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बिहार बोर्ड 10वीं · विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027

अध्याय 16: प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन

बिहार बोर्ड (BSEB) के 2021–2026 के असली पेपरों से इस अध्याय के 10 सबसे ज़्यादा पूछे गए प्रश्न (VVI) — 3 के आदर्श उत्तर पूरे, 7 के उत्तर की पहली पंक्ति — और ऑब्जेक्टिव प्रश्न बोर्ड की उत्तर-कुंजी के साथ।

अंक हर साल (लगभग)
2
प्रश्न हर साल (लगभग)
1
विज्ञान में स्थान
#15

2021–2026 के 6 साल के पेपरों पर आधारित · पूरा अंक वितरण

अध्याय 16 के नोट्स (PDF) →

VVI प्रश्न — बोर्ड ने जिन्हें सबसे ज़्यादा बार पूछा (10)

  1. Q1दीर्घ उत्तरीय5 अंकपूछा गया: 2022, 2025

    जल संरक्षण एवं जल प्रबंधन के लिए क्या किया जाना चाहिए?

    मेधा मैम

    मेधा मैम

    AskMedha की AI शिक्षिका

    आदर्श उत्तर · जल संरक्षण एवं जल प्रबंधन

    1. 1.जल संरक्षण (water conservation) के लिए भविष्य हेतु छत पर वर्षा जल संग्रहण प्रणाली (rainwater harvesting system) का उपयोग किया जाना चाहिए जिससे घर की छतों से गिरने वाले वर्षा जल को एकत्र करके संरक्षित किया जा सके। इससे धरती पर पड़ने वाली प्रत्येक बूँद का संरक्षण संभव होता है और वर्षा जल व्यर्थ बहने के स्थान पर उपयोग में लाया जा सकता है।1 अंक
    2. 2.नदियों के जल को रोकने के लिए छोटे बाँधों एवं चेक डैम (check dams) का निर्माण किया जाना चाहिए। ये कंक्रीट अथवा छोटे कंकड़ पत्थरों द्वारा वर्षा ऋतु में पूरी तरह भर जाने वाली नालियों एवं प्राकृतिक जल मार्गों पर बनाए जाते हैं। इन छोटे बाँधों के अवरोध के कारण इनके पीछे मानसून का जल तालाबों में भर जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य जल संग्रहण नहीं बल्कि भूजल स्तर में सुधार करना है।1 अंक
    3. 3.सिंचाई के लिए ड्रिप सिंचाई (drip irrigation) और फव्वारा सिंचाई (sprinkler irrigation) जैसी आधुनिक जल-बचत तकनीकों को अपनाना चाहिए। इन तकनीकों के द्वारा पौधों की जड़ों तक सीधे जल पहुँचाया जाता है जिससे सिंचाई में होने वाली जल बर्बादी को रोका जा सकता है और उपलब्ध जल का समुचित उपयोग सुनिश्चित होता है।1 अंक
    4. 4.जल प्रदूषण (water pollution) को रोकने के लिए औद्योगिक कचरे और सीवेज को सीधे जल स्रोतों में नहीं बहाना चाहिए, बल्कि इन्हें उचित रूप से अपशिष्ट जल उपचार करके ही छोड़ना चाहिए। इसके साथ ही कम उपयोग, पुनः उपयोग एवं पुनः चक्रण की नीति अपनाकर जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकता है जिससे पर्यावरण पर पड़ने वाला दबाव भी कम होता है।1 अंक
    5. 5.वनीकरण (afforestation) को बढ़ावा देना चाहिए क्योंकि पेड़ मिट्टी की नमी बनाए रखते हैं और भूजल स्तर को बढ़ाते हैं। वनीकरण के साथ-साथ तालाब एवं चेक डैम जैसी छोटी संरचनाओं का निर्माण करने से वर्षा जल भूमि में अधिक मात्रा में रिसकर भूजल स्तर को बढ़ाता है, जिससे सूखी हुई नदियाँ भी पुनः जीवित हो जाती हैं।1 अंक
    • हर बिंदु में अंग्रेजी शब्द कोष्ठक में अवश्य लिखें जैसे rainwater harvesting, check dams, drip irrigation, water pollution, afforestation
    • बिंदु 2 और 5 दोनों में भूजल स्तर शब्द अवश्य लिखें पर अलग-अलग संदर्भ में
    • जल प्रदूषण वाले बिंदु में अपशिष्ट जल उपचार और पुनः उपयोग शब्द जरूर शामिल करें

    अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं

  2. Q2दीर्घ उत्तरीय5 अंकपूछा गया: 2025

    अपशिष्ट पदार्थों के चक्रण को उदाहरण देकर समझाएँ ।

    मेधा मैम

    मेधा मैम

    AskMedha की AI शिक्षिका

    आदर्श उत्तर · अपशिष्ट पदार्थों का चक्रण

    1. 1.अपशिष्ट पदार्थों का चक्रण (recycling) वह प्रक्रिया है जिसमें अनुपयोगी वस्तुओं जैसे प्लास्टिक, कागज़, काँच, धातु की वस्तुओं तथा ऐसे ही पदार्थों का पुनःचक्रण करके उपयोगी वस्तुएँ बनायी जाती हैं। इसके लिए पहले अपद्रव्यों को अलग करना होता है जिससे पुनःचक्रण योग्य वस्तुएँ दूसरे कचरे के साथ भराव क्षेत्र में न फेंकी जाएँ।1 अंक
    2. 2.अपशिष्ट पदार्थों का चक्रण पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है, क्योंकि जब तक अति आवश्यक न हो नया उत्पादन अथवा संश्लेषण विवेकपूर्ण नहीं है। 'कम उपयोग, पुनः उपयोग एवं पुनः चक्रण' की नीति अपनाकर प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण किया जा सकता है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण भी कम होता है।1 अंक
    3. 3.कागज के पुनर्चक्रण के उदाहरण में पुराने रद्दी कागज़ से नया कागज़ बनाया जाता है। इस प्रकार रद्दी कागज़ को अपद्रव्यों से अलग करके पुनःचक्रण के लिए भेजा जाता है, जिससे नये कागज़ के उत्पादन के लिए वनों से प्राप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन का अधिक दोहन नहीं करना पड़ता और संसाधनों का संरक्षण होता है।1.5 अंक
    4. 4.प्लास्टिक और धातु के कचरे को पिघलाकर नई वस्तुएँ बनाना भी अपशिष्ट चक्रण का एक उदाहरण है। प्लास्टिक की बोतलों, डिब्बों तथा धातु की वस्तुओं को अपद्रव्यों से अलग कर पिघलाया जाता है और उनसे नई उपयोगी वस्तुएँ तैयार की जाती हैं। इससे नये प्लास्टिक एवं धातु के उत्पादन में लगने वाले प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होता है।1.5 अंक
    • हर बिंदु में 'चक्रण' और 'संसाधन संरक्षण' शब्द अवश्य लिखें
    • कागज तथा प्लास्टिक-धातु वाले उदाहरण अलग-अलग बिंदुओं में स्पष्ट लिखें
    • अपद्रव्यों को अलग करने की बात अवश्य शामिल करें

    अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं

  3. Q3दीर्घ उत्तरीय5 अंकपूछा गया: 2026

    प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं प्रबंधन से आप क्या समझते हैं ?

    मेधा मैम

    मेधा मैम

    AskMedha की AI शिक्षिका

    आदर्श उत्तर · प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एवं प्रबंधन

    1. 1.प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हम संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करते हैं ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए उनकी उपलब्धता बनी रहे। हमें अपने संसाधनों के सावधानीपूर्वक की आवश्यकता है क्योंकि ये संसाधन असीमित नहीं हैं। जनसंख्या में तीव्र वृद्धि के कारण सभी संसाधनों की माँग भी कई गुना तेजी से बढ़ी है। अतः प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन करते समय दीर्घकालिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखना होगा कि ये अगली कई पीढ़ियों अर्थात् भावी पीढ़ी तक उपलब्ध हो सकें, जिससे संसाधनों का सतत उपयोग संभव हो सके।1.5 अंक
    2. 2.प्रबंधन का अर्थ संसाधनों का इस प्रकार व्यवस्थित उपयोग करना है जिससे पर्यावरण का संतुलन बना रहे और बर्बादी कम हो। संसाधनों के प्रबंधन का अर्थ उनका दोहन अथवा शोषण नहीं है, बल्कि इस प्रबंधन में इस बात को भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि इनका वितरण सभी वर्गों में समान रूप से हो, न कि मात्र मुट्ठी भर अमीर और शक्तिशाली लोगों को इनका लाभ मिले। 'कम उपयोग, पुनः उपयोग एवं पुनः चक्रण' की नीति अपनाकर हम पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को कम कर सकते हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहता है।1.5 अंक
    3. 3.प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए पुनर्चक्रण (Recycling) और पुनः उपयोग (Reuse) जैसी विधियों को अपनाना आवश्यक है। 'कम उपयोग, पुनः उपयोग एवं पुनः चक्रण' की नीति अपनाकर ही हम अपने संसाधनों जैसे वन, वन्य जीवन, कोयला एवं पेट्रोलियम का उपयोग संपोषित रूप से कर सकते हैं, जिससे इन संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित होकर भावी पीढ़ी के लिए भी इनकी उपलब्धता बनी रहती है।1 अंक
    4. 4.सतत विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संसाधनों का दोहन कम करना और प्रदूषण को नियंत्रित करना अनिवार्य है। जब हम इन संसाधनों का दोहन करते हैं तो हम पर्यावरण को क्षति पहुँचाते हैं, उदाहरण के लिए खनन से प्रदूषण होता है क्योंकि धातु के निष्कर्षण के साथ-साथ बड़ी मात्रा में धातुमल भी निकलता है। अतः संपोषित प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में अपशिष्टों के सुरक्षित निपटान की भी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे अत्यधिक दोहन और अपव्यय रुकें तथा संसाधनों का वितरण सभी वर्गों में समान रूप से हो सके।1 अंक
    • पहले पैराग्राफ में 'विवेकपूर्ण उपयोग', 'भविष्य की पीढ़ियों' और 'सतत उपयोग' शब्द अवश्य लिखें।
    • दूसरे पैराग्राफ में 'व्यवस्थित उपयोग', 'पर्यावरण संतुलन' और 'पुनर्चक्रण, पुनः उपयोग' शब्द लिखें।
    • चौथे पैराग्राफ में 'सतत विकास', 'दोहन', 'प्रदूषण नियंत्रण' और 'वितरण' शब्दों को जरूर शामिल करें।

    अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं

  4. Q4दीर्घ उत्तरीय5 अंकपूछा गया: 2026

    'चिपको आंदोलन' क्या है ? समझाकर लिखें।

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. चिपको आंदोलन पेड़ों को काटने से बचाने के लिए स्थानीय निवासियों द्वारा चलाया गया एक अहिंसक आंदोलन था। यह पर्यावरण संरक्षण तथा वनों की कटाई रोकने के उद्देश्य से चलाया गया आंदोलन था, जो स्थानीय निवासियों को वनों से अलग…

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →
  5. Q5दीर्घ उत्तरीय5 अंकपूछा गया: 2025

    अपशिष्ट पदार्थों के चक्रण को उदाहरण देकर समझाएं।

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. अपशिष्ट पदार्थों का चक्रण (recycling) वह प्रक्रिया है जिसका अर्थ है कि अनुपयोगी वस्तुओं जैसे प्लास्टिक, कागज़, काँच, धातु की वस्तुएँ तथा ऐसे ही पदार्थों का पुनःचक्रण करके उन्हें पुनः उपयोगी उत्पादों में बदला जाता है। जब…

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →
  6. Q6लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2024

    वन संरक्षण हेतु क्या कदम आवश्यक हैं ?

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. वन संरक्षण हेतु वनों की कटाई (वनोन्मूलन) पर रोक लगाना आवश्यक है क्योंकि वनों के विनाश से केवल वन की उपलब्धता ही प्रभावित नहीं होती वरन् मिट्टी की गुणवत्ता एवं जल स्रोत भी प्रभावित होते हैं। अतः वन संसाधनों का उपयोग इस…

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →
  7. Q7लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2026

    वाहनों के लिए उत्सर्जन-संबंधी मानदंड क्या हैं ?

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. वाहनों के लिए उत्सर्जन-संबंधी मानदंड वे सरकारी नियम हैं जो वाहनों से निकलने वाली हानिकारक गैसों और प्रदूषकों की मात्रा को सीमित करते हैं। इन मानकों को यूरो (Euro) मानक कहा जाता है, जैसे यूरो-I एवं यूरो-II मानक, जिनका…

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →
  8. Q8लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2026

    जल-संचयन क्या है ?

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. जल-संचयन (water harvesting) वर्षा के जल को एकत्रित करके उसे भविष्य में उपयोग के लिए संरक्षित करने की प्रक्रिया है। इसमें छोटे-छोटे गड्ढे खोदना, झीलों का निर्माण, साधारण जल संभर व्यवस्था की स्थापना, मिट्टी के छोटे बाँध…

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →
  9. Q9लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2022

    हम जल संसाधन का संरक्षण कैसे कर सकते हैं ?

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. हम जल संसाधन का संरक्षण वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) द्वारा कर सकते हैं अर्थात् वर्षा जल को एकत्रित व संचित करना। इससे भूजल स्तर बढ़ जाता है तथा नदी भी पुनः जीवित हो जाती है।

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →
  10. Q10लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2022

    भूमिगत जल के किन्हीं दो लाभों का उल्लेख करें।

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. भूमिगत जल का उपयोग सिंचाई के लिए किया जाता है जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है।

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →

ऑब्जेक्टिव प्रश्न — उत्तर-कुंजी सहित (10)

  1. 1. बिहार बोर्ड 2026

    'चिपको आंदोलन' किसके नेतृत्व में प्रारंभ किया गया था ?

    • (A) अमृता देवी विश्नोई
    • (B) सुन्दरलाल बहुगुणा
    • (C) चंडी प्रसाद भट्ट
    • (D) (B) और (C) दोनों ✓

    उत्तर: (D)

  2. 2. बिहार बोर्ड 2026

    कट्टा किस राज्य की जल संग्रहण व्यवस्था है ?

    • (A) केरल
    • (B) कर्नाटक ✓
    • (C) तमिलनाडु
    • (D) बिहार

    उत्तर: (B)

  3. 3. बिहार बोर्ड 2025

    निम्नलिखित में कौन जल संचयन की प्राचीन विधि नहीं है ?

    • (A) कट्टा
    • (B) कुल्ह
    • (C) डग वेल
    • (D) ईरिश ✓

    उत्तर: (D)

  4. 4. बिहार बोर्ड 2025

    टिहरी बांध निर्माण का उद्देश्य क्या था ?

    • (A) बिजली उत्पादन
    • (B) भूमि सिंचाई
    • (C) जल आपूर्ति
    • (D) इनमें से सभी ✓

    उत्तर: (D)

  5. 5. बिहार बोर्ड 2025

    अपशिष्ट प्रबंधन की नई अवधारणा क्या है ?

    • (A) पुन:उपयोग
    • (B) पुन:चक्रण
    • (C) कमी
    • (D) इनमें से सभी ✓

    उत्तर: (D)

  6. 6. बिहार बोर्ड 2025

    कचरे का प्रबंधन निम्नलिखित में किसके द्वारा हो सकता है ?

    • (A) शहर से बाहर जला देना
    • (B) गड्ढों को भरने में उपयोग करना
    • (C) कुछ कचरे का पुनःचक्रण
    • (D) इनमें से सभी ✓

    उत्तर: (D)

  7. 7. बिहार बोर्ड 2025

    'आहर और पाइन' किस राज्य की जल-संचयन व्यवस्था है ?

    • (A) बिहार ✓
    • (B) उत्तर प्रदेश
    • (C) महाराष्ट्र
    • (D) मध्य प्रदेश

    उत्तर: (A)

  8. 8. बिहार बोर्ड 2025

    निम्नांकित में कौन प्राकृतिक संसाधन है ?

    • (A) मृदा
    • (B) जल
    • (C) वायु
    • (D) इनमें से सभी ✓

    उत्तर: (D)

  9. 9. बिहार बोर्ड 2025

    निम्नांकित में वनों पर आधारित उद्योग कौन है ?

    • (A) लाख उद्योग
    • (B) कागज उद्योग
    • (C) लकड़ी उद्योग
    • (D) इनमें से सभी ✓

    उत्तर: (D)

  10. 10. बिहार बोर्ड 2022

    पॉलीथिन थैलों के बदले किस प्रकार के थैले का इस्तेमाल किया जाना चाहिए ?

    • (A) जूट का थैला ✓
    • (B) कपड़ा का थैला
    • (C) कागज का थैला
    • (D) इनमें से सभी

    उत्तर: (A)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार बोर्ड 10वीं विज्ञान में "प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन" से कितने अंक आते हैं?
2021 से 2026 के बिहार बोर्ड के पेपरों में इस अध्याय से औसतन लगभग 2 अंक और लगभग 1 प्रश्न हर साल पूछे गए; विज्ञान में अंकों के हिसाब से यह 15वाँ अध्याय है।
"प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन" के VVI प्रश्न कौन से हैं?
ऊपर दिए गए 10 प्रश्न बोर्ड के असली पेपरों से हैं, जिस-जिस साल पूछे गए उस साल के साथ; जो सबसे ज़्यादा बार पूछे गए वे पहले हैं और उनके आदर्श उत्तर पूरे दिए गए हैं। इस अध्याय के कुल 10 लिखित प्रश्न और उनके उत्तर AskMedha ऐप में हैं।
क्या ये उत्तर बोर्ड की marking scheme के अनुसार हैं?
BSEB अपनी marking scheme प्रकाशित नहीं करता। हर उत्तर पिछले पेपरों से निकाली गई अंक-संरचना पर बिंदुवार लिखा गया है और एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल से जाँचा गया है; इसे बोर्ड की आधिकारिक scheme नहीं कहा जाता।

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मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।