CBSE Class 10 · Hindi B · board exam 2027
CBSE Class 10 Hindi B Sample Paper 2023
The board’s 2023 sample paper, set SQP-085 — all 41 questions as printed; 27 objective answers from the board’s own key. Each question names its chapter, where that chapter’s most-asked questions are.
Section A · Written questions (31)
'एक भारत श्रेष्ठ भारत' अभियान देश के विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देता है। भारत एक अनोखा राष्ट्र है, जिसका निर्माण विविध भाषा, संस्कृति, धर्म के तानों-बानों, अहिंसा और न्याय के सिद्धान्तों पर आधारित स्वाधीनता संग्राम तथा सांस्कृतिक विकास के समृद्ध इतिहास द्वारा एकता के सूत्र में बाँधकर हुआ है। हम इतिहास की बात करें या वर्तमान की भारतवर्ष में कला एवं संस्कृति का अनूठा प्रदर्शन हर समय एवं हर स्थान पर हुआ है। नृत्य, संगीत, चित्रकला, मूर्तिकला, वास्तुकला इत्यादि से समृद्ध भारत की पहचान पूरे विश्व में है। भारतीय वास्तुकला एवं मूर्तिकला की परंपरा अत्यंत प्राचीन है। इस कला की कहानी लगभग पाँच हज़ार वर्ष पूर्व सिंधु घाटी की सभ्यता से आरंभ होती है। इसके दो प्रमुख नगरों;मोहनजोदाड़ो और हड़प्पा में अच्छी सड़कें, दो मंज़िले मकान, स्नान-घर, पक्की ईंटों के प्रयोग के सबूत मिले हैं। गुजरात के लोथल नामक स्थान की खुदाई से पता चलता है कि वहाँ नावों से सामान उतारने के लिए 216 x 37 मीटर लम्बी-चौड़ी तथा 15 फीट गहरी गोदी बनी हुई थी। ये लोग मिट्टी, पत्थर, धातु, हड्डी, काँच आदि की मूर्तियाँ एवं खिलौने बनाने में कुशल थे। धातु से बनी एक मूर्ति में एक नारी को कमर पर हाथ रखे नृत्य मुद्रा में दर्शाया गया है। दूसरी मूर्ति पशुपतिनाथ शिव की तथा तीसरी मूर्ति दाढ़ी वाले व्यक्ति की है। ये तीनों मूर्तियाँ कला के सर्वश्रेष्ठ नमूने हैं। मूर्ति का श्रेष्ठ होना मूर्तिकार के कौशल पर निर्भर करता है। मूर्ति की प्रत्येक भावभंगिमा को दर्शाने में मूर्तिकार जी-जान लगा देता है। भारत के प्रत्येक कोने में इस प्रकार की विभिन्न कलाएँ हमारी संस्कृति में प्रतिबिंबित होती हैं। इस अतुलनीय निधि का बचाव और प्रचार-प्रसार ही एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना है। भारत को 'अनोखा राष्ट्र' कहने से लेखक का तात्पर्य है-
- (A) बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन
- (B) मूर्तिकला के सर्वश्रेष्ठ नमूने
- (C) संवेदनशील भारतीय नागरिक
- (D) विभिन्नता में एकता का प्रतीक ✓
Answer (the board’s key): (D)
'एक भारत श्रेष्ठ भारत' अभियान देश के विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देता है। भारत एक अनोखा राष्ट्र है, जिसका निर्माण विविध भाषा, संस्कृति, धर्म के तानों-बानों, अहिंसा और न्याय के सिद्धान्तों पर आधारित स्वाधीनता संग्राम तथा सांस्कृतिक विकास के समृद्ध इतिहास द्वारा एकता के सूत्र में बाँधकर हुआ है। हम इतिहास की बात करें या वर्तमान की भारतवर्ष में कला एवं संस्कृति का अनूठा प्रदर्शन हर समय एवं हर स्थान पर हुआ है। नृत्य, संगीत, चित्रकला, मूर्तिकला, वास्तुकला इत्यादि से समृद्ध भारत की पहचान पूरे विश्व में है। भारतीय वास्तुकला एवं मूर्तिकला की परंपरा अत्यंत प्राचीन है। इस कला की कहानी लगभग पाँच हज़ार वर्ष पूर्व सिंधु घाटी की सभ्यता से आरंभ होती है। इसके दो प्रमुख नगरों;मोहनजोदाड़ो और हड़प्पा में अच्छी सड़कें, दो मंज़िले मकान, स्नान-घर, पक्की ईंटों के प्रयोग के सबूत मिले हैं। गुजरात के लोथल नामक स्थान की खुदाई से पता चलता है कि वहाँ नावों से सामान उतारने के लिए 216 x 37 मीटर लम्बी-चौड़ी तथा 15 फीट गहरी गोदी बनी हुई थी। ये लोग मिट्टी, पत्थर, धातु, हड्डी, काँच आदि की मूर्तियाँ एवं खिलौने बनाने में कुशल थे। धातु से बनी एक मूर्ति में एक नारी को कमर पर हाथ रखे नृत्य मुद्रा में दर्शाया गया है। दूसरी मूर्ति पशुपतिनाथ शिव की तथा तीसरी मूर्ति दाढ़ी वाले व्यक्ति की है। ये तीनों मूर्तियाँ कला के सर्वश्रेष्ठ नमूने हैं। मूर्ति का श्रेष्ठ होना मूर्तिकार के कौशल पर निर्भर करता है। मूर्ति की प्रत्येक भावभंगिमा को दर्शाने में मूर्तिकार जी-जान लगा देता है। भारत के प्रत्येक कोने में इस प्रकार की विभिन्न कलाएँ हमारी संस्कृति में प्रतिबिंबित होती हैं। इस अतुलनीय निधि का बचाव और प्रचार-प्रसार ही एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना है। सिंधु घाटी की सभ्यता प्रतीक है-
- (A) मूर्तिकार के कौशल का
- (B) एक भारत श्रेष्ठ भारत का
- (C) प्राचीन सुव्यवस्थित सभ्यता का ✓
- (D) स्वाधीनता संग्राम के नायकों का
Answer (the board’s key): (C)
'एक भारत श्रेष्ठ भारत' अभियान देश के विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देता है। भारत एक अनोखा राष्ट्र है, जिसका निर्माण विविध भाषा, संस्कृति, धर्म के तानों-बानों, अहिंसा और न्याय के सिद्धान्तों पर आधारित स्वाधीनता संग्राम तथा सांस्कृतिक विकास के समृद्ध इतिहास द्वारा एकता के सूत्र में बाँधकर हुआ है। हम इतिहास की बात करें या वर्तमान की भारतवर्ष में कला एवं संस्कृति का अनूठा प्रदर्शन हर समय एवं हर स्थान पर हुआ है। नृत्य, संगीत, चित्रकला, मूर्तिकला, वास्तुकला इत्यादि से समृद्ध भारत की पहचान पूरे विश्व में है। भारतीय वास्तुकला एवं मूर्तिकला की परंपरा अत्यंत प्राचीन है। इस कला की कहानी लगभग पाँच हज़ार वर्ष पूर्व सिंधु घाटी की सभ्यता से आरंभ होती है। इसके दो प्रमुख नगरों;मोहनजोदाड़ो और हड़प्पा में अच्छी सड़कें, दो मंज़िले मकान, स्नान-घर, पक्की ईंटों के प्रयोग के सबूत मिले हैं। गुजरात के लोथल नामक स्थान की खुदाई से पता चलता है कि वहाँ नावों से सामान उतारने के लिए 216 x 37 मीटर लम्बी-चौड़ी तथा 15 फीट गहरी गोदी बनी हुई थी। ये लोग मिट्टी, पत्थर, धातु, हड्डी, काँच आदि की मूर्तियाँ एवं खिलौने बनाने में कुशल थे। धातु से बनी एक मूर्ति में एक नारी को कमर पर हाथ रखे नृत्य मुद्रा में दर्शाया गया है। दूसरी मूर्ति पशुपतिनाथ शिव की तथा तीसरी मूर्ति दाढ़ी वाले व्यक्ति की है। ये तीनों मूर्तियाँ कला के सर्वश्रेष्ठ नमूने हैं। मूर्ति का श्रेष्ठ होना मूर्तिकार के कौशल पर निर्भर करता है। मूर्ति की प्रत्येक भावभंगिमा को दर्शाने में मूर्तिकार जी-जान लगा देता है। भारत के प्रत्येक कोने में इस प्रकार की विभिन्न कलाएँ हमारी संस्कृति में प्रतिबिंबित होती हैं। इस अतुलनीय निधि का बचाव और प्रचार-प्रसार ही एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना है। गद्यांश हमें संदेश देता है-
- (A) कलाकार अपनी कला का श्रेष्ठ प्रदर्शन करता है।
- (B) भारतीय नृत्य और संगीत की कला विश्व प्रसिद्ध है।
- (C) भारतीय सभ्यता व संस्कृति का संरक्षण आवश्यक है। ✓
- (D) स्वाधीनता संग्राम में क्रांतिकारियों का विशेष योगदान है।
Answer (the board’s key): (C)
'एक भारत श्रेष्ठ भारत' अभियान देश के विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देता है। भारत एक अनोखा राष्ट्र है, जिसका निर्माण विविध भाषा, संस्कृति, धर्म के तानों-बानों, अहिंसा और न्याय के सिद्धान्तों पर आधारित स्वाधीनता संग्राम तथा सांस्कृतिक विकास के समृद्ध इतिहास द्वारा एकता के सूत्र में बाँधकर हुआ है। हम इतिहास की बात करें या वर्तमान की भारतवर्ष में कला एवं संस्कृति का अनूठा प्रदर्शन हर समय एवं हर स्थान पर हुआ है। नृत्य, संगीत, चित्रकला, मूर्तिकला, वास्तुकला इत्यादि से समृद्ध भारत की पहचान पूरे विश्व में है। भारतीय वास्तुकला एवं मूर्तिकला की परंपरा अत्यंत प्राचीन है। इस कला की कहानी लगभग पाँच हज़ार वर्ष पूर्व सिंधु घाटी की सभ्यता से आरंभ होती है। इसके दो प्रमुख नगरों;मोहनजोदाड़ो और हड़प्पा में अच्छी सड़कें, दो मंज़िले मकान, स्नान-घर, पक्की ईंटों के प्रयोग के सबूत मिले हैं। गुजरात के लोथल नामक स्थान की खुदाई से पता चलता है कि वहाँ नावों से सामान उतारने के लिए 216 x 37 मीटर लम्बी-चौड़ी तथा 15 फीट गहरी गोदी बनी हुई थी। ये लोग मिट्टी, पत्थर, धातु, हड्डी, काँच आदि की मूर्तियाँ एवं खिलौने बनाने में कुशल थे। धातु से बनी एक मूर्ति में एक नारी को कमर पर हाथ रखे नृत्य मुद्रा में दर्शाया गया है। दूसरी मूर्ति पशुपतिनाथ शिव की तथा तीसरी मूर्ति दाढ़ी वाले व्यक्ति की है। ये तीनों मूर्तियाँ कला के सर्वश्रेष्ठ नमूने हैं। मूर्ति का श्रेष्ठ होना मूर्तिकार के कौशल पर निर्भर करता है। मूर्ति की प्रत्येक भावभंगिमा को दर्शाने में मूर्तिकार जी-जान लगा देता है। भारत के प्रत्येक कोने में इस प्रकार की विभिन्न कलाएँ हमारी संस्कृति में प्रतिबिंबित होती हैं। इस अतुलनीय निधि का बचाव और प्रचार-प्रसार ही एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना है। गद्यांश में मूर्तियों का सविस्तार वर्णन दर्शाता है-
- (A) सूक्ष्म अवलोकन एवं कला-प्रेम ✓
- (B) प्राचीन मूर्तियों की भावभंगिमा
- (C) स्थूल अवलोकन एवं कला-प्रेम
- (D) सांस्कृतिक एकता एवं सौहार्द
Answer (the board’s key): (A)
परिश्रम यानी मेहनत अपना जवाब आप ही है। उसका अन्य कोई जवाब न है, न हो सकता है अर्थात जिस काम के लिए परिश्रम करना आवश्यक हो, हम चाहें कि वह अन्य किसी उपाय से पूरा हो जाए, ऐसा हो पाना कतई संभव नहीं। वह तो लगातार और मन लगाकर परिश्रम करने से ही होगा। इसी कारण कहा जाता है कि 'उद्योगिनं पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मी' अर्थात उद्योग या परिश्रम करने वाले पुरुष सिंहों का ही लक्ष्मी वरण करती है। सभी प्रकार की धन-संपत्तियाँ और सफलताएँ लगातार परिश्रम से ही प्राप्त होती है। परिश्रम ही सफलता की कुंजी है, यह परीक्षण की कसौटी पर कसा गया सत्य है। निरंतर प्रगति और विकास की मंज़िलें तय करते हुए हमारा संसार आज जिस स्तर और स्थिति तक पहुँच पाया है, वह सब हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहने से नहीं हुआ। कई प्रकार के विचार बनाने, अनुसंधान करने, उनके अनुसार लगातार योजनाएँ बनाकर तथा कई तरह के अभावों और कठिनाइयों को सहते हुए निरंतर परिश्रम करते रहने से ही संभव हो पाया है। आज जो लोग सफलता के शिखर पर बैठकर दूसरों पर शासन कर रहे हैं, आदेश दे रहे हैं, ऐसी शक्ति और सत्ता प्राप्त करने के लिए पता नहीं किन-किन रास्तों से चलकर, किस-किस तरह के कष्ट और परिश्रमपूर्ण जीवन जीने के बाद उन्हें इस स्थिति में पहुँच पाने में सफलता मिल पाई है। हाथ-पैर हिलाने पर ही कुछ पाया जा सकता है, उदास या निराश होकर बैठ जाने से नहीं। निरंतर परिश्रम व्यक्ति को चुस्त-दुरुस्त रखकर सजग तो बनाता ही है, निराशाओं से दूर रख आशा-उत्साह भरा जीवन जीना भी सिखाया करता है। परीक्षण की कसौटी पर कसे जाने से तात्पर्य है-
- (A) सत्य सिद्ध होना ✓
- (B) कथन का प्रामाणिक होना
- (C) आकलन प्रक्रिया तीव्र होना
- (D) योग्यता का मूल्यांकन होना
Answer (the board’s key): (A)
परिश्रम यानी मेहनत अपना जवाब आप ही है। उसका अन्य कोई जवाब न है, न हो सकता है अर्थात जिस काम के लिए परिश्रम करना आवश्यक हो, हम चाहें कि वह अन्य किसी उपाय से पूरा हो जाए, ऐसा हो पाना कतई संभव नहीं। वह तो लगातार और मन लगाकर परिश्रम करने से ही होगा। इसी कारण कहा जाता है कि 'उद्योगिनं पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मी' अर्थात उद्योग या परिश्रम करने वाले पुरुष सिंहों का ही लक्ष्मी वरण करती है। सभी प्रकार की धन-संपत्तियाँ और सफलताएँ लगातार परिश्रम से ही प्राप्त होती है। परिश्रम ही सफलता की कुंजी है, यह परीक्षण की कसौटी पर कसा गया सत्य है। निरंतर प्रगति और विकास की मंज़िलें तय करते हुए हमारा संसार आज जिस स्तर और स्थिति तक पहुँच पाया है, वह सब हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहने से नहीं हुआ। कई प्रकार के विचार बनाने, अनुसंधान करने, उनके अनुसार लगातार योजनाएँ बनाकर तथा कई तरह के अभावों और कठिनाइयों को सहते हुए निरंतर परिश्रम करते रहने से ही संभव हो पाया है। आज जो लोग सफलता के शिखर पर बैठकर दूसरों पर शासन कर रहे हैं, आदेश दे रहे हैं, ऐसी शक्ति और सत्ता प्राप्त करने के लिए पता नहीं किन-किन रास्तों से चलकर, किस-किस तरह के कष्ट और परिश्रमपूर्ण जीवन जीने के बाद उन्हें इस स्थिति में पहुँच पाने में सफलता मिल पाई है। हाथ-पैर हिलाने पर ही कुछ पाया जा सकता है, उदास या निराश होकर बैठ जाने से नहीं। निरंतर परिश्रम व्यक्ति को चुस्त-दुरुस्त रखकर सजग तो बनाता ही है, निराशाओं से दूर रख आशा-उत्साह भरा जीवन जीना भी सिखाया करता है। 'हाथ-पैर हिलाने से कुछ पाया जा सकता है।'पंक्ति के माध्यम से लेखक...................... की प्रेरणा दे रहे हैं।
- (A) तैराकी
- (B) परिश्रम ✓
- (C) परीक्षण
- (D) हस्तशिल्प
Answer (the board’s key): (B)
परिश्रम यानी मेहनत अपना जवाब आप ही है। उसका अन्य कोई जवाब न है, न हो सकता है अर्थात जिस काम के लिए परिश्रम करना आवश्यक हो, हम चाहें कि वह अन्य किसी उपाय से पूरा हो जाए, ऐसा हो पाना कतई संभव नहीं। वह तो लगातार और मन लगाकर परिश्रम करने से ही होगा। इसी कारण कहा जाता है कि 'उद्योगिनं पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मी' अर्थात उद्योग या परिश्रम करने वाले पुरुष सिंहों का ही लक्ष्मी वरण करती है। सभी प्रकार की धन-संपत्तियाँ और सफलताएँ लगातार परिश्रम से ही प्राप्त होती है। परिश्रम ही सफलता की कुंजी है, यह परीक्षण की कसौटी पर कसा गया सत्य है। निरंतर प्रगति और विकास की मंज़िलें तय करते हुए हमारा संसार आज जिस स्तर और स्थिति तक पहुँच पाया है, वह सब हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहने से नहीं हुआ। कई प्रकार के विचार बनाने, अनुसंधान करने, उनके अनुसार लगातार योजनाएँ बनाकर तथा कई तरह के अभावों और कठिनाइयों को सहते हुए निरंतर परिश्रम करते रहने से ही संभव हो पाया है। आज जो लोग सफलता के शिखर पर बैठकर दूसरों पर शासन कर रहे हैं, आदेश दे रहे हैं, ऐसी शक्ति और सत्ता प्राप्त करने के लिए पता नहीं किन-किन रास्तों से चलकर, किस-किस तरह के कष्ट और परिश्रमपूर्ण जीवन जीने के बाद उन्हें इस स्थिति में पहुँच पाने में सफलता मिल पाई है। हाथ-पैर हिलाने पर ही कुछ पाया जा सकता है, उदास या निराश होकर बैठ जाने से नहीं। निरंतर परिश्रम व्यक्ति को चुस्त-दुरुस्त रखकर सजग तो बनाता ही है, निराशाओं से दूर रख आशा-उत्साह भरा जीवन जीना भी सिखाया करता है। निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए - (i) परिश्रम व्यक्ति को सकारात्मक बनाता है। (ii) आज संसार पतन की ओर बढ़ रहा है। (iii) पुरुषार्थ के बल पर ही व्यक्ति धनार्जन करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा /कौन-से कथन सही है /हैं?
- (A) केवल (i)
- (B) केवल (ii)
- (C) (i) और (iii) ✓
- (D) (ii) और (iii)
Answer (the board’s key): (C)
परिश्रम यानी मेहनत अपना जवाब आप ही है। उसका अन्य कोई जवाब न है, न हो सकता है अर्थात जिस काम के लिए परिश्रम करना आवश्यक हो, हम चाहें कि वह अन्य किसी उपाय से पूरा हो जाए, ऐसा हो पाना कतई संभव नहीं। वह तो लगातार और मन लगाकर परिश्रम करने से ही होगा। इसी कारण कहा जाता है कि 'उद्योगिनं पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मी' अर्थात उद्योग या परिश्रम करने वाले पुरुष सिंहों का ही लक्ष्मी वरण करती है। सभी प्रकार की धन-संपत्तियाँ और सफलताएँ लगातार परिश्रम से ही प्राप्त होती है। परिश्रम ही सफलता की कुंजी है, यह परीक्षण की कसौटी पर कसा गया सत्य है। निरंतर प्रगति और विकास की मंज़िलें तय करते हुए हमारा संसार आज जिस स्तर और स्थिति तक पहुँच पाया है, वह सब हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहने से नहीं हुआ। कई प्रकार के विचार बनाने, अनुसंधान करने, उनके अनुसार लगातार योजनाएँ बनाकर तथा कई तरह के अभावों और कठिनाइयों को सहते हुए निरंतर परिश्रम करते रहने से ही संभव हो पाया है। आज जो लोग सफलता के शिखर पर बैठकर दूसरों पर शासन कर रहे हैं, आदेश दे रहे हैं, ऐसी शक्ति और सत्ता प्राप्त करने के लिए पता नहीं किन-किन रास्तों से चलकर, किस-किस तरह के कष्ट और परिश्रमपूर्ण जीवन जीने के बाद उन्हें इस स्थिति में पहुँच पाने में सफलता मिल पाई है। हाथ-पैर हिलाने पर ही कुछ पाया जा सकता है, उदास या निराश होकर बैठ जाने से नहीं। निरंतर परिश्रम व्यक्ति को चुस्त-दुरुस्त रखकर सजग तो बनाता ही है, निराशाओं से दूर रख आशा-उत्साह भरा जीवन जीना भी सिखाया करता है। निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द गद्यांश में दिए गए 'अनुसंधान' शब्द के सही अर्थ को दर्शाता है-
- (A) परीक्षण
- (B) योजनाएँ
- (C) अन्वेषण ✓
- (D) सिंहमपैति
Answer (the board’s key): (C)
परिश्रम यानी मेहनत अपना जवाब आप ही है। उसका अन्य कोई जवाब न है, न हो सकता है अर्थात जिस काम के लिए परिश्रम करना आवश्यक हो, हम चाहें कि वह अन्य किसी उपाय से पूरा हो जाए, ऐसा हो पाना कतई संभव नहीं। वह तो लगातार और मन लगाकर परिश्रम करने से ही होगा। इसी कारण कहा जाता है कि 'उद्योगिनं पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मी' अर्थात उद्योग या परिश्रम करने वाले पुरुष सिंहों का ही लक्ष्मी वरण करती है। सभी प्रकार की धन-संपत्तियाँ और सफलताएँ लगातार परिश्रम से ही प्राप्त होती है। परिश्रम ही सफलता की कुंजी है, यह परीक्षण की कसौटी पर कसा गया सत्य है। निरंतर प्रगति और विकास की मंज़िलें तय करते हुए हमारा संसार आज जिस स्तर और स्थिति तक पहुँच पाया है, वह सब हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहने से नहीं हुआ। कई प्रकार के विचार बनाने, अनुसंधान करने, उनके अनुसार लगातार योजनाएँ बनाकर तथा कई तरह के अभावों और कठिनाइयों को सहते हुए निरंतर परिश्रम करते रहने से ही संभव हो पाया है। आज जो लोग सफलता के शिखर पर बैठकर दूसरों पर शासन कर रहे हैं, आदेश दे रहे हैं, ऐसी शक्ति और सत्ता प्राप्त करने के लिए पता नहीं किन-किन रास्तों से चलकर, किस-किस तरह के कष्ट और परिश्रमपूर्ण जीवन जीने के बाद उन्हें इस स्थिति में पहुँच पाने में सफलता मिल पाई है। हाथ-पैर हिलाने पर ही कुछ पाया जा सकता है, उदास या निराश होकर बैठ जाने से नहीं। निरंतर परिश्रम व्यक्ति को चुस्त-दुरुस्त रखकर सजग तो बनाता ही है, निराशाओं से दूर रख आशा-उत्साह भरा जीवन जीना भी सिखाया करता है। निम्नलिखित में से किस कथन को गद्यांश की सीख के आधार पर कहा जा सकता है -
- (A) अल्पज्ञान खतरनाक होता है।
- (B) गया समय वापस नहीं आता है।
- (C) मेहनत से कल्पना साकार होती है। ✓
- (D) आवश्यकता आविष्कार की जननी है।
Answer (the board’s key): (C)
(3) निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए - (i) परिश्रम व्यक्ति को सकारात्मक बनाता है। (ii) आज संसार पतन की ओर बढ़ रहा है। (iii) पुरुषार्थ के बल पर ही व्यक्ति धनार्जन करता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा /कौन-से कथन सही है /हैं?
- (क) केवल (i)
- (ख) केवल (ii)
- (ग) (i) और (iii)
- (घ) (ii) और (iii)
'जब उसने ततारा को देखा तो वह फूटकर रोने लगी।' इस वाक्य का सरल वाक्य होगा -
- (A) ततारा को देखते ही वह फूटकर रोने लगी। ✓
- (B) ततारा को देखकर वामीरो फूटकर रोने लगी।
- (C) वामीरो ने ततारा को देखा और फूटकर रोने लगी।
- (D) जैसे ही वामीरो ने ततारा को देखा वह फूटकर रोने लगी।
Answer (the board’s key): (A)
'हम जब अकेले पड़ते हैं तब अपने आप से लगातार बड़बड़ाते रहते हैं।' रचना के आधार पर वाक्य भेद है-
- (A) सरल वाक्य
- (B) संयुक्त वाक्य
- (C) मिश्रित वाक्य ✓
- (D) सामान्य वाक्य
Answer (the board’s key): (C)
'आपके अच्छे कार्यक्रमों को सभी पसंद करते हैं।' दिए गए वाक्य का मिश्रित वाक्य होगा -
- (A) आपके अच्छे कार्यक्रम सभी के पसंदीदा होते हैं।
- (B) जब कार्यक्रम होते ही अच्छे हैं सभी पसंद करते ही हैं।
- (C) आपके कार्यक्रम इतने अच्छे होते हैं कि सभी पसंद करते हैं। ✓
- (D) आपके कार्यक्रम इतने अच्छे हैं इसलिए सभी को पसंद आते हैं।
Answer (the board’s key): (C)
निम्नलिखित वाक्यों में से संयुक्त वाक्य है -
(3) निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए : (i) गृहप्रवेश - (i) द्वंद्व समास (ii) साफ़ - साफ़ - (ii) अव्ययीभाव समास (iii) त्रिकोण - (iii) तत्पुरुष समास (iv) मृगलोचन - (iv) बहुव्रीहि समास उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं -
- (A) i और ii
- (B) i और iii
- (C) ii और iv ✓
- (D) iii और iv
Answer (the board’s key): (C)
मुहावरे और अर्थ के उचित मेल वाले विकल्प का चयन कीजिए-
- (A) गिरह बाँधना - मार डालना
- (B) तलवार खींचना-सब कुछ नष्ट करना
- (C) पन्ने रंगना-व्यर्थ में लिखना ✓
- (D) कदम उठाना - सामना करना
Answer (the board’s key): (C)
'अयोग्य को कोई महत्वपूर्ण वस्तु मिलना' के लिए उपयुक्त मुहावरा है -
- (A) दाँतों तले उँगली दबाना
- (B) अंधे के हाथ बटेर लगना ✓
- (C) अंधे की लाठी बनना
- (D) मोह-माया के बंधन में पड़ना
Answer (the board’s key): (B)
तू मित्र है या शत्रु है? जहाँ भी जाता हूँ, वहीं मेरे सामने....................। रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए -
- (A) डेरा डालता है
- (B) हवा में उड़ता है
- (C) त्यौरियाँ चढ़ा लेता है
- (D) दीवार खड़ी कर देता है
पढ़ाई में मेहनत कर मैं.................. हो सकता हूँ। उचित मुहावरे से रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए।
- (A) खून का घूँट
- (B) एक पंथ दो काज
- (C) पैरों पर खड़ा होना ✓
- (D) अपना हाथ जगन्नाथ
Answer (the board’s key): (C)
रेखांकित अंश (सारा दिन काम में जुटे रहते हो) के लिए कौन-सा मुहावरा प्रयुक्त करना उचित रहेगा? तुम सारा दिन काम में जुटे रहते हो, कभी आराम भी कर लिया करो।
- (A) कोल्हू का बैल ✓
- (B) खेत का बैल
- (C) तीन तेरह होना
- (D) हक्का-बक्का
Answer (the board’s key): (A)
'अत्यधिक दुखी होना' अर्थ के लिए उपयुक्त मुहावरा है-
- (A) कड़वे घूँट पीना
- (B) आपे से बाहर होना
- (C) कलेजा मुँह को आना ✓
- (D) अक्ल पर पत्थर पड़ना
Answer (the board’s key): (C)
चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए, विपत्ति, विघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए । घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी, अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी। तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे, वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे कवि सभी को एक होकर चलने की प्रेरणा देते हैं। इससे ज्ञात होता है कि कवि................ के पक्षधर हैं।
- (A) निरन्वय
- (B) समन्वय ✓
- (C) क्रमान्वय
- (D) दूरन्वय
Answer (the board’s key): (B)
चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए, विपत्ति, विघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए । घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी, अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी। तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे, वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे अभीष्ट मार्ग से तात्पर्य है-
- (A) स्वर्गगत मार्ग
- (B) प्रमाणित मार्ग
- (C) क्रीड़ाक्षेत्रीय मार्ग
- (D) मनोवांछित मार्ग ✓
Answer (the board’s key): (D)
चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए, विपत्ति, विघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए । घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी, अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी। तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे, वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे समर्थ भाव है, दूसरों को
- (A) सफल करते हुए स्वयं सफल होना ✓
- (B) ज्ञान मार्ग बताते हुए सफल बनाना
- (C) शक्ति प्रदर्शन द्वारा सफलता दिलाना
- (D) सफल करते हुए अपना स्वार्थ सिद्ध करना
Answer (the board’s key): (A)
चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए, विपत्ति, विघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए । घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी, अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी। तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे, वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे 'भिन्नता ना बढ़े' का आशय है-
- (A) मत भिन्नता हो
- (B) मतभेद कम हों ✓
- (C) भेदभाव भिन्न हों
- (D) मतभेद अधिक हों
Answer (the board’s key): (B)
चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए, विपत्ति, विघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए । घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी, अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी। तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे, वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे निम्नलिखित वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़िए-(i) हमें मृत्यु से कभी नहीं डरना चाहिए ।(ii) बाह्य आडंबरों का विरोध करना चाहिए ।(iii) मार्ग की विपत्तियों को ढकेलते हुए आगे बढ़ना चाहिए ।(iv) प्राकृतिक सौंदर्य के लिए ईश्वर को धन्यवाद देना चाहिए ।(v) हमें अपने जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए ।पद्यांश से मेल खाते वाक्यों के लिए उचित विकल्प चुनिए -
- (A) (i),(ii),(v)
- (B) (i),(iii),(v) ✓
- (C) (ii),(iii),(iv)
- (D) ((ii),(iv),(v)
Answer (the board’s key): (B)
'तुम्हीं राम, तुम्हीं लक्ष्मण' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि -
- (A) देश की रक्षा सभी देशवासियों का कर्तव्य है। ✓
- (B) राम और लक्ष्मण द्वारा सीता की रक्षा की गई है ।
- (C) सैनिक युद्ध भूमि में वीरगति को प्राप्त हो चुके हैं।
- (D) आत्मबलिदान के अवसर निरंतर बने रहते हैं।
Answer (the board’s key): (A)
'तव मुख पहचानूँ छिन-छिन में' का भाव है -
- (A) प्रभु की सत्ता पर संदेह न करना।
- (B) प्रत्येक जीव में परमात्मा को देखना। ✓
- (C) ईश्वर के दर्शनों की अभिलाषा रखना।
- (D) सत्मार्ग पर चलकर जीवन यापन करना।
Answer (the board’s key): (B)
( 3) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए। उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए। कथन (A)-उनके गीत भाव-प्रवण थे- दुरूह नहीं। कारण (R) - शैलेंद्र के द्वारा लिखे गीत भावनाओं से ओत-प्रोत थे, उनमें गहराई थी।गीतों की भाषा सहज, सरल थी, क्लिष्ट नहीं थी।
- (क) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत है।
- (ख) कथन (A) गलत है लेकिन कारण (R) सही है।
- (ग) कथन (A) सही है लेकिन कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है।
- (घ) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
निम्नलिखित में से कौन-से वाक्य 'बड़े भाई साहब' कहानी से प्राप्त प्रेरणा को दर्शाते हैं - (i) कथनी और करनी का अंतर हमारी स्थिति को हास्यास्पद बना सकता है। (ii) पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद भी छात्र जीवन के आवश्यक अंग हैं। (iii) केवल परीक्षा से पहले ध्यान लगाकर पढ़ लेने से प्रथम आ सकते हैं। (iv) बड़े भाई साहब ज्ञान की बातें लेखक को आसानी से समझा देते हैं। (क) केवल (i) (ख) (i) और (ii) (ग) केवल (iv) (घ) (ii),(iii),(iv)
- (A) (क) केवल (i)
- (B) (ख) (i) और (ii) ✓
- (C) (ग) केवल (iv)
- (D) (घ) (ii),(iii),(iv)
Answer (the board’s key): (B)
सआदत अली को अवध के तख़्त पर बिठाने के लिए पीछे कर्नल का उद्देश्य था- (क)अपने परम मित्र सआदत अली की हरसंभव सहायता करना (ख) जाँबाज़ योद्धा के रूप में मित्र सआदत अली को प्रसिद्ध करना (ग) कंपनी के वकील का कत्ल करवाने के लिए मिलकर षडयंत्र रचना (घ) अप्रत्यक्ष रूप से अवध पर कंपनी का आधिपत्य स्थापित करना
- (A) (क)अपने परम मित्र सआदत अली की हरसंभव सहायता करना
- (B) (ख) जाँबाज़ योद्धा के रूप में मित्र सआदत अली को प्रसिद्ध करना
- (C) (ग) कंपनी के वकील का कत्ल करवाने के लिए मिलकर षडयंत्र रचना
- (D) (घ) अप्रत्यक्ष रूप से अवध पर कंपनी का आधिपत्य स्थापित करना ✓
Answer (the board’s key): (D)
Section B · Written questions (10)
खंड - ब (वर्णनात्मक प्रश्न) प्रश्न 11 निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए - (1x2=2) (3x2=6) (1) भ्रमण हम सभी के जीवन का अभिन्न अंग है। अपनी व्यस्ततम दिनचर्या के बीच चैन से भरे कुछ पल शायद हम इसी प्रकार निकाल सकते हैं। शांत वातावरण में अपने तथा अपनों के लिए जीवन व्यतीत करना आवश्यक है। आपके द्वारा इस पाठ्यक्रम में पढ़े गए पाठ में चैन भरे पल बिताने के लिए लेखक ने क्या किया ? क्या वास्तव में सभी को इसकी आवश्यकता है? अपने विचार व्यक्त कीजिए। (2) 'डायरी का एक पन्ना' के माध्यम से आपने गुलाम भारत के स्वतंत्रता दिवस के आयोजन के विषय में जाना। आज हम आज़ाद भारत में आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। देश के प्रति अपने कर्तव्यों को बताते हुए पाठ से प्राप्त सीख का वर्णन कीजिए। (3) इस वर्ष आपने पाठ्यक्रम में लोककथा पर आधारित एक कहानी पढ़ी है। यह कहानी समाज की विसंगतियों को दूर करने का संदेश देती है। कथन का मूल्यांकन करते हुए अपने विचार लिखिए।
प्रश्न 12 निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए - (3x2=6) (1) आपके द्वारा इस पाठ्यक्रम में पढ़ी गई किस कविता की अंतिम पंक्तियाँ आपको सर्वाधिक प्रभावित करती हैं और क्यों? लगभग 60 शब्दों में व्यक्त कीजिए। (2) कबीर और मीरा की भक्ति की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए ।
लोगों के बीच बहस छिड़ जाती है। उत्तराधिकारी के कानून पर जो जितना जानता है, उससे दस गुना अधिक उगल देता है। फिर भी कोई समाधान नहीं निकलता। रहस्य खत्म नहीं होता, आशंकाएँ बनी ही रहती हैं। लेकिन लोग आशंकाओं को नज़रअंदाज कर अपनी पक्षधरता शुरू कर देते हैं। हरिहर काका सभी के लिए चर्चा का केंद्र बने हुए थे। हरिहर काका मामले में गाँव वालों की राय तर्कसहित स्पष्ट कीजिए।
स्काउट परेड करते समय लेखक स्वयं को महत्वपूर्ण 'आदमी' फ़ौजी जवान समझने लगता था। कथन के आलोक में अपने विचार प्रकट करते हुए बताइए कि विद्यालय जीवन में प्रशिक्षण व गतिविधियों की क्या उपयोगिता है?
बालमन किसी स्वार्थ या हिसाब से चलायमान नहीं होता। बचपन प्रेम के रिश्ते के अलावा किसी और रिश्ते को कुबूल नहीं करता। 'टोपी शुक्ला' पाठ में टोपी अपने परिवार के एक सदस्य को बदलने की बात करता है। उसकी सोच के आधार पर उसकी मनोदशा का वर्णन कीजिए।
प्रश्न 14 निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए - (5x1=5) (1) विद्यार्थी जीवन और चरित्र निर्माण • संपूर्ण जीवन की आधारशिला • चरित्र निर्माण की आवश्यकता • देश व समाज के लिए उपयोगी (2) ट्वेंटी-ट्वेंटी क्रिकेट का रोमांच • मैच कब और कहाँ • टीमों का संघर्ष • दर्शकों की प्रतिक्रिया (3) दौड़ती हुई ज़िंदगी • कैसे • कारण • आवश्यकताओं में वृद्धि • क्या करें ?
प्रश्न 15 (1) आप वेणु राजगोपाल /वेणी राजगोपाल हैं। हिंदुस्तान टाइम्स दिल्ली के संपादक के नाम एक पत्र लिखकर सामाजिक जीवन में बढ़ रही हिंसा पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।( शब्द-सीमा - लगभग 100 शब्द) (5x1=5) अथवा (2) आपके विद्यालय में खेल की उपयुक्त सामग्री है तथा समय-समय पर सभी स्तरों पर मैच का आयोजन भी किया जाता है। विद्यालय के खेल कप्तान होने के नाते प्रधानाचार्य के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पत्र लिखिए।
प्रश्न 16 निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 80 शब्दों में सूचना लिखिए - (4x1=4) (1) आप विद्यालय के सांस्कृतिक सचिव हैं। बाल दिवस समारोह के अवसर पर विद्यालय में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम के विवरण सहित सूचना तैयार कीजिए। अथवा (2) आप रजत चट्टोपाध्याय/ रजनी रस्तोगी, मोहल्ला सुधार समिति के सचिव हैं। स्वच्छता अभियान के अंतर्गत 'स्वच्छता पखवाड़ा' कार्यक्रमों में भाग लेने के इच्छुक लोगों के लिए एक सूचना तैयार कीजिए।
प्रश्न 17 निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 60 शब्दों में विज्ञापन तैयार कीजिए- (1)स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा योग दिवस के अवसर के प्रचार प्रसार के लिए एक आकर्षक विज्ञापन लगभग 60 शब्दों में तैयार कीजिए। अथवा (2)लोकल फॉर वोकल ( स्थानीय उत्पादों का प्रयोग ) के प्रचार-प्रसार के लिए एक आकर्षक विज्ञापन लगभग 60 शब्दों में तैयार कीजिए।
प्रश्न 18 (1) 'जैसा करोगे वैसा भरोगे' विषय पर लघु कथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए। अथवा (2)आप श्वेता कपूर /शैलेश कपूर हैं। आप वर्तमान परिप्रेक्ष्य में हिंदी की उपयोगिता जानते हैं इसीलिए ग्यारहवीं कक्षा में विज्ञान विषय के साथ भी हिंदी अतिरिक्त विषय के रूप में पढ़ना चाहते हैं। अपने प्रधानाचार्य को विद्यालय के ईमेल पते पर ईमेल लिखकर अनुमति प्राप्त कीजिए। ( शब्द-सीमा लगभग 100 शब्द)
The same preparation, with Medha Ma’am — on your phone
Every question of every chapter with its model answer, practice questions in the board’s own shapes, 45 minutes of class a day, written answers marked, a test every Sunday and a WhatsApp report to parents.
Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.