CBSE Class 10 · Hindi B · board exam 2027
Chapter 6: कर चले हम फ़िदा (कैफ़ी आज़मी) — notes
The chapter’s 5 parts in the book’s order — the first idea of each and the points Medha Ma’am writes on the board — and the summary at the end. The full lesson and a check question for each part are in the app.
1. कवि कैफ़ी आज़मी का परिचय
देखिए बोर्ड पर, कैफ़ी आज़मी का असली नाम था अतहर हुसैन रिज़वी।
- • कैफ़ी आज़मी का असली नाम: अतहर हुसैन रिज़वी
- • जन्म: 19 जनवरी 1919, मजमां गाँव, आज़मगढ़
- • प्रगतिशील उर्दू कवियों में अग्रणी
- • रचनाएँ: झंकार, आखिर-ए-शब, आवारा सजदे, सरमाया, मेरी आवाज़ सुनो
- • पुरस्कार: साहित्य अकादमी पुरस्कार आदि
- • देहांत: 10 मई 2002
2. पाठ की पृष्ठभूमि और सैनिक का जीवन
देखिए, ज़िंदगी हर प्राणी को प्रिय होती है।
- • ज़िंदगी हर प्राणी को प्रिय
- • जीव अपने प्राण बचाने को मुकाबला करते हैं
- • सैनिक का जीवन इससे उलट: औरों के लिए लड़ता है
- • सैनिक की मौत की संभावना सबसे अधिक
- • गीत फ़िल्म 'हकीकत' के लिए लिखा गया
- • सैनिकों की देशवासियों से अपेक्षाएँ
3. वतन अब तुम्हारे हवाले — बलिदान का भाव
गीत में सैनिक कहते हैं कि हमने अपनी जान और तन वतन पर न्योछावर कर दिए, अब वतन तुम्हारे हवाले यानी तुम्हें सौंपा जाता है।
- • 'कर चले हम फ़िदा जानो-तन' = जान-तन न्योछावर
- • 'अब तुम्हारे हवाले वतन' = देश तुम्हें सौंपा
- • साँस थमना, नब्ज़ जमना = मृत्यु निकट, फिर भी कदम न रुके
- • सिर हिमालय का = देश का स्वाभिमान, मान
- • मरते-मरते बाँकपन बना रहा
- • जान देने की रुत रोज़ नहीं आती
- • धरती दुल्हन बनी = बलिदान से सजी धरती
4. कुर्बानियों का काफ़िला आगे बढ़ाना
देखिए, सैनिक अपने साथियों से एक बात कहते हैं।
- • कुर्बानियों की राह वीरान न हो
- • नए काफ़िले सजाते रहना = बलिदान परंपरा जारी रखना
- • फ़तह का जश्न बलिदान के बाद ही आता है
- • ज़िंदगी मौत से गले मिल रही है
- • सर से कफ़न बाँधना = मरने को सदा तैयार रहना
5. राम-लक्ष्मण का प्रतीक और अंतिम आह्वान
गीत के अंत में सैनिक अपने साथियों से कहते हैं कि अपने खून से ज़मीन पर एक लकीर खींच दो, जैसे लक्ष्मण ने सीता की रक्षा के लिए रेखा खींची थी, ताकि इस तरफ़ कोई रावन न आ सके।
- • खून से ज़मीं पर लकीर खींचना = रक्षा की सीमा तय करना
- • इस तरफ़ रावन न आए = देश पर आक्रमण न हो
- • हाथ उठने पर हाथ तोड़ देना = अन्याय का प्रतिकार
- • सीता का दामन न छुए कोई = देश की आबरू बचाना
- • राम भी तुम, लक्ष्मण भी तुम = रक्षा की पूरी ज़िम्मेदारी तुम पर
- • दोहराव: 'अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो'
Summary
चलिए, अब जो पढ़ा उसे एक बार साथ दोहराते हैं। सबसे पहले हमने कैफ़ी आज़मी का परिचय जाना, और उनकी रचनाओं के बारे में भी। याद है न, वे उर्दू की प्रगतिशील धारा में लिखते थे, और साथ ही फ़िल्मों के लिए भी गीत लिखा करते थे। फिर हमने समझा कि एक सैनिक का जीवन आम इंसानों से कैसे अलग होता है। सैनिक अपने लिए नहीं जीता, वह औरों की ज़िंदगी और आज़ादी के लिए मौत को भी गले लगा लेता है। इसके बाद हमने 'कर चले हम फ़िदा' गीत पढ़ा। इसमें सैनिकों के बलिदान की बात है, उनके स्वाभिमान की बात है, और इस भावना की भी कि उनका सिर हिमालय की तरह कभी झुकने नहीं देना। फिर हमने जाना कि सैनिक किस तरह कुर्बानियों की इस राह को आगे बढ़ाते रहने का आह्वान करते हैं, और हर पल बलिदान के लिए तैयार रहने की बात कहते हैं। और अंत में, राम-लक्ष्मण के प्रतीक से हमें एक संदेश मिला — अब देश की रक्षा की पूरी ज़िम्मेदारी हम सबकी है, यानी हर देशवासी की, क्योंकि वतन अब हमारे हवाले कर दिया गया है। अच्छा बताइए, इस पूरे पाठ में आपको सबसे अच्छी कौन-सी बात लगी?
Ask Medha · Medha Ma’am — CBSE Class 10 Hindi B, Chapter 6. Written from the textbook, checked twice.
Questions parents and students ask
- How do I get the "कर चले हम फ़िदा (कैफ़ी आज़मी)" notes as a PDF?
- Press "Save as PDF" — the phone’s print sheet opens; choose "Save as PDF" there. The PDF holds the notes only.
- Where are these notes written from?
- From the chapter’s own textbook text, part by part, in the book’s own terms; a second, independent model then checked every part against the book. The full lesson, a check question for each part and the practice are in the Ask Medha app.
The same preparation, with Medha Ma’am — on your phone
Every question of every chapter with its model answer, practice questions in the board’s own shapes, 45 minutes of class a day, written answers marked, a test every Sunday and a WhatsApp report to parents.
Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.