CBSE Class 10 · Hindi A · board exam 2027
Chapter 1: माता का अँचल (शिवपूजन सहाय) — notes
The chapter’s 6 parts in the book’s order — the first idea of each and the points Medha Ma’am writes on the board — and the summary at the end. The full lesson and a check question for each part are in the app.
1. बाबू जी के कंधे पर गंगा जी तक
देखिए, आज हम पढ़ेंगे शिवपूजन सहाय की लिखी 'माता का आँचल'।
- • लेखक — शिवपूजन सहाय
- • कागज़ पर 500 बार राम-नाम
- • राम-नाम → आटे की गोलियाँ → गंगा की मछलियाँ
- • बच्चा — बाबू जी के कंधे पर
- • लौटते समय — पेड़ की डाल पर झूला
2. बाबू जी से कुश्ती और खट्टा-मीठा चुम्मा
देखिए, अब बाबू जी और बच्चे की एक और प्यारी बात सुनिए।
- • बाबू जी शिथिल होकर हारते — बच्चे का बल बढ़ाने को
- • उतान = पीठ के बल लेटना
- • बायाँ गाल — खट्टा चुम्मा
- • दाहिना गाल — मीठा चुम्मा
- • बाबू जी का बनावटी रोना, बच्चे की हँसी
3. चौके पर खाना और मइयाँ का हठ
घर लौटकर बच्चा बाबू जी के साथ ही चौके पर खाने बैठता था।
- • बाबू जी — फूल के कटोरे में गोरस-भात
- • सानकर = मिलाकर
- • अफर जाना = भर पेट से अधिक खा लेना
- • "जब खाएगा बड़े-बड़े कौर, तब पाएगा दुनिया में ठौर"
- • ठौर = स्थान, अवसर; महतारी = माता
4. चिड़ियों के नाम वाले कौर
अब देखिए, मइयाँ खुद कैसे खिलाती थी।
- • मइयाँ — थाली में दही-भात
- • कौरों के नाम: तोता, मैना, कबूतर, हंस, मोर
- • "जल्दी खा लो, नहीं तो उड़ जाएँगे"
- • खेल-खेल में खिलाना
5. डर में मइयाँ की गोद
देखिए, एक दिन बच्चा और उसके साथी बहुत डरकर दौड़ते हुए घर आए।
- • ओसारा = बरामदा; अमनिया = साफ़, शुद्ध
- • बाबू जी पुकारते रहे — बच्चा मइयाँ के पास गया
- • बच्चा मइयाँ के आँचल में छिप गया
- • मइयाँ रो पड़ी, सब काम छोड़ा
- • घावों पर हल्दी, घर में कुहराम
6. आँचल — प्रेम और शांति का चाँदवा
देखिए बोर्ड पर।
- • बच्चा थर-थर काँप रहा, रोंगटे खड़े
- • बाबू जी गोद में लेने आए
- • बच्चे ने आँचल की छाया नहीं छोड़ी
- • आँचल = प्रेम और शांति का चाँदवा
- • विपदा में शरण — माँ का आँचल
Summary
चलिए, आज जो हमने पढ़ा उसे एक बार साथ याद करते हैं। आज हमने पढ़ी शिवपूजन सहाय की 'माता का आँचल', और इसमें है तीस के दशक के गाँव का बचपन। पहले हमने देखा कि बाबू जी बच्चे को कंधे पर बिठाकर गंगा जी ले जाते थे। वहाँ वे मछलियों को आटे की गोलियाँ खिलाते, और पेड़ की डाल पर झूला भी झुलाते थे। याद है ना? फिर हमने देखा बाबू जी के साथ कुश्ती, और खट्टे-मीठे चुम्मे का खेल। इसके बाद आया चौके पर खाना खाने का दृश्य, मइयाँ का हठ, और वह तोता-मैना वाले कौर खिलाने का प्यारा तरीका। आखिर में क्या हुआ? बच्चा डर गया, और बाबू जी के इतना पुकारने पर भी वह मइयाँ के आँचल में ही छिप गया। यही आँचल तो प्रेम और शांति का चाँदवा है। और इसी वजह से इस पाठ का नाम पड़ा 'माता का आँचल'। अच्छा, आप बताइए — इस पाठ में आपको सबसे अच्छा कौन सा दृश्य लगा?
AskMedha · Medha Ma’am — CBSE Class 10 Hindi A, Chapter 1. Written from the textbook, checked twice.
Questions parents and students ask
- How do I get the "माता का अँचल (शिवपूजन सहाय)" notes as a PDF?
- Press "Save as PDF" — the phone’s print sheet opens; choose "Save as PDF" there. The PDF holds the notes only.
- Where are these notes written from?
- From the chapter’s own textbook text, part by part, in the book’s own terms; a second, independent model then checked every part against the book. The full lesson, a check question for each part and the practice are in the AskMedha app.
The same preparation, with Medha Ma’am — on your phone
Every question of every chapter with its model answer, practice questions in the board’s own shapes, 60 minutes of class a day, written answers marked, a test every Sunday and a WhatsApp report to parents.
Medha Ma’am is an AI teacher, not a live tutor. Every answer is checked twice; a person takes responsibility.