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CBSE Class 10 · Hindi A · board exam 2027

Chapter 2: राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद (तुलसीदास)

This chapter’s questions from CBSE’s real papers of 2023–2026 — the 12 asked most often, 3 with the full model answer, 7 with how the answer begins — and objective questions with the board’s key.

marks a year (about)
2
questions a year (about)
1
rank in Hindi A
#18

From 4 years of papers, 2023–2026 · full chapter-wise marks

Chapter 2 notes (PDF) →

Important questions — the ones the board asked most (12)

  1. Q1Short answer6 marksAsked: 2023

    पद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए : (क) 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' के अंतर्गत लक्ष्मण वीरों और कायरों की कौन-सी विशेषताएँ बताते हैं और क्यों ? (ख) पाठ्यक्रम में पढ़ी कौन-सी कविता पूरी तरह प्रकृति के सौंदर्य पर केन्द्रित है ? उसमें वर्णित प्राकृतिक सुंदरता के किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए । (ग) बच्चे की दंतुरित मुस्कान का किस-किस पर क्या-क्या प्रभाव पड़ता है ? यह 'दंतुरित मुस्कान' कविता के आधार पर लिखिए । (घ) 'कंथा के सीवन को उधेड़ने' का अर्थ स्पष्ट करते हुए बताइए कि कवि के लिए आत्मकथा लिखना सीवन उधेड़ने जैसा क्यों है ?

    Medha Ma’am

    Medha Ma’am

    AskMedha’s AI teacher

    Model answer · Poetry section short answers

    1. 1.(क) लक्ष्मण बताते हैं कि सच्चे वीर रण में अपना पराक्रम करके दिखाते हैं, अपनी डींग नहीं मारते और धैर्य रखते हैं। वे सुर, महिसुर (ब्राह्मण), हरिजन (भक्त) और गाय पर हथियार नहीं उठाते। इसके विपरीत कायर शत्रु के सामने केवल अपनी बड़ाई करते हैं। यह वीर-कायर का अंतर लक्ष्मण इसलिए बताते हैं क्योंकि परशुराम बार-बार अपना कुठार दिखाकर अपनी प्रशंसा कर रहे थे कि वे बाल ब्रह्मचारी हैं और कई बार धरती को राजाओं से रहित कर चुके हैं।2 marks
    2. 2.(ग) बच्चे की दंतुरित मुस्कान मुरदे में भी जान डाल देती है। उसकी धूल से सनी देह देखकर लगता है कि कमल तालाब छोड़कर कवि की झोपड़ी में खिल उठे हों। उसके छू लेने से बाँस या बबूल से भी शेफालिका के फूल झरने लगते हैं, यानी पत्थर जैसा कठोर मन भी पिघल जाता है। उसकी सरलता से भरी इस हँसी पर कवि का मन मुग्ध हो जाता है।2 marks
    3. 3.(घ) कंथा का अर्थ है गुदड़ी। उसकी सीवन उधेड़ने का अर्थ है अपने निजी जीवन में छिपे दुःखों को सबके सामने खोल देना। कवि प्रसाद के लिए आत्मकथा लिखना इसलिए पीड़ादायक है क्योंकि उनका जीवन दुःखों से भरा रहा और उन्हें दूसरों से छल मिला। उनके जीवन में बड़ाई करने लायक कुछ नहीं है, इसलिए वे पुराने घाव फिर से हरे नहीं करना चाहते।2 marks
    • (क) में वीर-कायर की विशेषताओं के साथ उसका कारण भी लिखिए — परशुराम का बार-बार कुठार दिखाकर अपनी प्रशंसा करना।
    • (ग) में मुस्कान के हर प्रभाव का नाम लिखिए — मुरदे में जान आना, कमल खिलना, बाँस या बबूल से शेफालिका के फूल झरना, कठोर मन पिघलना।
    • (घ) में पहले 'कंथा की सीवन उधेड़ना' का अर्थ लिखिए, फिर आत्मकथा लिखना कष्टदायक होने का कारण — दुःख और दूसरों का छल।

    Marks split from a structure derived from past papers (checked twice); not CBSE’s official scheme

  2. Q2Short answer6 marksAsked: 2024

    निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए । (क) 'रामलक्ष्मण परशुराम संवाद' कविता के आधार पर लिखिए कि रघुकुल में किस-किस पर वीरता का प्रदर्शन नहीं किया जाता और क्यों ? (ख) 'उत्साह' शीर्षक की सार्थकता पर प्रकाश डालिए । (ग) 'संगतकार' कविता में 'आवाज़ से राख जैसा कुछ गिरता हुआ' – किस संदर्भ में कहा गया है ? कारण सहित स्पष्ट कीजिए । (घ) 'फसल' कविता में कवि ने फसल के बारे में क्या कहा है ? फसल उपजाने में अपेक्षित तत्त्वों का उल्लेख कीजिए ।

    Medha Ma’am

    Medha Ma’am

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    Model answer · Poetry short answers, Kshitij

    1. 1.लक्ष्मण कहते हैं कि हमारे कुल में देवता, ब्राह्मण, भगवान के भक्त और गाय पर वीरता नहीं दिखाई जाती, क्योंकि इन्हें मारने से पाप लगता है और इनसे हार जाने पर अपयश (अपकीर्ति) होता है।2 marks
    2. 2.'उत्साह' एक आह्वान गीत है। कवि बादलों से गरजने, क्रांति और नवजीवन लाने तथा तपती धरती और व्याकुल लोगों को शीतलता देने का आह्वान करता है। बादल निराश जनमानस में नया उत्साह और जोश भरने के प्रतीक हैं, इसलिए यह शीर्षक पूरी तरह सार्थक है।2 marks
    3. 3.यह पंक्ति उस समय के लिए कही गई है जब मुख्य गायक तार सप्तक (ऊँचे स्वर) में गाता है और उसका गला बैठने लगता है, प्रेरणा साथ छोड़ने लगती है और उत्साह अस्त होने लगता है। जैसे बुझती आग से राख गिरती है, वैसे ही उसकी आवाज़ मंद और निस्तेज पड़ने लगती है। तभी संगतकार अपना स्वर मिलाकर उसे ढाँढ़स बँधाता है। अथवा (घ): कवि कहता है कि फसल ढेर सारी नदियों के पानी का जादू, लाखों-करोड़ों हाथों के स्पर्श की गरिमा, हज़ारों खेतों की मिट्टी का गुण-धर्म, सूरज की किरणों का रूपांतर और हवा की थिरकन का सिमटा हुआ संकोच है। फसल उपजाने के लिए पानी, मिट्टी, धूप, हवा और किसानों का परिश्रम आवश्यक है।2 marks

    Marks split from a structure derived from past papers (checked twice); not CBSE’s official scheme

  3. Q3Case-based5 marksAsked: 2026

    निम्नलिखित पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : (i) राम ने शिव धनुष तोड़ने वाले को क्या कहा है ? (A) शिव का भक्त (B) शिव का दास (C) परशुराम का दास (D) विश्वामित्र का शिष्य (ii) परशुराम के अनुसार शिव धनुष तोड़ने वाला उनके लिए किसके समान है ? इस कथन के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए : I. शत्रु के समान II. सहस्रबाहु के समान III. सेवक के समान विकल्प : (A) केवल I और II सही हैं । (B) केवल II और III सही हैं । (C) केवल I और III सही हैं । (D) I, II और III तीनों सही हैं । (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : परशुराम के अहंकारपूर्ण वचनों को सुनकर लक्ष्मण मुस्कुराने लगे । कारण : उन्होंने बचपन से ही बहुत से धनुष तोड़े हैं । विकल्प : (A) कथन सही है, किंतु कारण ग़लत है । (B) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं । (C) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है । (D) कथन और कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण, कथन की उचित व्याख्या नहीं करता है । (iv) इस काव्यांश के आधार पर लक्ष्मण की वाणी किस प्रकार की थी ? (A) कटु (B) व्यंग्यपूर्ण (C) गंभीर (D) विनोदप्रिय (v) परशुराम सभा में मौजूद राजाओं से क्या कह रहे हैं ? (A) शत्रु को उनके सामने उपस्थित कर दें । (B) दोषी स्वयं ही सभा से अलग हो जाए । (C) सभी राजा सभा से अलग हो जाएँ । (D) सभी राजा इसके लिए दोषी हैं ।

    Medha Ma’am

    Medha Ma’am

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    Model answer · Ram-Lakshman-Parshuram dialogue MCQs

    1. 1.(i) सही उत्तर है (C) परशुराम का दास। राम विनम्रता से कहते हैं, "नाथ संभुधनु भंजनिहारा। होइहि केउ एक दास तुम्हारा।।" इसका अर्थ है कि शिव-धनुष तोड़ने वाला आपका ही कोई दास होगा।1 mark
    2. 2.(ii) सही उत्तर है (A) केवल I और II सही हैं। परशुराम कहते हैं, "जेहि सिवधनु तोरा। सहसबाहु सम सो रिपु मोरा।।" यानी शिव-धनुष तोड़ने वाला उनका शत्रु है और सहस्रबाहु के समान है। वे उसे सेवक नहीं मानते, क्योंकि उनके अनुसार सेवक वह है जो सेवा का काम करे।1 mark
    3. 3.(iii) सही उत्तर है (D) कथन और कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण, कथन की उचित व्याख्या नहीं करता है। परशुराम के वचन सुनकर लक्ष्मण सचमुच मुस्कुराए ("सुनि मुनिबचन लखन मुसुकाने") और उन्होंने यह भी कहा कि बचपन में बहुत-सी धनुहियाँ तोड़ी हैं ("बहु धनुही तोरी लरिकाई")। लेकिन धनुष तोड़ना उनके मुस्कुराने का कारण नहीं है। वे परशुराम के अहंकार भरे वचनों पर मुस्कुराए थे।1 mark
    4. 4.(iv) सही उत्तर है (B) व्यंग्यपूर्ण। लक्ष्मण परशुराम के क्रोध भरे वाक्यों का उत्तर व्यंग्य वचनों से देते हैं। जैसे, "येहि धनु पर ममता केहि हेतू" कहकर वे परशुराम का अपमान करते हैं।1 mark
    5. 5.(v) सही उत्तर है (B) दोषी स्वयं ही सभा से अलग हो जाए। परशुराम कहते हैं, "सो बिलगाउ बिहाइ समाजा। न त मारे जैहहिं सब राजा।।" यानी धनुष तोड़ने वाला सभा छोड़कर अलग हो जाए, नहीं तो सभी राजा मारे जाएँगे।1 mark
    • हर उत्तर में विकल्प का अक्षर और उसके पूरे शब्द दोनों लिखिए, जैसे "(C) परशुराम का दास"।
    • (ii) में दिखाइए कि परशुराम ने तोड़ने वाले को "रिपु" और "सहसबाहु सम" कहा है, इसलिए उत्तर "केवल I और II" है।
    • (iii) में लिखिए कि लक्ष्मण परशुराम के अहंकार भरे वचनों पर मुस्कुराए थे, धनुष तोड़ने के कारण नहीं।

    Marks split as in the board’s published marking scheme

  4. Q4Short answer5 marksAsked: 2025

    निर्धारित कविताओं के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 - 30 शब्दों में लिखिए : (क) 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' कविता में परशुराम जी सहस्रबाहु के प्रसंग द्वारा लक्ष्मण को क्या समझाना चाहते हैं ? (ख) 'अट नहीं रही है' कविता में कवि ने फाल्गुन मास में वसंत ऋतु में प्रकृति में आए किन बदलावों का चित्रण किया है ? इन बदलावों से आपके मन पर जो प्रभाव पड़ता है उसे भी लिखिए। (ग) 'यह दंतुरित मुस्कान' कविता का कवि अपनी संतान के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वाह करने में क्यों अक्षम रहा है ? कवि के अनुसार बच्चे का पालन-पोषण उसकी माँ ने कैसे किया है ? (घ) 'आत्मकथ्य' कविता आत्मकथा न लिखने वाले कवि की आत्मकथा की झाँकी ही है, कैसे ? कविता के आधार पर कवि के जीवन-तथ्यों में से किन्हीं दो का उल्लेख अवश्य कीजिए।

  5. Q5Case-based5 marksAsked: 2024

    पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए : बिहसि लखनु बोले मृदु बानी । अहो मुनीसु महाभट मानी ।। पुनि-पुनि मोहि दिखाव कुठारु । चहत उड़ावन फूँकि पहारू ।। इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं । जे तरजनी देखि मरि जाहीं ।। देखि कुठारु सरासन बाना । मैं कछु कहा सहित अभिमाना ।। भृगुसुत समुझि जनेउ बिलोकी । जो कछु कहहु सहौं रिस रोकी ।। सुर महिसुर हरिजन अरु गाई । हमरे कुल इन्ह पर न सुराई ।। (i) लक्ष्मण द्वारा रघुकुल में किस-किस पर शूरवीरता न दिखाने की बात कही गई ? (A) सुर, ब्राह्मण, भगवान के भक्त, गायक (B) सुर, महिसुर, हरिजन, गायिका (C) देवता, ब्राह्मण, भगवान के भक्त, गाय (D) असुर, ब्राह्मण, भगवान के भक्त, गाय (ii) 'यज्ञोपवीतधारी ब्राह्मण समझकर हम अपने क्रोध को नियंत्रित कर आपके कठोर व्यवहार को सहन कर रहे हैं ।' — यह भाव किस पंक्ति में आया है ? (A) बिहसि लखनु बोले मृदु बानी । अहो मुनीसु महाभट मानी ।। (B) पुनि-पुनि मोहि दिखाव कुठारु । चहत उड़ावन फूँकि पहारू ।। (C) देखि कुठारु सरासन बाना । मैं कछु कहा सहित अभिमाना ।। (D) भृगुसुत समुझि जनेउ बिलोकी । जो कछु कहहु सहौं रिस रोकी ।। (iii) 'इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं । जे तरजनी देखि मरि जाहीं ।' — का आशय है : (A) हम कुम्हड़े का फल नहीं जो देखते ही मुरझा जाएँगे । (B) हम कुम्हड़े का फल नहीं जो छूते ही सूख जाएँगे । (C) हम दुर्बल नहीं जो आपके क्रोधपूर्ण वचनों से डर जाएँगे । (D) हम दुर्बल नहीं जो आपके फरसे को देखकर डर जाएँगे । (iv) इन पंक्तियों में लक्ष्मण ने परशुराम के लिए व्यंग्य में क्या कहा ? (A) मुनीश्वर आपने अनेक राजाओं से भूमि जीतकर ब्राह्मणों को दी है । (B) हे मुनिवर आपके बारे में ज्ञात है कि आप तो क्षत्रियकुल के विनाशक हैं । (C) हे मुनिश्रेष्ठ महान योद्धा होते हुए आपको बार-बार फरसा दिखाने की आवश्यकता क्या है ? (D) हे मुनिवर आपके पास तो वह फरसा है जिससे आपने राजा सहस्रबाहु का वध किया था । (v) लक्ष्मण कोमल वाणी में किन्हें संबोधित कर रहे हैं ? (A) मुनिवर परशुराम (B) दशरथपुत्र राम (C) गुरु विश्वामित्र (D) राजा जनक

    How the model answer begins

    1. (C) देवता, ब्राह्मण, भगवान के भक्त, गाय — 'सुर महिसुर हरिजन अरु गाई। हमरे कुल इन्ह पर न सुराई।'

    The full answer from Medha Ma’am →
  6. Q6Short answer2 marksAsked: 2026

    परशुराम के आगमन के पश्चात् राजा जनक की सभा का दृश्य 'राम-लक्ष्मण-परशुराम' संवाद के आधार पर अपने शब्दों में वर्णित कीजिए

  7. Q7Short answer2 marksAsked: 2026

    'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' पाठ में परशुराम ने शिवधनुष तोड़ने वाले को अपना शत्रु क्यों कहा ? आपकी दृष्टि में क्या वास्तव में वह उनका शत्रु था ?

    How the model answer begins

    1. परशुराम शिव के परम भक्त थे और शिवधनुष को अपना आराध्य मानते थे। जिस किसी ने भी शिवधनुष तोड़ा था, उन्होंने उसे अपना अपमान समझा और इसलिए उन्होंने शिवधनुष तोड़ने वाले को अपना शत्रु कहा।

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  8. Q8Short answer2 marksAsked: 2026

    'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' के आधार पर लिखिए लक्ष्मण और श्री राम के वचनों में मुख्य अंतर क्या था ?

    How the model answer begins

    1. श्री राम के वचन अत्यंत विनम्र, शीतल, मधुर और धैर्यपूर्ण थे। परशुराम के क्रोधित होने पर भी वे शांत रहे। उन्होंने नम्रता से स्वयं को परशुराम का दास बताकर उनका क्रोध शांत करने का प्रयास किया।

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  9. Q9Short answer2 marksAsked: 2026

    'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' में लक्ष्मण ने वीर योद्धा की क्या विशेषताएँ बतलाई हैं ?

    How the model answer begins

    1. 'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' में लक्ष्मण के अनुसार वीर योद्धा देवता, ब्राह्मण (महिसुर), भगवान के भक्त (हरिजन) और गाय पर अपनी वीरता नहीं दिखाता, क्योंकि इन्हें मारने से पाप लगता है और इनसे हारने पर अपकीर्ति होती है। वीर…

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  10. Q10Short answer2 marksAsked: 2025

    'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' में राम की उपस्थिति शब्दों में कम परंतु प्रभाव में अधिक है, कैसे ? दो बिंदुओं में उनके प्रभाव को स्पष्ट कीजिए

    How the model answer begins

    1. इस संवाद में राम बहुत कम बोलते हैं, परंतु उनके थोड़े-से शब्दों का प्रभाव सबसे अधिक है। (क) राम का मृदु, शांत और शीतल व्यक्तित्व परशुराम के क्रोध को शांत करने वाला है। क्रोधित परशुराम से वे नम्रता से कहते हैं — "होइहि…

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  11. Q11Short answer2 marksAsked: 2025

    'राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद' प्रसंग के राम शांत, सौम्य एवं अत्यंत प्रभावशाली हैं । कैसे ? कविता के प्रसंगों के आधार पर दो बिंदुओं में लिखिए

    How the model answer begins

    1. राम शांत, सौम्य और प्रभावशाली हैं, क्योंकि वे क्रोध का उत्तर विनय से देते हैं। (क) शिव-धनुष टूटने पर क्रोधी परशुराम से राम ने विनम्र भाव से कहा— "होइहि केउ एक दास तुम्हारा", अर्थात् धनुष तोड़ने वाला आपका ही कोई दास…

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  12. Q12Short answer2 marksAsked: 2023

    ‘लक्ष्मण की बातें परशुराम के गुस्से को और बढ़ा रही थीं ।’ — ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ कविता के आलोक में इस कथन की पुष्टि कीजिए

    How the model answer begins

    1. लक्ष्मण परशुराम के क्रोध भरे वाक्यों का उत्तर व्यंग्य वचनों से देकर उन्हें बार-बार उकसाते हैं। वे कहते हैं कि हमने बचपन में ऐसे कई छोटे धनुष तोड़े हैं, तब आपने ऐसा क्रोध नहीं किया। फिर कहते हैं कि पुराने धनुष के टूट…

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Objective questions with the board’s key (10)

  1. 1. CBSE 2026

    नाथ संभुधनु भंजनिहारा, होइहि केउ एक दास तुम्हारा।। आयेसु काह कहिअ किन मोही। सुनि रिसाइ बोले मुनि कोही।। सेवकु सो जो करै सेवकाई। अरिकरनी करि करिअ लराई।। सुनहु राम जेहि सिवधनु तोरा। सहसबाहु सम सो रिपु मोरा।। सो बिलगाउ बिहाइ समाजा। न त मारे जैहहिं सब राजा।। सुनि मुनिबचन लखन मुसुकाने। बोले परसुधरहि अवमाने।। बहु धनुही तोरी लरिकाईं। कबहुँ न असि रिस कीन्हि गोसाईं।। येहि धनु पर ममता केहि हेतु। सुनि रिसाइ कह भृगुकुलकेतू।। राम ने शिव धनुष तोड़ने वाले को क्या कहा है ?

    • (A) शिव का भक्त
    • (B) शिव का दास
    • (C) परशुराम का दास ✓
    • (D) विश्वामित्र का शिष्य

    Answer: (C)

  2. 2. CBSE 2026

    नाथ संभुधनु भंजनिहारा, होइहि केउ एक दास तुम्हारा।। आयेसु काह कहिअ किन मोही। सुनि रिसाइ बोले मुनि कोही।। सेवकु सो जो करै सेवकाई। अरिकरनी करि करिअ लराई।। सुनहु राम जेहि सिवधनु तोरा। सहसबाहु सम सो रिपु मोरा।। सो बिलगाउ बिहाइ समाजा। न त मारे जैहहिं सब राजा।। सुनि मुनिबचन लखन मुसुकाने। बोले परसुधरहि अवमाने।। बहु धनुही तोरी लरिकाईं। कबहुँ न असि रिस कीन्हि गोसाईं।। येहि धनु पर ममता केहि हेतु। सुनि रिसाइ कह भृगुकुलकेतू।। परशुराम के अनुसार शिव धनुष तोड़ने वाला उनके लिए किसके समान है ? इस कथन के लिए उचित विकल्प का चयन कीजिए : I. शत्रु के समान II. सहस्रबाहु के समान III. सेवक के समान विकल्प : (A) केवल I और II सही हैं । (B) केवल II और III सही हैं । (C) केवल I और III सही हैं । (D) I, II और III तीनों सही हैं ।

    • (A) केवल I और II सही हैं । ✓
    • (B) केवल II और III सही हैं ।
    • (C) केवल I और III सही हैं ।
    • (D) I, II और III तीनों सही हैं ।

    Answer: (A)

  3. 3. CBSE 2026

    नाथ संभुधनु भंजनिहारा, होइहि केउ एक दास तुम्हारा।। आयेसु काह कहिअ किन मोही। सुनि रिसाइ बोले मुनि कोही।। सेवकु सो जो करै सेवकाई। अरिकरनी करि करिअ लराई।। सुनहु राम जेहि सिवधनु तोरा। सहसबाहु सम सो रिपु मोरा।। सो बिलगाउ बिहाइ समाजा। न त मारे जैहहिं सब राजा।। सुनि मुनिबचन लखन मुसुकाने। बोले परसुधरहि अवमाने।। बहु धनुही तोरी लरिकाईं। कबहुँ न असि रिस कीन्हि गोसाईं।। येहि धनु पर ममता केहि हेतु। सुनि रिसाइ कह भृगुकुलकेतू।। निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : परशुराम के अहंकारपूर्ण वचनों को सुनकर लक्ष्मण मुस्कुराने लगे । कारण : उन्होंने बचपन से ही बहुत से धनुष तोड़े हैं । विकल्प : (A) कथन सही है, किंतु कारण ग़लत है । (B) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं । (C) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है । (D) कथन और कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण, कथन की उचित व्याख्या नहीं करता है ।

    • (A) कथन सही है, किंतु कारण ग़लत है ।
    • (B) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं ।
    • (C) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है ।
    • (D) कथन और कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण, कथन की उचित व्याख्या नहीं करता है । ✓

    Answer: (D)

  4. 4. CBSE 2025

    लखन कहा हसि हमरे जाना। सुनहु देव सब धनुष समाना।। का छति लाभु जून धनु तोरें। देखा राम नयन के भोरें।। छुअत टूट रघुपतिहु न दोसू। मुनि बिन काज करिअत रोसू।। बोले चितै परसु की ओरा। रे सठ सुनेहि सुभाउ न मोरा।। बालक बोलि बधौं नहि तोही। केवल मुनि जड़ जानहि मोहि।। बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्वबिदित क्षत्रियकुल द्रोही।। भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही।। सहस्रबाहुभुज छेदनिहारा। परसु बिलोकु महीपकुमारा।। परशुराम ने अपना परिचय क्या कहकर दिया?

    • (A) मैं क्षत्रिय कुल का प्रसिद्ध संरक्षक हूँ।
    • (B) मैं अत्यंत उग्र स्वभाव का हूँ। ✓
    • (C) मैं सहस्रबाहु का संरक्षक हूँ।
    • (D) मैं ब्राह्मण कुल का संहारक हूँ।

    Answer: (B)

  5. 5. CBSE 2025

    लखन कहा हसि हमरे जाना। सुनहु देव सब धनुष समाना।। का छति लाभु जून धनु तोरें। देखा राम नयन के भोरें।। छुअत टूट रघुपतिहु न दोसू। मुनि बिन काज करिअत रोसू।। बोले चितै परसु की ओरा। रे सठ सुनेहि सुभाउ न मोरा।। बालक बोलि बधौं नहि तोही। केवल मुनि जड़ जानहि मोहि।। बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्वबिदित क्षत्रियकुल द्रोही।। भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही।। सहस्रबाहुभुज छेदनिहारा। परसु बिलोकु महीपकुमारा।। निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : लक्ष्मण का परशुराम के प्रति व्यवहार कोमलता से भरा और विनम्र था। कारण : लक्ष्मण परशुराम के विचार, आचार और व्यक्तित्व से अत्यंत प्रभावित थे।

    • (A) कथन गलत है किंतु कारण सही है।
    • (B) कथन और कारण दोनों गलत हैं। ✓
    • (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
    • (D) कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।

    Answer: (B)

  6. 6. CBSE 2025

    लखन कहा हसि हमरे जाना। सुनहु देव सब धनुष समाना।। का छति लाभु जून धनु तोरें। देखा राम नयन के भोरें।। छुअत टूट रघुपतिहु न दोसू। मुनि बिन काज करिअत रोसू।। बोले चितै परसु की ओरा। रे सठ सुनेहि सुभाउ न मोरा।। बालक बोलि बधउँ नहि तोही। केवल मुनि जड़ जानहि मोहि।। बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्बिदित क्षत्रियकुल द्रोही।। भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही।। सहस्रबाहुभुज छेदनिहारा। परसु बिलोकु महीपकुमारा।। परशुराम ने अपना परिचय क्या कहकर दिया?

    • (A) मैं क्षत्रिय कुल का प्रसिद्ध संरक्षक हूँ।
    • (B) मैं अत्यंत उग्र स्वभाव का हूँ। ✓
    • (C) मैं सहस्रबाहु का संरक्षक हूँ।
    • (D) मैं ब्राह्मण कुल का संहारक हूँ।

    Answer: (B)

  7. 7. CBSE 2025

    लखन कहा हसि हमरे जाना। सुनहु देव सब धनुष समाना।। का छति लाभु जून धनु तोरें। देखा राम नयन के भोरें।। छुअत टूट रघुपतिहु न दोसू। मुनि बिन काज करिअत रोसू।। बोले चितै परसु की ओरा। रे सठ सुनेहि सुभाउ न मोरा।। बालक बोलि बधउँ नहि तोही। केवल मुनि जड़ जानहि मोहि।। बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्बिदित क्षत्रियकुल द्रोही।। भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही।। सहस्रबाहुभुज छेदनिहारा। परसु बिलोकु महीपकुमारा।। पद्यांश में 'जड़' का अर्थ है :

    • (A) मूल
    • (B) स्रोत
    • (C) नींव
    • (D) मूर्ख ✓

    Answer: (D)

  8. 8. CBSE 2025

    लखन कहा हसि हमरे जाना। सुनहु देव सब धनुष समाना।। का छति लाभु जून धनु तोरें। देखा राम नयन के भोरें।। छुअत टूट रघुपतिहु न दोसू। मुनि बिन काज करिअत रोसू।। बोले चितै परसु की ओरा। रे सठ सुनेहि सुभाउ न मोरा।। बालक बोलि बधउँ नहि तोही। केवल मुनि जड़ जानहि मोहि।। बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्बिदित क्षत्रियकुल द्रोही।। भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही।। सहस्रबाहुभुज छेदनिहारा। परसु बिलोकु महीपकुमारा।। लक्ष्मण की वाणी कैसी थी?

    • (A) व्यंग्यपूर्ण - भयपूर्ण
    • (B) गंभीर - भयपूर्ण
    • (C) व्यंग्यपूर्ण - भयरहित ✓
    • (D) भयपूर्ण - हास्यपूरित

    Answer: (C)

  9. 9. CBSE 2025

    लखन कहा हसि हमरे जाना। सुनहु देव सब धनुष समाना।। का छति लाभु जून धनु तोरें। देखा राम नयन के भोरें।। छुअत टूट रघुपतिहु न दोसू। मुनि बिन काज करिअत रोसू।। बोले चितै परसु की ओरा। रे सठ सुनेहि सुभाउ न मोरा।। बालक बोलि बधउँ नहि तोही। केवल मुनि जड़ जानहि मोहि।। बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्बिदित क्षत्रियकुल द्रोही।। भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही।। सहस्रबाहुभुज छेदनिहारा। परसु बिलोकु महीपकुमारा।। पद्यांश में बाल ब्रह्मचारी किसे कहा गया है?

    • (A) परशुराम को ✓
    • (B) लक्ष्मण को
    • (C) रघुपति को
    • (D) महिदेव को

    Answer: (A)

  10. 10. CBSE 2025

    लखन कहा हसि हमरे जाना। सुनहु देव सब धनुष समाना।। का छति लाभु जून धनु तोरें। देखा राम नयन के भोरें।। छुअत टूट रघुपतिहु न दोसू। मुनि बिन काज करिअत रोसू।। बोले चितै परसु की ओरा। रे सठ सुनेहि सुभाउ न मोरा।। बालक बोलि बधउँ नहि तोही। केवल मुनि जड़ जानहि मोहि।। बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्बिदित क्षत्रियकुल द्रोही।। भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही।। सहस्रबाहुभुज छेदनिहारा। परसु बिलोकु महीपकुमारा।। निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर सही विकल्प चुनकर लिखिए : कथन : लक्ष्मण का परशुराम के प्रति व्यवहार कोमलता से भरा और विनम्र था। कारण : लक्ष्मण परशुराम के विचार, आचार और व्यक्तित्व से अत्यंत प्रभावित थे।

    • (A) कथन गलत है किंतु कारण सही है।
    • (B) कथन और कारण दोनों गलत हैं। ✓
    • (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
    • (D) कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।

    Answer: (B)

Questions parents and students ask

How many marks does "राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद (तुलसीदास)" carry in CBSE Class 10 Hindi A?
In the CBSE papers of 2023–2026, this chapter carried about 2 marks and about 1 questions a year; by marks it ranks 18 in Hindi A.
Which are the most important (VVI) questions of "राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद (तुलसीदास)"?
The 12 questions above are from the board’s real papers, each with the years it was asked; the most-asked come first with their full model answers. All 12 written questions of this chapter, with answers, are in the AskMedha app.
Do the answers follow the board’s marking scheme?
Yes. CBSE publishes its marking schemes; every model answer here is written point by point to the marks the board’s own scheme gives, and checked by a second, independent model.

The same preparation, with Medha Ma’am — on your phone

Every question of every chapter with its model answer, practice questions in the board’s own shapes, 60 minutes of class a day, written answers marked, a test every Sunday and a WhatsApp report to parents.

Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.