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CBSE Class 10 · Hindi A · board exam 2027

Chapter 12: संस्कृति (भदंत आनंद कौसल्यायन)

This chapter’s questions from CBSE’s real papers of 2023–2026 — the 11 asked most often, 2 with the full model answer, 8 with how the answer begins — and objective questions with the board’s key.

marks a year (about)
1
questions a year (about)
1
rank in Hindi A
#23

From 4 years of papers, 2023–2026 · full chapter-wise marks

Chapter 12 notes (PDF) →

Important questions — the ones the board asked most (11)

  1. Q1Case-based7 marksAsked: 2025

    निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : भारतीय सभ्यता विश्व की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है, जिसमें बहुरंगी विविधता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। इसके साथ ही यह अपने आपको बदलते समय के साथ ढालती भी आई है। इसमें प्राचीन गौरवशाली मान्यताओं एवं परंपराओं के साथ नवीनता का समावेश भी दिखाई देता है। यह विभिन्न सांस्कृतिक धारणाओं का महासंगम है। इसमें अध्यात्म एवं भौतिकता का समन्वय दिखाई देता है। अपनी पारंपरिक संस्कृति से लेकर तिब्बत, मंगोल, द्रविड़, हड़प्पाई और यूरोपीय धाराओं के समागम के बावजूद भारतीय संस्कृति ने अपना पृथक् अस्तित्व बनाए रखा और नवागत संस्कृतियों की अच्छी बातों को उदारतापूर्वक ग्रहण किया। भारतीय संस्कृति में ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:’ की भावना के साथ सबके कल्याण की बात कही गई है। साथ ही ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की पवित्र भावना के साथ संपूर्ण विश्व को ही एक परिवार के रूप में स्वीकार किया गया है। हमारी संस्कृति ने जीवन में ‘एकल’ को स्वीकार करने, उसका मानवर्धन करने या उसकी ओर अग्रसर होने की बात नहीं सिखाई बल्कि ‘सकल’ को स्थापित किया। ‘व्यष्टि’ के स्थान पर ‘समष्टि’ को महत्त्व और प्राथमिकता दी गई है। हमारे पूर्वजों ने सिखाया कि इस नश्वर संसार में ‘मैं’ का कोई महत्त्व नहीं है। यहाँ तो ‘हम’ के बिना मनुष्य जीवन का कुछ होने वाला नहीं है। यह सच है कि मनुष्यता का ऐसा उदात्त भाव, संस्कारों की ऐसी तरलता, सरलता और सांस्कृतिक गहराई दुनिया के किसी समाज, धर्म-संस्कृति में नहीं मिलती, जबकि हमारी संस्कृति में ये हमारी धमनियों में प्रवाहित रक्त के समान तथा हमारी श्वासों के साथ हमारी देह में प्रविष्ट करने वाली प्राण-धारा के समान है। आज आवश्यकता है कि हम अतीत की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजें-सँवारें तथा उसकी मज़बूत आधारशिला पर खड़े होकर नए मूल्यों और संस्कृति को निर्मित एवं विकसित करें। (क) गद्यांश में भारतीय संस्कृति के किस तत्त्व का उल्लेख नहीं किया गया है ? (A) सबके सुख की कामना (B) सबके कल्याण की भावना (C) समस्त वसुधा एक परिवार (D) व्यष्टि उत्थान को प्राथमिकता (ख) निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उचित विकल्प का चयन कीजिए : कथन : भारतीय संस्कृति 'एकल' का मानवर्धन करने के स्थान पर 'सकल' का महत्त्व स्थापित करती है। कारण : भारतीय संस्कृति की विशालता और महत्ता संपूर्ण मानव के साथ तादात्म्य संबंध स्थापित करने में है। (A) कथन तथा कारण दोनों गलत हैं। (B) कथन सही है, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है। (C) कारण सही है, लेकिन कथन गलत है। (D) कथन व कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है। (ग) 'इस नश्वर संसार में 'मैं' का कोई महत्त्व नहीं है।' – कथन में प्रयुक्त 'मैं' का अर्थ है – (A) अहंकार (B) जीवन (C) एकल (D) मनुष्य (घ) भारतीय संस्कृति में 'मैं' की जगह किसे महत्त्व दिया गया है और क्यों ? (ङ) भारतीय संस्कृति के अक्षुण्ण बने रहने का क्या कारण है ? किन्हीं दो कारणों का उल्लेख कीजिए।

  2. Q2Short answer6 marksAsked: 2023

    गद्य पाठों के आधार पर निम्नलिखित चार प्रश्नों में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए - क. भदंत आनंद कौसल्यायन के अनुसार ‘संस्कृति’ से क्या अभिप्राय है? ख. ‘नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए’ - आपकी दृष्टि में उनका यह व्यवहार कहाँ तक उचित है? ग. हम कैसे कह सकते हैं कि मन्नू भंडारी के पिता बेहद कोमल और संवेदनशील व्यक्ति थे? घ. भारत रत्न बिस्मिल्ला खाँ पर ‘सादा जीवन उच्च विचार’ वाली कहावत चरितार्थ होती है, कैसे ?

    Medha Ma’am

    Medha Ma’am

    AskMedha’s AI teacher

    Model answer · Prose lessons short answers

    1. 1.भदंत आनंद कौसल्यायन के अनुसार जिस योग्यता, प्रवृत्ति या प्रेरणा के बल पर मनुष्य कोई नया आविष्कार करता है, जैसे आग या सुई-धागे की खोज, वही संस्कृति है। उस आविष्कार से बनी वस्तु सभ्यता है। सच्ची संस्कृति सदा कल्याण की भावना से जुड़ी होती है।2 marks
    2. 2.मेरी दृष्टि में नवाब साहब का यह व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने केवल नवाबी शान और दिखावे के लिए सलीके से काटे खीरे सूँघकर खिड़की से फेंक दिए। यह भोजन की बर्बादी और झूठा आडंबर है, जिससे वे लेखक की दृष्टि में हास्यास्पद बन गए।2 marks
    3. 3.ग. लेखिका के पिता कोमल और संवेदनशील व्यक्ति थे। इंदौर में वे कांग्रेस के साथ समाज-सुधार के कामों से जुड़े थे और उन्होंने अपने घर में आठ-आठ, दस-दस विद्यार्थियों को रखकर पढ़ाया, जिनमें से कई ऊँचे पदों पर पहुँचे। उनकी दरियादिली के चर्चे भी कम नहीं थे। अथवा घ. भारतरत्न पाकर भी बिस्मिल्ला खाँ फटी तहमद पहनते थे। शिष्या के टोकने पर बोले—'भारतरत्न हमको शहनईया पे मिला है, लुंगिया पे नाहीं।' यह उनका सादा जीवन है। वे जीवन भर सच्चे सुर की साधना करते रहे, विनम्र रहे और गंगा, विश्वनाथ व बालाजी के प्रति समान आस्था रखते थे—यही उनके उच्च विचार हैं।2 marks

    Marks split from a structure derived from past papers (checked twice); not CBSE’s official scheme

  3. Q3Short answer2 marksAsked: 2026

    वास्तविक अर्थों में एक संस्कृत मनुष्य कौन कहलाएगा ? 'संस्कृति' पाठ के संदर्भ में लिखिए

    Medha Ma’am

    Medha Ma’am

    AskMedha’s AI teacher

    Model answer · Qualities of a cultured person

    1. 1.वास्तविक अर्थों में संस्कृत मनुष्य वह है, जिसकी बुद्धि या विवेक ने किसी नए तथ्य का दर्शन किया हो। उसमें आविष्कार की योग्यता और मौलिकता होती है। पूर्वज से कोई वस्तु अनायास पाने वाला सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकता। उसमें ज्ञान की इच्छा होती है, इसलिए पेट भरा और तन ढँका होने पर भी वह निठल्ला नहीं बैठता। त्याग की भावना और समाज कल्याण की भावना के कारण वह अपने तथा दूसरों के लिए आविष्कार करता है।2 marks
    • संस्कृत मनुष्य की पाँचों विशेषताएँ लिखिए: 'आविष्कार की योग्यता', 'मौलिकता', 'ज्ञान की इच्छा', 'त्याग की भावना' और 'समाज कल्याण की भावना'।
    • उत्तर इसी वाक्य से शुरू कीजिए कि संस्कृत मनुष्य वह है 'जिसकी बुद्धि या विवेक ने किसी नए तथ्य का दर्शन किया हो'।

    Marks split as in the board’s published marking scheme

  4. Q4Short answer2 marksAsked: 2025

    'सभ्यता' और 'संस्कृति' के बीच के अंतर को 'संस्कृति' पाठ के आधार पर समझाइए

    How the model answer begins

    1. 'संस्कृति' पाठ के अनुसार संस्कृति व्यक्ति विशेष की वह योग्यता, प्रवृत्ति अथवा प्रेरणा है, जिसके बल पर वह कुछ नया आविष्कार, त्याग और परोपकार करता है। सभ्यता संस्कृति का परिणाम है। उस संस्कृति द्वारा जो आविष्कार हुआ, जो…

    The full answer from Medha Ma’am →
  5. Q5Short answer2 marksAsked: 2025

    आज का वैज्ञानिक किस आधार पर न्यूटन की तुलना में अधिक सभ्य कहलाएगा ? क्या आप 'संस्कृति' पाठ के लेखक की इस अवधारणा से सहमत हैं ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए

    How the model answer begins

    1. आज का वैज्ञानिक इस आधार पर न्यूटन से अधिक सभ्य कहलाएगा कि वह न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत से तो परिचित है ही, साथ ही उसे भौतिक विज्ञान की और भी अनेक बातों, नियमों और अनुसंधानों का ज्ञान है, जिनसे शायद न्यूटन…

    The full answer from Medha Ma’am →
  6. Q6Short answer2 marksAsked: 2025

    ‘संस्कृति’ पाठ के संदर्भ में असंस्कृति और असभ्यता किसे कहेंगे ? सोदाहरण लिखिए

    How the model answer begins

    1. असंस्कृति से तात्पर्य है मानव-कल्याण की भावना के विरुद्ध आचरण करना अथवा दूसरों का अहित करना। जो मनुष्य के लिए कल्याणकारी नहीं है, वह न सभ्यता है और न संस्कृति। जो व्यक्ति दूसरों में दोष निकालकर स्वयं को श्रेष्ठ समझता है…

    The full answer from Medha Ma’am →
  7. Q7Short answer2 marksAsked: 2025

    ‘संस्कृति’ पाठ के आधार पर संस्कृति और सभ्यता के पारस्परिक संबंध को स्पष्ट कीजिए

    How the model answer begins

    1. सभ्यता संस्कृति का परिणाम है। जिस योग्यता, प्रवृत्ति अथवा प्रेरणा के बल पर कोई आविष्कार होता है, वह व्यक्ति विशेष की संस्कृति है और उससे हुआ आविष्कार सभ्यता है। जैसे, आग और सुई-धागे का आविष्कार कर सकने की योग्यता…

    The full answer from Medha Ma’am →
  8. Q8Short answer2 marksAsked: 2025

    'संस्कृति' पाठ के आधार पर संस्कृति और असंस्कृति में अंतर बताइए

    How the model answer begins

    1. संस्कृति वह योग्यता, प्रवृत्ति अथवा प्रेरणा है जो मनुष्य को विवेक, संयम और शालीनता देती है। इसी के बल पर मनुष्य नई खोज करता है और मानवता के कल्याण तथा समाज के हित में उपयोगी काम करना सीखता है।

    The full answer from Medha Ma’am →
  9. Q9Short answer2 marksAsked: 2024

    'संस्कृति' पाठ से ली गई पंक्ति 'संस्कृति के नाम से जिस कूड़े-करकट के ढेर का बोध होता है,....।' में 'कूड़े-करकट' से क्या अभिप्राय है?

    How the model answer begins

    1. 'कूड़े-करकट' से अभिप्राय उन पुरानी और अनुपयोगी परंपराओं या रूढ़ियों से है जो समय के साथ अर्थहीन हो गई हैं। समाज में ऐसी व्यर्थ और अर्थहीन मान्यताएँ जमा हो गई हैं जिन्हें लोग भ्रम में पड़कर संस्कृति समझ लेते हैं, जबकि वे…

    The full answer from Medha Ma’am →
  10. Q10Short answer2 marksAsked: 2024

    'संस्कृति' पाठ के संदर्भ में लिखिए कि आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार कराने वाली मानव की योग्यता को संस्कृति कहा जाना चाहिए या असंस्कृति

    How the model answer begins

    1. आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार कराने वाली मानव की योग्यता को संस्कृति नहीं, 'असंस्कृति' कहा जाना चाहिए। 'संस्कृति' पाठ में भदंत आनंद कौसल्यायन मानते हैं कि जो मनुष्य के लिए कल्याणकारी नहीं है, वह न सभ्यता है और न…

    The full answer from Medha Ma’am →
  11. Q11Short answer2 marksAsked: 2023

    ‘संस्कृति’ पाठ के आधार पर लिखिए कि आज के विज्ञान के विद्यार्थियों को लेखक न्यूटन के मुकाबले कहाँ देखता है । उसकी बातों से अपनी सहमति/असहमति तर्कों द्वारा साबित कीजिए

    How the model answer begins

    1. 'संस्कृति' पाठ में लेखक आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य मानता है, क्योंकि वह न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत से तो परिचित है ही, साथ ही उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है जिनसे…

    The full answer from Medha Ma’am →

Objective questions with the board’s key (2)

  1. 1. CBSE 2023

    मानव की जो योग्यता उसे आत्म-विनाश की ओर ले जाती है वह है :

    • (A) संस्कृति
    • (B) असंस्कृति ✓
    • (C) सभ्यता
    • (D) असभ्यता

    Answer: (B)

  2. 2. CBSE 2023

    बिस्मिल्ला खाँ को कुलसुम हलवाइन की कचौड़ी वाली दुकान पर जाना क्यों पसंद था ?

    • (A) उसकी कचौड़ियाँ बेहद स्वादिष्ट खस्ता होती थीं ।
    • (B) उसका कचौड़ी बनाने का अनूठा अंदाज़ था ।
    • (C) उसकी कचौड़ी का दाम बहुत वाज़िब था ।
    • (D) कचौड़ी तलते समय छन्न की आवाज़ में आरोह-अवरोह दिखता था । ✓

    Answer: (D)

Questions parents and students ask

How many marks does "संस्कृति (भदंत आनंद कौसल्यायन)" carry in CBSE Class 10 Hindi A?
In the CBSE papers of 2023–2026, this chapter carried about 1 marks and about 1 questions a year; by marks it ranks 23 in Hindi A.
Which are the most important (VVI) questions of "संस्कृति (भदंत आनंद कौसल्यायन)"?
The 11 questions above are from the board’s real papers, each with the years it was asked; the most-asked come first with their full model answers. All 11 written questions of this chapter, with answers, are in the AskMedha app.
Do the answers follow the board’s marking scheme?
Yes. CBSE publishes its marking schemes; every model answer here is written point by point to the marks the board’s own scheme gives, and checked by a second, independent model.

The same preparation, with Medha Ma’am — on your phone

Every question of every chapter with its model answer, practice questions in the board’s own shapes, 60 minutes of class a day, written answers marked, a test every Sunday and a WhatsApp report to parents.

Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.