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बिहार बोर्ड 10वीं · विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027

अध्याय 12: विद्युत — नोट्स

इस अध्याय के 7 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।

  1. 1. विद्युत धारा और परिपथ

    देखिए, जब आवेश किसी तार में बहता है, तो हम कहते हैं कि उसमें विद्युत धारा है।

    • • विद्युत धारा = आवेश के प्रवाह की दर
    • • I = Q/t
    • • आवेश का मात्रक: कूलॉम (C)
    • • धारा का मात्रक: ऐम्पियर (A)
    • • उदाहरण: I = 0.5A, t = 600s ⇒ Q = It = 300C
    • • ऐमीटर को श्रेणीक्रम में जोड़ते हैं
  2. 2. विद्युत विभव और विभवांतर

    देखिए, तार में आवेश अपने आप नहीं बहते।

    • • V = W/Q
    • • मात्रक: वोल्ट (V)
    • • 1V = 1 जूल/1 कूलॉम
    • • वोल्टमीटर को पार्श्वक्रम में जोड़ते हैं
    • • उदाहरण: V = 12V, Q = 2C ⇒ W = VQ = 24J
  3. 3. ओम का नियम

    किसी धातु के तार में प्रवाहित विद्युत धारा और उसके सिरों के बीच विभवांतर में संबंध को जार्ज साईमन ओम ने खोजा था।

    • • ओम का नियम: V ∝ I (ताप समान रहने पर)
    • • V/I = नियतांक = R
    • • V = IR
    • • R = V/I , मात्रक: ओम (Ω)
    • • उदाहरण: V = 220V, R = 1200Ω ⇒ I = 0.18A
  4. 4. प्रतिरोध किन कारकों पर निर्भर करता है

    देखिए, किसी चालक का प्रतिरोध तीन चीज़ों पर निर्भर करता है।

    • • R ∝ l (लंबाई के अनुक्रमानुपाती)
    • • R ∝ 1/A (क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती)
    • • R = ρ l/A
    • • ρ का मात्रक: Ω m
    • • धातु प्रतिरोधकता कम, विद्युतरोधी प्रतिरोधकता अधिक
    • • मिश्रधातु: तापन युक्तियों में, टंगस्टन: बल्ब तंतु में
  5. 5. प्रतिरोधकों का श्रेणीक्रम और पार्श्वक्रम संयोजन

    देखिए, प्रतिरोधकों को जोड़ने के दो तरीके होते हैं।

    • • श्रेणीक्रम: Rs = R1 + R2 + R3
    • • श्रेणीक्रम में धारा सबमें समान
    • • पार्श्वक्रम: 1/Rp = 1/R1 + 1/R2 + 1/R3
    • • पार्श्वक्रम में विभवांतर सबमें समान
    • • उदाहरण: R1 = 20Ω, R2 = 4Ω श्रेणीक्रम ⇒ Rs = 24Ω, I = 0.25A
  6. 6. विद्युत धारा का तापीय प्रभाव

    देखिए, जब कोई प्रतिरोधक बैटरी से जुड़ता है तो स्रोत की सारी ऊर्जा ऊष्मा में बदल जाती है।

    • • H = VIt
    • • जूल का तापन नियम: H = I²Rt
    • • ऊष्मा धारा के वर्ग के अनुक्रमानुपाती
    • • ऊष्मा प्रतिरोध व समय के भी अनुक्रमानुपाती
    • • फ्यूज़: अधिक धारा पर पिघलकर परिपथ तोड़ता है
    • • उदाहरण: H = 100J, R = 4Ω, t = 1s ⇒ I = 5A, V = 20V
  7. 7. विद्युत शक्ति

    देखिए, काम करने की दर को हम शक्ति कहते हैं।

    • • P = VI = I²R = V²/R
    • • शक्ति का मात्रक: वाट (W)
    • • व्यापारिक मात्रक: किलोवाट घंटा (kWh)
    • • 1 kWh = 3.6 × 10^6 जूल
    • • उदाहरण: V = 220V, I = 0.50A ⇒ P = 110W

सारांश

चलिए, अब पूरा पाठ एक बार साथ समेटते हैं। सबसे पहले हमने जाना — विद्युत धारा, आवेश के प्रवाह की दर है, इसे हम I = Q/t से मापते हैं। इसका मात्रक है ऐम्पियर। फिर हमने सीखा — विभवांतर ही वो कारण है जो आवेश को प्रवाहित कराता है, इसे V = W/Q से व्यक्त करते हैं, मात्रक है वोल्ट। उसके बाद आया ओम का नियम — V = IR। याद है ना, प्रतिरोध किन-किन बातों पर निर्भर करता है? तार की लंबाई पर, अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल पर, और पदार्थ की प्रकृति पर — R = ρl/A। फिर हमने प्रतिरोधकों को जोड़ना सीखा, श्रेणीक्रम में भी और पार्श्वक्रम में भी, और हर बार तुल्य प्रतिरोध निकाला। अंत में हमने पढ़ा विद्युत धारा का तापीय प्रभाव। जूल का तापन नियम है H = I²Rt। और विद्युत शक्ति होती है P = VI। इन्हीं से समझ आया कि बल्ब कैसे जलता है, हीटर कैसे गरम होता है, और फ्यूज़ कैसे काम करता है। अच्छा बताइए — इनमें से कौन सा फॉर्मूला आपको अभी भी थोड़ा कठिन लग रहा है?

AskMedha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं विज्ञान, अध्याय 12। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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ये नोट्स कहाँ से लिखे गए हैं?
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