CBSE Class 10 · Hindi B · board exam 2027
Chapter 14: कारतूस (हबीब तनवीर) — notes
The chapter’s 6 parts in the book’s order — the first idea of each and the points Medha Ma’am writes on the board — and the summary at the end. The full lesson and a check question for each part are in the app.
1. लेखक हबीब तनवीर और पाठ-प्रवेश
देखिए, यह एकांकी हबीब तनवीर ने लिखी है।
- • हबीब तनवीर - जन्म सन् 1923, रायपुर, छत्तीसगढ़
- • नाटककार, कवि, पत्रकार, निर्देशक, अभिनेता
- • पुरस्कार: पद्मश्री
- • प्रमुख नाटक: आगरा बाज़ार, चरणदास चोर
- • पाठ-प्रवेश: अंग्रेज़ व्यापारी बनकर आए, फिर कब्ज़ा जमाया
2. एकांकी का आरंभ - दृश्य और पात्र
देखिए, यह जो एकांकी है, इसके कुछ पात्र हैं।
- • पात्र: कर्नल, लेफ़्टीनेंट, सिपाही, सवार
- • ज़माना: सन् 1799, रात्रि
- • स्थान: गोरखपुर का जंगल, कर्नल कालिंज का खेमा
- • सिपाही तंग - वज़ीर अली हाथ नहीं आता
3. वज़ीर अली का परिचय और सआदत अली से दुश्मनी
देखिए, कर्नल एक कहानी सुना रहा है।
- • वज़ीर अली - अवध का हुकूमतदार (लगभग 5 महीने)
- • अंग्रेज़ों से सख्त नफ़रत - रॉबिनहुड जैसा
- • सआदत अली - आसिफ़उद्दौला का भाई, वज़ीर अली का दुश्मन
- • सआदत अली ने कंपनी को दी: आधी जायदाद + 10 लाख रुपये
4. देशव्यापी लहर और वकील का कत्ल
लेफ़्टीनेंट को लगता है कि कंपनी के ख़िलाफ़ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई है, क्योंकि अफ़ग़ानिस्तान के बादशाह शाहे-ज़मा को हिंदुस्तान पर हमला करने के लिए टीपू सुल्तान ने सबसे पहले दावत दी, फिर वज़ीर अली ने और फिर शमसुद्दौला ने भी उसे दिल्ली बुलाया।
- • हमले की दावत: टीपू सुल्तान, फिर वज़ीर अली, फिर शमसुद्दौला
- • खतरा: बक्सर-प्लासी के कारनामे धरे रह जाएँगे
- • वज़ीर अली को बनारस भेजा - 3 लाख रुपया सालाना वज़ीफ़ा
- • वकील ने बुरा-भला कहा - वज़ीर अली ने खंजर से कत्ल किया
- • भागकर आज़मगढ़, फिर घाघरा, फिर जंगलों में
5. वज़ीर अली की योजना और सवार का आगमन
देखिए, कर्नल यहाँ अपनी बात बता रहा है।
- • वज़ीर अली की स्कीम: नेपाल पहुँचना
- • अफ़ग़ानी हमले का इंतेज़ार, ताकत बढ़ाना
- • सआदत अली को हटाकर अवध पर कब्ज़ा, अंग्रेज़ों को निकालना
- • गर्द दिखी - एक अकेला सवार तेज़ी से आता हुआ
- • कर्नल का आदेश: सवार पर नज़र रखो
6. कारतूस माँगना और असली पहचान
देखिए, सवार अंदर आते ही क्या कहता है?
- • सवार: तन्हाई माँगता है - 'दीवार हमगोश दारद'
- • सवार की माँग: चंद कारतूस
- • कर्नल ने दिए: दस कारतूस
- • सवार का नाम: वज़ीर अली
- • वज़ीर अली: 'कारतूस दिए इसलिए जान बख्शी'
- • कर्नल हक्का-बक्का रह गया
Summary
चलिए, अब इस पूरे पाठ को एक बार फिर से याद करते हैं। हबीब तनवीर ने यह एकांकी सन् 1799 के गोरखपुर के जंगल की एक घटना पर लिखी है। वहाँ कर्नल कालिंज का खेमा लगा था। अंग्रेज़ वहाँ अवध के बाग़ी वज़ीर अली को पकड़ने के लिए डेरा डाले बैठे थे। वज़ीर अली ने अवध पर पाँच महीने हुकूमत की थी, और इस दौरान अंग्रेज़ी असर को लगभग खत्म कर दिया था। इसी वजह से कंपनी ने उसकी जगह सआदत अली को तख्त पर बिठा दिया। फिर कंपनी के वकील ने वज़ीर अली को बुरा-भला कहा, तो वज़ीर अली ने गुस्से में उसका खंजर से कत्ल कर दिया और भागकर जंगलों में छिप गया। एक रात एक अकेला सवार कर्नल के खेमे में आता है। वह तन्हाई में कर्नल से कारतूस माँगता है, और कर्नल बिना शक किए उसे दस कारतूस दे देता है। जाते-जाते वह सवार अपना नाम वज़ीर अली बताता है, और कहता है कि कारतूस देने की वजह से वह कर्नल की जान बख्श रहा है। कर्नल यह सुनकर हक्का-बक्का खड़ा रह जाता है। देखिए, इस तरह यह पूरी कहानी वज़ीर अली की बहादुरी और निडरता को दिखाती है। अच्छा बताइए — इस कहानी में आपको कर्नल का व्यवहार कैसा लगा?
AskMedha · Medha Ma’am — CBSE Class 10 Hindi B, Chapter 14. Written from the textbook, checked twice.
Questions parents and students ask
- How do I get the "कारतूस (हबीब तनवीर)" notes as a PDF?
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- Where are these notes written from?
- From the chapter’s own textbook text, part by part, in the book’s own terms; a second, independent model then checked every part against the book. The full lesson, a check question for each part and the practice are in the AskMedha app.
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Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.