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बिहार बोर्ड 10वीं · हिंदी · मैट्रिक परीक्षा 2027

अध्याय 1: अपठित गद्यांश

बिहार बोर्ड (BSEB) के 2016–2026 के असली पेपरों से इस अध्याय के 20 सबसे ज़्यादा पूछे गए प्रश्न (VVI) — 3 के आदर्श उत्तर पूरे, 13 के उत्तर की पहली पंक्ति — और ऑब्जेक्टिव प्रश्न बोर्ड की उत्तर-कुंजी के साथ।

अंक हर साल (लगभग)
21
प्रश्न हर साल (लगभग)
2
हिंदी में स्थान
#1

2021–2026 के 5 साल के पेपरों पर आधारित · पूरा अंक वितरण

VVI प्रश्न — बोर्ड ने जिन्हें सबसे ज़्यादा बार पूछा (20)

  1. Q1लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2025

    निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का है । 5 x 2 = 10 (क) प्रेमचंद हिन्दी के महान् साहित्यकार हैं । इनकी रचनाओं में भारतीय समाज और संस्कृति की झलक दिखाई पड़ती है । प्रेमचंद की रचनाएँ आदर्शोन्मुख यथार्थवाद का उदाहरण हैं । प्रेमचंद एक सफल उपन्यासकार एवं कहानीकार दोनों ही रूपों में समान रूप से चर्चित हैं । इन्हें 'कथा सम्राट' एवं 'उपन्यास सम्राट' कहकर भी पुकारा जाता है । उपन्यास एवं कहानी के क्षेत्रों में किये गये इनके अवदानों के लिए हिन्दी साहित्य सर्वदा ऋणी रहेगा । प्रेमचंद ने लगभग तीन सौ कहानियों को लिखा है । 'मानसरोवर' के आठ भागों में इनकी कहानियाँ संकलित हैं । (i) प्रेमचंद कौन हैं ? (ii) प्रेमचंद की रचनाओं में किसकी झलक दिखाई पड़ती है ? (iii) प्रेमचंद किन रूपों में चर्चित हैं ? (iv) प्रेमचंद ने लगभग कितनी कहानियों को लिखा है ? (v) प्रेमचन्द की कहानियाँ कहाँ संकलित हैं ?

    मेधा मैम

    मेधा मैम

    AskMedha की AI शिक्षिका

    आदर्श उत्तर · अपठित गद्यांश, प्रेमचंद

    1. 1.प्रेमचंद हिन्दी के महान् साहित्यकार हैं। इन्हें 'कथा सम्राट' एवं 'उपन्यास सम्राट' कहकर भी पुकारा जाता है।2 अंक
    2. 2.प्रेमचंद की रचनाओं में भारतीय समाज और संस्कृति की झलक दिखाई पड़ती है।2 अंक
    3. 3.प्रेमचंद एक सफल उपन्यासकार एवं कहानीकार दोनों ही रूपों में समान रूप से चर्चित हैं।2 अंक
    4. 4.प्रेमचंद ने लगभग तीन सौ कहानियाँ लिखी हैं।2 अंक
    5. 5.प्रेमचंद की कहानियाँ 'मानसरोवर' के आठ भागों में संकलित हैं।2 अंक
    • हर उत्तर गद्यांश में दिए शब्दों के आधार पर पूरे वाक्य में लिखें।
    • संख्या 'तीन सौ' और 'आठ भाग' जैसे शब्दों को सही-सही लिखें।

    अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं

  2. Q2लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2025

    2. निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़ कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का है। 5 x 2 = 10 (क) प्रसिद्ध वैज्ञानिक जगदीशचंद्र बसु का बचपन प्रकृति का अवलोकन करते हुए बीता। पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं से प्रेम करते हुए उनकी शिक्षा आरंभ हुई। जगदीशचंद्र बसु बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। ये भौतिकी, जीवविज्ञान, वनस्पति विज्ञान तथा विज्ञान कथा लेखन में महारथी थे। जगदीशचंद्र बसु पहले ऐसे वैज्ञानिक थे जिसने रेडियो और सूक्ष्म तरंगों की प्रकाशिकी विषय पर कार्य किया। वनस्पति विज्ञान में भी इन्होंने कई महत्वपूर्ण खोजें की। भारत के पहले वैज्ञानिक शोधकर्ता जगदीशचंद्र बसु ही थे। इनको रेडियो विज्ञान का पिता कहा जाता है। (i) जगदीशचंद्र बसु का बचपन कैसे बीता? (ii) बहुमुखी प्रतिभा के धनी कौन थे? (iii) जगदीशचंद्र बसु किनमें महारथी थे? (iv) जगदीशचंद्र बसु ने किस विषय पर कार्य किया? (v) जगदीशचंद्र बसु को किसका पिता कहा जाता है? (ख) मेजर ध्यानचंद भारतीय हॉकी के भूतपूर्व खिलाड़ी एवं कप्तान थे। इनकी गिनती विश्व के सर्वश्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ियों में की जाती है। मेजर ध्यानचंद को 'हॉकी का जादूगर' भी कहा जाता है। भारत को ओलंपिक खेलों में तीन स्वर्ण पदक दिलाने में इनकी अहम भूमिका रही है। मेजर ध्यानचंद को भारत सरकार ने देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' प्रदान किया। इनके सम्मान में भारत सरकार ने स्मारक डाक टिकट भी जारी किया है। मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन को 'राष्ट्रीय खेल दिवस' के रूप में मनाया जाता है। भारत का सर्वोच्च खेल पुरस्कार 'खेल रत्न' उनके नाम पर ही दिया जाता है। (i) मेजर ध्यानचंद कौन थे? (ii) मेजर ध्यानचंद की गिनती किसमें की जाती है? (iii) 'हॉकी का जादूगर' किसको कहा जाता है? (iv) मेजर ध्यानचंद की अहम भूमिका किसमें रही है? (v) भारत सरकार ने मेजर ध्यानचंद को कौन-सा नागरिक सम्मान प्रदान किया?

    मेधा मैम

    मेधा मैम

    AskMedha की AI शिक्षिका

    आदर्श उत्तर · अपठित गद्यांश, जगदीशचंद्र बसु

    1. 1.(क) जगदीशचंद्र बसु का बचपन प्रकृति का अवलोकन करते हुए तथा पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं से प्रेम करते हुए बीता। (ख) मेजर ध्यानचंद भारतीय हॉकी के भूतपूर्व खिलाड़ी एवं कप्तान थे।2 अंक
    2. 2.(क) बहुमुखी प्रतिभा के धनी जगदीशचंद्र बसु थे। (ख) मेजर ध्यानचंद की गिनती विश्व के सर्वश्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ियों में की जाती है।2 अंक
    3. 3.(क) जगदीशचंद्र बसु भौतिकी, जीवविज्ञान, वनस्पति विज्ञान तथा विज्ञान कथा लेखन में महारथी थे। (ख) मेजर ध्यानचंद को 'हॉकी का जादूगर' कहा जाता है।2 अंक
    4. 4.(क) जगदीशचंद्र बसु ने रेडियो और सूक्ष्म तरंगों की प्रकाशिकी विषय पर कार्य किया। (ख) भारत को ओलंपिक खेलों में तीन स्वर्ण पदक दिलाने में मेजर ध्यानचंद की अहम भूमिका रही है।2 अंक
    5. 5.(क) जगदीशचंद्र बसु को रेडियो विज्ञान का पिता कहा जाता है। (ख) भारत सरकार ने मेजर ध्यानचंद को देश का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' प्रदान किया।2 अंक

    अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं

  3. Q3लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2025

    निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का है। (क) उद्योग का सामान्य अर्थ है प्राथमिक उत्पाद को गौण उत्पाद में परिवर्तित करना। औद्योगिक विकास देश की आर्थिक सम्पन्नता का मापदण्ड होता है। विश्व के प्रायः सभी उन्नत देश जैसे - संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, रूस आदि औद्योगिक दृष्टि से सम्पन्न राष्ट्र हैं। भारत में औद्योगिक विकास का इतिहास अति प्राचीन है, लेकिन विकास की गति काफी धीमी रही है। आधुनिक उद्योगों की स्थापना मुख्यतः औपनिवेशिक काल में प्रारम्भ हुई, परन्तु इस समय उद्योग का स्थानीकरण कुछ ही केन्द्रों पर सिमट कर रहा गया है। लघु और कुटीर उद्योगों का भारत के औद्योगिक उत्पादन में विशेष महत्त्व है, इसलिए इसके विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। भारत ने उपलब्ध संसाधनों और औद्योगिक आवश्यकताओं को देखते हुए औद्योगिक विकास की नीतियाँ बनाई है। (i) उद्योग का सामान्य अर्थ क्या है ? (ii) औद्योगिक दृष्टि से कौन-कौन राष्ट्र सम्पन्न हैं ? (iii) भारत के औद्योगिक उत्पादन में किनका विशेष महत्त्व है ? (iv) भारत ने औद्योगिक विकास की नीतियाँ क्या देखते हुए बनाई है ? (v) उपर्युक्त गद्यांश का एक समुचित शीर्षक दें। (ख) हिन्दी साहित्य को गद्य-पद्य और चम्पू तीन भागों में बाँटा गया है। गद्य और पद्य ही मुख्य रूप से हिन्दी साहित्य का आधार है। इन्हीं दो रूपों में हिन्दी साहित्य ने कई कीर्तिमान स्थापित किये हैं। संस्कृत साहित्य में चम्पू का विशिष्ट स्थान रहा है; किन्तु हिन्दी साहित्य में इसकी उपस्थिति न के बराबर है। हिन्दी साहित्य में जयशंकर प्रसाद रचित 'उर्वशी' चम्पू रचना है। आधुनिक युग में गद्य साहित्य का विकास तेजी से होने के कारण इस युग को गद्यकाल के नाम से भी जाना जाता है। गद्य में विचारों की प्रधानता होती है जबकि पद्य में भावों की। गद्य और पद्य मिश्रित रचना को ही चम्पू कहते हैं। (i) हिन्दी साहित्य को कितने भागों में बाँटा गया है ? (ii) हिन्दी साहित्य का मुख्य आधार क्या है ? (iii) 'उर्वशी' चम्पू रचना किसकी है ? (iv) आधुनिक युग को किस नाम से जाना जाता है और क्यों ? (v) चम्पू किसे कहते हैं ?

    मेधा मैम

    मेधा मैम

    AskMedha की AI शिक्षिका

    आदर्श उत्तर · अपठित गद्यांश, बोधन

    1. 1.(क) उद्योग का सामान्य अर्थ है प्राथमिक उत्पाद को गौण उत्पाद में परिवर्तित करना। (ख) हिन्दी साहित्य को गद्य, पद्य और चम्पू — तीन भागों में बाँटा गया है।2 अंक
    2. 2.(क) संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, ब्रिटेन, रूस आदि औद्योगिक दृष्टि से सम्पन्न राष्ट्र हैं। (ख) गद्य और पद्य ही हिन्दी साहित्य का मुख्य आधार हैं।2 अंक
    3. 3.(क) भारत के औद्योगिक उत्पादन में लघु और कुटीर उद्योगों का विशेष महत्त्व है। (ख) 'उर्वशी' चम्पू रचना जयशंकर प्रसाद की है।2 अंक
    4. 4.(क) भारत ने उपलब्ध संसाधनों और औद्योगिक आवश्यकताओं को देखते हुए औद्योगिक विकास की नीतियाँ बनाई हैं। (ख) आधुनिक युग को गद्यकाल के नाम से जाना जाता है, क्योंकि इस युग में गद्य साहित्य का विकास तेजी से हुआ।2 अंक
    5. 5.(क) उपयुक्त शीर्षक: 'भारत में औद्योगिक विकास'। (ख) गद्य और पद्य मिश्रित रचना को चम्पू कहते हैं।2 अंक

    अंक-विभाजन: पिछले पेपरों से निकाली गई संरचना (दो स्वतंत्र जाँच); बिहार बोर्ड की आधिकारिक नहीं

  4. Q4लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2025

    निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़ कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का है । (क) नेपाल, भारत के उत्तर में स्थित एक पड़ोसी देश है । इसका पूरब-पश्चिम विस्तार अधिक है तथा उत्तर-दक्षिण विस्तार कम है । नेपाल के तीन ओर भारत के राज्य हैं । नेपाल के पूरब में सिक्किम एवं पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तराखण्ड तथा दक्षिण में बिहार एवं उत्तर प्रदेश राज्य स्थित हैं । नेपाल की संरचना एवं स्थलाकृति को हिमालय की उत्पत्ति ने काफी प्रभावित किया है । नेपाल के उत्तरी भाग में अनेक ऊँचे-ऊँचे पर्वत शिखर हैं । विश्व का सर्वोच्च शिखर माउण्ट एवरेस्ट नेपाल में ही स्थित है । नेपाल में माउण्ट एवरेस्ट को सागरमाथा के नाम से पुकारा जाता है । (i) भारत के उत्तर में स्थित पड़ोसी देश का नाम क्या है ? (ii) नेपाल के दक्षिण में कौन-कौन राज्य स्थित हैं ? (iii) नेपाल की संरचना एवं स्थलाकृति को किसने प्रभावित किया ? (iv) माउण्ट एवरेस्ट कहाँ स्थित है ? (v) सागरमाथा के नाम से किसको पुकारा जाता है ? (ख) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति थे । इनका जन्म बिहार में हुआ था । इनके पिता का नाम महादेव सहाय तथा माता का नाम कमलेश्वरी देवी था । महादेव सहाय संस्कृत एवं फारसी के विद्वान थे । डॉ० राजेन्द्र प्रसाद भारतीय संविधान सभा के अध्यक्ष थे । कुशल राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ डॉ० राजेन्द्र प्रसाद प्रतिभा सम्पन्न साहित्यकार भी थे । उन्होंने 'बापू के कदमों में' एवं 'चम्पारण में महात्मा गाँधी' आदि महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं । डॉ० राजेन्द्र प्रसाद की साहित्यिक भाषा सरल, सहज एवं प्रभावोत्पादक है । एक समय में डॉ० राजेन्द्र प्रसाद सफल अधिवक्ता भी रहे हैं । देश के लिए उनका त्याग और समर्पण देश के युवाओं के लिए अनुकरणीय है । (i) भारत के प्रथम राष्ट्रपति कौन थे ? (ii) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद का जन्म कहाँ हुआ था ? (iii) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद के माता-पिता का नाम क्या था ? (iv) संविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे ? (v) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद ने कौन-सी महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं ?

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. (क) भारत के उत्तर में स्थित पड़ोसी देश का नाम नेपाल है। (ख) भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ० राजेन्द्र प्रसाद थे।

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →
  5. Q5लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2026

    (ख) जयप्रकाश नारायण बिहार की एक महान विभूति थे । ये स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी तथा राजनेता के रूप में प्रख्यात हैं । जयप्रकाश नारायण को जनता के द्वारा 'लोकनायक' कहकर पुकारा गया । इनका जन्म 11 अक्टूबर 1902 ई० में सिताब दियारा नामक ग्राम में हुआ था । इनकी माता का नाम फूलरानी एवं पिता का नाम हरसूदयाल था । इनका विवाह प्रसिद्ध गाँधीवादी ब्रजकिशोर प्रसाद की पुत्री प्रभावती देवी से हुआ । जयप्रकाश नारायण ने 'सम्पूर्ण क्रांति' का नारा पटना के गाँधी मैदान से दिया । इस नारे के माध्यम से इन्होंने राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार की मांग की । समाज सेवा के लिए सन् 1965 में 'मैगसेसे सम्मान' से तथा मरणोपरांत 1998 में इनको 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया । (i) जयप्रकाश नारायण किस रूप में प्रख्यात हैं ? (ii) 'लोकनायक' कहकर किसके द्वारा, किसको पुकारा गया ? (iii) जयप्रकाश नारायण के माता-पिता का नाम क्या था ? (iv) 'सम्पूर्ण क्रांति' का नारा किसने और कहाँ से दिया था ? (v) जयप्रकाश नारायण को किन सम्मानों से सम्मानित किया गया है ?

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. जयप्रकाश नारायण स्वतंत्रता सेनानी, समाजसेवी तथा राजनेता के रूप में प्रख्यात हैं।

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  6. Q6लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2026

    2. निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का है । 5 x 2 = 10 (क) छत्रपति शिवाजी महाराज के समय देश में मुगलों का शासन था । शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी, 1630 में शिवनेरी के पहाड़ी किले में हुआ । उनके बचपन का नाम शिवाजी राजे भोंसले था । इनकी माता का नाम जीजाबाई और पिता का नाम शाहजी राजे भोंसले था । शिवाजी महाराज की सेना में हर जाति और धर्म के बहादुर जाँबाज सिपाही थे । शिवाजी महाराज किसी धर्म और जाति के कट्टर समर्थक या उसके विरोधी नहीं थे बल्कि उनका विरोध अत्याचार, दुराचार एवं अमानवीय व्यवहार से था । उनके अंदर स्वराज की प्रबल भूख थी । स्वराज के स्वप्न को साकार करने के लिए ही उन्होंने 'हिंदवी स्वराज' की स्थापना की । शिवाजी महाराज ने अपने पुनीत कर्मों से इतिहास रचते हुए समाज में हमेशा-हमेशा के लिए आदरणीय स्थान प्राप्त किया है । (i) छत्रपति शिवाजी महाराज के समय किसका शासन था ? (ii) शिवाजी महाराज का जन्म कब और कहाँ हुआ ? (iii) शिवाजी महाराज के बचपन का नाम क्या था ? (iv) शिवाजी महाराज के माता-पिता का नाम क्या था ? (v) स्वराज के स्वप्न को साकार करने के लिए शिवाजी महाराज ने किसकी स्थापना की ?

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. छत्रपति शिवाजी महाराज के समय देश में मुगलों का शासन था।

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →
  7. Q7लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2026

    निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का है । 5 x 2 = 10 (क) भारत में नदियों का विशेष महत्व है और इन्हें माता के रूप में पूजा भी जाता है । भारत में नदियों का सिर्फ सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व ही नहीं है बल्कि आर्थिक रूप में भी इनका महत्व अतुलनीय है । पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गंगा, यमुना, सिंधु, गोदावरी, कावेरी, सरस्वती और नर्मदा पवित्र नदियाँ हैं । भारत की सबसे लंबी नदी गंगा है और दूसरी लंबी नदी गोदावरी है । दक्षिण भारत में गोदावरी नदी को 'दक्षिण की गंगा' भी कहा जाता है । यह नदी महाराष्ट्र से निकलकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है । गोदावरी को 'वृद्ध गंगा' के नाम से भी जाना जाता है । (i) भारत में नदियों को किस रूप में पूजा जाता है ? (ii) भारत में नदियों का महत्व किस रूप में है ? (iii) पौराणिक मान्यतानुसार पवित्र नदियाँ कौन-कौन हैं ? (iv) 'दक्षिण की गंगा' किस नदी को कहा जाता है ? (v) गोदावरी नदी कहाँ से निकलती है और कहाँ गिरती है ? (ख) बुद्धिमान व्यक्ति को भाग्य के भरोसे न बैठकर हमेशा अपनी स्थिति में सुधार के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए । लगातार प्रयास करते रहने पर सफलता एक न एक दिन अवश्य मिलती है । समुद्र में उठती लहरों से घबड़ाकर नाविक कभी भी हार नहीं मानता । अपने धैर्य और साहस का परिचय देते हुए वह उनसे टकराता है और अंत में विजयी भी होता है । कठिन परिस्थिति में धीरज नहीं खोने वाले ही अपनी अमिट पहचान बनाते हैं । भाग्य के भरोसे तो आलसी व्यक्ति बैठता है जबकि प्रयत्नशील व्यक्ति अपनी मेहनत और हौसले से बाधाओं को पारकर संसार में यश का भागी बनता है । नीतिकारों का भी कहना है कि मनुष्य को असफलता से घबड़ाना नहीं चाहिए बल्कि उससे सीख लेनी चाहिए । (i) बुद्धिमान व्यक्ति को क्या करना चाहिए ? (ii) लगातार प्रयास करते रहने पर क्या होता है ? (iii) समुद्र की लहरों से घबड़ाकर कौन हार नहीं मानता ? (iv) अपनी अमिट पहचान कौन बनाते हैं ? (v) नीतिकारों का क्या कहना है ?

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. भारत में नदियों को माता के रूप में पूजा जाता है।

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  8. Q8लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2026

    2. निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का है । 5 x 2 = 10 (क) नाभादास भक्तिकाल के महत्वपूर्ण कवियों में से एक हैं । इन्हें सगुणोपासक रामभक्त और प्रसिद्ध संत के रूप में जाना जाता है । नाभादास की रामभक्ति परम्परा से प्रचलित रामभक्ति से थोड़ी भिन्न थी । इनकी भक्ति में मर्यादा के स्थान पर माधुर्यभाव का पुट था । ये तुलसीदास के समकालीन थे और इनकी गुरु परम्परा भी एक है । नाभादास स्वामी अग्रदास के शिष्य थे जो स्वामी रामानंद की शिष्य परम्परा के प्रसिद्ध कवि थे । इनकी दो प्रमुख रचनाएँ - 'भक्तमाल' और 'अष्टयाम' । नाभादास ने 'अष्टयाम' की रचना ब्रजभाषा में की है । (ख) बुद्धिमान व्यक्ति को भाग्य के भरोसे न बैठकर हमेशा अपनी स्थिति में सुधार के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए । लगातार प्रयास करते रहने पर सफलता एक न एक दिन अवश्य मिलती है । समुद्र में उठती लहरों से घबड़ाकर नाविक कभी भी हार नहीं मानता । अपने धैर्य और साहस का परिचय देते हुए वह उनसे टकराता है और अंत में विजयी भी होता है । कठिन परिस्थिति में धीरज नहीं खोने वाले ही अपनी अमिट पहचान बनाते हैं । भाग्य के भरोसे तो आलसी व्यक्ति बैठता है जबकि प्रयत्नशील व्यक्ति अपनी मेहनत और हौसले से बाधाओं को पारकर संसार में यश का भागी बनता है । नीतिकारों का भी कहना है कि मनुष्य को असफलता से घबड़ाना नहीं चाहिए बल्कि उससे सीख लेनी चाहिए । (क) नाभादास भक्तिकाल के महत्वपूर्ण कवियों में से एक हैं । इन्हें सगुणोपासक रामभक्त और प्रसिद्ध संत के रूप में जाना जाता है । नाभादास की रामभक्ति परंपरा से प्रचलित रामभक्ति से थोड़ी भिन्न थी । इनकी भक्ति में मर्यादा के स्थान पर माधुर्यभाव का पुट था । ये तुलसीदास के समकालीन थे और इनकी गुरु परंपरा भी एक है । नाभादास स्वामी अग्रदास के शिष्य थे जो स्वामी रामानंद की शिष्य परंपरा के प्रसिद्ध कवि थे । इनकी दो प्रमुख रचनाएँ हैं - 'भक्तमाल' और 'अष्टयाम' । नाभादास ने 'अष्टयाम' की रचना ब्रजभाषा में की है । (i) नाभादास को किस रूप में जाना जाता है ? (ii) नाभादास की रामभक्ति किससे भिन्न थी ? (iii) नाभादास किसके समकालीन थे ? (iv) अग्रदास के शिष्य कौन थे ? (v) 'अष्टयाम' की रचना नाभादास ने किस भाषा में की है ? (ख) स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जन्म सन् 1929 ई० में मध्य प्रदेश के इंदौर नामक शहर में हुआ था । इनके पिता का नाम दीनानाथ मंगेशकर था । मध्य प्रदेश के संस्कृति विभाग के द्वारा प्रत्येक वर्ष लता मंगेशकर की जयंती पर 'लता मंगेशकर सम्मान' प्रदान किया जाता है । मध्य प्रदेश सरकार की ओर से इस सम्मान की शुरुआत सन् 1984 ई० में की गई थी । 'लता मंगेशकर सम्मान' संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है । लता मंगेशकर के नाम पर सिर्फ मध्य प्रदेश की सरकार ही सम्मान नहीं देती अपितु महाराष्ट्र सरकार भी देती है । मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र सरकार की ये पहल सराहनीय है । (i) लता मंगेशकर का जन्म कब और कहाँ हुआ था ? (ii) दीनानाथ मंगेशकर किसके पिता थे ? (iii) 'लता मंगेशकर सम्मान' किसके द्वारा प्रदान किया जाता है ? (iv) 'लता मंगेशकर सम्मान' की शुरुआत कब की गई थी ? (v) 'लता मंगेशकर सम्मान' क्यों दिया जाता है ?

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. नाभादास को सगुणोपासक रामभक्त और प्रसिद्ध संत के रूप में जाना जाता है। वे भक्तिकाल के महत्त्वपूर्ण कवियों में से एक हैं।

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →
  9. Q9लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2025

    निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का है । 5 x 2 = 10 (क) प्रेमचंद हिन्दी के महान् साहित्यकार हैं । इनकी रचनाओं में भारतीय समाज और संस्कृति की झलक दिखाई पड़ती है । प्रेमचंद की रचनाएँ आदर्शोन्मुख यथार्थवाद का उदाहरण हैं । प्रेमचंद एक सफल उपन्यासकार एवं कहानीकार दोनों ही रूपों में समान रूप से चर्चित हैं । इन्हें 'कथा सम्राट' एवं 'उपन्यास सम्राट' कहकर भी पुकारा जाता है । उपन्यास एवं कहानी के क्षेत्रों में किए गये इनके अवदानों के लिए हिन्दी साहित्य सर्वदा ऋणी रहेगा । प्रेमचंद ने लगभग तीन सौ कहानियों को लिखा है । 'मानसरोवर' के आठ भागों में इनकी कहानियाँ संकलित हैं । (i) प्रेमचंद कौन हैं ? (ii) प्रेमचंद की रचनाओं में किसकी झलक दिखाई पड़ती है ? (iii) प्रेमचंद किन रूपों में चर्चित हैं ? (iv) प्रेमचंद ने लगभग कितनी कहानियों को लिखा है ? (v) प्रेमचन्द की कहानियाँ कहाँ संकलित हैं ? (ख) मिथेन एक प्राकृतिक, रंगहीन और गंधहीन गैस है । ग्रीनहाउस गैस होने के कारण यह वैश्विक तापमान में वृद्धि के लिए भी जवाबदेह है । आजकल मिथेन गैस का उपयोग ईंधन के साथ-साथ यातायात की सुविधाओं के लिए ज्यादा से ज्यादा किया जा रहा है । पशुपालन, कोयला, बिजली-घर एवं दलदल भूमि आदि मिथेन गैस के प्रमुख उत्सर्जन स्रोत हैं । मिथेन गैस को मार्श गैस के नाम से भी जाना जाता है । यह एक अत्यंत ज्वलनशील गैस है इसलिए इसको सावधानीपूर्वक उपयोग में लाना चाहिए । मिथेन गैस जल में अघुलनशील है । कोयला की खानों में मिथेन गैस के एकत्रित होने से अग्नि दुर्घटना घटित होने का भी भय रहता है । मिथेन गैस का रासायनिक सूत्र 'CH4' है । (i) मिथेन क्या है ? (ii) आजकल मिथेन गैस का उपयोग किन रूपों में किया जा रहा है ? (iii) मिथेन गैस के प्रमुख उत्सर्जन स्रोत कौन हैं ? (iv) मार्श गैस के नाम से किसे जाना जाता है ? (v) मिथेन गैस का रासायनिक सूत्र क्या है ?

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. (क) प्रेमचंद हिन्दी के महान् साहित्यकार हैं, जिन्हें 'कथा सम्राट' एवं 'उपन्यास सम्राट' कहा जाता है। (ख) मिथेन एक प्राकृतिक, रंगहीन और गंधहीन गैस है।

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →
  10. Q10लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2025

    2. निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़ कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का है । 5 x 2 = 10 (क) प्रसिद्ध वैज्ञानिक जगदीशचंद्र बसु का बचपन प्रकृति का अवलोकन करते हुए बीता । पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं से प्रेम करते हुए उनकी शिक्षा आरंभ हुई । जगदीशचंद्र बसु बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे । ये भौतिकी, जीवविज्ञान, वनस्पति विज्ञान तथा विज्ञान कथा लेखन में महारथी थे । जगदीशचंद्र बसु पहले ऐसे वैज्ञानिक थे जिसने रेडियो और सूक्ष्म तरंगों की प्रकाशिकी विषय पर कार्य किया । वनस्पति विज्ञान में भी इन्होंने कई महत्वपूर्ण खोजें की । भारत के पहले वैज्ञानिक शोधकर्ता जगदीशचंद्र बसु ही थे । इनको रेडियो विज्ञान का पिता कहा जाता है । (i) जगदीशचंद्र बसु का बचपन कैसे बीता ? (ii) बहुमुखी प्रतिभा के धनी कौन थे ? (iii) जगदीशचंद्र बसु किनमें महारथी थे ? (iv) जगदीशचंद्र बसु ने किस विषय पर कार्य किया ? (v) जगदीशचंद्र बसु को किसका पिता कहा जाता है ?

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. जगदीशचंद्र बसु का बचपन प्रकृति का अवलोकन करते हुए बीता। वे पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं से प्रेम करते थे।

    पूरा उत्तर मेधा मैम से →
  11. Q11लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2022

    निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा । "आदर्श व्यक्ति कर्मशीलता में ही अपने जीवन की सफलता समझता है । जीवन का प्रत्येक क्षण वह कर्म में लगाता है । विश्राम और विनोद के लिए उसके पास निश्चित समय रहता है । शेष समय जन सेवा में व्यतीत होता है । हाथ पर हाथ धरकर बैठने को वह मृत्यु के समान समझता है । काम करने की उसमें लगन होती है । उत्साह होता है । विपत्तियों में भी वह अपने चरित्र का सच्चा परिचय देता है । धैर्य रूपी कुदाली से वह बड़े-बड़े संकट रूपी पर्वतों को तोड़ देता है । उसकी कार्यकुशलता देखकर लोग दाँतों तले ऊँगली दबाते हैं । संतोष उसका धन है । वह परिस्थितियों का दास नहीं परिस्थितियाँ उसकी दासी हैं ।" (i) आदर्श व्यक्ति किसमें अपनी सफलता समझता है ? (ii) आदर्श व्यक्ति का शेष समय किस कार्य में व्यतीत होता है ? (iii) आदर्श व्यक्ति आराम से बैठना किसके समान समझता है ? (iv) 'संतोष' किसका धन है ? (v) कौन परिस्थितियों का दास नहीं है ?

  12. Q12लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2022

    निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा : (क) कराइए ।' केवल संसाधनों की उपलब्धि ही नहीं, वरन पारमार्थिक सत्य की सिद्धि ही सच्चे अर्थों में कल्याण है । संत सभा के सेवन तथा हरि गुण गायन से ही इसकी उपलब्धि संभव है । सफलता के लिए केवल संकल्प ही पर्याप्त नहीं है, तदनुरूप आचरण एक ऐसे दर्पण के सदृश है, जिसमें हर मनुष्य को अपना प्रतिबिंब दिखाई देता है । मनुष्य के कर्म ही उसके विचारों की सबसे अच्छी व्याख्या है । हम जिस वस्तु की कामना करते हैं, उसी से हमारे कर्म की उत्पत्ति है । (i) अच्छे बुरे का निर्माण कौन करता है ? (ii) यजुर्वेद के एक मंत्र में क्या प्रार्थना की गयी है ? (iii) किसमें हर मनुष्य को अपना प्रतिबिंब दिखाई देता है ? (iv) सच्चे अर्थ में कल्याण का क्या अर्थ है ? (v) मनुष्य के विचारों की सबसे अच्छी व्याख्या क्या है ?

  13. Q13लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2025

    (ख) मिथेन एक प्राकृतिक, रंगहीन और गंधहीन गैस है । ग्रीनहाउस गैस होने के कारण यह वैश्विक तापमान में वृद्धि के लिए भी जवाबदेह है । आजकल मिथेन गैस का उपयोग ईंधन के साथ-साथ यातायात की सुविधाओं के लिए ज्यादा से ज्यादा किया जा रहा है । पशुपालन, कोयला, बिजली-घर एवं दलदल भूमि आदि मिथेन गैस के प्रमुख उत्सर्जन स्रोत हैं । मिथेन गैस को मार्श गैस के नाम से भी जाना जाता है । यह एक अत्यंत ज्वलनशील गैस है इसलिए इसको सावधानीपूर्वक उपयोग में लाना चाहिए । मिथेन गैस जल में अघुलनशील है । कोयला की खानों में मिथेन गैस के एकत्रित होने से अग्नि दुर्घटना घटित होने का भी भय रहता है । मिथेन गैस का रासायनिक सूत्र 'CH4' है । (i) मिथेन क्या है ? (ii) आजकल मिथेन गैस का उपयोग किन रूपों में किया जा रहा है ? (iii) मिथेन गैस के प्रमुख उत्सर्जन स्रोत कौन हैं ? (iv) मार्श गैस के नाम से किसे जाना जाता है ? (v) मिथेन गैस का रासायनिक सूत्र क्या है ?

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. मिथेन एक प्राकृतिक, रंगहीन और गंधहीन गैस है। यह एक ग्रीनहाउस गैस है, इसलिए यह वैश्विक तापमान में वृद्धि के लिए भी जवाबदेह है।

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  14. Q14लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2022

    निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा । 5 × 2 = 10 (क) हमारे देश में प्रौढ़ समुदाय का एक बहुत बड़ा भाग निरक्षर एवं अशिक्षित है । उनकी यह अवस्था एक बहुत बड़ी समस्या प्रस्तुत करती है । प्रौढ़ शिक्षा के लिए हमारे यहाँ शिक्षकों का अभाव है । उम्र बढ़ जाने पर प्रौढ़ों में सीखने की इच्छा में कमी आ जाती है । कक्षा में बैठकर पढ़ने में संकोच होता है । समय के अभाव के कारण भी प्रौढ़ शिक्षा लेने में कष्ट अनुभव करते हैं । हमारे किसान एवं कामगारों का जीवन बहुत ही कठिन एवं श्रम साध्य है । उन्हें भी आराम एवं मनोरंजन की आवश्यकता होती है, जो प्रायः गाँवों में उपलब्ध नहीं है । प्रौढ़ शिक्षा केन्द्रों पर जो कुछ सिखाया तथा पढ़ाया जाता है, उसका उनके जीवन में बहुत उपयोग है । प्रौढ़ शिक्षा का नवीनीकरण तथा उसकी उपयोगिता को सामाजिक बनाना आवश्यक है । (i) हमारे देश का प्रौढ़ समुदाय कैसा है ? (ii) कैसी शिक्षा के लिए शिक्षकों का अभाव है ? (iii) किन्हें कक्षा में बैठकर पढ़ने में संकोच होता है ? (iv) हमारे देश के किसानों का जीवन कैसा है ? (v) किस शिक्षा का नवीनीकरण आवश्यक है ? (ख) देशभक्ति के गीतों की परम्परा में महेन्द्र कपूर का नाम महत्त्वपूर्ण है । जब भी हम महेन्द्र कपूर का जिक्र करते हैं, तो हमारे मन में उनकी छवि देशराग के एक अहम् गायक के रूप उभरती है । यह सच है कि देशभक्ति और परम्परागत मूल्यों के जितने लोकप्रिय अनूठे गीत महेन्द्र कपूर ने गाए हैं उतनी संख्या में उतने श्रेष्ठ गाने दूसरे गायकों ने नहीं गाए होंगे । महेन्द्र कपूर के नाम का स्मरण करते ही हमारे जेहन में एक ऐसे गायक की छवि कौंध जाती है जो मद्धिम स्वरों में भी उतनी ही खूबसूरती से गाता है जितना ऊँचे सुरों में । एक ऐसा गायक जिनकी छवि बेहद सहज और शालीन इंसान की है । वे बेहद अनुशासन के साथ अपने सुरों को साधते हैं । (i) देशभक्ति गीतों के लिए किनका नाम महत्त्वपूर्ण है ? (ii) महेन्द्र कपूर ने कैसे गीत गाए हैं ? (iii) महेन्द्र कपूर कैसे इंसान थे ? (iv) मद्धिम और ऊँचे सुरों में खूबसूरती से कौन गाता था ? (v) महेन्द्र कपूर अपने सुरों को कैसे साधते थे ?

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. (क) हमारे देश के प्रौढ़ समुदाय का एक बहुत बड़ा भाग निरक्षर एवं अशिक्षित है, और उनकी यह अवस्था एक बड़ी समस्या है। अथवा (ख) देशभक्ति के गीतों की परम्परा में महेन्द्र कपूर का नाम महत्त्वपूर्ण है; वे देशराग के एक अहम् गायक…

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  15. Q15लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2022

    निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें । प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा : (क) सत् और चरित्र इन दो शब्दों के मेल से 'सच्चरित्र' शब्द बना है । सत् का अर्थ होता है, अच्छा एवं चरित्र का तात्पर्य है आचरण, चाल-चलन, स्वभाव, गुण-धर्म इत्यादि । इस तरह सच्चरित्रता का तात्पर्य है अच्छा चाल-चलन, अच्छा स्वभाव, सदाचार इत्यादि । मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है अतः परस्पर सहयोग द्वारा ही उसका जीवन यापन सम्भव है । इसके लिए व्यक्ति में ऐसे गुणों का होना आवश्यक है जिनके द्वारा वह समाज में शान्तिपूर्वक रहते हुए देश की प्रगति में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दे सके । काम, क्रोध, लोभ, सन्ताप, निर्दयता एवं ईर्ष्या जैसे अवगुण मनुष्य के सामाजिक जीवन में अशान्ति उत्पन्न करते हैं । (i) 'सच्चरित्र' शब्द किन शब्दों के मेल से बना है ? (ii) मनुष्य कैसा प्राणी है ? (iii) कौन-से अवगुण मनुष्य के सामाजिक जीवन में अशान्ति उत्पन्न करते हैं ? (iv) मनुष्य का जीवन यापन कैसे सम्भव है ? (v) सच्चरित्रता का क्या तात्पर्य है ? (ख) हिंसा के द्वारा जनमानस में भय या आतंक पैदा करना तथा आतंक के द्वारा अपने उद्देश्यों को पूरा करना आतंकवाद है । यह उद्देश्य राजनीतिक, धार्मिक या आर्थिक ही नहीं सामाजिक या अन्य किसी भी प्रकार का हो सकता है । वैसे तो आतंकवाद के कई प्रकार हैं, किन्तु इनमें से तीन ऐसे हैं जिनसे पूरी दुनिया अत्यधिक त्रस्त है । ये तीन आतंकवाद हैं - राजनीतिक आतंकवाद, धार्मिक कट्टरता एवं गैर-राजनीतिक या सामाजिक आतंकवाद । श्रीलंका में लिट्टे समर्थकों एवं अफगानिस्तान में तालिबानी संगठनों की गतिविधियाँ राजनीतिक आतंकवाद के उदाहरण हैं । (i) आतंकवाद क्या है ? (ख) हिंसा के द्वारा जनमानस में भय या आतंक पैदा करना तथा आतंक के द्वारा अपने उद्देश्यों को पूरा करना आतंकवाद है । यह उद्देश्य राजनीतिक, धार्मिक या आर्थिक ही नहीं सामाजिक या अन्य किसी भी प्रकार का हो सकता है । वैसे तो आतंकवाद के कई प्रकार हैं, किन्तु इनमें से तीन ऐसे हैं जिनसे पूरी दुनिया अत्यधिक त्रस्त है । ये तीन आतंकवाद हैं - राजनीतिक आतंकवाद, धार्मिक कट्टरता एवं गैर-राजनीतिक या सामाजिक आतंकवाद। श्रीलंका में लिट्टे समर्थकों एवं अफगानिस्तान में तालिबानी संगठनों की गतिविधियाँ राजनीतिक आतंकवाद के उदाहरण हैं । (i) आतंकवाद क्या है ? (ii) पूरी दुनिया किससे त्रस्त है ? (iii) तीन आतंकवाद कौन-कौन हैं ? (iv) श्रीलंका में लिट्टे समर्थक किस आतंकवाद का उदाहरण हैं ? (v) अफगानिस्तान का आतंकवादी संगठन का क्या नाम है ?

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    1. (क) 'सच्चरित्र' शब्द 'सत्' और 'चरित्र' इन दो शब्दों के मेल से बना है। (ख) हिंसा के द्वारा जनमानस में भय या आतंक पैदा करना तथा आतंक के द्वारा अपने उद्देश्यों को पूरा करना आतंकवाद है।

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  16. Q16लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2021

    निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गये प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा : 5×2=10 (क) यात्रा वृतांत लेखन में राहुल सांकृत्यायन का स्थान अन्यतम है। वह यायावरी वृत्ति और फक्कड़-घुम्मकड़ प्रकृति के व्यक्तित्व रहें, अत: उनके अनेक यात्रा वृतांत जीवनानुभव से पूर्ण सत्य का उद्घाटन करते हैं। 'तिब्वत में सवा वर्ष', 'मेरी यूरोप यात्रा', 'मेरी तिब्बत यात्रा' आदि उनके इस युग के महत्त्वपूर्ण यात्रा वृतांत हैं। 'तिब्वत में सवा वर्ष' में न केवल जनजीवन की सशक्त झाँकी है, वरन् वहाँ रहकर खोजे गए ग्रंथों का भी विस्तृत विवरण मिलता है। 'मेरी यूरोप यात्रा' में यूरोप के दर्शनीय स्थानों के अतिरिक्त कैम्ब्रिज तथा ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालयों के रोचक वृत्त भी प्रस्तुत हैं। अनेक चित्रों से अलंकृत तथा डायरी शैली में लिखी गयी 'मेरी तिब्वत यात्रा' में तिब्वत के प्राकृतिक सौन्दर्य का मनोहारी निरूपण मिलता है। प्रश्न : (i) राहुल सांकृत्यायन का व्यक्तित्व कैसा था ? (ii) उनके महत्त्वपूर्ण यात्रा वृतांत कौन-कौन थे ? (iii) जन-जीवन की झाँकी किस यात्रा वृतांत में मिलती है ? (iv) किस यात्रा वृतांत में कैम्ब्रिज तथा ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालयों के रोचक वृत्त प्रस्तुत हैं ? (v) 'मेरी तिब्वत यात्रा' में किसका निरूपण किया गया है ? (ख) शिवपूजन सहाय का जन्म 9 अगस्त, 1893 ई० को बिहार के शाहाबाद जिले में हुआ था। ये हिन्दी के प्रसिद्ध उपन्यासकार, कहानीकार, सम्पादक और पत्रकार रहे हैं। इन्हें साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में 1960 ई० में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इनके लेखन की शुरुआत गुलाम भारत में होती है। भारत उस समय वाह्य और भीतरी गुलामी से घिरा था। इन्हें 'भाषा का जादूगर' भी कहा गया है। इनकी मस्ती और जिंदादिली इनके व्यक्तिगत निबंधों में दिखलाई पड़ती है। इन्हें 1962 ई० में भागलपुर विश्वविद्यालय द्वारा डी० लिट् की मानक उपाधि प्रदान की गयी। स्वतंत्रता के बाद शिवपूजन सहाय बिहार राष्ट्रभाषा परिषद के संचालक तथा बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन की ओर से प्रकाशित 'साहित्य' नामक शोध-समीक्षा-प्रधान त्रैमासिक पत्र के सम्पादक रहे। प्रश्न : (i) शिवपूजन सहाय का जन्म कब हुआ था ? (ii) इन्हें किस क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया ? (iii) इनके लेखन की शुरुआत कब होती है ? (iv) 'भाषा का जादूगर' किसे कहा गया है ? (v) स्वतंत्रता के बाद शिवपूजन सहाय किसके सम्पादक रहे ?

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. (क) राहुल सांकृत्यायन यायावरी वृत्ति और फक्कड़-घुमक्कड़ प्रकृति के व्यक्ति थे, इसलिए उनके यात्रा वृत्तांत जीवनानुभव से भरे हैं। अथवा (ख) शिवपूजन सहाय का जन्म 9 अगस्त, 1893 ई० को बिहार के शाहाबाद जिले में हुआ था।

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  17. Q17लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2021

    निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गये प्रश्नों के उत्तर दें। प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा : 5×2=10 (क) इस संसार में धन ही सबकुछ नहीं है। धन की पूजा तो बहुत कम जगहों में होती देखी गई है। संसार का इतिहास उठाकर देखिए और उदाहरण ढूँढ़-ढूँढ़कर सामने रखिए, तो आपको विदित हो जाएगा कि जिनकी हम उपासना करते हैं, जिनके लिए हम आँखें बिछाने तक को तैयार रहते हैं, जिनकी स्मृति तरोताजा रखने के लिए हम अनेक तरह के स्मारक चिह्न बनाकर खड़े करते हैं, उन्होंने रुपया कमाने में अपना समय नहीं बिताया था, बल्कि उन्होंने कुछ ऐसे काम किए थे, जिनकी महत्ता हम रुपए से अधिक मूल्यवान समझते हैं। जिन लोगों के जीवन का उद्देश्य केवल रुपया बटोरना है, उनकी प्रतिष्ठा कम हुई है। अधिकांश अवस्थाओं में उन्हें किसी ने पूछा तक नहीं। उन्होंने जन्म लिया, रुपया कमाया और परलोक की यात्रा की। किसी ने जाना तक नहीं कि वे कौन थे और कहाँ गए। मानव समाज स्वार्थी अवश्य है, पर वह स्वार्थ की उपासना करना नहीं जानता। अंत में वे ही पूजे जाते हैं, जिन्होंने अपने जीवन को अर्पित करते समय सच्चे मनुष्यत्व का परिचय दिया है। प्रश्न : (i) संसार में किस प्रकार के मनुष्य की पूजा होती है ? (ii) किनकी प्रतिष्ठा कम हुई है ? (iii) कैसे व्यक्ति की समाज उपासना करता है ? (iv) संसार में धन के पुजारियों की क्या गति होती है ? (v) इस गद्यांश का उचित शीर्षक दें। (ख) भारत में हरित क्रांति का मुख्य उद्देश्य देश को खाद्यान्न मामले में आत्मनिर्भर बनाना था। इस बात की आशंका किसी को नहीं थी कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अंधाधुंध इस्तेमाल न सिर्फ खेतों में, बल्कि खेतों से बाहर मंडियों तक में होने लगेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग खाद्यान्न की गुणवत्ता के लिए सही नहीं हैं, लेकिन जिस रफ्तार से देश की आबादी बढ़ रही है, उसके मद्देनजर फसलों की अधिक पैदावार जरूरी थी। समस्या सिर्फ रासायनिक खादों के प्रयोग की ही नहीं है। देश के ज्यादातर किसान परंपरागत कृषि से दूर होते जा रहे हैं। दो दशक पहले तक हर किसान के यहाँ गाय, बैल और भैंस खूँटों से बँधे मिलते थे। अब इन मवेशियों की जगह ट्रैक्टर-ट्रॉली ने ले ली है। परिणामस्वरूप गोबर और घूरे की राख से बनी कंपोस्ट खाद खेतों में गिरनी बंद हो गई। पहले चैत-वैशाख में गेहूँ की फसल कटने के बाद किसान अपने खेतों में गोबर, राख और पत्तों से बनी जैविक खाद डालते थे। इससे न सिर्फ खेतों की उर्वरा शक्ति बरकरार रहती थी, बल्कि इससे किसानों को आर्थिक लाभ के अलावा बेहतर गुणवत्ता वाली फसल भी मिलती थी। प्रश्न : (i) हमारे देश में हरित क्रांति का उद्देश्य क्या था ? (ii) खाद्यान्नों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए किनका प्रयोग सही नहीं था ? (iii) विशेषज्ञ हरित क्रांति की सफलता के लिए क्या आवश्यक मानने लगे और क्यों ? (iv) हरित क्रांति ने किसानों को परम्परागत कृषि से किस तरह दूर कर दिया ? (v) जैविक खाद का मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर क्या असर पड़ता है ?

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. (क) संसार में उन मनुष्यों की पूजा होती है जिन्होंने रुपया कमाने में अपना समय नहीं बिताया, बल्कि ऐसे काम किए जिनकी महत्ता हम रुपये से अधिक मूल्यवान समझते हैं। अथवा (ख) हमारे देश में हरित क्रांति का मुख्य उद्देश्य देश को…

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  18. Q18लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2021

    निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़कर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दें। 5x2=10 (क) आकाशगंगा तारों का महापरिवार है। शायद नदी की धारा की तरह दिखाई पड़ने के कारण ही इसका नाम आकाशगंगा पड़ा होगा। आकाश में कई आकाशगंगा हैं, लेकिन पृथ्वी से केवल एक ही आकाशगंगा दिखाई पड़ती है, जिसका नाम 'स्पाइरल गैलेक्सी' है। हमारी आकाशगंगा पहिए की आकृति वाली है, जिसके केन्द्र से तारक मछली की भाँति भुजाएँ निकलती प्रतीत होती हैं। आकाशगंगा में लगभग 20 अरब तारे हैं। उनमें तो अनेक तारे सूर्य ग्रह से कई गुना बड़े हैं। पृथ्वी से समतल पट्टी जैसी दिखने वाली इस आकाशगंगा को ऊपर या ठीक नीचे देखा जाए तो यह बीच में उभार लिए प्लेट की तरह दिखेगी। इस आकाशगंगा के केन्द्र में तारों का भारी जमघट है। प्रश्न : (i) आकाशगंगा नाम क्यों पड़ा ? (ii) पृथ्वी से कितनी आकाशगंगा दिखाई पड़ती है ? उसका नाम क्या है ? (iii) आकाशगंगा में कितने तारे हैं ? (iv) आकाशगंगा के केंद्र में किसका जमघट है ? (v) सूर्य क्या हैं ? (ख) [passage]

  19. Q19लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2021

    निम्नलिखित गद्यांशों में से किसी एक गद्यांश को पढ़कर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दें। 5x2=10 (क) अच्छा नागरिक बनने के लिए भारत के प्राचीन विचारकों ने कुछ नियमों का प्रावधान किया है। इनमें वाणी और व्यवहार की शुद्धि, कर्त्तव्य और अधिकार का समुचित निर्वाह, शुद्धतम पारस्परिक सद्भव, सहयोग सेवा की भावना आदि नियम महत्त्वपूर्ण माने गए हैं। ये सभी नियम यदि एक व्यक्ति के चारित्रिक गुणों में अनिवार्य माने जाएँ तो उसका अपना जीवन भी सुखी और आनंदमय हो सकता है। इन सभी गुणों का विकास एक बालक में यदि बाल्यावस्था में ही किया जाए तो वह अपने देश का सर्वश्रेष्ठ नागरिक बन सकता है। इन गुणों के कारण वह अपने परिवार, आस-पड़ोस, विद्यालय में अपने सहपाठियों एवं अध्यापकों के प्रति यथोचित व्यवहार कर सकेगा। वाणी एवं व्यवहार की मधुरता सभी के लिए सुखदायी होती है, समाज में हार्दिक सद्भाव की वृद्धि करती है, किंतु अहंकारहीन व्यक्ति ही स्निग्ध वाणी और शिष्ट व्यवहार का प्रयोग कर सकता है। अहंकारी और दंभी व्यक्ति सदा अशिष्ट वाणी और व्यवहार का अभ्यासी होता है। जिसका परिणाम यह होता है कि ऐसे आदमी के व्यवहार से समाज में शांति और सौहार्द का वातावरण नहीं बनता। जिस प्रकार एक व्यक्ति समाज में रहकर अपने व्यवहार से कर्त्तव्य और अधिकार के प्रति सजग रहता है उसी तरह देश के प्रति भी उसका व्यवहार कर्त्तव्य, अधिकार की भावना से भावित रहना चाहिए। उसका कर्त्तव्य हो जाता है कि न तो वह स्वयं ऐसा काम करे और न ही दूसरों को करने दे, जिससे देश के सम्मान, सम्पत्ति और स्वाभिमान को ठेस पहुँचे। समाज एवं देश में शांति बनाए रखने के लिए धार्मिक सहिष्णुता भी बहुत आवश्यक है। यह वृत्ति तभी आ सकती है जब व्यक्ति संतुलित व्यक्तित्व का हो। प्रश्न : (i) समाज एवं राष्ट्रहित में नागरिक के लिए कैसे गुणों की अपेक्षा की जाती है ? (ii) चारित्रिक गुण किसी व्यक्ति के निजी जीवन में किस प्रकार उपयोगी हो सकते हैं ? (iii) वाणी और व्यवहार की मधुरता सबके लिए सुखदायक क्यों मानी गयी है ? (iv) मधुर वाणी और शिष्ट व्यवहार कौन कर सकता है, कौन नहीं और क्यों ? (v) देश के प्रति व्यक्ति का व्यवहार और कर्तव्य कैसा होना चाहिए ? (ख) [passage]

  20. Q20लघु उत्तरीय10 अंकपूछा गया: 2025

    (ख) मेजर ध्यानचंद भारतीय हॉकी के भूतपूर्व खिलाड़ी एवं कप्तान थे। इनकी गिनती विश्व के सर्वश्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ियों में की जाती है। मेजर ध्यानचंद को 'हॉकी का जादूगर' भी कहा जाता है। भारत को ओलंपिक खेलों में तीन स्वर्ण पदक दिलाने में इनकी अहम भूमिका रही है। मेजर ध्यानचंद को भारत सरकार ने देश के तीनों सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' प्रदान किया। इनके सम्मान में भारत सरकार ने स्मारक डाक टिकट भी जारी किया है। मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस को 'राष्ट्रीय खेल दिवस' के रूप में मनाया जाता है। भारत का सर्वोच्च खेल पुरस्कार 'खेल रत्न' उनके नाम पर ही दिया जाता है। (i) मेजर ध्यानचंद कौन थे? (ii) मेजर ध्यानचंद की गिनती किसमें की जाती है? (iii) 'हॉकी का जादूगर' किसको कहा जाता है? (iv) मेजर ध्यानचंद की अहम भूमिका किसमें रही है? (v) भारत सरकार ने मेजर ध्यानचंद को कौन-सा नागरिक सम्मान प्रदान किया?

    आदर्श उत्तर की पहली पंक्ति

    1. (i) मेजर ध्यानचंद भारतीय हॉकी के भूतपूर्व खिलाड़ी एवं कप्तान थे।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार बोर्ड 10वीं हिंदी में "अपठित गद्यांश" से कितने अंक आते हैं?
2021 से 2026 के बिहार बोर्ड के पेपरों में इस अध्याय से औसतन लगभग 21 अंक और लगभग 2 प्रश्न हर साल पूछे गए; हिंदी में अंकों के हिसाब से यह 1वाँ अध्याय है।
"अपठित गद्यांश" के VVI प्रश्न कौन से हैं?
ऊपर दिए गए 20 प्रश्न बोर्ड के असली पेपरों से हैं, जिस-जिस साल पूछे गए उस साल के साथ; जो सबसे ज़्यादा बार पूछे गए वे पहले हैं और उनके आदर्श उत्तर पूरे दिए गए हैं। इस अध्याय के कुल 20 लिखित प्रश्न और उनके उत्तर AskMedha ऐप में हैं।
क्या ये उत्तर बोर्ड की marking scheme के अनुसार हैं?
BSEB अपनी marking scheme प्रकाशित नहीं करता। हर उत्तर पिछले पेपरों से निकाली गई अंक-संरचना पर बिंदुवार लिखा गया है और एक दूसरे, स्वतंत्र मॉडल से जाँचा गया है; इसे बोर्ड की आधिकारिक scheme नहीं कहा जाता।

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