CBSE Class 10 · Hindi B · board exam 2027
CBSE Class 10 Hindi B Sample Paper 2024
The board’s 2024 sample paper, set SQP-085 — all 45 questions as printed; 32 objective answers from the board’s own key. Each question names its chapter, where that chapter’s most-asked questions are.
Full marks 80 · Time 3 h
Section A · Objective questions (36)
आदमी की पहचान उसकी भाषा से होती है और भाषा संस्कार से बनती है। जिसके जैसे संस्कार होंगे, वैसी उसकी भाषा होगी। जब कोई आदमी भाषा बोलता है, तो साथ में उसके संस्कार भी बोलते हैं। यही कारण है कि भाषा शिक्षक का दायित्व बहुत गुरुतर और चुनौतीपूर्ण है। परंपरागत रूप में शिक्षक की भूमिका इन तीन कौशलों -- बोलना, पढ़ना और लिखना तक सीमित कर दी गई है। केवल यांत्रिक कौशल किसी जीती-जागती भाषा का उदाहरण नहीं हो सकते हैं। सोचना और महसूस करना दो ऐसे कारक हैं, जिनमें भाषा सही आकार पाती है। इनके बिना भाषा, भाषा नहीं है, इनके बिना भाषा संस्कार नहीं बन सकती, इनके बिना भाषा युगों-युगों का लंबा सफर तय नहीं कर सकती, इनके बिना कोई भाषा किसी देश या समाज की धड़कन नहीं बन सकती। केवल संप्रेषण ही भाषा नहीं है। दर्द और मुस्कान के बिना कोई भाषा जीवंत नहीं हो सकती। भाषा हमारे समाज के निर्माण, विकास, अस्मिता, सामाजिक व सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण साधन है। भाषा के बिना मनुष्य पूर्ण नहीं है। भाषा में ही हमारे भाव राज्य, संस्कार, प्रांतीयता झलकती है। इस झलक का संबंध व्यक्ति की मानवीय संवेदना और मानसिकता से भी होता है। जिस व्यक्ति के जीवन का उद्देश्य और मानसिकता जिस स्तर की होगी, उसकी भाषा के शब्द और मुख्यार्थ भी उसी स्तर के होंगे। साहित्यकार ऐसी भाषा को आधार बनाते हैं, जो उनके पाठकों एवं श्रोताओं की संवेदना के साथ एकाकार करने में समर्थ हों। आदमी की पहचान उसकी भाषा से होती है, क्योंकि-
- (A) मनुष्य की पूर्णता भाषा द्वारा ही संभव है।
- (B) व्यक्ति के मनोभाव भाषा से ही व्यक्त होते हैं। ✓
- (C) भाषा का प्रचार और विकास कोई रोक नहीं सकता।
- (D) दर्द और मुस्कान के बिना भाषा जीवित नहीं हो सकती।
Answer (the board’s key): (B)
आदमी की पहचान उसकी भाषा से होती है और भाषा संस्कार से बनती है। जिसके जैसे संस्कार होंगे, वैसी उसकी भाषा होगी। जब कोई आदमी भाषा बोलता है, तो साथ में उसके संस्कार भी बोलते हैं। यही कारण है कि भाषा शिक्षक का दायित्व बहुत गुरुतर और चुनौतीपूर्ण है। परंपरागत रूप में शिक्षक की भूमिका इन तीन कौशलों -- बोलना, पढ़ना और लिखना तक सीमित कर दी गई है। केवल यांत्रिक कौशल किसी जीती-जागती भाषा का उदाहरण नहीं हो सकते हैं। सोचना और महसूस करना दो ऐसे कारक हैं, जिनमें भाषा सही आकार पाती है। इनके बिना भाषा, भाषा नहीं है, इनके बिना भाषा संस्कार नहीं बन सकती, इनके बिना भाषा युगों-युगों का लंबा सफर तय नहीं कर सकती, इनके बिना कोई भाषा किसी देश या समाज की धड़कन नहीं बन सकती। केवल संप्रेषण ही भाषा नहीं है। दर्द और मुस्कान के बिना कोई भाषा जीवंत नहीं हो सकती। भाषा हमारे समाज के निर्माण, विकास, अस्मिता, सामाजिक व सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण साधन है। भाषा के बिना मनुष्य पूर्ण नहीं है। भाषा में ही हमारे भाव राज्य, संस्कार, प्रांतीयता झलकती है। इस झलक का संबंध व्यक्ति की मानवीय संवेदना और मानसिकता से भी होता है। जिस व्यक्ति के जीवन का उद्देश्य और मानसिकता जिस स्तर की होगी, उसकी भाषा के शब्द और मुख्यार्थ भी उसी स्तर के होंगे। साहित्यकार ऐसी भाषा को आधार बनाते हैं, जो उनके पाठकों एवं श्रोताओं की संवेदना के साथ एकाकार करने में समर्थ हों। निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए। उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए। कथन (A) जब कोई आदमी बोलता है, तो साथ में उसके संस्कार भी बोलते हैं। कारण (R) : भाषा शिक्षक का दायित्व बहुत चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि उसे कौशलों का विकास करना होता है।
- (A) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत है।
- (B) कथन (A) गलत है. लेकिन कारण (R) सही है।
- (C) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है। ✓
- (D) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
Answer (the board’s key): (C)
आदमी की पहचान उसकी भाषा से होती है और भाषा संस्कार से बनती है। जिसके जैसे संस्कार होंगे, वैसी उसकी भाषा होगी। जब कोई आदमी भाषा बोलता है, तो साथ में उसके संस्कार भी बोलते हैं। यही कारण है कि भाषा शिक्षक का दायित्व बहुत गुरुतर और चुनौतीपूर्ण है। परंपरागत रूप में शिक्षक की भूमिका इन तीन कौशलों -- बोलना, पढ़ना और लिखना तक सीमित कर दी गई है। केवल यांत्रिक कौशल किसी जीती-जागती भाषा का उदाहरण नहीं हो सकते हैं। सोचना और महसूस करना दो ऐसे कारक हैं, जिनमें भाषा सही आकार पाती है। इनके बिना भाषा, भाषा नहीं है, इनके बिना भाषा संस्कार नहीं बन सकती, इनके बिना भाषा युगों-युगों का लंबा सफर तय नहीं कर सकती, इनके बिना कोई भाषा किसी देश या समाज की धड़कन नहीं बन सकती। केवल संप्रेषण ही भाषा नहीं है। दर्द और मुस्कान के बिना कोई भाषा जीवंत नहीं हो सकती। भाषा हमारे समाज के निर्माण, विकास, अस्मिता, सामाजिक व सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण साधन है। भाषा के बिना मनुष्य पूर्ण नहीं है। भाषा में ही हमारे भाव राज्य, संस्कार, प्रांतीयता झलकती है। इस झलक का संबंध व्यक्ति की मानवीय संवेदना और मानसिकता से भी होता है। जिस व्यक्ति के जीवन का उद्देश्य और मानसिकता जिस स्तर की होगी, उसकी भाषा के शब्द और मुख्यार्थ भी उसी स्तर के होंगे। साहित्यकार ऐसी भाषा को आधार बनाते हैं, जो उनके पाठकों एवं श्रोताओं की संवेदना के साथ एकाकार करने में समर्थ हों। गद्यांश में साहित्यकार द्वारा किए गए कार्य का उल्लेख इनमें से कौन-से विकल्प से ज्ञात होता है-
- (A) साहित्य समाज का दर्पण है।
- (B) साहित्यकार साहित्य सृजन में व्यस्त रहता है।
- (C) साहित्यकार सामाजिक व सांस्कृतिक पहचान बनाता है।
- (D) साहित्यकार जन सामान्य की अस्मिता का परिचायक होता है। ✓
Answer (the board’s key): (D)
आदमी की पहचान उसकी भाषा से होती है और भाषा संस्कार से बनती है। जिसके जैसे संस्कार होंगे, वैसी उसकी भाषा होगी। जब कोई आदमी भाषा बोलता है, तो साथ में उसके संस्कार भी बोलते हैं। यही कारण है कि भाषा शिक्षक का दायित्व बहुत गुरुतर और चुनौतीपूर्ण है। परंपरागत रूप में शिक्षक की भूमिका इन तीन कौशलों -- बोलना, पढ़ना और लिखना तक सीमित कर दी गई है। केवल यांत्रिक कौशल किसी जीती-जागती भाषा का उदाहरण नहीं हो सकते हैं। सोचना और महसूस करना दो ऐसे कारक हैं, जिनमें भाषा सही आकार पाती है। इनके बिना भाषा, भाषा नहीं है, इनके बिना भाषा संस्कार नहीं बन सकती, इनके बिना भाषा युगों-युगों का लंबा सफर तय नहीं कर सकती, इनके बिना कोई भाषा किसी देश या समाज की धड़कन नहीं बन सकती। केवल संप्रेषण ही भाषा नहीं है। दर्द और मुस्कान के बिना कोई भाषा जीवंत नहीं हो सकती। भाषा हमारे समाज के निर्माण, विकास, अस्मिता, सामाजिक व सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण साधन है। भाषा के बिना मनुष्य पूर्ण नहीं है। भाषा में ही हमारे भाव राज्य, संस्कार, प्रांतीयता झलकती है। इस झलक का संबंध व्यक्ति की मानवीय संवेदना और मानसिकता से भी होता है। जिस व्यक्ति के जीवन का उद्देश्य और मानसिकता जिस स्तर की होगी, उसकी भाषा के शब्द और मुख्यार्थ भी उसी स्तर के होंगे। साहित्यकार ऐसी भाषा को आधार बनाते हैं, जो उनके पाठकों एवं श्रोताओं की संवेदना के साथ एकाकार करने में समर्थ हों। 'दर्द और मुस्कान के बिना भाषा जीवित नहीं हो सकती।' लेखक द्वारा ऐसा कथन दर्शाता है-
- (A) यथार्थ की समझ ✓
- (B) सामाजिक समरसता
- (C) साहित्य-प्रेम
- (D) भाषा कौशल
Answer (the board’s key): (A)
आदमी की पहचान उसकी भाषा से होती है और भाषा संस्कार से बनती है। जिसके जैसे संस्कार होंगे, वैसी उसकी भाषा होगी। जब कोई आदमी भाषा बोलता है, तो साथ में उसके संस्कार भी बोलते हैं। यही कारण है कि भाषा शिक्षक का दायित्व बहुत गुरुतर और चुनौतीपूर्ण है। परंपरागत रूप में शिक्षक की भूमिका इन तीन कौशलों -- बोलना, पढ़ना और लिखना तक सीमित कर दी गई है। केवल यांत्रिक कौशल किसी जीती-जागती भाषा का उदाहरण नहीं हो सकते हैं। सोचना और महसूस करना दो ऐसे कारक हैं, जिनमें भाषा सही आकार पाती है। इनके बिना भाषा, भाषा नहीं है, इनके बिना भाषा संस्कार नहीं बन सकती, इनके बिना भाषा युगों-युगों का लंबा सफर तय नहीं कर सकती, इनके बिना कोई भाषा किसी देश या समाज की धड़कन नहीं बन सकती। केवल संप्रेषण ही भाषा नहीं है। दर्द और मुस्कान के बिना कोई भाषा जीवंत नहीं हो सकती। भाषा हमारे समाज के निर्माण, विकास, अस्मिता, सामाजिक व सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण साधन है। भाषा के बिना मनुष्य पूर्ण नहीं है। भाषा में ही हमारे भाव राज्य, संस्कार, प्रांतीयता झलकती है। इस झलक का संबंध व्यक्ति की मानवीय संवेदना और मानसिकता से भी होता है। जिस व्यक्ति के जीवन का उद्देश्य और मानसिकता जिस स्तर की होगी, उसकी भाषा के शब्द और मुख्यार्थ भी उसी स्तर के होंगे। साहित्यकार ऐसी भाषा को आधार बनाते हैं, जो उनके पाठकों एवं श्रोताओं की संवेदना के साथ एकाकार करने में समर्थ हों। भाषा तब सही आकार पाती है, जब-
- (A) मनुष्य निरंतर उसका अभ्यास करता रहता है।
- (B) भाषा को सरकारी समर्थन भी प्राप्त होता है।
- (C) भाषा सामाजिक संस्थाओं से प्रोत्साहन प्राप्त करती है।
- (D) भाषायी कौशलों के साथ मनुष्य सोचता और महसूस भी करता है। ✓
Answer (the board’s key): (D)
(2) तताँरा को कोई राह न सूझने के कारणों पर विचार कीजिए और उचित विकल्प का चयन कीजिए। (i) आत्मसमर्पण का भाव (ii) वामीरो से अत्यधिक प्रेम (iii) तलवार की दैवीय शक्ति (iv) गाँव वालों के प्रति रोष
- (A) (i) और (iii)
- (B) (i), (iii), (iv)
- (C) केवल (iii)
- (D) (ii) और (iv)
'सुलेमान केवल मानव जाति के ही राजा नहीं थे, सारे छोटे-बड़े पशु- पक्षी के भी हाकिम थे।' रेखांकित पदबंध का भेद है -
- (A) संज्ञा पदबंध ✓
- (B) सर्वनाम पदबंध
- (C) क्रिया पदबंध
- (D) विशेषण पदबंध
Answer (the board’s key): (A)
'जीने मरने वाले मनुष्य तो हो सकते हैं पर सही अर्थों में नहीं।' इस वाक्य में विशेषण पदबंध होगा -
- (A) मनुष्य तो हो सकते हैं
- (B) सही अर्थों में नहीं
- (C) जीने-मरने वाले मनुष्य
- (D) जीने-मरने वाले ✓
Answer (the board’s key): (D)
क्रियाविशेषण पदबंध का उदाहरण छाँटिए -
- (A) 'प्रैक्टिकल आइडियालिस्टों' के जीवन से आदर्श धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हैं।
- (B) 'प्रैक्टिकल आइडियालिस्टों' के जीवन से आदर्श धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हैं। ✓
- (C) 'प्रैक्टिकल आइडियालिस्टों' के जीवन से आदर्श धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हैं।
- (D) 'प्रैक्टिकल आइडियालिस्टों' के जीवन से आदर्श धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हैं।
Answer (the board’s key): (B)
'अकसर हम या तो गुज़रे हुए दिनों की खट्टी-मीठी यादों में उलझे रहते हैं या भविष्य के रंगीन सपने देखते रहते हैं।' रेखांकित पदबंध का भेद है -
- (A) संज्ञा पदबंध
- (B) सर्वनाम पदबंध
- (C) विशेषण पदबंध
- (D) क्रिया पदबंध
' खिड़की के बाहर अब असहाय दोनों कबूतर रात-भर खामोश और उदास बैठे रहते हैं।' रेखांकित पदबंध का भेद है-
- (A) संज्ञा पदबंध
- (B) क्रिया पदबंध
- (C) विशेषण पदबंध
- (D) क्रियाविशेषण पदबंध
निम्नलिखित में से उपयुक्त सरल वाक्य छाँटिए -
- (A) जो कहोगे उसका परिणाम तो भुगतना ही पड़ेगा।
- (B) नूह ने जब उनकी बात सुनी तो दुखी हो मुद्दत तक रोते रहे।
- (C) दूसरे गाँव के युवक के साथ संबंध परंपरा के विरुद्ध था। ✓
- (D) मैं उनकी लताड़ सुनता और आँसू बहाने लगता।
Answer (the board’s key): (C)
'जब से कानून भंग का काम शुरू हुआ है तब से आज तक इतनी बड़ी सभा ऐसे मैदान में नहीं की गई थी ।'रचना के आधार पर वाक्य भेद है -
- (A) सरल वाक्य
- (B) संयुक्त वाक्य
- (C) मिश्रित वाक्य ✓
- (D) सामान्य वाक्य
Answer (the board’s key): (C)
कॉलम 1 कॉलम 2 के साथ सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए
- (A) 1-(iii) , 2-(i) , 3-(ii)
- (B) 1-(ii) , 2-(iii) , 3-(i)
- (C) 1-(i) , 2-(ii) , 3-(iii)
- (D) 1-(ii) , 2-(i) , 3-(iii)
निम्नलिखित वाक्यों में मिश्रित वाक्य है-
- (A) जैसे ही वे घर से बाहर निकले, वैसे ही जोर से धमाका हुआ। ✓
- (B) वे लोग घर से बाहर निकले और ज़ोर से धमाका हुआ।
- (C) धमाका होते ही घर से बाहर निकले।
- (D) उनके घर से निकलते ही ज़ोर से धमाका हुआ।
Answer (the board’s key): (A)
' शैलेंद्र का दृढ़ मंतव्य था कि दर्शकों की रुचि की आड़ में हमें उथलेपन को उनपर नहीं थोपना चाहिए ।' रचना के आधार पर इस वाक्य का भेद होगा-
- (A) सरल वाक्य
- (B) संयुक्त वाक्य
- (C) मिश्र वाक्य ✓
- (D) विधानवाचक वाक्य
Answer (the board’s key): (C)
'मार्गव्यय' शब्द/समस्तपद कौन-से समास का उदाहरण है?
- (A) द्विगु समास
- (B) कर्मधारय समास
- (C) तत्पुरुष समास ✓
- (D) अव्ययीभाव समास
Answer (the board’s key): (C)
'महाजन'-समस्त पद का विग्रह होगा -
- (A) महान है जो जन ✓
- (B) महा है जो जन
- (C) महान का जन
- (D) जन की महानता
Answer (the board’s key): (A)
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए :
- (A) i और ii
- (B) iऔर iii ✓
- (C) ii और iv
- (D) iii और iv
Answer (the board’s key): (B)
' यथाशक्ति' शब्द के लिए सही समास- विग्रह और समास का चयन कीजिए -
- (A) यथा और शक्ति - द्वंद्व समास
- (B) यथा की शक्ति - तत्पुरुष समास
- (C) शक्ति के अनुसार - अव्ययीभाव समास ✓
- (D) यथार्थ शक्ति का धनी अर्थात व्यक्ति विशेष- बहुव्रीहि समास
Answer (the board’s key): (C)
' तिरंगा' का समास विग्रह एवं भेद होगा -
- (A) तीन में रंगा-तत्पुरुष समास
- (B) तीन रंग-द्विगु समास
- (C) तीन रंगों के समान- कर्मधारय
- (D) तीन रंगों वाला अर्थात भारत का राष्ट्र ध्वज- बहुव्रीहि समास ✓
Answer (the board’s key): (D)
मुहावरे और अर्थ के उचित मेल वाले विकल्प का चयन कीजिए-
- (A) तूती बोलना- मुसीबत में फँसना
- (B) दूध की मक्खी- अनुपयोगी ✓
- (C) लोहा मानना- कठिन काम करना
- (D) टूट पड़ना- काम शुरू करना
Answer (the board’s key): (B)
'गहरी नींद से जाग जाना /होश आना' के लिए उपयुक्त मुहावरा है-
- (A) सुध-बुध खोना
- (B) अलख जगाना
- (C) दिमाग होना
- (D) तंद्रा भंग होना ✓
Answer (the board’s key): (D)
'आड़े हाथों लेना' मुहावरे का अर्थ है -
- (A) घमंड करना
- (B) विरोध करना
- (C) खिंचाई करना ✓
- (D) बेराह चलना
Answer (the board’s key): (C)
रेखांकित अंश (बाधा उत्पन्न कर देता है) के लिए कौन-सा मुहावरा प्रयुक्त करना उचित रहेगा? 'तू मित्र है या शत्रु? जहाँ भी जाता हूँ , वहीं मेरे सामने बाधा उत्पन्न कर देता है।'
- (A) मज़ा चखवाना
- (B) दीवार खड़ी करना ✓
- (C) हावी होना
- (D) राह न सूझना
Answer (the board’s key): (B)
सेठ दीनदयाल अपने क्षेत्र के जाने-माने व्यापारी हैं।.................... के द्वारा ही उनकी गिनती चुने हुए धनवानों में होती है। रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए ।
- (A) सातवें आसमान पर होने
- (B) नतमस्तक होने
- (C) हवा में उड़ने
- (D) दो से चार बनाने के गणित ✓
Answer (the board’s key): (D)
'परेशानी देखकर घबरा जाना' अर्थ के लिए उपयुक्त मुहावरा है-
- (A) हाथ-पाँव फूल जाना ✓
- (B) प्राण ले लेना
- (C) सिर फिरना
- (D) ठंडा पड़ना
Answer (the board’s key): (A)
साँस थमती गई, नब्ज़ ज़मती गई, फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया, कट गए सर हमारे तो कुछ ग़म नहीं, सर हिमालय का हमने न झुकने दिया, मरते-मरते रहा बाँकपन साथियों, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों। ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर जान देने की रुत रोज़ आती नहीं हुस्न और इश्क दोनों को रुसवा करे वो जवानी जो खूँ में नहाती नहीं, आज धरती बनी है दुल्हन साथियों अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों ! 'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया' का अर्थ है-
- (A) हिमालय को सजाना
- (B) हिमालय की हिफ़ाज़त करना
- (C) भारत के गौरव को बनाए रखना ✓
- (D) भारत का गुणगान करना
Answer (the board’s key): (C)
साँस थमती गई, नब्ज़ ज़मती गई, फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया, कट गए सर हमारे तो कुछ ग़म नहीं, सर हिमालय का हमने न झुकने दिया, मरते-मरते रहा बाँकपन साथियों, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों। ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर जान देने की रुत रोज़ आती नहीं हुस्न और इश्क दोनों को रुसवा करे वो जवानी जो खूँ में नहाती नहीं, आज धरती बनी है दुल्हन साथियों अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों ! कवि द्वारा 'साथियों' संबोधन का प्रयोग......... के लिए किया गया है।
- (A) कवियों
- (B) शहीदों
- (C) सैनिकों
- (D) देशवासियों ✓
Answer (the board’s key): (D)
साँस थमती गई, नब्ज़ ज़मती गई, फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया, कट गए सर हमारे तो कुछ ग़म नहीं, सर हिमालय का हमने न झुकने दिया, मरते-मरते रहा बाँकपन साथियों, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों। ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर जान देने की रुत रोज़ आती नहीं हुस्न और इश्क दोनों को रुसवा करे वो जवानी जो खूँ में नहाती नहीं, आज धरती बनी है दुल्हन साथियों अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों ! 'मरते-मरते रहा बाँकपन साथियों' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि-
- (A) सैनिक धरती को दुल्हन की तरह सजा हुआ देखकर प्रसन्न हो गए।
- (B) सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा हेतु जोश और साहस से युद्ध किया। ✓
- (C) देशवासियों को बार-बार पुकारकर सैनिकों ने उनमें देशभक्ति का भाव जगाया।
- (D) सैनिकों ने कभी भी टेढ़ेपन से बातचीत नहीं की, देश रक्षा ही एकमात्र उद्देश्य रहा।
Answer (the board’s key): (B)
साँस थमती गई, नब्ज़ ज़मती गई, फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया, कट गए सर हमारे तो कुछ ग़म नहीं, सर हिमालय का हमने न झुकने दिया, मरते-मरते रहा बाँकपन साथियों, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों। ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर जान देने की रुत रोज़ आती नहीं हुस्न और इश्क दोनों को रुसवा करे वो जवानी जो खूँ में नहाती नहीं, आज धरती बनी है दुल्हन साथियों अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों ! 'जान देने की रुत रोज़ आती नहीं' का भाव है -
- (A) सैनिकों के हृदय में जीवित रहने की इच्छा नहीं
- (B) जीवित रहने का समय आनंददायक होना चाहिए
- (C) आत्म बलिदान द्वारा भी देश की रक्षा के लिए तत्पर ✓
- (D) जीवन और मरण सब कुछ ईश्वर की इच्छा पर निर्भर
Answer (the board’s key): (C)
साँस थमती गई, नब्ज़ ज़मती गई, फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया, कट गए सर हमारे तो कुछ ग़म नहीं, सर हिमालय का हमने न झुकने दिया, मरते-मरते रहा बाँकपन साथियों, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों। ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर जान देने की रुत रोज़ आती नहीं हुस्न और इश्क दोनों को रुसवा करे वो जवानी जो खूँ में नहाती नहीं, आज धरती बनी है दुल्हन साथियों अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों ! इस काव्यांश का संदेश यह है कि हमें -
- (A) हुस्न और इश्क को रुसवा करना चाहिए
- (B) देश को दूसरों के हवाले कर देना चाहिए
- (C) धरती को दुल्हन की तरह सजाना चाहिए
- (D) देश पर कुर्बान होने के लिए तैयार रहना चाहिए ✓
Answer (the board’s key): (D)
तोप के अतीत और वर्तमान का वर्णन करने के उपरांत कवि ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है कि
- (A) स्थिति सदैव एक जैसी नहीं रहती। ✓
- (B) गौरैया जैसे पक्षी भी खेलते हैं।
- (C) कंपनी बाग में भी सजावट की गई है।
- (D) तोप बड़े-बड़े योद्धाओं के पसीने छुटा देती है।
Answer (the board’s key): (A)
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और उपयुक्त कथन चुनिए।
- (A) पशु प्रवृत्ति को बनाए रखना ही सुमृत्यु है।
- (B) सच्ची मनुष्यता ही सुमृत्यु के समान है।
- (C) सुमृत्यु वही है जिसमें व्यक्ति को कष्ट न हो।
- (D) सुमृत्यु वही है जिसे मरने के बाद भी लोग याद करें। ✓
Answer (the board’s key): (D)
निम्नलिखित में से कौन-से वाक्य 'डायरी का एक पन्ना ' से मेल खाते हैं-(i) पुरानी सभ्यता के बारे में ज़्यादा किस्से-कहानियाँ सुनने को मिलते हैं।(ii) एक संगठित समाज कृत संकल्प हो तो वह कुछ भी कर सकता है।(iii) यह पाठ हमारे क्रांतिकारियों की याद दिलाता है और देशभक्ति का भाव भरता है।(iv)26 जनवरी 1930 को गुलाम भारत में पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था।
- (A) केवल (i)
- (B) (i) और (ii)
- (C) केवल (iv)
- (D) (ii),(iii),(iv) ✓
Answer (the board’s key): (D)
ग्वालियर से मुंबई के बीच लेखक ने एक बदलाव महसूस किया कि -(A) बस्ती ने जंगल का रूप ले लिया है।(B) जंगल ने बस्ती का रूप ले लिया है।(C) वर्सोवा नाम का शहर बस गया है।(D) पशु-पक्षी जंगलों को छोड़कर चले गए हैं।
- (A) (A) बस्ती ने जंगल का रूप ले लिया है।
- (B) (B) जंगल ने बस्ती का रूप ले लिया है। ✓
- (C) (C) वर्सोवा नाम का शहर बस गया है।
- (D) (D) पशु-पक्षी जंगलों को छोड़कर चले गए हैं।
Answer (the board’s key): (B)
Section B · Written questions (9)
प्रश्न 9 निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए- (1x5=5) (1)लोगों का सहम जाना किस बात का परिचायक है? (A) भय (B) करुणा (C) क्रोध (D) प्रसन्नता (2) तताँरा को कोई राह न सूझने के कारणों पर विचार कीजिए और उचित विकल्प का चयन कीजिए। (i) आत्मसमर्पण का भाव (ii) वामीरो से अत्यधिक प्रेम (iii) तलवार की दैवीय शक्ति (iv) गाँव वालों के प्रति रोष (A) (i) और (iii) (B) (i), (iii), (iv) (C) केवल (iii) (D) (ii) और (iv) (3) निम्नलिखित कथन- कारण को पढ़कर उचित विकल्प का चयन कीजिए। कथन (A)लोगों ने ऐसे दृश्य की कल्पना न की थी। कारण (R) ग्रामवासियों ने यह कदापि न सोचा था कि तताँरा की प्रतिक्रिया इतनी विनाशकारी सिद्ध हो सकती है। (A) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत है। (B) कथन (A) गलत है लेकिन कारण (R) सही है। (C) कथन (A) सही है लेकिन कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है। (D) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 11 निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए - (1) परिवार के अनुभवी जनों द्वारा दी गई सीख भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होती है। आपके द्वारा स्पर्श पाठ्यपुस्तक में पढ़े गए पाठ के माध्यम से भी यह ज्ञात होता है। कहानी के पात्रों के माध्यम से कथन को सिद्ध कीजिए। (2)पाठ्यक्रम में पढ़ी एकांकी द्वारा सिद्ध कीजिए कि मुट्ठी भर आदमी भी बड़ी फ़ौज पर काबू पा सकते हैं। (3)आशय स्पष्ट कीजिए- 'व्यथा आदमी को पराजित नहीं करती उसे आगे बढ़ने का संदेश देती है।'
प्रश्न 12 निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए - (1)कबीर ने निंदक को पास रखने की सलाह क्यों दी है? क्या यह सलाह आपको उचित प्रतीत होती है? कारण सहित स्पष्ट कीजिए। (2) आपके द्वारा इस पाठ्यक्रम में पढ़ी गई किस कविता की अंतिम पंक्तियाँ आपको सर्वाधिक प्रभावित करती हैं और क्यों? अपने विचार व्यक्त कीजिए। (3) रवींद्रनाथ ठाकुर और मीरा की भक्ति का तुलनात्मक विश्लेषण कीजिए।
प्रश्न 13 निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए - (1) ठाकुर हरिनाम सिंह के तीनों लड़कों को एहसास था कि वे कलेक्टर के बेटे हैं। लेखक द्वारा ऐसा कहा जाना ठाकुर हरिनाम सिंह के तीनों बेटों और टोपी के विषय में किस विचारधारा को स्पष्ट करता है।'टोपी शुक्ला' पाठ के आधार पर लिखिए। (2) "उनकी इस स्थिति में मुझे चिंतित कर दिया। जैसे कोई नाव बीच मझधार में फँसी हो और उस पर सवार लोग चिल्ला कर भी अपनी रक्षा ना कर सकते हो क्योंकि उनकी चिल्लाहट दूर तक फैले सागर के बीच उठती गिरती लहरों में विलीन हो जाने की अतिरिक्त कर ही क्या सकती है।"'हरिहर काका' पाठ से उद्धृत लेखक के इस कथन की संदर्भ सहित विवेचना कीजिए। (3)'सपनों के से दिन' पाठ के आधार पर बताइए कि स्कूल की छुट्टियों के शुरू और आखिरी दिनों में बच्चों की दृष्टि में क्या अंतर होता था? क्या यही स्थिति आपकी भी होती है? अपने विचार लिखिए।
प्रश्न 14 निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर संकेत-बिंदुओं के आधार पर लगभग 100 शब्दों में अनुच्छेद लिखिए - (1) प्रकृति की रक्षा मानव की सुरक्षा •मनुष्य प्रकृति का अंग •प्रकृति से खिलवाड़ •दुष्प्रभाव और दूर करने के उपाय (2) जी ट्वेंटी और भारत •जी 20 क्या है? •गठन का कारण •कार्यशैली और भारत की भूमिका (3) करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान •सूक्ति का आशय •जीवन में अभ्यास का महत्व •सफलता का मूलमंत्र
प्रश्न 15 (1) आप विद्यालय के हिंदी संघ के सचिव रजत चट्टोपाध्याय और श्वेता चट्टोपाध्याय हैं। अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए जिसमें पुस्तकालय में हिंदी की अच्छी पुस्तकें व पत्रिकाएँ मँगवाने के लिए निवेदन किया गया हो। ( शब्द-सीमा - लगभग 100 शब्द) अथवा (2) आप शौर्य शर्मा /शारवी शर्मा हैं। नवभारत टाइम्स के संपादक को पत्र लिखिए जिसमें सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के सुझाव हों। (शब्द-सीमा - लगभग 100 शब्द)
प्रश्न 16 निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 60 शब्दों में सूचना लिखिए - (1) विद्यालय द्वारा चिकित्सा जाँच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। स्वास्थ्य संगठन के सचिव होने के नाते कक्षा छठी से बारहवीं तक के सभी विद्यार्थियों को कार्यक्रम के विवरण सहित इसकी सूचना प्रदान कीजिए। अथवा (2)संस्कृति क्लब की ओर से 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसकी जानकारी देते हुए तथा सहभागिता के लिए प्रेरित करते हुए अध्यक्ष की ओर से सूचना लिखिए।
प्रश्न 17 निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर लगभग 40 शब्दों में विज्ञापन तैयार कीजिए- (1) योग को बढ़ावा देते हुए एक आकर्षक विज्ञापन लगभग 40 शब्दों में तैयार कीजिए। अथवा (2) अंतरराष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष 2023 के प्रचार-प्रसार के लिए एक आकर्षक विज्ञापन लगभग 40 शब्दों में तैयार कीजिए।
प्रश्न 18 (1) 'पश्चाताप' विषय पर लघुकथा लगभग 100 शब्दों में लिखिए। अथवा (2) आपके बैंक खाते में गलती से 5000 रुपये की राशि अधिक आ गई है। इसकी जानकारी बैंक अधिकारी को ईमेल लिखकर दीजिए। (शब्द-सीमा लगभग 100शब्द)
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Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.