते, परिवार रखते भी, बालगोबिन भगत साधु थे - साधु की सब परिभाषाओं में खरे उतरने वाले । कबीर को 'साहब' मानते थे, उन्हीं के गीतों को गाते, उन्हीं के आदेशों पर चलते । कभी झूठ नहीं बोलते, खरा व्यवहार रखते । किसी से भी दो-टूक बात करने में संकोच नहीं करते, न किसी से खामखाह झगड़ा मोल लेते । किसी की चीज़ नहीं छूते, न बिना पूछे व्यवहार में लाते । इस नियम को कभी-कभी इतनी बारीकी तक ले जाते कि लोगों को कुतूहल होता ! - कभी वह दूसरे के खेत में शौच के लिए भी नहीं बैठते ! वह गृहस्थ थे; लेकिन उनकी सब चीज़ 'साहब' की थी । जो कुछ खेत में पैदा होता, सिर पर लादकर पहले उसे साहब के दरबार में ले जाते - जो उनके घर से चार कोस दूरी पर था - एक कबीरपंथी मठ से मतलब ! वह दरबार में 'भेंट' रूप रख लिया जाकर 'प्रसाद' रूप में जो उन्हें मिलता, उसे घर लाते और उसी से गुज़र चलाते । (i) लेखक के अनुसार बालगोबिन भगत 'बिल्कुल गृहस्थ' कैसे थे ? I. उनके पास खेती-बारी थी । II. उनका एक अच्छा और साफ़-सुथरा मकान था । III. उनके परिवार में बेटे और बहू के साथ-साथ उनकी गृहिणी भी मौजूद थी । IV. वे एक पारिवारिक व्यक्ति थे । विकल्प : (A) I, II और III (B) II, III और IV (C) III, IV और I (D) I, II और IV (ii) कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए : कथन : गृहस्थ होते हुए भी बालगोबिन भगत साधु थे । कारण : क्योंकि वे अपनी पारिवारिक भूमिका नहीं निभाते थे । विकल्प : (A) कथन सही है, परंतु कारण ग़लत है । (B) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं । (C) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है । (D) कथन और कारण दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है । (iii) बालगोबिन भगत कबीर को 'साहब' मानते थे - पंक्ति का आशय है : (A) बालगोबिन भगत कबीर को बड़ा संत मानते थे । (B) बालगोबिन भगत कबीर को ईश्वर-तुल्य मानते थे । (C) बालगोबिन भगत कबीर को पिता-तुल्य मानते थे । (D) बालगोबिन भगत कबीर को समाज-सुधारक मानते थे । (iv) गद्यांश में वर्णित उदाहरणों में से किस उदाहरण को हम सबसे बड़ा प्रमाण बता सकते हैं, जिससे यह साबित हो कि बालगोबिन भगत कबीर को सबसे अधिक मानते थे ? (A) सुबह-शाम, खेती-किसानी के समय भी कबीर के पदों को गाते रहना । (B) कभी झूठ न बोलना और सबसे खरा व्यवहार करना । (C) दूसरे के खेत में निवृत्त होने के लिए भी न जाना और सबसे दो-टूक व्यवहार करना । (D) अपनी पूरी फ़सल को कबीर-दरबार में चढ़ाना और प्रसाद स्वरूप जो मिले उसे स्वयं के लिए लाना । (v) अनुच्छेद में भगत के विषय में जो जानकारियाँ हैं, उस आधार पर वे हैं : I. सत्यवादी II. स्पष्टावादी III. सच्चे भक्त विकल्प : (A) I, II और III तीनों (B) केवल III (C) केवल I और III (D) केवल II और III

    Medha Ma’am

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    Model answer · Balgobin Bhagat passage MCQs

    1. 1.(i) उत्तर : (D) I, II और IV — बालगोबिन भगत के पास थोड़ी खेती-बारी थी, एक अच्छा साफ़-सुथरा मकान था और वे बेटे-पतोहू वाले पारिवारिक व्यक्ति थे; लेखक को उनकी गृहिणी की याद नहीं है, इसलिए कथन III सही नहीं है। (ii) उत्तर : (A) कथन सही है, परंतु कारण ग़लत है — वे खेती-बारी करते और परिवार रखते हुए भी साधु थे, यानी पारिवारिक भूमिका निभाते थे। (iii) उत्तर : (B) बालगोबिन भगत कबीर को ईश्वर-तुल्य मानते थे — इसीलिए उनकी सब चीज़ 'साहब' की थी। (iv) उत्तर : (D) अपनी पूरी फ़सल को कबीर-दरबार में चढ़ाना और प्रसाद स्वरूप जो मिले उसे स्वयं के लिए लाना — वे फ़सल सिर पर लादकर चार कोस दूर कबीरपंथी मठ ले जाते थे और उसी प्रसाद से गुज़र चलाते थे। (v) उत्तर : (A) I, II और III तीनों — वे कभी झूठ नहीं बोलते थे (सत्यवादी), दो-टूक बात करने में संकोच नहीं करते थे (स्पष्टवादी) और कबीर के आदेशों पर चलते थे (सच्चे भक्त)।5 marks
    • हर प्रश्न के आगे उसकी संख्या और विकल्प का अक्षर दोनों लिखें, जैसे "(i) उत्तर : (D) I, II और IV"।
    • प्रश्न (i) में ध्यान दें कि लेखक को "गृहिणी की याद नहीं" है, इसलिए कथन III वाला विकल्प न चुनें।
    • प्रश्न (iii) में 'साहब' का आशय "ईश्वर-तुल्य" लिखें।

    Marks split as in the board’s published marking scheme

  3. Q3Case-based5 marksAsked: 2025

    (ग) कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए : कथन : बालगोबिन भगत का गीत धान की रोपाई को एक उत्सव में बदल देता था । कारण : संगीत का मानव के मन-मस्तिष्क पर बहुत गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है । (A) कथन गलत है, किंतु कारण सही है । (B) कथन और कारण दोनों ही गलत हैं । (C) कथन सही है और कारण कथन की सही व्याख्या है । (D) कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है । (घ) औरतें कलेवा लेकर मेड़ पर क्यों बैठी थीं ? (A) रोपाई के समय ऐसा करना रिवाज़ था । (B) रोपनी करने पर कलेवा बाँधना होता था । (C) उनके घरों में पानी भर गया था । (D) थके-हारे आत्मीयों की सुधा शांत करवाना चाहती थी । (ङ) "उनका कंठ एक-एक शब्द को संगीत के जीने में चढ़ाकर कुछ को ऊपर, स्वर्ग की ओर भेज रहा है" का आशय नहीं है - (A) गीतों में ईश्वर के प्रति प्रार्थना भाव (B) गीतों में ईश्वर के प्रति समर्पण भाव (C) गीतों में भक्ति-भाव की परिपूर्णता (D) गीतों में लोकतत्व की अनुभूति

    Medha Ma’am

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    Model answer · Balgobin Bhagat, paddy-planting song

    1. 1.(क) उत्तर — (B) उनकी रोपनी उसके लय-ताल में एकसार हो जाती थी। धान रोपते समय भगत जी का मधुर गीत सुनकर खेत में काम करने वालों के हाथ उसी लय-ताल के साथ चलने लगते थे और रोपनी एक साथ, एक लय में होने लगती थी।1 mark
    2. 2.(ख) उत्तर — (C) वर्षा ऋतु। आषाढ़ में रिमझिम बारिश होती है, खेतों में पानी भर जाता है और इसी वर्षा ऋतु में धान की रोपाई होती है।1 mark
    3. 3.(ग) उत्तर — (C) कथन सही है और कारण कथन की सही व्याख्या है। भगत जी का गीत धान की रोपाई को सचमुच एक उत्सव में बदल देता था। ऐसा इसलिए होता था क्योंकि संगीत का मानव के मन-मस्तिष्क पर बहुत गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे लोग थकान भूलकर खुश होकर काम करने लगते थे।1 mark
    4. 4.(घ) उत्तर — (D) थके-हारे आत्मीयों की क्षुधा शांत करवाना चाहती थी। औरतें कलेवा लेकर मेड़ पर इसलिए बैठी थीं कि खेत में मेहनत करके थके अपने लोगों को भोजन कराकर उनकी भूख मिटा सकें।1 mark
    5. 5.(ङ) उत्तर — (D) गीतों में लोकतत्व की अनुभूति। इस पंक्ति में भगत जी के गीतों के प्रार्थना भाव, ईश्वर के प्रति समर्पण भाव और भक्ति-भाव की परिपूर्णता की बात है। लोकतत्व की अनुभूति इस पंक्ति का आशय नहीं है।1 mark
    • हर भाग में विकल्प का अक्षर और उसका पूरा वाक्य, दोनों लिखो, जैसे "(C) कथन सही है और कारण कथन की सही व्याख्या है।"
    • (घ) में सही शब्द "क्षुधा" (भूख) लिखो: "थके-हारे आत्मीयों की क्षुधा शांत करवाना चाहती थी।"
    • (ङ) में वह विकल्प चुनो जो पंक्ति का आशय नहीं है: "गीतों में लोकतत्व की अनुभूति"।

    Marks split as in the board’s published marking scheme

  4. Q4Case-based5 marksAsked: 2024

    निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए : (i) कथन और कारण पर विचार करते हुए सही विकल्प चुनिए : कथन : धान की रोपनी हो रही है, वातावरण ख़ुशनुमा है । कारण : आषाढ़ की रिमझिम है । विकल्प : (A) कथन सही है, किंतु कारण ग़लत है । (B) कथन ग़लत है, किंतु कारण सही है । (C) कथन के लिए कारण सही व्याख्या है । (D) कथन के लिए कारण सही व्याख्या नहीं है । (ii) निम्नलिखित में कौन-सा कथन गद्यांश से संबंधित नहीं है ? (A) सब धान के बीज लगा रहे हैं । (B) भगत खेत में रोपनी कर रहे हैं । (C) बच्चे खेलते हुए झूम रहे हैं । (D) औरतें, हलवाहे सब झूम रहे हैं । (iii) 'उनका कंठ एक-एक शब्द को संगीत के जीने पर चढ़ाकर कुछ को ऊपर, स्वर्ग की ओर भेज रहा है और कुछ को इस पृथ्वी की मिट्टी पर खड़े लोगों के कानों की ओर !' — इस कथन का आशय है : (A) वे कभी सीढ़ी पर चढ़कर गाते और कभी धरती पर उतरकर (B) उनके साथ पृथ्वी पर खड़े लोग भी गीत गाते (C) बालगोबिन के संगीत का जादू सबको वशीभूत कर लेता है (D) उनके संगीत में स्वरों का उतार-चढ़ाव सहज ही आकर्षित करता है (iv) 'यह क्या है — यह कौन है !' — यहाँ 'यह' किसके लिए आया है ? (A) वर्षा-बूँदों की टप-टप (B) बच्चों की किलकारियाँ (C) बालगोबिन की मधुर आवाज़ (D) लोगों की संगीत लहरी (v) 'पुरवाई' से क्या तात्पर्य है ? (A) पूर्वजों का आशीर्वाद (B) पूर्व से आने वाली हवाएँ (C) वर्षा के दिन की ठंडक (D) सावन मास में चलने वाली हवाएँ

    How the model answer begins

    1. (i) उत्तर – (A) कथन सही है, किंतु कारण गलत है। धान की रोपनी हो रही है और वातावरण ख़ुशनुमा है, यह बात सही है। पर दिया गया कारण इस कथन के लिए सही नहीं माना गया है।

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  5. Q5Short answer2 marksAsked: 2026

    बालगोबिन भगत का बेटा सामान्य बच्चों से अलग कैसा था? वे उसके साथ किस प्रकार का बर्ताव करते थे?

    How the model answer begins

    1. बालगोबिन भगत का इकलौता बेटा सामान्य बच्चों से अलग था, वह कुछ सुस्त और बोदा-सा था। भगत उसकी उपेक्षा नहीं करते थे। इसके बजाय वे उससे और अधिक प्रेम करते थे और उसकी विशेष देखभाल करते थे। उनका मानना था कि ऐसे लोग निगरानी और…

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  6. Q6Short answer2 marksAsked: 2026

    क्या आप बालगोबिन भगत की इस मान्यता से सहमत हैं कि सुस्त और बोदे लोग निगरानी और मुहब्बत के ज़्यादा हकदार होते हैं ? उचित तर्कों के साथ उत्तर लिखिए

    How the model answer begins

    1. हाँ, मैं बालगोबिन भगत की इस मान्यता से सहमत हूँ कि सुस्त और बोदे लोग निगरानी और मुहब्बत के ज़्यादा हकदार होते हैं। पहला तर्क यह है कि ऐसे लोग अपनी बात ठीक से कह नहीं पाते और जल्दी पीछे छूट जाते हैं। इसलिए उन्हें…

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  7. Q7Short answer2 marksAsked: 2026

    'बालगोबिन भगत' पाठ के आधार पर बालगोबिन भगत के स्वरूप पर टिप्पणी लिखिए

    How the model answer begins

    1. बालगोबिन भगत मँझोले कद के, गोरे-चिट्टे व्यक्ति थे और उनके बाल पक गए थे। वे कमर में केवल एक लंगोटी पहनते थे और सिर पर कबीरपंथियों जैसी कनफटी टोपी लगाते थे। उनके माथे पर रामानंदी चंदन और गले में तुलसी की माला रहती थी।…

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  8. Q8Short answer2 marksAsked: 2026

    'बालगोबिन भगत' पाठ के आधार पर लिखिए कि हर वर्ष गंगा-स्नान जाते समय भगत किस नेम-व्रत का पालन करते थे ?

    How the model answer begins

    1. हर वर्ष गंगा-स्नान को जाते समय बालगोबिन भगत ये नेम-व्रत निभाते थे: वे घर से खाकर निकलते थे और रास्ते में केवल पानी ही पीते थे। वे किसी से भिक्षा नहीं माँगते थे। वे तीस कोस तक पैदल ही यात्रा करते थे। इस यात्रा में उनका…

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  9. Q9Short answer2 marksAsked: 2026

    'बालगोबिन भगत' पाठ के आधार पर लिखिए कि संगीत के कार्यक्रम में भगत और उनकी मंडली किन-किन वाद्य यंत्रों को बजाया करती थी और उनके वादन-गायन की गति कैसी होती थी ?

  10. Q10Short answer2 marksAsked: 2025

    बालगोबिन भगत ने अपनी पतोहू की चिंता किस प्रकार की ? इससे उनके व्यक्तित्व के किस गुण का पता चलता है ?

    How the model answer begins

    1. बालगोबिन भगत ने अपनी पतोहू के पुनर्विवाह का आदेश दिया। उन्होंने पतोहू के भाई को बुलाकर उसे यह आदेश सुनाया कि वह अपनी बहन को साथ ले जाए और उसका दूसरा विवाह करा दे। भगत ने उसे किसी तरह रोकने की कोशिश नहीं की, बल्कि स्वयं…

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  11. Q11Short answer2 marksAsked: 2025

    बालगोबिन भगत पाठ से सोदाहरण सिद्ध कीजिए कि भगत, कबीर की शिक्षा को सिर्फ कथनी में ही नहीं करनी में भी उतारते थे

    How the model answer begins

    1. बालगोबिन भगत कबीर की शिक्षा को केवल गाते ही नहीं थे, बल्कि अपने आचरण में भी उतारते थे। इसका सबसे अच्छा उदाहरण उनके इकलौते बेटे की मृत्यु है। उस दुख के समय भी उन्होंने धैर्य और संयम बनाए रखा। वे बेटे के शव के पास बैठकर…

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  12. Q12Short answer2 marksAsked: 2025

    पुत्र की मृत्यु पर बालगोबिन भगत के शोक मनाने का तरीका सामान्य लोगों के तरीके से सर्वथा अलग कैसे था? स्पष्ट कीजिए

    How the model answer begins

    1. पुत्र की मृत्यु पर बालगोबिन भगत ने सामान्य लोगों की तरह शोक नहीं मनाया। आम लोग ऐसे समय में शव के पास बैठकर रोते और विलाप करते हैं, पर भगत बेटे के शव के पास बैठकर पूरी तल्लीनता से कबीर के पद गाते रहे। उनका मानना था कि…

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  13. Q13Short answer2 marksAsked: 2025

    'बालगोबिन भगत एक सच्चे गृहस्थ भी थे ।' स्पष्ट कीजिए

  14. Q14Short answer2 marksAsked: 2024

    'बालगोबिन भगत' पाठ के आधार पर लिखिए कि अपनी पतोहू के प्रति बालगोबिन भगत का व्यवहार उनके किन गुणों को उजागर करता है?

    How the model answer begins

    1. बालगोबिन भगत का अपनी पतोहू के प्रति व्यवहार उनकी संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है। वे अपनी पतोहू के दुख और भविष्य के प्रति सजग थे और उन्होंने एक पुत्रवधू के साथ पिता जैसा नहीं बल्कि एक संवेदनशील, उदार…

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  15. Q15Short answer2 marksAsked: 2023

    लेखक की आँखों से देखा गया बालगोबिन भगत की ‘प्रभाती’ का दृश्य कैसा था ? अपने शब्दों में लिखिए

    How the model answer begins

    1. लेखक की आँखों से देखा गया बालगोबिन भगत की प्रभाती का दृश्य बहुत मनमोहक था। कार्तिक से फागुन तक भगत बहुत सवेरे स्नान के बाद तालाब के किनारे मिट्टी के ऊँचे टीले पर कबीर के पद गाते थे। माघ महीने की सुबह कोहरा छाए होने पर…

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Objective questions with the board’s key (10)

  1. 1. CBSE 2025

    आषाढ़ की रिमझिम है । समूचा गाँव खेतों में उतर पड़ा है । कहीं हल चल रहे हैं; कहीं रोपनी हो रही है । धान की पानी-भरे खेतों में बच्चे उछल रहे हैं । औरतें कलेवा लेकर मेड़ पर बैठी हैं । आसमान बादल से घिरा; धूप का नाम नहीं । ठंडी पुरवाई चल रही है । ऐसे ही समय आपके कानों में एक स्वर-तरंग झंकार-सी कर उठी । यह क्या है - यह कौन है ! यह पूछना न पड़ेगा । बालगोबिन भगत समूचा शरीर कीचड़ में लिथड़े, अपने खेत में रोपनी कर रहे हैं । उनकी अँगुली एक-एक धान के पौधे को, पंक्तिबद्ध, खेत में बिठा रही है । उनका कंठ एक-एक शब्द को संगीत के जीने पर चढ़ाकर कुछ को ऊपर, स्वर्ग की ओर भेज रहा है और कुछ को इस पृथ्वी की मिट्टी पर खड़े लोगों के कानों की ओर ! बच्चे खेलते हुए झूम उठते हैं; मेड़ पर खड़ी औरतों के होंठ काँप उठते हैं, वे गुनगुनाने लगती हैं; हलवाहों के पैर ताल से उठने लगते हैं; रोपनी करने वालों की अँगुलियाँ एक अजीब क्रम से चलने लगती हैं ! बालगोबिन भगत का यह संगीत है या जादू ! धान की रोपाई करने वाले हलवाहों पर बालगोबिन के गीत का क्या प्रभाव पड़ता था ?

    • (A) वे रोपनी छोड़कर उस गीत को गाने लगते थे ।
    • (B) उनकी रोपनी उसके लय-ताल में एकसार हो जाती थी । ✓
    • (C) वे गीत की लय पर मगन होकर नाचने लगते थे ।
    • (D) गीत उनके रोपाई के काम में बाधक सिद्ध होता था ।

    Answer: (B)

  2. 2. CBSE 2025

    आषाढ़ की रिमझिम है । समूचा गाँव खेतों में उतर पड़ा है । कहीं हल चल रहे हैं; कहीं रोपनी हो रही है । धान की पानी-भरे खेतों में बच्चे उछल रहे हैं । औरतें कलेवा लेकर मेड़ पर बैठी हैं । आसमान बादल से घिरा; धूप का नाम नहीं । ठंडी पुरवाई चल रही है । ऐसे ही समय आपके कानों में एक स्वर-तरंग झंकार-सी कर उठी । यह क्या है - यह कौन है ! यह पूछना न पड़ेगा । बालगोबिन भगत समूचा शरीर कीचड़ में लिथड़े, अपने खेत में रोपनी कर रहे हैं । उनकी अँगुली एक-एक धान के पौधे को, पंक्तिबद्ध, खेत में बिठा रही है । उनका कंठ एक-एक शब्द को संगीत के जीने पर चढ़ाकर कुछ को ऊपर, स्वर्ग की ओर भेज रहा है और कुछ को इस पृथ्वी की मिट्टी पर खड़े लोगों के कानों की ओर ! बच्चे खेलते हुए झूम उठते हैं; मेड़ पर खड़ी औरतों के होंठ काँप उठते हैं, वे गुनगुनाने लगती हैं; हलवाहों के पैर ताल से उठने लगते हैं; रोपनी करने वालों की अँगुलियाँ एक अजीब क्रम से चलने लगती हैं ! बालगोबिन भगत का यह संगीत है या जादू ! गद्यांश में किस ऋतु का उल्लेख है ?

    • (A) ग्रीष्म ऋतु
    • (B) शरद ऋतु
    • (C) वर्षा ऋतु ✓
    • (D) शीत ऋतु

    Answer: (C)

  3. 3. CBSE 2025

    आषाढ़ की रिमझिम है । समूचा गाँव खेतों में उतर पड़ा है । कहीं हल चल रहे हैं; कहीं रोपनी हो रही है । धान की पानी-भरे खेतों में बच्चे उछल रहे हैं । औरतें कलेवा लेकर मेड़ पर बैठी हैं । आसमान बादल से घिरा; धूप का नाम नहीं । ठंडी पुरवाई चल रही है । ऐसे ही समय आपके कानों में एक स्वर-तरंग झंकार-सी कर उठी । यह क्या है - यह कौन है ! यह पूछना न पड़ेगा । बालगोबिन भगत समूचा शरीर कीचड़ में लिथड़े, अपने खेत में रोपनी कर रहे हैं । उनकी अँगुली एक-एक धान के पौधे को, पंक्तिबद्ध, खेत में बिठा रही है । उनका कंठ एक-एक शब्द को संगीत के जीने पर चढ़ाकर कुछ को ऊपर, स्वर्ग की ओर भेज रहा है और कुछ को इस पृथ्वी की मिट्टी पर खड़े लोगों के कानों की ओर ! बच्चे खेलते हुए झूम उठते हैं; मेड़ पर खड़ी औरतों के होंठ काँप उठते हैं, वे गुनगुनाने लगती हैं; हलवाहों के पैर ताल से उठने लगते हैं; रोपनी करने वालों की अँगुलियाँ एक अजीब क्रम से चलने लगती हैं ! बालगोबिन भगत का यह संगीत है या जादू ! कथन और कारण को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए : कथन : बालगोबिन भगत का गीत धान की रोपाई को एक उत्सव में बदल देता था । कारण : संगीत का मानव के मन-मस्तिष्क पर बहुत गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है ।

    • (A) कथन गलत है, किंतु कारण सही है ।
    • (B) कथन और कारण दोनों ही गलत हैं ।
    • (C) कथन सही है और कारण कथन की सही व्याख्या है । ✓
    • (D) कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है ।

    Answer: (C)

  4. 4. CBSE 2025

    आषाढ़ की रिमझिम है । समूचा गाँव खेतों में उतर पड़ा है । कहीं हल चल रहे हैं; कहीं रोपनी हो रही है । धान की पानी-भरे खेतों में बच्चे उछल रहे हैं । औरतें कलेवा लेकर मेड़ पर बैठी हैं । आसमान बादल से घिरा; धूप का नाम नहीं । ठंडी पुरवाई चल रही है । ऐसे ही समय आपके कानों में एक स्वर-तरंग झंकार-सी कर उठी । यह क्या है - यह कौन है ! यह पूछना न पड़ेगा । बालगोबिन भगत समूचा शरीर कीचड़ में लिथड़े, अपने खेत में रोपनी कर रहे हैं । उनकी अँगुली एक-एक धान के पौधे को, पंक्तिबद्ध, खेत में बिठा रही है । उनका कंठ एक-एक शब्द को संगीत के जीने पर चढ़ाकर कुछ को ऊपर, स्वर्ग की ओर भेज रहा है और कुछ को इस पृथ्वी की मिट्टी पर खड़े लोगों के कानों की ओर ! बच्चे खेलते हुए झूम उठते हैं; मेड़ पर खड़ी औरतों के होंठ काँप उठते हैं, वे गुनगुनाने लगती हैं; हलवाहों के पैर ताल से उठने लगते हैं; रोपनी करने वालों की अँगुलियाँ एक अजीब क्रम से चलने लगती हैं ! बालगोबिन भगत का यह संगीत है या जादू ! औरतें कलेवा लेकर मेड़ पर क्यों बैठी थीं ?

    • (A) रोपाई के समय ऐसा करना रिवाज़ था ।
    • (B) रोपनी करने पर कलेवा बाँधना होता था ।
    • (C) उनके घरों में पानी भर गया था ।
    • (D) थके-हारे आत्मीयों की सुधा शांत करवाना चाहती थी । ✓

    Answer: (D)

  5. 5. CBSE 2025

    आषाढ़ की रिमझिम है । समूचा गाँव खेतों में उतर पड़ा है । कहीं हल चल रहे हैं; कहीं रोपनी हो रही है । धान की पानी-भरे खेतों में बच्चे उछल रहे हैं । औरतें कलेवा लेकर मेड़ पर बैठी हैं । आसमान बादल से घिरा; धूप का नाम नहीं । ठंडी पुरवाई चल रही है । ऐसे ही समय आपके कानों में एक स्वर-तरंग झंकार-सी कर उठी । यह क्या है - यह कौन है ! यह पूछना न पड़ेगा । बालगोबिन भगत समूचा शरीर कीचड़ में लिथड़े, अपने खेत में रोपनी कर रहे हैं । उनकी अँगुली एक-एक धान के पौधे को, पंक्तिबद्ध, खेत में बिठा रही है । उनका कंठ एक-एक शब्द को संगीत के जीने पर चढ़ाकर कुछ को ऊपर, स्वर्ग की ओर भेज रहा है और कुछ को इस पृथ्वी की मिट्टी पर खड़े लोगों के कानों की ओर ! बच्चे खेलते हुए झूम उठते हैं; मेड़ पर खड़ी औरतों के होंठ काँप उठते हैं, वे गुनगुनाने लगती हैं; हलवाहों के पैर ताल से उठने लगते हैं; रोपनी करने वालों की अँगुलियाँ एक अजीब क्रम से चलने लगती हैं ! बालगोबिन भगत का यह संगीत है या जादू ! "उनका कंठ एक-एक शब्द को संगीत के जीने में चढ़ाकर कुछ को ऊपर, स्वर्ग की ओर भेज रहा है" का आशय नहीं है -

    • (A) गीतों में ईश्वर के प्रति प्रार्थना भाव
    • (B) गीतों में ईश्वर के प्रति समर्पण भाव
    • (C) गीतों में भक्ति-भाव की परिपूर्णता
    • (D) गीतों में लोकतत्त्व की अनुभूति ✓

    Answer: (D)

  6. 6. CBSE 2025

    आषाढ़ की रिमझिम है । समूचा गाँव खेतों में उतर पड़ा है । कहीं हल चल रहे हैं; कहीं रोपनी हो रही है । धान के पानी-भरे खेतों में बच्चे उछल रहे हैं । औरतें कलेवा लेकर मेड़ पर बैठी हैं । आसमान बादल से घिरा; धूप का नाम नहीं । ठंडी पुरवाई चल रही । ऐसे ही समय आपके कानों में एक स्वर-तरंग झंकार-सी कर उठी । यह क्या है - यह कौन है । यह पूछना न पड़ेगा । बालगोबिन भगत समूचा शरीर कीचड़ में लिथड़े, अपने खेत में रोपनी कर रहे हैं । उनकी अँगुली एक-एक धान के पौधे को, पंक्तिबद्ध, खेत में बिठा रही है । उनका कंठ एक-एक शब्द को संगीत के जीने पर चढ़ाकर कुछ ऊपर, स्वर्ग की ओर भेज रहा है और कुछ को इस पृथ्वी की मिट्टी पर खड़े लोगों के कानों की ओर ! बच्चे खेलते हुए झूम उठते हैं; मेड़ पर खड़ी औरतों के होंठ काँप उठते हैं, वे गुनगुनाने लगती हैं; हलवाहों के पैर ताल से उठने लगते हैं; रोपनी करने वालों की अँगुलियाँ एक अजीब क्रम से चलने लगती हैं ! बालगोबिन भगत का यह संगीत है या जादू ! धान की रोपाई करने वाले हलवाहों पर बालगोबिन के गीत का क्या प्रभाव पड़ता था ?

    • (A) वे रोपनी छोड़कर उस गीत को गाने लगते थे ।
    • (B) उनकी रोपनी उसके लय-ताल में एकसार हो जाती थी । ✓
    • (C) वे गीत की लय पर मगन होकर नाचने लगते थे ।
    • (D) गीत उनके रोपाई के काम में बाधक सिद्ध होता था ।

    Answer: (B)

  7. 7. CBSE 2024

    ‘लखनवी अंदाज़’ के लेखक ने यात्रा के लिए सेकंड क्लास का टिकट क्यों लिया ?

    • (A) लंबा सफ़र तय करना था
    • (B) पैसे अपेक्षाकृत कम लगते
    • (C) नई कहानी के बारे में सोच सकने के लिए ✓
    • (D) नवाब साहब से दोस्ती करने के लिए

    Answer: (C)

  8. 8. CBSE 2024

    ‘नेताजी का चश्मा’ पाठ का केन्द्र-बिंदु है :

    • (A) देशभक्ति ✓
    • (B) दिव्यांग का साहस
    • (C) नेताजी का चश्मा
    • (D) नेताजी की मूर्ति

    Answer: (A)

  9. 9. CBSE 2023

    किस घटना के आधार पर कहा जा सकता है कि बालगोबिन भगत प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को नहीं मानते थे?

    • (A) जवान बेटे की मृत्यु पर पद गा रहे थे
    • (B) हर वर्ष गंगा स्नान के लिए जाते
    • (C) अपनी खेती-बाड़ी स्वयं करते
    • (D) बेटे का क्रिया-कर्म बहू से करवाया ✓

    Answer: (D)

  10. 10. CBSE 2023

    शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी क्यों हैं?

    • (A) डुमराँव में उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ का जन्म हुआ
    • (B) इनके परदादा उस्ताद सलार हुसैन खाँ डुमराँव निवासी थे
    • (C) रीड की नरकट डुमराँव में सोन नदी-किनारे पाई जाती है ✓
    • (D) बिहार के संगीत प्रेमी परिवार डुमराँव में रहते थे

    Answer: (C)

Questions parents and students ask

How many marks does "बालगोबिन भगत (रामवृक्ष बेनीपुरी)" carry in CBSE Class 10 Hindi A?
In the CBSE papers of 2023–2026, this chapter carried about 2 marks and about 1 questions a year; by marks it ranks 16 in Hindi A.
Which are the most important (VVI) questions of "बालगोबिन भगत (रामवृक्ष बेनीपुरी)"?
The 15 questions above are from the board’s real papers, each with the years it was asked; the most-asked come first with their full model answers. All 15 written questions of this chapter, with answers, are in the AskMedha app.
Do the answers follow the board’s marking scheme?
Yes. CBSE publishes its marking schemes; every model answer here is written point by point to the marks the board’s own scheme gives, and checked by a second, independent model.

The same preparation, with Medha Ma’am — on your phone

Every question of every chapter with its model answer, practice questions in the board’s own shapes, 60 minutes of class a day, written answers marked, a test every Sunday and a WhatsApp report to parents.

Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.