बिहार बोर्ड 10वीं · हिंदी · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 7: हिरोशिमा (अज्ञेय)
बिहार बोर्ड (BSEB) के 2016–2026 के असली पेपरों से इस अध्याय के 3 सबसे ज़्यादा पूछे गए प्रश्न (VVI) — 3 के आदर्श उत्तर पूरे — और ऑब्जेक्टिव प्रश्न बोर्ड की उत्तर-कुंजी के साथ।
- अंक हर साल (लगभग)
- 1
- प्रश्न हर साल (लगभग)
- 2
- हिंदी में स्थान
- #23
2021–2026 के 5 साल के पेपरों पर आधारित · पूरा अंक वितरण
VVI प्रश्न — बोर्ड ने जिन्हें सबसे ज़्यादा बार पूछा (3)
- Q1लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2022, 2025
'प्रज्वलित क्षण की दोपहरी' से कवि का आशय क्या है ?

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · 'प्रज्वलित क्षण की दोपहरी' का आशय
- 1.कवि अज्ञेय का आशय हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम के विस्फोट से है। उस समय क्षण भर के लिए दोपहर के सूर्य जैसा प्रचंड, चकाचौंध भरा प्रकाश और ताप फैल गया।1 अंक
- 2.वह एक क्षण की दोपहरी 'दृश्य सोख लेने वाली' थी; उसने सब कुछ नष्ट कर दिया। मनुष्य भाप बनकर उड़ गए और झुलसे पत्थरों पर केवल उनकी छायाएँ शेष रह गईं।1 अंक
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q2दीर्घ उत्तरीय5 अंकपूछा गया: 2021
निम्न पंक्तियों का अर्थ लिखें : एक दिन सहसा सूरज निकला अरे क्षितिज पर नहीं, नगर के चौक; धूप बरसी पर अन्तरिक्ष से नहीं; फटी मिट्टी से

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · पंक्तियों का अर्थ, हिरोशिमा कविता
- 1.कवि ने परमाणु बम के विस्फोट को सूरज के निकलने के रूप में चित्रित किया है। कवि कहता है कि एक दिन सहसा सूरज निकला, परन्तु यह सूरज क्षितिज पर नहीं निकला, बल्कि नगर के चौक पर निकला। वास्तव में यहाँ सूरज का निकलना परमाणु बम का विस्फोट है जो हिरोशिमा नगर के बीचों-बीच, नगर के चौक पर हुआ, न कि आकाश के क्षितिज पर जहाँ प्रतिदिन सूरज निकलता है।2 अंक
- 2.विस्फोट से उत्पन्न प्रचंड गर्मी और प्रकाश को कवि ने धूप के रूप में वर्णित किया है। कवि कहता है कि धूप बरसी, परन्तु यह धूप अन्तरिक्ष से नहीं बरसी, बल्कि फटी मिट्टी से निकली। इसका अर्थ यह है कि ये गर्मी और प्रकाश आकाश से नहीं आए, बल्कि धरती के भीतर से, फटी हुई मिट्टी से उत्पन्न हुए, जो परमाणु बम के विस्फोट की भीषणता को दर्शाता है।2 अंक
- 3.फटी हुई मिट्टी का उल्लेख विनाश की भयावहता और परमाणु विकिरण के प्रभाव को दर्शाता है। धूप का धरती की फटी मिट्टी से बरसना यह सिद्ध करता है कि विस्फोट ने धरती को भी चीर दिया और इसकी तीव्रता इतनी भीषण थी कि प्रकाश और ताप स्वयं धरती के भीतर से निकले, न कि आकाश से।1 अंक
- पहले पैराग्राफ में 'क्षितिज' और 'नगर के चौक' दोनों शब्दों का अन्तर स्पष्ट रूप से लिखें।
- दूसरे पैराग्राफ में 'अन्तरिक्ष' और 'फटी मिट्टी' के बीच का विरोधाभास अवश्य लिखें।
- तीसरे पैराग्राफ में 'विनाश की भयावहता' और 'विकिरण' शब्दों का उल्लेख करें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q3लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2021
मनुष्य की छायाएँ कहाँ और क्यों पड़ी हुई हैं ?

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · अर्थ, हिरोशिमा कविता
- 1.मनुष्य की छायाएँ सड़कों, दीवारों तथा धरती पर विभिन्न स्थानों पर पड़ी हुई हैं। ये छायाएँ झुलसे हुए पत्थरों पर और उजड़ी सड़कों की गच पर आज भी लिखी हुई हैं।1 अंक
- 2.परमाणु बम के विस्फोट के कारण मनुष्य सब भाप बनकर उड़ गये और उनकी छाया वहाँ अंकित रह गई। मानव का रचा हुआ सूरज मानव को भाप बनाकर सोख गया, जिससे पत्थर पर लिखी यह जली हुई छाया मानव के खोखलेपन और उसके वास्तविक अस्तित्व से कटाव का प्रतीक बन गई।1 अंक
- पहले बिंदु में 'सड़क', 'दीवार', 'धरती' और 'छाया' शब्द अवश्य लिखें।
- दूसरे बिंदु में 'परमाणु बम', 'विस्फोट', 'भाप' और 'खोखलापन' शब्द अवश्य लिखें।
- पंक्ति 'मानव का रचा हुआ सूरज मानव को भाप बनाकर सोख गया' को ज्यों का त्यों लिखें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
ऑब्जेक्टिव प्रश्न — उत्तर-कुंजी सहित (10)
- 1. बिहार बोर्ड 2026
सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' के द्वारा लिखित निम्न में कौन उपन्यास नहीं है ?
- (A) शेखर : एक जीवनी
- (B) नदी के द्वीप
- (C) अपने-अपने अजनबी
- (D) अरे यायावर रहेगा याद ✓
उत्तर: (D)
- 2. बिहार बोर्ड 2026
'आँगन के पार द्वार' के रचनाकार हैं
- (A) सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' ✓
- (B) रामविलास शर्मा
- (C) विनोद कुमार शुक्ल
- (D) रामधारी सिंह 'दिनकर'
उत्तर: (A)
- 3. बिहार बोर्ड 2026
'हिरोशिमा' शीर्षक पाठ किस संग्रह से संकलित है ?
- (A) 'सदानीरा' से ✓
- (B) 'इन दिनों' से
- (C) 'दुष्चक्र में स्रष्टा' से
- (D) 'बावरा अहेरी' से
उत्तर: (A)
- 4. बिहार बोर्ड 2025
'हिरोशिमा' शीर्षक पाठ के रचनाकार हैं
- (A) सुमित्रानंदन पंत
- (B) दिनकर
- (C) अज्ञेय ✓
- (D) वीरेन डंगवाल
उत्तर: (C)
- 5. बिहार बोर्ड 2025
किनके पिता एक प्रख्यात पुरातत्ववेत्ता थे ?
- (A) सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' के ✓
- (B) सुमित्रानंदन पंत के
- (C) रामधारी सिंह 'दिनकर' के
- (D) कुँवर नारायण के
उत्तर: (A)
- 6. बिहार बोर्ड 2025
'अज्ञेय' का पूरा नाम क्या है ?
- (A) सदानंद 'अज्ञेय'
- (B) सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' ✓
- (C) हीरानंद शास्त्री 'अज्ञेय'
- (D) सदानंद हीरालाल कौशिक 'अज्ञेय'
उत्तर: (B)
- 7. बिहार बोर्ड 2025
सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' ने कितने कवियों का चयन कर 'तार सप्तक' को पेश किया ?
- (A) तीन
- (B) चार
- (C) सात ✓
- (D) नौ
उत्तर: (C)
- 8. बिहार बोर्ड 2024
मानवीय विभीषिका का चित्रण करनेवाली कविता कौन है ?
- (A) हिरोशिमा ✓
- (B) अक्षर-ज्ञान
- (C) लौटकर आऊँगा फिर
- (D) मेरे बिना तुम प्रभु
उत्तर: (A)
- 9. बिहार बोर्ड 2024
हिन्दी कविता में प्रयोगवाद का सूत्रपात किसने किया ?
- (A) सुमित्रानंदन पंत ने
- (B) रामधारी सिंह 'दिनकर' ने
- (C) अज्ञेय ने ✓
- (D) कुँवर नारायण ने
उत्तर: (C)
- 10. बिहार बोर्ड 2022
सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन 'अज्ञेय' के पिता का क्या नाम था ?
- (A) डॉ. देव शास्त्री
- (B) डॉ. हीरानंद शास्त्री ✓
- (C) डॉ. विद्यानंद शास्त्री
- (D) डॉ. वात्स्यायन शास्त्री
उत्तर: (B)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- बिहार बोर्ड 10वीं हिंदी में "हिरोशिमा (अज्ञेय)" से कितने अंक आते हैं?
- 2021 से 2026 के बिहार बोर्ड के पेपरों में इस अध्याय से औसतन लगभग 1 अंक और लगभग 2 प्रश्न हर साल पूछे गए; हिंदी में अंकों के हिसाब से यह 23वाँ अध्याय है।
- "हिरोशिमा (अज्ञेय)" के VVI प्रश्न कौन से हैं?
- ऊपर दिए गए 3 प्रश्न बोर्ड के असली पेपरों से हैं, जिस-जिस साल पूछे गए उस साल के साथ; जो सबसे ज़्यादा बार पूछे गए वे पहले हैं और उनके आदर्श उत्तर पूरे दिए गए हैं। इस अध्याय के कुल 3 लिखित प्रश्न और उनके उत्तर AskMedha ऐप में हैं।
- क्या ये उत्तर बोर्ड की marking scheme के अनुसार हैं?
- BSEB अपनी marking scheme प्रकाशित नहीं करता। हर उत्तर पिछले पेपरों से निकाली गई अंक-संरचना पर बिंदुवार लिखा गया है और एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल से जाँचा गया है; इसे बोर्ड की आधिकारिक scheme नहीं कहा जाता।
यही तैयारी, मेधा मैम के साथ — आपके फ़ोन पर
हर अध्याय का हर प्रश्न, हर आदर्श उत्तर और बोर्ड के ढंग के अभ्यास प्रश्न; रोज़ 60 मिनट की क्लास, जाँचे हुए लिखित उत्तर, हर रविवार टेस्ट और माता-पिता को WhatsApp रिपोर्ट।
मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।