CBSE Class 10 · Sanskrit · board exam 2027
Chapter 6: वाच्यम् — notes
The chapter’s 6 parts in the book’s order — the first idea of each and the points Medha Ma’am writes on the board — and the summary at the end. The full lesson and a check question for each part are in the app.
1. वाच्यम् क्या है - एक ही बात कहने के दो ढंग
देखिए, एक ही बात को कहने के दो ढंग हो सकते हैं।
- • कथनस्य काऽपि विशिष्टा विधा वाच्यम् इति कथ्यते।
- • उदाहरण: बालक: पाठं पठति। (कर्ता प्रधान)
- • परिवर्तन: बालके न पाठ: पठ्यते। (कर्म प्रधान)
- • अर्थ एक ही, शैली भिन्ना।
2. वाच्यम् के तीन भेद
देखिए, वाच्यम् के तीन भेद होते हैं।
- • वाच्यं त्रिविधं भवति—
- • 1. कर्तृवाच्यं
- • 2. कर्मवाच्यं
- • 3. भाववाच्यं
- • उदाहरण: बालिका नृत्यति। → बालिकया नृत्यते।
3. कर्तृवाच्यम् - कर्ता की प्रधानता
देखिए, यह है कर्तृवाच्यम्।
- • कर्तृवाच्ये कर्त्ता प्रधान: भवति।
- • कर्तरि प्रथमा विभक्ति:।
- • कर्मणि द्वितीया विभक्ति:।
- • क्रियारूपं कर्तृपदानुसारं प्रचलति।
- • उदाहरण: बालक: पाठं पठति।
4. कर्मवाच्यम् - कर्म की प्रधानता
देखिए, अब बात करते हैं कर्मवाच्यम् की।
- • कर्मवाच्ये कर्मण: प्रधानता भवति।
- • कर्मणि प्रथमा विभक्ति:।
- • कर्त्तरि तृतीया विभक्ति:।
- • क्रियारूपं कर्मपदानुसारं भवति।
- • उदाहरण: छात्रेण लेख: लिख्यते।
- • उदाहरण: अस्माभि: कार्यं क्रियते।
5. भाववाच्यम् - जहाँ कर्म नहीं होता
अच्छा, अब भाववाच्यम् देखते हैं।
- • अकर्मकधातुषु भाववाच्ये परिवर्तनं भवति।
- • भाववाच्ये क्रिया प्रथमपुरुषे एकवचने भवति।
- • कुछ अकर्मक धातु: लज्ज्, भू, अस्, स्था, जागृ, स्वप्, क्रीड्, रम्, ज्वल् आदि।
- • उदाहरण: अहं स्वपिमि। → मया सुप्यते।
- • उदाहरण: धावक: धावति। → धावके न धाव्यते।
6. कुछ क्रियारूपों का परिवर्तन - अभ्यास के लिए
चलिए, अब कुछ और क्रियारूप देखते हैं।
- • पठति → पठ्यते
- • लिखति → लिख्यते
- • स्वपिति → सुप्यते
- • पश्यति → दृश्यते
- • गच्छति → गम्यते
- • उदाहरण: स: कथां कथयति। → तेन कथा कथ्यते।
Summary
बच्चो, आज हमने एक नई चीज़ सीखी। देखिए, एक ही बात को कहने के अलग-अलग तरीके को वाच्यम् कहते हैं। और यह वाच्यम् तीन तरह का होता है — कर्तृवाच्यं, कर्मवाच्यं, और भाववाच्यम्। पहले कर्तृवाच्ये की बात कीजिए — इसमें कर्ता यानी काम करने वाला मुख्य होता है, और वह प्रथमा विभक्ति में आता है। क्रिया भी उसी कर्ता के हिसाब से चलती है। अब कर्मवाच्ये में क्या होता है? इसमें कर्म मुख्य बन जाता है, और वही प्रथमा में आता है। कर्ता यहाँ पीछे हट जाता है, और तृतीया विभक्ति में चला जाता है। फिर आया भाववाच्यम् — यह सिर्फ अकर्मक धातुओं के साथ आता है, यानी जिन क्रियाओं का कोई कर्म नहीं होता। इसमें क्रिया हमेशा प्रथमपुरुषे, एकवचने ही रहती है — कर्ता चाहे कोई भी हो, क्रिया नहीं बदलती। और अंत में, हमने कुछ क्रियारूप लेकर देखा कि यह बदलाव असल में होता कैसे है, ताकि यह नियम आपके दिमाग़ में अच्छे से बैठ जाए। अच्छा बताइए — अगर कर्ता बदल जाए, तो भाववाच्ये में क्रिया पर क्या असर पड़ेगा?
AskMedha · Medha Ma’am — CBSE Class 10 Sanskrit, Chapter 6. Written from the textbook, checked twice.
Questions parents and students ask
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- From the chapter’s own textbook text, part by part, in the book’s own terms; a second, independent model then checked every part against the book. The full lesson, a check question for each part and the practice are in the AskMedha app.
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Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.