बिहार बोर्ड 10वीं · सामाजिक विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 5: अर्थव्यवस्था और आजीविका — नोट्स
इस अध्याय के 6 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।
1. औद्योगीकरण क्या है और ब्रिटेन में इसकी शुरुआत
तुम जानते हो कि किसी भी देश की अर्थव्यवस्था कृषि और उद्योग पर टिकी होती है और इन्हीं पर लोगों की आजीविका निर्भर करती है।
- • औद्योगीकरण - मशीनों से वृहत उत्पादन
- • कारखाना पद्धति ने घरेलू उत्पादन की जगह ली
- • 1769 - स्पिनिंग फ्रेम (रिचर्ड आर्कराइट)
- • 1770 - स्पिनिंग जेनी (जेम्स हारग्रीब्ज)
- • 1773 - फ्लाइंग शटल (जॉन के)
- • 1785 - पावरलूम (एडमंड कार्टराइट)
2. ब्रिटेन में औद्योगीकरण के अन्य कारण
देखिए, सिर्फ आविष्कार से ही सब कुछ नहीं हुआ।
- • वस्त्र उद्योग निर्भर - कोयला व लोहा
- • बाड़ाबन्दी प्रथा से किसान भूमिहीन मजदूर बने
- • सस्ता श्रम उपलब्ध हुआ
- • ब्रिटेन - जहाजरानी में अग्रणी देश
- • उपनिवेशों से सस्ता कच्चा माल
3. भारत में उद्योगों की स्थापना
देखिए, अठारहवीं शताब्दी तक भारतीय उद्योग दुनिया में सबसे आगे थे।
- • 1854 - बम्बई में पहला सूती कारखाना (कावसजी)
- • 1907 - टाटा आयरन एण्ड स्टील कम्पनी, साकची
- • 1910 - टाटा हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावर स्टेशन
- • 1814 - कोयला उद्योग, रानीगंज
- • 1917 - पहली जूट मिल, कलकत्ता (हुकुम चंद)
4. औद्योगीकरण के परिणाम
देखिए, औद्योगीकरण ने समाज को भी बदला और अर्थव्यवस्था को भी।
- • परिणाम: नगरों का विकास
- • कुटीर उद्योग का पतन
- • साम्राज्यवाद का विकास
- • वर्ग विभाजन - पूँजीपति, बुर्जुआ, मजदूर
- • स्लम पद्धति की शुरुआत
5. मजदूरों की आजीविका और उनके आंदोलन
देखिए, फैक्ट्री आने से क्या हुआ?
- • बच्चे-औरतें: 16-18 घंटे काम
- • 1838 - चार्टिस्ट आंदोलन (लंदन)
- • 1881 - पहला फैक्ट्री एक्ट (भारत)
- • 1920 - AITUC की स्थापना (लाला लाजपत राय)
- • 1948 - न्यूनतम मजदूरी कानून
6. कुटीर उद्योग का महत्व एवं उसकी उपयोगिता
देखिए, औद्योगीकरण ने कुटीर उद्योग को नुकसान तो पहुँचाया, लेकिन फिर भी गाँवों और कस्बों में यह चलता रहा।
- • महात्मा गाँधी - कुटीर उद्योग भारतीय दशा के अनुकूल
- • लाभ: रोजगार, समान आय वितरण, कम पूँजी
- • स्वदेशी आंदोलन में अग्रणी भूमिका
- • 6 अप्रैल 1948 - औद्योगिक नीति से प्रोत्साहन
- • 1952-53 - पाँच बोर्ड स्थापित
सारांश
चलिए, अब इस पूरे पाठ को एक बार साथ में दोहराते हैं। देखिए, सबसे पहले आपने सीखा कि औद्योगीकरण क्या होता है — मशीनों से बड़े पैमाने पर उत्पादन। याद है न, यह सबसे पहले ब्रिटेन में शुरू हुआ था। वहाँ स्पिनिंग जेनी और फ्लाइंग शटल जैसी मशीनें बनीं, और इनसे सूती वस्त्र उद्योग बहुत बढ़ा। फिर आपने जाना कि सस्ता श्रम, यातायात की सुविधा, और उपनिवेश — इन तीनों ने भी ब्रिटेन के औद्योगीकरण को गति दी। उसके बाद बारी आई भारत की। यहाँ सूती, जूट, लोहा और कोयला उद्योग स्थापित हुए, जैसे टाटा का Tisco, और कावसजी का बम्बई वाला कारखाना। अच्छा, अब सोचिए — औद्योगीकरण से और क्या-क्या हुआ? नगर बसे, कुटीर उद्योग कमज़ोर पड़ा, समाज वर्गों में बँट गया, और एक नया मजदूर वर्ग सामने आया। इन्हीं मजदूरों ने अपने अधिकारों के लिए चार्टिस्ट आंदोलन चलाया, और बाद में AITUC जैसा संगठन भी बनाया। अंत में आपने कुटीर उद्योग का महत्व समझा। महात्मा गाँधी ने इसे भारत की सामाजिक दशा के लिए सबसे उपयुक्त बताया था, और स्वतंत्रता के बाद सरकार ने इसे बढ़ावा देने की नीतियाँ भी बनाईं। अच्छा बताइए — इन सबमें आपको सबसे दिलचस्प कौन सी बात लगी?
AskMedha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं सामाजिक विज्ञान, अध्याय 5। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- "अर्थव्यवस्था और आजीविका" के नोट्स PDF में कैसे मिलेंगे?
- "PDF में सहेजें" दबाएँ — फ़ोन का प्रिंट पेज खुलेगा; वहाँ "Save as PDF" चुनें। PDF में सिर्फ़ नोट्स रहते हैं।
- ये नोट्स कहाँ से लिखे गए हैं?
- अध्याय की पाठ्यपुस्तक के अपने पाठ से, भाग-भाग करके, किताब के ही शब्दों में; फिर एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल ने हर भाग को किताब से मिलाकर जाँचा है। पूरा पाठ, हर भाग का जाँच-प्रश्न और अभ्यास AskMedha ऐप में है।
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मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।