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बिहार बोर्ड 10वीं · सामाजिक विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027

अध्याय 2: प्राकृतिक आपदा एवं प्रबंधन – बाढ़ और सुखाड़ — नोट्स

इस अध्याय के 7 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।

  1. 1. बाढ़ और सुखाड़ क्या हैं

    देखिए, बाढ़ और सुखाड़, दोनों प्राकृतिक आपदाएँ हैं।

    • • बाढ़ = अत्यधिक वर्षा से नदियों का जलस्तर उफनना
    • • सुखाड़ = वर्षा न होने से खेती व पेयजल की कमी
    • • दोनों का कारण: मॉनसून की अनिश्चितता
  2. 2. बाढ़ के लिए बदनाम नदियाँ

    बच्चों, कुछ नदियाँ बाढ़ की विभीषिका के लिए बदनाम हो चुकी हैं।

    • • बाढ़ के लिए बदनाम नदियाँ:
    • • कोसी (बिहार), दामोदर-तिस्ता (प.बंगाल)
    • • ब्रह्मपुत्र (असम), महानदी (उड़ीसा)
    • • कृष्णा (आंध्र प्रदेश), नर्मदा (गुजरात)
    • • उदाहरण: 2008 - कुसहा तटबंध टूटने से कोसी की धारा बदली
  3. 3. बांग्लादेश: बाढ़ का देश

    देखिए, एक बात सुनकर आपको हैरानी होगी।

    • • बांग्लादेश - दुनिया के सबसे घने बसे देशों में से एक
    • • कारण: बाढ़ से जलोढ़ मलबे का निक्षेपण
    • • जलोढ़ मलबे में प्राकृतिक उर्वरक व खनिज ह्यूमस
    • • परिणाम: मैदान अति उपजाऊ बनते हैं
  4. 4. बाढ़ प्रबंधन: बाँध, तटबंध और कृत्रिम जलाशय

    देखिए, अंग्रेजों के समय से ही बाढ़ रोकने के लिए बाँध और तटबंध बनाए जाते रहे हैं।

    • • बाँध-तटबंध निर्माण: बाढ़ रोकने का प्रयास
    • • तटबंध टूटने से भयावह स्थिति (कुसहा उदाहरण)
    • • बाँध का नाम - नदी - कृत्रिम जलाशय
    • • भाखड़ा नंगल - सतलज - गोविन्द सागर
    • • नर्मदा परियोजना - नर्मदा - सरदार सरोवर
    • • नागार्जुनसागर - कृष्णा - नागार्जुन सागर
  5. 5. वैकल्पिक प्रबंधन और पूर्व सूचना

    देखिए, तटबंध तो टिकाऊ नहीं होते।

    • • वैकल्पिक टिकाऊ प्रबंधन:
    • • मकान नदी किनारे से 250 मी० दूर बनाना
    • • नींव-दीवार सीमेंट-कंक्रीट की, स्तंभ आधारित मकान
    • • पूर्व सूचना: सुदूर संवेदन सूचनाएँ
    • • तैराकी प्रशिक्षण, स्वीमिंग जैकेट, डी० डी० टी० छिड़काव
  6. 6. सुखाड़ और इसका क्षेत्र

    देखिए, जब बारिश बहुत कम होती है, तो सुखाड़ की स्थिति बन जाती है।

    • • सुखाड़ की तीन समस्याएँ:
    • • 1) खाद्यान्न की कमी 2) पेयजल की कमी 3) चारे की कमी
    • • भारत में 77 सुखाड़ग्रस्त जिले (राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक आदि)
    • • महत्वपूर्ण सुखाड़ वर्ष: 1877, 1899, 1918, 1966, 1987
  7. 7. सुखाड़ प्रबंधन: दीर्घकालीन और लघुकालीन योजनाएँ

    देखिए, सुखाड़ से निपटने के लिए दो तरह की योजनाएँ चाहिए — एक दीर्घकालीन, एक लघुकालीन।

    • • सुखाड़ प्रबंधन:
    • • दीर्घकालीन: नहर, तालाब, कुआँ, पाइन, आहर
    • • उदाहरण: पंजाब-हरियाणा नहरजाल, बिहार कोसी-गंडक
    • • वर्षा जल संग्रहण + वाटर शेड मैनेजमेंट
    • • राजस्थान: 50 हेक्टेयर तक के वाटर शेड क्षेत्र
    • • ड्रिप व छिड़काव सिंचाई से कम जल में खेती

सारांश

देखिए बच्चों, आज हमने क्या सीखा। बाढ़ और सुखाड़, दोनों वर्षा से जुड़ी आपदाएँ हैं। अत्यधिक वर्षा से बाढ़ आती है, और वर्षा की कमी से सुखाड़ पड़ता है। कोसी, दामोदर, ब्रह्मपुत्र, महानदी, कृष्णा और नर्मदा — ये नदियाँ बाढ़ के लिए जानी जाती हैं। बांग्लादेश में बाढ़ से उपजाऊ मिट्टी भी मिल जाती है। बाढ़ रोकने के लिए बाँध, तटबंध और कृत्रिम जलाशय बनाए जाते हैं। पर तटबंध हमेशा टिकते नहीं, इसलिए अब टिकाऊ भवन निर्माण, पहले से सूचना देना और प्रशिक्षण जैसे उपाय भी अपनाए जा रहे हैं। अब सुखाड़ की बात कीजिए। भारत के 77 जिले सुखाड़ग्रस्त हैं, जहाँ खाना, पीने का पानी और पशुओं का चारा — सबकी कमी हो जाती है। इसके लिए नहर, तालाब, कुआँ जैसी लंबी योजनाएँ बनती हैं। साथ ही वर्षा जल संग्रहण, वाटर शेड मैनेजमेंट और ड्रिप-छिड़काव सिंचाई जैसे उपाय भी काम आते हैं। अच्छा, आप बताइए — बाढ़ और सुखाड़ में क्या फ़र्क़ है?

AskMedha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं सामाजिक विज्ञान, अध्याय 2। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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