बिहार बोर्ड 10वीं · हिंदी · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 2: विष के दाँत (नलिन विलोचन शर्मा) — नोट्स
इस अध्याय के 8 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।
1. लेखक नलिन विलोचन शर्मा का परिचय
देखिए, सबसे पहले जान लेते हैं कि यह कहानी किसने लिखी है।
- • जन्म: 18 फरवरी 1916, बदरघाट, पटना
- • पिता: महामहोपाध्याय पं० रामावतार शर्मा
- • माता: रत्नावती शर्मा
- • शिक्षा: एम० ए० (संस्कृत व हिंदी), पटना विश्वविद्यालय
- • 1959 में हिंदी विभाग अध्यक्ष बने
- • निधन: 12 सितंबर 1961 ई०
2. सेन साहब की नई मोटर और शान
देखिए बोर्ड पर, सेन साहब की नई मोटरकार खड़ी है।
- • मोटरकार: काली, चमकती, स्ट्रीमलाइंड
- • कीमत: साढ़े सात हजार में आई
- • ताकीद: बच्चे गाड़ी के पास न फटकें
- • धब्बा दिखे तो क्लीनर-शोफर की शामत
3. लड़कियों और खोखा में भेद-भाव
देखिए बोर्ड पर, सेन साहब की पाँच लड़कियाँ हैं — सीमा, रजनी, आलो, शेफाली, आरती।
- • पाँच लड़कियाँ: सीमा, रजनी, आलो, शेफाली, आरती
- • लड़कियाँ: सुशील, तहजीब-तमीज की मूरत, कठपुतली जैसी
- • खोखा: नाउम्मीद बुढ़ापे की आँखों का तारा
- • खोखा: जीवन के नियम का अपवाद, घर के नियम का भी अपवाद
- • लड़कियों व खोखा के लिए अलग-अलग नियम व शिक्षा
4. खोखा की शिक्षा और सेन साहब का सपना
देखिए, सेन साहब और उनकी पत्नी ने खोखा के दुलार में अपने सिद्धांत भी बदल डाले थे।
- • सेन साहब का सपना: खोखा बने इंजीनियर
- • उपाय: बढ़ई मिस्त्री से ठोंक-पीट कराना
- • उद्देश्य: उँगलियाँ औजारों से वाकिफ हों
- • अखबारनवीस का उत्तर: बेटा जेंटलमैन बने, पूरी आजादी रहे
- • सेन साहब: इस व्यंग्य पर ऐंठकर रह गए
5. मदन और ड्राइवर का झगड़ा
देखिए, अब कहानी में एक नया पात्र आता है।
- • मदन: गिरधरलाल का बेटा, गाड़ी छू रहा था
- • शोफर ने धक्का दिया, मदन गिरा, घुटने से खून
- • माँ उलझी पर सेन साहब को देख चुप हो गई
- • सेन साहब: संयत पर कठोर स्वर में डाँट
- • तुलना: खोखा की शरारत पर हल्की मुस्कान
6. काशू की शरारत और गिरधरलाल को डाँट
देखिए, उसी वक्त मोटर के पीछे से खट-खट की आवाज आती है।
- • काशू ने मोटर की पिछली बत्ती तोड़ी
- • काशू ने मिस्टर सिंह की कार के चक्कों की हवा निकाली
- • सेन साहब: काशू की शरारत पर प्यार भरी डाँट
- • गिरधरलाल को बुलाकर कड़ी चेतावनी
- • सेन साहब: 'ऐसे ही लड़के गुंडे, चोर, डाकू बनते हैं'
7. मदन की पिटाई और माता सेन की बकबक
देखिए, उस रात एक घटना हुई।
- • गिरधर के घर से मदन का चीत्कार सुनाई दिया
- • सेन साहब: 'गिरधर की बीवी ने ही बिगाड़ा है'
- • सेन साहब: 'स्पेयर द रॉड ऐण्ड स्पायल द चाइल्ड'
- • माता सेन: मदन को भिखमंगा कहकर कोसा
8. काशू-मदन की लड़ाई और गिरधरलाल का प्यार
चलिए, अब देखिए आगे क्या होता है।
- • खोखा ने मदन से लट्टू माँगा, मदन ने अपमानित किया
- • काशू-मदन में मुट्ठी-बाजी, काशू के दो दाँत टूटे
- • गिरधरलाल को नौकरी से निकाला गया
- • गिरधर ने मदन को प्यार से उठाया
- • गिरधर: 'शाबाश बेटा! खोखा के दो-दो दाँत तोड़ डाले'
सारांश
देखिए, यह कहानी शुरू होती है सेन साहब की नई चमचमाती मोटरकार से। उन्हें अपनी इस मोटरकार पर बहुत गर्व है। फिर हमें पता चलता है कि उनकी पाँच सुशील लड़कियों और उनके इकलौते बेटे खोखा की परवरिश में कितना भेद-भाव है। खोखा को इंजीनियर बनाने के सपने के साथ उसे खास ट्रेनिंग दी जाती है। इसी बीच किरानी गिरधरलाल के बेटे मदन को शोफर धक्का दे देता है, और सेन साहब कठोर स्वर में उसे डाँटते हैं। जबकि ठीक उसी वक्त, खोखा की शरारतों पर उसे सिर्फ प्यार भरी डाँट मिलती है। रात में मदन की पिटाई होती है, और उधर सेन साहब की बकबक चलती रहती है। अगले दिन लट्टू के झगड़े में मदन, काशू के दो दाँत तोड़ देता है। इसी के कारण गिरधरलाल की नौकरी चली जाती है। फिर भी वह अपने बेटे को शाबाशी देकर गले लगा लेता है — यही इस कहानी का मार्मिक अंत है, जो शीर्षक 'विष के दाँत' को सार्थक करता है। अच्छा, आपको क्या लगता है — गिरधरलाल ने मदन को गले क्यों लगाया होगा?
AskMedha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं हिंदी, अध्याय 2। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- "विष के दाँत (नलिन विलोचन शर्मा)" के नोट्स PDF में कैसे मिलेंगे?
- "PDF में सहेजें" दबाएँ — फ़ोन का प्रिंट पेज खुलेगा; वहाँ "Save as PDF" चुनें। PDF में सिर्फ़ नोट्स रहते हैं।
- ये नोट्स कहाँ से लिखे गए हैं?
- अध्याय की पाठ्यपुस्तक के अपने पाठ से, भाग-भाग करके, किताब के ही शब्दों में; फिर एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल ने हर भाग को किताब से मिलाकर जाँचा है। पूरा पाठ, हर भाग का जाँच-प्रश्न और अभ्यास AskMedha ऐप में है।
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मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।