बिहार बोर्ड 10वीं · सामाजिक विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 5: अर्थव्यवस्था और आजीविका
बिहार बोर्ड (BSEB) के 2016–2026 के असली पेपरों से इस अध्याय के 12 सबसे ज़्यादा पूछे गए प्रश्न (VVI) — 3 के आदर्श उत्तर पूरे, 9 के उत्तर की पहली पंक्ति — और ऑब्जेक्टिव प्रश्न बोर्ड की उत्तर-कुंजी के साथ।
- अंक हर साल (लगभग)
- 3
- प्रश्न हर साल (लगभग)
- 4
- सामाजिक विज्ञान में स्थान
- #7
2021–2026 के 6 साल के पेपरों पर आधारित · पूरा अंक वितरण
VVI प्रश्न — बोर्ड ने जिन्हें सबसे ज़्यादा बार पूछा (12)
- Q1दीर्घ उत्तरीय4 अंकपूछा गया: 2024
मशीनों के आविष्कारों की श्रृंखला ने औद्योगिक क्रांति का मार्ग किस प्रकार प्रशस्त किया ?

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · आविष्कार और औद्योगिक क्रांति
- 1.अठारहवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में कताई और बुनाई की मशीनों के आविष्कार ने उत्पादन क्षमता में भारी वृद्धि की। सन् 1770 में जेम्स हारग्रीब्ज ने सूत कातने की मशीन 'स्पिनिंग जेनी' बनाई, जिसमें सोलह तकुए एक पहिये के घूमने से चलते थे, अतः इसकी सहायता से आठ सूत एक साथ काता जा सकता था। सन् 1769 में रिचर्ड आर्कराइट ने जलशक्ति से चलने वाली 'वाटर फ्रेम' (स्पिनिंग फ्रेम) नामक मशीन बनाई। सन् 1773 में जॉन के ने 'उड़नशटल' (फ्लाइंग शटल) का आविष्कार किया, जिसके द्वारा जुलाहे बड़ी तेजी से काम करने लगे और धागे की मांग बढ़ गयी। इन सभी मशीनों के आविष्कार से उत्पादन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई।1 अंक
- 2.सन् 1769 में जेम्स वाट द्वारा भाप के इंजन (भाप इंजन) में किए गए सुधार ने उद्योगों को यांत्रिक शक्ति प्रदान की, जिससे कारखानों को नदियों के किनारे पर स्थापित करने की बाध्यता समाप्त हो गई और उन्हें कहीं भी स्थापित करने की स्वतंत्रता मिल गई। इस प्रकार भाप इंजन ने उद्योगों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1 अंक
- 3.मशीनों एवं नये-नये यंत्रों के आविष्कार ने उत्पादन प्रक्रिया को एक स्थान पर केंद्रित कर दिया, जिससे मशीनीकरण के कारण फैक्टरी प्रणाली (कारखाना प्रणाली) का विकास हुआ। घरेलू उत्पादन पद्धति का स्थान कारखाना पद्धति ने ले लिया, जिसमें उत्पादन बृहत् पैमाने पर (बड़े पैमाने पर उत्पादन) मशीनों द्वारा कारखानों में होने लगा। इस फैक्टरी प्रणाली के विकास के फलस्वरूप उद्योग तथा व्यापार के नये-नये केन्द्रों का जन्म हुआ, जिससे औद्योगिक क्रांति को बल मिला।1 अंक
- 4.इन सभी आविष्कारों ने कम समय में अधिक माल के उत्पादन को संभव बनाया, जिससे औद्योगिक क्रांति की गति तीव्र हो गई। स्पिनिंग जेनी, वाटर फ्रेम, उड़नशटल तथा भाप इंजन जैसी मशीनों की इस श्रृंखला ने उत्पादन को मानव श्रम से हटाकर मशीनों पर आधारित कर दिया। इन आविष्कारों के फलस्वरूप सन् 1820 ई० तक ब्रिटिश सूती वस्त्र उद्योग में काफी वृद्धि हुई और इस तरह मशीनों के आविष्कारों की यह श्रृंखला औद्योगिक क्रांति का मार्ग प्रशस्त करने वाली बनी।1 अंक
- पहले बिंदु में 'स्पिनिंग जेनी', 'वाटर फ्रेम' और 'उड़नशटल' तीनों मशीनों के नाम अवश्य लिखें।
- दूसरे बिंदु में 'जेम्स वाट' और 'भाप इंजन' शब्दों का उल्लेख जरूर करें।
- तीसरे और चौथे बिंदु में 'फैक्टरी प्रणाली' और 'औद्योगिक क्रांति' शब्द अवश्य लिखें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q2दीर्घ उत्तरीय4 अंकपूछा गया: 2026
भारत पर औद्योगीकरण का क्या प्रभाव पड़ा ? संक्षेप में वर्णन करें।

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · औद्योगीकरण का प्रभाव, भारत
- 1.औद्योगीकरण के कारण भारत में कुटीर उद्योग और हस्तशिल्प उद्योगों का पतन हुआ। बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों के कायम हो जाने से प्राचीन गृह उद्योग का पतन आरम्भ हो गया। हाथ से तैयार किया हुआ माल महँगा पड़ने लगा, उसकी बिक्री खत्म होने लगी, जिसके परिणामस्वरूप प्राचीन उद्योगों का लोप होने लगा। भारत में लाखों शिल्पियों एवं कारीगरों की तबाही हुई और विकल्प के रूप में उस स्तर के किसी नये उद्योग का विकास नहीं हुआ, जिससे शिल्पी एवं कारीगर बेरोजगार हो गये और उन्होंने खेती को अपनी आजीविका का सहारा बनाया। इस प्रकार भारत में जो कृषि एवं उद्योग का संतुलन था, वह नष्ट हो गया।1 अंक
- 2.औद्योगीकरण के कारण मशीनों के उपयोग से उत्पादन की गति बढ़ी और कम समय में अधिक वस्तुओं का निर्माण संभव हुआ। सन् 1850 से 1950 ई० के बीच भारत में वस्त्र उद्योग, लौह उद्योग, सीमेन्ट उद्योग, कोयला उद्योग जैसे कई उद्योगों का विकास हुआ और जमशेदपुर, सिन्द्री, धनबाद तथा डालमियानगर आदि नये व्यापारिक नगर कायम हुए। बड़े-बड़े कल-कारखानों की स्थापना से बड़े पैमाने पर उत्पादन होना शुरू हुआ। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद रसायन एवं बिजली जैसे औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार होने लगा तथा विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक एवं स्वचालित मशीनों का प्रयोग किया जाने लगा, जिससे उत्पादन और तेज हुआ।1 अंक
- 3.औद्योगीकरण के परिणामस्वरूप नगरों का तेजी से विकास हुआ। बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों की स्थापना के कारण ग्रामीण आबादी रोजगार की तलाश में नगरों की ओर पलायन करने लगी, जिससे जमशेदपुर, सिन्द्री, धनबाद तथा डालमियानगर जैसे नये व्यापारिक नगर अस्तित्व में आये। इसी क्रम में फैक्ट्री मजदूर वर्ग का जन्म हुआ, जिनका जीवन स्तर काफी निम्न होता था, और इन्हीं परिस्थितियों में स्लम पद्धति की भी शुरुआत हुई।1 अंक
- 4.समाज में पूँजीपति और श्रमिक वर्ग के रूप में दो नए वर्गों का उदय हुआ, जिससे आर्थिक असमानता बढ़ी। औद्योगीकरण के फलस्वरूप ब्रिटिश सहयोग से भारत के उद्योग में पूँजी लगाने वाले उद्योगपति पूँजीपति बन गये, जिससे समाज में तीन वर्गों का उदय हुआ - पूँजीपति वर्ग, बुर्जुआ वर्ग (मध्यम वर्ग) एवं मजदूर वर्ग। औद्योगीकरण ने एक नये तरह के मजदूर वर्ग को जन्म दिया, जिनका जीवन स्तर काफी निम्न होता था और जिनका शोषण उद्योगपतियों के द्वारा किया जाता था। इस प्रकार पूँजीपति वर्ग और श्रमिक वर्ग के बीच आर्थिक असमानता बढ़ती गयी।1 अंक
- पहले बिंदु में 'कुटीर उद्योग', 'हस्तशिल्प' और 'बेरोजगार' शब्दों का प्रयोग अवश्य करें।
- दूसरे बिंदु में 'कल-कारखाने' और 'उत्पादन' शब्दों के साथ समय की बचत को लिखें।
- तीसरे बिंदु में 'शहरीकरण', 'पलायन' और 'रोजगार' तथा चौथे बिंदु में 'पूँजीपति वर्ग', 'मजदूर वर्ग' और 'आर्थिक असमानता' शब्द अवश्य लिखें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q3दीर्घ उत्तरीय4 अंकपूछा गया: 2026
भारत में मजदूर आन्दोलन के विकास का वर्णन करें ।

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · भारत में मजदूर आन्दोलन का विकास
- 1.भारत में मजदूर आन्दोलन की शुरुआत 19वीं सदी के अंत में औद्योगीकरण के साथ हुई। औद्योगीकरण ने एक नये तरह के मजदूर वर्ग को जन्म दिया, जिसका जीवन स्तर काफी निम्न होता था और जिसका शोषण उद्योगपतियों के द्वारा किया जाता था। मजदूरों को कम मजदूरी, लंबे कार्य के घंटे, मिलों में अस्वस्थ वातावरण तथा बच्चों एवं महिलाओं से शोषणपूर्ण काम लेने की समस्या झेलनी पड़ती थी, जिससे उनमें असंतोष उत्पन्न हुआ और उन्होंने मिल मालिकों एवं औपनिवेशिक शोषण के खिलाफ आन्दोलन की योजना बनानी शुरू कर दी।1 अंक
- 2.सन् 1890 में एन०एम० लोखण्डे ने बॉम्बे में 'बॉम्बे मिल हैंड्स एसोसिएशन' की स्थापना की, जो भारत का पहला मजदूर संगठन था। इससे पहले सन् 1882 और 1890 के बीच मद्रास और बंबई प्रेसिडेंसियों में 25 हड़तालें दर्ज की गयी थीं, जो यह दर्शाती हैं कि मजदूरों का असंतोष धीरे-धीरे संगठित रूप लेने लगा था। धीरे-धीरे इन असंगठित मजदूरों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना संगठन बनाना शुरू कर दिया।1 अंक
- 3.प्रथम विश्वयुद्ध के बाद महँगाई और आर्थिक संकट के कारण मजदूर आन्दोलन तीव्र हुआ और कई हड़तालें हुईं। इसी समय भारत में राष्ट्रीय आंदोलन जोरों पर था और मजदूर वर्ग के लोग राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़ गये। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान बम्बई, कानपुर, कलकत्ता, डिगबोई, झरिया, जमशेदपुर और धनबाद में मजदूरों ने मंहगाई भत्ते को लेकर हड़ताल की। सन् 1942 में 'भारत छोड़ो आंदोलन' में इन मजदूरों ने अपने मिल मालिकों के खिलाफ आंदोलन करते हुए औपनिवेशिक शासन का विरोध किया, जिससे स्वतंत्रता संग्राम को बल मिला।1 अंक
- 4.31 अक्टूबर 1920 ई० को 'अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस' (AITUC) की स्थापना हुई और लाला लाजपत राय उसके प्रधान बनाये गये। सन् 1926 में 'मजदूर संघ अधिनियम' (Trade Union Act) पारित हुआ, जिसके द्वारा पंजीकृत मजदूर संघों को मान्यता प्रदान की गयी। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद मजदूर संगठन तीन भागों में बँट गया - इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC), हिन्द मजदूर संघ (H.M.S.) और यूनाइटेड ट्रेड यूनियन कांग्रेस (UTUC), और विभिन्न श्रम कानूनों व ट्रेड यूनियन अधिनियमों द्वारा मजदूरों के अधिकारों को संवैधानिक सुरक्षा प्राप्त हुई।1 अंक
- पहले पैराग्राफ में 'औद्योगीकरण' और 'शोषण' शब्द अवश्य लिखें।
- दूसरे पैराग्राफ में 'लोखण्डे', 'बॉम्बे मिल हैंड्स एसोसिएशन' और वर्ष 1890 स्पष्ट लिखें।
- अन्तिम पैराग्राफ में 'AITUC', वर्ष 1920 और 'लाला लाजपत राय' का नाम अवश्य दें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q4लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2021
औद्योगिक क्रान्ति के किन्हीं दो नकारात्मक प्रभावों को बताएँ ।
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. औद्योगिक क्रान्ति के कारण कुटीर उद्योगों का विनाश हुआ और कारीगर बेरोजगार हो गए। मशीनों द्वारा कारखानों में वृहत पैमाने पर उत्पादन होने लगा, जिससे घरेलू उत्पादन पद्धति का स्थान कारखाना पद्धति ने ले लिया और कुटीर उद्योगों…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q5लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2022
विऔद्योगीकरण से आप क्या समझते हैं ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. विऔद्योगीकरण का अर्थ है किसी देश के स्थापित पारंपरिक उद्योगों अथवा हस्तशिल्प उद्योगों का पतन या विनाश होना। भारत में बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों के कायम हो जाने से प्राचीन गृह उद्योग का पतन आरम्भ हो गया क्योंकि हाथ से तैयार…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q6लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2022
विऔद्योगीकरण से आप क्या समझते हैं ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. विऔद्योगीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें किसी देश के परंपरागत हस्तशिल्प एवं कुटीर उद्योगों का पतन या विनाश हो जाता है।
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q7लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2023
अठारहवीं शताब्दी में भारत के मुख्य उद्योग कौन कौन-से थे ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. अठारहवीं शताब्दी में भारत का सूती वस्त्र (Cotton textile) और रेशमी वस्त्र (Silk textile) उद्योग विश्व में सबसे प्रमुख था। भारतीय मलमल, छींट तथा सूती वस्त्रों की मांग पूरे विश्व में होती थी और भारतीय उद्योग निर्मित…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q8लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2024
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की स्थापना क्यों हुई थी ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस की स्थापना प्रथम विश्व युद्ध के बाद बदली हुई औद्योगिक परिस्थितियों तथा मजदूरों की समस्याओं को दूर करने के लिए हुई थी। उद्योगों में मजदूरों को मजदूरी, कार्य के घंटे तथा पूँजीपतियों…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q9लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2024
औद्योगीकरण ने मजदूरों की आजीविका को किस प्रकार प्रभावित किया ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. औद्योगीकरण ने नई फैक्ट्री प्रणाली को जन्म दिया, जिससे गृह उद्योगों के मालिक अब मजदूर बन गए, जिनकी आजीविका बड़े-बड़े उद्योगपतियों से प्राप्त वेतन पर निर्भर करती थी। औरतों एवं बच्चों से भी 16 से 18 घंटे काम लिया जाता था,…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q10लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2026
चार्टर एक्ट का भारतीय व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ा ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. 1813 के चार्टर एक्ट द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी का भारत के साथ व्यापार का एकाधिकार समाप्त कर दिया गया।
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q11लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2026
औपनिवेशिक काल के भारत के प्रमुख निर्यात उत्पादों के नाम बताएँ ।
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. औपनिवेशिक काल में भारत से निर्यात की जाने वाली प्रमुख वस्तुओं में कपास और नील शामिल थे।
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q12लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2021
इंग्लैण्ड की औद्योगिक क्रांति के कोई दो कारण बताइए ।
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. इंग्लैण्ड की औद्योगिक क्रांति का एक कारण कोयले एवं लोहे जैसे खनिज संसाधनों की प्रचुरता थी। ब्रिटेन में कोयले एवं लोहे की खानें थीं, जिससे वस्त्र उद्योग तथा लौह उद्योग को बढ़ावा मिला। साथ ही नई-नई मशीनों का आविष्कार एवं…
पूरा उत्तर मेधा मैम से →
ऑब्जेक्टिव प्रश्न — उत्तर-कुंजी सहित (10)
- 1. बिहार बोर्ड 2026
किस पंचवर्षीय योजना के दौरान प्रथम वेतन बोर्ड का गठन हुआ था ?
- (A) प्रथम
- (B) द्वितीय ✓
- (C) तृतीय
- (D) चतुर्थ
उत्तर: (B)
- 2. बिहार बोर्ड 2026
1800 ई० में भारतीय निर्यात में सूती वस्त्र का हिस्सा कितना प्रतिशत था ?
- (A) 30 प्रतिशत ✓
- (B) 15 प्रतिशत
- (C) 5 प्रतिशत
- (D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
- 3. बिहार बोर्ड 2026
अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) के प्रथम अध्यक्ष कौन थे ?
- (A) मानवेन्द्र नाथ राय
- (B) लाला लाजपत राय ✓
- (C) व्योमेशचन्द्र बनर्जी
- (D) ए. ओ. ह्यूम
उत्तर: (B)
- 4. बिहार बोर्ड 2026
भारत के लिए पहला फैक्ट्री एक्ट कब पारित हुआ ?
- (A) 1835
- (B) 1881 ✓
- (C) 1898
- (D) 1905
उत्तर: (B)
- 5. बिहार बोर्ड 2026
पटना बिहार की राजधानी कब बनी ?
- (A) 1910
- (B) 1911
- (C) 1912 ✓
- (D) 1947
उत्तर: (C)
- 6. बिहार बोर्ड 2026
राउरकेला इस्पात संयंत्र किसके सहयोग से स्थापित किया गया था ?
- (A) ब्रिटेन
- (B) रूस
- (C) फ्रांस
- (D) जर्मनी ✓
उत्तर: (D)
- 7. बिहार बोर्ड 2025
'अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस' की स्थापना कब हुई ?
- (A) 1848
- (B) 1881
- (C) 1885
- (D) 1920 ✓
उत्तर: (D)
- 8. बिहार बोर्ड 2025
भारत में सर्वप्रथम आधुनिक सूती कपड़े की मिल कहाँ स्थापित की गई थी ?
- (A) सूरत
- (B) बम्बई
- (C) कलकत्ता ✓
- (D) अहमदाबाद
उत्तर: (C)
- 9. बिहार बोर्ड 2024
भारत में रेलवे की शुरुआत किसके शासनकाल के दौरान हुई ?
- (A) लॉर्ड डलहौजी ✓
- (B) लॉर्ड लिटन
- (C) लॉर्ड कार्नवालिस
- (D) लॉर्ड मिंटो
उत्तर: (A)
- 10. बिहार बोर्ड 2023
भारत में रेलवे और टेलीग्राफ लाइन का शुरुआत किसके शासनकाल में हुई ?
- (A) लार्ड लिटन
- (B) लार्ड डलहौजी ✓
- (C) लार्ड कर्जन
- (D) लार्ड डफरिन
उत्तर: (B)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- बिहार बोर्ड 10वीं सामाजिक विज्ञान में "अर्थव्यवस्था और आजीविका" से कितने अंक आते हैं?
- 2021 से 2026 के बिहार बोर्ड के पेपरों में इस अध्याय से औसतन लगभग 3 अंक और लगभग 4 प्रश्न हर साल पूछे गए; सामाजिक विज्ञान में अंकों के हिसाब से यह 7वाँ अध्याय है।
- "अर्थव्यवस्था और आजीविका" के VVI प्रश्न कौन से हैं?
- ऊपर दिए गए 12 प्रश्न बोर्ड के असली पेपरों से हैं, जिस-जिस साल पूछे गए उस साल के साथ; जो सबसे ज़्यादा बार पूछे गए वे पहले हैं और उनके आदर्श उत्तर पूरे दिए गए हैं। इस अध्याय के कुल 12 लिखित प्रश्न और उनके उत्तर AskMedha ऐप में हैं।
- क्या ये उत्तर बोर्ड की marking scheme के अनुसार हैं?
- BSEB अपनी marking scheme प्रकाशित नहीं करता। हर उत्तर पिछले पेपरों से निकाली गई अंक-संरचना पर बिंदुवार लिखा गया है और एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल से जाँचा गया है; इसे बोर्ड की आधिकारिक scheme नहीं कहा जाता।
यही तैयारी, मेधा मैम के साथ — आपके फ़ोन पर
हर अध्याय का हर प्रश्न, हर आदर्श उत्तर और बोर्ड के ढंग के अभ्यास प्रश्न; रोज़ 60 मिनट की क्लास, जाँचे हुए लिखित उत्तर, हर रविवार टेस्ट और माता-पिता को WhatsApp रिपोर्ट।
मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।