CBSE Class 10 · Hindi B · board exam 2027
Chapter 1: अपठित गद्यांश
This chapter’s questions from CBSE’s real papers of 2023–2026 — the 20 asked most often, 3 with the full model answer, 17 with how the answer begins — and objective questions with the board’s key. All 42 questions of this chapter, with answers, are in the app.
- marks a year (about)
- 13
- questions a year (about)
- 4
- rank in Hindi B
- #1
From 4 years of papers, 2023–2026 · full chapter-wise marks
Important questions — the ones the board asked most (20)
- Q1Case-based7 marksAsked: 2026
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : गहराते जलवायु संकट के कारण धरती का तापमान न केवल बढ़ रहा है बल्कि गर्म दिनों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। तापमान बढ़ने से मानव के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है क्योंकि गरमी शरीर व दिमाग को बहुत पीड़ा देती है। शरीर में पानी की कमी से रक्त-वाहिकाओं पर गरमी का दबाव बढ़ जाता है, जिससे थक्के जमने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है और मस्तिष्क आघात व दिल का दौरा पड़ता है। गुरदे (किडनी) में रक्त का प्रवाह कम होने से गुरदा (किडनी) शिथिल या खराब हो सकता है। मौजूदा मानसिक स्वास्थ्य विकार बढ़ सकते हैं। शिशु और छोटे बच्चे वयस्कों की तुलना में ज्यादा असुरक्षित होते हैं क्योंकि उनके शरीर में पानी की मात्रा अधिक होती है और शारीरिक प्रणालियाँ प्रभावी ताप अनुकूलन के लिए तीव्र प्रतिक्रिया को सक्षम करने को पर्याप्त परिपक्व नहीं होती है। अत्यधिक गरमी में बुजुर्ग भी काफी असुरक्षित रहते हैं। हाल के वर्षों में जलवायु संकट से निपटने की ओर वैश्विक स्तर पर ध्यान जाने लगा है और लोग सावधान होने लगे हैं। वर्ष 2015 से लेकर वर्ष 2023 तक के कॉप सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए राष्ट्रीय क्षमताओं को मजबूत करने की जरूरत को रेखांकित किया गया। गरमी में लू से बचाव के लिए व्यक्तिगत, घरेलू, स्थानीय व राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास होने चाहिए। सीधे सूरज के नीचे या संपर्क में आने से बचना चाहिए। ढीले-ढाले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने चाहिए। सिर को टोपी और आँखों को धूप के चश्मे से बचाना समझदारी है। इन सामान्य सावधानियों के प्रति उदासीन रहने से स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगता है। तरल पदार्थों विशेषकर पानी का सेवन बढ़ाना चाहिए। घर में और उसके आसपास हरे-भरे क्षेत्रों को बढ़ावा देना चाहिए। बढ़ती गरमी से बचना एक सामूहिक नागरिक जिम्मेदारी है। गाँव हो या शहर, बचाव के तमाम उपाय मिलकर करने चाहिए। (i) गर्मियों में लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगता है, जब वे : (A) शारीरिक परिश्रम से बचने लगते हैं। (B) खान-पान के प्रति लापरवाही बरतने लगते हैं। (C) स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति उदासीनता दिखाने लगते हैं। (D) स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कठोर परिश्रम करने लगते हैं। (ii) गद्यांश के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और सही विकल्प का चयन कीजिए : (I) पानी की कमी से शरीर में रक्त-प्रवाह कम होने से शारीरिक अंगों की कार्य-संचालन क्षमता प्रभावित होती है। (II) बढ़ता तापमान मानसिक विकारों को जन्म देता है। (III) गर्मी के प्रभाव से बचने के लिए तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। विकल्प : (A) (I) और (III) सही हैं। (B) (I) और (II) सही हैं। (C) (II) और (III) सही हैं। (D) (I), (II) और (III), तीनों सही हैं। (iii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : कथन : शिशु और छोटे बच्चे गर्मी में वयस्कों की तुलना में ज्यादा असुरक्षित रहते हैं। कारण : उनकी शारीरिक प्रणालियाँ ताप अनुकूलन प्रक्रिया के लिए परिपक्व नहीं होतीं। विकल्प : (A) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं। (B) कारण सही है लेकिन कथन गलत है। (C) कथन सही है लेकिन कारण कथन की गलत व्याख्या करता है। (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है। (iv) 'लू' से आप क्या समझते हैं ? इससे बचने की सलाह क्यों दी जाती है ? (v) बढ़ते तापमान को नियंत्रित रखने के लिए किन्हीं दो उपायों को लिखिए।

Medha Ma’am
AskMedha’s AI teacher
Model answer · Unseen passage, heat and health
- 1.(i) (C) स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति उदासीनता दिखाने लगते हैं।1 mark
- 2.(ii) (A) (I) और (III) सही हैं।1 mark
- 3.(iii) (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।1 mark
- 4.(iv) गर्मियों में चलने वाली गर्म और शुष्क हवा को 'लू' कहते हैं। इससे बचने की सलाह इसलिए दी जाती है ताकि शरीर का तापमान संतुलित रहे और हमारा मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य बना रहे।2 marks
- 5.(v) बढ़ते तापमान को नियंत्रित रखने के दो उपाय हैं : 1. जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए राष्ट्रीय क्षमताओं को मजबूत करना चाहिए, जैसे कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण पर नियंत्रण करना। 2. घर में और उसके आस-पास हरे-भरे क्षेत्रों को बढ़ावा देना चाहिए।2 marks
- बहुविकल्पीय प्रश्नों में विकल्प का अक्षर और उसका पूरा कथन, दोनों लिखिए।
- प्रश्न (iv) के दोनों भाग लिखिए: पहले 'लू' का अर्थ, फिर उससे बचने की सलाह का कारण।
- प्रश्न (v) में गद्यांश से लिए गए दो अलग-अलग उपाय क्रम से लिखिए।
Marks split as in the board’s published marking scheme
- Q2Case-based7 marksAsked: 2026
2. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : मन कल्पनाशील है, इसलिए सुंदर सतरंगी कल्पनाएँ बनाकर लुभाता है, मगर सच का अनुभव करना हो तो कल्पना के आसमान से उतरकर सच के धरातल पर आना पड़ता है। काँटे, यानी जो भी दुखद है, जो भी नकारात्मक है, उसका स्वीकार। लेकिन उन्हें तो हम अपने भीतर कहीं गहरे दबा देते हैं, उनसे बचना चाहते हैं। जीवन को अच्छे और बुरे में बाँटकर हमने खुद के साथ बड़ा अन्याय किया है। जिन्दगी आदमी की सतरंगी कल्पनाओं के सहारे नहीं चलती, उसके अपने नियम हैं, जो बिल्कुल वैज्ञानिक हैं। हमारा पूरा अस्तित्व बना तरंगों से; यह ऊर्जा का महासागर है और ऊर्जाएँ स्वभावतः एक दूसरे के विपरीत और परिपूरक होती हैं। जो विपरीत दिखाई देता है, वह दूसरे को सहारा देता है। दो विपरीत एक दूसरे को सँभालते हैं। अगर आप चाहते हैं कि सच में आपके जीवन का फूल खिले, तो काँटों से दूर रहने की आदत छोड़ दें। ज्योति अंधेरे में ही जगमगाती है। पत्थर पर जब छेनी चलती है, तभी तो मूर्तियाँ निर्मित होती हैं। अगर पत्थर कह दे कि नहीं, छेनी मुझे बर्दाश्त नहीं, मुझे काटो मत। मैं जैसा हूँ, मुझे वैसा ही रहने दो; तो अनगढ़ ही रह जाएगा। छेनी की चोट सहना उसके लिए जरूरी है। लोग काँटों से इसलिए बचते हैं कि उनके छिदने पर जो दुख होता है, उसकी पीड़ा सहने की उनमें शक्ति नहीं है। काँटों से निबाह करना काफी नहीं है, काँटों से उतना ही प्रेम करना होगा, जितना फूलों से। अगर आपने काँटों से प्रेम न किया, तो आप प्लास्टिक के फूल ही खरीद लाएँगे, क्योंकि उनमें काँटे नहीं होते। जिन्दगी के दोहरे रूप को भली-भाँति पहचानिए। अगर आपने जिद की कि हम तो एक को ही पकड़कर जिएँगे, तो आपको यह भी मानना होगा कि आप एक ही पैर से, एक ही पतवार से अपनी नाव खे लेंगे। जब आप एक ही पतवार से नाव खेओगे तो वह गोल-गोल चक्कर लगाने लगेगी। ऐसी ही जिंदगी है। दोनों पतवारों से खेकर ही इसे किनारे पहुँचाया जा सकता है। (i) 'ज्योति अंधेरे में ही जगमगाती है' - का गद्यांश के संदर्भ में आशय है : (A) प्रकाश का भान अंधकार में ही होता है। (B) अंधेरे के कारण ही प्रकाश का महत्त्व है। (C) कष्टों के बाद ही सुख का अनुभव होता है। (D) अंधेरे में रहने वाले ही प्रकाश का मोल समझते हैं। (ii) कॉलम - I को कॉलम - II से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प का चयन कीजिए : कॉलम - I कॉलम - II I. पत्थर (i) कष्ट II. छेनी (ii) मानव-जीवन III. मूर्ति (iii) सफलता विकल्प : (A) I (i), II (iii), III (ii) (B) I (ii), II (iii), III (i) (C) I (ii), II (i), III (iii) (D) I (iii), II (ii), III (i) (iii) पत्थर, छेनी और मूर्ति का उदाहरण यहाँ किस उद्देश्य से दिया गया है ? (A) मूर्ति निर्माण की प्रक्रिया से अवगत कराने हेतु (B) जीवन निखारने के लिए कष्टों का महत्त्व समझाने हेतु (C) पत्थर की अनगढ़ता से परिचित कराने हेतु (D) पत्थर, छेनी और मूर्ति की अन्योन्याश्रयिता को समझाने हेतु (iv) 'जीवन का फूल खिलने' से क्या अभिप्राय है ? (v) 'जिंदगी की नाव दोनों पतवारों से चलती है' कथन की सार्थकता सिद्ध कीजिए।

Medha Ma’am
AskMedha’s AI teacher
Model answer · unseen passage, life's thorns
- 1.(i) (C) कष्टों के बाद ही सुख का अनुभव होता है।1 mark
- 2.(ii) (C) I (ii), II (i), III (iii)1 mark
- 3.(iii) (B) जीवन निखारने के लिए कष्टों का महत्त्व समझाने हेतु1 mark
- 4.(iv) 'जीवन का फूल खिलने' का अभिप्राय है कि जीवन सच में सुंदर, सुखी और सफल बने। गद्यांश के अनुसार यह तभी संभव है, जब हम काँटों से दूर रहने की आदत छोड़ दें और जीवन के कष्टों को स्वीकार करते हुए भी खुश रहें। जो व्यक्ति दुखों को सहकर आगे बढ़ता है, वही सफल होता है और उसी का जीवन फूल की तरह खिलता है।2 marks
- 5.(v) जिस प्रकार एक ही पतवार से खेने पर नाव गोल-गोल चक्कर लगाने लगती है और किनारे तक नहीं पहुँचती, उसी प्रकार जीवन भी केवल सुख के सहारे नहीं चलता। जीवन में सुख और दुख दोनों का समान महत्त्व है। ये दोनों विपरीत दिखकर भी एक-दूसरे को सँभालते हैं। इसलिए हमें सफलता के साथ असफलता को भी सहज रूप से स्वीकार करना चाहिए। तभी जीवन की नाव किनारे तक पहुँचती है। यही इस कथन की सार्थकता है।2 marks
- बहुविकल्पी प्रश्नों में विकल्प का अक्षर और उसका पूरा वाक्य दोनों लिखें, जैसे (C) कष्टों के बाद ही सुख का अनुभव होता है।
- प्रश्न (iv) में कष्टों को स्वीकार करना, खुश रहना और सफल होना — ये तीनों बातें अवश्य लिखें।
- प्रश्न (v) में पतवार का उदाहरण देकर सुख-दुख के समान महत्त्व और असफलता को सहज रूप से स्वीकार करने की बात लिखें।
Marks split as in the board’s published marking scheme
- Q3Case-based7 marksAsked: 2026
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने और पृथ्वी को संरक्षित करने के लिए स्वीडन से 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस आयोजित करने का सिलसिला प्रारंभ हुआ। वर्ष 2025 में पर्यावरण दिवस का विषय था — ‘वैश्विक प्लास्टिक प्रदूषण का अंत’। प्लास्टिक हमारे जीवन के अनेक पहलुओं में आवश्यक है मगर इसके कारण ‘एक बार प्रयोग होने वाली उपभोक्ता संस्कृति’ और ‘इस्तेमाल करो और फेंको’ पीढ़ी का जन्म हुआ है। मनुष्य की इस गतिविधि का नुकसान उसके साथ-साथ असहाय पशु-पक्षियों और प्रकृति को भी भुगतना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण की एक रिपोर्ट के अनुसार एक दिन में लगभग 144 करोड़ प्लास्टिक की बोतलों का उपयोग होता है। हम पृथ्वी पर प्लास्टिक कचरे की ऐसी विरासत छोड़ रहे हैं जिसका कोई अंत नहीं। शहरों में जल जमाव की समस्या का मुख्य कारण प्लास्टिक कचरा ही है। 99 प्रतिशत प्लास्टिक जीवाश्म ईंधन से तैयार होता है जो जैविक रूप से कभी नष्ट नहीं होता। लोगों में यह भ्रांति है कि समस्त प्लास्टिक का पुनः उपयोग हो जाता है। देश में मात्र 12 प्रतिशत प्लास्टिक का ही पुनः उपयोग हो रहा है और 20 प्रतिशत प्लास्टिक कचरा जलाया जा रहा है जिससे पर्यावरण को क्षति पहुँच रही है। अजर-अमर दिखने वाले दानव का वध करने के लिए लोगों को इसके समाधान का हिस्सा बनना होगा। प्लास्टिक उत्पादक उद्यमों को इसके विकल्पों को तलाशने और इसके पुनर्चक्रण पर ध्यान देना होगा। आम नागरिकों को अहम् भूमिका निभानी होगी क्योंकि यदि नागरिकों को कर्तव्य समझ में आ जाएँ तो स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। हम सब अपने और अपने परिजनों के लिए स्वस्थ जीवन चाहते हैं तो हमें अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा। बदलाव कठिन हो सकता है लेकिन पर्यावरण बिगाड़ने वाली इस बिल्ली के गले में घंटी बाँधनी ही होगी। (i) पर्यावरण बिगाड़ने वाली ‘बिल्ली के गले में घंटी बाँधने’ से क्या अभिप्राय है ? (A) नदियों में अपशिष्ट पदार्थों को न डालने की शुरुआत (B) कूड़े-कचरे को जलाना बंद करने की शुरुआत (C) सूखे और गीले कचरे को अलग करने की शुरुआत (D) प्लास्टिक के प्रयोग को धीरे-धीरे बंद करने की शुरुआत (ii) प्लास्टिक के विषय में लोगों में क्या भ्रांति है ? (A) सफ़ेद प्लास्टिक की थैलियों में रखी खाद्य सामग्री सुरक्षित है । (B) समस्त प्लास्टिक कचरे को पुनः उपयोग योग्य बनाया जा सकता है । (C) समय के साथ प्लास्टिक स्वयं ही धीरे-धीरे नष्ट हो जाता है । (D) प्लास्टिक कचरे से पर्यावरण को कोई क्षति नहीं पहुँचती । (iii) गद्यांश के अनुसार शहरों में जल जमाव की समस्या का मुख्य कारण है : (A) प्लास्टिक कचरा (B) बढ़ती आबादी (C) पारंपरिक बनावट (D) अतिक्रमण (iv) प्लास्टिक के प्रयोग ने किस नई संस्कृति को जन्म दिया और उसके क्या दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं ? (v) ‘प्लास्टिक प्रदूषण पर रोकथाम आम आदमी की सहभागिता से ही लग सकता है’ – कैसे ? स्पष्ट कीजिए ।

Medha Ma’am
AskMedha’s AI teacher
Model answer · unseen passage, plastic pollution
- 1.(i) (D) प्लास्टिक के प्रयोग को धीरे-धीरे बंद करने की शुरुआत1 mark
- 2.(ii) (B) समस्त प्लास्टिक कचरे को पुनः उपयोग योग्य बनाया जा सकता है।1 mark
- 3.(iii) (A) प्लास्टिक कचरा1 mark
- 4.(iv) प्लास्टिक के प्रयोग ने 'एक बार प्रयोग होने वाली उपभोक्ता संस्कृति' को जन्म दिया है और 'इस्तेमाल करो और फेंको' की प्रवृत्ति बढ़ी है। इसके कारण पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है, जिसका नुकसान मनुष्य के साथ-साथ असहाय पशु-पक्षियों और प्रकृति को भी भुगतना पड़ रहा है। प्लास्टिक कचरे के कारण शहरों में जल जमाव की समस्या भी पैदा हो रही है।2 marks
- 5.(v) प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने में आम नागरिक की भूमिका सबसे अहम है। यदि आम आदमी पर्यावरण प्रदूषण के विरुद्ध जागरूक हो जाए और नागरिकों को अपने कर्तव्य समझ में आ जाएँ, तो स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। इसके लिए हमें अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा, प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े या जूट के थैले जैसे अन्य विकल्प अपनाने होंगे और पुनर्चक्रण पर ध्यान देना होगा।2 marks
- बहुविकल्पीय प्रश्नों में विकल्प का अक्षर और उसका पूरा वाक्य, दोनों लिखिए।
- प्रश्न (iv) में नई संस्कृति का नाम और उसके दुष्परिणाम, दोनों भाग अलग-अलग लिखिए।
- प्रश्न (v) में आम आदमी की भूमिका के कम से कम दो बिंदु लिखिए, जैसे जागरूकता, कर्तव्य-बोध, आदतों में बदलाव या प्लास्टिक के विकल्प अपनाना।
Marks split as in the board’s published marking scheme
- Q4Case-based7 marksAsked: 2026
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : साइकिल की सवारी न केवल हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सक्षम है, बल्कि सामाजिक समानता और सतत विकास की दिशा में भी योगदान देती है। यह परिवहन का ही साधन नहीं है बल्कि एक ऐसी विचारधारा भी है जो आधुनिकता के कोलाहल में खोई मानवता को फिर से जोड़ती है। साइकिल एक सस्ता, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल माध्यम है जो न केवल शहरों की भीड़ और प्रदूषण को कम करता है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सुविधाओं तक समाज के प्रत्येक वर्ग की पहुँच को आसान करता है। मार्च 2022 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें साइकिल को सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में मुख्यधारा में लाने की बात कही गई। साथ ही इसे सतत उपभोग और उत्पादन को बढ़ावा देने वाला, जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में सकारात्मक भूमिका निभाने वाला एक साधन बताया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक का कहना है कि पैदल चलना और साइकिल चलाना स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और शहरों को ज़्यादा टिकाऊ बनाता है। रोजाना आधा घंटा साइकिल चलाने से न केवल सेहत अच्छी रहती है, बल्कि सालाना 150 किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन को भी रोका जा सकता है। समाज का वह वर्ग, जो महंगे निजी वाहन नहीं खरीद सकता, यह उनके लिए आवागमन का मुख्य साधन है। यह उन्हें उनके कार्यक्षेत्र, स्कूल, अस्पताल जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुँच प्रदान करती है। इस तरह साइकिल न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि सामाजिक समानता और आर्थिक रूप से भी एक प्रभावी विकल्प है। (i) सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से आशय है : (A) देश की आम जनता के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन (B) देश की विशिष्ट जनता के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन (C) देश के वरिष्ठ नागरिकों के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन (D) देश के बच्चों के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन (ii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : साइकिल जलवायु परिवर्तन से लड़ाई में सकारात्मक भूमिका निभाने वाला एक प्रमुख साधन है । कारण : साइकिल जीरो-कार्बन उत्सर्जन के साथ चलती है । विकल्प : (A) कथन तथा कारण दोनों ग़लत हैं । (B) कारण सही है, लेकिन कथन ग़लत है । (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है । (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है । (iii) साइकिल से होने वाले लाभों के विषय में कौन-सा कथन असत्य है ? (A) सामाजिक समानता का माध्यम है । (B) पर्यावरण को सुरक्षित रखती है । (C) शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है । (D) आर्थिक समानता को बढ़ावा देती है । (iv) साइकिल स्वच्छ पर्यावरण के लिए अनुकूल माध्यम कैसे है ? (v) साइकिल के सस्ता, सुलभ और लाभकारी साधन होते हुए भी लोग इसके प्रयोग को प्राथमिकता क्यों नहीं देते ?
How the model answer begins
1. (i) (A) देश की आम जनता के आवागमन के लिए उपलब्ध यातायात के साधन
The full answer from Medha Ma’am → - Q5Case-based7 marksAsked: 2026
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : प्राकृतिक आपदा का अर्थ है - प्रकृति की ओर से आए संकट । बाढ़, बारिश, तपिश, सूखा, कहने को तो प्राकृतिक घटनाएँ हैं; लेकिन जिस तरह अब इनका रौद्ररूप मौसम-बेमौसम दिखने लगा है, यह चिंताजनक है । बीते साल बाढ़, वनों की आग, तूफ़ान और उच्च तापमान की बेतहाशा घटनाओं ने कई देशों को झकझोर दिया है । ये घटनाएँ न तो साधारण हैं, न प्राकृतिक । पहले भी मौसम का प्रकोप दिखता था, लेकिन भयावहता का ऐसा मंजर यदा-कदा ही दिखा । इसके कारणों को जानते-समझते हुए भी हमारे अनजान बने रहने से प्राकृतिक आपदाएँ दिनोंदिन और विकराल होती जा रही हैं । जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित एक शोध ने वैज्ञानिकों, पर्यावरणविदों और प्रकृति को लेकर चिंतित संगठनों की नींद उड़ा दी है । भूजल दोहन के अनुपात में पानी वापस धरती में नहीं पहुँच रहा है । परिणामस्वरूप भूजल का स्तर दिनोंदिन गिरता जा रहा है । पृथ्वी अपने अक्ष पर झुकने लगी है । प्रकृति के साथ छेड़छाड़ कर हम उसे जो हानि पहुँचा रहे हैं, उस पर हमें नियंत्रण करना होगा । गांधी जी ने कहा था - ‘यह प्रकृति करोड़ों क्या अरबों-अरबों लोगों का पालन बड़े आराम से कर सकती है किंतु एक इंसान की तृष्णा पूरी नहीं कर सकती ।’ - इस संदेश को जीवन में उतारना होगा । साथ ही हमें प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा । तभी हम मौत के किसी भी जलजले से बच सकते हैं । (i) पृथ्वी के अक्ष में विचलन का मुख्य कारण है : (A) भूजल का अतिदोहन (B) निरंतर बढ़ता तापमान (C) कम होते जंगल (D) बिना मौसम बरसात (ii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : विगत वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं का स्वरूप भयावह हुआ है। कारण : प्राकृतिक संसाधनों के प्रति असंवेदनशील मानवीय कृत्यों ने प्रकृति के सहज स्वरूप को प्रभावित किया है। विकल्प : (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं। (B) कारण सही है, किंतु कथन गलत है। (C) कथन सही है, किंतु कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है। (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है। (iii) ‘जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स’ में प्रकाशित शोध में किस खतरे का जिक्र है ? (A) तेज़ी से बदलता मौसम-चक्र (B) भूजल का कम होता स्तर (C) पृथ्वी के अक्ष में झुकाव (D) बेतहाशा बढ़ती प्राकृतिक आपदाएँ (iv) भूजल के बड़े पैमाने पर दोहन से पृथ्वी पर क्या असर पड़ा ? (v) प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए क्या अनिवार्य है ?
- Q6Case-based7 marksAsked: 2026
निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : ‘किडलिटिंग’ दो शब्दों के मेल से बना है – ‘किड’ और ‘एडल्ट’। यानि बचपन और वयस्क की संधि। इस शब्द का इस्तेमाल पिछले कुछ वर्षों से हो रहा है। वास्तव में यह बचपन की जानी-पहचानी गतिविधियों की ओर एक स्वाभाविक सरल वापसी है। ‘किडलिटिंग’ ज़िंदगी के भागमभाग में फँसे, अकेले रह गए या अवसाद से जूझ रहे लोगों को बहुत पसंद आ रहा है। पसंदीदा गतिविधियाँ करना अक्सर तनाव दूर करने के लिए एकदम सही विकल्प होता है। बड़ी कंपनियाँ भी ऐसी गतिविधियों के चलन को बढ़ावा देने में तेज़ी से जुट गई हैं। लंदन और मैट्रिड में एक संवाद संग्रहालय ‘डोपामाइन लैंड’ अपने अंदर के बच्चे को जगाने के लिए बचपन और वयस्क अवस्था के संधिकाल की गतिविधियाँ करवाता है। दिनभर मोबाइल और कंप्यूटर से ऊबे हुए कामकाजी लोग इससे दूरी बनाने के दिलचस्प बहाने खोजने लगे हैं। ऐसे में बचपन की दुनिया में वापसी उन्हें पसंद आ रही है क्योंकि इसमें वे बिना मोबाइल और कंप्यूटर वाले बीते जीवन को जीते हैं। खबर यह भी है कि ‘डोपामाइन लैंड’ जैसी जगहें ‘हैप्पी हॉर्मोंस’ को भी सक्रिय कर रही हैं। आखिर कुछ तो कारण होगा कि वर्तमान में तमाम सुविधाओं के बावजूद लोग ऐसी परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं जिसमें वे जीवन की संवेदनाओं का अहसास नहीं कर पाते। (i) तनाव को कम करने का सबसे अच्छा तरीका है : (A) अपने पसंदीदा कार्यों में समय लगाना (B) स्क्रीन पर और अधिक समय बिताना (C) काम में और अधिक ध्यान लगाना (D) नियत कार्य को समय से पूर्व निपटाना (ii) ‘डोपामाइन लैंड’ क्या है ? (A) बच्चों के खेलने की खुली जगह (B) एक विशेष हॉर्मोन मिलने की जगह (C) बड़ों के खेलने के लिए निर्मित स्थान (D) बच्चों के हॉर्मोन संतुलित करने का स्थान (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : वर्तमान में सुख-सुविधाओं से भरी ज़िंदगी में खुशियों के अहसास की कमी हो गई है। कारण : प्रसन्न रहने के लिए सिर्फ भौतिक सुख-सुविधाएँ ही पर्याप्त नहीं हैं। विकल्प : (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं। (B) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है। (C) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है। (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है। (iv) बड़ी-बड़ी कंपनियों के ‘डोपामाइन लैंड’ जैसी गतिविधियों में बढ़ती रुचि के क्या कारण हैं ? (v) वर्तमान में ‘किडलटिंग’ की आवश्यकता क्यों महसूस हो रही है ?
How the model answer begins
1. (i) (A) अपने पसंदीदा कार्यों में समय लगाना
The full answer from Medha Ma’am → - Q7Case-based7 marksAsked: 2026
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : कृत्रिम वर्षा या क्लाउड सीडिंग आधुनिक विज्ञान की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है जिसके माध्यम से बादलों से इच्छानुसार वर्षा कराई जा सकती है । इस तकनीक में सिल्वर आयोडाइड या ठोस आइस जैसे रसायनों को बादलों के बहाव के साथ फैला दिया जाता है । जहाँ बारिश करानी होती है वहाँ पर हवा की विपरीत दिशा में इसका छिड़काव किया जाता है । ये रसायन बादलों में मौजूद जलवाष्प के कणों को संघनित (और घना) करने में सहायता करते हैं, जिससे बूँदें बनती हैं और वर्षा होती है । यह प्रक्रिया विशेष रूप से सुसज्जित विमानों या ज़मीन से दागे जाने वाले रॉकेटों के माध्यम से संपन्न की जाती है । कृत्रिम वर्षा की आवश्यकता मुख्यतः उन क्षेत्रों में होती है जहाँ सूखा पड़ता है, जल संकट होता है या कृषि के लिए पर्याप्त वर्षा नहीं होती । संयुक्त अरब अमीरात, चीन, भारत और अमेरिका जैसे देश इस तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं । यह तकनीक वायु प्रदूषण को कम करने, जंगल की आग बुझाने और बाँधों में जलस्तर बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध हुई है । कहाँ और किस बादल पर इसे छिड़कने से बारिश की संभावना ज़्यादा होगी, इसका निर्णय मौसम वैज्ञानिक करते हैं । इसके लिए मौसम के आँकड़ों का सहारा लिया जाता है । कृत्रिम वर्षा के कुछ दुष्प्रभाव भी हैं । अत्यधिक रसायनों के प्रयोग से पर्यावरण प्रदूषित हो सकता है और मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है । इसके अतिरिक्त यह तकनीक अत्यंत महँगी और इसकी सफलता की दर 10 से 30 प्रतिशत तक होती है । कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि यह प्राकृतिक जल चक्र को भी बाधित कर सकती है । फिर भी, जलवायु परिवर्तन के इस युग में कृत्रिम वर्षा जल संकट के समाधान का एक महत्त्वपूर्ण विकल्प बनती जा रही है । आवश्यकता इसके समझदारपूर्ण उपयोग की है । (i) कृत्रिम वर्षा में प्रयुक्त रसायनों का मुख्य कार्य क्या है ? (ii) कृत्रिम वर्षा के दुष्प्रभावों के विषय में निम्नलिखित में से कौन से / सा कथन सही हैं / है ? (1) इससे पर्यावरण प्रदूषित हो सकता है । (2) मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ जाती है । (3) जलवायु परिवर्तन को प्रभावित करती है । (iii) कृत्रिम वर्षा का नकारात्मक पहलू क्या है ? (iv) कृत्रिम वर्षा की आवश्यकता किन परिस्थितियों में होती है ? (v) जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में कृत्रिम वर्षा का क्या महत्त्व है ?
How the model answer begins
1. (i) (B) जलवाष्प के कणों को घना करना। कृत्रिम वर्षा में प्रयुक्त रसायन बादलों में मौजूद जलवाष्प के कणों को संघनित (घना) करते हैं, जिससे बूँदें बनती हैं और वर्षा होती है।
The full answer from Medha Ma’am → - Q8Case-based7 marksAsked: 2026
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : विटामिन-डी एक ऐसा पोषक तत्त्व है, जिसे अक्सर 'सनशाइन विटामिन' भी कहा जाता है, क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से सूर्य की रोशनी से प्राप्त होता है। हमारे शरीर में यह विटामिन हड्डियों को मज़बूत बनाने, कैल्शियम और फॉस्फोरस के संतुलन को बनाए रखने तथा प्रतिरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हाल के वर्षों में दुनिया-भर में विटामिन-डी की कमी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या के रूप में उभर कर सामने आई है। आधुनिक जीवन-शैली, प्रदूषण और दफ़्तर तथा घर के भीतर लगातार रहने के कारण बहुत से लोगों में इस विटामिन की कमी हो रही है। यह कमी न केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती है, बल्कि मानसिक और सामाजिक स्तर पर भी इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिलते हैं। सूर्य की किरणें हमारे स्वास्थ्य के लिए एक अनमोल उपहार है, लेकिन आज के समय में लोग कम्प्यूटर, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ इतने व्यस्त हो गए हैं कि वे बाहरी वातावरण में निकलने का समय ही नहीं निकाल पाते। परिणामस्वरूप उन्हें सूर्य की किरणों का लाभ नहीं मिल पाता। हमारे शरीर को आवश्यक मात्रा में यह विटामिन प्राप्त करने के लिए सूर्य की रोशनी के साथ-साथ संतुलित आहार भी उतना ही अहम् है। (i) गद्यांश के अनुसार आधुनिक जीवन-शैली का कौन सा दुष्प्रभाव स्वास्थ्य पर प्रमुख रूप से दिखाई दे रहा है ? (ii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए : कथन : विटामिन-डी को 'सनशाइन विटामिन' भी कहा जाता है । कारण : यह प्राकृतिक रूप से सूर्य की रोशनी से प्राप्त होता है । विकल्प : (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं । (B) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है । (C) कथन गलत है, किन्तु कारण सही है । (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या है । (iii) निम्नलिखित में से मानव शरीर में विटामिन-डी की कोई भूमिका नहीं होती ? (A) हड्डियों को मज़बूत करना (B) प्रदूषक तत्त्वों का अवशोषण (C) कैल्शियम-फॉस्फोरस का संतुलन (D) प्रतिरक्षा प्रणाली की सुदृढ़ता (iv) विटामिन-डी किन-किन स्रोतों से प्राप्त किया जा सकता है ? (v) विटामिन-डी की कमी के प्रमुख कारण लिखिए ।
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1. (i) गद्यांश के अनुसार आधुनिक जीवन-शैली का प्रमुख दुष्प्रभाव यह है कि लोगों के शरीर में विटामिन-डी की कमी हो रही है।
The full answer from Medha Ma’am → - Q9Case-based7 marksAsked: 2025
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए : भारतीय चिंतन में स्वास्थ्य का अर्थ 'स्व' में स्थित होता है। दूसरे शब्दों में एक आत्मस्थ व्यक्ति को स्वस्थ कहा जा सकता है। जीवन का आनंद लेने के लिए स्वस्थ रहने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य व्यक्ति के व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण है। समाज का एक उत्पादक सदस्य होने के नाते हमें जागरूक और शरीर से क्रियाशील होने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य मनोविज्ञान में वे मनोवैज्ञानिक कारक आते हैं जो स्वास्थ्य को बनाए रखने और उन्नत करने में सहायक होते हैं। यह उन कारकों की भी खोज करता है जो रोग की स्थिति पैदा करते हैं। हमारी जीवन शैली और सोचने एवं व्यवहार करने के तरीके लोगों के स्वास्थ्य स्तर में योगदान करते हैं। व्यायाम, पौष्टिक भोजन लेने और धूम्रपान जैसे दुर्व्यसनों में परिवर्तन से शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है। स्वास्थ्य शारीरिक और मानसिक कुशलक्षेम की अवस्था को कहते हैं। यह एक सकारात्मक अवस्था है। लोगों के व्यक्तिगत तथा सामाजिक जीवन में स्वास्थ्य का केन्द्रीय स्थान है। आज की दुनिया में लोगों के गुणात्मक जीवन को चारों ओर से चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जिसका परिणाम लोगों का गिरता स्वास्थ्य है। एक ओर बाहरी पर्यावरण बड़ी तेजी से बदल रहा है। इससे अनेक पर्यावरणीय तनावों से सफलतापूर्वक निपटने की आवश्यकता है। सामाजिक संरचना में आए बदलाव जैसे परिवार और अन्य सामाजिक संस्थाओं का विघटन, प्रतिस्पर्धा और उपभोक्तावादी संस्कृति द्वंद्व और असहयोग को बढ़ावा प्रदान कर स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। (i) गद्यांश के अनुसार व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन के लिए महत्त्वपूर्ण है : (A) धन (B) संघर्ष (C) स्वास्थ्य (D) परिश्रम (ii) 'समाज का उत्पादक सदस्य होने से' क्या अभिप्राय है ? (A) समाज के विकास में योगदान देने वाला सक्रिय नागरिक (B) कल-कारखानों में काम करने वाला मेहनती श्रमिक (C) खेत-खलिहानों में काम करने वाला परिश्रमी किसान (D) देश के विकास में योगदान देने वाला चिंतनशील वैज्ञानिक (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : उत्तम स्वास्थ्य व्यक्ति के व्यक्तिगत एवं सामाजिक जीवन के लिए आवश्यक है। कारण : मन की जागरूकता और शरीर की क्रियाशीलता स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है। विकल्प : (A) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है। (B) कथन और कारण दोनों सही हैं। (C) कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है। (D) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं। (iv) स्वास्थ्य पर प्रभाव डालने वाले नकारात्मक कारकों का उल्लेख कीजिए। (v) स्वास्थ्य किसे कहते हैं ? शरीर को स्वस्थ कैसे रखा जा सकता है ?
- Q10Case-based7 marksAsked: 2025
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए : क्रोध दुःख के चेतन कारण के साक्षात्कार या अनुमान से उत्पन्न होता है। साक्षात्कार के समय दुःख और उसके कारण के संबंध का परिज्ञान आवश्यक है। तीन-चार महीने के बच्चे को कोई हाथ उठाकर मार दे, तो उसने हाथ उठाते तो देखा है पर उसकी पीड़ा और उस हाथ उठाने से क्या संबंध है, यह वह नहीं जानता है। अतः वह केवल रोकर अपना दुःख मात्र प्रकट कर देता है। दुःख के कारण की स्पष्ट धारणा के बिना क्रोध का उदय नहीं होता। दुःख के सज्ञान कारण पर प्रबल प्रभाव डालने में प्रवृत्त करवाने वाला मनोविकार होने के कारण क्रोध का आविर्भाव बहुत पहले देखा जाता है। शिशु अपनी माता की आकृति से परिचित हो जाने पर ज्यों ही यह जान जाता है कि दूध इसी से मिलता है, भूखा होने पर वह उसे देखते ही अपने रोने में कुछ क्रोध का आभास देने लगता है। सामाजिक जीवन में क्रोध की ज़रूरत बराबर पड़ती है। यदि क्रोध न हो तो मनुष्य दूसरों के द्वारा पहुँचाए जाने वाले बहुत से कष्टों की चिरनिवृत्ति का उपाय ही न कर सकेगा। समाज में निराशा और अत्याचार का बोलबाला बढ़ जाएगा। कोई मनुष्य किसी दुष्ट के नित्य दो-चार प्रहार सहता है। यदि उसमें क्रोध का विकास नहीं हुआ है तो वह केवल आह-ऊह करेगा, जिसका उस दुष्ट पर कोई प्रभाव नहीं। उस दुष्ट के हृदय में विवेक, दया आदि उत्पन्न करने में बहुत समय लगेगा। संसार किसी को इतना समय ऐसे छोटे-छोटे कामों के लिए नहीं दे सकता। (i) क्रोध की उत्पत्ति का क्या कारण है ? (A) सामने वाले के हृदय में दया उत्पन्न करना (B) दुःख के चेतन कारण के साक्षात्कार का अनुमान (C) क्रोध को अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानना (D) अपनी भावनाओं पर नियंत्रण न रख पाना (ii) माँ की गोद में जाते ही शिशु क्यों शांत हो जाता है ? (A) माता शिशु की जननी है। (B) सुरक्षा का अनुभव करता है। (C) माँ की गोद में ममता का अनुभव करता है। (D) माँ की आकृति पहचान भूख शांत हो जाने की आशा है। (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : क्रोध की आह-ऊह का दुष्ट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। कारण : दुष्ट के हृदय में विवेक, दया आदि उत्पन्न करने में बहुत समय लगेगा। विकल्प : (A) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है। (B) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं। (C) कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है। (D) कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है। (iv) गद्यांश का लेखक सामाजिक जीवन में क्रोध का समर्थन करता है, क्यों ? (v) गद्यांश के आधार पर क्रोध की व्याख्या कीजिए।
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1. (i) (B) दुःख के चेतन कारण के साक्षात्कार का अनुमान
The full answer from Medha Ma’am → - Q11Case-based7 marksAsked: 2025
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए : गाँधीजी ने संसार को जो संदेश दिया था, वह सर्वोदय का संदेश था। उस संदेश की जितनी पहले आवश्यकता थी, उतनी ही आज भी है। गाँधीजी ने अपने जीवन-काल में न केवल वाणी और लेखनी द्वारा, बल्कि अपने आचरण द्वारा भी उस महान संदेश का प्रचार किया था। गाँधीजी ने इस पर ख़ूब जोर दिया था कि किसी अच्छे उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए अशुद्ध साधनों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने हमें सिखाया था कि अशुद्ध साधनों द्वारा उत्तम उद्देश्य हासिल नहीं किया जा सकता। यही कारण था कि उन्होंने देश की स्वतंत्रता के श्रेष्ठ लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हिंसात्मक और आतंकवादी कार्रवाइयों का त्याग करने और सत्य तथा अहिंसा का मार्ग अपनाने की सलाह दी है। इसका परिणाम हम अपनी आँखों से देख चुके हैं। व्यवहार में यह रास्ता ज्यादा सीधा और सरल साबित हुआ। कम-से-कम हानि उठाकर हमने अपनी स्वतंत्रता हासिल की और जो कल तक हमारे विरोधी थे, वही हमारे मित्र बन गए हैं। इसके विपरीत यूरोप के पिछले दो महायुद्धों के उदाहरण भी हमारे सामने हैं। इन महायुद्धों में जन-धन का भयंकर विनाश हुआ, वह तो हुआ ही; उन नैतिक मूल्यों का भी ह्रास हो गया, जिनके कारण मनुष्य मनुष्य कहलाने का अधिकारी होता है। वे समस्याएँ आज भी बनी हुई हैं जिन्हें हल करने के लिए महायुद्ध लड़े गए थे। अत: सर्वोदय सम्मेलन में साधनों की शुद्धता पर जो बल दिया गया है, वह सर्वथा उचित है। (i) ‘गाँधीजी ने अपने आचरण द्वारा भी उस महान संदेश का प्रचार किया था।’ – पंक्ति में किस महान संदेश की ओर संकेत किया गया है ? (A) सत्य और अहिंसा का संदेश (B) सर्वोदय का संदेश (C) शुभ आचरण का संदेश (D) नैतिक मूल्यों का संदेश (ii) ‘गाँधीजी के भौतिक रूप से हमारे बीच उपस्थित न रहने’ – से क्या अभिप्राय है ? (A) आत्मिक रूप से उपस्थित न होना (B) सैद्धांतिक रूप से उपस्थित न होना (C) प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित न होना (D) मानसिक रूप से उपस्थित न होना (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : सर्वोदय के संदेश की दुनिया को जितनी आवश्यकता पहले थी, उतनी ही आवश्यकता आज भी है। कारण : समाज में विद्यमान समस्याओं के मूल रूप में पहले से अब तक विशेष अंतर नहीं आया है। विकल्प : (A) कथन गलत है, परन्तु कारण सही है। (B) कथन और कारण दोनों गलत हैं। (C) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है। (D) कथन सही है, परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है। (iv) देश की स्वतंत्रता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गाँधीजी ने किस मार्ग को अपनाने की सलाह दी और क्यों ? (v) स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए गाँधीजी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने के क्या परिणाम निकले ?
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1. (B) सर्वोदय का संदेश — गाँधीजी ने संसार को सर्वोदय का संदेश दिया था।
The full answer from Medha Ma’am → - Q12Case-based7 marksAsked: 2025
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए : पीने के पानी की समस्या दिनोंदिन भयावह रूप लेती जा रही है। इसका मुख्य कारण पारंपरिक जल स्रोतों का लगातार सूखते जाना, ज़मीन के अंदर जल स्तर का नीचे जाना और जल स्रोतों का प्रदूषित होना है। यही कारण है कि जिस गति से जनसंख्या बढ़ रही है लोगों को पीने के पानी की कमी होती जा रही है और यह समस्या सिर्फ शहरों में ही नहीं बल्कि गाँवों में भी अपने पाँव पसार रही है। नदियाँ और ज़मीन के भीतर का जमा जल ही मुख्य रूप से हमारे पारंपरिक जल स्रोत हैं। लेकिन बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण के कारण वैश्विक तापमान बढ़ने से पहाड़ों पर जमी बर्फ अब जल्दी पिघलने लगी है, जिससे नदियों में वर्षभर पानी नहीं आ पाता। बरसात की कमी या वर्षा जल का सही संरक्षण न हो पाने के कारण एक ओर ज़मीन उचित मात्रा में जल सोख नहीं पाती तो दूसरी ओर आधुनिक संयंत्रों से धरती और नदी के जल का अधिक दोहन होने लगा है। हर साल ज़मीन के नीचे जितना जल संचय नहीं होता उससे अधिक पानी खींच लिया जाता है। इस तरह सदियों से संचित जल का स्तर काफी नीचे चला गया है। सरकार अब वर्षा जल के संग्रहण के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रही है, जिसे 'जल-खेती' के नाम से जाना जाता है। वर्षा-जल संग्रहण, पारंपरिक जल स्रोतों के दोहन और जल प्रदूषण पर रोक लगाकर ही इसका समाधान किया जा सकता है। (i) गद्यांश के आधार पर पीने के पानी की समस्या का भयावह रूप धारण करने का कारण नहीं है : (A) पारंपरिक जल स्रोतों का सूखते जाना (B) भू-जल स्तर का निरंतर कम होना (C) जल स्रोतों का दिनोदिन प्रदूषित होना (D) वैश्विक स्तर पर जलवायु में परिवर्तन होना (ii) निम्नलिखित कथन और परिणाम को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : संचित जल से अधिक भू-जल विभिन्न माध्यमों से निकाला जा रहा है। परिणाम : भू-जल स्तर दिन प्रतिदिन नीचे जाता जा रहा है। विकल्प : (A) कथन सही है, लेकिन परिणाम गलत है। (B) कथन और परिणाम दोनों सही हैं। (C) कथन गलत है, लेकिन परिणाम सही है। (D) कथन और परिणाम दोनों गलत हैं। (iii) ‘जल-खेती’ से अभिप्राय है : (A) जल का संग्रहण (B) जल का संरक्षण (C) जल के लिए खेती (D) जल में खेती (iv) वैश्विक तापमान में वृद्धि का क्या दुष्प्रभाव देखने को मिल रहा है ? (v) धरती के जल स्तर में आने वाली गिरावट के कारणों की समीक्षा कीजिए।
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1. (i) सही विकल्प (D) वैश्विक स्तर पर जलवायु में परिवर्तन होना। गद्यांश में समस्या के मुख्य कारण पारंपरिक जल स्रोतों का सूखना, भू-जल स्तर का नीचे जाना और जल स्रोतों का प्रदूषित होना बताए गए हैं।
The full answer from Medha Ma’am → - Q13Case-based7 marksAsked: 2025
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए : (i) क्रोध धोखा कब देता है ? (A) क्रोध करने वाले के मनोभावों का ज्ञान न होने पर (B) कार्य-कारण के संबंध में भूल होने पर (C) कार्य-कारण के संबंध में विश्वास होने पर (D) दुख पहुँचाने वाले के व्यवहार का ज्ञान न होने पर (ii) गद्यांश के मूल भाव को व्यक्त करने वाला/वाले कथन कौन-सा/से है/हैं ? उचित विकल्प चुनकर लिखिए : I. बुद्धि और विवेक की भावना मनोविकारों पर अंकुश लगाते हैं। II. दुखदाता की शक्ति का विचार किए बिना अकेले भिड़ना मूर्खता है। III. आवश्यक और उचित मात्रा में किया गया क्रोध भी अनुचित है। IV. शत्रु के अहंकार मर्दन के लिए क्रोध जरूरी है। (A) केवल II सही है। (B) केवल IV सही है। (C) I और II दोनों सही हैं। (D) III और IV दोनों सही हैं। (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यान से पढ़िए और सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : कथन : कारण और परिस्थिति के अनुरूप किया गया क्रोध ही उपयुक्त है। कारण : परिस्थिति के अनुरूप बुद्धि का प्रयोग कर, परिमित क्रोध करने से भयंकर दुष्परिणामों से बचा जा सकता है। विकल्प : (A) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं। (B) कारण ग़लत है, लेकिन कथन सही है। (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है। (D) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है। (iv) क्रोध को अंधा क्यों कहा गया है ? (v) क्रोध कब अनर्थकारी रूप धारण कर लेता है ?
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1. (i) विकल्प (B) कार्य-कारण के संबंध में भूल होने पर - क्रोध तब धोखा देता है जब व्यक्ति कार्य और कारण के संबंध में भूल कर बैठता है।
The full answer from Medha Ma’am → - Q14Case-based7 marksAsked: 2025
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर लिखिए : भोजन की बर्बादी से तात्पर्य उस भोजन से है जिसे खाया नहीं जाता और फेंक दिया जाता है। अनेक लोग अधिक मात्रा में भोजन खरीदते हैं और समाप्ति तिथि के बाद खोले बिना ही उसे फेंक दिया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन द्वारा प्रकाशित आँकड़ों के अनुसार दुनियाभर में हर साल 1-3 अरब टन भोजन बर्बाद हो जाता है। यह आँकड़ा मानव उपयोग के लिए बनाए गए सभी खाद्य पदार्थों का एक-तिहाई है। दुनिया भर में लगभग एक अरब लोग कुपोषित या भूखे हैं। हम जिस भोजन को बर्बाद करने की प्रवृत्ति रखते हैं उसका केवल एक-चौथाई हिस्सा ही उन्हें ठीक से खिलाने में मदद कर सकता है। हमारे ग्रह पर उभर रही इस बड़ी समस्या का समाधान माँग के साथ खाद्य उत्पादन को संतुलित करना, खाद्य संचयन, भंडारण, प्रसंस्करण और वितरण प्रणालियों को बेहतर बनाना है। बर्बादी को सीमित करने के लिए अत्यधिक बिक्री को भी कम किया जा सकता है। प्रत्येक व्यक्ति एक योजना के साथ भोजन खरीदे और तैयार करे ताकि कम भोजन बर्बाद हो। खाद्य पुनर्चक्रण सबसे ज्ञात समाधानों में से एक है। भोजन की बर्बादी पृथ्वी ग्रह पर सबसे बड़ी समस्याओं में से एक रही है जिसमें पृथ्वी को काफी हद तक प्रभावित किया है। इस समस्या को नियंत्रित कर आने वाली पीढ़ियों को भविष्य में होने वाली बड़ी समस्याओं जैसे ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीन हाउस गैसों की पहुँच के कारण जलवायु परिवर्तन से बचा सकती है। खाद्य प्रणालियों की दक्षता में वृद्धि और भोजन की बर्बादी में कमी लाने के लिए नवाचार टेक्नोलॉजी व बुनियादी ढाँचे के संसाधनों में निवेश की आवश्यकता है। बर्बाद भोजन को कूड़ा खाद के रूप में इस्तेमाल करके भी पर्यावरण पर इसके दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है। (i) इस गद्यांश में लेखक की चिंता का विषय है : (A) वैश्विक स्तर पर बढ़ता प्रदूषण का स्तर (B) वैश्विक स्तर पर लोगों का कुपोषित होना (C) विश्व स्तर पर होने वाली भोजन की बर्बादी (D) विश्व की एक-तिहाई आबादी का भूखे रहना (ii) मानवीयता के साथ-साथ भोजन की बर्बादी प्रभावित करती है : (A) पर्यावरण को (B) जीव-जंतुओं को (C) अर्थव्यवस्था को (D) समाज को (iii) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यान से पढ़िए और सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए : कथन : भोजन की बर्बादी जलवायु परिवर्तन का भी कारक है। कारण : भूमि पर फेंका गया भोजन तीव्र मात्रा में ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन करता है। विकल्प : (A) कथन और कारण दोनों ग़लत हैं। (B) कारण सही है, लेकिन कथन ग़लत है। (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है। (D) कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है। (iv) भोजन की बर्बादी पर्यावरण को किस प्रकार क्षति पहुँचाती है ? इसे किस प्रकार कम किया जा सकता है ? (v) भोजन की बर्बादी से आप क्या समझते हैं और इसके क्या कारण हैं ?
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1. (i) (C) विश्व स्तर पर होने वाली भोजन की बर्बादी।
The full answer from Medha Ma’am → - Q15Case-based7 marksAsked: 2025
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए- रंगमंच की दुनिया में मोबाइल थियेटर अछूता नाम नहीं और असम में तो ये मनोरंजन का दूसरा नाम है। देश ही नहीं दुनिया भर में अपनी तरह का अनोखा, चलता-फिरता रंगमंच जो खानाबदोश जिंदगी जीता है। जिसका आज यहाँ ठौर, तो कल वहाँ ठिकाना इसलिए इसे भ्रमण थियेटर भी कहते हैं। असम में फिल्मों से ज्यादा मोबाइल थियेटर लोकप्रिय है। असम के लेखकों और कलाकारों के लिए ये थियेटर किसी संजीवनी से कुछ कम नहीं हैं। ट्रकों पर खाने-पीने से लेकर स्टेज, कुर्सी, पोशाक, तकनीकी उपकरणों समेत सारे सामानों से लदकर ये आठ से नौ महीनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लगातार प्रदर्शन करते हैं। रूपरेखा भले ही नाटक की हो, पर इसका स्टाइल पूरा फिल्मी है। फिल्मों की तरह इन थियेटरों में दिखाए जाने वाले नाटकों का भी बैनर, पोस्टर लगाकर खूब प्रचार होता है। थियेटर शब्द सुनकर आमतौर पर गंभीर विषयवस्तु और श्वेत-श्याम स्टेज के नाटकों का खाका मस्तिष्क में उभरता है। ये घुमक्कड़ रंगमंच मंचन भले ही नाटकों का करते हैं, लेकिन इनमें पटकथा से लेकर नाच-गाना, एक्शन, इमोशन हर तरह का फिल्मी मसाला होता है। अभिनय और प्रस्तुति के मामले में यहाँ मनोरंजन से कोई समझौता नहीं होता। टी.वी., केबल चैनलों और नई तकनीकों का इसके बाज़ार पर भी असर पड़ा है। बाज़ार और तकनीकी चहलकदमी ने इसका रूप ही नहीं रुख भी बदल दिया है लेकिन फिर भी इंटरनेट की तकनीकी आँधी इसके तंबू को उखाड़ नहीं पाई है। इसकी वजह है इसकी विविधता में वास्तविकता। पुरानी लाइटिंग, साउंड, तकनीकी उपकरणों के बावजूद इनके सेट एकदम असली लगते हैं और उस पर कलाकारों की जीवंत और उम्दा प्रस्तुति की तो बात ही क्या! अपनी मौलिकता की वजह से समय की रेत पर आज भी अपनी पहचान के साथ स्थिर खड़ा है। (i) मोबाइल थियेटर से क्या अभिप्राय है? (A) मोबाइल पर देखे जाने वाला थियेटर (B) मोबाइल की सहायता से बना थियेटर (C) चलते-फिरते देखे जाने वाला थियेटर (D) चलता-फिरता थियेटर (ii) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यान से पढ़िए और उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : कथन : असम के लेखकों, कलाकारों के लिए मोबाइल थियेटर संजीवनी है। कारण : मोबाइल थियेटर उन्हें आत्मिक, सामाजिक और आर्थिक संतुष्टि प्रदान करता है। विकल्प : (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं। (B) कारण सही है किंतु कथन गलत है। (C) कथन सही है किंतु कारण कथन की गलत व्याख्या करता है। (D) कथन तथा कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या करता है। (iii) मोबाइल थियेटर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं : (I) मोबाइल थियेटर फिल्मी मसालों से युक्त होते हैं। (II) मोबाइल थियेटर असम में मनोरंजन का एकमात्र साधन हैं। (III) बाज़ारवाद और तकनीक का प्रभाव मोबाइल थियेटरों पर भी पड़ा है। विकल्प : (A) केवल (II) सही है। (B) केवल (III) सही है। (C) (I) और (II) सही हैं। (D) (I) और (III) सही हैं। (iv) मोबाइल थियेटर पारंपरिक थियेटर से किस प्रकार भिन्न हैं? 25-30 शब्दों में लिखिए। (v) समय की रेत पर मोबाइल थियेटर की पहचान को स्थिर रखने वाली कौन-सी विशेषता है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए।
- Q16Case-based7 marksAsked: 2025
2. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : जलवायु परिवर्तन के साथ जैसे-जैसे मौसम का ‘पैटर्न’ समुद्र के स्तर को प्रभावित कर रहा है, नदी प्रणालियों में भूकम्प से होने वाले महाविनाशकारी परिवर्तनों को समझना अपरिहार्य हो चला है। धरती लगातार हिल रही है। पहाड़ों में दरारें पड़ रही हैं। नदियाँ वैसे भी, विशेष रूप से मार्ग और प्रवाह में परिवर्तन के प्रति संवेदनशील होती हैं। भूकम्प से नदी मार्ग में परिवर्तन के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं, जिससे संपत्ति, कृषि और बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान पहुँच सकता है। हाल में, जब अध्येताओं की एक टीम ने ढाका से सौ किलोमीटर दक्षिण में नदी की पुरानी मुख्यधारा खोजने के लिए सैटेलाइट चित्रों का इस्तेमाल किया तो उस इलाके में भूकम्पीय संकेत-चिह्न मिले। इस क्षेत्र में गंगा और ब्रह्मपुत्र की प्लेटें करीब होने से यहाँ अक्सर तेज भूकम्प आते रहते हैं। डेल्टा वाले नदी क्षेत्र में उच्च तीव्रता का भूकम्प आने पर प्रवाह का रास्ता पूरी तरह बदल सकता है। वहाँ तबाही इसलिए बहुत भयावह होगी, क्योंकि अब उस क्षेत्र में लाखों की घनी बसावट है। भूकम्पीय गतिविधियों और नदियों के प्रवाह पर बारीक नजर रखे हुए वैज्ञानिक लगातार ऐसे जोखिम वाले तमाम वैश्विक क्षेत्रों की पहचान करने में जुटे हैं। सब कुछ के बावजूद, किसी भूकम्प के सटीक मापदंडों या किसी भी क्षण नदी के बहाव के बारे में पूर्वानुमान लगाना असंभव है। (i) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए : कथन : नदी प्रणालियों में भूकम्पीय विनाशकारी बदलावों को समझना अनिवार्य हो गया है। कारण : भूकम्प से नदी मार्ग में परिवर्तन के विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं। विकल्प : (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं। (B) कथन सही है लेकिन कारण गलत है। (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है। (D) कथन गलत है किंतु कारण सही है। (ii) अध्ययनकर्ताओं को ढाका के दक्षिण में नदी की मुख्यधारा खोजते हुए क्या जानकारी मिली? (A) उस क्षेत्र के पहाड़ों में दरारें मिलीं (B) उस क्षेत्र की संवेदनशीलता की जानकारी मिली (C) नदी की पुरानी मुख्यधारा इस क्षेत्र से गायब हो चुकी है (D) उस इलाके में नदी की पुरानी मुख्यधारा के संकेत-चिह्न मिले (iii) डेल्टा वाले क्षेत्र में तीव्र भूकम्प आने से होगा : (I) नदी-मार्ग बदल सकता है (II) भयानक तबाही होगी (III) उन क्षेत्रों में घनी बसावट हो सकती है (IV) वहाँ अक्सर तेज भूकम्प आते रहेंगे विकल्प : (A) I - II (B) II - III (C) III - IV (D) I - IV (iv) भूकम्प के सटीक मापदंड और नदी के बहाव का पूर्वानुमान लगाना असंभव क्यों है? किन्हीं दो बिंदुओं का उल्लेख कीजिए। (v) पृथ्वी में हो रही लगातार भीतरी हलचल के कौन-से परिणाम हो रहे हैं और हो सकते हैं?
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1. (i) (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की सही व्याख्या है।
The full answer from Medha Ma’am → - Q17Case-based7 marksAsked: 2025
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : पिता हमेशा रूक्ष नहीं होता, सदैव कठोर व्यवहार से घर को संचालित नहीं करता क्योंकि वह भीतर से सौम्य प्रकृति का होता है। पिता का प्रेम दिखाई नहीं देता, उसे महसूस किया जा सकता है। बाहर से कठोर दिखाई देने वाला पिता भीतरी स्तर पर अत्यंत भावुक होता है। जिस घर में पिता बच्चों के साथ बातचीत करता है, हँसता-बोलता है, उनके सभी क्रियाकलापों में सहयोग करता है, उसी घर में बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास उचित रूप से हो पाता है। अच्छी और सुसंस्कृत संतान हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है। बच्चों के पालन-पोषण में दोनों समान भूमिका निभाते हैं। आज का युग इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है, जहाँ माता-पिता दोनों कामकाजी हैं। भागदौड़ भरी जिन्दगी में घर के साथ दफ्तर भी सँभालना होता है। ऐसे में केवल माँ के भरोसे घर और बच्चों को छोड़ना सही नहीं है। दोनों के सहयोग से ही घर को सँभाल पाना संभव होता है। पिता का दायित्व आज दफ्तर की सीमा से निकलकर घर तक आ गया है। बच्चों को सुबह उठाकर स्कूल भेजने से लेकर होमवर्क करवाने तक सभी कार्यों में उसकी समान भागीदारी आज अपेक्षित है। आज नई पीढ़ी के युवा घर में इन जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते देखे जा सकते हैं। वर्तमान समय में पढ़े-लिखे कामकाजी-एकल परिवार में व्यक्ति का जीवन दबाव में ही दिखता है, चाहे वह पढ़ाई का हो, कैरियर का हो अथवा कार्यक्षेत्र में हो। परिवार का खुशनुमा और परस्पर सौहार्दपूर्ण वातावरण उस दबाव से बाहर निकलने में सहायक बनता है। (I) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए और उत्तर लिखिए। कथन : पिता सदैव कठोर व्यवहार से घर को संचालित नहीं करता। कारण : बच्चों की गतिविधियों में पिता की सौम्यतापूर्ण भागीदारी और सहयोग रहता है। विकल्प : (A) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है। (B) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं। (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है। (D) कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता। (II) अच्छी और सुसंस्कृत संतान के लिए अपेक्षित है - (A) बच्चों के पालन-पोषण में केवल माता की सहभागिता (B) बच्चों के पालन-पोषण में केवल पिता की सहभागिता (C) बच्चों के पालन-पोषण में माता-पिता दोनों की सहभागिता (D) बच्चों के पालन-पोषण में समाज की सहभागिता (III) आज की युवा पीढ़ी में कौन-सा सकारात्मक परिवर्तन आया है ? (A) युवा माता-पिता दोनों का कामकाजी होना। (B) बच्चों की परवरिश में माता को पिता का पूर्ण सहयोग मिलना। (C) एकल परिवारों का चलन दिन-प्रतिदिन बढ़ना। (D) एकल परिवारों में बच्चों का जल्दी परिपक्व होना। (IV) माता-पिता पर अपनी संतान को लेकर कौन-कौन से दबाव हैं ? इन दबावों से आप अपने माता-पिता को मुक्ति कैसे दिलवा सकते हैं ? (V) पिता की कौन-सी दो विरोधी बातें परिवार को सही दिशा में ले जाती हैं ?
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1. (I) उत्तर : (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है।
The full answer from Medha Ma’am → - Q18Case-based7 marksAsked: 2025
निम्नलिखित गद्यांश पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : हर्बल-ऑर्गेनिक (जैविक) आहार ऐसे आहार होते हैं जो प्राकृतिक रूप से शुद्ध और ताज़ा होते हैं और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। परंपरागत व्यंजन, पेय पदार्थ, फल-सब्जियाँ और मसाले ऋतु के अनुसार हमारे भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। परंपरागत और स्वदेशी भोजन एवं पेय पदार्थ पाश्चात्य फास्टफूड एवं रसायन युक्त कोल्ड ड्रिंक्स के शानदार विकल्प हैं। सरकार, व्यापारियों और दुकानदारों को नया कुछ भी नहीं करना है। बस उन्हें पहले से स्थापित भोजनालयों, दुकानों एवं शैक्षणिक संस्थाओं, कम्पनी कार्यालयों की कैंटीनों, मॉल्स तक इनको पहुँचाना है। परंपरागत खाद्य पदार्थों के साथ ऑर्गेनिक खाद्य एवं पेय पदार्थों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए। ऑर्गेनिक फलों और सब्जियों के ताज़ा जूस, सूप, शेक, दूध, छाछ, लस्सी, शरबत, ठंडाई, हर्बल चाय, जौ, गेहूँ, मक्का या बाजरे की राबड़ी, नींबू की शिकंजी के साथ ऑर्गेनिक फल भी उपभोक्ताओं को उपलब्ध करवाए जा सकते हैं। साधारण ढाबों से लेकर पाँच सितारा होटलों तक शरबत, नारियल पानी, जुवारे का जूस, तरबूज का जूस, सत्तू और छाछ जैसे पेय पदार्थों को उपलब्ध करवाकर इनको उपभोक्ताओं में लोकप्रिय बनाया जा सकता है। पृथक से हर्बल फूड सेंटर बनाकर वहाँ ऑर्गेनिक हरी सब्जियों, दालों एवं मिलेट्स से निर्मित भोजन भी उपलब्ध करवाया जा सकता है। अंकुरित दालें, अनाज, दही, मक्खन, मक्का की घाट को भी लोकप्रिय बनाया जा सकता है। भारतीय स्वदेशी परंपरागत पेय पदार्थ, व्यंजन एवं मिष्ठान, बाजार में लोकप्रिय होने से स्वदेशीकरण, समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। इस तरह के सेंटरों की मदद से रोजगार के अवसर तो बढ़ेंगे ही रासायनिक खेती से खराब होते खेतों और मानव स्वास्थ्य को भी बचाया जा सकता है। (I) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए और उत्तर लिखिए। कथन : स्वदेशी, परंपरागत और जैविक खाद्य और पेय पदार्थों की लोकप्रियता से देश की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। कारण : स्वदेशीकरण किसानों की समृद्धि और देश की आत्मनिर्भरता का आधार है। विकल्प : (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं। (B) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है। (C) कथन सही और कारण उसकी सही व्याख्या है। (D) कथन गलत है, किंतु कारण सही है। (II) फास्टफूड एवं रसायन युक्त पेय पदार्थों से बचने के लिए - (A) स्वदेशी भोजन एवं परंपरागत पेय का उपयोग करारा जवाब है। (B) हर्बल-ऑर्गेनिक सामान सहजता से उपलब्ध करवाना होगा। (C) हर्बल-ऑर्गेनिक पेय एवं खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं। (D) पाँच सितारा होटलों में ऑर्गेनिक टैग लगा भोजन खाना बेहतर है। (III) परंपरागत भोजन को लोकप्रिय कैसे बनाया जा सकता है ? i. उपलब्धता बढ़ाकर ii. प्रचार-प्रसार द्वारा iii. बिक्री की विशेष व्यवस्था करके iv. घर-घर मुफ्त ऑर्गेनिक सामान बाँटकर विकल्प : (A) ii - iii (B) iii - iv (C) i - iv (D) i - iii (IV) आत्मनिर्भर भारत का सपना कैसे पूरा होगा ? (V) हर्बल फूड सेंटर कहाँ-कहाँ लाभदायक होंगे ?
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1. (I) (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है।
The full answer from Medha Ma’am → - Q19Case-based7 marksAsked: 2025
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : माता-पिता द्वारा प्रदत्त संस्कार जीवनभर संतान के साथ रहते हैं । वे पालक हैं, पोषक हैं, साथ ही रक्षक भी हैं । घर-परिवार की जिम्मेदारियों को कुशलता से निभाने का दायित्व उनके कंधों पर ही है । जीवन में अनुशासन रखना कठिन कार्य है, इसमें व्यक्ति को आराम नहीं मिलता । किसी को भी अनुशासित रहना अर्थात् बंधे हुए जीना पसन्द नहीं आता । लेकिन सच्चाई यही है कि बिना अनुशासन के जीवन में संतुलन नहीं रह पाता और हम अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं । इस बात को पतंग के उदाहरण से समझ सकते हैं । एक उड़ती हुई पतंग आसमान पर तब तक राज करती है, जब तक वह डोर से बँधी है । कट जाने पर वह अपना अस्तित्व खो देती है । हमारे जीवन में अनुशासन की यह डोर माता-पिता के हाथों में रहती है । वे ही जीवन को अनुशासित करते हैं । जो बच्चे अनुशासित जीवन जीते हैं, वे आगे जाकर सफल व्यक्ति बन जाते हैं । माता भावनात्मक रूप से साथ जुड़ती है, पिता संघर्षों में ढाल बनकर उसको मजबूती प्रदान करता है । पिता-पुत्र, पिता-पुत्री, सभी रिश्तों में गरिमा, अनुशासन, सामंजस्य है, प्रेम है तभी जीवन में सुख बरसता है । माता-पिता की भूमिका जीवन में उस समय और महत्त्वपूर्ण हो जाती है, जब आप कठिन परिस्थितियों में उचित निर्णय नहीं ले पाते । उनके मार्गदर्शन में ही जीवन की गहराइयों की समझ व्यक्ति को हो पाती है । (I) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए। दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनिए और उत्तर लिखिए। कथन : रिश्तों की गरिमा, अनुशासन, ताल-मेल और प्रेम परिवार के लिए अपेक्षित है। कारण : वही सुखी जीवन का रहस्य है। विकल्प : (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं। (B) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है। (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है। (D) कथन गलत है, किंतु कारण सही है। (II) जीवन को परिपक्व बनाता है (A) जीवन संघर्ष (B) माता-पिता का मार्गदर्शन (C) गुरु के दिशा-निर्देश (D) मित्रों का साथ (III) गद्यांश में पतंग का उदाहरण किस उद्देश्य से दिया गया है ? (A) जीवन में स्वतंत्रता का महत्त्व दर्शाने के । (B) जीवन में माता-पिता का महत्त्व दर्शाने के । (C) पतंग की तरह आकाश-सा ऊँचा लक्ष्य पाने के । (D) जीवन में अनुशासन का महत्त्व दर्शाने के । (IV) अनुशासन का जीवन में क्या महत्त्व है ? कोई दो बिंदु लिखिए । (V) बच्चों की परवरिश में माता-पिता का सहयोग किस प्रकार मिलता है ?
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1. (I) (C) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है।
The full answer from Medha Ma’am → - Q20Case-based7 marksAsked: 2025
2. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : धरती के भीतर होने वाले कंपन कई बार नदियों का मार्ग बदल चुके हैं । ऐसे में नदी कभी-कभी अपने मूल स्थान से मीलों दूर चली जाती है । इससे तटवर्ती नगरों-महानगरों के निर्माण तो ध्वस्त होते ही हैं, एक बड़े परिक्षेत्र की कृषि योग्य भूमि भी जलमग्न हो जाती है । अपने सबसे घातक और विनाशकारी रूप में आने वाला भूकंप सड़कों, राजमार्गों को तोड़ते हुए पूरे परिदृश्य को मौलिक रूप से बदलने के साथ ही, नई-नई झीलें भी बना सकता है । विश्व में अनेक ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों में घनी आबादी बसती है और नदियाँ भी बहती हैं । वहाँ गंभीर संकट मुँह बाए खड़ा है । यह जोखिम भरी स्थिति है । जब धरती की सतह के भीतर टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे के विरुद्ध घिसती हैं या खिसकती हैं, तो वे कंपन पैदा करती हैं और धरती पर भूकंप आता है, और जब इसका केन्द्र नदी के करीब होता है तो अनेक बार नदी अपना रास्ता बदल देती है, भारी तबाही लाती है । चीन, भारत और जापान में आया भूकंप इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है जो जान-माल की हानि का कारण बना । नदी के बदलावों के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में विकास को सीमित कर, बाढ़ के मैदानों को खुली जगह या कृषि भूमि में वर्गीकृत कर विज्ञान और सतर्कता से इनका सामना किया जा सकता है । (I) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए । दिए गए विकल्पों में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए । • कथन : भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में घनी आबादी का बसना जोखिमपूर्ण है । • कारण : प्राकृतिक आपदा के समय जान-माल की रक्षा करना चुनौतीपूर्ण कार्य है । विकल्प : (A) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है । (B) कथन गलत है, किन्तु कारण सही है । (C) कथन सही है, लेकिन कारण गलत है । (D) कथन और कारण दोनों ही गलत हैं । (II) धरती की सतह पर भूकंप आने का कारण है - (A) नदियों द्वारा अपना रास्ता बदलना । (B) धरती के भीतर प्लेटों का प्रतिकूल दिशा में खिसकना । (C) मनुष्य द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जाना । (D) मनुष्य द्वारा प्रकृति को क्षति पहुँचाकर विकास कार्यों में तेजी लाना । (III) गद्यांश के मूल भावों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं ? (i) भूकंप के कारण नदियाँ अपना रुख बदल लेती हैं । (ii) विकास की गति को प्रतिबंधित कर भूकंप से बचा जा सकता है । (iii) विनाशकारी भूकंप धरती पर जल के नए स्रोतों को जन्म दे सकता है । (iv) मानवीय गतिविधियाँ नदियों को अपने मूल स्थानों से दूर ले जाने का कारण हैं । विकल्प : (A) (i) और (iv) सही हैं । (B) (ii) और (iv) सही हैं । (C) (ii) और (iii) सही हैं । (D) (i) और (iii) सही हैं । (IV) भूकंप के कारण नदी का मार्ग कैसे बदल जाता है ? (V) धरती के भीतर उठने वाले 'कंपन' को क्या कहते हैं और उसके क्या परिणाम होते हैं ?
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1. (I) (A) कथन सही है और कारण उसकी सही व्याख्या है ।
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Objective questions with the board’s key (10)
- 1. CBSE 2026
पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि की इसमें बराबर की हिस्सेदारी है । यह और बात है कि इस हिस्सेदारी में मानव जाति ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं । पहले पूरा परिवार एक परिवार के समान था, अब टुकड़ों में बँटकर एक दूसरे से दूर हो चुका है । पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिलजुलकर रहते थे, अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में जीवन सिमटने लगा है । बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है, पेड़ों को रास्तों से हटाना शुरू कर दिया है, फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है । बारूद की विनाशलीलाओं ने वातावरण को सताना शुरू कर दिया । अब गरमी में ज़्यादा गरमी, बेवक़्त की बरसातें, ज़लज़ले, सैलाब, तूफ़ान और नित नए रोग, मानव और प्रकृति के इसी असंतुलन के परिणाम हैं । नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है । नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था और यह नमूना इतना डरावना था कि बंबई निवासी डरकर अपने-अपने पूजा-स्थल में अपने खुदाओं से प्रार्थना करने लगे थे । अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर देने का आशय है -
- (A) धरती पर ऊँची-ऊँची इमारतों का निर्माण
- (B) धरती को देश की सीमाओं में बाँधना
- (C) प्रकृति के अन्य जीवों और तत्त्वों से दूरी ✓
- (D) बुद्धि-बल से प्रकृति को नियंत्रित करना
Answer: (C)
- 2. CBSE 2026
पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि की इसमें बराबर की हिस्सेदारी है । यह और बात है कि इस हिस्सेदारी में मानव जाति ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं । पहले पूरा परिवार एक परिवार के समान था, अब टुकड़ों में बँटकर एक दूसरे से दूर हो चुका है । पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिलजुलकर रहते थे, अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में जीवन सिमटने लगा है । बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है, पेड़ों को रास्तों से हटाना शुरू कर दिया है, फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है । बारूद की विनाशलीलाओं ने वातावरण को सताना शुरू कर दिया । अब गरमी में ज़्यादा गरमी, बेवक़्त की बरसातें, ज़लज़ले, सैलाब, तूफ़ान और नित नए रोग, मानव और प्रकृति के इसी असंतुलन के परिणाम हैं । नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है । नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था और यह नमूना इतना डरावना था कि बंबई निवासी डरकर अपने-अपने पूजा-स्थल में अपने खुदाओं से प्रार्थना करने लगे थे । बंबई निवासी ईश्वर से प्रार्थना क्यों करने लगे ?
- (A) ईश्वर की प्रार्थना करना उनका दैनिक कर्म था ।
- (B) प्रार्थना करके वे अपने-अपने पूजा-स्थलों को बचा सकते थे ।
- (C) वे अपने तरीके से अपने प्रार्थना की शक्ति परखना चाहते थे ।
- (D) प्रकृति के कोप को देखकर उन्हें अपना अस्तित्व संकट में लगा । ✓
Answer: (D)
- 3. CBSE 2026
पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि की इसमें बराबर की हिस्सेदारी है । यह और बात है कि इस हिस्सेदारी में मानव जाति ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं । पहले पूरा परिवार एक परिवार के समान था, अब टुकड़ों में बँटकर एक दूसरे से दूर हो चुका है । पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिलजुलकर रहते थे, अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में जीवन सिमटने लगा है । बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है, पेड़ों को रास्तों से हटाना शुरू कर दिया है, फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है । बारूद की विनाशलीलाओं ने वातावरण को सताना शुरू कर दिया । अब गरमी में ज़्यादा गरमी, बेवक़्त की बरसातें, ज़लज़ले, सैलाब, तूफ़ान और नित नए रोग, मानव और प्रकृति के इसी असंतुलन के परिणाम हैं । नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है । नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था और यह नमूना इतना डरावना था कि बंबई निवासी डरकर अपने-अपने पूजा-स्थल में अपने खुदाओं से प्रार्थना करने लगे थे । निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : मानव और प्रकृति के बीच बढ़ते असंतुलन का मुख्य कारण मानव की बढ़ती स्वार्थपरता है । कारण : बुद्धि के विकास ने ही मानव को अच्छे-बुरे का ज्ञान करवाया जिससे अंततः पर्यावरण सकारात्मक रूप से प्रभावित हुआ । विकल्प :
- (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
- (B) कथन गलत है, लेकिन कारण सही है ।
- (C) कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की गलत व्याख्या करता है । ✓
- (D) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है ।
Answer: (C)
- 4. CBSE 2026
पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि की इसमें बराबर की हिस्सेदारी है । यह और बात है कि इस हिस्सेदारी में मानव जाति ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं । पहले पूरा परिवार एक परिवार के समान था, अब टुकड़ों में बँटकर एक दूसरे से दूर हो चुका है । पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिलजुलकर रहते थे, अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में जीवन सिमटने लगा है । बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है, पेड़ों को रास्तों से हटाना शुरू कर दिया है, फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है । बारूद की विनाशलीलाओं ने वातावरण को सताना शुरू कर दिया । अब गरमी में ज़्यादा गरमी, बेवक़्त की बरसातें, ज़लज़ले, सैलाब, तूफ़ान और नित नए रोग, मानव और प्रकृति के इसी असंतुलन के परिणाम हैं । नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है । नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था और यह नमूना इतना डरावना था कि बंबई निवासी डरकर अपने-अपने पूजा-स्थल में अपने खुदाओं से प्रार्थना करने लगे थे । प्रकृति के असंतुलन का परिणाम नहीं है
- (A) मौसम चक्र में परिवर्तन
- (B) विकास-दर में वृद्धि ✓
- (C) प्राकृतिक आपदाओं में बढ़ोतरी
- (D) नए-नए रोगों की उत्पत्ति
Answer: (B)
- 5. CBSE 2026
पंछी, मानव, पशु, नदी, पर्वत, समंदर आदि की इसमें बराबर की हिस्सेदारी है । यह और बात है कि इस हिस्सेदारी में मानव जाति ने अपनी बुद्धि से बड़ी-बड़ी दीवारें खड़ी कर दी हैं । पहले पूरा परिवार एक परिवार के समान था, अब टुकड़ों में बँटकर एक दूसरे से दूर हो चुका है । पहले बड़े-बड़े दालानों-आँगनों में सब मिलजुलकर रहते थे, अब छोटे-छोटे डिब्बे जैसे घरों में जीवन सिमटने लगा है । बढ़ती हुई आबादियों ने समंदर को पीछे सरकाना शुरू कर दिया है, पेड़ों को रास्तों से हटाना शुरू कर दिया है, फैलते हुए प्रदूषण ने पंछियों को बस्तियों से भगाना शुरू कर दिया है । बारूद की विनाशलीलाओं ने वातावरण को सताना शुरू कर दिया । अब गरमी में ज़्यादा गरमी, बेवक़्त की बरसातें, ज़लज़ले, सैलाब, तूफ़ान और नित नए रोग, मानव और प्रकृति के इसी असंतुलन के परिणाम हैं । नेचर की सहनशक्ति की एक सीमा होती है । नेचर के गुस्से का एक नमूना कुछ साल पहले बंबई में देखने को मिला था और यह नमूना इतना डरावना था कि बंबई निवासी डरकर अपने-अपने पूजा-स्थल में अपने खुदाओं से प्रार्थना करने लगे थे । 'पहले पूरा संसार एक परिवार के समान था' - का भाव है
- (A) पहले संसार परिवार की सीमाओं में नहीं बँटा था ।
- (B) पहले संसार में अलग-अलग देश ही नहीं थे ।
- (C) पहले लोग मानव और प्रकृति के संबंधों से अनजान थे ।
- (D) पहले के लोग सह-अस्तित्व का सम्मान करते थे । ✓
Answer: (D)
- 6. CBSE 2026
गिरि का गौरव गाकर झर-झर मद में नस-नस उत्तेजित कर मोती की लड़ियों-से सुंदर झरते हैं झाग भरे निर्झर! गिरिवर के उर से उठ-उठकर उच्चाकांक्षाओं से तरुवर हैं झाँक रहे नीरव-नभ पर अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर । ‘अनिमेष’ का अर्थ नहीं है
- (A) एकटक
- (B) लगातार
- (C) निर्निमेष
- (D) झाँकना ✓
Answer: (D)
- 7. CBSE 2026
गिरि का गौरव गाकर झर-झर मद में नस-नस उत्तेजित कर मोती की लड़ियों-से सुंदर झरते हैं झाग भरे निर्झर! गिरिवर के उर से उठ-उठकर उच्चाकांक्षाओं से तरुवर हैं झाँक रहे नीरव-नभ पर अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर । पद्यांश में किसकी तुलना मोती की लड़ियों से की गई है ?
- (A) महाकार पर्वत की
- (B) झाग भरे झरने की ✓
- (C) निर्मल ताल की
- (D) विशाल वृक्ष की
Answer: (B)
- 8. CBSE 2026
गिरि का गौरव गाकर झर-झर मद में नस-नस उत्तेजित कर मोती की लड़ियों-से सुंदर झरते हैं झाग भरे निर्झर! गिरिवर के उर से उठ-उठकर उच्चाकांक्षाओं से तरुवर हैं झाँक रहे नीरव-नभ पर अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर । ‘नीरव-नभ’ का आशय है
- (A) बिना बादल का आकाश
- (B) बादलों से भरा आकाश
- (C) बादल रहित शांत आकाश ✓
- (D) तेज़ हवा से युक्त आकाश
Answer: (C)
- 9. CBSE 2026
गिरि का गौरव गाकर झर-झर मद में नस-नस उत्तेजित कर मोती की लड़ियों-से सुंदर झरते हैं झाग भरे निर्झर! गिरिवर के उर से उठ-उठकर उच्चाकांक्षाओं से तरुवर हैं झाँक रहे नीरव-नभ पर अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर । पेड़ ‘चिंतापर’ क्यों दिखाई दे रहे हैं ?
- (A) वे आकाश जैसी ऊँचाई पाने के लिए विचारमग्न हैं । ✓
- (B) पर्वतों की आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर पा रहे हैं ।
- (C) पर्वतों से झरने वाले झरनों की गति से भयभीत हैं ।
- (D) नीरव-नभ का रूप उन्हें आश्चर्यचकित कर रहा है ।
Answer: (A)
- 10. CBSE 2026
गिरि का गौरव गाकर झर-झर मद में नस-नस उत्तेजित कर मोती की लड़ियों-से सुंदर झरते हैं झाग भरे निर्झर! गिरिवर के उर से उठ-उठकर उच्चाकांक्षाओं से तरुवर हैं झाँक रहे नीरव-नभ पर अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर । निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों के सही उत्तर चुनकर लिखिए : कथन : एकाग्रता, अटल विश्वास और लक्ष्य पर दृष्टि सफल होने के सहायक तत्त्व हैं । कारण : जीवन में सफलता बिना प्रयास के भाग्य से स्वयं ही प्राप्त हो जाती है । विकल्प : (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं । (B) कथन और कारण दोनों सही हैं । (C) कथन गलत है, परंतु कारण सही है । (D) कथन सही है, किंतु कारण गलत है ।
- (A) कथन और कारण दोनों गलत हैं ।
- (B) कथन और कारण दोनों सही हैं ।
- (C) कथन गलत है, परंतु कारण सही है ।
- (D) कथन सही है, किंतु कारण गलत है । ✓
Answer: (D)
Questions parents and students ask
- How many marks does "अपठित गद्यांश" carry in CBSE Class 10 Hindi B?
- In the CBSE papers of 2023–2026, this chapter carried about 13 marks and about 4 questions a year; by marks it ranks 1 in Hindi B.
- Which are the most important (VVI) questions of "अपठित गद्यांश"?
- The 20 questions above are from the board’s real papers, each with the years it was asked; the most-asked come first with their full model answers. All 42 written questions of this chapter, with answers, are in the AskMedha app.
- Do the answers follow the board’s marking scheme?
- Yes. CBSE publishes its marking schemes; every model answer here is written point by point to the marks the board’s own scheme gives, and checked by a second, independent model.
The same preparation, with Medha Ma’am — on your phone
Every question of every chapter with its model answer, practice questions in the board’s own shapes, 60 minutes of class a day, written answers marked, a test every Sunday and a WhatsApp report to parents.
Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.