बिहार बोर्ड 10वीं · सामाजिक विज्ञान · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 1: यूरोप में राष्ट्रवाद — नोट्स
इस अध्याय के 6 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।
1. राष्ट्रवाद का उदय और वियना सम्मेलन
देखिए, सबसे पहले समझते हैं कि राष्ट्रवाद है क्या।
- • राष्ट्रवाद = विशेष भौगोलिक/सांस्कृतिक/सामाजिक परिवेश में एकता की भावना
- • शुरुआत: पुनर्जागरण काल में, उन्नत रूप: फ्रांसीसी क्रांति 1789 ई०
- • वियना सम्मेलन 1815 - मेजबान: मेटरनिख (ऑस्ट्रिया)
- • उद्देश्य: नेपोलियन-पूर्व पुरातन व्यवस्था की पुनर्स्थापना
- • जर्मनी: 39 रियासतों का संघ, ऑस्ट्रिया का अप्रत्यक्ष अधिकार
- • इटली: कई राज्यों में विभाजित (नेपल्स, लोम्बार्डी-वेनेशिया आदि)
2. जुलाई 1830 और 1848 की क्रांतियाँ
देखिए, फ्रांस में लुई अठारहवें के बाद चार्ल्स-X राजा बना।
- • जुलाई 1830 क्रांति: चार्ल्स-X के चार अध्यादेशों के विरोध में
- • परिणाम: चार्ल्स-X इंग्लैंड पलायन, आर्लेंयस वंश (लुई फिलिप) गद्दी पर
- • 1848 क्रांति: गीजो की नीतियों व भुखमरी-बेरोजगारी से असंतोष
- • 24 फरवरी 1848: लुई फिलिप गद्दी त्याग, गणतंत्र की घोषणा
- • 21 वर्ष से ऊपर सभी वयस्क पुरुषों को मताधिकार
3. इटली का एकीकरण
देखिए, 19वीं सदी के शुरू में इटली एक देश नहीं था।
- • इटली एकीकरण के नेता: मेजनी, कावूर, गैरीबाल्डी, विक्टर इमैनुएल
- • मेजनी: कार्बोनारी दल, गणराज्य का समर्थक
- • कावूर: प्रधानमंत्री, कूटनीतिज्ञ, क्रीमिया युद्ध में फ्रांस का साथ
- • संधि: नीस व सेवाय फ्रांस को, बदले में सैन्य सहायता
- • गैरीबाल्डी: नाविक, सिसली-नेपल्स जीत कर विक्टर इमैनुएल को सौंपा
- • 1871 ई० तक इटली का पूर्ण एकीकरण
4. जर्मनी का एकीकरण
देखिए, जर्मनी की कहानी भी बँटे हुए राज्यों से शुरू होती है।
- • जर्मनी: लगभग 300 राज्यों में बँटा, नेपोलियन का राईन संघ (1806)
- • जालवेरिन (1834): व्यापारियों का आर्थिक संघ, प्रशा के नेतृत्व में
- • विस्मार्क: 'रक्त और लौह की नीति'
- • 1864: डेनमार्क युद्ध - श्लेशविग प्रशा को, हॉलस्टीन ऑस्ट्रिया को
- • 1866: सेडोवा युद्ध - ऑस्ट्रिया पराजित
- • 1870-71: सेडॉन युद्ध - फ्रांस पराजित, फ्रैंकफर्ट की संधि (10 मई 1871)
5. यूनान और हंगरी में राष्ट्रीयता
यूनान अपने गौरवमय अतीत के कारण पाश्चात्य का मुख्य स्रोत माना जाता था, पर वह तुर्की साम्राज्य के अधीन था।
- • यूनान: तुर्की के अधीन, संस्था - हितेरिया फिलाइक (ओडेसा)
- • 1821: चिपसिलांटी के नेतृत्व में विद्रोह; लार्ड बायरन शहीद
- • 1827 लंदन सम्मेलन: इंग्लैंड, फ्रांस, रूस की संयुक्त कार्यवाही
- • 1829: एड्रियानोपल की संधि - यूनान को स्वायत्तता
- • 1832: यूनान स्वतंत्र राष्ट्र, शासक - ओटो (बवेरिया)
- • हंगरी: कोसूथ के नेतृत्व में आंदोलन, 31 मार्च 1848 को मांगें स्वीकृत
6. राष्ट्रवाद के परिणाम
यूरोप में राष्ट्रीयता की भावना फ्रांसीसी क्रांति के गर्भ से शुरू हुई और इसके कारण कई बड़े-छोटे राष्ट्रों का उदय हुआ।
- • राष्ट्रवाद का उदय: फ्रांसीसी क्रांति से, परिणाम: नये राष्ट्रों का जन्म
- • नकारात्मक पक्ष: 'संकीर्ण राष्ट्रवाद'
- • बड़े राष्ट्रों में साम्राज्यवादी प्रवृत्ति (जर्मनी, इटली, फ्रांस, इंग्लैंड)
- • परिणाम: ओटोमन साम्राज्य का पतन, बाल्कन युद्ध का अखाड़ा
- • भारत पर प्रभाव: टीपू सुल्तान, राजाराम मोहन राय, 1857 की क्रांति
सारांश
चलिए, अब इस पूरे पाठ को एक बार साथ में याद करते हैं। देखिए, राष्ट्रवाद की भावना फ्रांसीसी क्रांति से एक नए, उन्नत रूप में सामने आई थी। फिर वियना सम्मेलन ने इसे दबाने की कोशिश की, पर यह व्यवस्था ज़्यादा दिन टिक नहीं पाई। उसके बाद 1830 और 1848 की क्रांतियों ने फ्रांस में बदलाव लाया, और इसी के साथ पूरे यूरोप में राष्ट्रीयता की भावना फैल गई। इसी भावना से इटली का एकीकरण हुआ — मेजनी, कावूर, गैरीबाल्डी और विक्टर इमैनुएल के प्रयासों से। और जर्मनी का एकीकरण बिस्मार्क की 'रक्त और लौह की नीति' से पूरा हुआ। याद है न, यूनान और हंगरी में भी ऐसे ही राष्ट्रीयता के आंदोलन उठे थे? उनमें से यूनान एक स्वतंत्र राष्ट्र बन गया। और अंत में हमने यह भी देखा कि यही राष्ट्रवाद आगे चलकर संकीर्ण राष्ट्रवाद और साम्राज्यवाद में बदल गया। इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ा, यहाँ तक कि भारत पर भी। अच्छा, बताइए — इन सब घटनाओं में आपको सबसे दिलचस्प कौन सी लगी?
AskMedha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं सामाजिक विज्ञान, अध्याय 1। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- "यूरोप में राष्ट्रवाद" के नोट्स PDF में कैसे मिलेंगे?
- "PDF में सहेजें" दबाएँ — फ़ोन का प्रिंट पेज खुलेगा; वहाँ "Save as PDF" चुनें। PDF में सिर्फ़ नोट्स रहते हैं।
- ये नोट्स कहाँ से लिखे गए हैं?
- अध्याय की पाठ्यपुस्तक के अपने पाठ से, भाग-भाग करके, किताब के ही शब्दों में; फिर एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल ने हर भाग को किताब से मिलाकर जाँचा है। पूरा पाठ, हर भाग का जाँच-प्रश्न और अभ्यास AskMedha ऐप में है।
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मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।