CBSE Class 10 · Hindi B · board exam 2027
Chapter 9: डायरी का एक पन्ना (सीताराम सेकसरिया)
This chapter’s questions from CBSE’s real papers of 2023–2026 — the 14 asked most often, 2 with the full model answer, 11 with how the answer begins — and objective questions with the board’s key.
- marks a year (about)
- 1
- questions a year (about)
- 1
- rank in Hindi B
- #22
From 4 years of papers, 2023–2026 · full chapter-wise marks
Important questions — the ones the board asked most (14)
- Q1Short answer6 marksAsked: 2025
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25 - 30 शब्दों में लिखिए : (क) 'आज हम आज़ादी की जिस हवा में साँस ले रहे हैं उसे पाने के लिए हमारे पूर्वजों ने अंग्रेज़ सरकार के अनेक अत्याचार सहे ।' 'डायरी का एक पन्ना' पाठ के आधार पर इसकी पुष्टि कीजिए । (ख) 'ततारा-वामीरो कथा' पाठ में वैवाहिक संबंध के लिए वर-वधू दोनों का एक ही गाँव का होना आवश्यक बताया गया है । इस संबंध में आपके क्या विचार हैं, स्पष्ट कीजिए । (ग) 'तीसरी कसम' फ़िल्म अभिनय के दृष्टिकोण से राजकपूर के जीवन की सबसे सुंदर फ़िल्म थी, सिद्ध कीजिए । (घ) जीव-जंतुओं के प्रति व्यवहार में निदाफ़ाज़ली की माँ और पत्नी के अंतर 'अब कहाँ दूसरों के दुख से दुखी होने वाले' पाठ के आधार पर लिखिए ।

Medha Ma’am
AskMedha’s AI teacher
Model answer · Prose: freedom struggle, marriage custom
- 1.(क) आज हम जिस आज़ादी की हवा में साँस ले रहे हैं, वह हमारे पूर्वजों के बलिदान का परिणाम है। लेखक सीताराम सेकसरिया की डायरी में 26 जनवरी 1931 का वर्णन है। उस दिन नेताजी सुभाषचंद्र बोस के साथ कलकत्ता के लोगों ने देश का दूसरा स्वतंत्रता दिवस बड़े जोश से मनाया। अंग्रेज़ प्रशासकों ने इसे उनका अपराध माना, फिर भी लोगों ने 'पूर्ण स्वतंत्रता' के लिए हर कुर्बानी स्वीकार की।2 marks
- 2.इस दिन लोगों को अंग्रेज़ सरकार की क्रूरता और अत्याचार झेलने पड़े। पुलिस ने जुलूस में शामिल लोगों पर लाठियाँ बरसाईं। लगभग दो सौ लोग घायल हुए, जिनमें से 160 अस्पताल पहुँचे। बहुत से लोगों को पकड़कर जेल की यातनाएँ दी गईं। महिला कार्यकर्ताओं पर भी ज़ुल्म ढाए गए और लालबाज़ार के लॉकअप में 105 स्त्रियाँ बंद की गईं। इससे साफ़ होता है कि आज़ादी बहुत कष्ट सहकर मिली है।2 marks
- 3.(ख) मेरे विचार में विवाह के लिए वर-वधू का एक ही गाँव का होना ज़रूरी मानना उचित नहीं है। विवाह का आधार आपसी प्रेम, अच्छा स्वभाव, गुण और एक-दूसरे का सम्मान होना चाहिए, गाँव की सीमा नहीं। ऐसी रूढ़ियाँ प्रेम करने वालों को अलग कर देती हैं और समाज को टुकड़ों में बाँट देती हैं। अलग-अलग गाँवों के बीच विवाह होने से आपस में मेल-जोल और भाईचारा बढ़ता है। इसलिए ऐसी परंपराओं को बदलना चाहिए।2 marks
- (क) में पहले लिखिए कि आज़ादी "हमारे पूर्वजों के बलिदान का परिणाम" है, फिर पाठ से 26 जनवरी 1931 की घटना बताइए।
- अत्याचार के उदाहरण साफ़-साफ़ लिखिए: लाठियाँ, लगभग दो सौ घायल, जेल की यातनाएँ और लॉकअप में 105 स्त्रियाँ।
- (ख) में अपनी राय पहले वाक्य में दीजिए और उसके पक्ष में कम से कम दो तर्क लिखिए।
Marks split as in the board’s published marking scheme
- Q2Short answer6 marksAsked: 2024
गद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित तीन प्रश्नों में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए : 2×3=6 (क) 26 जनवरी, 1931 के दिन कलकत्ता के बड़े बाज़ार का दृश्य कैसा था ? स्वतंत्रता आंदोलन में इस तरह के दृश्यों का क्या महत्त्व रहा होगा ? 'डायरी का एक पन्ना' पाठ के संदर्भ में लिखिए । (ख) 'शैलेंद्र' से फ़िल्म की कहानी सुनकर राजकपूर ने अपनी प्रतिक्रिया कैसे व्यक्त की और सच्ची दोस्ती का निर्वाह किस प्रकार किया ? 'तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र' पाठ के आधार पर लिखिए । (ग) 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ में महाकवि शेख अयाज़ की आत्मकथा से किस घटना को उद्धृत किया गया है ? उस घटना से आपको क्या सीख मिलती है ? अपने शब्दों में लिखिए ।

Medha Ma’am
AskMedha’s AI teacher
Model answer · Prose section, two of three
- 1.(क) 26 जनवरी, 1931 को कलकत्ता के बड़े बाज़ार के प्रायः हर मकान पर राष्ट्रीय झंडा फहरा रहा था। कई मकान ऐसे सजाए गए थे मानो आज़ादी मिल गई हो। सड़कों पर भारी भीड़ थी और जुलूस निकल रहे थे। पुलिस पूरी ताकत से शहर में गश्त कर रही थी। उसने लोगों पर लाठियाँ चलाईं और बहुत-सी गिरफ़्तारियाँ कीं। लगभग दो सौ लोग घायल हुए और लालबाज़ार के लॉकअप में 105 स्त्रियाँ बंद की गईं।1.5 marks
- 2.स्वतंत्रता आंदोलन में ऐसे दृश्यों का बहुत महत्त्व रहा होगा। इनसे लोगों में एकता, देशभक्ति, साहस और बलिदान की भावना जागी। लाठियों और गिरफ़्तारियों का डर टूट गया और स्त्रियाँ भी बढ़-चढ़कर आगे आईं। इससे अंग्रेज़ी सरकार पर दबाव बना। कलकत्ता के नाम पर लगा यह कलंक भी बहुत हद तक धुल गया कि यहाँ काम नहीं होता। यह भी साबित हुआ कि संगठित समाज कृतसंकल्प हो तो कुछ भी कर सकता है।1.5 marks
- 3.(ग) 'अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले' पाठ में महाकवि शेख अयाज़ की आत्मकथा से उनके पिता की एक घटना ली गई है। एक दिन उनके पिता कुएँ पर नहाकर लौटे और भोजन करने बैठे। तभी उन्होंने अपनी बाजू पर एक च्योंटा रेंगता देखा। वे खाना छोड़कर उठ गए और उस 'बेघर' हुए च्योंटे को कुएँ पर उसके घर वापस छोड़ आए।1.5 marks
- 4.इस घटना से यह सीख मिलती है कि हमें छोटे-से-छोटे जीव के प्रति भी दया, करुणा और संवेदनशीलता रखनी चाहिए। हमें दूसरों के दुख को अपना दुख समझना चाहिए और अपने स्वार्थ या सुविधा के लिए किसी को बेघर नहीं करना चाहिए। हर जीव को अपने घर में रहने का उतना ही अधिकार है जितना हमें।1.5 marks
- (क) के दृश्य में 'राष्ट्रीय झंडा', जुलूस, लाठियाँ और गिरफ़्तारियाँ चारों बातें लिखिए।
- महत्त्व वाले भाग में 'एकता, देशभक्ति, साहस और बलिदान की भावना' और अंग्रेज़ी सरकार पर दबाव — दोनों बातें लिखिए।
- (ग) में शेख अयाज़ का नाम, 'च्योंटा' और कुएँ पर उसके घर छोड़ना लिखिए, फिर सीख में 'दया, करुणा और संवेदनशीलता' लिखिए।
Marks split from a structure derived from past papers (checked twice); not CBSE’s official scheme
- Q3Case-based5 marksAsked: 2023
पठित गद्यांश पर आधारित निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर के लिए सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए : 5×1=5 बड़े बाज़ार के प्रायः मकानों पर राष्ट्रीय झंडा फहरा रहा था और कई मकान तो ऐसे सजाए गए थे कि ऐसा मालूम होता था कि मानो स्वतंत्रता मिल गई हो । कलकत्ते के प्रत्येक भाग में ही झंडे लगाए गए थे । जिस रास्ते से मनुष्य जाते थे, उसी रास्ते में उत्साह और नवीनता मालूम होती थी । लोगों का कहना था कि ऐसी सजावट पहले नहीं हुई । पुलिस भी अपनी पूरी ताकत से शहर में गश्त देकर प्रदर्शन कर रही थी । मोटर लारियों में गोरखे तथा सारजेंट प्रत्येक मोड़ पर तैनात थे । कितनी ही लारियाँ शहर में घुमाई जा रही थीं । घुड़सवारों का प्रबंध था । कहीं भी ट्रैफ़िक पुलिस नहीं थी, सारी पुलिस को इसी काम में लगाया गया था । बड़े-बड़े पार्कों तथा मैदानों को पुलिस ने सवेरे से ही घेर लिया था । मोनुमेंट के नीचे जहाँ शाम को सभा होने वाली थी उस जगह को तो भोर में छह बजे से ही पुलिस ने बड़ी संख्या में घेर लिया था । (i) घुड़सवारों का प्रबंध किसकी ओर से किया गया था ? (a) पुलिस प्रशासन (b) कांग्रेस कौंसिल (c) स्थानीय समिति (d) केन्द्र सरकार (ii) बड़े बाज़ार के मकानों को सजाने और उन पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का क्या कारण था ? (a) स्वतंत्रता प्राप्ति की खुशी मनाना (b) स्वतंत्रता दिवस की वर्षगाँठ मनाना (c) लोगों में उत्साह और नवीनता का संचार करना (d) लोगों में देशभक्ति की भावना का संचार करना (iii) शहर में कहीं भी ट्रैफ़िक पुलिस क्यों नहीं थी ? (a) ट्रैफ़िक पुलिस गश्त के काम में लगी थी । (b) उस दिन शहर में कोई ट्रैफ़िक नहीं था । (c) ट्रैफ़िक पुलिस आज़ादी का उत्सव मना रही थी । (d) ट्रैफ़िक पुलिस को निरस्त कर दिया गया था । (iv) शहर के प्रत्येक मोड़ पर मोटर लारियों में गोरखे तथा सारजेंट क्यों तैनात थे ? (a) कार्यक्रम के दौरान होने वाली हिंसा को रोकने के लिए (b) सरकारी आदेशानुसार कर्तव्य का निर्वाह करने के लिए (c) शाम को होने वाली सभा का प्रबंध करने के लिए (d) शाम को होने वाली सभा में सम्मिलित होने के लिए (v) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए । कथन (A) : पुलिस ने बड़ी संख्या में पार्कों तथा मैदानों को घेर लिया था । कारण (R) : पुलिस अपनी पूरी ताकत से शहर में गश्त देकर प्रदर्शन कर रही थी । (a) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों ग़लत हैं । (b) कथन (A) ग़लत है, लेकिन कारण (R) सही है । (c) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) उसकी ग़लत व्याख्या करता है । (d) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है ।
- Q4Short answer3 marksAsked: 2024
'कलकत्ता के नाम पर कलंक था कि यहाँ काम नहीं हो रहा है वह आज बहुत अंश में धुल गया।' - 'डायरी का पन्ना' पाठ से उद्धृत इस कथन में किस काम और कलकत्ता पर लगे कलंक की बात हो रही है और वह कैसे धुल गया? स्पष्ट कीजिए
How the model answer begins
1. कलकत्ता के नाम पर यह कलंक था कि यहाँ स्वतंत्रता संग्राम के कार्यों में लोग सक्रिय भाग नहीं ले रहे थे, जबकि देश के अन्य स्थानों के लोग विदेशी वस्त्रों की होली जलाने, दुकानों पर धरना देने और बहिष्कार जैसे राष्ट्रीय…
The full answer from Medha Ma’am → - Q5Short answer3 marksAsked: 2024
'डायरी का एक पन्ना' पाठ में 26 जनवरी 1931 को अमर-दिन क्यों कहा गया है और उसके लिए क्या तैयारियाँ की गई ?
How the model answer begins
1. 26 जनवरी 1931 को अमर-दिन इसलिए कहा गया, क्योंकि उस दिन स्वतंत्रता दिवस की पुनरावृत्ति के लिए आम जनता ने अंग्रेज़ सरकार के आदेश के विरुद्ध खुला चैलेंज देकर सभा का आयोजन किया। पुलिस कमिश्नर का नोटिस निकल चुका था, फिर भी…
The full answer from Medha Ma’am → - Q6Short answer3 marksAsked: 2023
'डायरी का एक पन्ना' पाठ के आधार पर लिखिए कि अंग्रेज़ सरकार ने कलकत्तावासियों द्वारा मोनूमेंट पार्क में आयोजित सभा को रोकने के लिए क्या-क्या प्रयास किए?
How the model answer begins
1. मोनुमेंट (स्मारक) के नीचे होने वाली सभा को रोकने के लिए अंग्रेज़ सरकार की ओर से पहले ही पुलिस कमिश्नर का नोटिस निकल चुका था कि यह सभा नहीं होगी।
The full answer from Medha Ma’am → - Q7Short answer2 marksAsked: 2026
'डायरी का एक पन्ना' पाठ में पुलिस कमिश्नर ने क्या नोटिस निकाला था और उसका क्या उद्देश्य था ?
How the model answer begins
1. 'डायरी का एक पन्ना' पाठ में पुलिस कमिश्नर ने यह नोटिस निकाला था कि कानूनी धाराओं के अंतर्गत मोनुमेंट (स्मारक) के नीचे कोई सभा आयोजित नहीं की जा सकती। इस सभा में भाग लेने वाले सरकारी कर्मचारी दोषी समझे जाएँगे। इस नोटिस…
The full answer from Medha Ma’am → - Q8Short answer2 marksAsked: 2026
'डायरी का एक पन्ना' पाठ स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का ज्वलंत दस्तावेज़ है। सिद्ध कीजिए
How the model answer begins
1. लेखक सीताराम सेकसरिया ने 26 जनवरी को कलकत्ता में स्वतंत्रता दिवस मनाने की घटनाओं का आँखों देखा वर्णन अपनी डायरी में किया है — सरकारी प्रतिबंध के बावजूद सभा, जुलूस, झंडा फहराना और स्वतंत्रता की प्रतिज्ञा पढ़ना।
The full answer from Medha Ma’am → - Q9Short answer2 marksAsked: 2026
'डायरी का एक पन्ना' पाठ में 26 जनवरी 1931 के दिन पूरे कलकत्ता में हर जगह उत्साह और नवीनता क्यों दिखाई दे रही थी ?
How the model answer begins
1. 26 जनवरी 1931 को पूरे कलकत्ता में उत्साह और नवीनता इसलिए दिखाई दे रही थी क्योंकि उस दिन स्वतंत्रता दिवस की पहली वर्षगाँठ का आयोजन था। 26 जनवरी 1930 को गुलाम भारत में पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था और इस वर्ष उसी…
The full answer from Medha Ma’am → - Q10Short answer2 marksAsked: 2026
क्या 26 जनवरी 1931 के दिन को मनाने के लिए विद्यालयों के विद्यार्थियों को उसमें शामिल किया जाना उचित था ? ‘डायरी का एक पन्ना’ पाठ के संदर्भ में लिखिए
How the model answer begins
1. हाँ, 26 जनवरी 1931 के दिन को मनाने में विद्यालयों के विद्यार्थियों को शामिल करना उचित था, क्योंकि उस समय राष्ट्र सर्वोपरि था। उस दिन कलकत्ता (कोलकाता) के लोग देश का दूसरा स्वतंत्रता दिवस मना रहे थे और अंग्रेज़ प्रशासक…
The full answer from Medha Ma’am → - Q11Short answer2 marksAsked: 2025
'एक संगठित समाज कृत-संकल्प हो तो कुछ भी कर सकता है।' 'डायरी का एक पन्ना' पाठ के आधार पर इस कथन को सिद्ध कीजिए
How the model answer begins
1. संगठन में शक्ति होती है। 'डायरी का एक पन्ना' पाठ में 26 जनवरी 1931 को कलकत्तावासियों ने यही सिद्ध किया। पुलिस कमिश्नर का नोटिस निकल चुका था, फिर भी अंग्रेज सरकार के नोटिस के बावजूद स्त्री और पुरुष बड़ी संख्या में निकले।…
The full answer from Medha Ma’am → - Q12Short answer2 marksAsked: 2025
'डायरी का एक पन्ना' पाठ में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम को मनाए जाने के विषय में घर-घर जाकर क्यों समझाया जा रहा था ?
How the model answer begins
1. स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के बारे में घर-घर जाकर इसलिए समझाया जा रहा था, ताकि 26 जनवरी 1931 को स्वतंत्रता दिवस की वर्षगाँठ मनाने में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। इसी के लिए केवल प्रचार में दो…
The full answer from Medha Ma’am → - Q13Short answer2 marksAsked: 2025
'आज हम आज़ादी की जिस हवा में साँस ले रहे हैं उसे पाने के लिए हमारे पूर्वजों ने अंग्रेज़ सरकार के अनेक अत्याचार सहे।' 'डायरी का एक पन्ना' पाठ के आधार पर इसकी पुष्टि कीजिए
How the model answer begins
1. 'डायरी का एक पन्ना' के अनुसार 26 जनवरी को कलकत्ता में शांत जुलूसों पर पुलिस ने लाठियाँ बरसाईं; सुभाष बाबू पर भी लाठियाँ पड़ीं और उन्हें लॉकअप भेजा गया, स्त्रियाँ गिरफ़्तार हुईं, अनेक लोग घायल हुए।
The full answer from Medha Ma’am → - Q14Short answer2 marksAsked: 2025
‘डायरी का एक पन्ना’ पाठ में लेखक द्वारा कई आंदोलनकारियों का उल्लेख हुआ है, जिनसे हम साधारणतः अपरिचित हैं। इसके पीछे लेखक का क्या दृष्टिकोण हो सकता है?
How the model answer begins
1. 'डायरी का एक पन्ना' पाठ में लेखक सीताराम सेकसरिया ने कई अपरिचित आंदोलनकारियों का उल्लेख इसलिए किया है, ताकि पाठकों को इन अपरिचित स्वतंत्रता सेनानियों के उल्लेखनीय योगदान से अवगत कराया जा सके। लेखक यह दिखाना चाहते हैं कि…
The full answer from Medha Ma’am →
Objective questions with the board’s key (5)
- 1. CBSE 2023
बड़े बाज़ार के प्राय: मकानों पर राष्ट्रीय झंडा फहरा रहा था और कई मकान तो ऐसे सजाए गए थे कि ऐसा मालूम होता था कि मानो स्वतंत्रता मिल गई हो । कलकत्ते के प्रत्येक भाग में ही झंडे लगाए गए थे । जिस रास्ते से मनुष्य जाते थे, उसी रास्ते में उत्साह और नवीनता मालूम होती थी । लोगों का कहना था कि ऐसी सजावट पहले नहीं हुई । पुलिस भी अपनी पूरी ताकत से शहर में गश्त देकर प्रदर्शन कर रही थी । मोटर लारियों में गोरखे तथा सारजेंट प्रत्येक मोड़ पर तैनात थे । कितनी ही लारियाँ शहर में घुमाई जा रही थीं । घुड़सवारों का प्रबंध था । कहीं भी ट्रैफ़िक पुलिस नहीं थी, सारी पुलिस को इसी काम में लगाया गया था । बड़े-बड़े पार्कों तथा मैदानों को पुलिस ने सवेरे से ही घेर लिया था । मोनुमेंट के नीचे जहाँ शाम को सभा होने वाली थी उस जगह को तो भोर में छह बजे से ही पुलिस ने बड़ी संख्या में घेर लिया था । घुड़सवारों का प्रबंध किसकी ओर से किया गया था ?
- (A) पुलिस प्रशासन ✓
- (B) कांग्रेस कौंसिल
- (C) स्थानीय समिति
- (D) केन्द्र सरकार
Answer: (A)
- 2. CBSE 2023
बड़े बाज़ार के प्राय: मकानों पर राष्ट्रीय झंडा फहरा रहा था और कई मकान तो ऐसे सजाए गए थे कि ऐसा मालूम होता था कि मानो स्वतंत्रता मिल गई हो । कलकत्ते के प्रत्येक भाग में ही झंडे लगाए गए थे । जिस रास्ते से मनुष्य जाते थे, उसी रास्ते में उत्साह और नवीनता मालूम होती थी । लोगों का कहना था कि ऐसी सजावट पहले नहीं हुई । पुलिस भी अपनी पूरी ताकत से शहर में गश्त देकर प्रदर्शन कर रही थी । मोटर लारियों में गोरखे तथा सारजेंट प्रत्येक मोड़ पर तैनात थे । कितनी ही लारियाँ शहर में घुमाई जा रही थीं । घुड़सवारों का प्रबंध था । कहीं भी ट्रैफ़िक पुलिस नहीं थी, सारी पुलिस को इसी काम में लगाया गया था । बड़े-बड़े पार्कों तथा मैदानों को पुलिस ने सवेरे से ही घेर लिया था । मोनुमेंट के नीचे जहाँ शाम को सभा होने वाली थी उस जगह को तो भोर में छह बजे से ही पुलिस ने बड़ी संख्या में घेर लिया था । बड़े बाज़ार के मकानों को सजाने और उन पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का क्या कारण था ?
- (A) स्वतंत्रता प्राप्ति की खुशी मनाना
- (B) स्वतंत्र दिवस की वर्षगाँठ मनाना ✓
- (C) लोगों में उत्साह और नवीनता का संचार करना
- (D) लोगों में देशभक्ति की भावना का संचार करना
Answer: (B)
- 3. CBSE 2023
बड़े बाज़ार के प्राय: मकानों पर राष्ट्रीय झंडा फहरा रहा था और कई मकान तो ऐसे सजाए गए थे कि ऐसा मालूम होता था कि मानो स्वतंत्रता मिल गई हो । कलकत्ते के प्रत्येक भाग में ही झंडे लगाए गए थे । जिस रास्ते से मनुष्य जाते थे, उसी रास्ते में उत्साह और नवीनता मालूम होती थी । लोगों का कहना था कि ऐसी सजावट पहले नहीं हुई । पुलिस भी अपनी पूरी ताकत से शहर में गश्त देकर प्रदर्शन कर रही थी । मोटर लारियों में गोरखे तथा सारजेंट प्रत्येक मोड़ पर तैनात थे । कितनी ही लारियाँ शहर में घुमाई जा रही थीं । घुड़सवारों का प्रबंध था । कहीं भी ट्रैफ़िक पुलिस नहीं थी, सारी पुलिस को इसी काम में लगाया गया था । बड़े-बड़े पार्कों तथा मैदानों को पुलिस ने सवेरे से ही घेर लिया था । मोनुमेंट के नीचे जहाँ शाम को सभा होने वाली थी उस जगह को तो भोर में छह बजे से ही पुलिस ने बड़ी संख्या में घेर लिया था । शहर में कहीं भी ट्रैफ़िक पुलिस क्यों नहीं थी ?
- (A) ट्रैफ़िक पुलिस गश्त के काम में लगी थी । ✓
- (B) उस दिन शहर में कोई ट्रैफ़िक नहीं था ।
- (C) ट्रैफ़िक पुलिस आज़ादी का उत्सव मना रही थी ।
- (D) ट्रैफ़िक पुलिस को निरस्त कर दिया गया था ।
Answer: (A)
- 4. CBSE 2023
बड़े बाज़ार के प्राय: मकानों पर राष्ट्रीय झंडा फहरा रहा था और कई मकान तो ऐसे सजाए गए थे कि ऐसा मालूम होता था कि मानो स्वतंत्रता मिल गई हो । कलकत्ते के प्रत्येक भाग में ही झंडे लगाए गए थे । जिस रास्ते से मनुष्य जाते थे, उसी रास्ते में उत्साह और नवीनता मालूम होती थी । लोगों का कहना था कि ऐसी सजावट पहले नहीं हुई । पुलिस भी अपनी पूरी ताकत से शहर में गश्त देकर प्रदर्शन कर रही थी । मोटर लारियों में गोरखे तथा सारजेंट प्रत्येक मोड़ पर तैनात थे । कितनी ही लारियाँ शहर में घुमाई जा रही थीं । घुड़सवारों का प्रबंध था । कहीं भी ट्रैफ़िक पुलिस नहीं थी, सारी पुलिस को इसी काम में लगाया गया था । बड़े-बड़े पार्कों तथा मैदानों को पुलिस ने सवेरे से ही घेर लिया था । मोनुमेंट के नीचे जहाँ शाम को सभा होने वाली थी उस जगह को तो भोर में छह बजे से ही पुलिस ने बड़ी संख्या में घेर लिया था । निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए । उसके बाद दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए । कथन (A) : पुलिस ने बड़ी संख्या में पार्कों तथा मैदानों को घेर लिया था । कारण (R) : पुलिस अपनी पूरी ताकत से शहर में गश्त देकर प्रदर्शन कर रही थी ।
- (A) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों ग़लत हैं ।
- (B) कथन (A) ग़लत है, लेकिन कारण (R) सही है ।
- (C) कथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) उसकी ग़लत व्याख्या करता है । ✓
- (D) कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या करता है ।
Answer: (C)
- 5. CBSE 2023
बड़े बाज़ार के प्राय: मकानों पर राष्ट्रीय झंडा फहरा रहा था और कई मकान तो ऐसे सजाए गए थे कि ऐसा मालूम होता था कि मानो स्वतंत्रता मिल गई हो । कलकत्ते के प्रत्येक भाग में ही झंडे लगाए गए थे । जिस रास्ते से मनुष्य जाते थे, उसी रास्ते में उत्साह और नवीनता मालूम होती थी । लोगों का कहना था कि ऐसी सजावट पहले नहीं हुई । पुलिस भी अपनी पूरी ताकत से शहर में गश्त देकर प्रदर्शन कर रही थी । मोटर लारियों में गोरखे तथा सारजेंट प्रत्येक मोड़ पर तैनात थे । कितनी ही लारियाँ शहर में घुमाई जा रही थीं । घुड़सवारों का प्रबंध था । कहीं भी ट्रैफ़िक पुलिस नहीं थी, सारी पुलिस को इसी काम में लगाया गया था । बड़े-बड़े पार्कों तथा मैदानों को पुलिस ने सवेरे से ही घेर लिया था । मोनुमेंट के नीचे जहाँ शाम को सभा होने वाली थी उस जगह को तो भोर में छह बजे से ही पुलिस ने बड़ी संख्या में घेर लिया था । शहर के प्रत्येक मोड़ पर मोटर लारियों में गोरखे तथा सारजेंट क्यों तैनात थे ?
- (A) कार्यक्रम के दौरान होने वाली हिंसा को रोकने के लिए
- (B) सरकारी आदेशानुसार कर्तव्य का निर्वाह करने के लिए ✓
- (C) शाम को होने वाली सभा का प्रबंध करने के लिए
- (D) शाम को होने वाली सभा में सम्मिलित होने के लिए
Answer: (B)
Questions parents and students ask
- How many marks does "डायरी का एक पन्ना (सीताराम सेकसरिया)" carry in CBSE Class 10 Hindi B?
- In the CBSE papers of 2023–2026, this chapter carried about 1 marks and about 1 questions a year; by marks it ranks 22 in Hindi B.
- Which are the most important (VVI) questions of "डायरी का एक पन्ना (सीताराम सेकसरिया)"?
- The 14 questions above are from the board’s real papers, each with the years it was asked; the most-asked come first with their full model answers. All 14 written questions of this chapter, with answers, are in the AskMedha app.
- Do the answers follow the board’s marking scheme?
- Yes. CBSE publishes its marking schemes; every model answer here is written point by point to the marks the board’s own scheme gives, and checked by a second, independent model.
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Every question of every chapter with its model answer, practice questions in the board’s own shapes, 60 minutes of class a day, written answers marked, a test every Sunday and a WhatsApp report to parents.
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