AskMedha

CBSE Class 10 · Hindi B · board exam 2027

Chapter 11: तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र (प्रह्लाद अग्रवाल) — notes

The chapter’s 7 parts in the book’s order — the first idea of each and the points Medha Ma’am writes on the board — and the summary at the end. The full lesson and a check question for each part are in the app.

  1. 1. लेखक प्रहलाद अग्रवाल का परिचय

    देखिए, यह पाठ प्रहलाद अग्रवाल ने लिखा है।

    • • लेखक: प्रहलाद अग्रवाल (जन्म 1947, जबलपुर)
    • • शिक्षा: हिंदी से एम.ए.
    • • कार्यक्षेत्र: सतना का शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय
    • • प्रमुख कृति: 'कवि शैलेंद्र : ज़िंदगी की जीत में यकीन'
  2. 2. 'तीसरी कसम' का जन्म और उसकी महानता

    देखिए, 'संगम' की सफलता के बाद राजकपूर ने एक साथ चार फ़िल्मों की घोषणा कर दी थी।

    • • आधार कृति: फणीश्वरनाथ रेणु की 'तीसरी कसम उर्फ़ मारे गए गुलफाम'
    • • फ़िल्म रिलीज़: सन् 1966
    • • शैलेंद्र की: पहली और अंतिम फ़िल्म
    • • पुरस्कार: राष्ट्रपति स्वर्णपदक, मास्को फ़िल्म फेस्टिवल पुरस्कार
    • • कही गई: 'सैल्यूलाइड पर लिखी कविता'
  3. 3. शैलेंद्र-राजकपूर की दोस्ती और एक रुपया पारिश्रमिक

    देखिए बोर्ड पर, शैलेंद्र कहानी सुनाने राजकपूर के पास गए।

    • • शैलेंद्र: कहानी सुनाने राजकपूर के पास गए
    • • राजकपूर: 'मेरा पारिश्रमिक एडवांस देना होगा'
    • • शैलेंद्र का चेहरा मुरझाया
    • • राजकपूर: 'निकालो एक रुपया, मेरा पारिश्रमिक! पूरा एडवांस।'
    • • यह दोस्ती और याराना मस्ती का प्रमाण
  4. 4. फ़िल्म को वितरक न मिलना

    देखिए, 'तीसरी कसम' एक महान फ़िल्म थी।

    • • फ़िल्म में: राजकपूर, वहीदा रहमान, शंकर-जयकिशन का संगीत
    • • फिर भी: वितरक नहीं मिले
    • • कारण: व्यावसायिक गणित से परे संवेदना
    • • परिणाम: बिना प्रचार रिलीज़, जल्दी ग़ायब
  5. 5. शैलेंद्र की रचनात्मक ईमानदारी - 'दस दिशाओं' का किस्सा

    देखिए, शैलेंद्र बीस सालों तक फ़िल्म इंडस्ट्री में रहे, फिर भी अपनी आदमियत नहीं खोई।

    • • गीत: 'प्यार हुआ, इकरार हुआ है'
    • • पंक्ति: 'रातें दसों दिशाओं से कहेंगी अपनी कहानियाँ'
    • • जयकिशन की आपत्ति: दर्शक 'दस दिशाएँ' नहीं समझेंगे
    • • शैलेंद्र अडिग रहे, परिवर्तन नहीं किया
    • • कलाकार का कर्तव्य: रुचियों का परिष्कार करना
    • • उदाहरण: 'मेरा जूता है जापानी'
  6. 6. हीरामन और हीराबाई - साहित्य के साथ न्याय

    देखिए, 'तीसरी कसम' उन चंद फ़िल्मों में से है, जिन्होंने साहित्य-रचना के साथ पूरा न्याय किया।

    • • हीरामन - राजकपूर का किरदार, गाड़ीवान
    • • हीराबाई - वहीदा रहमान का किरदार, नौटंकी की बाई
    • • खासियत: हीरामन पर राजकपूर हावी नहीं हुआ
    • • फ़िल्मों की कमज़ोरी: लोक-तत्त्व का अभाव, त्रासदी का ग्लोरीफ़िकेशन
    • • 'तीसरी कसम': दुख को जीवन-सापेक्ष ढंग से दिखाती है
  7. 7. शैलेंद्र: गीतकार नहीं, कवि

    देखिए, शैलेंद्र को लोग गीतकार कहते हैं।

    • • शैलेंद्र: गीतकार नहीं, कवि
    • • उनके गीतों में: करुणा और जूझने का संकेत दोनों
    • • गीत: 'सजनवा बैरी हो गए हमार' (गायक: मुकेश)
    • • राजकपूर: हीरामन में एकाकार, अभिनय नहीं
    • • पटकथा: फणीश्वरनाथ रेणु ने स्वयं बनाई

Summary

चलिए, अब जो पढ़ा उसे एक बार समेटते हैं। सबसे पहले आपने प्रहलाद अग्रवाल के बारे में जाना, जिन्होंने फ़िल्मों पर खूब लिखा है। फिर यह जाना कि शैलेंद्र ने फणीश्वरनाथ रेणु की कृति 'तीसरी कसम उर्फ़ मारे गए गुलफाम' पर 'तीसरी कसम' फ़िल्म बनाई। याद है ना, यह शैलेंद्र की पहली भी थी और आख़िरी भी। फिर राजकपूर और शैलेंद्र की गहरी दोस्ती का वह किस्सा भी आपने पढ़ा, जिसमें राजकपूर ने इस फ़िल्म के लिए केवल एक रुपया पारिश्रमिक लिया था। अच्छा, इतनी महान फ़िल्म होकर भी इसे वितरक नहीं मिले — क्यों? क्योंकि इसकी संवेदना व्यावसायिक गणित से परे थी। फिर शैलेंद्र की रचनात्मक ईमानदारी आपने 'दस दिशाओं' वाले गीत के किस्से से समझी। वहाँ उन्होंने बताया कि कलाकार का कर्तव्य क्या है — दर्शकों की रुचि का परिष्कार करना चाहिए। और अंत में आपने जाना कि हीरामन और हीराबाई के किरदारों के साथ शैलेंद्र ने साहित्य के साथ पूरा न्याय किया। इसीलिए उन्हें सिर्फ़ गीतकार नहीं, बल्कि कवि कहा गया। अच्छा, अब आप ख़ुद सोचिए — शैलेंद्र को कवि क्यों कहा गया, यह बात आपको सबसे ज़्यादा किस किस्से से समझ में आई?

AskMedha · Medha Ma’am — CBSE Class 10 Hindi B, Chapter 11. Written from the textbook, checked twice.

Questions parents and students ask

How do I get the "तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेंद्र (प्रह्लाद अग्रवाल)" notes as a PDF?
Press "Save as PDF" — the phone’s print sheet opens; choose "Save as PDF" there. The PDF holds the notes only.
Where are these notes written from?
From the chapter’s own textbook text, part by part, in the book’s own terms; a second, independent model then checked every part against the book. The full lesson, a check question for each part and the practice are in the AskMedha app.

The same preparation, with Medha Ma’am — on your phone

Every question of every chapter with its model answer, practice questions in the board’s own shapes, 60 minutes of class a day, written answers marked, a test every Sunday and a WhatsApp report to parents.

Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.