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बिहार बोर्ड 10वीं · हिंदी · मैट्रिक परीक्षा 2027

अध्याय 11: लौटकर आऊँगा फिर (जीवनानंद दास) — नोट्स

इस अध्याय के 6 भाग, किताब के क्रम में — हर भाग की पहली बात और वे बिंदु जो मेधा मैम बोर्ड पर लिखती हैं — और अंत में सारांश। पूरा पाठ और हर भाग का जाँच-प्रश्न ऐप में।

  1. 1. कवि की लौटने की इच्छा और बंगाल का चित्रण

    देखिए, यह कविता जीवनानंद दास ने लिखी है।

    • • कवि - जीवनानंद दास
    • • बंगाल में खेत हैं धान के
    • • नदी के किनारे फिर आऊँगा लौट कर
    • • कवि की मातृभूमि के प्रति प्रेम स्पष्ट
  2. 2. अगले जीवन में पक्षी बनने की कल्पना

    कवि कहता है कि शायद अगले जन्म में वह मनुष्य नहीं होगा, बल्कि वह अबाबील या कौवा बन सकता है।

    • • शायद मनुष्य नहीं होऊँगा
    • • होऊँगा अबाबील या कौवा
    • • अबाबील - काली छोटी चिड़िया, उजाड़ मकानों में रहती है
    • • पेंग - झूले का दोलन
    • • कुहरे के पालने से कटहल की छाया तक भरता पेंग
  3. 3. किशोरी के हंस बनने की कल्पना

    देखिए, कवि एक और सुंदर कल्पना करता है।

    • • बनकर शायद हंस - किसी किशोरी का
    • • घुँघरू लाल पैरों में
    • • तैरता रहूँगा दिन-दिन भर पानी में
    • • गंध जहाँ होगी भरी घास की
    • • नदियाँ, मैदान बंगाल के बुलायेंगे - मैं आऊँगा
    • • हरे सजल किनारे पर आऊँगा
  4. 4. शाम की हवा, उल्लू और बच्चे का चित्र

    कवि अब 'तुम' से बात करता है और कहता है कि शायद तुम शाम की हवा के साथ उड़ते एक उल्लू को देखोगे।

    • • शायद तुम देखोगे - शाम की हवा के साथ उड़ते उल्लू
    • • सुनोगे कपास के पेड़ पर उसकी बोली
    • • घासीली जमीन पर मुट्ठी भर-भर चावल
    • • फेंकेगा कोई बच्चा - उबले हुए
  5. 5. रूपसा नदी और नाव वाले लड़के का दृश्य

    देखिए, कवि आगे एक और दृश्य दिखाते हैं।

    • • रूपसा - बंगाल की नदी विशेष
    • • रूपसा के गंदले-से पानी में नाव लिए जाते लड़का
    • • उड़ते फटे पाल की नाव
  6. 6. सारस के बीच अँधेरे में कवि का होना

    देखिए बोर्ड पर।

    • • लौटते होंगे रंगीन बादलों के बीच - सारस
    • • अँधेरे में होऊँगा मैं उन्हीं के बीच में
    • • सारस - पक्षी विशेष, क्रौंच
    • • देखना - कवि की आखिरी बात

सारांश

देखिए, अब हम इस पूरी कविता को एक बार साथ समेटते हैं। जीवनानंद दास इसमें अपनी मातृभूमि बंगाल के लिए गहरा प्रेम व्यक्त करते हैं। कवि कहता है, वह एक दिन फिर लौटकर बंगाल में आएगा। वहाँ धान के खेत हैं, और एक बहती नदी है। अगले जन्म में वह मनुष्य न होकर अबाबील बन सकता है, या कौवा, या किसी किशोरी का हंस — क्योंकि अपनी धरती से उसका जुड़ाव इतना गहरा है। आगे कवि कुछ सजीव चित्र खींचता है। शाम की हवा में उड़ता उल्लू, घासीली जमीन पर चावल फेंकते बच्चे, और रूपसा नदी में नाव लिए जाता एक लड़का। अंत में कवि कहता है, वह रंगीन बादलों के बीच लौटते सारसों के बीच, अँधेरे में होगा। और वह आपसे कहता है कि आप वहाँ उसे देखिए। तो पूरी कविता में क्या भावना सबसे गहरी है — मातृभूमि का प्रेम, या उसमें फिर लौट आने की इच्छा?

Ask Medha · मेधा मैम — बिहार बोर्ड 10वीं हिंदी, अध्याय 11। पाठ्यपुस्तक से लिखा, दो बार जाँचा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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