बिहार बोर्ड 10वीं · हिंदी · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 4: नाखून क्यों बढ़ते हैं (हजारी प्रसाद द्विवेदी)
बिहार बोर्ड (BSEB) के 2016–2026 के असली पेपरों से इस अध्याय के 3 सबसे ज़्यादा पूछे गए प्रश्न (VVI) — 3 के आदर्श उत्तर पूरे — और ऑब्जेक्टिव प्रश्न बोर्ड की उत्तर-कुंजी के साथ।
- अंक हर साल (लगभग)
- 2
- प्रश्न हर साल (लगभग)
- 2
- हिंदी में स्थान
- #12
2021–2026 के 5 साल के पेपरों पर आधारित · पूरा अंक वितरण
VVI प्रश्न — बोर्ड ने जिन्हें सबसे ज़्यादा बार पूछा (3)
- Q1दीर्घ उत्तरीय5 अंकपूछा गया: 2022
लेखक हजारी प्रसाद द्विवेदी ने किस प्रसंग में कहा है कि बंदरिया मनुष्य का आदर्श नहीं बन सकती ? लेखक का अभिप्राय स्पष्ट करें

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · बंदरिया प्रसंग, पुराने का मोह
- 1.यह कथन हजारी प्रसाद द्विवेदी के ललित निबंध 'नाखून क्यों बढ़ते हैं' में 'स्वाधीनता' शब्द की चर्चा के प्रसंग में आया है। लेखक कहते हैं कि अपने आप पर अपने आप के द्वारा लगाया हुआ बंधन हमारी संस्कृति की बड़ी विशेषता है।1 अंक
- 2.फिर भी लेखक यह नहीं मानते कि जो कुछ हमारा पुराना या विशेष है, उससे हम चिपटे ही रहें। पुराने का 'मोह' सब समय वांछनीय नहीं होता।1 अंक
- 3.मरे बच्चे को गोद में दबाए रहने वाली बंदरिया उस चीज़ से चिपकी रहती है जो अब किसी काम की नहीं। ऐसा अंधा मोह मनुष्य का आदर्श नहीं बन सकता।1 अंक
- 4.पर लेखक यह भी नहीं चाहते कि हम नई अनुसंधित्सा के नशे में चूर होकर अपना सर्वस्व खो दें।1 अंक
- 5.लेखक का अभिप्राय है कि मनुष्य विवेक से काम ले। कालिदास के अनुसार सब पुराने अच्छे नहीं होते और सब नए खराब नहीं होते; भले लोग दोनों की जाँच करके जो हितकर हो उसे ग्रहण करते हैं।1 अंक
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q2दीर्घ उत्तरीय5 अंकपूछा गया: 2025
लेखक हजारी प्रसाद द्विवेदी क्यों पूछते हैं कि मनुष्य किस ओर बढ़ रहा है, पशुता की ओर या मनुष्यता की ओर ? स्पष्ट करें

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · पशुता या मनुष्यता की ओर प्रश्न
- 1.लेखक ने मनुष्य के भीतर छिपी पाशविक प्रवृत्तियों और मानवीय संवेदनाओं के द्वंद्व को रेखांकित किया है। नाखून क्यों बढ़ते हैं, यह प्रश्न लेखक के मन में एक निर्बोध बालिका के प्रश्न से उठता है और उत्तर मिलता है कि नाखून हमारी पशुता के अवशेष हैं। सभ्यता के विकास के बाद भी मनुष्य के शरीर में बहुत-सी आदिम प्रवृत्ति के रूप में सहजात वृत्तियाँ रह गई हैं, जो नख बढ़ाने में प्रकट होती हैं, और इस प्रकार मनुष्य के भीतर आदिम प्रवृत्ति तथा मानवीय संवेदना दोनों साथ-साथ विद्यमान रहकर द्वंद्व उत्पन्न करती हैं।1 अंक
- 2.मनुष्य द्वारा अपनी पुरानी हिंसक और स्वार्थी प्रवृत्तियों को न छोड़ पाने के कारण लेखक को पशुता का आभास होता है। लेखक कहता है कि अस्त्र-शस्त्र हमारी पशुता की निशानी हैं और मनुष्य की बर्बरता घटी नहीं, बढ़ती ही जा रही है। युद्ध और विनाशकारी हथियार बनाना यही प्रमाणित करते हैं कि मनुष्य की हिंसा अभी भी जीवित है, जिसके कारण मनुष्य की पशुता को जितनी बार भी काट दो, वह मरना नहीं जानती।1 अंक
- 3.दूसरी ओर, मनुष्य में प्रेम, त्याग और परोपकार की भावना का विकास उसे मनुष्यता की ओर ले जाता है। घृणा पशुत्व का द्योतक है, परंतु अपने को संयत रखना और दूसरे के मनोभावों का आदर करना मनुष्य का स्वधर्म है। इसी कारण लेखक का मन पूछता है कि मनुष्य किस ओर बढ़ रहा है, पशुता की ओर या मनुष्यता की ओर, क्योंकि प्रेम और त्याग की भावना उसे पशुता से ऊपर उठाती है।1 अंक
- 4.लेखक का प्रश्न यह है कि क्या मनुष्य अपनी विवेकशीलता से इन पाशविक प्रवृत्तियों पर विजय प्राप्त कर पाएगा। मनुष्य की अपनी इच्छा है, अपना आदर्श है, और अस्त्र-शस्त्रों की बाढ़ को रोकना मनुष्यत्व का तकाजा है। पशुत्व के चिह्न भीतर रहते हुए भी मनुष्य पशुत्व को छोड़ चुका है, अतः पशु बनकर वह आगे नहीं बढ़ सकता, इसी से लेखक का यह प्रश्न जन्म लेता है कि मनुष्य किस ओर बढ़ रहा है, पशुता की ओर या मनुष्यता की ओर।1 अंक
- 5.यह प्रश्न मनुष्य को आत्म-चिंतन के लिए प्रेरित करता है ताकि वह अपनी सभ्यता और संस्कृति की रक्षा कर सके। नाखून क्यों बढ़ते हैं, इस प्रश्न पर विचार करने से मनुष्य अपनी आदिम प्रवृत्ति को पहचान पाता है और अपनी वास्तविक दिशा के प्रति सचेत होता है। ऐसा दिन आ सकता है जब मनुष्य की पशुता लुप्त हो जाएगी, इसी आशा के साथ लेखक यह प्रश्न उठाकर मनुष्य को सभ्यता और संस्कृति की रक्षा के लिए सचेत करता है।1 अंक
- तीसरे और चौथे पैराग्राफ में 'मनुष्य किस ओर बढ़ रहा है, पशुता की ओर या मनुष्यता की ओर' प्रश्न अवश्य लिखें।
- अंतिम पैराग्राफ में 'आत्म-चिंतन' और 'सभ्यता और संस्कृति की रक्षा' शब्दों का उल्लेख करें।
- दूसरे पैराग्राफ में 'हिंसक', 'स्वार्थी' और 'विनाशकारी हथियार' शब्द अवश्य लिखें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q3लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2025
नाखून क्यों बढ़ते हैं ? यह प्रश्न लेखक के सामने कैसे उपस्थित हुआ ?

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · प्रश्न की उत्पत्ति, नाखून निबंध
- 1.लेखक की छोटी लड़की ने एक दिन उनसे पूछ दिया कि आदमी के नाखून क्यों बढ़ते हैं। यह प्रश्न सुनकर लेखक कुछ सोच ही नहीं सके, क्योंकि उन्होंने इस विषय में पहले कभी विचार नहीं किया था। इस प्रकार यह प्रश्न लेखक के सामने उनकी छोटी बेटी के मुख से उत्पन्न हुआ।1 अंक
- 2.यह प्रश्न लेखक के सामने उनकी मासूम बेटी की सहज जिज्ञासा के रूप में उपस्थित हुआ। बच्चे कभी-कभी चक्कर में डाल देने वाले प्रश्न कर बैठते हैं, और इस मासूम जिज्ञासा से अल्पज्ञ पिता होने के कारण लेखक के मन में यह प्रश्न विचार के रूप में उत्पन्न हो गया।1 अंक
- पहले पैराग्राफ में 'छोटी लड़की' और 'नाखून क्यों बढ़ते हैं' वाला मूल प्रश्न अवश्य लिखें।
- दूसरे पैराग्राफ में 'मासूम जिज्ञासा' शब्द का प्रयोग करें ताकि दोनों बिंदु अलग दिखें।
- दोनों पैराग्राफ में समान बात दोबारा न लिखें, हर बिंदु अपने शब्दों में अलग से स्पष्ट करें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
ऑब्जेक्टिव प्रश्न — उत्तर-कुंजी सहित (10)
- 1. बिहार बोर्ड 2026
'नाखून क्यों बढ़ते हैं' शीर्षक पाठ के अनुसार मनुष्य के द्वारा नाखून काटने की जो प्रवृत्ति है, वह किसकी निशानी है ?
- (A) पशुता
- (B) अबोधता
- (C) मनुष्यता ✓
- (D) दानवता
उत्तर: (C)
- 2. बिहार बोर्ड 2026
'हिंदी साहित्य की भूमिका' किसकी रचना है ?
- (A) हजारी प्रसाद द्विवेदी की ✓
- (B) रामविलास शर्मा की
- (C) महात्मा गाँधी की
- (D) गुणाकर मुले की
उत्तर: (A)
- 3. बिहार बोर्ड 2026
'अपरिहार्य' शब्द का अर्थ है
- (A) मुद्रा का एक प्राचीन प्रकार
- (B) जिसे छोड़ा न जा सके, अनिवार्य ✓
- (C) उदारता, भलमनसाहत
- (D) वर्तमान, उपस्थित
उत्तर: (B)
- 4. बिहार बोर्ड 2026
'सहजात वृत्ति' का अर्थ है
- (A) जिसका शेष भी न बचे
- (B) असत्य आचरण
- (C) अपने को संतुष्ट करना
- (D) जन्म के साथ पैदा होने वाली वृत्ति या स्वभाव ✓
उत्तर: (D)
- 5. बिहार बोर्ड 2026
'नाखून क्यों बढ़ते हैं' शीर्षक पाठ में लेखक का कौन-सा दृष्टिकोण प्रकट हुआ है ?
- (A) अनास्थावादी दृष्टिकोण
- (B) नकारात्मक दृष्टिकोण
- (C) पाशविक दृष्टिकोण
- (D) मानववादी दृष्टिकोण ✓
उत्तर: (D)
- 6. बिहार बोर्ड 2025
'प्राणिशास्त्रियों का ऐसा अनुमान है कि मनुष्य का अनावश्यक अंग उसी प्रकार झड़ जाएगा, जिस प्रकार उसकी पूँछ झड़ गई है ।' - किस पाठ की पंक्ति है ?
- (A) भारत से हम क्या सीखें
- (B) नाखून क्यों बढ़ते हैं ✓
- (C) परम्परा का मूल्यांकन
- (D) नागरी लिपि
उत्तर: (B)
- 7. बिहार बोर्ड 2025
निम्नलिखित में किस पाठ की विधा निबंध है ?
- (A) नाखून क्यों बढ़ते हैं ✓
- (B) बहादुर
- (C) मछली
- (D) भारतमाता
उत्तर: (A)
- 8. बिहार बोर्ड 2025
"यदि मनुष्य परिस्थितियों का नियामक नहीं है तो परिस्थितियाँ भी मनुष्य की नियामक नहीं हैं ।" यह कथन किस लेखक का है ?
- (A) हजारी प्रसाद द्विवेदी का
- (B) गुणाकर मुले का
- (C) रामविलास शर्मा का ✓
- (D) मैक्स मूलर का
उत्तर: (C)
- 9. बिहार बोर्ड 2025
कालिदास ने क्या कहा था ? 'नाखून क्यों बढ़ते हैं' शीर्षक पाठ के आधार पर उत्तर दें ।
- (A) सब पुराने अच्छे नहीं होते
- (B) सब नए खराब ही नहीं होते
- (C) (A) और (B) दोनों ✓
- (D) सब पुराने और नए सिर्फ अच्छे होते हैं
उत्तर: (C)
- 10. बिहार बोर्ड 2024
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी को उनकी किस रचना पर साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हुआ था ?
- (A) कुटज
- (B) नाखून क्यों बढ़ते हैं
- (C) आलोक पर्व ✓
- (D) अशोक के फूल
उत्तर: (C)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- बिहार बोर्ड 10वीं हिंदी में "नाखून क्यों बढ़ते हैं (हजारी प्रसाद द्विवेदी)" से कितने अंक आते हैं?
- 2021 से 2026 के बिहार बोर्ड के पेपरों में इस अध्याय से औसतन लगभग 2 अंक और लगभग 2 प्रश्न हर साल पूछे गए; हिंदी में अंकों के हिसाब से यह 12वाँ अध्याय है।
- "नाखून क्यों बढ़ते हैं (हजारी प्रसाद द्विवेदी)" के VVI प्रश्न कौन से हैं?
- ऊपर दिए गए 3 प्रश्न बोर्ड के असली पेपरों से हैं, जिस-जिस साल पूछे गए उस साल के साथ; जो सबसे ज़्यादा बार पूछे गए वे पहले हैं और उनके आदर्श उत्तर पूरे दिए गए हैं। इस अध्याय के कुल 3 लिखित प्रश्न और उनके उत्तर AskMedha ऐप में हैं।
- क्या ये उत्तर बोर्ड की marking scheme के अनुसार हैं?
- BSEB अपनी marking scheme प्रकाशित नहीं करता। हर उत्तर पिछले पेपरों से निकाली गई अंक-संरचना पर बिंदुवार लिखा गया है और एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल से जाँचा गया है; इसे बोर्ड की आधिकारिक scheme नहीं कहा जाता।
यही तैयारी, मेधा मैम के साथ — आपके फ़ोन पर
हर अध्याय का हर प्रश्न, हर आदर्श उत्तर और बोर्ड के ढंग के अभ्यास प्रश्न; रोज़ 60 मिनट की क्लास, जाँचे हुए लिखित उत्तर, हर रविवार टेस्ट और माता-पिता को WhatsApp रिपोर्ट।
मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।