बिहार बोर्ड 10वीं · हिंदी · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 3: भारत से हम क्या सीखें (मैक्समूलर)
बिहार बोर्ड (BSEB) के 2016–2026 के असली पेपरों से इस अध्याय के 5 सबसे ज़्यादा पूछे गए प्रश्न (VVI) — 3 के आदर्श उत्तर पूरे, 2 के उत्तर की पहली पंक्ति — और ऑब्जेक्टिव प्रश्न बोर्ड की उत्तर-कुंजी के साथ।
- अंक हर साल (लगभग)
- 2
- प्रश्न हर साल (लगभग)
- 2
- हिंदी में स्थान
- #17
2021–2026 के 5 साल के पेपरों पर आधारित · पूरा अंक वितरण
VVI प्रश्न — बोर्ड ने जिन्हें सबसे ज़्यादा बार पूछा (5)
- Q1दीर्घ उत्तरीय5 अंकपूछा गया: 2025
संस्कृत और दूसरी भारतीय भाषाओं के अध्ययन से पाश्चात्य जगत् को प्रमुख लाभ क्या-क्या हुए ?

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · संस्कृत अध्ययन से पाश्चात्य जगत् को लाभ
- 1.पाश्चात्य विद्वानों ने संस्कृत और दूसरी भारतीय भाषाओं के अध्ययन से भारतीय दर्शन, धर्म और संस्कृति के गहन ज्ञान को समझा। इस अध्ययन ने उनके मानव जाति के बारे में विचारों को व्यापक और उदार बनाया तथा लाखों-करोड़ों अजनबियों और बर्बर समझे जानेवाले लोगों को भी अपने ही परिवार के सदस्य की भाँति गले लगाना सिखाया। भाषा-विज्ञान के माध्यम से पाश्चात्य विद्वानों ने मानव जाति के सम्पूर्ण इतिहास को एक वास्तविक रूप में प्रकट कर दिखाया।1 अंक
- 2.यूरोपीय भाषाओं और संस्कृत के बीच भाषाई समानताएं मिलने से तुलनात्मक भाषा-विज्ञान का विकास हुआ। पहले ग्रीक और लैटिन भाषाओं में कुछ साम्य अनुभव होता था पर उसे व्यक्त करना कठिन था। गॉथिक, एंग्लो-सैक्सन, केल्टिक और स्लाव भाषाओं का अध्ययन होने पर इनमें पारिवारिक सम्बन्ध मानना पड़ा, पर रहस्य बना रहा। ज्यों ही इन भाषाओं के बीच संस्कृत आई, पाश्चात्य विद्वानों को सही प्रकाश मिला और भाषाओं का पारस्परिक सम्बन्ध स्पष्ट हो गया।1 अंक
- 3.भारतीय साहित्य के अध्ययन से पाश्चात्य साहित्यकारों को नई प्रेरणा और सृजनात्मक दृष्टि प्राप्त हुई। संस्कृत साहित्य तीन हजार वर्षों से भी अधिक लम्बे काल तक फैला हुआ है और यूनान व रोम के सम्पूर्ण साहित्य से भी कहीं अधिक विशाल है। इस विशाल साहित्य-भंडार के सम्पर्क से पाश्चात्य विद्वानों के सामने अनेक नये तथ्य उपस्थित हुए, जिससे तुलनात्मक भाषा-विज्ञान की दृष्टि से भी उनकी समझ समृद्ध हुई।1 अंक
- 4.प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान, जैसे गणित और खगोलशास्त्र, के अध्ययन से पाश्चात्य वैज्ञानिक दृष्टिकोण समृद्ध हुआ। संस्कृत ग्रीक भाषा से भी पुरानी पाई गई और इसमें अत्यन्त प्राचीन तत्त्व भली-भाँति सुरक्षित मिले। पाश्चात्य विद्वानों ने तुलनात्मक भाषा-विज्ञान की सहायता से जाना कि भारत में प्राचीन काल से ही उच्च कोटि का ज्ञान-विज्ञान विद्यमान था, जिससे उनकी वैज्ञानिक दृष्टि समृद्ध हुई।1 अंक
- 5.मानवीय मूल्यों और नैतिक शिक्षाओं के प्रसार से पाश्चात्य समाज में वैचारिक परिवर्तन और उदारता का संचार हुआ। भारत के साथ परिचय के फलस्वरूप यूरोपवासियों की धारणाएँ बदल चुकी हैं और बहुत विस्तृत हो गयी हैं। पाश्चात्य विद्वान अब यह जानने लगे हैं कि जैसा पहले भारत के बारे में समझा जाता था, वास्तव में वह उससे भिन्न है। इस प्रकार संस्कृत की खोज से उनकी ऐतिहासिक चेतना में एक नया अध्याय जुड़ गया।1 अंक
- हर बिंदु में 'पाश्चात्य विद्वान' और 'भाषा-विज्ञान' या 'तुलनात्मक भाषा-विज्ञान' शब्द अवश्य लिखें।
- दूसरे बिंदु में ग्रीक, लैटिन, गॉथिक जैसी भाषाओं के उदाहरण देकर 'भाषाई समानताएं' शब्द अवश्य लिखें।
- अंतिम बिंदु में 'वैचारिक परिवर्तन' और 'उदारता' दोनों शब्द अलग-अलग अवश्य लिखें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q2दीर्घ उत्तरीय5 अंकपूछा गया: 2021
लेखक ने वारेन हेस्टिंग्स से संबंधित किस दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना का हवाला दिया है और क्यों ?

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · वारेन हेस्टिंग्स की दुर्भाग्यपूर्ण घटना
- 1.लेखक मैक्समूलर बताते हैं कि वारेन हेस्टिंग्स के समय बनारस के पास एक घड़ा मिला था, जिसमें सोने के 172 दारिस सिक्के थे।1 अंक
- 2.हेस्टिंग्स ने ये सिक्के लंदन में ईस्ट इंडिया कंपनी के निदेशकों के पास भेज दिए।1 अंक
- 3.वहाँ इन सिक्कों के ऐतिहासिक महत्त्व को न समझकर, अज्ञानता के कारण उन्हें गलवा दिया गया। अमूल्य ऐतिहासिक सामग्री का इस तरह नष्ट हो जाना ही वह दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी।1 अंक
- 4.लेखक इस घटना का हवाला यह बताने के लिए देते हैं कि भारत इतिहास और पुरातत्व की अमूल्य सामग्री से भरा है, जो अज्ञानता के कारण नष्ट हो सकती है।1 अंक
- 5.वे भारत जाने वाले युवा अंग्रेज़ अधिकारियों को सचेत करते हैं कि वे ऐसी वस्तुओं को सुरक्षित रखें, ऐसी दुर्घटना दोबारा न होने दें और भारत के इतिहास की खोज में रुचि लें।1 अंक
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q3लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2022
लेखक मैक्स मूलर की दृष्टि में सच्चे भारत के दर्शन कहाँ हो सकते हैं और क्यों ?

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · सच्चे भारत के दर्शन, गाँव
- 1.मैक्स मूलर की दृष्टि में सच्चे भारत के दर्शन गाँवों में हो सकते हैं। लेखक कहते हैं कि जो लोग आजकल के भारत में घूमकर आये हैं, उन्हें अधिकतर भारत के कलकत्ता, बम्बई, मद्रास या ऐसे दूसरे शहरों की ही याद है, जबकि उनका अधिकतर ध्यान सच्चे अर्थों में भारत के नागरिक-ग्रामवासियों की ओर ही रहा है, क्योंकि सच्चे भारत के दर्शन वहीं हो सकते हैं।1 अंक
- 2.ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत की वास्तविक संस्कृति और परंपरा शहरों के पाश्चात्य प्रभाव से प्रभावित जीवन में नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवेश में ही सुरक्षित है। शहरों का जीवन पाश्चात्य प्रभाव से रंगा हुआ है, इसलिए वहाँ भारत की प्राचीन संस्कृति और परंपरा के मूल तत्त्व नहीं मिल पाते, जबकि ग्राम्य जीवन में भारत का मूल और वास्तविक स्वरूप आज भी ज्यों-का-त्यों बना हुआ है।1 अंक
- पहले बिंदु में 'सच्चे भारत', 'गाँव' और 'ग्रामवासियों' शब्द अवश्य लिखें।
- दूसरे बिंदु में 'संस्कृति', 'परंपरा', 'ग्रामीण परिवेश' और 'पाश्चात्य प्रभाव' शब्दों का उल्लेख करें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q4लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2025
वारेन हेस्टिंग्स कौन था और वाराणसी के पास उसे क्या मिला था ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. वारेन हेस्टिंग्स भारत का गवर्नर जनरल था। वह ईस्ट इण्डिया कम्पनी की सेवा में था।
पूरा उत्तर मेधा मैम से → - Q5लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2021
धर्मों की दृष्टि से भारत का क्या महत्त्व है ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. भारत कई प्रमुख विश्व धर्मों की जन्मभूमि रहा है। भारत ब्राह्मण या वैदिक धर्म की भूमि है, बौद्ध धर्म की यह जन्मभूमि है, पारसियों के जरथुस्त्र धर्म की यह शरणस्थली है। इसके अतिरिक्त भारत हिन्दू, जैन तथा सिक्ख धर्म का भी…
पूरा उत्तर मेधा मैम से →
ऑब्जेक्टिव प्रश्न — उत्तर-कुंजी सहित (10)
- 1. बिहार बोर्ड 2026
संस्कृत, ग्रीक और लैटिन भाषाओं में समानता से मैक्स मूलर को किसने अवगत कराया ?
- (A) डॉ० क्ली ने ✓
- (B) सर विलियम जोन्स ने
- (C) कनिंघम ने
- (D) हकर्स ने
उत्तर: (A)
- 2. बिहार बोर्ड 2026
'भारत को पहचान सकनेवाली दृष्टि की आवश्यकता है ।' - यह कथन है
- (A) मैक्स मूलर का ✓
- (B) गुणाकर मुले का
- (C) महात्मा गाँधी का
- (D) अमरकांत का
उत्तर: (A)
- 3. बिहार बोर्ड 2026
19 वीं सदी में किसने अपनी स्वाधीनता के लिए लड़नेवाले यूनानियों को प्राचीन संस्कृति से उनकी एकात्मकता की पहचान कराने में बड़ा परिश्रम किया ?
- (A) शेली और बायरन ने ✓
- (B) वर्जिल ने
- (C) मिल्टन ने
- (D) शेक्सपियर ने
उत्तर: (A)
- 4. बिहार बोर्ड 2025
मैक्स मूलर ने किस रचना का जर्मन भाषा में पद्यानुवाद किया ?
- (A) मेघदूत का ✓
- (B) ध्वन्यालोक का
- (C) चन्द्रालोक का
- (D) साहित्यदर्पण का
उत्तर: (A)
- 5. बिहार बोर्ड 2025
स्वामी विवेकानंद ने 'वेदांतियों का भी वेदांती' किसे कहा है ?
- (A) मैक्स मूलर को ✓
- (B) गुणाकर मुले को
- (C) कालिदास को
- (D) विलियम जोन्स को
उत्तर: (A)
- 6. बिहार बोर्ड 2024
'टेनीसन' किस भाषा के कवि हैं ?
- (A) फ्रेंच
- (B) स्पेनिश
- (C) अंग्रेजी ✓
- (D) मंदारी
उत्तर: (C)
- 7. बिहार बोर्ड 2024
मैक्स मूलर ने सर्वविद् संपदा और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण किस देश को माना है ?
- (A) चीन को
- (B) नेपाल को
- (C) भारत को ✓
- (D) बर्मा को
उत्तर: (C)
- 8. बिहार बोर्ड 2022
यूनान व रोम के सम्पूर्ण साहित्य से कहीं अधिक विशाल है
- (A) संस्कृत भाषा और साहित्य ✓
- (B) उर्दू साहित्य
- (C) जर्मन भाषा और साहित्य
- (D) रूसी भाषा और साहित्य
उत्तर: (A)
- 9. बिहार बोर्ड 2022
मैक्स मूलर ने कितने वर्ष की अवस्था में लिपजिंग विश्वविद्यालय में संस्कृत का अध्ययन प्रारंभ किया ?
- (A) बारह वर्ष
- (B) अठारह वर्ष ✓
- (C) सोलह वर्ष
- (D) चौदह वर्ष
उत्तर: (B)
- 10. बिहार बोर्ड 2022
हकर्स क्या थे ?
- (A) ज्योतिषाचार्य
- (B) खगोल वैज्ञानिक
- (C) भूगर्भशास्त्री
- (D) वनस्पति वैज्ञानिक ✓
उत्तर: (D)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- बिहार बोर्ड 10वीं हिंदी में "भारत से हम क्या सीखें (मैक्समूलर)" से कितने अंक आते हैं?
- 2021 से 2026 के बिहार बोर्ड के पेपरों में इस अध्याय से औसतन लगभग 2 अंक और लगभग 2 प्रश्न हर साल पूछे गए; हिंदी में अंकों के हिसाब से यह 17वाँ अध्याय है।
- "भारत से हम क्या सीखें (मैक्समूलर)" के VVI प्रश्न कौन से हैं?
- ऊपर दिए गए 5 प्रश्न बोर्ड के असली पेपरों से हैं, जिस-जिस साल पूछे गए उस साल के साथ; जो सबसे ज़्यादा बार पूछे गए वे पहले हैं और उनके आदर्श उत्तर पूरे दिए गए हैं। इस अध्याय के कुल 5 लिखित प्रश्न और उनके उत्तर AskMedha ऐप में हैं।
- क्या ये उत्तर बोर्ड की marking scheme के अनुसार हैं?
- BSEB अपनी marking scheme प्रकाशित नहीं करता। हर उत्तर पिछले पेपरों से निकाली गई अंक-संरचना पर बिंदुवार लिखा गया है और एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल से जाँचा गया है; इसे बोर्ड की आधिकारिक scheme नहीं कहा जाता।
यही तैयारी, मेधा मैम के साथ — आपके फ़ोन पर
हर अध्याय का हर प्रश्न, हर आदर्श उत्तर और बोर्ड के ढंग के अभ्यास प्रश्न; रोज़ 60 मिनट की क्लास, जाँचे हुए लिखित उत्तर, हर रविवार टेस्ट और माता-पिता को WhatsApp रिपोर्ट।
मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।