बिहार बोर्ड 10वीं · विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 6: जैव प्रक्रम — नोट्स
इस अध्याय के 6 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।
1. जैव प्रक्रम क्या है?
देखिए, कुत्ता दौड़ता है, गाय जुगाली करती है, तो हम कह देते हैं — ये सजीव हैं।
- • जैव प्रक्रम = अनुरक्षण करने वाले सभी प्रक्रम
- • शरीर की संरचना टूटती है → मरम्मत ज़रूरी
- • ऊर्जा स्रोत = भोजन
- • भोजन को शरीर में लेने का प्रक्रम = पोषण
2. पोषण - स्वपोषी और विषमपोषी
देखिए, भोजन हमें ऊर्जा और पदार्थ दोनों देता है।
- • स्वपोषी - CO2 और जल से भोजन स्वयं बनाते हैं
- • विषमपोषी - जटिल पदार्थ एंजाइम से तोड़कर लेते हैं
- • प्रकाश संश्लेषण: 6CO2+12H2O →(क्लोरोफिल/सूर्य प्रकाश)→ C6H12O6+6O2+6H2O
- • अतिरिक्त भोजन मंड के रूप में संचित
- • रंध्र - पत्ती में गैस आदान-प्रदान का रास्ता
3. मनुष्य में पोषण - पाचन तंत्र
देखिए, आहार नाल मुँह से गुदा तक फैली एक लंबी नली है।
- • मुँह → लार (लार एमिलेस) → ग्रसिका → आमाशय
- • आमाशय: HCl + पेप्सिन + श्लेष्मा
- • क्षुद्रांत्र: पित्तरस (वसा का इमल्सीकरण)
- • अग्न्याशय: ट्रिप्सिन (प्रोटीन), लाइपेज (वसा)
- • दीर्घरोम - अवशोषण का क्षेत्रफल बढ़ाते हैं
- • बृहदांत्र - जल अवशोषण, वर्ज्य पदार्थ गुदा से बाहर
4. श्वसन
देखिए, भोजन से ऊर्जा निकालने का पहला चरण है - ग्लूकोज़ का पायरुवेट में टूटना।
- • ग्लूकोज़ → पायरुवेट (कोशिकाद्रव्य में)
- • अवायवीय: पायरुवेट → इथेनॉल + CO2 (यीस्ट में)
- • वायवीय: पायरुवेट → CO2 + जल (माइटोकॉन्ड्रिया में)
- • ऑक्सीजन कमी में: पायरुवेट → लैक्टिक अम्ल (क्रैम्प)
- • ऊर्जा संचय: ADP+P+ऊर्जा → ATP
- • हीमोग्लोबिन - ऑक्सीजन का वहन करता है
5. वहन - मानव में परिवहन तंत्र
देखिए, रुधिर हमारे शरीर में भोजन, ऑक्सीजन और वर्ज्य पदार्थ - यानी बेकार पदार्थ - ढोता है।
- • रुधिर: प्लैज्मा + कोशिकाएँ
- • हृदय के 4 कोष्ठ: बायाँ-दायाँ अलिंद, बायाँ-दायाँ निलय
- • दोहरा परिसंचरण - चक्र में रुधिर 2 बार हृदय में जाता है
- • प्रकुंचन दाब ≈ 120 mm पारा, अनुशिथिलन दाब ≈ 80 mm पारा
- • जाइलम - जल व खनिज लवण का वहन
- • फ्लोएम - भोजन का स्थानांतरण (ATP ऊर्जा से)
6. उत्सर्जन
देखिए, शरीर में काम करते-करते कुछ हानिकारक वर्ज्य पदार्थ बन जाते हैं।
- • उत्सर्जन = हानिकारक वर्ज्य पदार्थों का निष्कासन
- • उत्सर्जन तंत्र: वृक्क (जोड़ा) + मूत्रवाहिनी + मूत्राशय + मूत्रमार्ग
- • वृक्काणु (नेफ्रॉन) - मूत्र बनाने की इकाई
- • पुनरवशोषण: ग्लूकोज़, अमीनो अम्ल, लवण, जल
- • कृत्रिम वृक्क - अपोहन से वर्ज्य पदार्थ निकालना
- • पादप: रिक्तिका, गिरती पत्तियाँ, गोंद-रेजिन, मृदा में उत्सर्जन
सारांश
देखिए, चलिए आज जो पढ़ा उसे एक बार साथ में दोहराते हैं। सबसे पहले आपने जाना — जीवों के शरीर की संरचना को बनाए रखने वाले सभी प्रक्रम मिलकर जैव प्रक्रम कहलाते हैं। इसके लिए ऊर्जा लाने वाला प्रक्रम पोषण है। याद है न, पोषण के दो प्रकार होते हैं — स्वपोषी और विषमपोषी। और मनुष्य में भोजन मुँह से शुरू होकर आमाशय और क्षुद्रांत्र से गुजरते हुए पचता है, और फिर अवशोषित होता है। फिर आपने सीखा, भोजन से ऊर्जा निकालने का प्रक्रम श्वसन है। यह वायवीय भी हो सकता है, या अवायवीय भी। इससे बनी ऊर्जा ए.टी.पी. में संचित होती है। उसके बाद आपने समझा — शरीर में भोजन, ऑक्सीजन और वर्ज्य पदार्थों को इधर से उधर पहुँचाने का काम वहन तंत्र करता है। मनुष्य में इसके लिए हृदय और रुधिर वाहिकाएँ हैं, और पौधों में जाइलम और फ्लोएम। अंत में आपने जाना, हानिकारक वर्ज्य पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने का प्रक्रम उत्सर्जन कहलाता है। यह मनुष्य में वृक्क के वृक्काणुओं द्वारा होता है, और पौधों में अलग-अलग तरीकों से। अच्छा बताइए — इन चारों में से कौन सा प्रक्रम आपको सबसे दिलचस्प लगा?
AskMedha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं विज्ञान, अध्याय 6। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- "जैव प्रक्रम" के नोट्स PDF में कैसे मिलेंगे?
- "PDF में सहेजें" दबाएँ — फ़ोन का प्रिंट पेज खुलेगा; वहाँ "Save as PDF" चुनें। PDF में सिर्फ़ नोट्स रहते हैं।
- ये नोट्स कहाँ से लिखे गए हैं?
- अध्याय की पाठ्यपुस्तक के अपने पाठ से, भाग-भाग करके, किताब के ही शब्दों में; फिर एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल ने हर भाग को किताब से मिलाकर जाँचा है। पूरा पाठ, हर भाग का जाँच-प्रश्न और अभ्यास AskMedha ऐप में है।
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मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।