बिहार बोर्ड 10वीं · गणित · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 5: समांतर श्रेढ़ियाँ — नोट्स
इस अध्याय के 5 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।
1. प्रतिरूप से समांतर श्रेढ़ी की पहचान
देखिए, हमारे आस-पास बहुत-सी चीज़ें एक नियम से चलती हैं।
- • A.P. : हर पद (पहले के अलावा) = पिछला पद + निश्चित संख्या d
- • d = सार्व अंतर (धनात्मक/ऋणात्मक/शून्य हो सकता है)
- • व्यापक रूप: a, a+d, a+2d, a+3d, ...
- • उदाहरण: रीना का वेतन 8000, 8500, 9000, ... (a = 8000, d = 500)
- • परिमित A.P. — अंतिम पद होता है; अपरिमित A.P. — अंतिम पद नहीं होता
2. सार्व अंतर d ज्ञात करना
अब सवाल यह है कि अगर तुम्हें संख्याओं की कोई सूची दी जाए तो तुम कैसे जानोगे कि वह A.P.
- • d = a(k+1) − a(k)
- • सभी अंतर बराबर हों तो ही सूची A.P. है
- • उदाहरण: 6, 3, 0, -3 → d = 3-6 = -3
- • उदाहरण: 1, 1, 2, 3, 5 → अंतर असमान, A.P. नहीं
3. A.P. का nवाँ पद
देखिए, मान लीजिए आपको रीना के 25वें साल की तनख़्वाह पता करनी है।
- • nवाँ पद: a_n = a + (n−1)d
- • उदाहरण: 2,7,12,... a = 2, d = 5
- • a10 = 2+(10-1)×5 = 47
- • उदाहरण: 21,18,15,... a = 21,d=-3,an=-81
- • -81 = 21+(n−1)(-3) ⇒ n = 35
4. A.P. के प्रथम n पदों का योग
देखिए, शकीला की बेटी की गुल्लक याद कीजिए।
- • योग का सूत्र: S = n/2 [2a + (n−1)d]
- • अंतिम पद l मालूम हो तो: S = n/2 (a+l)
- • उदाहरण: शकीला, a = 100,d = 50,n = 21
- • S = 21/2[200+1000]=12600
- • उदाहरण: 8,3,-2,... n = 22 → S=-979
5. समांतर माध्य
अच्छा, अब एक छोटी-सी बात समझ लीजिए।
- • यदि a, b, c A.P. में हैं
- • तो b = (a+c)/2
- • b को a और c का समांतर माध्य कहते हैं
सारांश
देखिए, इस अध्याय में आपने क्या-क्या सीखा, जरा याद कीजिए। पहली बात — समांतर श्रेढ़ी संख्याओं की वह सूची है, जिसमें हर पद, पहले पद को छोड़कर, अपने पिछले पद में एक निश्चित संख्या d जोड़कर मिलता है। इसका व्यापक रूप होता है — a, a+d, a+2d, ...। फिर आपने जाना कि कोई सूची A.P. है या नहीं, यह जाँचने के लिए क्रमागत पदों का अंतर समान होना चाहिए, और वही समान अंतर d कहलाता है। इसके बाद आपने A.P. का nवाँ पद निकालने का फ़ॉर्मूला सीखा — a_n = a+(n−1)d, जिससे कोई भी पद या किसी पद का स्थान आसानी से पता चल जाता है। फिर आपने A.P. के पहले n पदों का योग निकालना सीखा — S = n/2[2a+(n−1)d], और जब अंतिम पद l मालूम हो, तो यही S = n/2(a+l) बन जाता है। अंत में आपने समांतर माध्य समझा — जिसमें बीच वाला पद b, अपने दोनों पड़ोसी पदों a और c के औसत के बराबर होता है, यानी b = (a+c)/2। अच्छा बताइए, इन सबमें से आपको सबसे आसान कौन सा लगा?
Ask Medha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं गणित, अध्याय 5। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- "समांतर श्रेढ़ियाँ" के नोट्स PDF में कैसे मिलेंगे?
- "PDF में सहेजें" दबाएँ — फ़ोन का प्रिंट पेज खुलेगा; वहाँ "Save as PDF" चुनें। PDF में सिर्फ़ नोट्स रहते हैं।
- ये नोट्स कहाँ से लिखे गए हैं?
- अध्याय की पाठ्यपुस्तक के अपने पाठ से, भाग-भाग करके, किताब के ही शब्दों में; फिर एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल ने हर भाग को किताब से मिलाकर जाँचा है। पूरा पाठ, हर भाग का जाँच-प्रश्न और अभ्यास Ask Medha ऐप में है।
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