बिहार बोर्ड 10वीं · सामाजिक विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 3: हिंद-चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन
बिहार बोर्ड (BSEB) के 2016–2026 के असली पेपरों से इस अध्याय के 8 सबसे ज़्यादा पूछे गए प्रश्न (VVI) — 3 के आदर्श उत्तर पूरे, 5 के उत्तर की पहली पंक्ति — और ऑब्जेक्टिव प्रश्न बोर्ड की उत्तर-कुंजी के साथ।
- अंक हर साल (लगभग)
- 2
- प्रश्न हर साल (लगभग)
- 3
- सामाजिक विज्ञान में स्थान
- #16
2021–2026 के 6 साल के पेपरों पर आधारित · पूरा अंक वितरण
VVI प्रश्न — बोर्ड ने जिन्हें सबसे ज़्यादा बार पूछा (8)
- Q1दीर्घ उत्तरीय4 अंकपूछा गया: 2022
हिन्द-चीन में राष्ट्रवाद के विकास का वर्णन करें ।

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · हिन्द-चीन में राष्ट्रवाद
- 1.हिन्द-चीन में राष्ट्रवाद का उदय फ्रांसीसी उपनिवेशवाद के विरुद्ध प्रतिक्रिया के रूप में हुआ। फ्रांसीसी शासन में जनता का भारी शोषण होता था। एकतरफा अनुबंध व्यवस्था एक तरह की बंधुआ मजदूरी थी, जिसमें मजदूरों का कोई अधिकार नहीं था। प्रथम विश्व युद्ध में हजारों लोगों को सेना में भर्ती किया गया और हजारों मजदूरों को बेगार के लिए फ्रांस ले जाया गया। इसकी प्रतिक्रिया में 1914 ई० में देशभक्तों ने 'वियतनामी राष्ट्रवादी दल' बनाया, जिसे फ्रांसीसी सरकार ने कुचल डाला।1 अंक
- 2.वियतनामी बुद्धिजीवियों ने पाश्चात्य विचारों और शिक्षा के सहारे स्वतंत्रता की चेतना जगाई। फ्रांसीसी शिक्षा नीति में फ्रांसीसी भाषा में शिक्षा दी जाने लगी, परन्तु आमलोगों को शिक्षा से दूर रखने के लिए अधिकतर स्थानीय बच्चों को अंतिम परीक्षा में फेल कर दिया जाता था। रूसो और माण्टेस्क्यू जैसे फ्रांसीसी विचारकों के आधुनिक विचारों से राष्ट्रवादी चेतना बढ़ी। फान चू त्रिन्ह ने आन्दोलन को गणतंत्रवादी बनाने का प्रयास किया और 1920 के दशक तक छात्र-छात्राएँ राजनीतिक पार्टियाँ बनाने लगे।1 अंक
- 3.हो ची मिन्ह के नेतृत्व में साम्यवादी दल (कम्युनिस्ट पार्टी) ने मुक्ति संघर्ष को संगठित किया। इससे पहले 1903 ई० में फान बोई चाऊ ने 'दुई तान होई' नामक क्रांतिकारी संगठन बनाया था। 1917 ई० में हो ची मिन्ह ने पेरिस में साम्यवादियों का एक गुट बनाया और बाद में शिक्षा के लिए मास्को गए। 1930 के दशक की विश्वव्यापी मंदी में बेरोजगारी बढ़ी, जिससे किसान भी साम्यवाद अपनाने लगे। फ्रांसीसी दमन के बाद भी भूमिगत आन्दोलन चलता रहा।1 अंक
- 4.जापान की विजय और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्वतंत्रता आंदोलन तेज हो गया। 1905 में जापान द्वारा रूस को हराना हिन्द-चीनियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना और जापान में पढ़ने गए छात्रों ने 'वियत नाम कुवान फुक होई' (वियतनाम मुक्ति एसोसिएशन) की स्थापना की। द्वितीय विश्व युद्ध में जापान ने पूरे हिन्द-चीन पर प्रभुत्व जमा लिया। तब हो ची मिन्ह के नेतृत्व में 'वियतमिन्ह' (वियतनाम स्वतंत्रता लीग) ने छापामार युद्ध नीति से सशस्त्र संघर्ष किया। जापान के आत्मसमर्पण के बाद 2 सितम्बर 1945 ई० को वियतनाम की स्वतंत्रता की घोषणा हुई और हो ची मिन्ह सरकार के प्रधान बने।1 अंक
- पहले अनुच्छेद में फ्रांसीसी उपनिवेशवाद के शोषण के उदाहरण के रूप में 'एकतरफा अनुबंध व्यवस्था' और बेगार लिखें।
- तीसरे अनुच्छेद में फान बोई चाऊ का 'दुई तान होई' और हो ची मिन्ह का साम्यवादी गुट, दोनों लिखें।
- चौथे अनुच्छेद में 'वियतमिन्ह' का छापामार युद्ध और 2 सितम्बर 1945 की स्वतंत्रता की घोषणा लिखें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q2दीर्घ उत्तरीय4 अंकपूछा गया: 2022
हिन्द-चीन में राष्ट्रवाद के विकास का वर्णन करें।

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · हिन्द-चीन में राष्ट्रवाद का विकास
- 1.हिन्द-चीन में राष्ट्रवाद का उदय फ्रांसीसी औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध प्रतिक्रिया के रूप में हुआ। हिन्द-चीन देशों से अभिप्राय उस प्रायद्वीपीय क्षेत्र से है जिसमें आज के वियतनाम, लाओस और कम्बोडिया के क्षेत्र आते हैं, जो फ्रांस के उपनिवेश थे। हिन्द-चीन में फ्रांसीसी उपनिवेशवाद को समय-समय विद्रोह का सामना प्रारंभिक दिनों से ही झेलना पड़ रहा था; परन्तु 20वीं शताब्दी के शुरू में यह और मुखर होने लगा और छोटे-छोटे मामले में भी लोग अपना असंतोष प्रकट करने लगे थे, क्योंकि फ्रांसीसी शोषण चरम पर था।1 अंक
- 2.वियतनामी बुद्धिजीवियों ने पश्चिमी शिक्षा और आधुनिक विचारों के माध्यम से स्वतंत्रता की भावना का प्रसार किया। फ्रांसीसी शिक्षा नीति के अंतर्गत परंपरागत स्थानीय भाषा अथवा चीनी भाषा में शिक्षा पाने वाले लोगों को अब फ्रांसीसी भाषा में शिक्षा दी जाने लगी, परन्तु फ्रांसीसियों को शिक्षा के प्रसार के साकारात्मक प्रभावों का डर था, इसलिए आम लोगों को शिक्षा से दूर रखने का प्रयास किया जाने लगा और स्कूल की अंतिम परीक्षा में अधिकतर स्थानीय बच्चों को फेल कर दिया जाता था। इसके बावजूद 1920 के दशक तक आते-आते छात्र-छात्राएँ राजनीतिक पार्टियाँ बनाने लगे थे, जिससे राष्ट्रीय चेतना का विकास हुआ।1 अंक
- 3.फान बोई चाऊ और फान चू त्रिन जैसे नेताओं ने वियतनाम के आधुनिकीकरण और स्वतंत्रता के लिए जन आंदोलन का नेतृत्व किया। 1903 ई० में फान बोई चाऊ ने 'दुई तान होई' नामक एक क्रांतिकारी संगठन की स्थापना की जिसके नेता कुआंग दें थे, तथा उन्होंने 'द हिस्ट्री ऑफ द लॉस ऑफ वियतनाम' लिखकर हलचल पैदा कर दी। 1914 ई० में देशभक्तों ने 'वियतनामी राष्ट्रवादी दल' नामक संगठन बनाया जिसका पहला अधिवेशन कैंटन में हुआ, परन्तु संशंकित फ्रांसीसी सरकार ने इसे कुचल डाला। जनता की दयनीय हालत के कारण 1919 में चीनी-बहिष्कार आन्दोलन भी हुआ। इन्हीं जन आंदोलनों की परंपरा आगे चलकर वियतमिन्ह के नेतृत्व में संगठित हुई, जिसके फलस्वरूप वियतनाम ने 1954 में स्वतंत्रता प्राप्त की।1 अंक
- 4.हो ची मिन्ह के नेतृत्व में वियतनामी कम्युनिस्ट पार्टी ने विदेशी शासन को उखाड़ फेंकने के लिए सशस्त्र संघर्ष को संगठित किया। 1930 के दशक की विश्वव्यापी मंदी से चावल, रबर आदि के दाम गिर गए और बेरोजगारी बढ़ने से परेशान किसान साम्यवाद को अपनाने लगे, जिससे राष्ट्रवादी आन्दोलन जोर पकड़ता गया। फ्रांसीसी सरकार ने गोलियों और हवाई बमबारी से निर्ममता से दमन किया जिसमें हजारों लोग मारे गए, आन्दोलन दब सा गया परन्तु भूमिगत रूप से चलता रहा। इसी भूमिगत आधार पर हो ची मिन्ह के नेतृत्व में इंडोचायनीज कम्युनिस्ट पार्टी ने विदेशी शासन के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष को संगठित किया।1 अंक
- तीसरे बिंदु में 'वियतमिन्ह' और 1954 में वियतनाम की स्वतंत्रता का उल्लेख अवश्य करें।
- चौथे बिंदु में हो ची मिन्ह और इंडोचायनीज कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा सशस्त्र संघर्ष संगठित करने का उल्लेख अवश्य करें।
- पहले बिंदु में फ्रांसीसी औपनिवेशिक शासन और दूसरे में पश्चिमी शिक्षा नीति का उल्लेख अलग-अलग करें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q3लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2023
हिन्द-चीन का अर्थ क्या है ?

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · हिन्द-चीन का अर्थ
- 1.हिन्द-चीन का तात्पर्य दक्षिण-पूर्व एशिया के उस प्रायद्वीपीय क्षेत्र से है जिसमें आज के वियतनाम, लाओस और कम्बोडिया के क्षेत्र आते हैं।1 अंक
- 2.इस क्षेत्र पर प्राचीन काल से ही भारत और चीन की संस्कृतियों का गहरा प्रभाव रहा है, जिसके कारण दक्षिण-पूर्व एशिया के इस प्रायद्वीपीय क्षेत्र को हिन्द-चीन कहा जाता है।1 अंक
- पहले बिन्दु में वियतनाम, लाओस और कम्बोडिया तीनों देशों के नाम अवश्य लिखें।
- दूसरे बिन्दु में भारतीय संस्कृति और चीनी संस्कृति दोनों के प्रभाव का उल्लेख करें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q4लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2024
होआ-हाओ आंदोलन का क्या उद्देश्य था ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. होआ-हाओ आन्दोलन वियतनाम में चलने वाला एक बौद्ध धार्मिक क्रान्तिकारी आन्दोलन था। इसका मुख्य उद्देश्य क्रांतिकारी विचारों का प्रसार करना और फ्रांसीसी उपनिवेशवाद का विरोध करना था। इस आन्दोलन के क्रांतिकारी उग्रवादी घटनाओं…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q5लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2025
फ्रांस द्वारा हिन्द-चीन को उपनिवेश बनाने का प्रारंभिक उद्देश्य क्या था?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. फ्रांस द्वारा हिन्द-चीन को उपनिवेश बनाने का प्रारंभिक उद्देश्य वियतनाम और आसपास के क्षेत्रों में अपने व्यापारिक हितों (commercial interests) का विस्तार करना था। इसके साथ-साथ फ्रांस के पादरी ईसाई धर्म एवं पश्चिमी सभ्यता…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q6लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2026
उपनिवेशवाद से क्या अभिप्राय है ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. उपनिवेशवाद वह व्यवस्था है जिसमें एक शक्तिशाली देश किसी कमजोर देश पर अपना राजनीतिक और आर्थिक नियंत्रण स्थापित करता है। इस व्यवस्था में शक्तिशाली देश कमजोर देश की स्वतंत्र सत्ता को समाप्त कर उसे अपने अधीन कर लेता है और…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q7लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2026
हनोई समझौता का क्या उद्देश्य था ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. हनोई समझौते का मुख्य उद्देश्य वियतनाम और फ्रांस के बीच शांति स्थापित करना था। फ्रांसीसी सेना जैसे ही सैगान पहुँची, वियतनामी छापामारों ने भयंकर युद्ध किया और फ्रांसीसी सेना सैगान में ही फंसी रही, जिसके बाद शांति हेतु…
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q8लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2021
'होआ-हाओ' आंदोलन की विवेचना संक्षेप में करें ।
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. होआ-हाओ एक बौद्ध धार्मिक क्रांतिकारी आंदोलन था, जो 1939 में शुरू हुआ था, जिसके नेता हुइन्ह फू-सो थे। यह आंदोलन काफी आक्रामक हो गया था और इसके अनुयायी उग्रवादी घटनाओं को भी अंजाम देते थे, जिनमें आत्मदाह तक भी शामिल होता…
पूरा उत्तर मेधा मैम से →
ऑब्जेक्टिव प्रश्न — उत्तर-कुंजी सहित (10)
- 1. बिहार बोर्ड 2026
वियतनाम, फ्रांसीसी आधिपत्य से कब स्वतंत्र हुआ ?
- (A) 1930
- (B) 1935
- (C) 1945 ✓
- (D) 1948
उत्तर: (C)
- 2. बिहार बोर्ड 2026
कैप्टन कोंग ले के नेतृत्व में सैनिक सरकार कहाँ बनी थी ?
- (A) लाओस ✓
- (B) उत्तरी वियतनाम
- (C) दक्षिणी वियतनाम
- (D) कंबोडिया
उत्तर: (A)
- 3. बिहार बोर्ड 2026
हनोई समझौता किनके बीच हुआ ?
- (A) लाओस और फ्रांस
- (B) कंबोडिया और वियतनाम
- (C) फ्रांस और वियतनाम ✓
- (D) लाओस और वियतनाम
उत्तर: (C)
- 4. बिहार बोर्ड 2026
जेनेवा समझौता का संबंध निम्नलिखित में से किससे था ?
- (A) हिन्द-चीन समस्या ✓
- (B) इटली का एकीकरण
- (C) तुर्की-यूनान विवाद
- (D) नई आर्थिक नीति
उत्तर: (A)
- 5. बिहार बोर्ड 2026
अंकोरवाट मंदिर का निर्माण किसने करवाया ?
- (A) राजा हर्षवर्धन
- (B) राजा सूर्यवर्मा द्वितीय ✓
- (C) राजा नरसिंहदेव प्रथम
- (D) राजा कुलशेखर पांडियन
उत्तर: (B)
- 6. बिहार बोर्ड 2025
दक्षिण वियतनाम में बाओदाई की सरकार निम्न में से किसकी समर्थक थी ?
- (A) चीन
- (B) स्पेन
- (C) फ्रांस ✓
- (D) पुर्तगाल
उत्तर: (C)
- 7. बिहार बोर्ड 2025
हो-ची-मिन्ह कहाँ का शासक था ?
- (A) उत्तरी वियतनाम ✓
- (B) दक्षिणी वियतनाम
- (C) लाओस
- (D) कम्बोडिया
उत्तर: (A)
- 8. बिहार बोर्ड 2025
1954 का जेनेवा समझौते के क्रियान्वयन की देखरेख हेतु गठित त्रि-सदस्यीय अंतर्राष्ट्रीय निगरानी आयोग का सदस्य निम्न में से कौन नहीं था?
- (A) भारत
- (B) कनाडा
- (C) पोलैंड
- (D) फ्रांस ✓
उत्तर: (D)
- 9. बिहार बोर्ड 2025
उत्तर और दक्षिण वियतनाम का एकीकरण कब हुआ था?
- (A) अप्रैल 1975 ✓
- (B) मई 1970
- (C) जुलाई 1965
- (D) जून 1950
उत्तर: (A)
- 10. बिहार बोर्ड 2024
पोट्सडम की घोषणा के बाद किसने आत्मसमर्पण किया ?
- (A) फ्रांस
- (B) जापान ✓
- (C) वियतनाम
- (D) भारत
उत्तर: (B)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- बिहार बोर्ड 10वीं सामाजिक विज्ञान में "हिंद-चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन" से कितने अंक आते हैं?
- 2021 से 2026 के बिहार बोर्ड के पेपरों में इस अध्याय से औसतन लगभग 2 अंक और लगभग 3 प्रश्न हर साल पूछे गए; सामाजिक विज्ञान में अंकों के हिसाब से यह 16वाँ अध्याय है।
- "हिंद-चीन में राष्ट्रवादी आंदोलन" के VVI प्रश्न कौन से हैं?
- ऊपर दिए गए 8 प्रश्न बोर्ड के असली पेपरों से हैं, जिस-जिस साल पूछे गए उस साल के साथ; जो सबसे ज़्यादा बार पूछे गए वे पहले हैं और उनके आदर्श उत्तर पूरे दिए गए हैं। इस अध्याय के कुल 8 लिखित प्रश्न और उनके उत्तर AskMedha ऐप में हैं।
- क्या ये उत्तर बोर्ड की marking scheme के अनुसार हैं?
- BSEB अपनी marking scheme प्रकाशित नहीं करता। हर उत्तर पिछले पेपरों से निकाली गई अंक-संरचना पर बिंदुवार लिखा गया है और एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल से जाँचा गया है; इसे बोर्ड की आधिकारिक scheme नहीं कहा जाता।
यही तैयारी, मेधा मैम के साथ — आपके फ़ोन पर
हर अध्याय का हर प्रश्न, हर आदर्श उत्तर और बोर्ड के ढंग के अभ्यास प्रश्न; रोज़ 60 मिनट की क्लास, जाँचे हुए लिखित उत्तर, हर रविवार टेस्ट और माता-पिता को WhatsApp रिपोर्ट।
मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।