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बिहार बोर्ड 10वीं · विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027

अध्याय 9: आनुवंशिकता एवं जैव विकास — नोट्स

इस अध्याय के 8 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।

  1. 1. जनन के दौरान विभिन्नताओं का संचयन

    देखिए, जब कोई जीव जनन करता है, तो उससे बनने वाली संतति जनक जैसी दिखती है।

    • • संतति को मिलता है: आधारिक अभिकल्प (डिजाइन) + कुछ विभिन्नताएँ
    • • अलैंगिक जनन में विभिन्नता कम (डी.एन.ए. प्रतिकृति त्रुटि से)
    • • लैंगिक जनन में विभिन्नता अधिक
    • • पर्यावरण द्वारा उत्तम परिवर्त का चयन = जैव विकास का आधार
  2. 2. आनुवंशिकता और मेंडल के प्रयोग

    देखिए, आनुवंशिकता के नियम यह तय करते हैं कि लक्षण संतति में कैसे पहुँचते हैं।

    • • प्रभावी लक्षण: जो दिखे (जैसे T - लंबा)
    • • अप्रभावी लक्षण: जो दब जाए (जैसे t - बौना)
    • • TT, Tt = लंबे; tt = बौना
    • • F1: सभी लंबे
    • • F2: लंबे : बौने = 3:1
    • • दो लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशानुगत होते हैं
  3. 3. लक्षण कैसे व्यक्त होते हैं - जीन और गुणसूत्र

    देखिए, हमारी कोशिका के डी.एन.ए.

    • • जीन = डी.एन.ए. का वह भाग जिसमें प्रोटीन बनाने की सूचना हो
    • • जीन → प्रोटीन (एंजाइम) → हार्मोन → लक्षण (जैसे लंबाई)
    • • हर जीन की दो प्रतिकृतियाँ: एक माता से, एक पिता से
    • • गुणसूत्र = डी.एन.ए. का स्वतंत्र रूप
    • • युग्मक में हर जोड़े से केवल एक गुणसूत्र जाता है
  4. 4. लिंग निर्धारण

    देखिए, इंसान में सारे गुणसूत्र पूरे जोड़े में नहीं होते।

    • • स्त्री: XX, पुरुष: XY
    • • माता से सदा X मिलता है
    • • पिता से X मिले → लड़की
    • • पिता से Y मिले → लड़का
  5. 5. जैव विकास - भृंगों का दृष्टांत

    चलिए, अब समझते हैं जैव विकास कैसे होता है।

    • • प्राकृतिक चयन: उत्तरजीविता लाभ से लक्षण बढ़े (हरा भृंग)
    • • आनुवंशिक विचलन: संयोग से लक्षण बढ़े (नीला भृंग, हाथी की घटना)
    • • जैव विकास = समष्टि में जीन की आवृत्ति का पीढ़ियों में बदलना
  6. 6. उपार्जित और आनुवंशिक लक्षण

    देखिए, एक जरूरी बात समझते हैं।

    • • अर्जित लक्षण (जैसे भार कम होना, पूँछ कटना) → जीन में बदलाव नहीं
    • • कायिक ऊतक में परिवर्तन जनन कोशिका के डी.एन.ए. में नहीं जाता
    • • इसलिए अर्जित लक्षण वंशानुगत नहीं होते
  7. 7. विकास और वर्गीकरण - समजात व समरूप अंग

    देखिए, जितने ज़्यादा अभिलक्षण समान होंगे, उतना ही करीबी होगा दो जीवों का रिश्ता, और उनके पूर्वज भी उतने ही पास के अतीत में मिलेंगे।

    • • समजात अंग: संरचना एक जैसी, पूर्वज समान (अग्रपाद)
    • • समरूप अंग: दिखने में समान पर उत्पत्ति अलग (चमगादड़-पक्षी के पंख)
    • • जीवाश्म: जीव के परिरक्षित अवशेष, विलुप्त स्पीशीज का प्रमाण
    • • जटिल अंग (जैसे आँख) क्रमिक रूप से अनेक पीढ़ियों में विकसित हुए
  8. 8. विकास कोई प्रगति नहीं, और मानव विकास

    देखिए, जैव विकास का मतलब 'प्रगति' नहीं है।

    • • जैव विकास = प्रगति नहीं, स्वरूप बदलना है
    • • मानव और चिम्पैंजी के पूर्वज समान, एक-दूसरे से नहीं विकसित हुए
    • • सरल अभिकल्प (जीवाणु) आज भी विद्यमान हैं
    • • सभी मानव: एक ही स्पीशीज 'होमो सैपियंस', उद्भव अफ्रीका से

सारांश

चलिए, अब इस पूरे अध्याय को एक बार साथ दोहराते हैं। देखिए, सबसे पहले हमने सीखा कि जनन के दौरान जो विभिन्नताएँ पैदा होती हैं, वे वंशानुगत हो सकती हैं। और ये पीढ़ी-दर-पीढ़ी जमा होती जाती हैं। फिर मेंडल के मटर के प्रयोगों से हमें पता चला — लक्षण दो तरह के होते हैं, प्रभावी और अप्रभावी। और अलग-अलग लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशानुगत होते हैं। हमने यह भी जाना कि जीन, प्रोटीन और एंजाइम के जरिए लक्षणों को नियंत्रित करते हैं। और मानव में लिंग निर्धारण X और Y गुणसूत्रों से होता है, याद है ना? इसके बाद भृंगों के उदाहरण से हमने जैव विकास समझा। प्राकृतिक चयन और आनुवंशिक विचलन, दोनों से किसी समष्टि में जीन की आवृत्ति बदल जाती है। लेकिन एक बात हमेशा याद रखिए — अर्जित लक्षण कभी वंशानुगत नहीं होते। फिर हमने समजात और समरूप अंगों से, और जीवाश्मों से, विकासीय संबंध खोजना सीखा। और अंत में यह समझा कि जैव विकास कोई 'प्रगति' नहीं है। मानव सहित सभी स्पीशीज एक समान पूर्वज से अलग-अलग शाखाओं में विकसित हुई हैं। और सभी मानव एक ही स्पीशीज के सदस्य हैं, जिनका उद्भव अफ्रीका में हुआ। अच्छा बताइए — इन सबमें आपको सबसे दिलचस्प कौन सी बात लगी?

AskMedha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं विज्ञान, अध्याय 9। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।