बिहार बोर्ड 10वीं · संस्कृत · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 12: कर्णस्य दानवीरता
बिहार बोर्ड (BSEB) के 2021–2026 के असली पेपरों से इस अध्याय के 5 सबसे ज़्यादा पूछे गए प्रश्न (VVI) — 3 के आदर्श उत्तर पूरे, 2 के उत्तर की पहली पंक्ति — और ऑब्जेक्टिव प्रश्न बोर्ड की उत्तर-कुंजी के साथ।
- अंक हर साल (लगभग)
- 3
- प्रश्न हर साल (लगभग)
- 5
- संस्कृत में स्थान
- #14
2021–2026 के 6 साल के पेपरों पर आधारित · पूरा अंक वितरण
VVI प्रश्न — बोर्ड ने जिन्हें सबसे ज़्यादा बार पूछा (5)
- Q1लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2023, 2025
दानवीर कर्ण का चरित्र-चित्रण करें

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · दानवीर कर्ण का चरित्र-चित्रण
- 1.कर्ण अत्यंत दानी एवं उदार स्वभाव के थे। वे किसी भी याचक को खाली हाथ नहीं लौटाते थे। जब ब्राह्मणरूपी इंद्र ने उनसे भिक्षा माँगी और अंततः कवच-कुंडल ही माँगे, तो कर्ण ने अपने जीवन की परवाह किए बिना प्रसन्नतापूर्वक कवच-कुंडल काटकर इंद्र को दान कर दिए।1 अंक
- 2.कर्ण एक वीर योद्धा, स्वाभिमानी तथा सच्चे मित्र थे। शल्यराज के बार-बार रोकने पर भी उन्होंने स्वाभिमानपूर्वक कहा कि दिया हुआ दान सदा स्थिर रहता है, और अपनी मित्रता निभाते हुए परिणाम जानते हुए भी अंत तक दुर्योधन का साथ नहीं छोड़ा।1 अंक
- पहले पैराग्राफ में 'दानवीर', 'कवच-कुंडल', 'याचक' तथा 'इंद्र' शब्द अवश्य लिखें।
- दूसरे पैराग्राफ में 'वीर', 'स्वाभिमान', 'मित्रता' तथा 'दुर्योधन' शब्द अवश्य लिखें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q2लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2021
किसको दान देना चाहिए ?

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · दान किसको देना चाहिए
- 1.दान ऐसे व्यक्ति को देना चाहिए जो उपकार के बदले उपकार न कर सके। जो व्यक्ति प्रत्युपकार करने में असमर्थ हो, वही सुपात्र और जरूरतमंद माना जाता है, अतः उसे दान देना चाहिए।1 अंक
- 2.दान पात्र व्यक्ति को देना चाहिए जो जरूरतमंद हो और दान के योग्य हो। जो सुपात्र तथा वास्तव में आवश्यकता वाला व्यक्ति हो, उसे ही दान देना उचित है।1 अंक
- पहले बिंदु में 'उपकार', 'बदले' और 'सुपात्र' शब्द अवश्य लिखें।
- दूसरे बिंदु में 'पात्र' और 'जरूरतमंद' शब्द अलग से लिखें, पहले बिंदु की बात न दोहराएँ।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q3लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2022
कर्ण के प्रणाम करने पर शक्र ने उसे दीर्घायु होने का आशीर्वाद क्यों नहीं दिया

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · शक्र ने कर्ण को दीर्घायु आशीर्वाद क्यों नहीं दिया
- 1.शक्र जानते थे कि यदि वे कर्ण को दीर्घायु होने का आशीर्वाद देते, तो कर्ण की मृत्यु नहीं होती। शक्र ब्राह्मण का रूप धरकर छल से कर्ण के कवच-कुण्डल दान में प्राप्त करने आए थे, जिससे युद्ध में अर्जुन के हाथों कर्ण की मृत्यु सुनिश्चित हो सके। इसलिए उन्होंने दीर्घायु होने का आशीर्वाद देने से बचने का विचार किया।1 अंक
- 2.दीर्घायु का आशीर्वाद देने पर कर्ण की मृत्यु निश्चित नहीं रहती, जिससे इंद्र का उद्देश्य विफल हो जाता, क्योंकि इंद्र चाहते थे कि कवच-कुण्डल दान में लेकर अर्जुन का कर्ण पर अधिकार हो जाए और उसकी मृत्यु सुनिश्चित हो। इस कारण शक्र ने मन में ग्लानि अनुभव करते हुए भी दीर्घायु होने का आशीर्वाद नहीं दिया।1 अंक
- पहले बिंदु में 'दीर्घायु', 'आशीर्वाद', 'कवच-कुण्डल', 'छल' और 'दान' शब्दों को अवश्य लिखें।
- दूसरे बिंदु में 'उद्देश्य', 'विफल', 'मृत्यु', 'अधिकार' और 'ग्लानि' शब्दों का उल्लेख करें।
- दोनों पैराग्राफ में एक ही बात को न दोहराएँ, हर बिंदु में नई जानकारी दें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q4लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2024
कर्ण के कवच और कुण्डल की विशेषताएँ क्या थीं ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. कर्ण के कवच और कुण्डल जन्मजात थे, अर्थात् वे उसके अंगों के साथ ही उत्पन्न हुए थे। ये कवच और कुण्डल किसी भी अस्त्र-शस्त्र से अभेद्य थे, जिनका वर्णन कर्ण स्वयं इस प्रकार करता है - 'अङ्गैः सहैव जनितं मम देहरक्षा'।
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q5लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2026
कर्ण की दानवीरता का वर्णन अपने शब्दों में करें
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. कर्ण अपने समय के महान दानवीर थे। वे किसी भी याचक को खाली हाथ नहीं लौटाते थे। जो भी उनके पास कुछ याचना करने आता था, कर्ण उसे प्रसन्नतापूर्वक वह वस्तु दान कर देते थे। इसी कारण वे दानवीर के रूप में प्रसिद्ध हुए।
पूरा उत्तर मेधा मैम से →
ऑब्जेक्टिव प्रश्न — उत्तर-कुंजी सहित (10)
- 1. बिहार बोर्ड 2026
'अङ्गराज' किसे कहा गया है ?
- (A) इन्द्र को
- (B) शल्य को
- (C) अर्जुन को
- (D) कर्ण को ✓
उत्तर: (D)
- 2. बिहार बोर्ड 2026
दानवीर कौन था ?
- (A) अर्जुन
- (B) कृष्ण
- (C) कर्ण ✓
- (D) युधिष्ठिर
उत्तर: (C)
- 3. बिहार बोर्ड 2026
सात्विक दान किसका विचार करके दिया जाता है ?
- (A) स्थान का
- (B) समय का
- (C) पात्र का
- (D) इनमें से सभी का ✓
उत्तर: (D)
- 4. बिहार बोर्ड 2026
जन्म से कवच और कुण्डल किसे प्राप्त थे ?
- (A) अर्जुन को
- (B) भीम को
- (C) युधिष्ठिर को
- (D) कर्ण को ✓
उत्तर: (D)
- 5. बिहार बोर्ड 2025
'भवन्तमहमेष नमस्करोमि' किसका कथन है ?
- (A) शक्र
- (B) अर्जुन
- (C) कर्ण ✓
- (D) भीष्म
उत्तर: (C)
- 6. बिहार बोर्ड 2025
'महत्तरां भिक्षां याचे' यह उक्ति किसकी है ?
- (A) कर्ण की
- (B) शल्य की
- (C) शक्र की ✓
- (D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (C)
- 7. बिहार बोर्ड 2025
इन्द्र ने कर्ण से छल क्यों किया ?
- (A) कृष्ण की सहमति के लिए
- (B) अर्जुन की सहायता के लिए ✓
- (C) कौरवों के जिताने के लिए
- (D) पाण्डवों को हराने के लिए
उत्तर: (B)
- 8. बिहार बोर्ड 2024
'कर्णस्य दानवीरता' पाठ कहाँ से संकलित है ?
- (A) महाभारत से ✓
- (B) हितोपदेश से
- (C) रामायण से
- (D) नीतिशतक से
उत्तर: (A)
- 9. बिहार बोर्ड 2024
'भोः कर्ण ! महत्तरां भिक्षां याचे ।' किसका कथन है ?
- (A) कर्ण का
- (B) शल्य का
- (C) शक्र का ✓
- (D) कवि का
उत्तर: (C)
- 10. बिहार बोर्ड 2024
'दारा' पद का अर्थ है ।
- (A) माता
- (B) पत्नी ✓
- (C) चाची
- (D) मौसी
उत्तर: (B)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- बिहार बोर्ड 10वीं संस्कृत में "कर्णस्य दानवीरता" से कितने अंक आते हैं?
- 2021 से 2026 के बिहार बोर्ड के पेपरों में इस अध्याय से औसतन लगभग 3 अंक और लगभग 5 प्रश्न हर साल पूछे गए; संस्कृत में अंकों के हिसाब से यह 14वाँ अध्याय है।
- "कर्णस्य दानवीरता" के VVI प्रश्न कौन से हैं?
- ऊपर दिए गए 5 प्रश्न बोर्ड के असली पेपरों से हैं, जिस-जिस साल पूछे गए उस साल के साथ; जो सबसे ज़्यादा बार पूछे गए वे पहले हैं और उनके आदर्श उत्तर पूरे दिए गए हैं। इस अध्याय के कुल 5 लिखित प्रश्न और उनके उत्तर AskMedha ऐप में हैं।
- क्या ये उत्तर बोर्ड की marking scheme के अनुसार हैं?
- BSEB अपनी marking scheme प्रकाशित नहीं करता। हर उत्तर पिछले पेपरों से निकाली गई अंक-संरचना पर बिंदुवार लिखा गया है और एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल से जाँचा गया है; इसे बोर्ड की आधिकारिक scheme नहीं कहा जाता।
यही तैयारी, मेधा मैम के साथ — आपके फ़ोन पर
हर अध्याय का हर प्रश्न, हर आदर्श उत्तर और बोर्ड के ढंग के अभ्यास प्रश्न; रोज़ 60 मिनट की क्लास, जाँचे हुए लिखित उत्तर, हर रविवार टेस्ट और माता-पिता को WhatsApp रिपोर्ट।
मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।