बिहार बोर्ड 10वीं · सामाजिक विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 5: लोकतंत्र की चुनौतियाँ
बिहार बोर्ड (BSEB) के 2016–2026 के असली पेपरों से इस अध्याय के 6 सबसे ज़्यादा पूछे गए प्रश्न (VVI) — 3 के आदर्श उत्तर पूरे, 3 के उत्तर की पहली पंक्ति — और ऑब्जेक्टिव प्रश्न बोर्ड की उत्तर-कुंजी के साथ।
- अंक हर साल (लगभग)
- 1
- प्रश्न हर साल (लगभग)
- 1
- सामाजिक विज्ञान में स्थान
- #25
2021–2026 के 6 साल के पेपरों पर आधारित · पूरा अंक वितरण
VVI प्रश्न — बोर्ड ने जिन्हें सबसे ज़्यादा बार पूछा (6)
- Q1दीर्घ उत्तरीय4 अंकपूछा गया: 2022
शिक्षा का अभाव लोकतंत्र के लिए चुनौती क्यों है ?

मेधा मैम
Ask Medha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · शिक्षा और लोकतंत्र की चुनौतियाँ
- 1.शिक्षा का अभाव नागरिकों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने से रोकता है। जब नागरिक शिक्षित नहीं होते, तो उन्हें अपने मौलिक अधिकार और कर्तव्य की सही जानकारी नहीं होती और वे लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी नहीं कर पाते। इस प्रकार अशिक्षित जनता में जागरूकता की कमी लोकतंत्र के समक्ष एक बड़ी चुनौती बन जाती है।1 अंक
- 2.अशिक्षित मतदाता सही और गलत के बीच अंतर करने में असमर्थ होते हैं, जिससे वे गलत उम्मीदवारों के बहकावे में आ जाते हैं। चुनाव के समय वे उम्मीदवार की योग्यता को परखने के बजाय जाति और धर्म के आधार पर मतदान कर देते हैं, जिससे लोकतंत्र में उचित प्रतिनिधि का चुनाव नहीं हो पाता।1 अंक
- 3.शिक्षा की कमी के कारण लोग जातिवाद, संप्रदायवाद और क्षेत्रवाद जैसी संकीर्ण भावनाओं से आसानी से प्रभावित हो जाते हैं। ऐसे अशिक्षित लोग उम्मीदवारों के झूठे वादों में आ जाते हैं और भ्रष्टाचार तथा प्रलोभन के शिकार हो जाते हैं, जिससे लोकतंत्र की मूल भावना को क्षति पहुँचती है।1 अंक
- 4.लोकतंत्र की सफलता के लिए एक शिक्षित समाज का होना अनिवार्य है जो सरकार की नीतियों का सही मूल्यांकन कर सके। शिक्षित समाज ही सरकार से उसके कार्यों की जवाबदेही माँग सकता है और नीतियों पर सही प्रतिक्रिया दे सकता है, इसलिए शिक्षा का अभाव लोकतंत्र की सफलता के लिए एक गंभीर चुनौती है।1 अंक
- पहले पैराग्राफ में 'मौलिक अधिकार', 'कर्तव्य' और 'जागरूकता' शब्द अवश्य लिखें।
- दूसरे पैराग्राफ में 'मतदाता', 'उम्मीदवार' और 'बहकावे' शब्दों के साथ जाति-धर्म के आधार पर मतदान की बात लिखें।
- चौथे पैराग्राफ में 'मूल्यांकन', 'नीतियाँ' और 'जवाबदेही' शब्द लिखना न भूलें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q2दीर्घ उत्तरीय4 अंकपूछा गया: 2022
शिक्षा का अभाव लोकतंत्र के लिए चुनौती क्यों है ?

मेधा मैम
Ask Medha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · शिक्षा का अभाव, लोकतंत्र की चुनौती
- 1.शिक्षा का अभाव लोकतंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती है क्योंकि यह नागरिकों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने से रोकता है। जब नागरिक शिक्षित नहीं होते तो उन्हें अपने मौलिक अधिकारों की जानकारी नहीं होती और वे अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन नहीं कर पाते। इस प्रकार शिक्षा के अभाव में नागरिकों में लोकतांत्रिक अधिकार-कर्तव्य के प्रति आवश्यक जागरूकता विकसित नहीं हो पाती, जो लोकतंत्र के समुचित संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है।1 अंक
- 2.अशिक्षित मतदाता सही और गलत के बीच अंतर करने में असमर्थ होते हैं, जिससे वे गलत उम्मीदवारों के बहकावे में आ जाते हैं। ऐसे मतदाता किसी उम्मीदवार के कार्यों और नीतियों का सही आकलन नहीं कर पाते और जाति तथा धर्म के नाम पर आसानी से भ्रमित होकर अपना वोट दे देते हैं। इस कारण योग्य उम्मीदवार के स्थान पर अयोग्य उम्मीदवार चुन लिए जाते हैं, जो लोकतंत्र के लिए हानिकारक है।1 अंक
- 3.शिक्षा की कमी के कारण लोग जातिवाद, संप्रदायवाद और क्षेत्रवाद जैसी संकीर्ण भावनाओं से आसानी से प्रभावित हो जाते हैं। ऐसे लोग किसी नेता की नीतियों का तर्कपूर्ण मूल्यांकन करने के स्थान पर उसकी जाति या संप्रदाय को देखकर उसका समर्थन करते हैं। इस प्रकार संकीर्ण भावनाओं के कारण नेता की वास्तविक क्षमता और उसकी नीतियों की अनदेखी होने लगती है, जिससे लोकतंत्र की गुणवत्ता प्रभावित होती है।1 अंक
- 4.लोकतंत्र की सफलता के लिए एक शिक्षित समाज का होना अनिवार्य है जो सरकार की नीतियों का सही मूल्यांकन कर सके। एक शिक्षित समाज ही यह समझ पाता है कि कौन-सा नेता और कौन-सी नीति जनता के हित में है, और वह सरकार की गलत नीतियों का विरोध करने में भी सक्षम होता है। इसलिए शिक्षा के अभाव में समाज सरकार की नीतियों और नेताओं का उचित मूल्यांकन नहीं कर पाता, जिससे लोकतंत्र की सफलता में बाधा उत्पन्न होती है।1 अंक
- पहले बिंदु में 'मौलिक अधिकार' और 'कर्तव्य' शब्द अवश्य लिखें।
- दूसरे बिंदु में 'मतदाता', 'उम्मीदवार', 'जाति', 'धर्म' और 'वोट' शब्दों का उल्लेख करें।
- तीसरे और चौथे बिंदु में 'जातिवाद', 'संप्रदायवाद', 'क्षेत्रवाद', 'नीतियाँ' और 'मूल्यांकन' शब्द लिखना न भूलें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q3दीर्घ उत्तरीय4 अंकपूछा गया: 2025
वर्तमान भारतीय राजनीति में लोकतंत्र की कौन कौन-सी चुनौतियाँ हैं ? विवेचना करें।

मेधा मैम
Ask Medha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · भारतीय राजनीति में लोकतंत्र की चुनौतियाँ
- 1.आर्थिक-सामाजिक असमानता, गरीबी और निरक्षरता लोगों को लोकतंत्र में समान रूप से भाग लेने से रोकती हैं।1 अंक
- 2.जातिवाद, सांप्रदायिकता और क्षेत्रवाद लोगों को बाँटते हैं और चुनावी राजनीति को प्रभावित करके लोकतंत्र को कमजोर करते हैं।1 अंक
- 3.भ्रष्टाचार, राजनीति का अपराधीकरण, चुनावों में धन-बल और बाहुबल का प्रयोग तथा वंशवाद लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती हैं।1 अंक
- 4.लोकतंत्र के विस्तार की चुनौती — इसे सभी क्षेत्रों, सामाजिक समूहों, महिलाओं और स्थानीय स्वशासन तक पहुँचाना; और लोकतंत्र को गहरा करने के लिए संस्थाओं को मजबूत करना तथा नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना।1 अंक
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q4लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2022
दल-बदल कानून क्या है ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. दल-बदल कानून वह कानून है जिसके तहत यदि कोई निर्वाचित प्रतिनिधि अपनी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त कर दी जाती है।
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q5लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2022
दल-बदल कानून क्या है ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. दल-बदल कानून वह कानून है जिसके तहत यदि कोई निर्वाचित प्रतिनिधि अपनी पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त कर दी जाती है।
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q6लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2021
शिक्षा का अभाव लोकतंत्र के लिए किस प्रकार एक चुनौती है ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. शिक्षा का अभाव लोकतंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती है क्योंकि इसके कारण नागरिक अपने अधिकार और कर्तव्य के प्रति जागरूक नहीं हो पाते हैं। एक शिक्षित नागरिक ही अपने मताधिकार का सही उपयोग कर सकता है, जबकि अशिक्षा के कारण लोगों…
पूरा उत्तर मेधा मैम से →
ऑब्जेक्टिव प्रश्न — उत्तर-कुंजी सहित (5)
- 1. बिहार बोर्ड 2026
निर्वाचन में राजनीतिक दलों के लिए आचार संहिता का निर्माण कौन करता है ?
- (A) संसद
- (B) मंत्रिमंडल
- (C) राष्ट्रपति
- (D) निर्वाचन आयोग ✓
उत्तर: (D)
- 2. बिहार बोर्ड 2026
भारत में आंतरिक अशांति के कारण कब आपातकाल लगाया गया ?
- (A) 1962
- (B) 1971
- (C) 1975 ✓
- (D) 1990
उत्तर: (C)
- 3. बिहार बोर्ड 2021
भारत में लोकतंत्र की सफलता में क्या बाधा है ?
- (A) अशिक्षा
- (B) गरीबी
- (C) बेरोजगारी
- (D) इनमें से सभी ✓
उत्तर: (D)
- 4. बिहार बोर्ड 2021
भारत की प्रमुख सामाजिक समस्या क्या है ?
- (A) जातिवाद
- (B) भाषावाद
- (C) संप्रदायवाद ✓
- (D) इनमें से सभी
उत्तर: (C)
- 5. बिहार बोर्ड 2021
राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम किस वर्ष अस्तित्व में आया ?
- (A) 1951
- (B) 1961
- (C) 1981
- (D) 1990 ✓
उत्तर: (D)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- बिहार बोर्ड 10वीं सामाजिक विज्ञान में "लोकतंत्र की चुनौतियाँ" से कितने अंक आते हैं?
- 2021 से 2026 के बिहार बोर्ड के पेपरों में इस अध्याय से औसतन लगभग 1 अंक और लगभग 1 प्रश्न हर साल पूछे गए; सामाजिक विज्ञान में अंकों के हिसाब से यह 25वाँ अध्याय है।
- "लोकतंत्र की चुनौतियाँ" के VVI प्रश्न कौन से हैं?
- ऊपर दिए गए 6 प्रश्न बोर्ड के असली पेपरों से हैं, जिस-जिस साल पूछे गए उस साल के साथ; जो सबसे ज़्यादा बार पूछे गए वे पहले हैं और उनके आदर्श उत्तर पूरे दिए गए हैं। इस अध्याय के कुल 6 लिखित प्रश्न और उनके उत्तर Ask Medha ऐप में हैं।
- क्या ये उत्तर बोर्ड की marking scheme के अनुसार हैं?
- BSEB अपनी marking scheme प्रकाशित नहीं करता। हर उत्तर पिछले पेपरों से निकाली गई अंक-संरचना पर बिंदुवार लिखा गया है और एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल से जाँचा गया है; इसे बोर्ड की आधिकारिक scheme नहीं कहा जाता।
यही तैयारी, मेधा मैम के साथ — आपके फ़ोन पर
हर अध्याय का हर प्रश्न, हर आदर्श उत्तर और बोर्ड के ढंग के अभ्यास प्रश्न; रोज़ 45 मिनट की क्लास, जाँचे हुए लिखित उत्तर, हर रविवार टेस्ट और माता-पिता को WhatsApp रिपोर्ट।
मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।