बिहार बोर्ड 10वीं · हिंदी · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 4: स्वदेशी (प्रेमघन)
बिहार बोर्ड (BSEB) के 2016–2026 के असली पेपरों से इस अध्याय के 2 सबसे ज़्यादा पूछे गए प्रश्न (VVI) — 2 के आदर्श उत्तर पूरे — और ऑब्जेक्टिव प्रश्न बोर्ड की उत्तर-कुंजी के साथ।
- अंक हर साल (लगभग)
- 2
- प्रश्न हर साल (लगभग)
- 2
- हिंदी में स्थान
- #15
2021–2026 के 5 साल के पेपरों पर आधारित · पूरा अंक वितरण
VVI प्रश्न — बोर्ड ने जिन्हें सबसे ज़्यादा बार पूछा (2)
- Q1दीर्घ उत्तरीय5 अंकपूछा गया: 2025
सप्रसंग व्याख्या करें : "ठटे बिदेसी ठाट सब, बन्यो देस बिदेस सपनेहूँ जिनमें न कहूँ, भारतीयता लेस ॥"

मेधा मैम
Ask Medha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · सप्रसंग व्याख्या, स्वदेशी कविता
- 1.प्रस्तुत पंक्तियाँ कवि बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' द्वारा रचित 'स्वदेशी' कविता से उद्धृत हैं। प्रेमघन जी भारतेंदु युग के महत्त्वपूर्ण कवि थे और वे काव्य तथा जीवन दोनों क्षेत्रों में भारतेंदु हरिश्चंद्र को अपना आदर्श मानते थे। 'प्रेमघन सर्वस्व' से संकलित दोहों का यह गुच्छ 'स्वदेशी' शीर्षक के अंतर्गत प्रस्तुत है।1 अंक
- 2.कवि ने इन पंक्तियों के माध्यम से भारतीय समाज में बढ़ते पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव पर गहरा व्यंग्य किया है। कवि ने अंग्रेजी प्रभाव के कारण भारतीयों के रहन-सहन में आई दुर्दशा को दिखाया है, जिसमें लोग अपनी मूल संस्कृति को भूलकर विदेशी रंग-ढंग अपनाते जा रहे हैं।1.5 अंक
- 3.कवि कहते हैं कि आज भारत में सब कुछ विदेशी ठाट-बाट का हो गया है। देश-विदेश में अब कोई अंतर नहीं रह गया है, क्योंकि देश भी पराया सा प्रतीत होने लगा है। जहाँ पहले भारतीय परंपरा और रीति-रिवाज दिखाई देते थे, वहाँ अब विदेशी ठाट ने अपनी जगह बना ली है।1.5 अंक
- 4.भारतीयों के रहन-सहन और व्यवहार में अब कहीं भी भारतीयता का लेशमात्र भी अंश दिखाई नहीं देता है। अंग्रेजी प्रभाव के कारण उत्पन्न हुई इस दुर्दशा ने भारतीयों के जीवन से स्वदेशी भावना को पूरी तरह मिटा दिया है, जिसका स्वप्न में भी कहीं नामोनिशान नहीं बचा है।1 अंक
- पहले पैराग्राफ में 'स्वदेशी', 'प्रेमघन' और 'भारतेंदु हरिश्चंद्र' तीनों नाम अवश्य लिखें।
- दूसरे पैराग्राफ में 'पाश्चात्य संस्कृति' और 'व्यंग्य' शब्द जरूर लिखें।
- तीसरे पैराग्राफ में 'विदेशी ठाट' और 'देस-विदेस' जैसे शब्द तथा चौथे में 'भारतीयता' शब्द अवश्य लिखें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q2दीर्घ उत्तरीय5 अंकपूछा गया: 2021
निम्न पंक्तियों का अर्थ लिखें। सबे बिदेशी वस्तु नर, गति रति रीत लखात। भारतीयता कछु न अब, भारत म दरसात।। मनुज भारती देखि कोड, सकत नहीं पहिचान। मुसलमान, हिंदू किधौं, कै हैं ये क्रिस्तान

मेधा मैम
Ask Medha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · दोहों का अर्थ, स्वदेशी कविता
- 1.कवि बद्रीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' ने इन पंक्तियों के माध्यम से भारतीय समाज में विदेशी संस्कृति के बढ़ते प्रभाव और अपनी पहचान खोने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। ये दोहे 'प्रेमघन सर्वस्व' से संकलित हैं और 'स्वदेशी' शीर्षक के अंतर्गत प्रस्तुत किए गए हैं, जिनमें नवजागरण का स्वर मुखरित है। कवि ने विदेशी प्रभाव के कारण भारतीयों की अपनी पहचान समाप्त होते देखकर चिंता जताई है।1 अंक
- 2.कवि कहते हैं कि अब हर जगह विदेशी वस्तु, विदेशी गति यानी स्वभाव, विदेशी रति यानी लगाव और विदेशी रीत यानी पद्धति ही दिखाई देती हैं। भारत में अब कहीं भी भारतीयता के दर्शन नहीं होते, अर्थात भारतीयपन पूरी तरह लुप्त हो गया है। हर वस्तु और व्यवहार में विदेशीपन इस तरह घुल गया है कि भारत की अपनी मूल पहचान कहीं नहीं दिखती।2 अंक
- 3.कवि का मानना है कि आज के भारतीय मनुष्य यानी मनुज भारती को देखकर कोई भी व्यक्ति यह पहचान नहीं सकता कि वह हिंदू है, मुसलमान है या क्रिस्तान यानी क्रिश्चियन अथवा अंग्रेज है। लोगों की वेशभूषा और रहन-सहन इतने बदल गए हैं कि उनकी वास्तविक पहचान खो गई है, जिससे कोई भी उनके धर्म या वर्ग को पहचान पाने में असमर्थ हो जाता है।2 अंक
- पहले पैराग्राफ में कवि का नाम 'प्रेमघन' अवश्य लिखें।
- दूसरे पैराग्राफ में 'गति', 'रति', 'रीत' तीनों शब्दों का अर्थ सहित उल्लेख करें।
- तीसरे पैराग्राफ में 'हिंदू', 'मुसलमान' और 'क्रिस्तान' तीनों शब्द साथ में लिखें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
ऑब्जेक्टिव प्रश्न — उत्तर-कुंजी सहित (10)
- 1. बिहार बोर्ड 2026
कवि बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' के अनुसार किस वृत्ति का विकास चारों ओर हुआ है ?
- (A) दास-वृत्ति का ✓
- (B) प्रभुभक्ति-वृत्ति का
- (C) उपासना-वृत्ति का
- (D) अहिंसा-वृत्ति का
उत्तर: (A)
- 2. बिहार बोर्ड 2026
'स्वदेशी' शीर्षक पाठ में भारतीय हिन्दी की जगह किस भाषा का प्रयोग कर रहे हैं ?
- (A) उर्दू
- (B) हिन्दी
- (C) अंग्रेजी ✓
- (D) फारसी
उत्तर: (C)
- 3. बिहार बोर्ड 2025
'हाटक मैं देखहु भरा, बसे अंग्रेजी माल' - पंक्ति के कवि हैं
- (A) रसखान
- (B) प्रेमघन ✓
- (C) अज्ञेय
- (D) दिनकर
उत्तर: (B)
- 4. बिहार बोर्ड 2025
किसने 'जीर्ण जनपद' नामक एक काव्य लिखा, जिसमें ग्रामीण जीवन का यथार्थवादी चित्रण है ?
- (A) सुमित्रानंदन पंत ने
- (B) घनानंद ने
- (C) बदीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' ने ✓
- (D) रसखान ने
उत्तर: (C)
- 5. बिहार बोर्ड 2025
'स्वदेशी' शीर्षक कविता किससे संकलित है ?
- (A) प्रेमघन सर्वस्व से ✓
- (B) जीर्ण जनपद से
- (C) भारत प्रयाग से
- (D) प्रयाग रामागमन से
उत्तर: (A)
- 6. बिहार बोर्ड 2024
'भारत सौभाग्य' नामक नाटक के नाटककार कौन हैं ?
- (A) बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' ✓
- (B) घनानंद
- (C) कुँवर नारायण
- (D) वीरन डंगवाल
उत्तर: (A)
- 7. बिहार बोर्ड 2024
भारतेन्दु युग के कवि कौन हैं ?
- (A) प्रेमघन ✓
- (B) गुरु नानक
- (C) घनानंद
- (D) अनामिका
उत्तर: (A)
- 8. बिहार बोर्ड 2022
बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' की रचनाएँ किस नाम से संगृहीत हैं ?
- (A) भारत सौभाग्य
- (B) प्रेमघन सर्वस्व ✓
- (C) प्रयाग रामगमन
- (D) जीर्ण जनपद
उत्तर: (B)
- 9. बिहार बोर्ड 2022
'प्रयाग रामागमन' शीर्षक नाटक किसकी रचना है ?
- (A) घनानंद
- (B) अनामिका
- (C) वीरेन डंगवाल
- (D) बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' ✓
उत्तर: (D)
- 10. बिहार बोर्ड 2022
"हिन्दुस्तानी नाम सुनि, अब ये सकुचि लजात । भारतीय सब वस्तु ही, सों ये हाय घिनात ।।" - यह पंक्ति किस कविता से है ?
- (A) स्वदेशी ✓
- (B) भारतमाता
- (C) जनतंत्र का जन्म
- (D) हमारी नींद
उत्तर: (A)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- बिहार बोर्ड 10वीं हिंदी में "स्वदेशी (प्रेमघन)" से कितने अंक आते हैं?
- 2021 से 2026 के बिहार बोर्ड के पेपरों में इस अध्याय से औसतन लगभग 2 अंक और लगभग 2 प्रश्न हर साल पूछे गए; हिंदी में अंकों के हिसाब से यह 15वाँ अध्याय है।
- "स्वदेशी (प्रेमघन)" के VVI प्रश्न कौन से हैं?
- ऊपर दिए गए 2 प्रश्न बोर्ड के असली पेपरों से हैं, जिस-जिस साल पूछे गए उस साल के साथ; जो सबसे ज़्यादा बार पूछे गए वे पहले हैं और उनके आदर्श उत्तर पूरे दिए गए हैं। इस अध्याय के कुल 2 लिखित प्रश्न और उनके उत्तर Ask Medha ऐप में हैं।
- क्या ये उत्तर बोर्ड की marking scheme के अनुसार हैं?
- BSEB अपनी marking scheme प्रकाशित नहीं करता। हर उत्तर पिछले पेपरों से निकाली गई अंक-संरचना पर बिंदुवार लिखा गया है और एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल से जाँचा गया है; इसे बोर्ड की आधिकारिक scheme नहीं कहा जाता।
यही तैयारी, मेधा मैम के साथ — आपके फ़ोन पर
हर अध्याय का हर प्रश्न, हर आदर्श उत्तर और बोर्ड के ढंग के अभ्यास प्रश्न; रोज़ 45 मिनट की क्लास, जाँचे हुए लिखित उत्तर, हर रविवार टेस्ट और माता-पिता को WhatsApp रिपोर्ट।
मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।