बिहार बोर्ड 10वीं · हिंदी · मैट्रिक परीक्षा 2027
अध्याय 1: श्रम विभाजन और जाति प्रथा (भीमराव आंबेडकर)
बिहार बोर्ड (BSEB) के 2016–2026 के असली पेपरों से इस अध्याय के 4 सबसे ज़्यादा पूछे गए प्रश्न (VVI) — 3 के आदर्श उत्तर पूरे, 1 के उत्तर की पहली पंक्ति — और ऑब्जेक्टिव प्रश्न बोर्ड की उत्तर-कुंजी के साथ।
- अंक हर साल (लगभग)
- 1
- प्रश्न हर साल (लगभग)
- 2
- हिंदी में स्थान
- #26
2021–2026 के 5 साल के पेपरों पर आधारित · पूरा अंक वितरण
VVI प्रश्न — बोर्ड ने जिन्हें सबसे ज़्यादा बार पूछा (4)
- Q1दीर्घ उत्तरीय5 अंकपूछा गया: 2021
किस तरह समाजवाद हमारी राष्ट्रीय आवश्यकता है ? इस प्रसंग में लेखक के विचारों पर प्रकाश डालें

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · समाजवाद राष्ट्रीय आवश्यकता
- 1.भारत एक विशाल जनसंख्या वाला देश है जहाँ गरीबी, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता बड़े पैमाने पर व्याप्त है। देश की अधिकांश जनता दरिद्रता में जीवन व्यतीत करती है, रोजगार के साधन सीमित हैं और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच आर्थिक अंतर बहुत अधिक है। इन्हीं परिस्थितियों के कारण समाजवाद की आवश्यकता उत्पन्न होती है, क्योंकि इसके बिना गरीबी, बेरोजगारी और असमानता की समस्याओं का समाधान संभव नहीं है।1 अंक
- 2.पूँजीवादी व्यवस्था में धन कुछ ही हाथों में केंद्रित हो जाता है। उत्पादन के साधनों पर निजी स्वामित्व होने के कारण संपत्ति का केंद्रीकरण कुछ धनी व्यक्तियों या वर्गों में हो जाता है, जिससे समाज में शोषण बढ़ता है और श्रमिक वर्ग तथा साधनहीन लोग पीड़ित रहते हैं। समाजवाद इस पूँजीवादी शोषण और धन के केंद्रीकरण का समाधान प्रस्तुत करता है।1 अंक
- 3.समाजवाद के अंतर्गत उत्पादन के साधनों पर समाज या राज्य का नियंत्रण होता है। जब उत्पादन के साधन निजी हाथों में न रहकर समाज या राज्य के अधिकार में आ जाते हैं, तो उनका उपयोग व्यक्तिगत लाभ के स्थान पर समस्त समाज के हित में किया जाता है। इस व्यवस्था से धन का समान वितरण संभव होता है और समाज में आर्थिक समानता स्थापित होती है।1 अंक
- 4.लेखक के अनुसार आर्थिक समानता के बिना राजनीतिक स्वतंत्रता अधूरी रहती है, क्योंकि जब तक समाज में आर्थिक विषमता बनी रहेगी, तब तक राजनीतिक अधिकार वास्तविक अर्थों में सभी को समान रूप से प्राप्त नहीं हो सकते। इसी कारण समाजवाद राष्ट्रीय एकता व अखंडता बनाए रखने की अनिवार्य आवश्यकता है, क्योंकि आर्थिक असमानता राष्ट्र की एकता को खंडित करने का कार्य करती है।1 अंक
- 5.समाजवाद के माध्यम से ही सभी को समान अवसर, शिक्षा और रोजगार प्रदान किए जा सकते हैं। जब प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार शिक्षा, रोजगार और विकास के समान अवसर मिलते हैं, तो व्यक्ति के साथ-साथ संपूर्ण राष्ट्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है। इस प्रकार समाजवाद व्यक्ति और राष्ट्र दोनों की प्रगति के लिए आवश्यक सिद्ध होता है।1 अंक
- हर पैराग्राफ में गरीबी, बेरोजगारी, असमानता जैसे शब्द स्पष्ट रूप से लिखें।
- उत्पादन के साधन, राज्य नियंत्रण और समान वितरण शब्दों का प्रयोग अवश्य करें।
- आर्थिक समानता, राजनीतिक स्वतंत्रता और राष्ट्रीय एकता को जोड़ते हुए लिखें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q2लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2022
जातिप्रथा भारत में बेरोजगारी का एक प्रमुख और प्रत्यक्ष कारण कैसे बनी हुई है ?

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · जातिप्रथा, बेरोजगारी
- 1.जातिप्रथा मनुष्य को जन्म के साथ ही एक पेशे में बाँध देती है। हिंदू धर्म की जाति प्रथा किसी भी व्यक्ति को ऐसा पेशा चुनने की अनुमति नहीं देती, जो उसका पैतृक पेशा न हो, भले ही वह उसमें पारंगत हो। इस प्रकार मनुष्य अपनी रुचि या क्षमता के अनुसार पेशा नहीं चुन पाता, क्योंकि उसका पेशा गर्भधारण के समय से ही, अर्थात जन्म से पहले ही, जाति के आधार पर निर्धारित कर दिया जाता है।1 अंक
- 2.उद्योग-धंधों की प्रक्रिया व तकनीक में निरंतर विकास और कभी-कभी अकस्मात परिवर्तन होता रहता है, जिसके कारण मनुष्य को अपना पेशा बदलने की आवश्यकता पड़ सकती है। परंतु जाति प्रथा मनुष्य को प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपना पेशा बदलने की स्वतंत्रता नहीं देती। पेशा अनुपयुक्त या अपर्याप्त होने पर भी वह उसी में बँधा रहता है और भूखों मरने के अलावा उसके पास कोई चारा नहीं रहता। इस प्रकार पेशा परिवर्तन की अनुमति न होने से बेरोजगारी बढ़ती है और यही जातिप्रथा भारत में बेरोजगारी का एक प्रमुख और प्रत्यक्ष कारण बनी हुई है।1 अंक
- पहले बिंदु में 'पैतृक पेशा', 'रुचि' और 'क्षमता' शब्दों का प्रयोग अवश्य करें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q3लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2025
डॉ० भीमराव अम्बेडकर के अनुसार किसी कार्य में दक्षता प्राप्त करने के लिए क्या अनिवार्य है ?

मेधा मैम
AskMedha की AI शिक्षिका
आदर्श उत्तर · रुचि, कार्यकुशलता, जाति प्रथा पाठ
- 1.डॉ० भीमराव अम्बेडकर के अनुसार किसी कार्य में दक्षता प्राप्त करने के लिए सबसे पहले उस कार्य के प्रति रुचि का होना अनिवार्य है। जब तक मनुष्य को किसी पेशे या कार्य में रुचि और लगन नहीं होगी, तब तक वह उस कार्य में दक्षता प्राप्त नहीं कर सकता। इसीलिए यह आवश्यक माना गया है कि व्यक्ति अपने पेशे या कार्य का चुनाव स्वयं अपनी रुचि के अनुसार करे, न कि किसी बाहरी दबाव या पूर्वनिर्धारण से।1 अंक
- 2.रुचि के साथ-साथ कार्य के प्रति कार्यकुशलता और व्यक्ति की अपनी स्वाभाविक प्रेरणा का होना भी आवश्यक है। जब तक किसी व्यक्ति में कार्यकुशलता नहीं होगी और वह स्वाभाविक रूप से उस कार्य के लिए प्रेरित नहीं होगा, तब तक वह उसमें दक्षता प्राप्त नहीं कर सकता। अतः रुचि, लगन, कार्यकुशलता और स्वाभाविक प्रेरणा — ये सभी मिलकर ही किसी कार्य में दक्षता प्राप्त करने की शर्त पूरी करती हैं।1 अंक
- पहले बिंदु में 'रुचि' और 'लगन' शब्द अवश्य लिखें।
- दूसरे बिंदु में 'कार्यकुशलता' और 'स्वाभाविक प्रेरणा' दोनों शब्द अवश्य लिखें।
- दोनों पैराग्राफ में 'दक्षता' शब्द का उल्लेख अवश्य करें।
अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं
- Q4लघु उत्तरीय2 अंकपूछा गया: 2021
कुशल व्यक्ति या सक्षम श्रमिक समाज की निर्माण करने के लिए क्या आवश्यक है ?
आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति
1. कुशल व्यक्ति या सक्षम श्रमिक समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है कि व्यक्तियों की क्षमता इस सीमा तक विकसित की जाए कि वे अपना पेशा या कार्य स्वयं चुन सकें। हर व्यक्ति को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार पेशा चुनने की…
पूरा उत्तर मेधा मैम से →
ऑब्जेक्टिव प्रश्न — उत्तर-कुंजी सहित (10)
- 1. बिहार बोर्ड 2026
डॉ० भीमराव अंबेडकर ने किसको भारत में बेरोजगारी का एक प्रमुख और प्रत्यक्ष कारण माना है ?
- (A) श्रम विभाजन को
- (B) जाति प्रथा को ✓
- (C) दहेज प्रथा को
- (D) नैतिकता को
उत्तर: (B)
- 2. बिहार बोर्ड 2026
डॉ० भीमराव अंबेडकर का निधन कब हुआ था ?
- (A) 1955 ई० में
- (B) 1956 ई० में ✓
- (C) 1957 ई० में
- (D) 1958 ई० में
उत्तर: (B)
- 3. बिहार बोर्ड 2026
डॉ० भीमराव अंबेडकर ने किनको मानवीय अधिकार व सम्मान दिलाने के लिए अथक संघर्ष किया ?
- (A) अछूतों
- (B) स्त्रियों
- (C) मजदूरों
- (D) इनमें से सभी ✓
उत्तर: (D)
- 4. बिहार बोर्ड 2025
'द कास्ट्स इन इंडिया : देयर मैकेनिज्म' किसकी रचना है ?
- (A) महात्मा गाँधी की
- (B) भीमराव अंबेडकर की ✓
- (C) अमरकांत की
- (D) गुणाकर मुले की
उत्तर: (B)
- 5. बिहार बोर्ड 2025
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का जन्म किस परिवार में हुआ था ?
- (A) पुरोहित परिवार में
- (B) कुलीन परिवार में
- (C) दलित परिवार में ✓
- (D) राज परिवार में
उत्तर: (C)
- 6. बिहार बोर्ड 2025
भीमराव अंबेडकर किनके प्रोत्साहन पर उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका और लंदन गए ?
- (A) ग्वालियर नरेश के प्रोत्साहन पर
- (B) सिंधिया नरेश के प्रोत्साहन पर
- (C) मेवाड़ नरेश के प्रोत्साहन पर
- (D) बड़ौदा नरेश के प्रोत्साहन पर ✓
उत्तर: (D)
- 7. बिहार बोर्ड 2024
किसे 'बाबा साहेब' के नाम से पुकारा जाता है ?
- (A) हजारी प्रसाद द्विवेदी को
- (B) भीमराव अंबेडकर को ✓
- (C) अमरकांत को
- (D) रामविलास शर्मा को
उत्तर: (B)
- 8. बिहार बोर्ड 2022
'भारतीय संविधान' का निर्माता किसे कहा जाता है ?
- (A) मैक्स मूलर को
- (B) महात्मा गाँधी को
- (C) भीमराव अंबेडकर को ✓
- (D) बिरजू महाराज को
उत्तर: (C)
- 9. बिहार बोर्ड 2021
'मानव मुक्ति के पुरोधा' किसे कहा गया है ?
- (A) नलिन विलोचन शर्मा
- (B) यतीन्द्र मिश्र
- (C) भीमराव अंबेडकर ✓
- (D) अमरकांत
उत्तर: (C)
- 10. बिहार बोर्ड 2021
भारत में जाति-प्रथा का मुख्य कारण क्या है ?
- (A) बेरोजगारी ✓
- (B) गरीबी
- (C) उद्योग धंधों की कमी
- (D) अमीरी
उत्तर: (A)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- बिहार बोर्ड 10वीं हिंदी में "श्रम विभाजन और जाति प्रथा (भीमराव आंबेडकर)" से कितने अंक आते हैं?
- 2021 से 2026 के बिहार बोर्ड के पेपरों में इस अध्याय से औसतन लगभग 1 अंक और लगभग 2 प्रश्न हर साल पूछे गए; हिंदी में अंकों के हिसाब से यह 26वाँ अध्याय है।
- "श्रम विभाजन और जाति प्रथा (भीमराव आंबेडकर)" के VVI प्रश्न कौन से हैं?
- ऊपर दिए गए 4 प्रश्न बोर्ड के असली पेपरों से हैं, जिस-जिस साल पूछे गए उस साल के साथ; जो सबसे ज़्यादा बार पूछे गए वे पहले हैं और उनके आदर्श उत्तर पूरे दिए गए हैं। इस अध्याय के कुल 4 लिखित प्रश्न और उनके उत्तर AskMedha ऐप में हैं।
- क्या ये उत्तर बोर्ड की marking scheme के अनुसार हैं?
- BSEB अपनी marking scheme प्रकाशित नहीं करता। हर उत्तर पिछले पेपरों से निकाली गई अंक-संरचना पर बिंदुवार लिखा गया है और एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल से जाँचा गया है; इसे बोर्ड की आधिकारिक scheme नहीं कहा जाता।
यही तैयारी, मेधा मैम के साथ — आपके फ़ोन पर
हर अध्याय का हर प्रश्न, हर आदर्श उत्तर और बोर्ड के ढंग के अभ्यास प्रश्न; रोज़ 60 मिनट की क्लास, जाँचे हुए लिखित उत्तर, हर रविवार टेस्ट और माता-पिता को WhatsApp रिपोर्ट।
मेधा मैम एक AI टीचर हैं — कोई लाइव ट्यूटर नहीं। हर उत्तर दो बार जाँचा जाता है; ज़िम्मेदारी एक व्यक्ति की है।