CBSE Class 10 · Hindi B · board exam 2027
Chapter 2: सपनों के-से दिन (गुरदयाल सिंह)
This chapter’s questions from CBSE’s real papers of 2023–2026 — the 18 asked most often, 3 with the full model answer, 15 with how the answer begins — and objective questions with the board’s key.
- marks a year (about)
- 1
- questions a year (about)
- 1
- rank in Hindi B
- #21
From 4 years of papers, 2023–2026 · full chapter-wise marks
Important questions — the ones the board asked most (18)
- Q1Short answer3 marksAsked: 2026
‘परचूनिये, आढ़तिये भी अपने बच्चों को स्कूल भेजना ज़रूरी न समझते’ - ‘सपनों के से दिन’ पाठ से उद्धृत प्रस्तुत पंक्ति के संदर्भ में लिखिए कि तत्कालीन समय में शिक्षा के प्रति लोगों का क्या दृष्टिकोण था और इसका क्या कारण हो सकता है ?

Medha Ma’am
AskMedha’s AI teacher
Model answer · Attitude towards education then
- 1.उस समय लोग शिक्षा के प्रति उदासीन थे। परचूनिये (छोटे दुकानदार) और आढ़तिये जैसे पैसे वाले व्यापारी भी अपने बच्चों को स्कूल भेजना ज़रूरी नहीं समझते थे। इसका कारण यह था कि वे विद्यालयी शिक्षा को समय और धन की बर्बादी मानते थे। इन परिवारों की पृष्ठभूमि व्यापारिक थी। लेखक के आधे से अधिक साथी उन परिवारों से थे जो राजस्थान या हरियाणा से आकर मंडी में व्यापार या दुकानदारी करते थे। ऐसे परिवार सोचते थे कि बच्चा दुकान पर बैठकर हिसाब-किताब और व्यापार का काम सीख ले, इतना ही काफ़ी है। इसलिए कई बच्चे थोड़ा पढ़कर ही अपने माँ-बाप के साथ काम कराने लगते थे।3 marks
- दृष्टिकोण के लिए साफ़ लिखिए कि लोग "शिक्षा के प्रति उदासीन थे"।
- कारण में दोनों बातें लिखिए: विद्यालयी शिक्षा को "समय और धन की बर्बादी" मानना और परिवारों की व्यापारिक पृष्ठभूमि।
Marks split as in the board’s published marking scheme
- Q2Short answer3 marksAsked: 2026
'कठोर से दिखाई देने वाले पीटी मास्टर के भीतर भी कोमल हृदय धड़कता था ।' 'सपनों के-से दिन' पाठ के आधार पर इस कथन की उदाहरण सहित पुष्टि कीजिए

Medha Ma’am
AskMedha’s AI teacher
Model answer · PT master's character
- 1.पीटी मास्टर प्रीतमचंद बाहर से कठोर थे। वे स्कूल में कभी मुसकराते नहीं थे और बच्चों को मार-मारकर उनकी चमड़ी उधेड़ देते थे। फिर भी उनके भीतर कोमल हृदय धड़कता था। स्काउटिंग की परेड के दौरान बच्चे अच्छा प्रदर्शन करते, तो वे उन्हें 'शाबाश' कहकर शाबाशी देते थे। मुअत्तल होने के बाद भी वे पिंजरे में पाले हुए अपने दो तोतों को दिन में कई बार भिगोकर रखे बादामों की गिरियों का छिलका उतारकर खिलाते थे। वे उन तोतों से मीठी-मीठी बातें भी करते थे। इन उदाहरणों से सिद्ध होता है कि उनके कठोर स्वभाव के पीछे स्नेह और कोमलता छिपी थी।3 marks
- परेड के दौरान अच्छे प्रदर्शन पर बच्चों को 'शाबाश' कहकर शाबाशी देने वाला उदाहरण लिखें।
- तोतों वाले उदाहरण में दोनों बातें लिखें: "बादामों की गिरियों का छिलका उतारकर खिलाते थे" और "मीठी-मीठी बातें भी करते थे"।
- उनकी कठोरता केवल एक-दो वाक्यों में बताकर सीधे कोमलता के उदाहरण पर आएँ।
Marks split as in the board’s published marking scheme
- Q3Short answer3 marksAsked: 2026
‘सपनों के-से दिन’ पाठ में लेखक और उनके अधिकांश साथियों को पढ़ाई करने और विद्यालय जाने में रुचि नहीं थी । क्या वर्तमान में आपके तथा आपके साथियों के साथ ऐसा ही है ? कारण सहित उत्तर लिखिए

Medha Ma’am
AskMedha’s AI teacher
Model answer · comparison, past and present attitude to school/studies
- 1.‘सपनों के-से दिन’ पाठ में लेखक और उनके अधिकांश साथियों को पढ़ाई करने और विद्यालय जाने में रुचि नहीं थी, परंतु वर्तमान में हमारे और हमारे साथियों के साथ इससे भिन्न स्थिति है। आज विद्यार्थियों की विद्यालय जाने और पढ़ाई करने में रुचि पहले से कहीं अधिक है क्योंकि अब शिक्षा के महत्व और करियर के प्रति जागरूकता बहुत बढ़ गई है। विद्यार्थी यह समझने लगे हैं कि अच्छे भविष्य और सफल करियर के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है, इसलिए वे पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।1 mark
- 2.आज के विद्यालय का वातावरण खेलकूद, आधुनिक तकनीक और रोचक गतिविधियों के कारण अधिक आकर्षक और आनंददायक हो गया है। विद्यालयों में अब कंप्यूटर, प्रोजेक्टर जैसी आधुनिक तकनीक का प्रयोग होता है जिससे पढ़ाई रोचक बन जाती है। इसके साथ ही खेलकूद और विभिन्न सह-शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलता है और उन्हें विद्यालय की सुविधाएँ भी आकर्षित करती हैं, जिससे वे विद्यालय जाना पसंद करते हैं।1 mark
- 3.पाठ में वर्णित भय और कठोर अनुशासन के स्थान पर वर्तमान में विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच मित्रवत संबंध विकसित हुए हैं। अब शिक्षक विद्यार्थियों के साथ कठोरता से पेश नहीं आते बल्कि उन्हें समझाकर और प्रेम से पढ़ाते हैं, जिससे विद्यालय का वातावरण भयमुक्त हो गया है। इस मित्रवत संबंध के कारण विद्यार्थी बिना किसी डर के अपनी समस्याएँ साझा कर पाते हैं, इसलिए वर्तमान स्थिति पाठ में वर्णित स्थिति से पूरी तरह भिन्न है।1 mark
- पहले पैराग्राफ़ में 'शिक्षा का महत्व', 'करियर' और 'जागरूकता' शब्द अवश्य लिखें।
- दूसरे पैराग्राफ़ में 'आधुनिक तकनीक' और 'रोचक गतिविधियाँ' शब्दों का प्रयोग करें।
- तीसरे पैराग्राफ़ में 'मित्रवत संबंध' और 'भयमुक्त' शब्द लिखना न भूलें।
Marks split from a structure derived from past papers (checked twice); not CBSE’s official scheme
- Q4Short answer3 marksAsked: 2026
'विद्यालय में पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों का समावेश पढ़ाई को रुचिकर बनाता है।' 'सपनों के-से दिन' पाठ के आधार पर तर्कसम्मत उत्तर लिखिए
How the model answer begins
1. 'सपनों के-से दिन' पाठ के अनुसार विद्यालय में पढ़ाई के साथ खेलकूद, मेला देखने जाना, कबड्डी, खो-खो आदि गतिविधियाँ भी महत्वपूर्ण मानी जाती थीं, जो छात्रों में पढ़ाई के प्रति उत्साह और रुचि जगाती थीं। स्काउटिंग के अभ्यास के…
The full answer from Medha Ma’am → - Q5Short answer3 marksAsked: 2026
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक के विद्यालय में विद्यार्थियों को अनुशासित रखने के लिए कठोर दंड दिया जाता था जबकि वर्तमान में ऐसे तरीकों के उपयोग पर निषेध है । ऐसे में विद्यार्थियों को अनुशासित रखने के लिए आप क्या सुझाव देंगे ?
How the model answer begins
1. विद्यार्थियों को अनुशासित रखने के लिए सबसे पहला सुझाव यह है कि उन्हें उनके दायित्वों और कार्यों के प्रति जागरूक करके उनमें आत्म-अनुशासन विकसित किया जाए। उनके साथ भय से नहीं बल्कि प्रेम और सहानुभूति से व्यवहार किया जाए…
The full answer from Medha Ma’am → - Q6Short answer3 marksAsked: 2026
'सपनों के से दिन' के लेखक और उनके साथी द्वारा ओमा को अपना नेता मानने के क्या कारण थे ? क्या आप भी ओमा जैसे किसी को अपना आदर्श बनाना चाहेंगे ? तर्कसम्मत उत्तर लिखिए
How the model answer begins
1. ओमा हमारे सब साथियों में सबसे गरीब और कमज़ोर था, फिर भी वह सबसे निडर और साहसी था। वह किसी भी मास्टर की पिटाई या डाँट-फटकार की ज़रा भी परवाह नहीं करता था।
The full answer from Medha Ma’am → - Q7Short answer3 marksAsked: 2025
'सपनों के-से दिन' पाठ में अंग्रेजों द्वारा गाँव के नवयुवकों को फ़ौज में भर्ती करने के लिए नौटंकी द्वारा उन्हें आकर्षित करने का उल्लेख किया गया है। वर्तमान समय में प्रचार-प्रसार के तरीकों में क्या परिवर्तन आया है ?
How the model answer begins
1. वर्तमान समय में प्रचार-प्रसार के तरीकों में बहुत परिवर्तन आ गया है। अब किसी भी बात का प्रचार करने के लिए नौटंकी जैसे पुराने तरीकों की आवश्यकता नहीं रहती, बल्कि टेलीविज़न और रेडियो के माध्यम से प्रचार-प्रसार होने लगा है।…
The full answer from Medha Ma’am → - Q8Short answer3 marksAsked: 2025
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक और उसके मित्रों ने अपने एक सहपाठी का नाम 'रेलम्बबा' किस आधार पर रखा हुआ था ? इस तरह का नामकरण आपने भी अपने किसी मित्र का किया होगा, उसका उल्लेख करते हुए, नामकरण का आधार स्पष्ट कीजिए
How the model answer begins
1. लेखक के सहपाठी का नाम 'रेलम्बबा' उसके लंबे कद और रेलगाड़ी के डिब्बों की तरह लंबी काया के कारण रखा गया था। वह लड़का इतना लंबा था कि चलते समय उसका शरीर रेलगाड़ी के डिब्बों की भाँति लंबा-सा प्रतीत होता था और उसका चलने का…
The full answer from Medha Ma’am → - Q9Short answer3 marksAsked: 2025
'सपनों के-से दिन' पाठ के आधार पर गाँव वालों की शिक्षा के प्रति अरुचि का पता चलता है। वर्तमान समाज में शिक्षा के प्रति लोगों के दृष्टिकोण में क्या परिवर्तन आया है ? स्पष्ट कीजिए
How the model answer begins
1. पाठ के आधार पर गाँव वाले शिक्षा को समय की बर्बादी मानते थे और बच्चों को पढ़ाई से अधिक खेती-बाड़ी व घरेलू काम में लगाना उचित समझते थे। वे शिक्षा को केवल नौकरी पाने का साधन मानते थे और इसी कारण शिक्षक की पिटाई पर भी कोई…
The full answer from Medha Ma’am → - Q10Short answer3 marksAsked: 2025
'कठोर से कठोर दिखाई देने वाले व्यक्ति के हृदय में भी कोमल भावनाएँ विद्यमान होती हैं ।' 'सपनों के-से दिन' पाठ के आधार पर सिद्ध कीजिए
How the model answer begins
1. 'सपनों के-से दिन' पाठ में पी.टी. मास्टर प्रीतमचंद बहुत कठोर दिखाई देते थे। बच्चों की ज़रा-सी गलती पर वे बाघ की तरह झपटते थे, ठुड्डे मारते थे और 'खाल खींचने' जैसी कड़ी सज़ा देते थे। फ़ारसी के शब्द न सुना पाने पर उन्होंने…
The full answer from Medha Ma’am → - Q11Short answer3 marksAsked: 2024
'सपनों के से दिन' पाठ के लेखक और उसके साथी किस प्रकार गर्मियों की छुट्टियाँ बिताया करते? आप गर्मी की छुट्टियों में क्या करते हैं, लिखिए
How the model answer begins
1. लेखक और उसके साथी गर्मियों की छुट्टियों में प्रायः अपने घर से बाहर तालाब पर चले जाते थे। वे कपड़े उतारकर पानी में कूद जाते और कुछ समय बाद भागते हुए रेतीले टीले पर जाकर रेत के ऊपर लेट जाते थे। इस प्रकार वे आम के बाग और…
The full answer from Medha Ma’am → - Q12Short answer3 marksAsked: 2024
‘सपनों के से दिन’ पाठ के आधार पर लिखिए कि बच्चों का खेलकूद में अधिक रुचि लेना अभिभावकों को अप्रिय क्यों लगता है ? पढ़ाई के साथ खेलों का छात्र जीवन में क्या महत्त्व है ? इससे किन जीवन-मूल्यों की प्रेरणा मिलती है ?
How the model answer begins
1. बच्चों का खेलकूद में अधिक रुचि लेना अभिभावकों को इसलिए अप्रिय लगता है क्योंकि खेलों में अत्यधिक रुचि के कारण पढ़ाई की उपेक्षा होती है। पाठ में भी बच्चे स्कूल के कमरे में बैठकर पढ़ने को 'कैद' समझते थे और खेल में ही डूबे…
The full answer from Medha Ma’am → - Q13Short answer3 marksAsked: 2024
‘सपनों के से दिन’ पाठ में अंग्रेजों द्वारा गाँव के लोगों को सेना में भर्ती करने के लिए नौटंकी का सहारा लिया गया । वर्तमान समय में प्रचार-प्रसार के साधनों में, तरीकों में क्या अंतर आया है ?
How the model answer begins
1. वर्तमान समय में तकनीक की मदद से प्रचार-प्रसार के साधनों में अप्रत्याशित प्रगति हुई है। पाठ में अंग्रेज़ अफसर नौटंकी वालों के साथ गाँव आते थे। वे रात को खुले मैदान में फ़ौज के सुख-आराम और बहादुरी के दृश्य दिखाते थे, पर…
The full answer from Medha Ma’am → - Q14Short answer3 marksAsked: 2024
'सपनों के-से दिन' पाठ में लेखक को बचपन में प्रकृति कैसी प्रतीत होती थी ? उस समय लेखक फूलों के साथ कैसा व्यवहार करता था ?
How the model answer begins
1. लेखक को बचपन में प्रकृति बहुत सुंदर और मनमोहक लगती थी। बचपन में घास अधिक हरी और फूलों की सुगंध अधिक मनमोहक लगती थी। स्कूल की छोटी क्यारियों में उगे गुलाब, गेंदा और मोतिया की दूध-सी सफ़ेद कलियाँ उसे बेहद पसंद थीं,…
The full answer from Medha Ma’am → - Q15Short answer3 marksAsked: 2023
'सपनों के-से दिन' पाठ के आधार पर लिखिए कि मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों को मुअत्तल किए जाने को आप कहाँ तक उचित मानते हैं और क्यों । पक्ष या विपक्ष में तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए
How the model answer begins
1. मैं मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों को मुअत्तल (निलंबित) किए जाने को पूरी तरह उचित मानता हूँ। इसका कारण है कि वे अनुशासन के नाम पर बच्चों के साथ बर्बरता करते थे। उन्होंने चौथी श्रेणी के छोटे बच्चों से झुककर टाँगों के…
The full answer from Medha Ma’am → - Q16Short answer3 marksAsked: 2023
'सपनों के से दिन' पाठ में बच्चों को स्कूल जाना बिल्कुल भी पसंद नहीं था, क्यों? कारण सहित उत्तर स्पष्ट करते हुए बताइए कि स्कूल जाने के संबंध में आपका क्या अनुभव है?
How the model answer begins
1. 'सपनों के-से दिन' पाठ में बच्चों को स्कूल जाना पसंद नहीं था, क्योंकि उन्हें मास्टरों की पिटाई का डर रहता था। नई श्रेणी में पढ़ाई कठिन हो जाती थी और अध्यापक ऐसी अपेक्षा करने लगते थे मानो बच्चे 'हरफनमौला' हो गए हों। उनकी…
The full answer from Medha Ma’am → - Q17Short answer3 marksAsked: 2023
'सपनों के-से दिन' पाठ में बच्चों को अनुशासन में रखने के लिए माता-पिता, भाई-बहनों और अध्यापकों द्वारा मार-पीट करने का जिक्र आया है । वर्तमान समय में इसमें क्या परिवर्तन आया है ? आपकी दृष्टि में कौन-सा तरीका अधिक बेहतर है ?
How the model answer begins
1. 'सपनों के-से दिन' पाठ के समय बच्चों को अनुशासन में रखने के लिए उन्हें पीटा जाता था और कुछ अध्यापक तो 'चमड़ी उधेड़ देने को तैयार रहते' थे। वर्तमान समय में यह बदल गया है। आजकल स्कूलों में विद्यार्थियों को पीटना मना है।…
The full answer from Medha Ma’am → - Q18Short answer3 marksAsked: 2023
"वर्तमान में विद्यालयों में बढ़ती हुई अनुशासनहीनता को देखते हुए मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों की आवश्यकता है।" इस कथन से सहमति या असहमति के संबंध में अपने तर्कसम्मत विचार लिखिए
How the model answer begins
1. मैं इस कथन से असहमत हूँ कि वर्तमान में बढ़ती अनुशासनहीनता को देखते हुए मास्टर प्रीतमचंद जैसे अध्यापकों की आवश्यकता है। मास्टर प्रीतमचंद मारपीट करके, बिल्ला मार-मारकर विद्यार्थियों की चमड़ी तक उधेड़ देने जैसी कठोरता…
The full answer from Medha Ma’am →
Questions parents and students ask
- How many marks does "सपनों के-से दिन (गुरदयाल सिंह)" carry in CBSE Class 10 Hindi B?
- In the CBSE papers of 2023–2026, this chapter carried about 1 marks and about 1 questions a year; by marks it ranks 21 in Hindi B.
- Which are the most important (VVI) questions of "सपनों के-से दिन (गुरदयाल सिंह)"?
- The 18 questions above are from the board’s real papers, each with the years it was asked; the most-asked come first with their full model answers. All 18 written questions of this chapter, with answers, are in the AskMedha app.
- Do the answers follow the board’s marking scheme?
- Yes. CBSE publishes its marking schemes; every model answer here is written point by point to the marks the board’s own scheme gives, and checked by a second, independent model.
The same preparation, with Medha Ma’am — on your phone
Every question of every chapter with its model answer, practice questions in the board’s own shapes, 60 minutes of class a day, written answers marked, a test every Sunday and a WhatsApp report to parents.
Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.