बिहार बोर्ड 10वीं · सामाजिक विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 2: राज्य एवं राष्ट्र की आय — नोट्स
इस अध्याय के 8 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।
1. आय किसे कहते हैं
देखिए, सबसे पहले समझते हैं कि आय किसे कहते हैं।
- • आय = परिश्रम के बदले मिला पारिश्रमिक
- • भूमि का पारिश्रमिक - लगान
- • श्रम का पारिश्रमिक - मजदूरी
- • पूँजी का पारिश्रमिक - ब्याज
- • उद्यमी का पारिश्रमिक - लाभ/हानि
2. बिहार की आय और गरीबी का कुचक्र
देखिए, बिहार बहुत गरीब और पिछड़ा राज्य है।
- • बिहार की 41.4% आबादी गरीबी रेखा के नीचे
- • गरीबी का कुचक्र : कम आय→कम बचत→कम पूँजी निर्माण→कम विनियोग→फिर कम आय
- • गोवा : ऊँची आय, अधिक बचत, अधिक विनियोग
- • बिहार की वृद्धि दर (2008-09) = 11.03%
- • चंडीगढ़ प्रति-व्यक्ति आय (2006-07) = 70,361 रु०
- • बिहार प्रति-व्यक्ति आय (2005-06) = 6,610 रु०
3. राष्ट्रीय आय और अर्थशास्त्रियों की परिभाषा
देखिए, राष्ट्रीय आय क्या है।
- • राष्ट्रीय आय = एक वर्ष में उत्पादित वस्तु-सेवाओं का कुल मूल्य
- • मार्शल : श्रम+पूँजी×प्राकृतिक साधन = भौतिक-अभौतिक शुद्ध समूह
- • पीगू : राष्ट्रीय लाभांश = भौतिक आय+विदेशी आय (मुद्रा में माप्य)
- • फिशर : वार्षिक शुद्ध उत्पादन का सीधे उपभोग हुआ भाग
- • केन्स का फार्मूला : Y = C + I
4. GDP, GNP और NNP की धारणा
देखिए, राष्ट्रीय आय को समझने के तीन स्टेप हैं।
- • 1. GDP = एक वर्ष में उत्पादित अंतिम वस्तु-सेवाओं का कुल बाजार मूल्य
- • 2. GNP = GDP + विदेश में देशवासियों का उत्पादन − देश में विदेशियों का उत्पादन
- • 3. NNP = GNP − (कच्चे माल की कीमत+घिसावट-मरम्मत+कर-बीमा व्यय)
- • उत्पादन के बीच NNP का वितरण होता है
5. भारत की राष्ट्रीय आय का इतिहास व प्रति-व्यक्ति आय
भारत में सबसे पहले सन् 1868 में दादा भाई नौरोजी ने राष्ट्रीय आय का अनुमान लगाया था और अपनी पुस्तक में प्रति-व्यक्ति वार्षिक आय 20 रुपए बताई।
- • दादा भाई नौरोजी (1868) : प्रति-व्यक्ति आय = 20 रुपए
- • राष्ट्रीय आय समिति (1949) : अध्यक्ष प्रो० पी० सी० महालनोबिस
- • रिपोर्ट(1951) : राष्ट्रीय आय(1948-49)=8,650 करोड़, प्रति-व्यक्ति आय=246.9 रु०
- • CSO की स्थापना 1954 के बाद, सहायक संस्था NSSO
- • प्रति-व्यक्ति आय = राष्ट्रीय आय ÷ कुल जनसंख्या
- • भारत प्रति-व्यक्ति आय(2007) = 950 डॉलर
6. राष्ट्रीय आय की गणना की विधियाँ
देखिए, राष्ट्रीय आय निकालने के कई तरीके हैं।
- • उत्पादन गणना विधि - उत्पादन के योग से
- • आय गणना विधि - आय के आधार पर
- • व्यय गणना विधि - व्यय के माप से
- • मूल्य योग विधि - मूल्य में हुई वृद्धि से
- • व्यवसायिक गणना विधि - व्यवसाय के आधार पर
- • सबसे वैज्ञानिक/व्यवहारिक : उत्पादन व आय गणना विधि
7. राष्ट्रीय आय की गणना में कठिनाइयाँ
देखिए, राष्ट्रीय आय निकालने में तीन मुख्य कठिनाइयाँ आती हैं।
- • कठिनाई 1 : आँकड़ों को एकत्र करने में कठिनाई
- • कठिनाई 2 : दोहरी गणना की सम्भावना
- • कठिनाई 3 : मूल्य मापने में कठिनाई
- • उदाहरण : चीनी का मूल्य कारखाने से खुदरा तक बढ़ता जाता है
8. विकास में राष्ट्रीय व प्रति-व्यक्ति आय का योगदान
देखिए, किसी भी राष्ट्र की सम्पन्नता या विपन्नता हमें कैसे पता चलती है?
- • राष्ट्रीय आय में भुगतान वाली सेवाएँ ही शामिल होती हैं
- • उदाहरण : घर में नर्स की सेवा नहीं गिनी, अस्पताल में गिनी जाती है
- • आय बढ़े पर अमीरों तक सीमित रहे तो संतुलित विकास नहीं
- • समावेशी विकास (Inclusive Growth) पर बल दिया जाता है
- • राष्ट्रीय आय ↑ + प्रति-व्यक्ति आय ↑ = आर्थिक विकास ↑
सारांश
देखिए, आज हमने बहुत कुछ पढ़ा। चलिए, एक बार याद कर लेते हैं। सबसे पहले आपने जाना कि आय, परिश्रम के बदले मिला पारिश्रमिक है। यह लगान, मजदूरी, ब्याज, वेतन और लाभ के रूप में मिलती है। फिर आपने बिहार की गरीबी को समझा। साथ ही रैगनर नर्क्स का गरीबी का कुचक्र भी समझा। इसमें कम आय से कम बचत होती है, कम बचत से कम पूँजी-निर्माण, और फिर वही चक्र फिर से चलता है। अच्छी बात यह है कि बिहार की वृद्धि दर अब सुधर रही है। इसके बाद आपने राष्ट्रीय आय की परिभाषा जानी। मार्शल, पीगू, फिशर और केन्स के विचार भी समझे। केन्स का फॉर्मूला भी याद है — Y = C+I। फिर आपने GDP, GNP और NNP का अंतर सीखा। भारत में राष्ट्रीय आय निकालने का ऐतिहासिक सफर भी देखा। प्रति-व्यक्ति आय निकालने का तरीका भी आपने सीख लिया। अंत में राष्ट्रीय आय निकालने की विधियाँ, उसमें आनेवाली कठिनाइयाँ, और आर्थिक विकास में राष्ट्रीय व प्रति-व्यक्ति आय का योगदान भी समझा। अच्छा, बताइए — इनमें से कौन-सी बात आपको सबसे दिलचस्प लगी?
Ask Medha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं सामाजिक विज्ञान, अध्याय 2। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- "राज्य एवं राष्ट्र की आय" के नोट्स PDF में कैसे मिलेंगे?
- "PDF में सहेजें" दबाएँ — फ़ोन का प्रिंट पेज खुलेगा; वहाँ "Save as PDF" चुनें। PDF में सिर्फ़ नोट्स रहते हैं।
- ये नोट्स कहाँ से लिखे गए हैं?
- अध्याय की पाठ्यपुस्तक के अपने पाठ से, भाग-भाग करके, किताब के ही शब्दों में; फिर एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल ने हर भाग को किताब से मिलाकर जाँचा है। पूरा पाठ, हर भाग का जाँच-प्रश्न और अभ्यास Ask Medha ऐप में है।
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मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।