बिहार बोर्ड 10वीं · सामाजिक विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 4: भारत में राष्ट्रवाद — नोट्स
इस अध्याय के 8 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।
1. राष्ट्रवाद का अर्थ और उदय
देखिए, राष्ट्रवाद का सीधा मतलब है - राष्ट्रीय चेतना का उदय।
- • राष्ट्रवाद = राष्ट्रीय चेतना का उदय
- • अर्थ: राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एकीकरण
- • 19वीं सदी पूर्वार्द्ध: भारत छोटे राज्यों में विभक्त
- • 19वीं सदी उत्तरार्द्ध: राष्ट्रीय चेतना के तत्व उभरे
- • राष्ट्रवाद की अभिव्यक्ति = स्वतंत्रता संग्राम
2. राष्ट्रवाद के उदय के कारण
देखिए, राष्ट्रवाद का उदय अचानक नहीं हुआ।
- • राजनीतिक कारण: वर्नाक्युलर एक्ट (1878), आर्म्स एक्ट (1879)
- • इलबर्ट बिल (1883), बंगाल विभाजन (1905)
- • आर्थिक कारण: स्थायी बन्दोबस्त, नगदी फसलों की उगाही
- • सामाजिक कारण: प्रजाति भेद, सरकारी सेवाओं में पक्षपात
- • धार्मिक कारण: राजा राम मोहन राय, दयानन्द सरस्वती आदि
- • 1885: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का गठन
3. प्रथम विश्वयुद्ध और भारत
देखिए, प्रथम विश्वयुद्ध 1914 में शुरू हुआ।
- • प्रथम विश्वयुद्ध: 1914, चार वर्ष तक
- • मित्र राष्ट्र: फ्रांस, ब्रिटेन, रूस, अमेरिका
- • केन्द्रीय शक्तियाँ: जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी, इटली
- • होमरूल लीग आन्दोलन: एनी बेसेंट व तिलक (1915-17)
- • रौलेट एक्ट: 1919
- • गांधीजी का उदय: चम्पारण, खेड़ा, अहमदाबाद सत्याग्रह
4. रौलेट एक्ट और जालियांवाला बाग हत्याकांड
देखिए, क्रांतिकारी गतिविधियां बढ़ रही थीं।
- • रौलेट एक्ट: 21 मार्च 1919, बिना वारंट गिरफ्तारी
- • देशव्यापी हड़ताल: 6 अप्रैल 1919
- • जालियांवाला बाग हत्याकांड: 13 अप्रैल 1919
- • जनरल ओ डायर ने गोली चलाई, ~1000 मृत्यु
- • टैगोर: 'नाइट' की उपाधि त्यागी
- • गांधीजी: 'कैसर-ए-हिन्द' उपाधि त्यागी
5. असहयोग आन्दोलन (1920-22)
देखिए, असहयोग आन्दोलन गांधीजी के नेतृत्व में शुरू हुआ पहला बड़ा जन आन्दोलन था।
- • असहयोग आन्दोलन: 1 जनवरी 1921
- • तीन कारण: खिलाफत, पंजाब न्याय, स्वराज
- • विध्वंसात्मक कार्य: उपाधि त्याग, बहिष्कार
- • रचनात्मक कार्य: स्वदेशी, चरखा-खादी
- • चौरी-चौरा कांड: 5 फरवरी 1922
- • आन्दोलन स्थगित: 12 फरवरी 1922
6. सविनय अवज्ञा आन्दोलन और डांडी यात्रा
देखिए, असहयोग आन्दोलन के बाद राष्ट्रीय आन्दोलन में थोड़ी सुस्ती आ गई थी।
- • पूर्ण स्वतंत्रता दिवस: 26 जनवरी 1930
- • डांडी यात्रा: 12 मार्च से 6 अप्रैल 1930
- • 78 अनुयायी, 250 कि.मी., 24 दिन
- • 6 अप्रैल: नमक कानून भंग
- • परिणाम: 1935 का भारत शासन अधिनियम
7. किसान, मजदूर और जनजातीय आन्दोलन
देखिए, राष्ट्रीय आन्दोलन के साथ-साथ किसान और मजदूर भी अपने हक़ के लिए उठ खड़े हुए थे।
- • चम्पारण आन्दोलन: 1917, तीनकठिया व्यवस्था
- • खेड़ा आन्दोलन: 1917, लगान माफी की माँग
- • बारदोली सत्याग्रह: 1928, बल्लभ भाई पटेल 'सरदार'
- • AITUC की स्थापना: 1920
- • जनजातीय आन्दोलन: अलमूरी सीताराम राजू, जतरा भगत
8. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और अन्य दल
देखिए, भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन की शुरुआत कहाँ से मानी जाती है?
- • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस: स्थापना 28 दिसम्बर 1885, बम्बई
- • अध्यक्ष: व्योमेशचन्द्र बनर्जी, 72 सदस्य
- • भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी: 1920, एम.एन. राय, ताशकंद
- • ऑल इंडिया मुस्लिम लीग: 30 दिसम्बर 1906, ढाका
सारांश
देखिए, चलिए आज जो पढ़ा उसे एक बार साथ में दोहराते हैं। भारत में राष्ट्रवाद, यानी राष्ट्रीय चेतना, राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक कारणों के मेल से जगी। इसी का नतीजा था, 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना। फिर प्रथम विश्वयुद्ध आया, और इसने भारत में नई आर्थिक और राजनैतिक परिस्थितियाँ पैदा कीं। इसी वजह से रौलेट एक्ट आया, और जालियांवाला बाग हत्याकांड जैसी दर्दनाक घटना भी हुई। इन्हीं परिस्थितियों में गांधीजी का उदय हुआ। गांधीजी के नेतृत्व में दो बड़े जन आन्दोलन चले — असहयोग आन्दोलन, 1920 से 22 तक, और सविनय अवज्ञा आन्दोलन, 1930 में। इसी सविनय अवज्ञा आन्दोलन में डांडी यात्रा और नमक सत्याग्रह जैसी अहम घटनाएँ हुईं। इनके साथ-साथ किसान आन्दोलन भी चले — चम्पारण, खेड़ा और बारदोली में। मजदूर आन्दोलन और जनजातीय आन्दोलन भी इसी राष्ट्रीय आन्दोलन का हिस्सा बने। और अंत में, कांग्रेस के साथ-साथ वामपंथी यानी कम्युनिस्ट पार्टी, और मुस्लिम लीग जैसे राजनीतिक दल भी इसी दौर में उभरे। इन्हीं दलों ने आगे चलकर भारतीय राजनीति को दिशा दी। अच्छा, अब आप बताइए — इनमें से कौन सी घटना आपको सबसे दिलचस्प लगी?
AskMedha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं सामाजिक विज्ञान, अध्याय 4। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- "भारत में राष्ट्रवाद" के नोट्स PDF में कैसे मिलेंगे?
- "PDF में सहेजें" दबाएँ — फ़ोन का प्रिंट पेज खुलेगा; वहाँ "Save as PDF" चुनें। PDF में सिर्फ़ नोट्स रहते हैं।
- ये नोट्स कहाँ से लिखे गए हैं?
- अध्याय की पाठ्यपुस्तक के अपने पाठ से, भाग-भाग करके, किताब के ही शब्दों में; फिर एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल ने हर भाग को किताब से मिलाकर जाँचा है। पूरा पाठ, हर भाग का जाँच-प्रश्न और अभ्यास AskMedha ऐप में है।
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मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।