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बिहार बोर्ड 10वीं · हिंदी · मैट्रिक परीक्षा 2027

अध्याय 3: निबंध

बिहार बोर्ड (BSEB) के 2016–2026 के असली पेपरों से इस अध्याय के 8 सबसे ज़्यादा पूछे गए प्रश्न (VVI) — 3 के आदर्श उत्तर पूरे, 5 के उत्तर की पहली पंक्ति — और ऑब्जेक्टिव प्रश्न बोर्ड की उत्तर-कुंजी के साथ।

अंक हर साल (लगभग)
9
प्रश्न हर साल (लगभग)
1
हिंदी में स्थान
#2

2021–2026 के 5 साल के पेपरों पर आधारित · पूरा अंक वितरण

VVI प्रश्न — बोर्ड ने जिन्हें सबसे ज़्यादा बार पूछा (8)

  1. Q1दीर्घ उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2025

    निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 250 - 300 शब्दों में निबंध लिखें : (क) आजादी का अमृत महोत्सव (i) भूमिका (ii) कारण (iii) महत्त्व (iv) उपसंहार (ख) जल संरक्षण (i) भूमिका (ii) जल संरक्षण की उपयोगिता (iii) जल संरक्षण की विधियाँ (iv) उपसंहार (ग) वर्षा ऋतु (i) प्रारम्भ (ii) सौंदर्य (iii) लाभ और हानि (iv) उपसंहार (घ) व्यायाम (i) भूमिका (ii) महत्त्व (iii) प्रकार (iv) उपसंहार (ङ) अनुशासन (i) भूमिका (ii) अनुशासन का महत्त्व (iii) अनुशासनहीनता के दुष्प्रभाव (iv) निष्कर्ष

    मेधा मैम

    मेधा मैम

    AskMedha की AI शिक्षिका

    आदर्श उत्तर · निबंध, जल संरक्षण

    जल संरक्षण भूमिका: जल ही जीवन है। पृथ्वी पर उपलब्ध समस्त जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों तथा मानव जीवन का अस्तित्व जल पर ही निर्भर करता है। आज के युग में बढ़ती जनसंख्या, औद्योगीकरण तथा प्रदूषण के कारण जल का स्तर निरंतर घटता जा रहा है। ऐसी स्थिति में जल संरक्षण की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण हो गई है। यदि हम आज से ही जल को बचाने के प्रयास नहीं करेंगे तो आने वाली पीढ़ी को इसके भयावह परिणाम भुगतने पड़ेंगे। जल संरक्षण की उपयोगिता: जल संरक्षण की उपयोगिता अनेक क्षेत्रों में देखी जा सकती है। कृषि क्षेत्र में फसलों की सिंचाई के लिए जल अनिवार्य है और इसके संरक्षण से किसानों को सूखे की स्थिति में भी राहत मिलती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से शुद्ध एवं पर्याप्त जल मानव शरीर के लिए आवश्यक है। उद्योगों में भी जल का उपयोग बड़ी मात्रा में होता है, इसलिए इसके सदुपयोग से उत्पादन लागत में कमी आती है। इसके अतिरिक्त भूमिगत जल स्तर को बनाए रखने के लिए भी जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को जल संकट का सामना न करना पड़े। जल संरक्षण की विधियाँ: जल संरक्षण के लिए कई प्रभावी विधियाँ अपनाई जा सकती हैं। सबसे पहली विधि है वर्षा जल संचयन, जिसमें छत पर गिरने वाले वर्षा के जल को टंकी या गड्ढे में संगृहीत किया जाता है। दूसरी विधि है घरों और नलों से होने वाले जल के रिसाव को रोकना, जिससे अनावश्यक जल बर्बाद न हो। तीसरी विधि है प्रयुक्त जल का पुनर्चक्रण करना, जिससे उसका पुनः उपयोग सिंचाई या अन्य कार्यों में किया जा सके। इसके अतिरिक्त वृक्षारोपण करने से भी भूमिगत जल स्तर में वृद्धि होती है। लोगों में जल के महत्त्व के प्रति जागरूकता फैलाना भी एक महत्त्वपूर्ण उपाय है, जिससे वे अपने दैनिक जीवन में जल की बचत करें। उपसंहार: जल संरक्षण केवल सरकार का ही नहीं, बल्कि हम सभी नागरिकों का कर्तव्य है। यदि हम सब मिलकर जल की एक-एक बूँद का महत्त्व समझें और इसके संरक्षण के लिए प्रयास करें, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा। "जल है तो कल है" इस संदेश को अपनाकर हमें जल संरक्षण की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करना चाहिए।

    • भूमिका में जल की उपयोगिता और वर्तमान समस्या का संक्षिप्त परिचय अवश्य लिखें।
    • जल संरक्षण की विधियों को क्रमबद्ध रूप से अलग-अलग बिंदुओं में स्पष्ट करें।
    • उपसंहार में जल बचाने का संदेश देते हुए निबंध को समाप्त करें, इसे न भूलें।

    अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं

  2. Q2दीर्घ उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2025

    निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 250 - 300 शब्दों में निबंध लिखें : (क) हमारा राष्ट्रीय ध्वज (i) प्रस्तावना (ii) भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का इतिहास (iii) भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का महत्व (iv) उपसंहार (ख) गंगा नदी (i) परिचय (ii) धार्मिक दृष्टि से महत्व (iii) प्रदूषण की समस्या (iv) सफाई के लिए अभियान (v) निष्कर्ष (ग) मेरे प्रिय कवि सूरदास (i) जीवन परिचय (ii) साहित्यिक परिचय (iii) हिन्दी साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान (iv) उपसंहार

    मेधा मैम

    मेधा मैम

    AskMedha की AI शिक्षिका

    आदर्श उत्तर · निबंध, हमारा राष्ट्रीय ध्वज

    हमारा राष्ट्रीय ध्वज (i) प्रस्तावना प्रत्येक स्वतंत्र राष्ट्र का अपना एक राष्ट्रीय ध्वज होता है, जो उसकी स्वतंत्रता, एकता और गौरव का प्रतीक होता है। भारत का राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' कहलाता है। यह हमारी पहचान है। इसे लहराते देखकर प्रत्येक भारतवासी का मस्तक गर्व से ऊँचा हो जाता है। (ii) भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का इतिहास स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान हमारे राष्ट्रीय ध्वज के कई रूप बने। वर्तमान तिरंगे की मूल परिकल्पना पिंगली वेंकैया ने की थी। स्वतंत्रता से कुछ ही दिन पहले 22 जुलाई को संविधान सभा ने इसे भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया। चरखे के स्थान पर इसमें अशोक चक्र रखा गया। 15 अगस्त को देश स्वतंत्र हुआ और यही तिरंगा स्वतंत्र भारत का गौरवशाली ध्वज बन गया। (iii) भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का महत्व हमारे ध्वज में बराबर चौड़ाई की तीन क्षैतिज पट्टियाँ हैं — सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफेद और नीचे हरी। केसरिया रंग शक्ति, साहस और त्याग का, सफेद रंग शांति और सत्य का तथा हरा रंग समृद्धि और हरियाली का प्रतीक है। सफेद पट्टी के बीच नीले रंग का अशोक चक्र है, जिसमें चौबीस तीलियाँ हैं। यह चक्र निरंतर प्रगति और गतिशीलता का संदेश देता है। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर इसे सम्मानपूर्वक फहराया जाता है। यह ध्वज विभिन्न धर्मों, भाषाओं और प्रांतों के लोगों को एकता के सूत्र में बाँधता है। हमारे वीर सैनिक इसकी आन-बान-शान के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर देते हैं। (iv) उपसंहार राष्ट्रीय ध्वज केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का प्रतीक है। इसका सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। हमें ध्वज संहिता का पालन करते हुए सदैव इसकी गरिमा बनाए रखनी चाहिए और इसे कभी झुकने नहीं देना चाहिए। यही सच्ची देशभक्ति है।

    अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं

  3. Q3दीर्घ उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2026

    3. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 250 - 300 शब्दों में निबंध लिखें : 1 x 10 = 10 (क) शिक्षा का महत्त्व (i) भूमिका (ii) महत्त्व (iii) प्राचीन शिक्षा का स्वरूप (iv) शिक्षा की वर्तमान दशा (v) उपसंहार (ख) मेरे जीवन का लक्ष्य (i) भूमिका (ii) लक्ष्य क्या है ? (iii) लक्ष्य का महत्त्व (iv) उपसंहार (ग) अंतरिक्ष में बढ़ते भारत के कदम (i) भूमिका (ii) महत्त्व (iii) महत्त्वपूर्ण उपलब्धियाँ (iv) भविष्य की योजनाएँ (v) उपसंहार

    मेधा मैम

    मेधा मैम

    AskMedha की AI शिक्षिका

    आदर्श उत्तर · निबंध, शिक्षा का महत्त्व

    शिक्षा का महत्त्व भूमिका शिक्षा मानव जीवन का सबसे महत्त्वपूर्ण अंग है। यह वह प्रकाश है जो व्यक्ति के जीवन को अंधकार से उजाले की ओर ले जाता है। शिक्षा के द्वारा ही मनुष्य अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझ पाता है और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकता है। इसके बिना मानव जीवन पशु-तुल्य माना जाता है। महत्त्व शिक्षा का महत्त्व सभी क्षेत्रों में देखा जा सकता है। यह व्यक्ति के चरित्र-निर्माण में सहायक होती है और उसे सही-गलत का ज्ञान कराती है। शिक्षा से व्यक्ति को रोजगार प्राप्त करने की योग्यता मिलती है, जिससे वह अपने परिवार तथा समाज की आर्थिक स्थिति को सुधार सकता है। शिक्षित व्यक्ति देश के विकास में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अतिरिक्त शिक्षा मनुष्य को विवेकशील और सहनशील बनाती है, जिससे समाज में शांति और सद्भाव बना रहता है। प्राचीन शिक्षा का स्वरूप प्राचीन भारत में शिक्षा की व्यवस्था गुरुकुल पद्धति पर आधारित थी। विद्यार्थी गुरु के आश्रम में रहकर वेद, पुराण, व्याकरण, गणित तथा नीतिशास्त्र की शिक्षा प्राप्त करते थे। नालंदा और तक्षशिला जैसे प्रसिद्ध विश्वविद्यालय इस काल की शिक्षा-व्यवस्था की उच्चता के प्रमाण हैं। उस समय शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र-निर्माण और आत्म-विकास था। शिक्षा की वर्तमान दशा आज शिक्षा का स्वरूप पूर्णतः बदल गया है। सरकार द्वारा निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था की गई है। डिजिटल शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थी घर बैठे भी ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। सर्व शिक्षा अभियान तथा मध्याह्न भोजन योजना जैसी सरकारी योजनाओं से शिक्षा का प्रसार हुआ है। परंतु आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता तथा संसाधनों की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है, जिसे दूर करने की आवश्यकता है। उपसंहार शिक्षा मनुष्य के सर्वांगीण विकास का आधार है। यह न केवल व्यक्ति को ज्ञानवान बनाती है, बल्कि राष्ट्र के निर्माण में भी सहायक होती है। आवश्यकता इस बात की है कि शिक्षा को सभी वर्गों तक समान रूप से पहुँचाया जाए, जिससे हमारा देश विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ सके।

    • भूमिका में विषय का सीधा और संक्षिप्त परिचय दें, फालतू बातें न लिखें।
    • प्राचीन शिक्षा-पद्धति और वर्तमान दशा दोनों का अलग-अलग वर्णन अवश्य करें।
    • उपसंहार में निष्कर्ष सकारात्मक ढंग से और शुद्ध भाषा में लिखें।

    अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं

  4. Q4दीर्घ उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2026

    3. निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत बिंदुओं के आधार पर लगभग 250 - 300 शब्दों में निबंध लिखें : (क) संचार क्रांति (i) भूमिका (ii) स्वरूप (iii) लाभ और हानि (iv) उपसंहार (ख) आत्मनिर्भर भारत अभियान (i) प्रस्तावना (ii) अभियान की शुरुआत (iii) अभियान का उद्देश्य (iv) अभियान से लाभ (v) निष्कर्ष (ग) 'माँ' (i) भूमिका (ii) प्रथम गुरु के रूप में (iii) त्याग और ममता की मूरत (iv) जीवन में महत्त्व (v) उपसंहार (घ) भारतीय किसान की समस्या और समाधान (i) प्रस्तावना (ii) सामाजिक समस्याएँ (iii) आर्थिक समस्याएँ (iv) पैदावार की समस्या (v) सरकार के महत्त्वपूर्ण कदम (vi) निष्कर्ष (ङ) होली (i) भूमिका (ii) पौराणिकता (iii) उल्लास की अभिव्यक्ति (iv) सामाजिक सौहार्द के रूप में (v) दूषित पक्ष (vi) उपसंहार

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. 'भूमिका' में संचार का अर्थ, दूत-कबूतर-डाक से मोबाइल-इंटरनेट तक का विकास और विश्व के 'वैश्विक गाँव' बन जाने की बात कही गई है।

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →
  5. Q5दीर्घ उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2022

    निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिन्दुओं के आधार पर लगभग 250 - 300 शब्दों में निबंध लिखें : (क) परोपकार (i) भूमिका (ii) महत्व (iii) उपसंहार (ख) पुस्तकालय (i) भूमिका (ii) महत्व (iii) उपयोगिता (iv) हानि (v) निष्कर्ष (ग) व्यायाम (i) भूमिका (ii) लाभ (iii) हानि (iv) निष्कर्ष (घ) शिक्षक दिवस (i) भूमिका (ii) महत्त्व (iii) उपयोगिता (iv) उपसंहार (ङ) मेरा प्रिय खेल (i) भूमिका (ii) खेल का महत्त्व (iii) लाभ (iv) उपसंहार

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. भूमिका में पुस्तकालय का सामान्य परिचय देते हुए उसे ज्ञान का भंडार तथा जीवन में उसका महत्त्वपूर्ण स्थान बताया गया है।

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →
  6. Q6दीर्घ उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2022

    निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिन्दुओं के आधार पर लगभग 250 - 300 शब्दों में निबंध लिखें : (क) राष्ट्रीय खेल हॉकी (i) भूमिका (ii) खिलाड़ी और हॉकी खेलने का समय (iii) महत्व (iv) निष्कर्ष (ख) मेरा परिवार (i) परिचय (ii) परिवार के स्नेह का महत्त्व (iii) संयुक्त परिवार के लाभ-हानि (iv) छोटा परिवार के लाभ-हानि (v) निष्कर्ष (ग) महँगाई (i) भूमिका (ii) कारण (iii) रोकने के उपाय (iv) निष्कर्ष (घ) कोरोना : एक महामारी (i) भूमिका (ii) कोरोना वायरस क्या है ? (iii) लक्षण (iv) बचाव (v) निष्कर्ष (ङ) होली (i) भूमिका (ii) इतिहास (पौराणिक कथा) (iii) महत्व (iv) निष्कर्ष

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. भूमिका में होली के परिचय के रूप में इसे रंगों एवं उल्लास का पर्व बताया गया है और फाल्गुन मास में इसकी प्रासंगिकता स्पष्ट की गई है।

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →
  7. Q7दीर्घ उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2021

    निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिन्दुओं के आधार पर लगभग 250-300 शब्दों में निबंध लिखें : (क) परिश्रम की महत्ता (i) भूमिका (ii) महत्त्व (iii) उपसंहार। (ख) राष्ट्रभाषा (i) आरम्भ (ii) पक्ष में तथ्य (iii) आवश्यकता (iv) उपसंहार। (ग) हमारा विद्यालय (i) प्रारम्भ (ii) शिक्षण व्यवस्था (iii) पाठ्यक्रमेतर कार्य (iv) उपसंहार। (घ) मित्रता (i) प्रारम्भ (ii) लाभ (iii) हानि (iv) उपसंहार। (ङ) गणतंत्र दिवस (i) भूमिका (ii) इतिहास (iii) महत्त्व (iv) उपसंहार।

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. भूमिका में परिश्रम के अर्थ और मानव-जीवन में उसकी प्रासंगिकता का संक्षिप्त परिचय दिया गया है।

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →
  8. Q8दीर्घ उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2021

    निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर दिए गए संकेत-बिन्दुओं के आधार पर लगभग 250-300 शब्दों में निबंध लिखें : (क) सत्यवादिता (i) परिभाषा (ii) महत्ता (iii) उपसंहार। (ख) वर्षा ऋतु (i) प्रारम्भ (ii) सौन्दर्य (iii) उपसंहार। (ग) सरस्वती पूजा (i) प्रारम्भ (ii) पर्याय (iii) उत्सव (iv) माहात्म्य (घ) महात्मा गाँधी (i) भूमिका (ii) बाल्यकाल (iii) राजनीति (iv) महत्ता (v) उपसंहार। (ङ) विज्ञान वरदान या अभिशाप (i) भूमिका (ii) लाभ (iii) हानि (iv) उपसंहार।

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. भूमिका में महात्मा गाँधी के विषय का संक्षिप्त परिचय और उनकी प्रासंगिकता बताई गई है।

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार बोर्ड 10वीं हिंदी में "निबंध" से कितने अंक आते हैं?
2021 से 2026 के बिहार बोर्ड के पेपरों में इस अध्याय से औसतन लगभग 9 अंक और लगभग 1 प्रश्न हर साल पूछे गए; हिंदी में अंकों के हिसाब से यह 2वाँ अध्याय है।
"निबंध" के VVI प्रश्न कौन से हैं?
ऊपर दिए गए 8 प्रश्न बोर्ड के असली पेपरों से हैं, जिस-जिस साल पूछे गए उस साल के साथ; जो सबसे ज़्यादा बार पूछे गए वे पहले हैं और उनके आदर्श उत्तर पूरे दिए गए हैं। इस अध्याय के कुल 8 लिखित प्रश्न और उनके उत्तर AskMedha ऐप में हैं।
क्या ये उत्तर बोर्ड की marking scheme के अनुसार हैं?
BSEB अपनी marking scheme प्रकाशित नहीं करता। हर उत्तर पिछले पेपरों से निकाली गई अंक-संरचना पर बिंदुवार लिखा गया है और एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल से जाँचा गया है; इसे बोर्ड की आधिकारिक scheme नहीं कहा जाता।

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हर अध्याय का हर प्रश्न, हर आदर्श उत्तर और बोर्ड के ढंग के अभ्यास प्रश्न; रोज़ 60 मिनट की क्लास, जाँचे हुए लिखित उत्तर, हर रविवार टेस्ट और माता-पिता को WhatsApp रिपोर्ट।

मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।