AskMedha

CBSE Class 10 · Sanskrit · board exam 2027

Chapter 4: जननी तुल्यवत्सला — notes

The chapter’s 5 parts in the book’s order — the first idea of each and the points Medha Ma’am writes on the board — and the summary at the end. The full lesson and a check question for each part are in the app.

  1. 1. पाठ का आधार और संदेश

    देखिए, आज हम एक नई कथा पढ़ेंगे।

    • • पाठ का स्रोत: महाभारत, वनपर्व
    • • रचनाकार: महर्षि वेदव्यास
    • • मुख्य भाव: सब प्राणियों के प्रति समदृष्टि
    • • संदेश: दुर्बल के प्रति माता का वात्सल्य अधिक
  2. 2. किसान और दुर्बल बैल

    देखिए बोर्ड पर।

    • • किसान: बलीवर्दाभ्यां क्षेत्रकर्षणं करता था
    • • एक बैल: शरीर से दुर्बल, जवेन गन्तुमशक्त
    • • किसान तोदनेन नुदन् था
    • • बैल हलमूढ्वा गन्तुमशक्तः पपात
    • • क्रुद्धः कृषीवलः उत्थापयितुं यत्नं करता रहा
  3. 3. सुरभि के आँसू और इन्द्र का प्रश्न

    भूमि पर गिरे हुए अपने पुत्र को देखकर सब गायों की माता सुरभि की दोनों आँखों से आँसू निकल आए।

    • • धेनूनां माता सुरभि के नेत्रों से अश्रु आविरासन्
    • • सुराधिपः (इन्द्र) ने पूछा: किमेवं रोदिषि?
    • • सुरभि का उत्तर: पुत्रं शोचामि, तेन रोदिमि
    • • पुत्र किसान द्वारा बहुधा पीडयति
    • • पुत्र कृच्छ्रेण भारम् उद्वहति
    • • इतरमिव धुरं वोढुं न शक्नोति
  4. 4. सुरभि का उत्तर: दुर्बल सन्तान में अधिक कृपा

    देखिए, इन्द्र सुरभि से एक सवाल पूछते हैं।

    • • इन्द्र का प्रश्न: सहस्राधिकेषु पुत्रेषु ऐसा वात्सल्य क्यों?
    • • सुरभि का उत्तर: वात्सल्यं सर्वत्र सममेव
    • • दीने च तनये प्रकृत्या अधिका कृपा
    • • जननी तुल्यवत्सला - सब सन्तानों में समान स्नेह
    • • दुर्बल सुते माता की कृपा अभ्यधिका
    • • इन्द्र ने असान्त्वयत्: गच्छ वत्से, सर्वं भद्रं जायेत
  5. 5. वर्षा और कथा की पूर्णता

    देखिए, इन्द्र ने सान्त्वना दी, और उसके थोड़े ही समय बाद क्या हुआ।

    • • चण्डवातेन मेघरवैश्च सह प्रवर्षः समजायत
    • • सर्वत्र जलोप्लवः सञ्जातः
    • • किसान हर्षातिरेकेण कर्षणविमुखः हुआ
    • • वृषभौ नीत्वा गृहम् अगात्
    • • निष्कर्ष: अपत्येषु सर्वेषु जननी तुल्यवत्सला
    • • पुत्रे दीने माता कृपार्द्रहृदया भवेत्

Summary

चलिए, अब इस पूरे पाठ को एक बार फिर से याद करते हैं। सबसे पहले हमने जाना कि यह कथा महाभारत के वनपर्व से ली गई है। और यह कथा हमें सब प्राणियों के प्रति समदृष्टि रखने का संदेश देती है। फिर आई एक किसान की कहानी, जिसके पास दो बैल थे। उनमें से एक बैल दुर्बल था, और हल ढोते हुए वह खेत में गिर पड़ा। इसके बाद क्या हुआ? गौमाता सुरभि ने अपने दुर्बल पुत्र की यह दशा देखी, और वह रो पड़ी। इन्द्र ने उससे पूछा कि आप क्यों रो रहे हैं। सुरभि ने उत्तर दिया — उसका वात्सल्य सब सन्तानों के प्रति समान है, परन्तु दुर्बल सन्तान के प्रति स्वभाव से ही अधिक कृपा होती है। अन्त में प्रचण्ड वर्षा हुई, और किसान बैलों को लेकर घर चला गया। इससे यह सिद्ध हुआ कि माँ सब सन्तानों को समान रूप से प्यार करते हुए भी, दीन सन्तान के प्रति अधिक कृपालु होती है। अच्छा, अब आप बताइए — इस कहानी से हमें जीवन में क्या सीख मिलती है?

AskMedha · Medha Ma’am — CBSE Class 10 Sanskrit, Chapter 4. Written from the textbook, checked twice.

Questions parents and students ask

How do I get the "जननी तुल्यवत्सला" notes as a PDF?
Press "Save as PDF" — the phone’s print sheet opens; choose "Save as PDF" there. The PDF holds the notes only.
Where are these notes written from?
From the chapter’s own textbook text, part by part, in the book’s own terms; a second, independent model then checked every part against the book. The full lesson, a check question for each part and the practice are in the AskMedha app.

The same preparation, with Medha Ma’am — on your phone

Every question of every chapter with its model answer, practice questions in the board’s own shapes, 60 minutes of class a day, written answers marked, a test every Sunday and a WhatsApp report to parents.

Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.