बिहार बोर्ड 10वीं · गणित · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 14: सांख्यिकी — नोट्स
इस अध्याय के 6 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।
1. वर्गीकृत आँकड़ों का माध्य — प्रत्यक्ष विधि
देखिए, आपको याद है — माध्य निकालने के लिए हम सब मान जोड़कर, उनकी संख्या से भाग देते हैं।
- • x̄ = Σf_i x_i / Σf_i
- • वर्ग चिह्न = (उपरि सीमा+निचली सीमा)/2
- • वर्ग 10-25² चिह्न = 17.5
- • Σf_i = 30, Σf_i x_i = 1860
- • x̄ = 1860/30 = 62
2. कल्पित माध्य विधि और पग-विचलन विधि
देखिए, कभी-कभी x_i और f_i के मान बहुत बड़े होते हैं।
- • d_i = x_i − a
- • x̄ = a + Σf_i d_i/Σf_i
- • u_i = (x_i−a)/h
- • x̄ = a + h(Σf_i u_i/Σf_i)
- • a = 47.5, h = 15: x̄ = 47.5+14.5 = 62
3. वर्गीकृत आँकड़ों का बहुलक
देखिए, बहुलक वह मान है जो आँकड़ों में सबसे ज़्यादा बार आता है।
- • बहुलक = l + ((f1−f0)/(2f1−f0−f2))×h
- • l = बहुलक वर्ग की निम्न सीमा, h = वर्गमाप
- • f1 = बहुलक वर्ग की बारंबारता
- • f0 = पहले वर्ग की, f2 = बाद वर्ग की बारंबारता
- • उदाहरण: 40+((7-3)/(14-6-3))×15 = 52
4. संचयी बारंबारता और वर्गीकृत आँकड़ों का माध्यक
देखिए, माध्यक यानी आँकड़ों के बीच वाले प्रेक्षण का मान।
- • माध्यक = l + ((n/2 − cf)/f)×h
- • l = माध्यक वर्ग की निम्न सीमा
- • cf = पहले वर्ग की संचयी बारंबारता
- • f = माध्यक वर्ग की बारंबारता, h = वर्गमाप
- • उदाहरण: 60+(26.5-22)/7×10 = 66.4
5. तीनों मापकों के बीच संबंध और उनका उपयोग
देखिए, माध्य, माध्यक और बहुलक, इन तीनों में एक संबंध है।
- • 3 माध्यक = बहुलक + 2 माध्य
- • माध्य — सभी प्रेक्षणों पर आधारित, तुलना हेतु उपयुक्त
- • माध्यक — प्रतीकात्मक प्रेक्षण हेतु उपयुक्त
- • बहुलक — सबसे लोकप्रिय मान हेतु उपयुक्त
6. तोरण — संचयी बारंबारता वक्र
देखिए, संचयी बारंबारता को हम एक वक्र से भी दिखा सकते हैं।
- • से कम प्रकार: x-अक्ष पर उपरि सीमाएँ
- • से अधिक प्रकार: x-अक्ष पर निम्न सीमाएँ
- • y-अक्ष पर संचयी बारंबारता
- • दोनों तोरणों का प्रतिच्छेद बिंदु → माध्यक
- • उदाहरण: माध्यक लाभ = 17.5 लाख रुपये
सारांश
देखिए, अब एक बार पूरा अध्याय याद कीजिए। आपने वर्गीकृत आँकड़ों का माध्य निकालना सीखा — तीन तरीकों से। पहला, प्रत्यक्ष विधि। दूसरा, कल्पित माध्य विधि। तीसरा, पग-विचलन विधि। और आपने देखा कि तीनों से माध्य एक ही आता है। फिर आपने बहुलक वर्ग पहचानना सीखा, और फ़ॉर्मूला लगाकर बहुलक निकालना सीखा। उसके बाद आपने संचयी बारंबारता समझी, और माध्यक वर्ग से माध्यक निकालना सीखा। आपको यह भी पता चला कि 3 माध्यक = बहुलक + 2 माध्य होता है। और यह भी कि माध्य, माध्यक, बहुलक में से कब कौन-सा मापक सही रहता है। अंत में आपने संचयी बारंबारता बंटन को तोरण की तरह आलेखित करना सीखा, और दोनों तोरणों के प्रतिच्छेद बिंदु से माध्यक निकालना सीखा। अच्छा बताइए — इन तीनों में से कौन-सा तरीका आपको सबसे आसान लगा?
Ask Medha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं गणित, अध्याय 14। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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- "PDF में सहेजें" दबाएँ — फ़ोन का प्रिंट पेज खुलेगा; वहाँ "Save as PDF" चुनें। PDF में सिर्फ़ नोट्स रहते हैं।
- ये नोट्स कहाँ से लिखे गए हैं?
- अध्याय की पाठ्यपुस्तक के अपने पाठ से, भाग-भाग करके, किताब के ही शब्दों में; फिर एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल ने हर भाग को किताब से मिलाकर जाँचा है। पूरा पाठ, हर भाग का जाँच-प्रश्न और अभ्यास Ask Medha ऐप में है।
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