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बिहार बोर्ड 10वीं · गणित · मैट्रिक परीक्षा 2027

अध्याय 8: त्रिकोणमिति का परिचय — नोट्स

इस अध्याय के 5 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।

  1. 1. त्रिकोणमिति क्या है और क्यों पढ़ते हैं

    देखिए, आपने पिछली कक्षाओं में समकोण त्रिभुज पढ़े हैं।

    • • त्रिकोणमिति यानी त्रिभुज की भुजाओं व कोणों के संबंधों का अध्ययन
    • • ग्रीक शब्दों से बना : तीन, भुजा, माप
    • • उपयोग ऊँचाई व दूरी ज्ञात करने में
  2. 2. समकोण त्रिभुज में कोण A के त्रिकोणमितीय अनुपात

    देखिए बोर्ड पर, एक समकोण त्रिभुज ABC है।

    • • sin A = सम्मुख भुजा/कर्ण, यानी BC/AC
    • • cos A = संलग्न भुजा/कर्ण, यानी AB/AC
    • • tan A = BC/AB, यानी sin A/cos A
    • • cosec A = 1/sin A, sec A = 1/cos A, cot A = 1/tan A
    • • उदाहरण: tan A = 4/3 पर BC = 4k, AB = 3k, AC = 5k
    • • इससे sin A = 4/5, cos A = 3/5, cot A = 3/4, cosec A = 5/4, sec A = 5/3
  3. 3. विशिष्ट कोणों 0°, 30°, 45°, 60°, 90° के अनुपात

    देखिए, अब हम कुछ खास कोणों के अनुपात निकालेंगे।

    • • sin 0° = 0, sin 30° = 1/2, sin 45° = 1/√2
    • • sin 60° = √3/2, sin 90° = 1
    • • cos 0° = 1, cos 30° = √3/2, cos 45° = 1/√2
    • • cos 60° = 1/2, cos 90° = 0
    • • tan 0° = 0, tan 30° = 1/√3, tan 45° = 1, tan 60° = √3, tan 90° अपरिभाषित
  4. 4. पूरक कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात

    देखिए, जब दो कोणों का योग 90° हो, तो उन्हें पूरक कोण कहते हैं।

    • • पूरक कोण यानी जिनका योग 90° हो
    • • sin(90° − A) = cos A, cos(90° − A) = sin A
    • • tan(90° − A) = cot A, cot(90° − A) = tan A
    • • sec(90° − A) = cosec A, cosec(90° − A) = sec A
    • • उदाहरण: tan 65°/cot 25° = 1
  5. 5. त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ

    देखिए, एक समीकरण जो संबंधित कोण के हर मान के लिए सच हो, उसे सर्वसमिका कहते हैं।

    • • cos²A + sin²A = 1, जहाँ A, 0° और 90° के बीच
    • • 1 + tan²A = sec²A, जहाँ A, 90° से कम
    • • cot²A + 1 = cosec²A, जहाँ A, 0° से अधिक
    • • उदाहरण: sec A × (1−sin A) × (sec A+tan A)
    • • यह सरल होकर 1 के बराबर मिलता है

सारांश

चलिए, अब जो पढ़ा उसे एक बार साथ दोहराते हैं। देखिए, सबसे पहले आपने सीखा कि समकोण त्रिभुज में न्यून कोण के सापेक्ष भुजाओं के अनुपात को त्रिकोणमितीय अनुपात कहते हैं। इनके नाम हैं — sin, cos, tan, cosec, sec, cot। फिर आपने देखा कि अगर इनमें से एक अनुपात पता हो, तो पाइथागोरस प्रमेय की मदद से बाकी सारे अनुपात निकाले जा सकते हैं। इसके बाद आपने 0°, 30°, 45°, 60° और 90° जैसे खास कोणों के अनुपातों के मान निकाले। ये मान याद रखने लायक हैं। फिर आपने पूरक कोणों का संबंध सीखा। पूरक कोण यानी जो जोड़ने पर 90° बनाते हैं। वहाँ से एक नियम बना — sin(90° − A) = cos A। अंत में आपने तीन मुख्य त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ सिद्ध कीं। ये सर्वसमिकाएँ ही त्रिकोणमिति की नींव हैं। अच्छा बताइए, इनमें से आपको सबसे आसान कौन सा हिस्सा लगा?

AskMedha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं गणित, अध्याय 8। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

"त्रिकोणमिति का परिचय" के नोट्स PDF में कैसे मिलेंगे?
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ये नोट्स कहाँ से लिखे गए हैं?
अध्याय की पाठ्यपुस्तक के अपने पाठ से, भाग-भाग करके, किताब के ही शब्दों में; फिर एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल ने हर भाग को किताब से मिलाकर जाँचा है। पूरा पाठ, हर भाग का जाँच-प्रश्न और अभ्यास AskMedha ऐप में है।

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