बिहार बोर्ड 10वीं · सामाजिक विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 3: लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा एवं संघर्ष
बिहार बोर्ड (BSEB) के 2016–2026 के असली पेपरों से इस अध्याय के 14 सबसे ज़्यादा पूछे गए प्रश्न (VVI) — 3 के आदर्श उत्तर पूरे, 11 के उत्तर की पहली पंक्ति — और ऑब्जेक्टिव प्रश्न बोर्ड की उत्तर-कुंजी के साथ।
- अंक हर साल (लगभग)
- 4
- प्रश्न हर साल (लगभग)
- 6
- सामाजिक विज्ञान में स्थान
- #5
2021–2026 के 6 साल के पेपरों पर आधारित · पूरा अंक वितरण
VVI प्रश्न — बोर्ड ने जिन्हें सबसे ज़्यादा बार पूछा (14)
- Q1दीर्घ उत्तरीय4 अंकपूछा गया: 2023
राजनीतिक दल देश के विकास में किस प्रकार योगदान करते हैं ?

मेधा मैम
Ask Medha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · राजनीतिक दल, राष्ट्रीय विकास योगदान
- 1.राजनीतिक दल देश के लोगों की भावनाओं एवं विचारों को जोड़ने का काम करते हैं और इस प्रकार जनमत का निर्माण करते हैं। राजनीतिक दल के सदस्य सभी जाति, धर्म, क्षेत्र एवं लिंग के होते हैं, जिसके चलते राजनीतिक दल सभी लोगों की समस्याओं को समेटकर सरकार के सामने रखते हैं और उनके समाधान का प्रयास करते हैं। इस प्रकार राजनीतिक दल जनमत का निर्माण करके और जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाकर विकास की दिशा तय करते हैं।1 अंक
- 2.राष्ट्रीय विकास के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की नीतियाँ एवं कार्यक्रम तैयार किये जाते हैं। लोकतांत्रिक देशों में इस तरह की नीतियों एवं कार्यक्रमों को विधानमंडल से पास होना आवश्यक होता है। सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के सहयोग से विधानमंडल ऐसी नीतियाँ एवं कार्यक्रम पास कराने में सहयोग करता है। राजनीतिक दलों की नीतियाँ एवं कार्यक्रम समग्र एवं व्यापक होते हैं न कि किसी क्षेत्र विशेष के लिए, जो देश के आर्थिक और सामाजिक विकास का आधार बनते हैं।1 अंक
- 3.राष्ट्रीय विकास की एक प्रमुख शर्त राजनीतिक स्थायित्व भी है और राजनीतिक दल ही किसी देश में राजनीतिक स्थायित्व ला सकते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि राजनीतिक दल सरकार के विरोध की जगह उसकी रचनात्मक आलोचना करें। इस प्रकार विपक्ष के रूप में राजनीतिक दल सरकार की नीतियों की आलोचना करके विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हैं।1 अंक
- 4.राजनीतिक दलों में विभिन्न जातियों, धर्मों, वर्गों एवं लिंगों के सदस्य होते हैं और ये सभी अपनी-अपनी जाति, धर्म, वर्ग एवं लिंग का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। ये प्रतिनिधि किसी तरह के विवाद उत्पन्न होने पर तुरंत समाधान कर लेते हैं जिससे राज्य में एकता कायम रहती है। इस प्रकार राजनीतिक दल विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच समन्वय स्थापित करके देश में शांति और स्थिरता बनाए रखते हैं जो विकास के लिए अनिवार्य है।1 अंक
- विपक्ष वाले बिंदु में 'रचनात्मक आलोचना' और 'पारदर्शिता' शब्द अवश्य लिखें।
- एकता वाले बिंदु में 'समन्वय' और 'शांति' शब्द स्पष्ट रूप से लिखें।
- नीतियों वाले बिंदु में 'नीतियाँ एवं कार्यक्रम' शब्द अवश्य लिखें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q2दीर्घ उत्तरीय4 अंकपूछा गया: 2023
भारतीय संविधान में धर्म निरपेक्ष समाज की स्थापना हेतु क्या प्रावधान किए गए हैं ? विस्तार से बताइए।

मेधा मैम
Ask Medha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · धर्मनिरपेक्ष राज्य, संवैधानिक प्रावधान
- 1.भारतीय संविधान में किसी भी धर्म को राजकीय धर्म (Official Religion) के रूप में स्वीकार नहीं किया गया है। भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ही भारत को एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र घोषित किया गया है, जिसका अर्थ है कि राज्य का अपना कोई धर्म नहीं होगा और वह सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार करेगा।1 अंक
- 2.संविधान के अनुच्छेद 15 के तहत धर्म के आधार पर भेदभाव को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इस अनुच्छेद के अनुसार राज्य किसी भी नागरिक के साथ केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्म-स्थान के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करेगा, जिससे सभी नागरिकों को कानून के समक्ष समानता प्राप्त होती है।1 अंक
- 3.संविधान के अनुच्छेद 25 से 28 तक सभी नागरिकों को अपने धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता दी गई है। इसके अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को यह धार्मिक स्वतंत्रता है कि वह अपनी इच्छा से किसी भी धर्म को अपनाए, उसका पालन करे और उसका प्रचार करे, जिससे देश में धार्मिक सद्भाव बना रहता है।1 अंक
- 4.भारतीय संविधान सभी धार्मिक समुदायों को अपने धार्मिक मामलों (Religious Affairs) का प्रबंधन करने और अपने शिक्षण संस्थानों (Educational Institutions) की स्थापना एवं प्रशासन करने का अधिकार देता है। इस प्रावधान के कारण प्रत्येक धार्मिक समुदाय अपनी धार्मिक शिक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु स्वतंत्र रूप से संस्थाएँ स्थापित कर सकता है।1 अंक
- पहले बिन्दु में 'राजकीय धर्म' और 'प्रस्तावना' शब्द अवश्य लिखें।
- दूसरे बिन्दु में 'अनुच्छेद 15' और 'भेदभाव' शब्द स्पष्ट लिखें।
- तीसरे और चौथे बिन्दु में 'अनुच्छेद 25 से 28' तथा 'धार्मिक मामले एवं शिक्षण संस्थान' शब्दों का उल्लेख करें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q3दीर्घ उत्तरीय4 अंकपूछा गया: 2021
भारत के संदर्भ में जीवन के विभिन्न पहलुओं में महिलाओं की स्थिति की विवेचना कीजिए ।

मेधा मैम
Ask Medha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · भारत में महिलाओं की स्थिति
- 1.भारत में साक्षरता दर के मामले में महिलाओं की स्थिति पुरुषों की तुलना में काफी कम है। महिलाओं की साक्षरता दर (literacy rate) पुरुषों से कम होने के कारण वे शिक्षा से जुड़े लाभों से वंचित रह जाती हैं। इसके साथ ही जब महिलाएँ कार्य करती हैं तो उन्हें पुरुषों के समान कार्य करने पर भी असमान वेतन दिया जाता है, जिससे उनकी आर्थिक भागीदारी सीमित हो जाती है। इसके अतिरिक्त अधिकांश महिलाओं का अधिकांश समय घरेलू कार्यों में व्यतीत हो जाता है, जिसके लिए उन्हें किसी प्रकार का पारिश्रमिक नहीं मिलता, जिससे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है।1 अंक
- 2.उच्च शिक्षा और बेहतर वेतन वाली नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी अभी भी बहुत सीमित है। उच्च शिक्षा (higher education) प्राप्त महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में कम होने के कारण अच्छे वेतन वाले पदों पर उनकी भागीदारी (participation) नगण्य रहती है। राजनीतिक क्षेत्र में भी महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से संविधान के 73वें एवं 74वें संशोधन अधिनियमों द्वारा उन्हें स्थानीय राजनीतिक निकायों में आरक्षण के माध्यम से प्रतिनिधित्व दिया गया, जिससे उनकी भागीदारी कुछ हद तक सुनिश्चित हो सकी।1 अंक
- 3.भारतीय समाज में पितृसत्तात्मक (patriarchal) दृष्टिकोण के कारण महिलाओं को घरेलू कार्यों (domestic work) तक सीमित रखा जाता है। समाज में प्रचलित इस पितृसत्तात्मक सोच के चलते महिलाओं की भूमिका को घर की चारदीवारी तक ही सीमित मान लिया जाता है, जिससे वे बाहर निकलकर आर्थिक गतिविधियों में भाग नहीं ले पातीं। इस कारण जब वे कार्य करती भी हैं तो उन्हें असमान वेतन मिलता है और उनकी आर्थिक भागीदारी बहुत सीमित रह जाती है।1 अंक
- 4.राजनीतिक प्रतिनिधित्व (political representation) के क्षेत्र में महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में बहुत कम है। विधानसभाओं और संसद जैसी राजनीतिक संस्थाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अब भी पुरुषों की अपेक्षा नगण्य है, क्योंकि उन्हें घरेलू कार्यों में उलझाकर रखा जाता है और उनकी आर्थिक भागीदारी भी असमान वेतन के कारण सीमित रहती है, जिसके फलस्वरूप राजनीति में भी उनकी स्थिति कमजोर बनी रहती है।1 अंक
- हर बिन्दु में साक्षरता दर, पितृसत्तात्मक, असमान वेतन, घरेलू कार्य और राजनीतिक प्रतिनिधित्व शब्दों का प्रयोग अवश्य करें।
- 73वें एवं 74वें संशोधन अधिनियम द्वारा मिले आरक्षण का उल्लेख लिखें।
- हर पैराग्राफ में केवल उसी बिन्दु की बात लिखें, दोहराव न करें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q4लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2021
लैंगिक विभेद से क्या अभिप्राय है ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. लैंगिक विभेद का अर्थ समाज द्वारा स्त्री और पुरुष को दी गई असमान सामाजिक भूमिकाओं से है। समाज में स्त्री और पुरुष के बीच किया गया यह भेदभाव उन्हें अलग-अलग अधिकार, अवसर एवं अपेक्षाएँ प्रदान करता है, जिसके कारण दोनों के…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q5लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2021
भारत ने बहुदलीय प्रणाली को क्यों अपनाया ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. भारत एक विशाल और विविधतापूर्ण देश है जहाँ विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और भाषाई समूह मौजूद हैं। देश में अनेक जातियों, धर्मों, क्षेत्रों और भाषाओं के लोग निवास करते हैं जिनके हित और विचार एक-दूसरे से भिन्न होते हैं। इस…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q6लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2022
गुप्त मतदान को परिभाषित करें ।
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. गुप्त मतदान वह प्रक्रिया है जिसमें मतदाता अपने पसंदीदा उम्मीदवार या दल को वोट देता है और यह गुप्त रहता है कि उसने किसे वोट दिया है। इस प्रक्रिया को गुप्त मतदान (secret ballot) कहा जाता है और इसमें मतदाता की पहचान एवं…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q7लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2022
गुप्त मतदान को परिभाषित करें।
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. गुप्त मतदान एक ऐसी प्रणाली है जिसमें मतदाता अपनी पसंद के उम्मीदवार या दल के पक्ष में वोट डालता है और किसी को यह पता नहीं चलता कि उसने किसे वोट दिया है।
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q8लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2023
लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की क्या आवश्यकता है ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. लोकतंत्र में राजनीतिक दल जनता की विभिन्न समस्याओं के समाधान में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राजनीतिक दल देश के लोगों की भावनाओं एवं विचारों को जोड़ने का काम करते हैं और जनता की समस्याओं एवं मांगों को समेटकर सरकार के…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q9लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2023
सूचना के अधिकार आंदोलन के मुख्य उद्देश्य क्या थे ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. सूचना के अधिकार आंदोलन का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना था। ग्रामीणों को लग रहा था कि उन्हें दी गई मजदूरी में भारी घपला हो रहा है, इसलिए वे प्रशासन से अपने वेतन एवं भुगतान के…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q10लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2024
भारत में बहुदलीय व्यवस्था क्यों अपनाई गई है ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. भारत एक विशाल और विविधतापूर्ण देश है जहाँ विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और भाषाई समूह मौजूद हैं। भारत में अनेक जाति, धर्म, क्षेत्र और भाषा के लोग रहते हैं। इस सामाजिक एवं सांस्कृतिक विविधता के कारण केवल एक या दो दल सबकी…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q11लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2024
भारतीय किसान यूनियन की मुख्य माँगें क्या थीं ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. भारतीय किसान यूनियन ने गन्ने और गेहूँ के सरकारी खरीद मूल्य में बढ़ोतरी करने की माँग की थी। इसके साथ ही यूनियन ने समुचित दर पर गारंटी युक्त बिजली आपूर्ति करने, किसानों के बकाये कर्ज माफ करने तथा किसानों के लिए पेंशन…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q12लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2026
नर्मदा बचाओ आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्या था ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. नर्मदा बचाओ आंदोलन का मुख्य उद्देश्य नर्मदा नदी पर बनाए जा रहे विशाल बाँधों के निर्माण को रोकना था। मध्यभारत की नर्मदा घाटी की विकास परियोजनाओं के तहत गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से गुजरनेवाली नर्मदा और उसकी सहायक…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q13लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2026
दल-बदल विरोधी कानून से आप क्या समझते हैं ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. दल-बदल विरोधी कानून वह कानून है जो निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपना दल बदलने से रोकने के लिए बनाया गया है। विधायकों और सांसदों के दल-बदल को रोकने के लिए संविधान में संशोधन लाकर यह कानून बनाया गया है।
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q14लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2026
राजनीतिक दलों को लोकतंत्र का प्राण क्यों कहते हैं ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. राजनीतिक दलों को लोकतंत्र का प्राण इसलिए कहा जाता है क्योंकि राजनीतिक दल जनता और सरकार के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। राजनीतिक दल देश के लोगों की भावनाओं एवं विचारों को जोड़ने का काम करते हैं और जनता की…
पूरा उत्तर मेधा मैम से →
ऑब्जेक्टिव प्रश्न — उत्तर-कुंजी सहित (10)
- 1. बिहार बोर्ड 2026
निम्नलिखित में से किस देश में बहुदलीय व्यवस्था नहीं है ?
- (A) भारत
- (B) पाकिस्तान
- (C) चीन ✓
- (D) नेपाल
उत्तर: (C)
- 2. बिहार बोर्ड 2026
भारत की केन्द्रीय सरकार के गठबंधन का क्या नाम है ?
- (A) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ✓
- (B) संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन
- (C) महागठबंधन
- (D) इनमें से कोई नहीं
उत्तर: (A)
- 3. बिहार बोर्ड 2026
नेपाल में लोकतंत्र को कब स्थायी रूप से बहाल किया गया ?
- (A) 2006
- (B) 2007
- (C) 2008 ✓
- (D) 1990
उत्तर: (C)
- 4. बिहार बोर्ड 2026
निम्नलिखित में से किसने बिहार में संपूर्ण क्रांति का नेतृत्व किया ?
- (A) मोरारजी देसाई
- (B) इंदिरा गाँधी
- (C) जयप्रकाश नारायण ✓
- (D) शरद यादव
उत्तर: (C)
- 5. बिहार बोर्ड 2026
राजनीतिक दलों की नींव सर्वप्रथम किस देश में पड़ी ?
- (A) भारत
- (B) फ्रांस
- (C) ब्रिटेन ✓
- (D) अमेरिका
उत्तर: (C)
- 6. बिहार बोर्ड 2025
निम्न में से कौन दबाव समूह नहीं है ?
- (A) अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद्
- (B) ऑल इण्डिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस
- (C) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ✓
- (D) राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ
उत्तर: (C)
- 7. बिहार बोर्ड 2025
बीजू जनता दल किस राज्य से संबंधित है ?
- (A) बिहार
- (B) झारखण्ड
- (C) ओडिशा ✓
- (D) छत्तीसगढ़
उत्तर: (C)
- 8. बिहार बोर्ड 2025
शेतकारी संगठन कहाँ स्थापित हुआ ?
- (A) राजस्थान
- (B) उत्तर प्रदेश
- (C) बिहार
- (D) महाराष्ट्र ✓
उत्तर: (D)
- 9. बिहार बोर्ड 2025
राजनीतिक दलों को चुनाव चिह्न कौन आवंटित करता है?
- (A) भारत सरकार
- (B) भारतीय संविधान
- (C) चुनाव आयोग ✓
- (D) राष्ट्रपति
उत्तर: (C)
- 10. बिहार बोर्ड 2025
लोक जनशक्ति पार्टी का गठन किसने किया ?
- (A) राम विलास पासवान ✓
- (B) मुलायम सिंह
- (C) कांशीराम
- (D) शरद यादव
उत्तर: (A)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- बिहार बोर्ड 10वीं सामाजिक विज्ञान में "लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा एवं संघर्ष" से कितने अंक आते हैं?
- 2021 से 2026 के बिहार बोर्ड के पेपरों में इस अध्याय से औसतन लगभग 4 अंक और लगभग 6 प्रश्न हर साल पूछे गए; सामाजिक विज्ञान में अंकों के हिसाब से यह 5वाँ अध्याय है।
- "लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा एवं संघर्ष" के VVI प्रश्न कौन से हैं?
- ऊपर दिए गए 14 प्रश्न बोर्ड के असली पेपरों से हैं, जिस-जिस साल पूछे गए उस साल के साथ; जो सबसे ज़्यादा बार पूछे गए वे पहले हैं और उनके आदर्श उत्तर पूरे दिए गए हैं। इस अध्याय के कुल 14 लिखित प्रश्न और उनके उत्तर Ask Medha ऐप में हैं।
- क्या ये उत्तर बोर्ड की marking scheme के अनुसार हैं?
- BSEB अपनी marking scheme प्रकाशित नहीं करता। हर उत्तर पिछले पेपरों से निकाली गई अंक-संरचना पर बिंदुवार लिखा गया है और एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल से जाँचा गया है; इसे बोर्ड की आधिकारिक scheme नहीं कहा जाता।
यही तैयारी, मेधा मैम के साथ — आपके फ़ोन पर
हर अध्याय का हर प्रश्न, हर आदर्श उत्तर और बोर्ड के ढंग के अभ्यास प्रश्न; रोज़ 45 मिनट की क्लास, जाँचे हुए लिखित उत्तर, हर रविवार टेस्ट और माता-पिता को WhatsApp रिपोर्ट।
मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।