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बिहार बोर्ड 10वीं · हिंदी · मैट्रिक परीक्षा 2027

अध्याय 5: नागरी लिपि (गुणाकर मुले) — नोट्स

इस अध्याय के 7 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।

  1. 1. लेखक गुणाकर मुले का परिचय

    देखिए, पहले जान लेते हैं कि यह निबंध किसने लिखा है।

    • • जन्म : 1935 ई०, अमरावती जिला, महाराष्ट्र
    • • शिक्षा : मराठी से हिंदी-अंग्रेजी, फिर गणित में एम० ए०
    • • 2500+ लेख, 30 पुस्तकें - 25 वर्षों में
    • • प्रमुख पुस्तक : 'भारतीय लिपियों की कहानी'
    • • निधन : 2009 ई०
  2. 2. नागरी लिपि और उसमें लिखी जानेवाली भाषाएँ

    देखिए, यह जो लेख आप पढ़ रहे हैं, यह जिस लिपि में छपा है, उसे हम नागरी या देवनागरी लिपि कहते हैं।

    • • नागरी/देवनागरी : जिस लिपि में यह लेख छपा है
    • • दो सदी पहले टाइप बने - अक्षरों में स्थिरता
    • • हिंदी, नेपाली, नेवारी, मराठी - देवनागरी में लिखी जातीं
    • • मराठी में अतिरिक्त अक्षर : ळ
    • • गुजराती - देवनागरी से कम भिन्न; बंगला - 'बहन' लिपि
    • • तमिल-मलयालम, तेलुगु-कन्नड़ भी ब्राह्मी से विकसित
  3. 3. दक्षिण भारत में नागरी - नँदिनागरी

    देखिए, एक रोचक बात बताती हूँ।

    • • नागरी के आरंभिक लेख : दक्षिण भारत से
    • • दक्षिण की नागरी = नँदिनागरी
    • • शिलाहार, राष्ट्रकूट, यादव, विजयनगर के लेख - नँदिनागरी में
    • • चोड़ राजाओं (11वीं सदी) के सिक्कों पर नागरी अक्षर
    • • वरगुण का पलियम् ताम्रपत्र (9वीं सदी)
    • • श्रीलंका के सिक्कों पर भी नागरी अक्षर
  4. 4. उत्तर भारत और इस्लामी शासकों के सिक्कों पर नागरी

    अच्छा, अब चलिए उत्तर भारत की ओर चलते हैं।

    • • महमूद गजनवी - सिक्के (1028 ई०) : कुफी + नागरी, 'अव्यक्तमेकं मुहम्मद...'
    • • मुहम्मद गोरी, अलाउद्दीन खिलजी, शेरशाह - नागरी शब्द सिक्कों पर
    • • अकबर का सिक्का : 'रामसीय' शब्द, राम-सीता आकृति
    • • उत्तर भारत के गुहिल, चौहान, गाहड़वाल, सोलंकी, परमार, चंदेल, कलचुरि - नागरी लेख
    • • 8वीं-9वीं सदी से नागरी = सार्वदेशिक लिपि
  5. 5. नागरी की पहचान - सिरोरेखा

    देखिए, अब हम यह समझेंगे कि नागरी लिपि को बाकी पुरानी लिपियों से कैसे पहचानें।

    • • ब्राह्मी, सिद्धम् : सिरों पर आड़ी लकीरें/त्रिकोण
    • • नागरी की पहचान : सिरों पर पूरी लकीर (सिरोरेखा)
    • • सिरोरेखा की लंबाई = अक्षर की चौड़ाई
    • • प्राचीन नागरी के अक्षर आधुनिक नागरी से मिलते-जुलते
  6. 6. नागरी नाम की उत्पत्ति और देवनागरी नाम

    अच्छा, अब बात करते हैं कि इस लिपि का नाम नागरी, देवनागरी या नंदिनागरी क्यों पड़ा।

    • • मत 1 : गुजरात के नागर ब्राह्मण → नागरी
    • • मत 2 : काशी = देवनगरी → देवनागरी (संकुचित मत)
    • • अल्बेरूनी (1030 ई०) : मालवा में 'नागर लिपि'
    • • पाटलिपुत्र (पटना) को कहते थे 'नगर'
    • • चंद्रगुप्त द्वितीय का नाम 'देव' → पटना = 'देवनगर' (एक मत)
    • • नंदिनगर (नांदेड़) की लिपि → नंदिनागरी (एक मत)
  7. 7. नागरी के उदय से नए युग और भाषाओं का जन्म, तथा प्राचीनतम लेख

    देखिए, अब हम देखेंगे कि नागरी लिपि के उदय से इतिहास पर क्या असर पड़ा।

    • • नागरी = सार्वदेशिक लिपि (8वीं-11वीं सदी)
    • • नागरी के साथ नया युग : इस्लाम से संपर्क, हिंदू समाज-धर्म नाम
    • • नई भाषाएँ : हिंदी (सरहपाद, 8वीं सदी), मराठी, बंगला
    • • दक्षिण का प्राचीनतम नागरी लेख : दंतिदुर्ग का सामंगड दानपत्र (754 ई०)
    • • उत्तर भारत में नागरी : गुर्जर-प्रतिहार - मिहिर भोज की ग्वालियर प्रशस्ति (840-81 ई०)
    • • 12वीं सदी बाद : सभी उत्तर भारतीय हिंदू शासक - देवनागरी

सारांश

चलिए, अब इस पाठ को एक बार फिर से याद करते हैं। सबसे पहले आपने लेखक गुणाकर मुले के जीवन और उनकी रचनाओं के बारे में जाना। याद है, यह निबंध उनकी किताब 'भारतीय लिपियों की कहानी' से लिया गया है। फिर आपने जाना कि नागरी या देवनागरी लिपि में हिंदी, नेपाली, नेवारी और मराठी जैसी भाषाएँ लिखी जाती हैं। गुजराती और बंगला लिपि भी इसी से जुड़ी हैं। उसके बाद आपने देखा कि नागरी के सबसे पुराने लेख दक्षिण भारत से मिले हैं, और वहाँ इसे नँदिनागरी कहा जाता था। उत्तर भारत में भी, महमूद गजनवी से लेकर अकबर तक, कई शासकों के सिक्कों पर नागरी अक्षर मिलते हैं। फिर आपने सीखा कि नागरी की पहचान कैसे होती है — सिरोरेखा से। यह भी जाना कि नागरी, देवनागरी और नंदिनागरी, इन नामों की उत्पत्ति को लेकर विद्वानों में अलग-अलग मत हैं। अंत में आपने देखा कि नागरी लिपि के उदय के साथ ही एक नया ऐतिहासिक युग शुरू होता है, और हिंदी, मराठी, बंगला जैसी नई भाषाएँ जन्म लेती हैं। साथ ही, दक्षिण और उत्तर भारत के सबसे पुराने नागरी लेखों के प्रमाण भी मिलते हैं। अच्छा, अब आप सोचिए — इन सब बातों में से कौन सी बात आपको सबसे दिलचस्प लगी?

AskMedha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं हिंदी, अध्याय 5। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।