बिहार बोर्ड 10वीं · सामाजिक विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 2: कृषि — नोट्स
इस अध्याय के 8 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।
1. कृषि क्यों इतनी महत्त्वपूर्ण है
देखिए, भारत में कृषि के लिए बहुत कुछ अच्छा मिला है।
- • कृषि = आर्थिक जीवन का प्राण
- • 2/3 लोगों की जीविका कृषि पर आधारित
- • 15% क्षेत्र में ही एक से अधिक फसल (सिंचाई से)
- • वर्षा आधारित कृषि = शुष्क कृषि (Dry Agriculture)
- • राष्ट्रीय आय में कृषि का योगदान = 24%
2. शस्य गहनता - एक ही भूमि से अधिक फसल
देखिए, जनसंख्या बढ़ रही है।
- • शस्य गहनता = (कुल बोया गया क्षेत्र / शुद्ध बोया गया क्षेत्र) x 100
- • उदाहरण: 2 हेक्टेयर में धान+गेहूँ+मूँग = 3 फसल
- • कुल बोया गया क्षेत्र = 2x3 = 6 हेक्टेयर
- • शस्य गहनता = (6/2)x100 = 300%
- • अग्रणी राज्य: पंजाब
- • कारक: सिंचाई, उर्वरक, उन्नत बीज, यंत्रीकरण, कीटनाशक, उचित मूल्य
3. शुष्क-भूमि कृषि और आर्द्र-भूमि कृषि
जब फसल केवल वर्षा द्वारा प्राप्त नमी के आधार पर पैदा की जाती है, तब इसे वर्षा पोषित या वर्षाधीन कृषि कहते हैं, और यह दो प्रकार की होती है - शुष्क-भूमि कृषि और आर्द्र-भूमि कृषि।
- • 75 सेमी से कम वर्षा = शुष्क-भूमि कृषि
- • 75 सेमी से अधिक वर्षा = आर्द्र-भूमि कृषि
- • वर्षाधीन कृषि क्षेत्र = 38.67% भूमि
- • उदाहरण फसल: मोटे अनाज, दाल, तिलहन, कपास
- • शुष्क मिट्टी में ह्यूमस कम, वायु कटाव अधिक
4. कृषि के तीन प्रकार
देखिए, भारत में कृषि तीन तरह की होती है।
- • 1. प्रारंभिक जीविका कृषि - कर्तन दहन (झूम/पामलू/दीपा)
- • 2. गहन जीविका कृषि - प्रधानतः धान, जीविका निर्वाहक
- • 3. वाणिज्यिक कृषि - पंजाब-हरियाणा, गेहूँ, हरित क्रांति से
- • रोपण कृषि: चाय-असम/दार्जिलिंग, काफी-कर्नाटक, रबड़-केरल
5. फसल प्रारूप: रबी, खरीफ, जायद
देखिए, भारत में फसलें ऋतु के हिसाब से तीन तरह की होती हैं।
- • रबी: अक्टूबर-दिसंबर बोई, अप्रैल-जून कटी - गेहूँ, जौ, चना, मसूर, सरसों
- • खरीफ: वर्षा ऋतु में बोई, सितंबर-अक्टूबर कटी - धान, मकई, ज्वार, बाजरा, कपास, जूट
- • जायद: खरीफ-रबी के बीच - धान, मकई, सब्जियाँ (खीरा, तरबूज)
- • 100 सेमी समवर्षा रेखा: अधिक वर्षा=चावल, कम वर्षा=गेहूँ
6. भारत की प्रमुख खाद्यान्न फसलें - चावल और गेहूँ
देखिए, चावल हमारे देश की सबसे बड़ी खाद्यान्न फसल है।
- • चावल: तापमान कम से कम 24°C, वर्षा 125-200 सेमी, जलोढ़ मिट्टी
- • गेहूँ: वर्षा 50-75 सेमी, 100 सेमी से अधिक वर्षा में नहीं उगती
- • हरित क्रांति = 1967 ई०
- • 1970-71 में उपज 1960-61 से लगभग दुगुनी
- • गेहूँ उत्पादक: पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश (2/3 उत्पादन)
7. नकदी फसलें, रेशेदार फसलें और पेय फसलें
अच्छा, अब बात करते हैं नकदी फसलों की।
- • गन्ना: तापमान 21-27°C, वर्षा 75-100 सेमी
- • कपास: 210 दिन पाला-रहित मौसम, काली मिट्टी उपयुक्त
- • जूट = सुनहरा रेशा (Golden fibre), बाढ़ के मैदान में अच्छी
- • चाय: आरंभ 1840 ई० ब्रह्मपुत्र घाटी में, वर्षा 200-250 सेमी
- • भारत = अग्रणी चाय उत्पादक व निर्यातक देश
8. निम्न उत्पादकता और सरकारी प्रयास
देखिए, भारतीय कृषि की उत्पादकता कम क्यों है?
- • निम्न उत्पादकता के कारण: छोटे खेत, कम सिंचाई, कम पूँजी निवेश
- • भारत का उत्पादन = जापान का 1/3, अमेरिका का 1/4
- • हरित क्रांति (1960-70) = गेहूँ उत्पादन में वृद्धि
- • श्वेत क्रांति (आपरेशन फ्लड) = दुग्ध उत्पादन में वृद्धि
- • खाद्य सुरक्षा: बफर स्टॉक + जन वितरण प्रणाली (पी०डी०एस०)
सारांश
चलिए, अब जो पढ़ा उसे एक बार याद कर लेते हैं। देखिए, भारत की ज़मीन और जलवायु खेती के लिए अच्छी है। फिर भी बारिश ठीक समय पर नहीं आती, इसलिए ज़्यादातर इलाकों में सूखी खेती होती है। कृषि से ही देश को भोजन मिलता है, उद्योगों के लिए कच्चा माल मिलता है, और राष्ट्रीय आय का बड़ा हिस्सा भी इसी से आता है। फिर आपने शस्य गहनता का सूचकांक समझा — यानी एक ही ज़मीन पर बार-बार फसल लेकर पैदावार बढ़ाना। बारिश के हिसाब से शुष्क-भूमि और आर्द्र-भूमि खेती का फ़र्क भी आपने जाना। उसके बाद तीन तरह की खेती पढ़ी — प्रारंभिक जीविका, गहन जीविका, और वाणिज्यिक कृषि। साथ ही रबी, खरीफ और जायद — ये तीन फसल प्रारूप भी याद किए। चावल और गेहूँ जैसी खाद्यान्न फसलें, और गन्ना, कपास, जूट, चाय जैसी नकदी, रेशेदार और पेय फसलें — इनकी जलवायु और मिट्टी की ज़रूरतें भी आपने समझीं। आख़िर में भारतीय कृषि की कम पैदावार के कारण, और हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, खाद्य सुरक्षा जैसी सरकारी कोशिशों के बारे में भी जाना। अच्छा बताइए — इनमें से कौन सी फसल आपको सबसे दिलचस्प लगी?
AskMedha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं सामाजिक विज्ञान, अध्याय 2। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- "कृषि" के नोट्स PDF में कैसे मिलेंगे?
- "PDF में सहेजें" दबाएँ — फ़ोन का प्रिंट पेज खुलेगा; वहाँ "Save as PDF" चुनें। PDF में सिर्फ़ नोट्स रहते हैं।
- ये नोट्स कहाँ से लिखे गए हैं?
- अध्याय की पाठ्यपुस्तक के अपने पाठ से, भाग-भाग करके, किताब के ही शब्दों में; फिर एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल ने हर भाग को किताब से मिलाकर जाँचा है। पूरा पाठ, हर भाग का जाँच-प्रश्न और अभ्यास AskMedha ऐप में है।
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मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।