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बिहार बोर्ड 10वीं · सामाजिक विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027

अध्याय 5: आपदा काल एवं वैकल्पिक संचार व्यवस्था — नोट्स

इस अध्याय के 5 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।

  1. 1. आपदा में सामान्य संचार का टूटना

    देखिए, इस धरती पर आपदाएँ तो आती ही रहती हैं — बाढ़, सूखा, भूकम्प, सुनामी, चक्रवात, भूस्खलन, हिमस्खलन।

    • • आपदाएँ: बाढ़, सूखा, भूकम्प, सुनामी, चक्रवात, भूस्खलन, हिमस्खलन
    • • संचार बाधित होने के कारण:
    • • 1. केबुल टूटना 2. बिजली आपूर्ति बाधित
    • • 3. संचार भवन/यंत्र क्षतिग्रस्त 4. ट्रांसमीशन टावर क्षतिग्रस्त
    • • उदाहरण: 2 अगस्त 2008, कोसी बांध टूटना (कुसाहा, नेपाल)
    • • प्रभाव: 16 जिले, 92 प्रखंड, 1598 गाँव, 27 लाख बेघर
  2. 2. PSTN और इसकी सीमा

    देखिए, संचार का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला साधन है — सार्वजनिक टेलीफोन सेवा।

    • • PSTN = पब्लिक स्विच्ड टेलीफोन नेटवर्क
    • • जोड़ता है: सरकारी-निजी कार्यालय, थाना, अस्पताल, घर
    • • आपदा में: बिजली व्यवधान + टावर क्षतिग्रस्त = नेटवर्क फेल
    • • सामान्यतया सिर्फ 5% फोन एक समय बात कर सकते हैं
    • • संकट में अधिक भार → नेटवर्क अवरुद्ध
  3. 3. रेडियो संचार और वॉकी-टॉकी

    देखिए, जब सामान्य संचार टूट जाता है, तो हमें वैकल्पिक साधनों से ही संपर्क करना पड़ता है।

    • • रेडियो तरंगें = इलेक्ट्रोमैग्नेटिक, एंटिना से प्रेषित
    • • फ्रीक्वेंसी: निम्न, उच्च, अत्यधिक उच्च
    • • लम्बी दूरी = उच्च फ्रीक्वेंसी
    • • कम दूरी (5-50 km) = अत्यधिक उच्च फ्रीक्वेंसी
    • • वॉकी-टॉकी = हाथ वाला वायरलेस
  4. 4. हैम रेडियो

    देखिए, एमेच्योर रेडियो को ही हैम रेडियो कहते हैं।

    • • हैम रेडियो = एमेच्योर रेडियो
    • • आधारीय इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं
    • • नियंत्रण: संचार मंत्रालय (बेतार प्रयोजना एवं समन्वय स्कंध)
    • • भारत में ~15,000 लाइसेंस होल्डर ऑपरेटर
    • • उदाहरण: संदीप बरुआ - सुनामी में पोर्ट ब्लेयर सम्पर्क
    • • 1999 उड़ीसा चक्रवात, 2001 गुजरात भूकम्प में सेवा
  5. 5. उपग्रह संचार

    देखिए, अंतरिक्ष में कई तरह के उपग्रह भेजे गए हैं।

    • • संचार उपग्रह और सुदूर संवेदी उपग्रह मुख्य प्रकार
    • • इनसेट: दूरदर्शन, मौसम, आपदा चेतावनी
    • • आई.आर.एस.: संसाधनों की खोज व प्रबंधन
    • • ट्रांसपोंडर: फ्रीक्वेंसी पकड़कर वापस भेजता है
    • • उपग्रह अंतरिक्ष में → आपदा से नुकसान नहीं → सबसे विश्वसनीय
    • • सर्वाधिक उपयोग: उपग्रह फोन (पोर्टेबल)

सारांश

देखिए, अब तक हमने क्या सीखा, जरा याद कीजिए। प्राकृतिक आपदाओं के समय सामान्य संचार व्यवस्था ठप हो जाती है। केबुल टूट जाती है, बिजली बाधित हो जाती है, और टावर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ऐसा ही 2008 की कोसी बांध त्रासदी में हुआ था। अच्छा, सार्वजनिक टेलीफोन सेवा यानी PSTN सबसे लोकप्रिय साधन है। पर आपदा में यह भी फेल हो जाती है, क्योंकि इस पर सामान्यतः केवल 5 प्रतिशत फोन ही एक समय पर बात कर पाते हैं। इसीलिए वैकल्पिक संचार साधनों की जरूरत पड़ती है। इनमें रेडियो संचार और वॉकी-टॉकी, हैम रेडियो, तथा उपग्रह संचार प्रमुख हैं। हैम रेडियो को आधारीय इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं होती, इसी से सुनामी, उड़ीसा चक्रवात, और गुजरात भूकम्प में इसने बड़ी मदद की। उपग्रह संचार अंतरिक्ष में होने से आपदा से अप्रभावित रहता है, इसलिए इसे सबसे विश्वसनीय माना जाता है। और उपग्रह फोन, आपदा प्रबंधन में सबसे ज्यादा प्रयोग होता है। अच्छा बताइए — इनमें से किसे सबसे विश्वसनीय माना जाता है?

AskMedha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं सामाजिक विज्ञान, अध्याय 5। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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