बिहार बोर्ड 10वीं · सामाजिक विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 2: समाजवाद एवं साम्यवाद
बिहार बोर्ड (BSEB) के 2016–2026 के असली पेपरों से इस अध्याय के 10 सबसे ज़्यादा पूछे गए प्रश्न (VVI) — 3 के आदर्श उत्तर पूरे, 7 के उत्तर की पहली पंक्ति — और ऑब्जेक्टिव प्रश्न बोर्ड की उत्तर-कुंजी के साथ।
- अंक हर साल (लगभग)
- 3
- प्रश्न हर साल (लगभग)
- 4
- सामाजिक विज्ञान में स्थान
- #10
2021–2026 के 6 साल के पेपरों पर आधारित · पूरा अंक वितरण
VVI प्रश्न — बोर्ड ने जिन्हें सबसे ज़्यादा बार पूछा (10)
- Q1दीर्घ उत्तरीय4 अंकपूछा गया: 2026
रूस की नई आर्थिक नीति मार्क्सवादी सिद्धांतों के साथ किस प्रकार एक समझौता थी ?

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · नई आर्थिक नीति, रूस
- 1.लेनिन ने 1921 में नई आर्थिक नीति लागू की जो युद्ध साम्यवाद की विफलता के बाद एक व्यावहारिक कदम था। युद्ध साम्यवाद की नीति से किसानों में असंतोष बढ़ गया था और कृषि एवं औद्योगिक उत्पादन में भारी कमी आ गई थी। इसी कमी को नियंत्रित करने के लिए लेनिन को नई आर्थिक नीति लागू करनी पड़ी, जो शुद्ध साम्यवादी सिद्धांतों से हटकर एक व्यावहारिक समझौता था।1 अंक
- 2.इस नई आर्थिक नीति के तहत किसानों को अनाज का एक निश्चित हिस्सा कर के रूप में राज्य को देने के बाद शेष अनाज को बाजार में बेचने की छूट दी गई। 1921 में लेनिन द्वारा लागू की गई इस व्यवस्था ने किसानों को उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया क्योंकि अब उन्हें अपनी उपज का एक भाग स्वयं के लाभ के लिए बेचने की स्वतंत्रता मिल गई थी, जो शुद्ध साम्यवादी व्यवस्था में संभव नहीं था।1 अंक
- 3.छोटे उद्योगों और खुदरा व्यापार को निजी स्वामित्व में चलाने की अनुमति दी गई, जबकि बड़े उद्योगों, बैंकों, परिवहन एवं रेलवे पर राज्य का नियंत्रण बना रहा। यह व्यवस्था पूर्ण साम्यवाद से भिन्न थी, क्योंकि साम्यवादी व्यवस्था में उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व समाप्त कर दिया जाता है, परंतु यहाँ छोटे पैमाने के उद्योग और खुदरा व्यापार निजी हाथों में रहने दिए गए।1 अंक
- 4.विदेशी पूंजी और तकनीकी सहायता को आमंत्रित करना मार्क्सवादी सिद्धांतों के साथ एक समझौता था, क्योंकि यह पूंजीवादी तत्वों को स्वीकार करता था। समाजवाद में विदेशी पूंजी और पूंजीवादी ढांचे का कोई स्थान नहीं होता, लेकिन लेनिन ने आर्थिक पुनर्निर्माण के लिए इन्हें स्वीकार किया। इस प्रकार नई आर्थिक नीति समाजवाद और पूंजीवाद के बीच का एक समझौता साबित हुई।1 अंक
- पहले पैराग्राफ में '1921', 'युद्ध साम्यवाद' और 'लेनिन' शब्द अवश्य लिखें।
- दूसरे पैराग्राफ में 'अनाज', 'कर' और किसानों को बेचने की छूट का उल्लेख स्पष्ट रूप से करें।
- तीसरे पैराग्राफ में 'निजी स्वामित्व' और 'बड़े उद्योगों' पर राज्य नियंत्रण का अंतर अवश्य बताएं।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q2दीर्घ उत्तरीय4 अंकपूछा गया: 2026
रूसी क्रांति का क्या प्रभाव पड़ा ? विस्तार से बताएँ ।

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · रूसी क्रांति का प्रभाव
- 1.रूसी क्रांति (1917) के परिणामस्वरूप रूस में जारशाही का अंत हुआ और विश्व का पहला समाजवादी राज्य स्थापित हुआ। इस क्रांति ने रूस के सम्राट अथवा जार के एकतंत्रीय निरंकुश शासन का अंत कर मात्र लोकतंत्र की स्थापना का ही प्रयत्न नहीं किया, अपितु सामाजिक, आर्थिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में कुलीनों, पूँजीपतियों और जमींदारों की शक्ति का अंत किया तथा मजदूरों और किसानों की सत्ता को स्थापित किया। इस क्रांति ने एक नई राजनीतिक सामाजिक व्यवस्था-साम्यवाद-का आदर्श उपस्थित करने के साथ-साथ विश्व में सर्वप्रथम सर्वहारा वर्ग की सत्ता की स्वीकृति का भी प्रयास किया। इसमें निजी संपत्ति को समाप्त कर उत्पादन के साधनों पर राज्य का नियंत्रण स्थापित किया गया।1 अंक
- 2.इस क्रांति ने विश्व के अन्य देशों के मजदूरों और किसानों में इस विश्वास एवं आशा का संचार किया कि इतिहास उनकी तरफ है तथा भविष्य में एक ऐसे संसार का निर्माण होना है, जो शोषण एवं उत्पीड़न से मुक्त होगा। इससे प्रेरित होकर मजदूर और किसान शोषण के विरुद्ध संगठित होकर विद्रोह करने लगे और विश्व में साम्यवादी आंदोलन को बल मिला।1 अंक
- 3.रूसी क्रांति से प्रेरित होकर भारत सहित कई उपनिवेशों में राष्ट्रीय आंदोलन तथा साम्यवादी विचारधारा मजबूत हुई। इसके प्रभाव से विभिन्न देशों में कम्युनिस्ट पार्टियों का गठन हुआ, जिससे उपनिवेशवाद विरोधी संघर्ष को बल मिला और औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संगठित आंदोलन तेज हुए।1 अंक
- 4.समाजवाद के प्रसार को रोकने के लिए पूँजीवादी देशों को सामाजिक सुरक्षा, श्रम कल्याण और कल्याणकारी राज्य जैसी नीतियाँ अपनानी पड़ीं, ताकि मजदूरों में समाजवादी विचारों का प्रभाव कम हो। इसके साथ ही रूस भी एक पिछड़े कृषि प्रधान देश से शक्तिशाली औद्योगिक राष्ट्र में परिवर्तित हो गया, जिससे वह विश्व की एक प्रमुख शक्ति बन गया।1 अंक
- पहले बिंदु में 'जारशाही', 'समाजवादी राज्य' और 'निजी संपत्ति' शब्द अवश्य लिखें।
- दूसरे बिंदु में 'मजदूर-किसान', 'शोषण' और 'साम्यवादी आंदोलन' शब्द अवश्य लिखें।
- तीसरे बिंदु में 'भारत', 'कम्युनिस्ट पार्टी' और 'उपनिवेशवाद विरोधी' शब्द तथा चौथे बिंदु में 'कल्याणकारी राज्य' एवं 'औद्योगिक राष्ट्र' शब्द अवश्य लिखें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q3दीर्घ उत्तरीय4 अंकपूछा गया: 2021
यूटोपियन समाजवादियों के विचारों का वर्णन करें ।

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · यूटोपियन समाजवादियों के विचार
- 1.यूटोपियन समाजवादियों ने पूँजीवादी समाज का विरोध किया जो निजी संपत्ति एवं प्रतिस्पर्धा पर आधारित था। उनकी दृष्टि आदर्शवादी थी तथा उनके कार्यक्रम की प्रकृति अव्यावहारिक थी। उनका विश्वास था कि लोग एक-दूसरे का शोषण करने के बदले मिलजुल कर प्रकृति का दोहन करें अर्थात् वे सहकारिता (cooperation) पर बल देते थे। वे क्रांति के बदले शांतिपूर्ण परिवर्तन में विश्वास रखते थे अर्थात् वर्ग संघर्ष के बदले वर्ग समन्वय के हिमायती थे।1 अंक
- 2.यूटोपियन समाजवादियों में रॉबर्ट ओवेन (Robert Owen) का नाम विशेष उल्लेखनीय है। रॉबर्ट ओवेन ने अमेरिका के इंडियाना राज्य में 'न्यू हार्मनी' नामक एक सहकारी समुदाय की स्थापना की।1 अंक
- 3.यूटोपियन समाजवादियों का मानना था कि समाज को निर्धन वर्ग के भौतिक एवं नैतिक उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए तथा बड़े पैमाने के उत्पादन में निजी संपत्ति को समाप्त कर सामूहिक स्वामित्व (collective ownership) स्थापित किया जाना चाहिए। सेंट साइमन ने घोषित किया 'प्रत्येक से उसकी क्षमता के अनुसार तथा प्रत्येक को उसके कार्य के अनुसार', जो आगे समाजवाद का मूलभूत नारा बन गया।1 अंक
- 4.यूटोपियन समाजवादी मशीनों के उपयोग के पक्ष में नहीं थे। वे छोटे सहकारी समुदायों के माध्यम से समाजवादी समाज बनाना चाहते थे जहाँ उत्पादन आपसी सहयोग से हो, न कि शोषण के आधार पर।1 अंक
- सेंट साइमन का नारा 'प्रत्येक से उसकी क्षमता के अनुसार तथा प्रत्येक को उसके कार्य के अनुसार' अवश्य लिखें।
- रॉबर्ट ओवेन और 'न्यू हार्मनी' समुदाय का नाम स्पष्ट रूप से लिखें।
- सामूहिक स्वामित्व और मशीन-विरोध की बात अलग-अलग पैराग्राफ में लिखें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q4दीर्घ उत्तरीय4 अंकपूछा गया: 2021
यूरोपियन समाजवादियों के विचारों का वर्णन करें।
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. यूरोपीय समाजवादी निजी संपत्ति (private property) तथा प्रतिस्पर्धा आधारित समाज के विरोधी थे। इन महान विचारकों ने यूरोपीय देशों में प्रचलित आर्थिक व्यवस्था की कड़ी आलोचना की तथा औद्योगिक संगठन और पूँजीपतियों एवं श्रमिकों…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q5लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2022
क्रांति से पूर्व रूसी किसानों की स्थिति कैसी थी ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. क्रांति से पूर्व रूसी किसानों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। वे भूदास के रूप में जीवन व्यतीत करते थे और घोर गरीबी में जी रहे थे।
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q6लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2022
क्रांति से पूर्व रूसी किसानों की स्थिति कैसी थी ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. क्रांति से पूर्व रूसी किसानों की स्थिति अत्यंत दयनीय और गरीबी की थी। वे अपनी दयनीय स्थिति से संतुष्ट नहीं थे तथा उन्हें जमींदारों की जमीन पर कठोर परिश्रम करना पड़ता था।
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q7लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2023
बोल्शेविक क्रांति के दो तात्कालिक कारण बताइए।
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. प्रथम विश्वयुद्ध में रूस की लगातार पराजय, सैनिकों की भारी हानि और आर्थिक तबाही से जनता और सैनिकों में भारी असंतोष फैल गया।
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q8लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2024
साम्यवाद क्या है ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. साम्यवाद एक ऐसी सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था है जिसमें उत्पादन के साधनों पर पूरे समाज का सामूहिक स्वामित्व होता है। इसमें किसी व्यक्ति विशेष का उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व नहीं रहता, बल्कि समाज के सभी सदस्यों का…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q9लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2025
ऐतिहासिक भौतिकवाद से आप क्या समझते हैं?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. ऐतिहासिक भौतिकवाद कार्ल मार्क्स द्वारा प्रस्तुत इतिहास की भौतिकवादी व्याख्या है जो समाज के विकास को आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर समझाती है। कार्ल मार्क्स ने कहा कि इतिहास उत्पादन के साधन पर नियंत्रण के लिए दो वर्गों…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q10लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2025
'स्वर्णिम मध्यमवर्गीय' नीति का अवलंबन किसने और क्यों किया ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. 'स्वर्णिम मध्यमवर्ग' की नीति फ्रांसीसी शासक लुई फिलिप द्वारा अपनाई गई थी।
पूरा उत्तर मेधा मैम से →
ऑब्जेक्टिव प्रश्न — उत्तर-कुंजी सहित (10)
- 1. बिहार बोर्ड 2026
रूस ने ब्रेस्टलिटोवस्क की संधि किससे की ?
- (A) फ्रांस
- (B) जर्मनी ✓
- (C) पोलैंड
- (D) अमेरिका
उत्तर: (B)
- 2. बिहार बोर्ड 2026
निम्नलिखित में से किसे समाजवादियों की बाइबल कहा जाता है ?
- (A) वॉर एण्ड पीस
- (B) कम्युनिस्ट मैनिफेस्टो
- (C) दास-कैपिटल ✓
- (D) अप्रैल थीसिस
उत्तर: (C)
- 3. बिहार बोर्ड 2025
बोल्शेविक दल का नाम बदलकर साम्यवादी दल किसने किया ?
- (A) लेनिन ✓
- (B) ट्रॉटस्की
- (C) स्टालिन
- (D) बिस्मार्क
उत्तर: (A)
- 4. बिहार बोर्ड 2025
रूस में कृषि दासता को किसने समाप्त किया ?
- (A) लेलिन
- (B) जार एलेक्जेंडर द्वितीय ✓
- (C) स्टालिन
- (D) ट्रॉटस्की
उत्तर: (B)
- 5. बिहार बोर्ड 2025
वैज्ञानिक समाजवाद का जनक किसे माना जाता है ?
- (A) हीगेल
- (B) कार्ल मार्क्स ✓
- (C) सेंट साइमन
- (D) मार्टिन लूथर
उत्तर: (B)
- 6. बिहार बोर्ड 2025
सोवियत संघ का विघटन कब हुआ ?
- (A) 1985
- (B) 1991 ✓
- (C) 1968
- (D) 1990
उत्तर: (B)
- 7. बिहार बोर्ड 2025
ब्रेस्ट-लिटोवस्क की संधि किन देशों के बीच हुई थी?
- (A) रूस और फ्रांस
- (B) रूस और इंग्लैंड
- (C) रूस और अमेरिका
- (D) रूस और जर्मनी ✓
उत्तर: (D)
- 8. बिहार बोर्ड 2025
पेरेस्त्रोइका तथा ग्लासनोस्त की अवधारणा किसने दी?
- (A) मिखाइल गोर्बाच्योव ✓
- (B) पुतिन
- (C) स्तालिन
- (D) लेनिन
उत्तर: (A)
- 9. बिहार बोर्ड 2025
ग्रेगोरियन कैलेंडर जूलियन कैलेंडर से कितने दिन आगे चलता है?
- (A) 10 दिन
- (B) 12 दिन
- (C) 13 दिन ✓
- (D) 15 दिन
उत्तर: (C)
- 10. बिहार बोर्ड 2025
विश्व का पहला समाजवादी शासन स्थापित करने वाला देश कौन है?
- (A) फ्रांस
- (B) जर्मनी
- (C) रूस ✓
- (D) चीन
उत्तर: (C)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- बिहार बोर्ड 10वीं सामाजिक विज्ञान में "समाजवाद एवं साम्यवाद" से कितने अंक आते हैं?
- 2021 से 2026 के बिहार बोर्ड के पेपरों में इस अध्याय से औसतन लगभग 3 अंक और लगभग 4 प्रश्न हर साल पूछे गए; सामाजिक विज्ञान में अंकों के हिसाब से यह 10वाँ अध्याय है।
- "समाजवाद एवं साम्यवाद" के VVI प्रश्न कौन से हैं?
- ऊपर दिए गए 10 प्रश्न बोर्ड के असली पेपरों से हैं, जिस-जिस साल पूछे गए उस साल के साथ; जो सबसे ज़्यादा बार पूछे गए वे पहले हैं और उनके आदर्श उत्तर पूरे दिए गए हैं। इस अध्याय के कुल 10 लिखित प्रश्न और उनके उत्तर AskMedha ऐप में हैं।
- क्या ये उत्तर बोर्ड की marking scheme के अनुसार हैं?
- BSEB अपनी marking scheme प्रकाशित नहीं करता। हर उत्तर पिछले पेपरों से निकाली गई अंक-संरचना पर बिंदुवार लिखा गया है और एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल से जाँचा गया है; इसे बोर्ड की आधिकारिक scheme नहीं कहा जाता।
यही तैयारी, मेधा मैम के साथ — आपके फ़ोन पर
हर अध्याय का हर प्रश्न, हर आदर्श उत्तर और बोर्ड के ढंग के अभ्यास प्रश्न; रोज़ 60 मिनट की क्लास, जाँचे हुए लिखित उत्तर, हर रविवार टेस्ट और माता-पिता को WhatsApp रिपोर्ट।
मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।