बिहार बोर्ड 10वीं · सामाजिक विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 3: प्राकृतिक आपदा एवं प्रबंधन – भूकंप एवं सुनामी — नोट्स
इस अध्याय के 6 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।
1. भूकंप और सुनामी क्या हैं
देखिए, हम सब एक ठोस भूपटल पर रहते हैं।
- • भूकंप = कंपन का केंद्र स्थल खंड पर
- • सुनामी = कंपन का केंद्र महासागर तली पर
- • भूपटल के अंदर तापमान 1000° से० से अधिक
- • उदाहरण: 26 दिसम्बर 2004 का सुनामी
- • प्रभावित: बंगाल की खाड़ी, इंदिरा प्वाइंट (निकोबार)
2. रिक्टर स्केल और प्रभावित क्षेत्र
देखिए, अब बात करते हैं कि भूकंप और सुनामी की ऊर्जा को नापा कैसे जाता है।
- • मापक: रिक्टर स्केल (लोगरिथमिक)
- • एक इकाई बढ़ने पर गहनता दस गुनी
- • कमजोर चट्टान वाले क्षेत्र अधिक प्रभावित
- • जैसे: वलित पर्वत, भूपटलीय दरार, महासागरीय गर्त
- • भूकंप से: भवन गिरना, पुल टूटना, दरार से गर्म जल
- • सुनामी से: तटीय अपरदन, पारिस्थितिकी असंतुलन
3. भारत में भूकंप के क्षेत्र
देखिए, भारत में लगभग हर जगह भूकंप आते हैं।
- • जोन 1: दक्षिणी पठार — खतरा नहीं के बराबर
- • जोन 2: तटीय मैदान — सीमित खतरा
- • जोन 3: गंगा-सिंधु मैदान, राजस्थान, उ. गुजरात
- • जोन 4: शिवालिक हिमालय, असम, पूर्वोत्तर, अंडमान-निकोबार
- • जोन 5: कच्छ, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, कुमाऊँ, सिक्किम, दार्जिलिंग
- • बिहार में 1934 का भूकंप विनाशकारी था
4. भूकंपीय तरंगें
देखिए, भूकंप में जो कंपन उठते हैं, वो तीन तरह के होते हैं।
- • P तरंग — सबसे पहले पहुँचती है
- • S तरंग — अनुप्रस्थ, P से धीमी
- • L तरंग — भूपटलीय सतह पर, सबसे बाद में, सबसे विनाशकारी
- • अधिकेन्द्र — भूपटल पर जहाँ सबसे पहले अनुभव होता है
- • भूकंप केंद्र — भूपटल के नीचे कंपन शुरू होने की जगह
- • पूर्व कंपन व अनुकंपन — भूकंप से पहले/बाद के हल्के झटके
5. भूकंप से बचाव के उपाय
देखिए, भूकंप से बचने के लिए कई तरह के काम करने पड़ते हैं।
- • 1. भूकंप का पूर्वानुमान — भूकंपलेखी यंत्र से
- • 2. भूकंप निरोधी भवन-निर्माण
- • 3. जान-माल सुरक्षा हेतु विशेष बल
- • 4. प्रशासनिक सतर्कता व राहत दस्ते
- • 5. गैर-सरकारी संगठनों का सहयोग
- • कोने में दीवार का सहारा लेना सुरक्षित
6. सुनामी से बचाव के उपाय
देखिए, सुनामी तटीय प्रदेशों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचाती है।
- • सुनामी के भी पूर्व कंपन व अनुकंपन होते हैं
- • समुद्र में स्टेशन/प्लेटफार्म से पूर्वानुमान
- • कंक्रीट तटबंध निर्माण
- • तटबंध किनारे मैंग्रोव वनस्पति लगाना
- • तटीय लोगों को बचाव का प्रशिक्षण
सारांश
देखिए, आज हमने इस पूरे अध्याय में बहुत कुछ समझा। चलिए, एक बार याद करते हैं। सबसे पहले आपने सीखा, भूपटल के अंदर ऊर्जा तरंगें चलती हैं। जब ये तरंगें स्थल खंड पर कंपन करती हैं, तो उसे भूकंप कहते हैं। और जब यही तरंगें महासागर की तली पर होती हैं, तो उसे सुनामी कहते हैं। जैसे — 26 दिसम्बर 2004 का वह विनाशकारी सुनामी, जिसके बारे में आपने पढ़ा। फिर आपने जाना, इनकी गहनता रिक्टर स्केल से नापी जाती है। और जहाँ चट्टान कमजोर होती है, वह क्षेत्र इनसे ज़्यादा प्रभावित होता है। उसके बाद हमने भारत को 5 भूकंपीय जोन में बाँटा। इससे समझ आया, कौन-सा क्षेत्र कितना खतरनाक है। फिर आपने P, S और L भूकंपीय तरंगों के नाम सीखे। साथ ही अधिकेन्द्र और भूकंप केंद्र — इन दोनों शब्दों का मतलब भी समझा। और अंत में, बचाव के उपायों पर बात हुई — पूर्वानुमान, भूकंप निरोधी भवन, तटबंध और मैंग्रोव का निर्माण, और लोगों को प्रशिक्षण देना। अच्छा, अब आप बताइए — इनमें से कौन-सा उपाय आपको सबसे ज़रूरी लगता है?
AskMedha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं सामाजिक विज्ञान, अध्याय 3। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- "प्राकृतिक आपदा एवं प्रबंधन – भूकंप एवं सुनामी" के नोट्स PDF में कैसे मिलेंगे?
- "PDF में सहेजें" दबाएँ — फ़ोन का प्रिंट पेज खुलेगा; वहाँ "Save as PDF" चुनें। PDF में सिर्फ़ नोट्स रहते हैं।
- ये नोट्स कहाँ से लिखे गए हैं?
- अध्याय की पाठ्यपुस्तक के अपने पाठ से, भाग-भाग करके, किताब के ही शब्दों में; फिर एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल ने हर भाग को किताब से मिलाकर जाँचा है। पूरा पाठ, हर भाग का जाँच-प्रश्न और अभ्यास AskMedha ऐप में है।
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