CBSE Class 10 · Hindi A · board exam 2027
Chapter 11: नौबतखाने में इबादत (यतींद्र मिश्र)
This chapter’s questions from CBSE’s real papers of 2023–2026 — the 17 asked most often, 2 with the full model answer, 13 with how the answer begins — and objective questions with the board’s key.
- marks a year (about)
- 2
- questions a year (about)
- 1
- rank in Hindi A
- #21
From 4 years of papers, 2023–2026 · full chapter-wise marks
Important questions — the ones the board asked most (17)
- Q1Short answer6 marksAsked: 2025
निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 - 30 शब्दों में लिखिए : (क) 'भारत रत्न' से सम्मानित बिस्मिल्ला खाँ की उपलब्धियों के पीछे कौन-से कारण हैं ? (ख) 'लखनवी अंदाज़' के दोनों पात्र नवाबी संस्कृति के ही प्रतिनिधि हैं - उदाहरण सहित सिद्ध कीजिए। (ग) हालदार साहब ने मूर्ति पर चश्मा लगाने वाले का नाम 'कैप्टन' सुनकर उसके बारे में क्या अनुमान लगाया ? उन्हें उन अनुमानों के ग़लत साबित होने पर कैसा लगा ? (घ) 'माता-पिता के व्यक्तित्व और व्यवहार दोनों से बच्चों का बचपन प्रभावित होता है।' - 'एक कहानी यह भी' पाठ के आधार पर दो उदाहरणों से इस कथन को सिद्ध कीजिए।
- Q2Short answer6 marksAsked: 2023
गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 - 30 शब्दों में लिखिए : (क) बिस्मिल्ला खाँ की एक संगीत साधक के रूप में क्या विशेषताएँ थीं ? सोदाहरण स्पष्ट कीजिए । (ख) लेखक की आँखों से देखा गया बालगोबिन भगत की 'प्रभाती' का दृश्य कैसा था ? अपने शब्दों में लिखिए । (ग) 'नेताजी का चश्मा' पाठ में चश्मे के बहाने से देशभक्ति की भावना पर किस प्रकार बल दिया गया है ? स्पष्ट कीजिए । (घ) 'संस्कृति' पाठ के आधार पर लिखिए कि आज के विज्ञान के विद्यार्थियों को लेखक न्यूटन के मुकाबले कहाँ देखता है । उसकी बातों से अपनी सहमति/असहमति तर्कों द्वारा साबित कीजिए ।

Medha Ma’am
AskMedha’s AI teacher
Model answer · prose chapters, gist-based short answers
- 1.बिस्मिल्ला खाँ सच्चे संगीत-साधक थे। वे बालाजी मंदिर में नियमित रियाज़ करते थे। भारतरत्न पाकर भी वे विनम्र रहे और अस्सी बरस तक नमाज़ के बाद खुदा से 'मेरे मालिक, एक सुर बख्श दे' की दुआ माँगते रहे। वे स्वयं को संगीत में सदा अधूरा मानते थे।2 marks
- 2.कार्तिक से फागुन तक भगत भोर से पहले उठकर दो मील दूर नदी-स्नान को जाते और लौटकर गाँव के बाहर पोखरे के ऊँचे भिंडे पर खँजड़ी लेकर गाने लगते। माघ की दाँत किटकिटाने वाली ठंड और कुहासे में भी वे गाते-गाते इतने मस्त हो जाते कि उनके मस्तक पर श्रमबिंदु चमक उठते, जबकि लेखक ठंड से काँप रहा था।2 marks
- 3.(ग) गरीब और लँगड़ा कैप्टन अपनी सीमित कमाई के बावजूद नेताजी की मूर्ति पर चश्मा लगाता था, ताकि नेताजी बिना चश्मे के न रहें। उसकी मृत्यु के बाद बच्चों ने मूर्ति पर सरकंडे का चश्मा लगा दिया। इससे पता चलता है कि देशभक्ति केवल बड़े लोगों में नहीं, बल्कि साधारण लोगों और बच्चों में भी जीवित है। अथवा (घ) लेखक के अनुसार आज के विज्ञान के विद्यार्थी न्यूटन से अधिक बातें जानते हैं, पर उन्हें न्यूटन से अधिक सभ्य तो कहा जा सकता है, अधिक संस्कृत नहीं, क्योंकि न्यूटन ने अपनी योग्यता से नई खोज की थी। मैं सहमत हूँ, क्योंकि दूसरों की खोज जानना सभ्यता है, जबकि स्वयं नई खोज करने की योग्यता ही संस्कृति है।2 marks
Marks split from a structure derived from past papers (checked twice); not CBSE’s official scheme
- Q3Case-based5 marksAsked: 2026
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : (i) शिष्या द्वारा बिस्मिल्ला खाँ को टोकने के पीछे कौन-से कारण थे? उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. शिष्या को फटी तहमत के कारण शर्म आ रही थी । II. शिष्या खाँ साहब की प्रतिष्ठा के लिए चिंतित थी । III. खाँ साहब बनाव-श्रृंगार को विशेष महत्त्व नहीं देते थे । IV. शिष्या खाँ साहब के प्रति आत्मीयता का भाव रखती थी । विकल्प : (A) कथन I और III सही हैं । (B) कथन I और IV सही हैं । (C) कथन II और IV सही हैं । (D) कथन II और III सही हैं ।

Medha Ma’am
AskMedha’s AI teacher
Model answer · Bismillah Khan passage MCQ
- 1.(i) उत्तर : (C) कथन II और IV सही हैं। कारण : शिष्या ने खाँ साहब को इसलिए टोका क्योंकि उसे उनकी प्रतिष्ठा की चिंता थी। उसने कहा, "बाबा! आप यह क्या करते हैं, इतनी प्रतिष्ठा है आपकी। अब तो आपको भारतरत्न भी मिल चुका है, यह फटी तहमत न पहना करें।" इसलिए कथन II सही है। उसने 'बाबा' कहकर डरते-डरते टोका, और खाँ साहब ने भी उसे लाड़ से 'पगली' और 'बिटिया' कहा। इससे पता चलता है कि शिष्या के मन में खाँ साहब के प्रति आत्मीयता का भाव था, इसलिए कथन IV भी सही है। फटी तहमत से शर्म खाँ साहब की प्रतिष्ठा के कारण थी, शिष्या की अपनी शर्म नहीं थी। बनाव-श्रृंगार को महत्त्व न देना खाँ साहब का स्वभाव था, शिष्या के टोकने का कारण नहीं। इसलिए कथन I और III इस प्रश्न के उत्तर नहीं हैं।5 marks
- विकल्प का अक्षर और पूरा कथन दोनों लिखिए : "(C) कथन II और IV सही हैं"।
- गद्यांश से शिष्या के शब्द "इतनी प्रतिष्ठा है आपकी" लिखकर कारण बताइए।
- कथन III खाँ साहब का स्वभाव बताता है, शिष्या के टोकने का कारण नहीं, यह फ़र्क़ लिखिए।
Marks split as in the board’s published marking scheme
- Q4Case-based5 marksAsked: 2025
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : काशी संस्कृति की पाठशाला है । शास्त्रों में आनंदकानन के नाम से प्रतिष्ठित । काशी में कलाधर हनुमान व नृत्य-विश्वनाथ हैं । काशी में बिस्मिल्ला खाँ हैं । काशी में हज़ारों सालों का इतिहास है जिसमें पंडित कंठे महाराज हैं, विद्याधरी हैं, बड़े रामदास जी हैं, मौजुद्दीन खाँ हैं व इन रसिकों से उपकृत होने वाला अपार जन-समूह है । यह एक अलग काशी है जिसकी अलग तहज़ीब है, अपनी बोली और अपने विशिष्ट लोग हैं । इनके अपने उत्सव हैं, अपना गम । अपना सेहरा-बन्ना और अपना नौहा । आप यहाँ संगीत को भक्ति से, भक्ति को किसी भी धर्म के कलाकार से, कजरी को चैती से, विश्वनाथ को विशालाक्षी से, बिस्मिल्ला खाँ को गंगाद्वार से अलग करके नहीं देख सकते । अकसर समारोहों एवं उत्सवों में दुनिया कहती है ये बिस्मिल्ला खाँ हैं । बिस्मिल्ला खाँ का मतलब – बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई । शहनाई का तात्पर्य – बिस्मिल्ला खाँ का हाथ । हाथ से आशय इतना भर कि बिस्मिल्ला खाँ की फूँक और शहनाई की जादुई आवाज़ का असर हमारे सिर चढ़कर बोलने लगता है । शहनाई में सरगम भरा है । खाँ साहब को ताल मालूम है, राग मालूम है । ऐसा नहीं कि बेताले जाएँगे । शहनाई में सात सुर लेकर निकल पड़े । शहनाई में परवरदिगार, गंगा मइया, उस्ताद की नसीहत लेकर उतर पड़े । दुनिया कहती – सुभान अल्लाह, तिस पर बिस्मिल्ला खाँ कहते हैं – अलहमदुलिल्लाह । (i) काशी के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ? उचित विकल्प छाँटकर लिखिए । I. इसे शास्त्रों में आनंदकानन कहा गया है । II. यहाँ संगीत और भक्ति एक-दूसरे में रचे-बसे हैं । III. यहाँ पर संस्कृति शिक्षण के लिए एक पाठशाला का निर्माण हुआ है । विकल्प :
How the model answer begins
1. (i) उत्तर : (A) केवल (I) और (II) सही हैं। काशी को शास्त्रों में आनंदकानन के नाम से प्रतिष्ठित कहा गया है। यहाँ संगीत को भक्ति से अलग करके नहीं देखा जा सकता, यानी संगीत और भक्ति एक-दूसरे में रचे-बसे हैं। 'काशी संस्कृति…
The full answer from Medha Ma’am → - Q5Short answer5 marksAsked: 2025
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : (i) काशी के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं ? उचित विकल्प छाँटकर लिखिए । I. इसे शास्त्रों में आनंदकानन कहा गया है । II. यहाँ संगीत और भक्ति एक-दूसरे में रचे-बसे हैं । III. यहाँ पर संस्कृति शिक्षण के लिए एक पाठशाला का निर्माण हुआ है । विकल्प : (A) केवल I और II सही हैं । (B) केवल I और III सही हैं । (C) केवल III सही है । (D) केवल II और III सही हैं । (ii) काशी को 'संस्कृति की पाठशाला' क्यों कहा गया है ? (A) अत्यंत प्राचीन होने के कारण (B) संस्कृत पठन-पाठन की सुविधा के कारण (C) सांप्रदायिक सद्भाव की विशिष्टता के कारण (D) कला, साहित्य और अध्यात्म का समन्वित रूप होने के कारण (iii) 'बिस्मिल्ला खाँ का मतलब उनकी शहनाई है,' ऐसा क्यों ? (A) बिस्मिल्ला खाँ का वजूद शहनाई के बिना कुछ भी नहीं । (B) बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई ने उनको पूरी दुनिया में पहचान दिलाई । (C) बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई सबसे अलग और अनोखी है । (D) बिस्मिल्ला खाँ और शहनाई एक-दूसरे के पूरक और पर्याय हैं । (iv) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई की जादुई आवाज़ का असर सभी के ऊपर खूब होता है । कारण : उनकी शहनाई तालों, रागों और सरगम के सुरों से भरी हुई है । विकल्प : (A) कथन सही है, परंतु कारण गलत है । (B) कथन और कारण दोनों गलत हैं । (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कथन की उचित व्याख्या कारण के द्वारा हो रही है । (D) कथन और कारण दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की उचित व्याख्या नहीं करता है । (v) गद्यांश में बिस्मिल्ला खाँ के साथ ही निम्नलिखित महत्त्वपूर्ण संस्कृति-कर्मियों का उल्लेख काशी के संदर्भ में हुआ है : I. पंडित कंठे महाराज II. विद्याधरी III. विशालाक्षी देवी IV. बड़े रामदास जी विकल्प : (A) I, II और III (B) I, II और IV (C) I, III और IV (D) II, III और IV
How the model answer begins
1. (i) उत्तर : (A) केवल I और II सही हैं । काशी शास्त्रों में आनंदकानन के नाम से प्रतिष्ठित है। यहाँ संगीत को भक्ति से अलग करके नहीं देखा जा सकता, यानी संगीत और भक्ति एक-दूसरे में रचे-बसे हैं। संस्कृति शिक्षण के लिए किसी…
The full answer from Medha Ma’am → - Q6Case-based5 marksAsked: 2025
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : काशी संस्कृति की पाठशाला है। शास्त्रों में आनंदकानन के नाम से प्रतिष्ठित। काशी में कलाधर हनुमान व नृत्य-विश्वनाथ हैं। काशी में बिस्मिल्ला खाँ हैं। काशी में हज़ारों सालों का इतिहास है जिसमें पंडित कंठे महाराज हैं, विद्याधरी हैं, बड़े रामदास जी हैं, मौजुद्दीन खाँ हैं व इन रसिकों से उपकृत होने वाला अपार जन-समूह है। यह एक अलग काशी है जिसकी अलग तहज़ीब है, अपनी बोली और अपने विशिष्ट लोग हैं। इनके अपने उत्सव हैं, अपना गम। अपना सेहरा-बन्ना और अपना नौहा। आप यहाँ संगीत को भक्ति से, भक्ति को किसी भी धर्म के कलाकार से, कजरी को चैती से, विश्वनाथ को विशालाक्षी से, बिस्मिल्ला खाँ को गंगाद्वार से अलग करके नहीं देख सकते। (i) काशी में हनुमान की उपासना किस रूप में होती है? (ii) गद्यांश के अंतिम वाक्य में काशी की किस विशेषता का उल्लेख किया गया है?
How the model answer begins
1. (i) उत्तर — (A) कलाओं के स्वामी के रूप में। गद्यांश में कहा गया है कि काशी में "कलाधर हनुमान" हैं। कलाधर का अर्थ है कलाओं को धारण करने वाला। इसलिए काशी में हनुमान की उपासना कलाओं के स्वामी के रूप में होती है।
The full answer from Medha Ma’am → - Q7Short answer2 marksAsked: 2026
बिस्मिल्ला खाँ के व्यक्तित्व के गुणों का उल्लेख करते हुए लिखिए कि आप उनके किस गुण को अपनाना चाहेंगे और क्यों ?
How the model answer begins
1. बिस्मिल्ला खाँ के व्यक्तित्व के प्रमुख गुण हैं: वे सच्चे सुर साधक और लगनशील थे। पूरे अस्सी बरस उन्होंने संगीत सीखने की जिजीविषा अपने भीतर जिंदा रखी और खुदा से यही दुआ माँगी कि 'फटा सुर न बख्शें'। वे सादगीपूर्ण और विनम्र…
The full answer from Medha Ma’am → - Q8Short answer2 marksAsked: 2026
'नौबतखाने में इबादत' पाठ के आधार पर लिखिए कि एक सच्चे कलाकार को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए और किन पर नहीं ?
How the model answer begins
1. एक सच्चे कलाकार को नियमित अभ्यास और सीखने की ललक पर ध्यान देना चाहिए। बिस्मिल्ला खाँ घंटों रियाज़ करते थे और अस्सी बरस के होकर भी सोचते थे कि सातों सुरों को बरतने की तमीज़ उन्हें अभी तक क्यों नहीं आई। उसे ईश्वर के प्रति…
The full answer from Medha Ma’am → - Q9Short answer2 marksAsked: 2026
बिस्मिल्ला खाँ काशी छोड़कर अन्यत्र क्यों नहीं जाना चाहते थे ? 'नौबतखाने में इबादत' पाठ के आधार पर लिखिए
How the model answer begins
1. बिस्मिल्ला खाँ काशी छोड़कर कहीं और नहीं जाना चाहते थे, क्योंकि उन्हें काशी से असीम लगाव था। गंगा मइया और बाबा विश्वनाथ से उनका गहरा जुड़ाव था। बालाजी मंदिर के नौबतखाने में वे नियमित रियाज़ करते थे। उनके खानदान की कई…
The full answer from Medha Ma’am → - Q10Short answer2 marksAsked: 2026
'नौबतखाने में इबादत' पाठ में बिस्मिल्ला खाँ की तुलना कस्तूरी मृग से क्यों की गई है ?
- Q11Short answer2 marksAsked: 2025
'बिस्मिल्ला खाँ का जीवन, प्रतिभा और परिश्रम का अनूठा सम्मिश्रण है, कैसे ?' 'नौबतखाने में इबादत' पाठ के संदर्भ में उत्तर दीजिए
How the model answer begins
1. बिस्मिल्ला खाँ के जीवन में विशिष्ट प्रतिभा और परिश्रम साथ-साथ दिखते हैं। विशिष्ट प्रतिभा के कारण उन्हें बचपन से ही सुरों की समझ थी। चौदह साल की उम्र में भी वे काशी के पुराने बालाजी के मंदिर के नौबतखाने में रियाज़ के लिए…
The full answer from Medha Ma’am → - Q12Short answer2 marksAsked: 2025
'बिस्मिल्ला खाँ के जीवन से सबसे बड़ी प्रेरणा परिश्रम और अभ्यास की मिलती है ।' पाठ के आधार पर कथन को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए
How the model answer begins
1. बिस्मिल्ला खाँ के जीवन से परिश्रम और अभ्यास की प्रेरणा मिलती है, क्योंकि उन्होंने बड़ी सफलता पाने के बाद भी रियाज़ नहीं छोड़ा। चौदह साल की उम्र में वे काशी के पुराने बालाजी के मंदिर के नौबतखाने में नियमित रियाज़ करने…
The full answer from Medha Ma’am → - Q13Short answer2 marksAsked: 2025
संगतियों के प्रति गायकों के किस व्यवहार से बिस्मिल्ला खाँ दुखी थे ?
How the model answer begins
1. बिस्मिल्ला खाँ इस बात से दुखी थे कि अब संगतियों के लिए गायकों के मन में कोई आदर नहीं रहा। गायकों की नज़रों में संगतियों का कोई महत्त्व नहीं रह गया है और वे संगतियों की योग्यता और गुणों को कम आँकते हैं। खाँ साहब को अदब…
The full answer from Medha Ma’am → - Q14Short answer2 marksAsked: 2025
'ई काशी छोड़कर कहाँ जाएँ' बिस्मिल्ला खाँ के मन में काशी के प्रति विशेष अनुराग के क्या कारण थे ?
How the model answer begins
1. बिस्मिल्ला खाँ के मन में काशी के प्रति विशेष अनुराग का पहला कारण यह है कि काशी उनकी आस्था का केंद्र और उनकी कर्मभूमि है। वे काशी को संस्कृति की पाठशाला मानते थे। इसी ज़मीन ने उन्हें तालीम और अदब दिया, यहीं उनकी…
The full answer from Medha Ma’am → - Q15Short answer2 marksAsked: 2024
बिस्मिल्ला खाँ का जीवन वर्तमान और भावी पीढ़ी को क्या संदेश देता है?
How the model answer begins
1. बिस्मिल्ला खाँ का जीवन हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति समर्पित रहने का संदेश देता है। उन्होंने पूरे अस्सी बरस संगीत को संपूर्णता व एकाधिकार से सीखने की जिजीविषा को अपने भीतर जिंदा रखा और सुर की साधना को ही अपनी…
The full answer from Medha Ma’am → - Q16Short answer2 marksAsked: 2024
'शहनाई' के बारे में आप क्या जानते हैं ? उसका वर्णन 'नौबतखाने में इबादत' पाठ के आधार पर कीजिए
How the model answer begins
1. शहनाई एक सुशीर वाद्य है, जिसे मंगल ध्वनि उत्पन्न करने वाले वाद्ययंत्रों में गिना जाता है। यह वाद्य मंगल का परिवेश प्रतिष्ठित करता है और प्रभाती की मंगलध्वनि का संपूरक माना जाता है। इसी कारण इसे शुभ अवसरों से जुड़ा…
The full answer from Medha Ma’am → - Q17Short answer2 marksAsked: 2023
बिस्मिल्ला खाँ की एक संगीत साधक के रूप में क्या विशेषताएँ थीं ? सोदाहरण स्पष्ट कीजिए
How the model answer begins
1. बिस्मिल्ला खाँ एक सच्चे संगीत साधक थे। वे जीवन भर स्वयं को सीखने वाला ही मानते रहे। वे अस्सी बरस तक पाँचों वक्त की नमाज़ में खुदा से सच्चा सुर माँगते रहे। नमाज़ के बाद सजदे में वे गिड़गिड़ाते थे, 'मेरे मालिक एक सुर बख्श…
The full answer from Medha Ma’am →
Objective questions with the board’s key (10)
- 1. CBSE 2026
किसी दिन एक शिष्या ने डरते-डरते खाँ साहब को टोका, "बाबा! आप यह क्या करते हैं, इतनी प्रतिष्ठा है आपकी। अब तो आपको भारत रत्न भी मिल चुका है, यह फटी तहमत न पहनें। अच्छा नहीं लगता, जब भी कोई आता है आप इसी फटी तहमत में सबसे मिलते हैं।" खाँ साहब मुस्कराए। लाड़ से भरकर बोले, "धत्! पगली! ई भारत रत्न हमको शहनईया पे मिला है, लुंगिया पे नाहीं। तुम लोगों की तरह बनाव सिंगार देखते रहते, तो उमर ही बीत जाती, हो चुकती शहनई। तब क्या खाक रियाज़ हो पाता। ठीक है बिटिया, आगे से नहीं पहनेंगे, मगर इतना बताई देते हैं कि मालिक से यही दुआ है फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।" शिष्या द्वारा बिस्मिल्ला खाँ को टोकने के पीछे कौन-से कारण थे? उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : I. शिष्या को फटी तहमत के कारण शर्म आ रही थी। II. शिष्या खाँ साहब की प्रतिष्ठा के लिए चिंतित थी। III. खाँ साहब बनाव-श्रृंगार को विशेष महत्त्व नहीं देते थे। IV. शिष्या खाँ साहब के प्रति आत्मीयता का भाव रखती थी। विकल्प : (A) कथन I और III सही हैं। (B) कथन I और IV सही हैं। (C) कथन II और IV सही हैं। (D) कथन II और III सही हैं।
- (A) कथन I और III सही हैं।
- (B) कथन I और IV सही हैं।
- (C) कथन II और IV सही हैं। ✓
- (D) कथन II और III सही हैं।
Answer: (C)
- 2. CBSE 2024
बिस्मिल्ला खाँ काशी छोड़कर क्यों नहीं जाना चाहते थे? अनुपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए:
- (A) उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि होने के कारण उन्हें काशी से विशेष लगाव था।
- (B) अपने पुरखों के समान वे भी काशी के बालाजी से जुड़े रहना चाहते थे।
- (C) काशी से दूर जाने पर उन्हें स्वयं पर विश्वास कम प्रतीत होने लगता था। ✓
- (D) बाबा विश्वनाथ और गंगा मइया के कारण, दोनों ही काशी में, जिनसे उनका लगाव था।
Answer: (C)
- 3. CBSE 2024
‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक को नवाब साहब ‘नयी कहानी’ के लेखक कब लगे?
- (A) उन्हें पहली बार रेलगाड़ी के डिब्बे में देखकर।
- (B) उन्हें खीरा खाने की तैयारी करते हुए देखकर।
- (C) उन्हें खीरा सूंघकर उसका रसास्वादन करते देखकर।
- (D) उनके बिना खीरा खाए ही ऊँची डकार को सुनकर। ✓
Answer: (D)
- 4. CBSE 2024
बिस्मिल्ला खाँ अपनी दुआओं में क्या माँगा करते थे ?
- (A) अपने सुरों की सलामती ✓
- (B) जन्मभूमि काशी का सौहार्द
- (C) विविध संप्रदायों में भाईचारा
- (D) पूरे देश की सलामती
Answer: (A)
- 5. CBSE 2024
नेताजी की मूर्ति पर लगे सरकंडे के चश्मे को देखकर हालदार साहब की आँखें क्यों भर आईं ?
- (A) सरकंडे से बना चश्मा उन्हें नेताजी की गरिमा के अनुरूप नहीं लगा।
- (B) नेताजी की मूर्ति के हिसाब से चश्मे का स्वरूप सही नहीं था।
- (C) चश्मे को देखकर उन्हें कैप्टन की याद आ गई थी।
- (D) बच्चों में नेताजी के प्रति सम्मान और देशभक्ति देखकर वे भावुक हो गए। ✓
Answer: (D)
- 6. CBSE 2024
बिस्मिल्ला खाँ अपनी दुआओं में क्या माँगा करते थे ?
- (A) अपने सुरों की सलामती ✓
- (B) जन्मभूमि काशी का सौहार्द
- (C) विविध संप्रदायों में भाईचारा
- (D) पूरे देश की सलामती
Answer: (A)
- 7. CBSE 2024
नेताजी की मूर्ति पर लगे सरकंडे के चश्मे को देखकर हालदार साहब की आँखें क्यों भर आईं ?
- (A) सरकंडे से बना चश्मा उन्हें नेताजी की गरिमा के अनुरूप नहीं लगा ।
- (B) नेताजी की मूर्ति के हिसाब से चश्मे का स्वरूप सही नहीं था ।
- (C) चश्मे को देखकर उन्हें कैप्टन की याद आ गई थी ।
- (D) बच्चों में नेताजी के प्रति सम्मान और देशभक्ति देखकर वे भावुक हो गए । ✓
Answer: (D)
- 8. CBSE 2024
बिस्मिल्ला खाँ काशी छोड़कर क्यों नहीं जाना चाहते थे? अनुपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए:
- (A) उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि होने के कारण उन्हें काशी से विशेष लगाव था।
- (B) अपने पुरखों के समान वे भी काशी के बालाजी से जुड़े रहना चाहते थे।
- (C) काशी से दूर जाने पर उन्हें स्वयं पर विश्वास कम प्रतीत होने लगता था। ✓
- (D) बाबा विश्वनाथ और गंगा मइया के कारण, दोनों ही काशी में, जिनसे उनका लगाव था।
Answer: (C)
- 9. CBSE 2024
‘लखनवी अंदाज’ पाठ के आधार पर लिखिए कि लेखक को नवाब साहब ‘नयी कहानी’ के लेखक कब लगे?
- (A) उन्हें पहली बार रेलगाड़ी के डिब्बे में देखकर।
- (B) उन्हें खीरा खाने की तैयारी करते हुए देखकर।
- (C) उन्हें खीरा सूंघकर उसका रसास्वादन करते देखकर।
- (D) उनके बिना खीरा खाए ही ऊँची डकार को सुनकर। ✓
Answer: (D)
- 10. CBSE 2023
सचमुच हैरान करती है काशी - पक्का महाल से जैसे मलाई बर्फ गया, संगीत, साहित्य और अदब की बहुत सारी परंपराएँ लुप्त हो गई । एक सच्चे सुर साधक और सामाजिक की भाँति बिस्मिल्ला खाँ साहब को इन सबकी कमी खलती है । काशी में जिस तरह बाबा विश्वनाथ और बिस्मिल्ला खाँ एक-दूसरे के पूरक रहे हैं, उसी तरह मुहर्रम-ताजिया और होली-अबीर, गुलाल की गंगा-जमुनी संस्कृति भी एक-दूसरे के पूरक रहे हैं । अभी जल्दी ही बहुत कुछ इतिहास बन चुका है । अभी आगे बहुत कुछ इतिहास बन जाएगा । फिर भी कुछ बचा है जो सिर्फ़ काशी में है । काशी आज भी संगीत के स्वर पर जगती और उसी की थापों पर सोती है । काशी में मरण भी मंगल माना गया है । काशी आनंदकानन है । सबसे बड़ी बात है कि काशी के पास उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ जैसा लय और सुर की तमीज सिखाने वाला नायाब हीरा रहा है जो हमेशा से दो कौमों को एक होने व आपस में भाईचारे के साथ रहने की प्रेरणा देता रहा । गद्यांश के अनुसार काशी में कौन एक-दूसरे के पूरक रहे हैं ?
- (A) गंगा और बाबा विश्वनाथ
- (B) बाबा विश्वनाथ और त्रिशूल
- (C) बिस्मिल्ला खाँ और गंगा
- (D) बाबा विश्वनाथ और बिस्मिल्ला खाँ ✓
Answer: (D)
Questions parents and students ask
- How many marks does "नौबतखाने में इबादत (यतींद्र मिश्र)" carry in CBSE Class 10 Hindi A?
- In the CBSE papers of 2023–2026, this chapter carried about 2 marks and about 1 questions a year; by marks it ranks 21 in Hindi A.
- Which are the most important (VVI) questions of "नौबतखाने में इबादत (यतींद्र मिश्र)"?
- The 17 questions above are from the board’s real papers, each with the years it was asked; the most-asked come first with their full model answers. All 17 written questions of this chapter, with answers, are in the AskMedha app.
- Do the answers follow the board’s marking scheme?
- Yes. CBSE publishes its marking schemes; every model answer here is written point by point to the marks the board’s own scheme gives, and checked by a second, independent model.
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